इसराइल ने 13 बंधकों के बदले 39 फ़लस्तीनी क़ैदी छोड़े
शनिवार, 25 नवंबर 2023
हमास की ओर से इसराइली 13 बंधकों को छोड़े जाने के बाद इसराइल के द्वारा 39 फ़लस्तीनी क़ैदियों को रिहा कर दिया गया है।
बंधकों और क़ैदियों की अदला-बदली के तहत इसराइल के द्वारा 24 फ़लस्तीनी महिलाओं और 15 फ़लस्तीनी किशोरों के एक समूह को रिहा किया गया।
उन्हें इसराइल के कब्ज़े वाले वेस्ट बैंक के बेतूनिया चेकपोस्ट के पास छोड़ा गया। क़ैदियों की रिहाई क़तर की मध्यस्थता में हुए एक समझौते के तहत की गई है।
इसमें इसराइल और हमास के बीच संघर्ष में चार दिन का पॉज़ दिया गया है। रिहा किए गए क़ैदियों पर पत्थर फेंकने से लेकर हत्या की कोशिश के आरोप हैं। इनमें से कुछ दोषी ठहराए जा चुके हैं और कुछ पर मुकदमा चल रहा है।
इससे पहले हमास ने 13 इसराइली बंधकों को रिहा कर दिया। इन बंधकों को राहत कार्य में लगी रेड क्रॉस के हवाले कर दिया गया था जिन्हें मिस्र से सटी ग़ज़ा की सीमा की तरफ ले जाया गया।
हमास अमेरिकी बंधकों को भी छोड़े, स्थाई युद्धविराम की संभावना: अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन
शनिवार, 25 नवंबर 2023
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने हमास की ओर से 13 इसराइली समेत 24 बंधकों को रिहा करने के बाद दी गई अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही अमेरिकी बंधकों को भी रिहा कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इसराइल और हमास के बीच स्थाई युद्ध विराम की संभावना दिख रही है।
जो बाइडन ने हमास और इसराइल के बीच संघर्ष में चार दिनों के पॉज़ के लिए अमेरिकी कूटनीतिक प्रयासों की भी तारीफ की और उम्मीद जताई कि समझौते की अवधि और बढ़ेगी और आने वाले दिनों में और बंधक रिहा किए जाएंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति से जब ये पूछा गया कि क्या हमास और इसराइल के बीच संघर्ष में फौरी तौर पर लागू चार दिनों का पॉज आगे चल कर पूरे युद्धविराम में बदल सकता है तो उन्होंने कहा कि इसकी काफी संभावना है।
हालांकि उन्होंने ये अंदाज़ा लगाने से इनकार कर दिया कि हमास और इसराइल के बीच युद्ध कितने दिनों तक चलेगा।
उन्होंने कहा कि हमास को खत्म करने का इसराइल का मकसद पर सवाल नहीं उठाया जा सकता लेकिन ये एक मुश्किल मिशन है।
हमास ने शुक्रवार को 13 इसराइली समेत 24 बंधक छोड़े थे। इसके बाद इसराइल ने 39 फ़लस्तीनी कैदियों को रिहा किया था।
इसराइल विरोधी पोस्ट के लिए शो से निकाली गई हॉलीवुड अभिनेत्री ने कहा, चुप्पी कोई विकल्प नहीं है
शनिवार, 25 नवंबर 2023
अमेरिकी टीवी सिरीज़ 'स्क्रीम' में अभिनय करने वाली अभिनेत्री मेलिसा ब्रेरा को इसराइल विरोधी बयान देने के आरोप में सिरीज़ के सातवें एडिशन से निकाल दिया गया था।
इसके बाद मेक्सिको की अभिनेत्री मेलिसा ब्रेरा ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और कहा है, चुप्पी कोई विकल्प नहीं है।
मेलिसा ब्रेरा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इसराइल और हमास के बीच हालिया तनाव के बारे में पोस्ट किया, जिसमें मेलिसा ब्रेरा ने अपनी भावनाओं और विचारों को व्यक्त करते हुए कहा कि ग़ज़ा में "नरसंहार" रुकना चाहिए और इज़राइल 'ग़ज़ा' को एक हिरासत केंद्र के रूप में उपयोग करता है।
मेलिसा ब्रेरा के इस बयान को सिरीज़ बनाने वाले स्टूडियो ने 'यहूदी विरोधी' कहा था।
