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वित्तीय अनियमितताओं: कांग्रेस मुख्यालय में जयराम रमेश द्वारा एआईसीसी प्रेस ब्रीफिंग

वित्तीय अनियमितताओं: कांग्रेस मुख्यालय में जयराम रमेश द्वारा एआईसीसी प्रेस ब्रीफिंग

कांग्रेस मुख्यालय में डीयूएसयू परिणामों पर अजय माकन द्वारा एआईसीसी प्रेस ब्रीफिंग

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पिता के खिलाफ चुनाव लड़ सकती हैं रामविलास पासवान की बेटी

भारत में मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की पुत्री अगले लोकसभा चुनाव में राजद से टिकट मिलने पर अपने पिता के खिलाफ चुनाव लड़ सकती हैं। यह दावा यहां शुक्रवार को उनके पति ने किया।

अनिल साधु का विवाह पासवान की पुत्री आशा से हुआ है। आशा पासवान की पहली पत्नी से पुत्री हैं। साधु ने लोजपा पर दलितों से बंधुआ मजदूरों जैसा व्यवहार करने का आरोप लगाया और दावा किया कि लोजपा प्रमुख पासवान के खिलाफ उनकी अपनी जाति समूह में काफी नाराजगी है।

साधु ने पटना में क्षेत्रीय समाचार चैनलों से बातचीत में कहा कि पासवान ने केवल अपने पुत्र चिराग का समर्थन किया और उन्हें लोकसभा के लिए निर्वाचित कराया तथा पार्टी के संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके पहले विवाह से हुई पुत्रियों से हमेशा अनुचित व्यवहार किया गया।

यह पूछे जाने पर कि क्या वह या उनकी पत्नी पासवान या चिराग के खिलाफ अगले लोकसभा चुनाव में लड़ना चाहेंगे, साधु ने कहा, ''हम दोनों चुनौती लेने के लिए तैयार हैं, बशर्ते लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव हमें टिकट दें।''

रामविलास पासवान हाजीपुर (सुरक्षित) सीट से सांसद हैं और उनके पुत्र चिराग पासवान जमुई (सुरक्षित) संसदीय सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके छोटे भाई रामचंद्र पासवान समस्तीपुर (सुरक्षित) सीट से लोकसभा सांसद हैं। पासवान के एक अन्य भाई पशुपति कुमार पारस नीतीश कुमार कैबिनेट में मंत्री हैं।

सम्पर्क किये जाने पर साधु ने पीटीआई भाषा से कहा कि पासवान के खिलाफ लड़ने को लेकर उनकी इच्छा पारिवारिक कलह के चलते नहीं बल्कि यह हमारे मान सम्मान की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं हैं क्योंकि वह किसी बीमार रिश्तेदार को देखने के लिए पटना से बाहर हैं। उन्होंने यद्यपि दावा किया कि उनकी पत्नी के विचार भी उन्ही की तरह हैं।

आशा पासवान की पहली पत्नी से दो पुत्रियों में सबसे छोटी हैं और वह गृहिणी हैं। साधु ने दावा किया कि उनकी लालू और तेजस्वी दोनों से बात हुई है जिस दौरान उन्होंने अपने ससुर के खिलाफ उनकी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने की इच्छा जतायी थी।

भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम अब तक के सर्वोच्च ऊंचाई पर पहुंचा

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और रुपये की विनिमय दर में गिरावट से शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल के दाम नयी ऊंचाई पर पहुंच गये।

तेल विपणन कंपनियों की अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल में 28 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 22 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई है।

दिल्ली में आज के लिये पेट्रोल 81.28 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम 73.30 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गये हैं।

अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल के दाम मुंबई में 88.67 रुपये, चेन्नई में 84.49 रुपये और कोलकाता में 83.14 रुपये प्रति लीटर हो गये, जबकि डीजल क्रमश: 77.82 रुपये, 77.49 रुपये और 75.36 रुपये प्रति लीटर है।

सभी महानगरों में दिल्ली में कर की कम दरों की वजह से पेट्रोल, डीजल का दाम सबसे कम है। मुंबई में ईंधन पर बिक्रीकर या वैट सबसे ऊंचा है।

डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर में गिरावट और विदेशों में कच्चे तेल के ऊंचे दाम की वजह से पेट्रोल की खुदरा कीमतों में अगस्त मध्य से तेजी आई है। इस दौरान पेट्रोल 4.20 रुपये प्रति लीटर और डीजल 4.53 रुपये प्रति लीटर बढ़ा।

भारत को अपनी जरूरत का 80 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल बाहर से मंगना पड़ता है।

स्थानीय कर और परिवहन शुल्क के चलते विभिन्न शहरों और विभिन्न पंपों में ईंधन के दाम अलग-अलग होते हैं।

दिल्ली में इंडियल ऑयल के पेट्रोल पंप में पेट्रोल 81.28 रुपये प्रति लीटर है, जबकि हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्प लिमिटेड (एचपीसीएल) के पंपों पर इसकी कीमत 81.37 रुपये है। इसी प्रकार, एचपीसीएल के पंप में डीजल 73.39 रुपये और आईओसी में 73.30 रुपये प्रति लीटर है।

कांग्रेस का आरोप : ईवीएम में गड़बड़ियां हुई हैं, मतपत्रों से दोबारा हो डूसू चुनाव

कांग्रेस ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव में इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से हुए मतदान में धांधली का आरोप लगाते हुए मतपत्रों के जरिये दोबारा मतदान कराने की मांग की है और कहा है कि इस मामले में न्यायालय का विकल्प भी खुला है।

कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता तथा दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि डूसू चुनाव में महत्वपूर्ण पदों पर पहले कांग्रेस समर्थित छात्र संगठन एनएसयूआई के उम्मीदवार आगे चल रहे थे। करीब एक घंटे तक मतगणना रोकी गई और उसके बाद जब दोबारा मतगणना शुरू हुई तो स्थिति बदलने लगी।

न्यूज एजेंसी वार्ता के अनुसार, डूसू के चुनाव में धांधली का आरोप लगाते हुए उन्होंने दोबारा और ईवीएम की बजाय मतपत्रों से चुनाव कराने की मांग की और कहा कि वोटों की गिनती सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि ईवीएम में गड़बड़ियां हुई हैं, जिसके कारण एनएसयूआई के उम्मीदवार पिछड़ गए। माकन ने कहा कि जब डूसू छात्र संघ चुनाव में ईवीएम विश्वसनीय नहीं हैं और इसके जरिये गड़बड़ी हो सकती है तो विधानसभाओं तथा लोकसभा के चुनाव में क्या हाल होते होंगे, इसका अनुमान लगाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि डूसू चुनाव में जिन वोटिंग मशीनों का इस्तेमाल हुआ है उनकी आपूर्ति इलेक्ट्रोनिक कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ईसीआईएल) द्वारा की जाती है। ईवीएम के इस्तेमाल का प्रशिक्षण भी ईसीआईएल के कर्मचारियों द्वारा ही दिया जाता है और यही कंपनी चुनाव आयोग को भी ईवीएम की आपूर्ति करती है।

माकन ने कहा कि छात्र संघ चुनाव में जब इन मशीनों के इस्तेमाल से गड़बड़ी की जा सकती है तो बड़े चुनाव में सत्ता हथियाने के लिए निश्चित रूप से इनके जरिये धांधली की जाती होगी।

'जेएनयू में नहीं चलेंगे छोटे कपड़े और मीट'

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में आरएसएस से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) द्वारा कथित रूप से लगाए गए पोस्टरों में महिलाओं के छोटे कपड़े पहनने पर प्रतिबंध, विश्वविद्यालय को राष्ट्र विरोधी कामरेडों से बचाने और मांसाहार परोसने वाले भोजनालयों को बंद कराने का वादा किया गया है। हालांकि छात्र संगठन ने इस तरह के पोस्टर जारी करने से साफ इनकार किया है।

एबीवीपी के सौरभ शर्मा ने कहा, ''हमने इस तरह का कोई पोस्टर जारी नहीं किया है।''

