बांग्लादेश में शेख़ हसीना से सत्ता छिनने में भूमिका के आरोपों पर अमेरिका ने क्या कहा?
मंगलवार, 13 अगस्त 2024
अमेरिका ने बांग्लादेश में शेख़ हसीना से सत्ता छिनने के पीछे अपनी भूमिका होने के आरोपों को सिरे से ख़ारिज किया है। अमेरिका ने इसे सिर्फ़ और सिर्फ़ अफ़वाह बताया है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव करिन जीन-पियरे ने कहा, "हमारी इसमें बिलकुल भी संलिप्तता नहीं है। ऐसी कोई भी रिपोर्ट झूठी है, जिसमें कहा गया है कि हालिया घटनाओं में (बांग्लादेश में सत्ता बदलने) अमेरिकी सरकार का हाथ है। सब अफवाह है।''
करिन जीन-पियरे ने कहा, "ये विकल्प खुद बांग्लादेश के नागरिकों ने अपने लिए चुना है। हमारा मानना है कि बांग्लादेश के लोगों को वहां की सरकार का भविष्य निर्धारित करना चाहिए। जैसा कि मैंने कहा और कहती रहूंगी कि कोई भी आरोप सच नहीं है।''
बांग्लादेश में छात्र कई महीनों से आरक्षण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। जो इतना बढ़ा कि 5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना को इस्तीफ़ा देना पड़ा। शेख़ हसीना को देश छोड़ कर भागना पड़ा।
इसके बाद सेना ने अंतरिम सरकार बनाने का ऐलान किया।
अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार के रूप में नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को चुना गया है।
यूक्रेन ने रूस में एक हज़ार किलोमीटर अंदर घुसने का दावा किया, पुतिन ने क्या कहा?
मंगलवार, 13 अगस्त 2024
यूक्रेन ने दावा किया है कि उसकी सेना रूस में 1000 स्क्वॉयर किलोमीटर भीतर घुस गई है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस हमले को "उकसावे वाला बड़ा कदम" बताया। पुतिन ने रूसी सेना को आदेश दिया कि "दुश्मन को हमारे क्षेत्र से बाहर निकाला" जाए।
इस बीच यूक्रेन के सैनिक कुर्स्क क्षेत्र में मौजूद हैं। यहां दोनों देशों की सेनाओं के बीच बीते करीब एक हफ्ते से संघर्ष हो रहा है।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन के वरिष्ठ कमांडर अलेक्ज़ेंडर सिर्स्की ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की को इसकी जानकारी दी।
अलेक्ज़ेंडर सिर्स्की ने एक वीडियो लिंक के ज़रिए ज़ेलेंस्की से कहा कि रूसी ज़मीन पर चढ़ाई अभी जारी है।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ी संख्या में लोगों को पश्चिमी रूसी क्षेत्र से निकाला जा चुका है। अभी 59 हज़ार और लोगों से क्षेत्र खाली करने को कहा गया।
कुर्स्क के स्थानीय गवर्नर ने कहा कि क्षेत्र में करीब 28 गांव हैं, जहां तक यूक्रेनी सेना पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि 12 नागरिक मारे गए हैं और स्थिति अब भी मुश्किल बनी हुई है।
यूक्रेनी सैनिकों ने मंगलवार, 6 अगस्त 2024 को रूस के भीतर घुसना शुरू किया था।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूस दूसरों तक युद्ध लेकर आया था और अब वही युद्ध उसके पास वापस लौट रहा है।
इसराइल की रक्षा के लिए अमेरिका समेत पांच देशों ने साझा बयान जारी किया
मंगलवार, 13 अगस्त 2024
ईरान की धमकियों के बीच इसराइल की रक्षा के लिए अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली ने मध्य पूर्व के हालात पर संयुक्त बयान जारी किया है।
इन सभी देशों ने मध्य पूर्व में तनाव कम करने और ग़ज़ा में युद्धविराम और बंधकों की रिहाई के लिए एक डील तक पहुंचने के लिए अपना पूर्ण समर्थन ज़ाहिर किया।
संयुक्त बयान में कहा गया, "जितना जल्दी संभव हो, हमने एक डील तक पहुंचने के उद्देश्य से इस हफ्ते के अंत में वार्ता फिर से शुरू करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन, मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फ़तह अल सीसी और कतर के अमीर तमीम के संयुक्त आह्वान का समर्थन किया है।''