मेलिसा ब्रेरा ने इस बारे में चुप्पी तोड़ते हुए सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "सबसे पहले, मैं यहूदी विरोधी भावना और इस्लामोफोबिया की निंदा करती हूं। मैं लोगों के किसी भी समूह के खिलाफ किसी भी प्रकार की नफरत और पूर्वाग्रह की निंदा करती हूं।''
इसराइल ने कहा, बंधक समझौते के पालन का बारीकी से पीएम नेतन्याहू मूल्यांकन करेंगे
शुक्रवार, 24 नवंबर 2023
इसराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया है कि प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री योव गैलेंट बंधकों की रिहाई के समझौते के पालन किए जाने का बारीकी से मूल्यांकन करेंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि ये दोनों नेता इसराइल की राजधानी तेल अवीव में सेना के मुख्यालय में बने कमांड सेंटर में मौजूद होंगे।
बयान के अनुसार, ''प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री हमास की कैद से रिहा हुए इसराइली लोगों को इसराइल में वापस लाने के ऑपरेशन के प्रबंधन पर बारीकी से नज़र रखेंगे।''
इससे पहले हमास ने 13 इसराइली बंधकों को राहत कार्य में लगी रेड क्रॉस के हवाले कर दिया था।
फ़लस्तीनी क़ैदियों की रिहाई के पहले वेस्ट बैंक में इसराइली सेना और फ़लस्तीनियों के बीच झड़प
शुक्रवार, 24 नवंबर 2023
वेस्ट बैंक से बीबीसी संवाददाता लूसी विलियमसन के मुताबिक, वेस्ट बैंक में रामाल्लाह के निकट बेतुनिया चेकप्वाइंट के पास सड़क पर इसराइली सेना और फ़लस्तीनियों के बीच झड़प हो गई है।
यह वही जगह है जहां फ़लस्तीन के 39 क़ैदी इसराइल की जेलों से रिहा किए जाने हैं।
फ़लस्तीनियों के समूह को पीछे धकेलने के लिए इसराइल की सेना ने उन पर रबर की गोलियां और आंसू गैस चलाई।
दूसरी ओर फ़लस्तीनियों की तरफ से सेना की ओर पत्थर और आंसू गैस के डिब्बे फेंके गए।
फ़लस्तीन के क़ैदियों के परिजन अपने लोगों को रिसीव करने के लिए वहां पहुंचे हैं। लेकिन वहां तनाव काफ़ी बढ़ा हुआ है।
हमास की क़ैद से रिहा किये गए थाईलैंड के सभी बंधक अस्पताल ले जाए गए
शुक्रवार, 24 नवंबर 2023
हमास की क़ैद से छोड़े जाने के बाद थाईलैंड के सभी 12 बंधकों को स्वास्थ्य जांच के लिए तेल अवीव के दक्षिण में एक अस्पताल में ले जाया गया है।
थाईलैंड के मीडिया ने बताया है कि ग़ज़ा और मिस्र की सीमा पर स्थित रफ़ाह क्रॉसिंग से मिस्र पहुंचे इन बंधकों को दक्षिणी तेल अवीव स्थित शामिर मेडिकल सेंटर ले जाया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, इन लोगों को यहां मेडिकल केयर की सुविधा दी जाएगी और 48 घंटों तक यहां रखा जाएगा।
एक अधिकारी ने बताया कि क़तर और मिस्र की मध्यस्थता में हमास के साथ हुए एक अलग समझौते के बाद थाईलैंड के नागरिकों को रिहा किया गया है।
अधिकारी ने यह भी बताया कि थाईलैंड के सभी 12 बंधक पुरुष हैं।
इसराइल और हमास के बाद रेड क्रॉस ने भी इसराइली बंधकों के रिहाई की पुष्टि की
शुक्रवार, 24 नवंबर 2023
इसराइल की सेना और हमास दोनों ने पुष्टि कर दी है कि इसराइल के 13 बंधक रिहा कर दिए गए हैं।
समाचार एजेंसी एएफ़पी से हुई बातचीत में इसराइली सुरक्षा बल के एक सूत्र ने इस ख़बर की पुष्टि की है।
रेड क्रॉस ने भी 24 बंधकों के रिहा होने की पुष्टि की है।
एएफ़पी ने हमास के क़रीबी दो सूत्रों के हवाले से बताया है कि सात अक्टूबर 2023 को दक्षिणी इसराइल पर हुए घातक हमलों में बंधक बनाए गए कुछ लोगों को इसराइल को देने के लिए रेडक्रॉस को सौंप दिया गया है।
