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न्यू पॉपुलर फ्रंट के नेता मेलेंशों ने कहा, फ़लस्तीन राज्य को मान्यता देगा फ्रांस

न्यू पॉपुलर फ्रंट के नेता मेलेंशों ने कहा, फ़लस्तीन राज्य को मान्यता देगा फ्रांस

सोमवार, 8 जुलाई 2024

फ़्रांस के संसदीय चुनावों में वामपंथी गठबंधन न्यू पॉपुलर फ्रंट के नेता ज्यां-ल्यूक मेलेंशों ने कहा है कि उनका गठबंधन फ़लस्तीन राज्य को मान्यता देगा।

पिछले कुछ समय में यूरोप के चार देशों - स्पेन, नॉर्वे, आयरलैंड और स्लोवेनिया ने फ़लस्तीनी राज्य को मान्यता दी है।

रविवार, 7 जुलाई 2024 को हुए दूसरे और आखिरी चरण के चुनावों में न्यू पॉपुलर फ़्रंट 182 सीटों के साथ सबसे आगे है और आगामी सरकार में उसकी भूमिका प्रमुख रहने वाली है।

ज्यां-ल्यूक मेलेंशों ने कहा कि अगला प्रधानमंत्री न्यू पॉपुलर फ़्रंट से होगा।

एक सप्ताह पहले हुए प्रथम चरण के चुनावों में धुर दक्षिणपंथी पार्टी नेशनल रैली बहुमत की ओर बढ़ रही थी लेकिन रविवार, 7 जुलाई 2024 को हुए दूसरे और आखिरी चरण में वो तीसरे स्थान पर सिमट गई।

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों का मध्यमार्गी गठबंधन दूसरे स्थान पर रहा।

फ्रांस के संसदीय चुनावों के रुझान आने के बाद राजधानी पेरिस में कुछ जगहों पर हिंसा देखने को मिली। जबकि दूसरी ओर वामपंथी समर्थक भारी संख्या में रविवार, 7 जुलाई 2024 की रात से ही पेरिस की सड़कों पर विजय जुलूस निकाल रहे हैं।

फ़्रांस में वामपंथी गठबंधन को सबसे ज्यादा सीटें मिली, अचानक कैसे बाज़ी पलटी?

फ़्रांस में वामपंथी गठबंधन को सबसे ज्यादा सीटें मिली, अचानक कैसे बाज़ी पलटी?

सोमवार, 8 जुलाई 2024

वामपंथी और मध्यमार्गी पार्टियों के बीच रणनीतिक समझौते से यह संभव हुआ है। एक सप्ताह पहले प्रथम चरण में धुर दक्षिणपंथी नेशनल रैली (आरएन) पार्टी सबसे आगे थी, लेकिन अब न्यू पॉपुलर फ़्रंट (एनएफ़पी) दूसरे चरण में सबसे अधिक 182 सीट जीत कर फ्रांस की संसद में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।

फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों की मध्यमार्गी पार्टी एनसेम्बल अलायंस 168 सीट जीत कर दूसरे स्थान पर रही।

पहले चरण में सर्वाधिक मत जीतने वाली धुर दक्षिणपंथी नेशनल रैली और सहयोगी 143 सीट जीत कर तीसरे नंबर रही है।

हालांकि फ्रांस की 577 सीटों वाली नेशनल एसेंबली में कोई भी गठबंधन अकेले दम पर बहुमत हासिल नहीं कर पाएगा।

इस संभावित बड़े उलटफेर की बड़ी वजह रही कि धुर दक्षिणपंथी नेशनल रैली के ख़िलाफ़ वोटरों में विभाजन को रोकने के लिए कई वापमंथी और मध्यमार्गी उम्मीदवार खुद चुनावी दौड़ से हट गए।

फ़्रांस अनबाउड पार्टी के धुर वामपंथी नेता ज्यां-ल्यूक मेलेंशों ने एनएफ़पी की जीत को धुर दक्षिणपंथ के ख़िलाफ़ जीत और मैक्रों के एजेंडे की हार कहा।

ज्यां-ल्यूक मेलेंशों ने नेशनल रैली के ख़िलाफ़ एक व्यापक लामबंदी की कोशिशों की तारीफ़ की।

