अर्थव्यवस्था

दिसंबर से महंगे हो जाएंगे टीवी, वाशिंग मशीन और फ्रिज

भारत में दिसंबर महीने से टीवी, वाशिंग मशीन, फ्रिज और घरेूल उपकरण खरीदना महंगा हो सकता है। यह बढ़ोत्तरी टिकाऊ उपभोक्ता सामान बनाने वाली कंपनियां की ओर से की जाएगी। डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट और सीमा शुल्क में बढ़ोत्तरी से इन उत्पादों की लागत बढ़ी है। गिरती बिक्री के मद्देनजर कपनियों ने बढ़ी लागत का बोझ ग्राहकों पर डालने के बजाए खुद अस्थायी रूप से वहन किया। लेकिन, अगले महीने से वे इन सामानों की कीमत में सात से आठ प्रतिशत वृद्धि करने की तैयारी में है।

पैनासोनिक इंडिया अपने उत्पादों के दाम में 7 प्रतिशत की वृद्धि करने के लिए तैयार है, जबकि कुछ अन्य कंपनियां पहले ही कीमतों में वृद्धि कर चुकी है।

पैनासोनिक इंडिया के अध्यक्ष और मुख्य कार्यपालक अधिकारी मनीष शर्मा ने कहा कि पिछले कुछ महीने में रुपये में गिरावट आई है, जिसका असर लागत पर पड़ा है। हमने ग्राहकों के लिए बढ़ी लागत मूल्य का बोझ झेलने की काफी कोशिश की, लेकिन बाजार की स्थिति को देखते हुए हमें अगले महीने से दाम में 5 से 7 प्रतिशत की वृद्धि करनी होगी।

हायर इंडिया के अध्यक्ष एरिक ब्रगैंजा ने कहा कि हमने यह सुनिश्चित किया है कि भारत में त्योहारी सीजन के बाद कीमतों में वृद्धि प्रभावी होगी क्योंकि त्योहारी सीजन में बड़े पैमाने पर लोग टिकाऊ उपभोग की वस्तुएं खरीदते हैं। भारत में त्योहारी सीजन ओणम से शुरू होता है और दशहरा के बाद दीपावली के साथ खत्म होता है। इस दौरान उद्योग की कुल बिक्री में से एक-तिहाई त्योहारी सीजन के दौरान ही हासिल होती है।

हालांकि, सोनी जैसी कंपनियों की फिलहाल मूल्य में संशोधन करने की कोई योजना नहीं है। सोनी इंडिया के एक प्रवक्ता ने कहा कि हमारी अभी अपने टीवी के मूल्य में संशोधन करने की कोई योजना नहीं है।

भारत में 25 करोड़ मोबाइल यूजर्स के लिए बुरी खबर

भारत के करीब 25 करोड़ मोबाइल यूजर्स के लिए बुरी खबर है। भारत की टेलीकॉम कंपनी एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया ने हर माह एक निश्चित सीमा से कम राशि खर्च करने वालों के मोबाइल कनेक्शन बंद करने का प्लान बनाया है। कंपनियों ने प्रति माह न्यूनतम रिचार्ज की सीमा 35 रुपए तय की है। यानी इससे कम खर्च करने वाले करीब 25 करोड़ 2जी  मोबाइल यूजर्स का कनेक्शन बंद कर दिया जाएगा।

35 रुपए प्रतिमाह से कम खर्च करने वाले यूजर्स की संख्या एयरटेल के पास सबसे ज्यादा करीब 10 करोड़ है। जबकि आइडिया और वोडाफोन के 15 करोड़ यूजर्स हैं। इससे पहले कंपनियों ने ऐसे कई प्लान भी शुरू किए हैं जो 35 रुपए में मिल रहे हैं।

भारत में ऐसे बहुत से लोग हैं जो डुअल सिमवाला मोबाइल इस्तेमाल करते हैं और दो से ज्यादा सिम रखते हैं। ऐसे में ज्यादातर लोग अपने अन्य मोबाइल नंबरों पर कम से कम रिचार्ज कराते हैं। इसलिए एक से अधिक सिम रखने वाले लोगों को भी यह खबर झटका देने वाली है।

प्रत्येक यूजर्स को हर महीने 35 रुपए का रिचार्ज जरूरी करवाने की योजना के पीछे कंपनी का मकसद इनकम बढाना है। एयरटेल के 10 करोड़ यूजर यदि हर महीने 35 रुपए का रिचार्ज कराएं तो कंपनी के खाते में 350 रुपए प्रतिमाह आएंगे। इसके अलावा कंपनियों की कोशिश है कि 2जी यूजर्स 4जी में स्विच कर जाएं और स्मार्टफोन का इस्तेमाल करें जो यूजर्स के लिए काफी खर्चीला है।

मोदी बनाम सीबीआई और आरबीआई: अब मोदी सरकार द्वारा संस्थानों पर हमला किया जा रहा है

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भारत में मार्च 2019 तक 50 फीसदी एटीएम बंद हो जाएंगे, नोटबंदी जैसे हालात पैदा होने का खतरा बढ़ा