इसमें कहा गया है, "सभी पक्षों को अपनी ज़िम्मेदारी निभानी चाहिए। साथ ही ग़ज़ा तक बिना रुकावट मदद पहुंचाया जाना ज़रूरी है।''
पांचों देशों ने ईरानी आक्रामकता और उसके समर्थन वाले चरमपंथी संगठनों के खिलाफ इसराइल की रक्षा के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया।
इन्होंने ईरान की तरफ से इसराइल के खिलाफ सैन्य हमलों की लगातार मिल रही धमकियों को रोकने का आह्वान किया गया है।
इसके साथ ही इस तरह के हमले होने पर क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर परिणामों को लेकर भी चर्चा की गई।
इसराइल की रक्षा के लिए अमेरिका ने मध्य पूर्व में एक गाइडेड मिसाइल पनडुब्बी भेजी
सोमवार, 12 अगस्त 2024
अमेरिका ने इसराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच इसराइल की रक्षा के लिए मध्य पूर्व में एक गाइडेड मिसाइल पनडुब्बी भेजी है।
इसराइल की रक्षा के लिए अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन को भी इस इलाके़ में जल्द पहुंचने को कहा है।
यूएसएस अब्राहम लिंकन लड़ाकू विमान एफ-35 से लैस है।
दरअसल हमास और हिज़बुल्लाह के कुछ बड़े नेताओं के मारे जाने के बाद इसराइल और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है।
ईरान ने अपने यहां मारे गए हमास नेता इस्माइल हनिया का बदला लेने का ऐलान किया था। समझा जाता है कि हिज़बुल्लाह इसराइल के कुछ सैन्य ठिकानों को निशाना बना सकता है।
हनिया की मौत के बाद बढ़े तनाव को देखते हुए अमेरिका ने मध्य पूर्व में पनडुब्बी भेजने का फ़ैसला किया है।
अमेरिका ऐसे किसी भी हमले से इसराइल की रक्षा करना चाहता है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री ऑस्टिन ने कहा कि उनका देश अपने सहयोगी देशों के बचाव के लिए हरसंभव क़दम उठाएगा।
इसराइल-हमास संघर्ष: फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन ने संयुक्त बयान जारी किया
सोमवार, 12 अगस्त 2024
फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन के राष्ट्राध्यक्षों ने मध्य पूर्व के हालात पर एक संयुक्त बयान जारी किया है।
इसकी जानकारी ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने अपने एक्स अकाउंट पर दी।
संयुक्त बयान में कहा गया, "हम फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन के नेता युद्धविराम समझौते और बंधकों की रिहाई के लिए हमारे सहयोगी कतर, मिस्र और अमेरिका के कड़े परिश्रम का स्वागत करते हैं। हम युद्धविराम के लिए तत्काल वार्ता शुरू करने की मांग वाले शेख तमीम बिन हमद अल थानी, राष्ट्रपति सीसी और जो बाइडन के संयुक्त बयान का समर्थन करते हैं।''
इसमें लिखा है, "हम मानते हैं कि अब और अधिक देरी नहीं की जा सकती। हम बढ़ते संघर्ष को रोकने के लिए सभी पक्षों के साथ काम कर रहे हैं। तनाव कम करने और स्थिरता का रास्ता तलाशने में कोई कमी नहीं बरती जाएगी।''
तीनों नेताओं की तरफ से कहा गया है, "अब जंग का अंत होना चाहिए और उन सभी बंधकों को रिहा किया जाना चाहिए जिन्हें हमास ने अब तक बंधक बनाया हुआ है। ग़ज़ा के लोगों को तत्काल मदद की ज़रूरत है।''
इसमें आगे लिखा है, "हम क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर चिंतित हैं। संघर्ष को ख़त्म करने और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एकजुट हैं। इस मसले पर हम ईरान और उसके सहयोगियों से कहना चाहते हैं कि वो ऐसे हमले करने से बचें, जो क्षेत्र में न केवल तनाव बढ़ा सकते हैं बल्कि युद्धविराम पर सहमति और बंधकों की रिहाई को भी ख़तरे में डाल सकते हैं।''
ईरान और उसके सहयोगियों के लिए लिखा है, "वो शांति और स्थिरता के इस अवसर को ख़तरे में डालने के लिए ज़िम्मेदारी होंगे। मध्य पूर्व में और अधिक तनाव बढ़ने से किसी भी देश का भला नहीं होगा।''
बांग्लादेश के गृह मामलों के सलाहकार सखावत हुसैन ने अल्पसंख्यकों से माफ़ी मांगी
सोमवार, 12 अगस्त 2024