न्यूज एजेंसी भाषा ने अपनी रिपोर्ट में लिखा, ''ये पोस्टर सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं। एबीवीपी के ये कथित पोस्टर उसी दिन सामने आये हैं, जब राजनीतिक रूप से सक्रिय परिसर में जेएनयू छात्र संघ के अहम पदों के लिये मतदान चल रहा है।''

पोस्टर में लिखा है, ''रात में लड़कियों के लिये केन्द्रीय पुस्तकालय की समयसीमा में कमी, लड़कियों के लिए सिर्फ भारतीय परिधान और अतिरिक्त छोटे कपड़ों की मनाही, लड़कों के छात्रावास में लड़कियों के प्रवेश पर रोक और जन्मदिन का कोई जश्न नहीं। यौन उत्पीड़न एवं छेड़छाड़ के मामलों को रोकने के लिये हमलोग इन सभी उपायों को सुनिश्चित करेंगे।''

पोस्टर में जो अन्य चुनावी वादे किये गये हैं, वे हैं, ''जेएनयू को 'आतंकवादियों और राष्ट्र विरोधी कामरेडों' से बचाना, जेएनयू परिसर में मांसाहार परोसने पर प्रतिबंध और गंगा ढाबा (परिसर में मौजूद भोजनालय) की समयसीमा को नियंत्रित करना। घोषणापत्र में गंगा ढाबा को 'वामपंथियों एवं छेड़छाड़ करने वालों का अड्डा' बताया गया है।''

जेएनयू छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी चार अहम पदों पर संयुक्त वाम मोर्चा के खिलाफ चुनाव लड़ रहा है। संयुक्त वाम मोर्चा परिसर में सभी वाम दलों (एआईएसए, एआईएसएफ, डीएसएफ और एसएफआई) का गठबंधन है। मतों की गणना शुक्रवार रात को शुरू होगी और रविवार सुबह नतीजे घोषित होने की संभावना है।

बुराड़ी केस : सीएफएसएल रिपोर्ट में खुलासा - आत्महत्या नहीं, दुर्घटनावश हुई मौतें

उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी में जुलाई महीने में एक परिवार के 11 सदस्यों के उनके घर में मृत मिलने के मामले में मनोवैज्ञानिक ऑटोप्सी रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि उन लोगों ने खुदकुशी नहीं की थी बल्कि एक अनुष्ठान के दौरान दुर्घटनावश वे सभी मारे गये। दिल्ली पुलिस ने जुलाई में सीबीआई को साइकोलॉजिकल ऑटोप्सी करने को कहा था। उसे बुधवार शाम को यह रिपोर्ट मिली।

रिपोर्ट के अनुसार, मृतकों की मनोवैज्ञानिक ऑटोप्सी के अध्ययन के आधार पर घटना आत्महत्या की नहीं थी बल्कि दुर्घटना थी जो एक अनुष्ठान करते समय घट गयी। किसी भी सदस्य की अपनी जान लेने का इरादा नहीं था।

न्यूज एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, मनोवैज्ञानिक ऑटोप्सी के दौरान सीबीआई की केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) ने घर में मिले रजिस्टरों में लिखी बातों का तथा पुलिस द्वारा दर्ज किये गये चूंडावत परिवार के सदस्यों और मित्रों के बयानों का विश्लेषण किया। सीएफएसएल ने परिवार के सबसे बड़े सदस्य दिनेश सिंह चूंडावत और उनकी बहन सुजाता नागपाल तथा अन्य परिजनों से भी पूछताछ की।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, मनोवैज्ञानिक ऑटोप्सी में किसी व्यक्ति के मेडिकल रिकार्ड का विश्लेषण करके, मित्रों और परिवार के सदस्यों से पूछताछ करके तथा मृत्यु से पहले उसकी मानसिक दशा का अध्ययन करके उस शख्स की मानसिक स्थिति पता लगाने का प्रयास किया जाता है।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि परिवार का सदस्य ललित चूंडावत अपने दिवंगत पिता की तरफ से निर्देश मिलने का दावा करता था और उसी हिसाब से परिवार के अन्य सदस्यों से कुछ गतिविधियां कराता था।