रेड क्रॉस ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, ''हम 24 बंधकों की सुरक्षित रिहाई की पुष्टि करके राहत महसूस कर रहे हैं।''
रेडक्रॉस ने बताया कि विभिन्न पक्षों के बीच तटस्थ मध्यस्थ के रूप में अपनी भूमिका समझते हुए उसने बंदियों को ग़ज़ा से रफ़ाह बॉर्डर तक पहुंचाकर उनकी रिहाई की है।
अब तक ये ख़बर मिली थी कि हमास ने 13 इसराइली बंधकों को रिहा किया है। वहीं थाईलैंड के प्रधानमंत्री ने 12 थाई नागरिकों के छोड़े जाने की ख़बर दी थी।
अब हमास और इसराइल के बीच मध्यस्थ रहे क़तर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा है कि जिन बंंधकों को छोड़ा गया है उनमें 13 इसराइली नागरिक, 10 थाईलैंड के और फ़िलीपीन्स के एक नागरिक शामिल हैं।
इसराइल और ग़ज़ा के बीच हुए चार दिनों के अस्थाई युद्धविराम के तहत बंदियों की रिहाई हुई है।
इसराइल-हमास के बीच अस्थायी युद्धविराम शुरू, बंधकों की रिहाई का रास्ता साफ़ हुआ
शुक्रवार, 24 नवंबर 2023
इसराइल और हमास के बीच बंधकों को लेकर हुई डील के तहत तय हुआ चार दिन का अस्थायी युद्ध विराम लागू हो गया है।
क़तर ने बताया है कि शुक्रवार, 24 नवंबर 2023 को स्थानीय समयानुसार शाम चार बजे हमास 13 इसराइली बंधकों को छोड़ेगा।
जो डील हुई है उसके मुताबिक़ हमास इसराइल के 50 बंधकों को छोड़ेगा जिसमें महिलाएं और बच्चे होंगे। वहीं इसराइल फ़लस्तीन के 150 कैदियों को इसराइली जेल से रिहा करेगा जिसमें महिलाएं और किशोर लड़के शामिल होंगे।
हमास ने सात अक्टूबर 2023 को किए गए हमले के बाद 240 इसराइलियों को बंधक बना लिया था।
हमास के बयान के अनुसार इन चार दिनों में सैकड़ों मानवीय सहायता, दवाओं और ईंधन वाले ट्रक ग़ज़ा में प्रवेश करेंगे। इसराइल ना तो कोई हमले करेगा ना ही किसी की गिरफ़्तारी की जाएगी।
क़तर, मिस्र और अमेरिका ने इस डील में अहम भूमिका निभायी है।
इसराइली मिलिट्री ने कहा, युद्ध अभी ख़त्म नहीं हुआ है
शुक्रवार, 24 नवंबर 2023
अस्थायी युद्ध विराम की आधिकारिक शुरुआत से कुछ समय पहले इसराइल की मिलिट्री ने सोशल मीडिया पर ग़ज़ा के लोगों के लिए एक वीडियो संदेश जारी किया है।
इस वीडियो में ग़ज़ा के लोगों से कहा गया है कि "युद्ध अभी ख़त्म नहीं हुआ है।''
इसराइल की मिलिट्री के प्रवक्ता अविचाय अद्राई ने इस वीडियो संदेश में अरबी भाषा में अपनी बात रखी है।
अविचाय अद्राई ने कहा है, "ये मानवीय ठहराव अस्थायी है। ग़ज़ा पट्टी का उत्तरी इलाका एक ख़तरनाक युद्ध क्षेत्र है। लोगों को उत्तरी इलाके की तरफ़ जाने के लिए मना किया जाता है। अपनी सुरक्षा के लिए आपको दक्षिण के सुरक्षित क्षेत्र में ही रहना चाहिए।''
थाईलैंड के 12 होस्टेज हमास की क़ैद से रिहा किए गए
शुक्रवार, 24 नवंबर 2023
थाईलैंड के प्रधानमंत्री ने कहा है कि हमास ने थाईलैंड के 12 नागरिकों को छोड़ दिया है। इन्हें ग़ज़ा में बंधक बनाकर रखा गया था।
लेकिन ये 12 लोग युद्धविराम की शर्तों का हिस्सा नहीं है।
युद्धविराम की शर्तों का पालन करते हुए हमास को 13 इसराइली नागरिकों को छोड़ना है।
थाईलैंड दूतावास के अधिकारियों का कहना है कि वो "बंधकों को लाने जा रहे हैं।'' हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया है कि बंधकों को कहां रखा गया है।