बांग्लादेश में गृह मामलों के सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल (रिटायर्ड) एम सखावत हुसैन ने अल्पसंख्यकों को सुरक्षा देने में नाकामी पर माफ़ी मांगी है।
सखावत हुसैन ने कहा, ''अल्पसंख्यकों को सुरक्षा देना बहुसंख्यकों की ज़िम्मेदारी है। लेकिन वो उन्हें सुरक्षा देने में नाकाम रहे। आप मस्जिद में जाकर पांच बार नमाज पढ़ते हैं लेकिन अल्पसंख्यकों को सुरक्षा नहीं दे पाए। ये हमारे धर्म में है। अल्पंसख्यकों को सुरक्षा देना आपकी जिम्मेदारी है। आप नाकाम रहे। इसका जवाब देना होगा।''
सखावत हुसैन ने कहा, ''मैं अपने अल्पसंख्यक भाइयों से माफ़ी चाहता हूं। भाई हमें माफ़ करें। अभी भी हमारे यहां हालात अस्थिर हैं। हम हर जगह आपको सुरक्षा नहीं दे पाए। कुछ जगहों पर सिविल सोसाइटी के लोगों ने अल्पसंख्यकों को सुरक्षा दी है। पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स की हालत अभी भी अच्छी नहीं है। लेकिन हालात सुधरेंगे।''
सखावत हुसैन ने जन्माष्टमी पूजा के लिए सभी तरह के सुरक्षा इंतजाम करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने दुर्गा पूजा की छुट्टी तीन दिन तक बढ़ाने का भी सुझाव दिया।
सखावत हुसैन ने कहा, ''पुलिस,अंसार, बीजीबी पूजा में जितनी सुरक्षा चाहेंगे, मुहैया कराएंगे। इस मामले में जिला प्रशासक जिम्मेदारी लेंगे। हमारा काम हर किसी की रक्षा करना है, चाहे वह हिंदू हो, मुस्लिम हो, ईसाई हो। मुझे उम्मीद है कि वे मेरी बातों से आश्वस्त होंगे।''
सखावत हुसैन ने यह भी कहा, ''हम नहीं चाहते कि कोई तीसरा पक्ष देश को बदनाम करे। कई लोग कहते हैं कि वे वहां (भारत) जाएंगे। लेकिन कोई भी दोयम दर्जे का नागरिक नहीं बनना चाहता।''
बांग्लादेश के मुख्य न्यायाधीश ओबैदुल हसन ने इस्तीफ़ा दिया
बांग्लादेश में छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट का घेराव किया, मुख्य न्यायाधीश के इस्तीफ़े की मांग
शनिवार, 10 अगस्त 2024
बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के गठन के बाद भी छात्रों का प्रदर्शन रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
शनिवार, 10 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में प्रदर्शनकारी छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट का घेराव किया है।
बीबीसी बांग्ला सेवा के संवाददाता अकबर हुसैन के मुताबिक प्रदर्शन कर रहे हज़ारों छात्र बांग्लादेश के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के इस्तीफे़ की मांग कर रहे हैं।
छात्रों का आरोप है कि बांग्लादेश के मुख्य न्यायाधीश बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के पक्ष में न्यायिक तख़्तापलट करने के लिए काम कर रहे हैं।
इससे पहले बांग्लादेश में अंतरिम सरकार का गठन किया गया था। नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के तौर पर शपथ ली थी।
प्रोफ़ेसर मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में नामित करने का फ़ैसला बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन, सैन्य नेताओं और छात्र नेताओं के बीच हुई बैठक के बाद लिया गया था।
बांग्लादेश के मुख्य न्यायाधीश ओबैदुल हसन ने इस्तीफ़ा दिया
शनिवार, 10 अगस्त 2024
बांग्लादेश के मुख्य न्यायाधीश ओबैदुल हसन ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। बांग्लादेशी न्याय मंत्रालय के सलाहकार आसिफ़ नज़रुल ने जानकारी दी है कि उनका इस्तीफ़ा क़ानून और न्याय मंत्रालय तक पहुंच गया है।
आसिफ़ नज़रुल ने बताया कि उनके इस्तीफ़े को राष्ट्रपति कार्यालय भेज दिया गया है।
आरक्षण विरोधी आंदोलन में भाग ले रहे छात्रों ने बांग्लादेश के मुख्य न्यायाधीश ओबैदुल हसन के साथ-साथ अपीलीय प्रभाग के न्यायाधीशों को शनिवार, 10 अगस्त 2024 की दोपहर एक बजे तक इस्तीफ़ा देने का अल्टीमेटम दिया था।