सूत्रों के अनुसार, उसने ही परिवार को ऐसा अनुष्ठान कराया जिसमें उन्होंने अपने हाथ-पैर बांधे तथा चेहरे को भी कपड़े से ढक लिया। चूंडावत परिवार के ये 11 सदस्य बुराड़ी स्थित घर में मृत मिले थे।

राष्ट्रपति ने रंजन गोगोई को सुप्रीम कोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया

भारत के राष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट में दूसरे वरिष्ठतम न्यायाधीश रंजन गोगोई को देश का अगला मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया है। वह तीन अक्टूबर को वर्तमान मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा से पदभार ग्रहण करेंगे। जस्टिस मिश्रा दो अक्तूबर को सेवानिवृत्त हो जाएंगे।

जस्टिस गोगोई का कार्यकाल 13 माह का रहेगा और वह अगले वर्ष 17 नवंबर को रिटायर होंगे।

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा ने जस्टिस गोगोई को अगला मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश केंद्र से की थी। मुख्य न्यायाधीश ने जस्टिस गोगोई का नाम आगे भेजकर स्थापित परंपरा का पालन किया है।

जस्टिस गोगोई उस वक्त चर्चा में आए थे जब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के तीन वरिष्ठ जजों के साथ मिलकर 10 जनवरी को एक प्रेस वार्ता की थी। इस प्रेस वार्ता में उन्होंने मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे और कहा था कि राजनैतिक रूप से संवेदनशील केस जूनियर जजों को आवंटित किए जा रहे हैं।

दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में धांधली का आरोप, फिर से चुनाव की मांग

दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और संयुक्त सचिव के पद पर जीत दर्ज की है। वहीं सचिव पद पर एनएसयूआई के आकाश चौधरी विजयी हुए हैं।

इससे पहले दोपहर के वक्त ईवीएम में खराबी और छात्रों के भारी हंगामे के चलते मतगणना का काम स्थगित कर दिया गया था। जब वोटों की गिनती स्थगित की गई, तब एनएसयूआई के सन्नी छिल्लर अध्यक्ष पद पर और एनएसयूआई के ही आकाश चौधरी सेक्रेटरी पद पर आगे चल रहे थे। एनएसयूआई के सदस्यों ने काउंटिंग सेंटर के बाहर हंगामा किया।

उन्होंने कहा कि एबीवीपी अध्यक्ष पर पीछे चल रही है इसलिए प्रशासन रिजल्ट में छेड़छाड़ की कोशिश कर रहा है। चुनाव आयुक्त प्रो वी के कौल ने कहा कि अभी मतगणना स्थगित की जा रही है। हमने सभी संगठनों का ज्ञापन लिया है। मतगणना अगले आदेश तक स्थगित रहेगी।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, एबीवीपी के शक्ति सिंह ने कहा कि सिर्फ एक ईवीएम में खराबी थी, इसे रिपेयर किया जा सकता था। हम चाहते है कि काउंटिंग फिर से शुरू हो। हम जैसे ही सभी सीटों पर आगे हुए, अन्य पार्टियां फिर से चुनाव कराए जाने की मांग करने लगी।

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, एनएसयूआई के रॉकी तुसीद ने कहा कि ये चुनाव केंद्र सरकार की ओर से हो रहे हैं। ईवीएम के साथ छेड़खानी की गई है। हम फिर से चुनाव चाहते हैं।

प्रारम्भिक रुझान में एनएसयूआई और एबीवीपी में अध्यक्ष पद पर टक्कर दिख रही थी। हालांकि, एनएसयूआई अध्यक्ष और सचिव के पद पर आगे चल रही है। बुधवार को हुए दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में तीन साल बाद मतदान का रिकॉर्ड टूटा। 43.8% छात्रों ने अपने वोट का इस्तेमाल किया। इससे पहले 2014 के डूसू चुनाव में 44.3 फीसदी मतदान हुआ था।

दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ के चुनाव की गिनती में हुई गड़बड़ी पर आम आदमी पार्टी के दिलीप पांडेय ने भारत में केंद्र की मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा, ''पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने की वकालत करने वाली सरकार, एक छात्र संघ का चुनाव सही से नही करवा पा रही है। यह सब देश की जनता समझ रही है।''