वामपंथी समर्थक सेंट्रल पेरिस में पैलेस डे ला रिपब्लिक में विजय रैली निकाल रहे हैं।

नेशनल रैली के नेता जॉर्डन बारदेला ने कहा कि 'ग़ैर-इमानदारों के गठबंधन' ने उनकी पार्टी को सत्ता से दूर करके फ़्रांस को कट्टर वामपंथ के हाथों में डाल दिया है।

स्पेन के वामपंथी प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने इन रुझानों का स्वागत किया है और कहा कि फ्रांस ने धुर दक्षिणपंथ को नकारा है।

फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलांद ने कहा कि देश दक्षिणपंथ की ओर जाने से बाल बाल बचा।

फ्रांस का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा?

सोमवार, 8 जुलाई 2024

ये साफ़ नहीं है कि फ्रांस का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा? लेकिन मैक्रों की पार्टी के मौजूदा प्रधानमंत्री गैर्बिएल अटाल ने कहा कि वो इस्तीफ़ा देंगे।

फ्रांस में चुनावों के बाद नतीजों से पैदा हुए गतिरोध के बीच, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री गैब्रिएल एटल को प्रधानमंत्री बने रहने के लिए कहा है।

राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा है कि फ्रांस की स्थिरता के लिए गैब्रिएल एटल का प्रधानमंत्री बने रहना जरूरी है। फ्रांस के आम चुनाव में मैक्रों की एनसेंबल पार्टी के दूसरे नंबर पर आने के बाद गैब्रिएल एटल ने अपने इस्तीफ़े की पेशकश की थी।

फ्रांस के गैब्रिएल एटल ने रविवार, 7 जुलाई 2024 को ही नतीजों के बाद इस्तीफ़ा देने की बात कही थी। फ्रांस में आम चुनाव के दूसरे दौर में वामपंथी गठबंधन - न्यू पॉपुलर फ़्रंट को सबसे ज्यादा सीटें मिली हैं, जबकि पहले दौर में बुरी तरह पिछड़ी मैक्रों की मध्यमार्गी पार्टी ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया।

पहले दौर में सबसे ज्यादा वोट हासिल करने वाली धुर दक्षिणपंथी नेशनल रैली पार्टी तीसरे नंबर पर रही है। लेकिन इनमें से किसी के पास भी बहुमत के आंकड़े नहीं हैं और फ्रांस में त्रिशंकु संसद के हालात बन गए हैं।

फ़्रांस संसदीय चुनावों में त्रिशंकु संसद, बाज़ार में उथल-पुथल से यूरो में गिरावट

फ़्रांस संसदीय चुनावों में त्रिशंकु संसद, बाज़ार में उथल-पुथल से यूरो में गिरावट

सोमवार, 8 जुलाई 2024

रविवार, 7 जुलाई 2024 की रात फ़्रांस के लिए उम्मीद से उलट नतीजों वाली रात थी। संसदीय चुनाव के नतीजे चौंकाने वाले रहे।

दक्षिणपंथी नेशनल रैली की बढ़त को रोकने के लिए दूसरे चरण से पहले वामपंथी और मध्यमार्गी पार्टियों के बीच रणनीतिक गठबंधन बनाने की कोशिशों में ज्यां-ल्यूक मेलेंशों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वामपंथी गठबंधन न्यू पॉपुलर फ़्रंट 182 सीटों के साथ पहले स्थान पर है।

जबकि बुरी तरह पिछड़ी मैक्रों की मध्यमार्गी पार्टी ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया।

पहले चरण में सर्वाधिक मत जीतने वाली धुर दक्षिणपंथी नेशनल रैली तीसरे नंबर रही है।

लेकिन इनमें से किसी के पास भी बहुमत के आंकड़े नहीं हैं और फ़्रांस में त्रिशंकु संसद के हालात बन गए हैं।

वामपंथी अख़बर 'लिबरेशन' ने इस रात के लिए लिखा- 'क्रेज़ी'।

लेकिन बहुत से लोग राहत महसूस कर रहे हैं क्योंकि नेशनल रैली पार्टी सत्ता में पहुंचने में कामयाब नहीं हो पाई।