वहीं इसराइल और ग़ज़ा में शाम के 4 बज गए हैं।
ऐसे में युद्धविराम की शर्तों के अनुसार सात अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा बंधक बनाई गई इसराइल की 13 महिलाओं और बच्चों के रिहा किए जाने की उम्मीद है।
इन सबके परिजन पिछले सात हफ़्तों से इनकी रिहाई का इंतज़ार कर रहे हैं।
दूसरी ओर इसराइल की जेलों से फ़लस्तीन के 39 क़ैदियों को वेस्ट बैंक में रिहा किया जा रहा है। इन क़ैदियों में 24 महिलाएं और 15 किशोर उम्र के लड़के हैं।
इसराइल और ग़ज़ा के बीच हुए चार दिनों के अस्थाई युद्धविराम के तहत दोनों पक्षों के बंदियों की रिहाई हुई है।
हमास ने 13 बंधक छोड़े, मिस्र में रेड क्रॉस के पास पहुँचे
शुक्रवार, 24 नवंबर 2023
इसराइली मीडिया में आ रही ख़बरों के अनुसार हमास ने 13 इसराइली बंधकों को राहत कार्य में लगी रेड क्रॉस के हवाले कर दिया है।
इन्हें मिस्र से सटी ग़ज़ा की सीमा की तरफ ले जाया जा रहा है। मिस्र से इन सभी को इसराइली सेना अपने हेलिकॉप्टरों में ले जाएगी।
इससे पहले मिस्र और गज़ा की दक्षिण बॉर्डर पर स्थित रफ़ाह क्रॉसिंग पर काफ़ी चहल पहल देखी जा रही थी।
उधर इसराइल में कई परिवार अस्पतालों के बाहर पहुँच रहे हैं। इन परिवारों को उम्मीद है कि उनके परिजन भी आज रिहा होंगे।
बुधवार, 15 नवंबर 2023
कैलिफोर्निया के सैन फ्रांसिस्को के ऐतिहासिक फिलोली एस्टेट में बुधवार, 15 नवंबर 2023 को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की एक अहम मुलाक़ात हुई।
एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) शिखर सम्मेलन के अवसर पर दोनों देशों के प्रमुखों के बीच हुई यह बातचीत इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है कि इसके ज़रिए पिछले कई महीनों से जारी तनाव कम किया जा सकता है।
इस शिखर सम्मेलन के बाद लगभग 20 मिनट तक चले एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स में अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने कई बातें कही हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने बताया कि अमेरिका और चीन के बीच मिलिट्री कम्युनिकेशन फिर से बहाल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वो और शी जिनपिंग संचार के और सीधे रास्ते बनाए रखेंगे।
साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने बताया कि दोनों देशों ने अमेरिका में फेंटेनाइल उत्पादों के प्रवाह से निपटने के प्रयास फिर से शुरू कर दिए हैं।
इस मुलाक़ात में यूक्रेन और पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध पर भी बातचीत हुई। बाइडन ने इन मसलों पर उठे सवालों के जवाब दिए हैं।
वैसे दोनों देशों के इस सम्मेलन की शुरुआत जो बाइडन ने यह कह कर की कि दोनों देशों के बीच की 'प्रतिस्पर्धा' को 'संघर्ष में नहीं बदलना चाहिए'।
अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने कहा, "मैं इस बातचीत को महत्व देता हूं क्योंकि मुझे लगता है कि यह सबसे ज़रूरी है कि मैं और आप बिना ग़लतफ़हमी के एक-दूसरे को अच्छे से समझें।''
वहीं शी जिनपिंग ने कहा कि एक-दूसरे से मुंह मोड़ना कोई विकल्प नहीं है।
शी जिनपिंग ने कहा, "दोनों देशों की सफलता के लिए यह दुनिया काफी बड़ी है और एक देश की सफलता दूसरे देश के लिए एक अवसर है। दोनों देशों के लिए टकराव के कई असहनीय नतीज़े होते हैं।''
अमेरिका और चीन के रिश्ते क्यों बिगड़े?
