भारत

केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना पर लोकसभा में अधीर रंजन चौधरी का भाषण

केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना पर लोकसभा में अधीर रंजन चौधरी का भाषण 

गुलाम नबी आज़ाद की टिप्पणी | राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव

गुलाम नबी आज़ाद की टिप्पणी | राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव

अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर भाषण दिया

अधीर रंजन चौधरी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर भाषण दिया

संसद सत्र 2019 | बिहार में बच्चों की मौत पर अधीर रंजन चौधरी का भाषण

संसद सत्र 2019 | बिहार में बच्चों की मौत पर अधीर रंजन चौधरी का भाषण 

संसद सत्र 2019 | ट्रिपल तलाक़ बिल पर शशि थरूर का भाषण

संसद सत्र 2019 | ट्रिपल तलाक़ बिल पर शशि थरूर का भाषण 

संसद भवन में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के अभिभाषण पर आनंद शर्मा द्वारा एआईसीसी प्रेस वार्ता

संसद भवन में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के अभिभाषण पर आनंद शर्मा द्वारा एआईसीसी प्रेस वार्ता

बिहार में बच्चों की मौत एक राष्ट्रीय त्रासदी है: कांग्रेस

बिहार में बच्चों की मौत एक राष्ट्रीय त्रासदी है: कांग्रेस मुख्यालय में गौरव गोगोई द्वारा एआईसीसी प्रेस वार्ता

दिल्ली की हवा इतनी जहरीली क्यों है?

डाउन टू अर्थ पत्रिका और सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट द्वारा इस महीने जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, वायु प्रदूषण के कारण भारत में हर साल पांच साल से कम उम्र के 100,000 से अधिक बच्चों की मृत्यु हो जाती है। उल्लेखनीय रूप से, भारत की विषाक्त हवा अब देश में होने वाली सभी मौतों के 12.5 प्रतिशत के लिए जिम्मेदार है।
 
सबसे बुरी तरह से प्रभावित शहरों में से एक नई दिल्ली है, जहाँ हवा में साँस लेने वाले प्रतिदिन 44 सिगरेट पीने के बराबर धुंआ पीते है। 2018 में, राजधानी शहर में आश्चर्यजनक रूप से शून्य अच्छे वायु गुणवत्ता वाले दिन थे। "दिल्ली की घातक हवा" इस महीने के बाहर एक नए लोग और पावर डॉक्यूमेंट्री का विषय है।

तो दिल्ली की हवा इतनी प्रदूषित क्यों है? और इसे बदलने के लिए क्या किया जा रहा है?

भारतीय वायु सेना के ग़ायब AN-32 एयरक्राफ्ट का मलबा मिला

भारतीय वायु सेना के एएन-32 एयरक्राफ्ट का मलबा अरुणाचल प्रदेश में मिला है। पिछले आठ दिनों से एएन-32 ग़ायब था और भारतीय वायु सेना खोजने में जुटी थी।

इसमें 13 लोग सवार थे। भारतीय वायु सेना ने ट्वीट कर बताया है कि इसमें सवार लोगों के बारे में और जानकारी जुटाई जा रही है। इस मालवाहक विमान ने दोपहर 12.27 पर असम के जोरहाट से उड़ान भरी थी और एक बजे उसका संपर्क टूट गया था। उसमें कुल 13 कर्मी सवार थे।

इसरो की मदद से जोरहाट और अरुणाचल प्रदेश के मेचुका के बीच विमान को तलाश जा रहा था। यह तलाश उम्मीद और आक्रोश के बीच झूल रही थी।

सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत कनौजिया की तत्काल रिहाई के आदेश दिए

भारत में सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत कनौजिया को तत्काल ज़मानत पर रिहा करने के आदेश दे दिए हैं।

जस्टिस इंदिरा बैनर्जी और अजय रस्तोगी की बैंच ने पुलिस से कहा कि प्रशांत के ट्वीट को सही नहीं कहा जा सकता, लेकिन इसके लिए उसे जेल में कैसे डाल सकते हैं ?