ताज़ा नतीजों के अनुसार, 577 सीटों वाली नेशनल एसेंबली में पार्टियों की स्थिति-

न्यू पॉपुलर फ़्रंट - 182 सीट

मध्यमार्गी गठबंधन - 168 सीट

नेशनल रैली + सहयोगी - 143 सीट

रिपब्लिकन + दक्षिणपंथी - 60 सीट

अन्य लेफ़्ट पार्टियां - 13 सीट

अन्य - 11 सीट

नतीजे आने के बाद बाज़ार में उथल-पुथल देखने को मिल रही है। यूरो के मूल्य में 0.2 प्रतिशत की गिरावट आ गई है और अब यह 1.08 डॉलर का हो गया।

निवेशक फ्रांस में राजनीतिक गतिरोध को लेकर चिंतित हैं।

विश्लेषकों को लगता है कि सबसे अधिक सीटें जीतने वाली वामपंथी न्यूट पॉपुलर फ़्रंट गठबंधन, राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों के सुधारवादी एजेंडे को आगे नहीं बढ़ाएगी।

सुधारवादी नेता मसूद पेज़ेश्कियान ईरान के राष्ट्रपति चुने गए

सुधारवादी नेता मसूद पेज़ेश्कियान ईरान के राष्ट्रपति चुने गए

शनिवार, 6 जुलाई 2024

ईरान के राष्ट्रपति चुनाव में सुधारवादी नेता मसूद पेज़ेश्कियान को जीत मिली है। उन्होंने कट्टरपंथी नेता सईद जलीली को हरा दिया है।

चुनाव नतीजों के मुताबिक़, अब तक गिने गए तीन करोड़ वोटों में से डॉ. मसूद पेज़ेश्कियान को 53.3 फीसदी वोट मिले हैं जबकि जलीली को 44.3 फीसदी वोट मिले हैं।

28 जून 2024 को पहले दौर की वोटिंग में किसी भी उम्मीदवार को बहुमत नहीं मिला था। उस दौरान ईरान में अब तक की सबसे कम 40 फीसदी वोटिंग हुई थी।

ईरान में पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की राष्ट्रपति पद पर रहते हुए मई के 2024 में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी।

इब्राहिम रईसी पूर्वी अज़रबैजान प्रांत में बांध का उद्घाटन करके लौट रहे थे तभी उनका हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया था। इस हादसे में राष्ट्रपति और विदेश मंत्री समेत नौ लोगों की मौत हुई है।

उसके बाद ईरान में नए राष्ट्रपति के लिए चुनाव हुआ था।

नेतन्याहू युद्ध अपराधी हैं, इसराइल के पास 34,000 फ़लस्तीनियों को मारने का अधिकार नहीं: बर्नी सैंडर्स

नेतन्याहू युद्ध अपराधी हैं, इसराइल के पास 34,000 फ़लस्तीनियों को मारने का अधिकार नहीं: बर्नी सैंडर्स

रविवार, 2 जून 2024

अमेरिका के वरिष्ठ डेमोक्रेटिक नेता बर्नी सैंडर्स ने इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू को युद्ध अपराधी कहा है।

बर्नी सैंडर्स का कहना है कि नेतन्याहू को कांग्रेस के संयुक्त सत्र के लिए नहीं बुलाया जाना चाहिए था। बर्नी सैंडर्स ने कहा है कि वो कांग्रेस के संयुक्त सत्र में हिस्सा नहीं लेंगे।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बर्नी सैंडर्स ने एक थ्रेड पोस्ट किया है।  बर्नी सैंडर्स ने कहा, "नेतन्याहू युद्ध अपराधी हैं और उन्हें कांग्रेस के संयुक्त सत्र के लिए नहीं बुलाया जाना चाहिए था। मैं इस सत्र में हिस्सा नहीं ले रहा हूं।''

बर्नी सैंडर्स ने कहा, "इसराइल के पास हमास के हमले के ख़िलाफ़ खुद को सुरक्षित रखने का अधिकार है, लेकिन इस अधिकार से आपको फ़लस्तीनियों के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ने की अनुमति नहीं मिल जाती है।''

