बांग्लादेश के गृह मामलों के सलाहकार सखावत हुसैन ने अल्पसंख्यकों से माफ़ी मांगी
सोमवार, 12 अगस्त 2024
बांग्लादेश में गृह मामलों के सलाहकार ब्रिगेडियर जनरल (रिटायर्ड) एम सखावत हुसैन ने अल्पसंख्यकों को सुरक्षा देने में नाकामी पर माफ़ी मांगी है।
सखावत हुसैन ने कहा, ''अल्पसंख्यकों को सुरक्षा देना बहुसंख्यकों की ज़िम्मेदारी है। लेकिन वो उन्हें सुरक्षा देने में नाकाम रहे। आप मस्जिद में जाकर पांच बार नमाज पढ़ते हैं लेकिन अल्पसंख्यकों को सुरक्षा नहीं दे पाए। ये हमारे धर्म में है। अल्पंसख्यकों को सुरक्षा देना आपकी जिम्मेदारी है। आप नाकाम रहे। इसका जवाब देना होगा।''
सखावत हुसैन ने कहा, ''मैं अपने अल्पसंख्यक भाइयों से माफ़ी चाहता हूं। भाई हमें माफ़ करें। अभी भी हमारे यहां हालात अस्थिर हैं। हम हर जगह आपको सुरक्षा नहीं दे पाए। कुछ जगहों पर सिविल सोसाइटी के लोगों ने अल्पसंख्यकों को सुरक्षा दी है। पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स की हालत अभी भी अच्छी नहीं है। लेकिन हालात सुधरेंगे।''
सखावत हुसैन ने जन्माष्टमी पूजा के लिए सभी तरह के सुरक्षा इंतजाम करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने दुर्गा पूजा की छुट्टी तीन दिन तक बढ़ाने का भी सुझाव दिया।
सखावत हुसैन ने कहा, ''पुलिस,अंसार, बीजीबी पूजा में जितनी सुरक्षा चाहेंगे, मुहैया कराएंगे। इस मामले में जिला प्रशासक जिम्मेदारी लेंगे। हमारा काम हर किसी की रक्षा करना है, चाहे वह हिंदू हो, मुस्लिम हो, ईसाई हो। मुझे उम्मीद है कि वे मेरी बातों से आश्वस्त होंगे।''
सखावत हुसैन ने यह भी कहा, ''हम नहीं चाहते कि कोई तीसरा पक्ष देश को बदनाम करे। कई लोग कहते हैं कि वे वहां (भारत) जाएंगे। लेकिन कोई भी दोयम दर्जे का नागरिक नहीं बनना चाहता।''
बांग्लादेश के मुख्य न्यायाधीश ओबैदुल हसन ने इस्तीफ़ा दिया
बांग्लादेश में छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट का घेराव किया, मुख्य न्यायाधीश के इस्तीफ़े की मांग
शनिवार, 10 अगस्त 2024
बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के गठन के बाद भी छात्रों का प्रदर्शन रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
शनिवार, 10 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में प्रदर्शनकारी छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट का घेराव किया है।
बीबीसी बांग्ला सेवा के संवाददाता अकबर हुसैन के मुताबिक प्रदर्शन कर रहे हज़ारों छात्र बांग्लादेश के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के इस्तीफे़ की मांग कर रहे हैं।
छात्रों का आरोप है कि बांग्लादेश के मुख्य न्यायाधीश बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के पक्ष में न्यायिक तख़्तापलट करने के लिए काम कर रहे हैं।
इससे पहले बांग्लादेश में अंतरिम सरकार का गठन किया गया था। नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के तौर पर शपथ ली थी।
प्रोफ़ेसर मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में नामित करने का फ़ैसला बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन, सैन्य नेताओं और छात्र नेताओं के बीच हुई बैठक के बाद लिया गया था।
बांग्लादेश के मुख्य न्यायाधीश ओबैदुल हसन ने इस्तीफ़ा दिया
शनिवार, 10 अगस्त 2024
बांग्लादेश के मुख्य न्यायाधीश ओबैदुल हसन ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। बांग्लादेशी न्याय मंत्रालय के सलाहकार आसिफ़ नज़रुल ने जानकारी दी है कि उनका इस्तीफ़ा क़ानून और न्याय मंत्रालय तक पहुंच गया है।
आसिफ़ नज़रुल ने बताया कि उनके इस्तीफ़े को राष्ट्रपति कार्यालय भेज दिया गया है।
आरक्षण विरोधी आंदोलन में भाग ले रहे छात्रों ने बांग्लादेश के मुख्य न्यायाधीश ओबैदुल हसन के साथ-साथ अपीलीय प्रभाग के न्यायाधीशों को शनिवार, 10 अगस्त 2024 की दोपहर एक बजे तक इस्तीफ़ा देने का अल्टीमेटम दिया था।