इन दोनों देशों के संबंध फरवरी 2023 में और बिगड़ गए जब अमेरिका में चीन के एक संदिग्ध गुब्बारे को मार गिराया गया। अमेरिका ने दावा किया कि यह जासूसी करने वाला गुब्बारा था।
अगस्त 2022 में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की तत्कालीन स्पीकर नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा का भी दोनों देशों के रिश्तों पर बुरा असर पड़ा।
उस दौरे से नाराज़ चीन ने अमेरिका के साथ मिलिट्री कम्युनिकेशन बंद कर दिया था।
दोनों देशों के बीच दक्षिण चीन सागर में सेना की गतिविधि, इसराइल-हमास युद्ध, ताइवान, यूक्रेन युद्ध और अमेरिकी चुनाव में चीन के कथित हस्तक्षेप जैसे कई मसलों पर गहरे मतभेद हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग को फिर तानाशाह कहा
बुधवार, 15 नवंबर 2023
एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से कैलिफोर्निया में मुलाक़ात करने के बाद आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स में एक पत्रकार के सवाल के जवाब में बाइडन ने एक बार फिर दोहराया है कि शी जिनपिंग तानाशाह हैं।
बाइडन ने कहा, "वो इस अर्थ में तानाशाह हैं कि वो ऐसे देश की सत्ता संभालते हैं जो एक कम्युनिस्ट देश है, जो सरकार के एक ऐसे स्वरूप पर आधारित है जो हमसे पूरी तरह अलग है।''
इससे पहले जून 2023 में बाइडन ने शी जिनपिंग को तानाशाह कहकर हंगामा मचा दिया था।
उनके इस बयान के बाद चीन ने उस टिप्पणी को 'बहुत बेतुका और गैर-ज़िम्मेदाराना' करार दिया था।
यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने कहा है कि रूसी हमले में पूर्वी यूक्रेन में कम से कम 51 लोगों की मौत हो गई है।
बताया जाता है कि रूसी इस्कंदर मिसाइल से गांव के एक कैफ़े पर हमला हुआ था।
ह्रोज़ा गांव से जो तस्वीरें आई हैं वो दिल दहला देने वाली हैं।
खारकीएव इलाक़े के प्रमुख ओलेह सिनयेहुबोव ने कहा कि सभी मृतक ह्रोज़ा गांव के हैं।
साल 2020 की जनगणना के मुताबिक यहां 501 लोग रहते थे। इस हमले में गांव की 10 प्रतिशत आबादी मारी गई।
यूक्रेन के गृह मंत्री ल्होर क्लिमेंको ने एक यूक्रेनी टीवी चैनल से कहा है कि जिस समय गांव पर हमला हुआ उस समय एक अंतिम संस्कार के आयोजन में कैफ़े में 300 लोग मौजूद थे।
ह्रोज़ा पर हुए हमले को संयुक्त राष्ट्र ने भयानक बताया है।
एक बयान में यूक्रेन के लिए संयुक्त राष्ट्र मानवीय सहायता कोआर्डिनेटर डेनिस ब्राउन ने कहा कि नागरिकों या नागरिक ठिकानों पर हमला युद्ध अपराध है।
यूक्रेन की सरकार का कहना है कि इस गांव में कोई मिलिटरी टार्गेट नहीं था।
ये हमला तब हुआ है जब ज़ेलेंस्की यूरोपीय नेताओं के एक सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे थे।
इस सम्मेलन में यूरोपीय संघ के विदेश मामलों के मुखिया जोसेप बोरेल ने कहा कि राजनीतिक उठापठक से अमेरिका यूक्रेनी सेना को मदद करने में असमर्थ है।
हाल ही में अमेरिकी कांग्रेस में हुए बजट समझौते में यूक्रेन के लिए मदद राशि को शामिल नहीं किया गया।
बोरेल ने कहा कि अमेरिकी मदद न मिलने की वजह से पैदा हुई रिक्तता को यूरोपीय देश नहीं भर सकते।
हमला होने से पहले एक थिंक टैंक वाल्दाई डिस्कशन क्लब में रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने दोहराया कि 'इस युद्ध को यूक्रेन ने पश्चिम की मदद से शुरू किया और विशेष सैन्य अभियान इसे रोकने के लिए चलाया जा रहा है।'
