योगी सरकार धर्म विशेष की सरकार की तरह काम कर रही है: बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी
बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी (बीएमएसी) ने बुधवार को उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा अयोध्या में सरकारी खर्च से दिवाली मनाए जाने पर सवाल उठाया और आरोप लगाया कि यह सरकार एक धर्म विशेष के मानने वालों की सरकार बनकर काम कर रही है।
कमेटी के संयोजक जफरयाब जिलानी ने बताया कि लखनऊ में हुई कमेटी की बैठक में इस बात पर चिन्ता व्यक्त की गई कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार खुद को एक धर्म विशेष के मानने वालों की सरकार समझकर कार्य कर रही है, जबकि भारत के संविधान के अनुसार सरकार का सम्बन्ध किसी धर्म विशेष से नहीं होता।
उन्होंने बताया कि कमेटी ने योगी सरकार के अयोध्या में इस वर्ष सरकारी स्तर पर दिवाली मनाने तथा सरकारी खर्च से भगवान राम की विशाल मूर्ति बनाने के फैसले को भी देश के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप तथा संविधान के अनुच्छेद 27 की सरासर अवहेलना माना है।
जिलानी ने बताया कि कमेटी ने मुस्लिम कौम से कहा है कि हालांकि उपरोक्त सभी कार्य असंवैधानिक तथा गैरकानूनी हैं, लेकिन मुसलमानों की ओर से इन कार्यों को रोकने या उनमें किसी प्रकार से व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास ना किया जाए।
उन्होंने बताया कि बैठक में अयोध्या के विवादित ढांचा मामले में सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मुकदमे को लेकर भविष्य की रणनीति तय करने के लिए उन्हें अधिकृत किया गया है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को ही केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार के कार्यों को 'राम राज्य' स्थापित करने की दिशा में उठाए गए कदम करार देते हुए कहा कि केन्द्र सरकार के कार्यों से देश के आम नागरिक को जो सुख मिलेगा, वही 'राम राज्य' होगा। योगी ने आध्यात्मिक नगरी अयोध्या में दीपावली के भव्य आयोजन के अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री का सपना है कि हर परिवार के सिर पर छत हो। वर्ष 2019 तक अपना व्यक्तिगत शौचालय हो, बिजली हो। यही रामराज्य है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उनका संकल्प है कि एक ऐसा भारत बने जो गंदगी, गरीबी, जातिवाद, सम्प्रदायवाद, आतंकवाद, नक्सलवाद से मुक्त हो।
उन्होंने कहा, ''आज इस देश को जिस दिशा में प्रधानमंत्री ले जा रहे हैं। निरन्तर विकास की योजनाएं चल रही हैं।''
सच्चाई ये है कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत की अर्थव्यवस्था बरबाद हो गई है। भारत की जीडीपी विकास दर 3.7 फीसदी या उससे भी कम हो गई है। भारत की अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट में आ चुकी है।