बीबीसी दक्षिण एशिया संवाददाता समीरा हुसैन ने जानकारी दी है कि शनिवार, 10 अगस्त 2024 की सुबह हज़ारों की संख्या में प्रदर्शनकारी छात्र बांग्लादेश के मुख्य न्यायाधीश के इस्तीफ़े की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट परिसर में आ गए थे।
इस विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों वकीलों ने भी हिस्सा लिया।
वहीं आरक्षण विरोधी आंदोलन के संयोजक आसिफ़ महमूद ने मुख्य न्यायाधीश को फ़ासीवादी बताते हुए फुल कोर्ट मीटिंग रोकने और उनके इस्तीफे़ की मांग करने का अल्टीमेटम दिया था।
बांग्लादेश में पिछले कुछ सप्ताह से आरक्षण विरोधी आंदोलन हो रहे हैं। इनमें अभी तक सैकड़ों लोगों की जान भी जा चुकी है। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना को भी भारी विरोध के चलते प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने और अपनी जान बचाने के लिए अपनी बहन शेख़ रेहाना के साथ देश छोड़ कर भागने के लिए मजबूर होना पड़ा।
इसके बाद बांग्लादेश के नोबल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया। शुक्रवार, 9 अगस्त 2024 की शाम मुहम्मद यूनुस ने पद की शपथ ली जिसके बाद मुहम्मद यूनुस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
ग़ज़ा में एक स्कूल पर इसराइली हमले में 90 से अधिक लोगों की मौत
शनिवार, 10 अगस्त 2024
हमास की सिविल डिफेंस एजेंसी का कहना है कि ग़ज़ा स्थित एक स्कूल में बनाए गए शेल्टर में इसराइली हमले में कई लोगों की मौत हुई है।
इसराइल की सेना ने कहा है कि उसने स्कूल में संचालित किए जा रहे हमास के कमांड और कंट्रोल सेंटर को निशाना बनाकर हमला किया है।
ग़ज़ा की सिविल डिफेंस एजेंसी का कहना है कि दराज ज़िले में हुए हमले में कम से कम 90 लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हैं।
सिविल डिफेंस एजेंसी के प्रवक्ता महमूद बासल ने एएफपी समाचार एजेंसी को बताया है कि मरने वालों की संख्या 90-100 के बीच हो सकती है और कई लोग घायल हैं।
तीन इसराइली रॉकेट्स ने उस स्कूल पर हमला किया जहां फ़लस्तीन के विस्थापित लोगों को रखा गया था।
इससे पहले टेलीग्राम पर किए गए एक पोस्ट में सिविल डिफेंस के प्रवक्ता ने इसे 'कत्लेआम' बताया था।
इसराइली सेना का कहना है कि उसने अल-ताबाईन स्कूल में स्थित हमास कमांड और कंट्रोल सेंटर के भीतर सक्रिय हमास के आतंकवादियों पर हमला किया है।
ग़ज़ा के स्कूल पर इसराइल का हमला, दर्जनों लोगों की मौत
शनिवार, 10 अगस्त 2024
ग़ज़ा के एक अस्पताल के निदेशक ने बीबीसी को बताया है कि ग़ज़ा शहर में विस्थापित फिलिस्तीनियों को आश्रय देने वाले एक स्कूल भवन पर इजरायली हवाई हमले में 70 से अधिक लोग मारे गए हैं।
वहीं इसराइली सेना (आईडीएफ़) के एक प्रवक्ता का कहना है कि अल-तबाईन स्कूल हमास और इस्लामिक जिहाद के लिए काम कर रहा था और वहां लगभग 20 उग्रवादी सक्रिय थे।
समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक़, ग़ज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय की एंबुलेंस सेवा ने बताया है कि इस हमले में 60 से भी ज़्यादा लोग मारे गए हैं और 47 से भी ज़्यादा लोग घायल हुए हैं। वहीं ग़ज़ा नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने कहा था कि इस हमले में कम से कम 90 लोगों की जान गई हैं।
पिछले कुछ दिनों में इसराइल ने ग़ज़ा में स्कूलों पर ऐसे कई हमलों को अंज़ाम दिया है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़ इसराइल ने 6 जुलाई 2024 तक ग़ज़ा में 564 स्कूलों में से 477 पर सीधे तौर पर हमला किया या फिर उन्हें नुक़सान पहुंचाया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक़ अल-तबाईन स्कूल को मस्जिद के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता था और इसराइली हमला सुबह की नमाज़ के दौरान हुआ था।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को लेकर अमेरिका ने क्या कहा?