भारतीय विदेश मंत्रालय ने दिल्ली में अफ़ग़ानिस्तान का दूतावास बंद होने की ख़बरों पर गुरुवार, 5 अक्टूबर 2023 की शाम प्रतिक्रिया दी है। ये प्रतिक्रिया चार दिनों बाद आई है।
साप्ताहिक प्रेस ब्रीफ़िंग के दौरान भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत अफ़ग़ानिस्तान के नागरिकों की मदद करने की कोशिश जारी रखेगा।
अफ़ग़ान दूतावास ने दूतावास बंद होने की घोषणा के साथ इसके लिए भारत की ओर से राजनयिक मदद नहीं मिलने और अफ़ग़ान हितों को पूरा करने में असफल रहने को ज़िम्मेदार ठहराया था।
अरिंदम बागची ने कहा है कि मुंबई और हैदराबाद के अफ़ग़ान कांसुलेट ने अफ़गान दूतावास के ऐलान से असहमति जताई है।
अरिंदम बागची ने स्वीकार किया कि भारत में लंबे समय से अफ़ग़ानिस्तान का कोई राजदूत नहीं है और हाल के दिनों में कई अफ़ग़ान राजनयिकों ने भारत छोड़ दिया है।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद भारत में बड़ी संख्या में मौजूद अफ़ग़ान नागरिकों और छात्रों को ज़रूरी काउंसर सपोर्ट मिलना जारी रहेगा।
बागची ने कहा कि 'हमारी समझदारी है कि नई दिल्ली में दूतावास काम कर रहा है और काम करना जारी रहेगा। हम दिल्ली दूतावास में मौजूद अफ़ग़ान राजनयिकों और मुंबई और हैदराबाद के कांसुलेट में मौजूद राजनयिकों के संपर्क में हैं।'
अमेरिका ने साल 2022 में ईरान से जब्त की गई करीब 11 लाख गोलियों को यूक्रेन को सौंप दिया है।
मिडिल ईस्ट में अभियानों पर नजर रखने वाले अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि दिसंबर 2022 में यमन जा रहे एक जहाज से ये गोलियां जब्त की गई थीं। पश्चिमी देशों ने यूक्रेन को आगाह किया था कि उनके पास गोले बारूद का भंडार कम हो रहा है।
सेंटकॉम ने कहा कि ईरान से जब्त की गई ये गोलियां यूक्रेन को दी गई।
नौ दिसंबर 2022 को मारवान1 नाम के जहाज से अमेरिका ने ये गोलियां जब्त की थी। उस जहाज पर किसी भी देश का झंडा नहीं लगा हुआ था। अमेरिकी सरकार ने एक प्रक्रिया के तहत इस जहाज का मालिकाना हक जुलाई 2022 में हासिल कर लिया।
इस मामले में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड पर आरोप लगे थे। ईरान पर यमन के हूती विद्रोहियों को हथियारों की आपूर्ति का आरोप लंबे समय से लगता रहा है।
इस बीच ईरान पर रूस को भी हथियारों खास तौर पर ड्रोन की आपूर्ति करने की ख़बरें आई हैं।
भारत में समाचार वेबसाइट न्यूज़क्लिक से जुड़े पत्रकारों के घर छापे, गिरफ़्तारी और ऑनलाइन पोर्टल को चीन से फंडिंग के आरोपों की ख़बरों पर अमेरिका ने कहा है कि वो पारदर्शी लोकतंत्र में मीडिया की मज़बूत भूमिका के समर्थक हैं।
अमेरिका के विदेश मंत्रालय के प्रिंसिपल डिप्टी प्रवक्ता वेदांत पटेल ने कहा कि विदेश मंत्रालय न्यूज़क्लिक के चीनी सरकार से संबंध होने के "दावों की सच्चाई" पर टिप्पणी नहीं कर सकता है।
वेदांत पटेल ने दैनिक ब्रीफ़िंग के दौरान कहा कि अमेरिकी सरकार ने भारत सरकार और अन्य के साथ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता समेत पत्रकारों के मानवाधिकार का सम्मान करने के महत्व पर पहले बातचीत की है।
अख़बार 'द हिंदू' ने अपनी एक ख़बर में कहा है कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के एक प्रवक्ता से बात की है।