बीबीसी दक्षिण एशिया संवाददाता समीरा हुसैन ने जानकारी दी है कि शनिवार, 10 अगस्त 2024 की सुबह हज़ारों की संख्या में प्रदर्शनकारी छात्र बांग्लादेश के मुख्य न्यायाधीश के इस्तीफ़े की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट परिसर में आ गए थे।
इस विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों वकीलों ने भी हिस्सा लिया।
वहीं आरक्षण विरोधी आंदोलन के संयोजक आसिफ़ महमूद ने मुख्य न्यायाधीश को फ़ासीवादी बताते हुए फुल कोर्ट मीटिंग रोकने और उनके इस्तीफे़ की मांग करने का अल्टीमेटम दिया था।
बांग्लादेश में पिछले कुछ सप्ताह से आरक्षण विरोधी आंदोलन हो रहे हैं। इनमें अभी तक सैकड़ों लोगों की जान भी जा चुकी है। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना को भी भारी विरोध के चलते प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने और अपनी जान बचाने के लिए अपनी बहन शेख़ रेहाना के साथ देश छोड़ कर भागने के लिए मजबूर होना पड़ा।
इसके बाद बांग्लादेश के नोबल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया। शुक्रवार, 9 अगस्त 2024 की शाम मुहम्मद यूनुस ने पद की शपथ ली जिसके बाद मुहम्मद यूनुस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
ग़ज़ा में एक स्कूल पर इसराइली हमले में 90 से अधिक लोगों की मौत
शनिवार, 10 अगस्त 2024
हमास की सिविल डिफेंस एजेंसी का कहना है कि ग़ज़ा स्थित एक स्कूल में बनाए गए शेल्टर में इसराइली हमले में कई लोगों की मौत हुई है।
इसराइल की सेना ने कहा है कि उसने स्कूल में संचालित किए जा रहे हमास के कमांड और कंट्रोल सेंटर को निशाना बनाकर हमला किया है।
ग़ज़ा की सिविल डिफेंस एजेंसी का कहना है कि दराज ज़िले में हुए हमले में कम से कम 90 लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हैं।
सिविल डिफेंस एजेंसी के प्रवक्ता महमूद बासल ने एएफपी समाचार एजेंसी को बताया है कि मरने वालों की संख्या 90-100 के बीच हो सकती है और कई लोग घायल हैं।
तीन इसराइली रॉकेट्स ने उस स्कूल पर हमला किया जहां फ़लस्तीन के विस्थापित लोगों को रखा गया था।
इससे पहले टेलीग्राम पर किए गए एक पोस्ट में सिविल डिफेंस के प्रवक्ता ने इसे 'कत्लेआम' बताया था।
इसराइली सेना का कहना है कि उसने अल-ताबाईन स्कूल में स्थित हमास कमांड और कंट्रोल सेंटर के भीतर सक्रिय हमास के आतंकवादियों पर हमला किया है।
ग़ज़ा के स्कूल पर इसराइल का हमला, दर्जनों लोगों की मौत
शनिवार, 10 अगस्त 2024
ग़ज़ा के एक अस्पताल के निदेशक ने बीबीसी को बताया है कि ग़ज़ा शहर में विस्थापित फिलिस्तीनियों को आश्रय देने वाले एक स्कूल भवन पर इजरायली हवाई हमले में 70 से अधिक लोग मारे गए हैं।
वहीं इसराइली सेना (आईडीएफ़) के एक प्रवक्ता का कहना है कि अल-तबाईन स्कूल हमास और इस्लामिक जिहाद के लिए काम कर रहा था और वहां लगभग 20 उग्रवादी सक्रिय थे।
समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक़, ग़ज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय की एंबुलेंस सेवा ने बताया है कि इस हमले में 60 से भी ज़्यादा लोग मारे गए हैं और 47 से भी ज़्यादा लोग घायल हुए हैं। वहीं ग़ज़ा नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने कहा था कि इस हमले में कम से कम 90 लोगों की जान गई हैं।
पिछले कुछ दिनों में इसराइल ने ग़ज़ा में स्कूलों पर ऐसे कई हमलों को अंज़ाम दिया है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़ इसराइल ने 6 जुलाई 2024 तक ग़ज़ा में 564 स्कूलों में से 477 पर सीधे तौर पर हमला किया या फिर उन्हें नुक़सान पहुंचाया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक़ अल-तबाईन स्कूल को मस्जिद के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता था और इसराइली हमला सुबह की नमाज़ के दौरान हुआ था।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को लेकर अमेरिका ने क्या कहा?