भारत में उद्योग संगठन कान्फेडरेशन ऑफ एटीएम इंडस्ट्री (कैटमी) ने बुधवार को चेतावनी देते हुए कहा कि एटीएम हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर अपग्रेड और नकदी प्रबंधन योजनओं के हालिया मानकों के चलते मार्च 2019 तक संचालन के अभाव में 50 फीसदी एटीएम बंद हो जाएंगे।

अगर देश में इतनी बड़ी संख्या में एटीएम बंद होते हैं तो लोगों  को कैश निकालने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही लाखों लोगों के बेरोजगार होने का खतरा उत्पन्न हो सकता है क्योंकि आमतौर पर एक एटीएम से एक से दो लोगों को रोजगार मिलता है।

कैटमी के प्रवक्ता ने कहा कि भारत में इस समय तकरीबन दो लाख 38 हजार एटीएम हैं जिनमें से एक लाख ऑफ-साइट और 15,000 से अधिक व्हाइट लेबल एटीएम समेत 1 लाख 13 हजार एटीएम बंद हो जाएंगे।

उन्होंने कहा कि एटीएम हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर अपग्रेड करने के लिए विनियामक दिशानिर्देश, नकदी प्रबंधन मानकों की हालिया शर्तें और कैश लोडिंग की कैसेट स्वैप पद्धति के कारण संगठन को बाध्य होना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि इस कदम से उद्योग में भारी बेकारी भी आएगी जो पूरी अर्थव्यवस्था में वित्तीय सेवाओं के लिए हानिकारक होगी।

राफेल डील घोटाले पर कांग्रेस मुख्यालय में पवन खेरा द्वारा एआईसीसी प्रेस ब्रीफिंग

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नोटबंदी के दो साल बाद भी बैंक कर्मी परेशान

नोटबंदी के दो साल बाद भी बैंक कर्मचारियों को उस समय देर रात तक काम करने के बदले में अभी तक कोई भुगतान नहीं किया गया। कर्मचारियों को पैसे कम पड़ने पर अपनी जेब से भरने पड़े और वे अभी भी बेहाल हैं। नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स (एनओबीडब्ल्यू) ने यह परेशानी बताई है।

बैंक कर्मचारियों के इस संगठन के उपाध्यक्ष अश्विनी राणा ने कहा, ''नोटबंदी का दर्द सबने झेला। इसकी सबसे ज्यादा मार बैंक कर्मचारियों पर पड़ी। उन्होंने देर रात तक बैंकों में काम किया। उन्हें छुटि्टयां नहीं मिली और जो पैसा कम हुआ उसे उन्होंने अपनी जेब से भरा, लेकिन सबसे दुख की बात ये है कि दो साल बीत जाने के बाद भी उन्हें उनके अतिरिक्त काम के एवज में कोई भुगतान नहीं किया गया है।''

राणा ने कहा, ''ओवरटाइम ही नहीं, कर्मचारियों का वेतन समझौता एक नवंबर 2017 से लागू होना चाहिए था, वह अभी तक नहीं हुआ है। भारतीय बैंक संघ ने इसके लिए कई बार बैठक की, लेकिन मात्र छह प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव किया, जो बेहद कम और शर्मनाक है।''

सात महीने के निचले स्तर पर कच्चा तेल, 70 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आया

कच्चा तेल के प्रमुख उत्पादक देशों की अबु धाबी में प्रस्तावित बैठक से पहले शुक्रवार को कच्चा तेल 70 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के नीचे आ गया। यह सात महीने का निचला स्तर है।

लंदन में सुबह के सौदों में जनवरी डिलीवरी के लिये ब्रेंट क्रूड (उत्तरी सागर) गिरकर 69.13 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। अप्रैल 2018 के बाद कच्चा तेल पहली बार 70 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से नीचे आया है। न्यूयॉर्क में वेस्ट टेक्सास इंटरमीडियेट गिरकर फरवरी के बाद के निचले स्तर 59.28 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

यह गिरावट ऐसे समय आई है, जब तेल निर्यातक देशों के संगठन ओपेक और गैर-ओपेक प्रमुख कच्चा तेल उत्पादक देश कीमतों में गिरावट के मद्देनजर उत्पादन में संभावित कटौती को लेकर रविवार को अबु धाबी में बैठक करने वाले हैं।

कच्चा तेल अक्तूबर में चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। उत्पादन बढ़ने, चीन की आर्थिक वृद्धि सुस्त पड़ने और ईरान पर प्रतिबंध के असर की चिंताएं नरम पड़ने से कच्चा तेल के भाव गिरे हैं। अमेरिका में भंडार बढ़ने के संकेत से भी कच्चा तेल नरम पड़ा है। अमेरिका ने इस सप्ताह ईरान पर प्रतिबंध से चीन, भारत और जापान समेत आठ देशों को छूट देने का निर्णय लिया। इससे भी कीमतें कम हुई हैं।

पेट्रोल मूल्य वृद्धि पर कांग्रेस मुख्यालय में पवन खेरा द्वारा एआईसीसी प्रेस ब्रीफिंग

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फ्यूल प्राइस कट पर कांग्रेस मुख्यालय में रणदीप सिंह सुरजेवाला द्वारा एआईसीसी प्रेस ब्रीफिंग

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राफेल घोटाला: रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सीएजी के साथ कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की बैठक के बाद मीडिया को संबोधित किया

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