कोर्ट ने कहा कि किसी नागरिक की आज़ादी के साथ समझौता नहीं हो सकता। ये उसे संविधान से मिली है और इसका उल्लंघन नहीं किया जा सकता।

प्रशांत कनौजिया की पत्नी जगीशा अरोड़ा ने फैसले के बाद कहा, ''मुझे बहुत खुशी है और मुझे भारतीय संविधान में भरोसा है। मेरे पति ने कोई अपराध नहीं किया है। मैं प्रशांत से मिलना चाहती थी।''

प्रशांत कनौजिया के वकील नित्या रामाकृष्णन ने कहा, ''सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत को रिहा करने का आदेश देकर सही किया है। मैं उनके लिए खुश हूं।''

उत्तर प्रदेश के वकील ने इस मुद्दे पर ये कहते हुए कोई टिप्पणी नहीं की है कि मामला अभी विचाराधीन है।

ये मामला सुप्रीम कोर्ट के अवकाश बेंच के सामने आया था, लेकिन ऐसा नहीं लग रहा था कि ये वैकेशन बेंच की सुनवाई है क्योंकि वकीलों, पक्षकारों और पत्रकारों समेत कोर्ट रूम में 50 लोग मौजूद थे।

ऐसे लोग भी वहां पहुंचे थे जिनका कोई इससे संबंध नहीं था, लेकिन मामले की संवेदनशीलता के चलते वो सुनवाई के दौरान मौजूद रहना चाहते थे।

दरअसल, प्रशांत कनौजिया को उत्तर प्रदेश पुलिस ने शनिवार को उनके घर से गिरफ्तार किया था। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर एक ट्वीट के साथ वीडियो पोस्ट की थी जिसमें एक महिला आदित्यनाथ से अपने प्रेम प्रसंग को लेकर बात कर रही है।

एक पुलिसकर्मी ने ही लखनऊ के हज़रतगंज थाने में एफ़आईआर दर्ज करवाई थी और प्रशांत पर आईटी एक्ट की धारा 66 और मानहानि की धारा (आईपीसी 500) लगाई गई थी। बाद में धारा 505 को भी जोड़ दिया गया था।

इस मामले को लेकर प्रशांत कनौजिया की पत्नी जगीशा अरोड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में गिरफ्तारी के ख़िलाफ़ हेबियस कोर्पस के तहत पीटिशन डाली थी।

उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से मुकदमे की पैरवी कर रहे वकील ने दलील दी कि प्रशांत के ट्वीट भड़काऊ हैं। पहले के भी उनके ट्वीट ऐसे रहे हैं और इसलिए सेक्शन 505 को भी जोड़ा गया।

जिस पर जस्टिस इंदिरा ने कहा कि हम मानते हैं कि ऐसे ट्वीट नहीं लिखे जाने चाहिए थे, लेकिन इसके लिए गिरफ़्तारी कैसे सही है?

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तुरंत बाद प्रशांत कनौजिया का हैशटैग ट्विटर पर ट्रेंड करने लगा।

कई सारे ट्विटर यूज़र्स ने अदालत के फैसले का स्वागत किया है। वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त ने लिखा है, ''सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत कनौजिया को ज़मानत पर रिहाई का आदेश देते हुए गिरफ़्तारी को स्वतंत्रता में दख़ल बताया है।''

वरिष्ठ पत्रकार एम के वेणु ने अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए पुलिस की जवाबदेही तय किए जाने की बात कही है।

एक अन्य ट्विटर यूज़र संजुक्ता बसु ने लिखा है, ''प्रशांत कनौजिया की गिरफ़्तारी गैरक़ानूनी थी। असम में पूर्व सैन्य अधिकारी की गिरफ़्तारी गैरक़ानूनी थी। इस तरह के लाखों मामले हैं। अदालत से इन लोगों को राहत तो मिल जाती है, लेकिन ये काफ़ी नहीं है।''

प्रशांत कनौजिया की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया और पत्रकारिता जगत में उनके लिए समर्थन जुटने लगा था।

सोमवार को उनकी गिरफ़्तारी के विरोध में पत्रकारों ने प्रेस क्लब से लेकर संसद तक मार्च भी निकाला था।

प्रशांत पूर्व में 'द वायर' वेबसाइट के लिए काम कर चुके हैं।