शनिवार, 10 अगस्त 2024
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के इस्तीफ़ा देकर देश छोड़ने के बाद बांग्लादेश में अंतरिम सरकार का गठन कर दिया गया है।
नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का मुख्य सलाहकार बनाया गया है।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को लेकर अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने मोहम्मद यूनुस का स्वागत किया है।
एंटनी ब्लिंकन ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए मोहम्मद यूनुस के शपथ लेने का मैं स्वागत करता हूं।
एंटनी ब्लिंकन ने कहा, ''अमेरिका उनकी शांति के लिए की गई अपील का समर्थन करता है।''
ब्लिंकन ने कहा, ''बांग्लादेश के लोगों के लोकतांत्रिक और समृद्ध भविष्य के लिए अमेरिका बांग्लादेश के साथ काम करने लिए प्रतिबद्ध है।''
प्रोफ़ेसर यूनुस को अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में नामित करने का फ़ैसला बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन, सैन्य नेताओं और छात्र नेताओं के बीच हुई बैठक के बाद लिया गया था।
प्रोफ़ेसर मोहम्मद यूनुस ने कहा, आज हमें दूसरी आज़ादी मिल गई है
गुरुवार, 8 अगस्त 2024
बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस अपना कार्यभार संभालने के लिए अपने देश पहुंच गए हैं। मोहम्मद यूनुस ढाका एयरपोर्ट पर वमान से उतरे हैं।
बांग्लादेश पहुंचते ही मुहम्मद यूनुस ने कहा कि अभी देश में बहुत काम किया जाना है। मुहम्मद यूनुस ने बीबीसी से बात करते हुए कहा कि बांग्लादेश के लोग उत्साहित हैं।
प्रोफ़ेसर मुहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में नामित करने का फ़ैसला बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन, सैन्य नेताओं और छात्र नेताओं के बीच हुई बैठक के बाद लिया गया।
बांग्लादेशी छात्रों का कहना था कि वे सैन्य नेतृत्व वाली सरकार को स्वीकार नहीं करेंगे।
विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करने वाले छात्रों ने अंतरिम सरकार में प्रधान सलाहकार के तौर पर मोहम्मद यूनुस का नाम प्रस्तावित किया था।
मोहम्मद यूनुस ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे आज हमें दूसरी आज़ादी मिल गई है।
मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश में कानून व्यवस्था को बहाल करने की अपील भी की। पिछले कुछ दिनों से बांग्लादेश में उथल-पुथल भरा माहौल देखने को मिल रहा है।
जून 2024 में शुरू हुए आरक्षण विरोधी प्रदर्शनों में अभी तक सैंकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहीं शेख़ हसीना को भी बांग्लादेश छोड़ कर भागने पर मजबूर होना पड़ा।
शेख़ हसीना के भारत आने के कार्यक्रम के बारे में भारत ने क्या कहा?