प्रवक्ता ने न्यूज़क्लिक पर लगे आरोपों पर कहा, "हमने भारत सरकार से पत्रकारों के अधिकारों के सम्मान की अपील की है, जिसमें ऑनलाइन और ऑफ़लाइन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी शामिल है।''
प्रवक्ता ने "द हिंदू" को बताया है कि अमेरिकी प्रशासन को न्यूज़क्लिक के चीनी लिंक होने के आरोपों की जानकारी है लेकिन प्रवक्ता ने उन दावों की सच्चाई पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति पारदर्शी लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका का मजबूती से समर्थन करते हैं।
खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में भारत पर लगाए गए कनाडा के आरोपों को अमेरिका ने 'गंभीर' बताते हुए कहा कि इसकी जांच किए जाने की ज़रूरत है।
हरदीप सिंह निज्जर की 18 जून 2023 को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में हत्या कर दी गई थी। सोमवार, 18 सितम्बर 2023 को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने अपने देश की संसद में कहा था कि खालिस्तान समर्थक नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंसियों का हाथ हो सकता है।
इसके बाद से भारत और कनाडा के राजनयिक रिश्ते तनाव पूर्ण चल रहे हैं। भारत ने जस्टिन ट्रूडो के आरोपों को ख़ारिज किया है।
अमेरिका में राष्ट्रीय सुरक्षा काउंसिल में स्ट्रैटिजिक कम्युनिकेशन के कॉर्डिनेटर जॉन किर्बी ने संवाददाता सम्मेलन में बताया, "विदेश मंत्री एस जयशंकर के दौरे के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन से उनकी इस मामले में बातचीत हुई थी। हम निश्चित तौर पर इसे उन दो देशों पर छोड़ देंगे कि वो अपने द्विपक्षीय मामलों के बारे में बात करें।''
किर्बी ने कहा, "ये आरोप गंभीर हैं और इसकी पूरी तरह जांच की जानी चाहिए। जैसा कि हमने पहले भी भारत से अपील की है कि वे इस जांच में सक्रिय रूप से भाग लें।''
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि खालिस्तान समर्थक नेता हरदीप सिंह निज्जर की मौत के मामले में भारत और कनाडा को मिल-बैठ कर मतभेद सुलझाने होंगे।
शुक्रवार, 29 सितम्बर 2023 को जयशंकर ने वॉशिंगटन में भारतीय पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भारत निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंसियों पर कनाडा के आरोपों से जुड़ी जानकारियों पर गौर करने के लिए तैयार है।
हरदीप सिंह निज्जर की 18 जून 2023 को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में हत्या कर दी गई थी। जयशंकर ने कहा, ''कनाडा की ओर से हरदीप सिंह निज्जर की मौत में भारतीय एजेंसियों का हाथ होने की आशंका जताई गई है। भारतीय एजेंसियों पर कुछ आरोप लगाए गए हैं। लेकिन हमने उन्हें साफ बता दिया है कि ये भारत की नीति नहीं है। अगर कनाडा की ओर से कोई खास या संबंधित जानकारी साझा की जाती है तो हम हमेशा इस पर गौर करने के लिए तैयार हैं।''
उन्होंने कहा कि बड़ा मुद्दा ये है कि कनाडा में भारत विरोधी गतिविधियों को जो छूट मिली हुई है उस पर ध्यान देने और इससे पैदा समस्या सुलझाने की ज़रूरत है।
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने सोमवार, 18 सितम्बर 2023 को अपने देश की संसद में कहा था कि खालिस्तान समर्थन नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंसियों का हाथ हो सकता है। इसके बाद भारत और कनाडा के राजनयिक रिश्ते खराब हो गए हैं।