विजय माल्या मामले में राहुल गांधी ने अरुण जेटली से इस्तीफा मांगा

भगोड़े कारोबारी विजय माल्या के वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिलने के दावे को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को जेटली पर माल्या के साथ 'मिलीभगत' का आरोप लगाया और कहा कि जेटली को यह बताना चाहिए कि यह सब उन्होंने खुद से किया या इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 'ऑर्डर' आया था।

अरुण जेटली के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए गांधी ने यह भी दावा किया कि इस मामले में वित्त मंत्री और सरकार झूठ बोल रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया संसद के केंद्रीय कक्ष में हुई जेटली माल्या की '15-20 मिनट की मुलाकात के साक्षी हैं और जेटली को देश को बताना चाहिए कि माल्या को भगाने के लिए क्या' डील हुई थी।

राहुल गांधी ने संवाददाताओं से कहा, ''कल जेटली जी ने कहा कि विजय माल्या ने उनसे संसद में अनौपचारिक मुलाकात कर ली थी। वह लंबे-लंबे ब्लॉग लिखते हैं, लेकिन किसी ब्लॉग में इस मुलाकात का जिक्र नहीं किया। जेटली जी ने जो कहा वो झूठ कहा। हमारी पार्टी के नेता पीएल पुनिया जी ने देखा कि दोनों के बीच संसद के केंद्रीय कक्ष में मुलाकात् हुई थी।

उन्होंने कहा, ''इसमें दो सवाल उठते हैं। पहला सवाल कि वित्त मंत्री भगोड़े से बात करते हैं और वह उनसे लंदन जाने के बारे में बताता है, लेकिन फिर भी वित्त मंत्री ने सीबीआई, ईडी या पुलिस को क्यों सूचित नहीं किया ?''
गांधी ने यह भी पूछा, '' डिटेन नोटिस' को 'इन्फॉर्म नोटिस में किसने बदलवाया? यह काम वही कर सकता है जो सीबीआई को नियंत्रित करता है। अगर जेटली जी ने अपने आप किया तो बताएं। अगर उनको ऊपर से आदेश मिला तो भी वह भी बताएं।

उन्होंने आरोप लगाया, ''यह बिल्कुल स्पष्ट मामला है। लंदन भागने से पहले माल्या संसद में वित्त मंत्री से मिलता है और वित्त मंत्री झूठ बोलते हैं। यह पूरी तरह से मिलीभगत है। कोई न कोई डील हुई है। वित्त मंत्री को देश को कारण बताना चाहिए और उनको इस्तीफा देना चाहिए।

यह पूछे जाने पर कि क्या वह प्रधानमंत्री की भूमिका पर सवाल कर रहे हैं तो गांधी ने कहा, ''बिल्कुल। प्रधानमंत्री जी इस सरकार में सारे फैसले करते हैं। जेटली जी बताएं कि क्या उन्होंने खुद एक अपराधी को देश से भागने दिया या फिर मोदी जी का ऑर्डर आया था?

दरअसल, माल्या ने बुधवार को कहा कि वह भारत से रवाना होने से पहले वित्त मंत्री से मिला था। लंदन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश होने के लिए पहुंचे माल्या ने संवाददाताओं को बताया कि उसने मंत्री से मुलाकात की थी और बैंकों के साथ मामले का निपटारा करने की पेशकश की थी। उधर, वित्त मंत्री ने माल्या के बयान को झूठा करार देते हुए कहा कि उन्होंने 2014 के बाद उसे कभी मिलने का समय नहीं दिया।

अरुण जेटली ने कहा कि माल्या राज्यसभा सदस्य के तौर पर हासिल विशेषाधिकार का 'दुरुपयोग करते हुए संसद-भवन के गलियारे में उनके पास आ गया था। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कल माल्या के दावे को 'अति गंभीर आरोप' करार दिया था और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को जांच का आदेश देना चाहिए और जांच पूरी होने तक जेटली को इस्तीफा दे देना चाहिए।