बर्नी सैंडर्स ने कहा, "इसराइल के पास 34,000 फ़लस्तीनियों को मारने का अधिकार नहीं है। आप 19,000 बच्चों को नहीं मार सकते हैं। आपके पास ग़ज़ा की स्वास्थ्य व्यवस्था को बर्बाद करने का अधिकार नहीं है। आप 400 से ज्यादा स्वास्थ्य कर्मियों को नहीं मार सकते हैं।''

बर्नी सैंडर्स ने कहा, "इसराइल ग़ज़ा में मानवीय मदद को नहीं रोक सकता है। यह अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने नेतन्याहू और हमास के नेता याह्या सिनवार के ख़िलाफ़ अरेस्ट वारंट जारी किया है। इन दोनों ने अंतरराष्ट्रीय कानून को तोड़ा है।''

अमेरिकी कांग्रेस ने नेतन्याहू को संयुक्त सत्र में हिस्सा लेने का न्योता दिया है।

हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़ सात अक्टूबर 2023 के बाद से इसराइल के हमलों से 36,000 से ज्यादा फ़लस्तीनियों की मौत हो चुकी है।

एक राष्ट्र के रूप में फ़लस्तीन के अस्तित्व के बिना इसराइल नहीं रह सकता है: सऊदी अरब

एक राष्ट्र के रूप में फ़लस्तीन के अस्तित्व के बिना इसराइल नहीं रह सकता है: सऊदी अरब

इसराइल को फ़लस्तीन का अस्तित्व स्वीकार करना होगा: सऊदी अरब

मंगलवार, 28 मई 2024

रफ़ाह के शरणार्थी कैंप पर इसराइल के जानलेवा हमले के बाद दुनिया के कई देशों से प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

सऊदी अरब ने कहा है कि इसराइल को फ़लस्तीन का अस्तित्व स्वीकार करना होगा। सऊदी अरब के विदेश मंत्री फ़ैसल बिन फरहान ने मंगलवार, 28 मई 2024 को कहा कि एक राष्ट्र के रूप में फ़लस्तीन के अस्तित्व के बिना इसराइल नहीं रह सकता है।

सऊदी अरब के इस बयान को काफ़ी अहम माना जा रहा है।

रफ़ाह में हमले के बाद कई देशों में सड़कों पर लोग उतर आए हैं और इसराइल के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

इस्लामिक देशों के संगठन ऑर्गेनाइज़ेशन ऑफ़ इस्लामिक कोऑपरेशन यानी ओआईसी ने भी प्रतिक्रिया दी है।

इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने इसराइल को रफ़ाह में मिलिट्री ऑपरेशन रोकने आदेश दिया

इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने इसराइल को रफ़ाह में मिलिट्री ऑपरेशन रोकने आदेश दिया

शुक्रवार, 24 मई 2024

इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) ने इसराइल को ग़ज़ा के रफ़ाह में चलाए जा रहे सैन्य अभियान को रोकने का आदेश दिया है।

आईसीजे ने दक्षिण अफ्रीका की याचिका पर यह फ़ैसला सुनाया।

आईसीजे ने कहा है कि इसराइल को रफ़ाह में चलाए जा रहे सैन्य अभियान को तुरंत रोक देना चाहिए, इससे फ़लस्तीनियों को खतरा है।

आईसीजे ने इसराइल को शुक्रवार, 24 मई 2024 के फैसले पर उठाए जाने वाले कदमों को लेकर एक महीने के अंदर रिपोर्ट देने के लिए कहा है।

आईसीजे के फैसले की मुख्ये बातें:

- रफ़ाह में सैन्य अभियान बंद होना चाहिए।
- मानवीय सहायता के लिए मिस्र के साथ लगने वाली रफ़ाह की सीमाओं को खोला जाना चाहिए।
- इन बातों पर जो कदम उठाए जाएं उनकी रिपोर्ट एक महीने के अंदर जमा होनी चाहिए।  

हाल के दिनों में इसराइल ने रफ़ाह में सैन्य अभियान को तेज किया है।

इसराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू हमास को मात देने के लिए रफ़ाह में चलाए जा रहे अभियान को जरूरी बता रहे हैं।

अमेरिका समेत कई मानवीय संगठन इस बात की आशंका जता चुके हैं कि इसराइल के रफ़ाह में चलाए जा रहे अभियान से हज़ारों फलस्तीनियों की जान को ख़तरा है।