गुरुवार, 8 अगस्त 2024
भारत सरकार ने कहा है कि उनको बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के कार्यक्रम के बारे में जानकारी नहीं थी।
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस ब्रीफ़िंग के दौरान यह जानकारी दी।
रणधीर जयसवाल ने प्रेस ब्रीफ़िंग में कहा, ''भारत विदेश मंत्री ने संसद में बताया है कि एक शॉर्ट नोटिस पर शेख़ हसीना को भारत आने की मंजूरी दी गई थी। यहां भी जो स्थितियां हैं वो अभी बदल रही हैं।''
रणधीर जयसवाल ने कहा, "अभी स्थितियां बदल रही हैं. आज शाम को अंतरिम सरकार शपथ लेगी। जब एक बार सारी चीजें हो जाएंगी। मैं बता दूं कि भारत और यहां के लोगों के लिए बांग्लादेश के लोगों का हित सबसे ऊपर है।''
रणधीर जयसवाल ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर कहा, "हम अल्पसंख्यकों की स्थिति पर भी नज़र रख रहे हैं। ऐसी भी रिपोर्ट हैं कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए अलग अलग समूहों और संगठनों ने कई पहल की हैं।''
रणधीर जयसवाल ने कहा कि लेकिन स्वाभाविक रूप से हम तब तक बहुत चिंतित रहेंगे जब तक कानून और व्यवस्था स्पष्ट रूप से बहाल नहीं हो जाती और हम यह भी स्पष्ट करना चाहते हैं कि हर सरकार की जिम्मेदारी है कि वह अपने सभी नागरिकों की भलाई सुनिश्चित करें।
बांग्लादेश: प्रोफ़ेसर मोहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार के प्रधान सलाहकार की शपथ ली
गुरुवार, 8 अगस्त 2024
बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के प्रधान सलाहकार के पद पर नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने शपथ ले ली है।
अपना कार्यभार संभालने के लिए मोहम्मद यूनुस गुरुवार, 8 अगस्त 2024 को ही बांग्लादेश पहुँचे थे। ढाका पहुंचते ही मोहम्मद यूनुस ने कहा था कि अभी देश में बहुत काम किया जाना है। मोहम्मद यूनुस ने बीबीसी से बात करते हुए कहा कि बांग्लादेश के लोग उत्साहित हैं।
प्रोफ़ेसर मुहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में नामित करने का फ़ैसला बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन, सैन्य नेताओं और छात्र नेताओं के बीच हुई बैठक के बाद लिया गया।
बांग्लादेशी छात्रों का कहना था कि वे सैन्य नेतृत्व वाली सरकार को स्वीकार नहीं करेंगे।
विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करने वाले छात्रों ने अंतरिम सरकार में प्रधान सलाहकार के तौर पर मोहम्मद यूनुस का नाम प्रस्तावित किया था।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोहम्मद यूनुस को बधाई दी
गुरुवार, 8 अगस्त 2024
बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के प्रधान सलाहकार के रूप में नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने शपथ ले ली है।
इस मौके पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनको बधाई दी है।
नरेंद्र मोदी ने एक पोस्ट में बधाई देते हुए लिखा, ''प्रोफ़ेसर मोहम्मद यूनुस को उनकी नई जिम्मेदारियाँ संभालने पर मेरी शुभकामनाएँ।''
मोदी ने लिखा, "हम उम्मीद करते हैं कि हिंदुओं और अन्य सभी अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए जल्द ही हालात सामान्य होंगे। भारत बांग्लादेश के साथ मिलकर दोनों देशों के लोगों की साझा आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।''
बांग्लादेश में कई हफ़्तों से चल रही अशांति और राजनीतिक उथल पुथल का एक अध्याय पांच अगस्त 2024 को ख़त्म हुआ जब तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने अपने पद से इस्तीफ़ा देकर देश छोड़ कर भाग गई और भारत में शरण ली।
शेख़ हसीना भारत में ही सुरक्षित जगह पर हैं और शेख़ हसीना पश्चिमी देशों में राजनीतिक शरण लेने की कोशिश कर रही हैं।
इस घटनाक्रम के बाद बांग्लादेश के सेना के अध्यक्ष जनरल वक़ार-उज़-ज़मान ने देश में एक अंतरिम सरकार बनाए जाने की घोषणा की थी।
विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करने वाले छात्रों ने अंतरिम सरकार में प्रधान सलाहकार के तौर पर मोहम्मद यूनुस का नाम प्रस्तावित किया था।