फिलहाल रफ़ाह में 10 लाख से ज्यादा फलस्तीनियों ने शरण ले रखी है।

पाकिस्तान के बाद भारत ने किर्गिस्तान में रह रहे भारतीय स्टूडेंट्स के लिए हिदायत जारी की

पाकिस्तान के बाद भारत ने किर्गिस्तान में रह रहे भारतीय स्टूडेंट्स के लिए हिदायत जारी की

प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने किर्गिस्तान में पाकिस्तानी स्टूडेंट्स की सुरक्षा पर चिंता ज़ाहिर की

शनिवार, 18 मई 2024

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में पाकिस्तानी स्टूडेंट्स की सुरक्षा को लेकर चिंता ज़ाहिर की है।

शहबाज़ शरीफ़ ने एक्स पर पोस्ट किया, ''किर्गिस्तान के बिश्केक में पाकिस्तानी स्टूडेंट्स की सुरक्षा को लेकर मैं बेहद चिंतित हूं।''

''दूतावास को स्टूडेंट्स की हर तरीके़ से मदद करने का आदेश दिया गया है। मेरा ऑफ़िस दूतावास के संपर्क में बना हुआ है और लगातार स्थिति पर नज़र बनाकर रखी जा रही है।''

बिश्केक में स्टूडेंट्स हॉस्टल के बाहर हुई हिंसक घटनाओं के बाद किर्गिस्तान स्थित पाकिस्तान के दूतावास ने स्टूडेंट्स से बाहर नहीं निकलने के लिए कहा है।

पाकिस्तान के दूतावास ने एक्स पर पोस्ट किया है, ''हम पाकिस्तानी स्टूडेंट्स की सुरक्षा के लिए लगातार स्थानीय प्रशासन के संपर्क में बने हुए हैं।''

पाकिस्तान की तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया।

इस वीडियो में ख़ुद को मेडिकल का स्टूडेंट बताने वाले नौजवान ने कहा, ''हम किर्गिस्तान में मेडिकल की पढ़ाई करने आए हैं। अरब लोगों और स्थानीय लोगों के बीच झगड़ा हुआ।''

''इस झगड़े की वजह से तीन स्टूडेंट्स की मौत हो गई है. चाक़ू और बंदूक़ का इस्तेमाल हो रहा है। बच्चे, महिलाएं और कोई भी यहां सुरक्षित नहीं है।  हम हॉस्टल के अंदर हैं और हमने अपने दरवाज़े बंद कर लिए हैं। कई स्टूडेंट्स घायल हुए हैं।''

भारत ने किर्गिस्तान में रह रहे भारतीय स्टूडेंट्स के लिए हिदायत जारी की

शनिवार, 18 मई 2024

किर्गिस्तान स्थित भारत के दूतावास ने भारतीय स्टूडेंट्स की सुरक्षा के मद्देनज़र हिदायत जारी की है।

भारतीय दूतावास ने स्टूडेंट्स को घरों से बाहर नहीं निकलने की हिदायत दी है।

किर्गिस्तान स्थित भारतीय दूतावास ने एक्स पर पोस्ट किया, ''हम अपने स्टूडेंट्स के साथ संपर्क में बने हुए हैं। फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है। लेकिन हम स्टूडेंट्स को हॉस्टल के अंदर रहने की हिदायत दे रहे हैं।''

''किसी भी मामले पर दूतावास के साथ संपर्क किया जा सकता है। इस नंबर 0555710041 पर हम 24 घंटे उपलब्ध हैं।''

इराक़ की सेना ने बग़दाद के दक्षिणी हिस्से में एक ठिकाने पर बड़े विस्फोट का दावा किया

इराक़ की सेना ने बग़दाद के दक्षिणी हिस्से में एक ठिकाने पर बड़े विस्फोट का दावा किया

शनिवार, 20 अप्रैल 2024

इराक़ की सेना का कहना है कि बग़दाद के दक्षिणी हिस्से में एक ठिकाने पर हुए बड़े विस्फोट में ईरान समर्थक मिलिशिया के एक सदस्य की मौत हुई है और आठ अन्य लोग घायल हुए हैं।

इराक़ की सेना ने कहा है कि धमाके के वक्त या उससे पहले इस इलाके में कोई ड्रोन या लड़ाकू विमान नहीं देखा गया था। ईरान समर्थित गुट पॉपुलर मोबिलाइज़ेशन फ़ोर्सेज़ ने खुद कहा है कि ये विस्फोट एक हमले का नतीजा था।

ये विस्फोट ऐसे समय में हुआ है जब इसराइल और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। शुक्रवार, 19 अप्रैल 2024 को इसराइल ने ईरान के इस्फ़हान शहर पर हमला किया, जिसका अंदेशा पहले से था। इससे पहले शनिवार, 13 अप्रैल 2024 की रात को ईरान ने इसराइल पर 300 से अधिक ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया था।

हालांकि, इसराइल ने दावा किया कि उसने अपने सहयोगियों अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जॉर्डन की मदद से इस हमले को विफल कर दिया। एक अप्रैल 2024 को सीरिया के दमिश्क में ईरानी वाणिज्य दूतावास पर हमला हुआ था जिसमें उसके कई शीर्ष कमांडरों की मौत हुई थी।

इसराइल ने इस हमले पर कोई सीधी टिप्पणी नहीं की, लेकिन ईरान ने इसराइल को ही इस हमले का ज़िम्मेदार ठहराया। इसके जवाब में ही ईरान ने इसराइल पर हमला किया था।

ईरानी विदेश मंत्री ने चेतावनी दी है कि अगर इसराइल ने उसके हितों पर हमले किए तो उनका देश त्वरित और ज़्यादा से ज़्यादा प्रतिक्रिया देगा।

इसराइल के हमले पर ईरान की मीडिया ने क्या कहा?

इसराइल के हमले पर ईरान की मीडिया ने क्या कहा?

शुक्रवार, 19 अप्रैल 2024

ईरान गुरुवार, 18 अप्रैल 2024 की रात इस्फ़हान पर हुए इसराइली हमले को कोई ख़ास अहमियत नहीं दे रहा है। ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि इस्फ़हान पर कोई हमला नहीं हुआ है।

ईरान का कहना है कि कुछ ड्रोन थे जिन्हें मार गिराया गया। इसराइल ने हमले को लेकर कोई बयान नहीं दिया है।

लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि ईरान पर इसराइल ने हमला किया है और इस विषय पर कई सवाल उठ रहे हैं। इस्फ़हान महत्वपूर्ण परमाणु और सैन्य-औद्योगिक सुविधाओं का एक सेंटर माना जाता है।

हालाँकि, नेशनल सेंटर ऑफ़ साइबरस्पेस और ईरान स्पेस एजेंसी के प्रवक्ता होसैन डेलिरियन ने एक्स पर इस बात से इनकार किया कि देश के बाहर से कोई सीधा मिसाइल हमला हुआ है।

होसैन डेलिरियन ने कहा, "इस्फ़हान या देश के अन्य हिस्सों पर सीमा के बाहर से कोई हवाई हमला नहीं हुआ है।''

होसैन डेलिरियन ने कहा कि इसराइल ने "केवल क्वाडकॉप्टर ड्रोन उड़ाने का एक असफल प्रयास किया था, और क्वाडकॉप्टर को भी मार गिराया गया है।''

ईरान इस हमले को कमतर बना कर पेश कर रहा है।

ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी और देश के अंग्रेजी भाषा वाले चैनल प्रेस टीवी ने ब्रेकिंग न्यूज सेगमेंट, रेगुलर बुलेटिन और टिकर में इस घटना की रिपोर्ट की, लेकिन इसे डाउनप्ले किया गया।

आईआरआईबी के एक संवाददाता ने कहा, "कई ड्रोन को मार गिराया गया है।''

इस्फ़ान से आईआरआईबी पर लाइव कर रहे एक और संवाददाता ने कहा, "शहर में शांति का माहौल है। लोग अपने घरों से बाहर निकल रहे हैं।''

रिपोर्टर ने कहा कि रात भर आसमान में सुनाई देने वाली आवाजें संभवतः एयर डिफेंस सिस्टम की थीं जो इस्फ़हान के आसमान में कई मिनी ड्रोनों को निशाना बना रही थीं।

ईरान के दूसरे सरकारी प्रसारक आईआरआईबी2 ने सुबह इस्फ़हान से लगातार लाइव फ़ीड चलाया।

फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि शहर का परमाणु इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह सुरक्षित है।

ईरान के सशस्त्र बलों से जुड़े तस्नीम समाचार एजेंसी ने कई वीडियो में इस्फ़हान के वायु सेना अड्डे, हवाई अड्डे और परमाणु सुविधाओं को दिखाया जिसमें वहां शांति दिखायी जा रही थी।

तेहरान, इस्फ़हान, शिराज और पश्चिमी प्रांतों से उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई थी लेकिन फिर उन्हें थोड़ी देर बाद ही शुरू कर दिया गया।

इसराइल का ईरान पर हमला: अब तक क्या-क्या हुआ?

शुक्रवार, 19 अप्रैल 2024

इसराइली हमले के बाद ईरान जाने वाली कुछ उड़ान सेवाओं को कुछ देर के लिए रोके जाने के बाद फिर से शुरू कर दिया गया है।

जर्मन विमान सेवा लुफ़्तांसा ने इसराइल और इराक़ के लिए शनिवार, 20 अप्रैल 2024 तक उड़ान सेवाएं रोक दी हैं।

भारत की एयर इंडिया ने भी 30 अप्रैल 2024 तक तेल अवीव जाने वाली सभी फ्लाइट रद्द कर दी है।

ऑस्ट्रियन एयरलाइंस ने तेल अवीव, इर्बिल (उत्तरी इराक़) अम्मान (जॉर्डन) के लिए सेवाएं स्थगित की हैं। दोनों ही उड़ान सेवाओं ने कहा है कि इस महीने के आख़िर तक (30 अप्रैल 2024) वे तेहरान और बेरूत के लिए सर्विस नहीं देंगी।

ईरान के इस्फ़हान शहर के एयर डिफेंस सिस्टम के कमांडर सियावश मिहानदूस्त ने सरकारी टेलीविजन को बताया है कि शुक्रवार, 19 अप्रैल 2024 की सुबह हुए एक हमले को नाकाम कर दिया गया है।

सियावश मिहानदूस्त ने कहा कि इस्फ़हान में शुक्रवार, 19 अप्रैल 2024 की सुबह जो आवाज़ें सुनी गई थीं, वो कोई धमाका नहीं था।

इसराइल की ताज़ा कार्रवाई के बाद रूस ने कहा है कि वो तेल अवीव और तेहरान दोनों ही के संपर्क में है।

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोफ़ ने कहा कि रूस ने इसराइल को स्पष्ट कर दिया है कि ईरान इस मुद्दे को अब और नहीं बढ़ाना चाहता है।

इसराइल के पड़ोसी देश जॉर्डन ने 'क्षेत्रीय तनाव के ख़तरे' को लेकर आगाह किया है।

जॉर्डन ने ईरान और इसराइल की एक दूसरे के ख़िलाफ़ की गई कार्रवाई को ख़त्म करने की भी अपील की है।

उधर, पेरिस में पुलिस ने ईरानी दूतावास में दाखिल होने वाले एक शख़्स को गिरफ़्तार किया है।

फ्रांसीसी मीडिया ने एक प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से बताया है कि एक संदिग्ध व्यक्ति ईरानी दूतावास में घुस रहा था।

प्रत्यक्षदर्शी का कहना था कि संदिग्ध व्यक्ति के हाथ में ग्रेनेड या कोई विस्फोटक था।

ईरानी सेना के प्रमुख मेजर जनरल सैयद अब्दुलरहीम मुसावी ने इस्फ़हान के धमाके पर ईरानी टीवी को इंटरव्यू दिया है।

मेजर जनरल सैयद अब्दुलरहीम मुसावी ने कहा कि धमाकों की आवाज़ दरअसल एंटी एयरक्राफ्ट डिफेंस सिस्टम से निकली थी जो किसी संदिग्ध चीज़ को देखने के बाद सक्रिय हुई थी।

मेजर जनरल सैयद अब्दुलरहीम मुसावी ने आम लोगों को भरोसा दिलाया कि कोई नुक़सान नहीं हुआ है।

अमेरिका ने भी कहा है कि वो तनाव को कम करने के लिए काम कर रहा है।