शनिवार, 10 अगस्त 2024
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के इस्तीफ़ा देकर देश छोड़ने के बाद बांग्लादेश में अंतरिम सरकार का गठन कर दिया गया है।
नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का मुख्य सलाहकार बनाया गया है।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को लेकर अमेरिका के विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने मोहम्मद यूनुस का स्वागत किया है।
एंटनी ब्लिंकन ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए मोहम्मद यूनुस के शपथ लेने का मैं स्वागत करता हूं।
एंटनी ब्लिंकन ने कहा, ''अमेरिका उनकी शांति के लिए की गई अपील का समर्थन करता है।''
ब्लिंकन ने कहा, ''बांग्लादेश के लोगों के लोकतांत्रिक और समृद्ध भविष्य के लिए अमेरिका बांग्लादेश के साथ काम करने लिए प्रतिबद्ध है।''
प्रोफ़ेसर यूनुस को अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में नामित करने का फ़ैसला बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन, सैन्य नेताओं और छात्र नेताओं के बीच हुई बैठक के बाद लिया गया था।
प्रोफ़ेसर मोहम्मद यूनुस ने कहा, आज हमें दूसरी आज़ादी मिल गई है
गुरुवार, 8 अगस्त 2024
बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस अपना कार्यभार संभालने के लिए अपने देश पहुंच गए हैं। मोहम्मद यूनुस ढाका एयरपोर्ट पर वमान से उतरे हैं।
बांग्लादेश पहुंचते ही मुहम्मद यूनुस ने कहा कि अभी देश में बहुत काम किया जाना है। मुहम्मद यूनुस ने बीबीसी से बात करते हुए कहा कि बांग्लादेश के लोग उत्साहित हैं।
प्रोफ़ेसर मुहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में नामित करने का फ़ैसला बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन, सैन्य नेताओं और छात्र नेताओं के बीच हुई बैठक के बाद लिया गया।
बांग्लादेशी छात्रों का कहना था कि वे सैन्य नेतृत्व वाली सरकार को स्वीकार नहीं करेंगे।
विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करने वाले छात्रों ने अंतरिम सरकार में प्रधान सलाहकार के तौर पर मोहम्मद यूनुस का नाम प्रस्तावित किया था।
मोहम्मद यूनुस ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे आज हमें दूसरी आज़ादी मिल गई है।
मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश में कानून व्यवस्था को बहाल करने की अपील भी की। पिछले कुछ दिनों से बांग्लादेश में उथल-पुथल भरा माहौल देखने को मिल रहा है।
जून 2024 में शुरू हुए आरक्षण विरोधी प्रदर्शनों में अभी तक सैंकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं बांग्लादेश की प्रधानमंत्री रहीं शेख़ हसीना को भी बांग्लादेश छोड़ कर भागने पर मजबूर होना पड़ा।
शेख़ हसीना के भारत आने के कार्यक्रम के बारे में भारत ने क्या कहा?
गुरुवार, 8 अगस्त 2024
भारत सरकार ने कहा है कि उनको बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के कार्यक्रम के बारे में जानकारी नहीं थी।
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस ब्रीफ़िंग के दौरान यह जानकारी दी।
रणधीर जयसवाल ने प्रेस ब्रीफ़िंग में कहा, ''भारत विदेश मंत्री ने संसद में बताया है कि एक शॉर्ट नोटिस पर शेख़ हसीना को भारत आने की मंजूरी दी गई थी। यहां भी जो स्थितियां हैं वो अभी बदल रही हैं।''
रणधीर जयसवाल ने कहा, "अभी स्थितियां बदल रही हैं. आज शाम को अंतरिम सरकार शपथ लेगी। जब एक बार सारी चीजें हो जाएंगी। मैं बता दूं कि भारत और यहां के लोगों के लिए बांग्लादेश के लोगों का हित सबसे ऊपर है।''
रणधीर जयसवाल ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति पर कहा, "हम अल्पसंख्यकों की स्थिति पर भी नज़र रख रहे हैं। ऐसी भी रिपोर्ट हैं कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए अलग अलग समूहों और संगठनों ने कई पहल की हैं।''
रणधीर जयसवाल ने कहा कि लेकिन स्वाभाविक रूप से हम तब तक बहुत चिंतित रहेंगे जब तक कानून और व्यवस्था स्पष्ट रूप से बहाल नहीं हो जाती और हम यह भी स्पष्ट करना चाहते हैं कि हर सरकार की जिम्मेदारी है कि वह अपने सभी नागरिकों की भलाई सुनिश्चित करें।
बांग्लादेश: प्रोफ़ेसर मोहम्मद यूनुस ने अंतरिम सरकार के प्रधान सलाहकार की शपथ ली
गुरुवार, 8 अगस्त 2024
बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के प्रधान सलाहकार के पद पर नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने शपथ ले ली है।
अपना कार्यभार संभालने के लिए मोहम्मद यूनुस गुरुवार, 8 अगस्त 2024 को ही बांग्लादेश पहुँचे थे। ढाका पहुंचते ही मोहम्मद यूनुस ने कहा था कि अभी देश में बहुत काम किया जाना है। मोहम्मद यूनुस ने बीबीसी से बात करते हुए कहा कि बांग्लादेश के लोग उत्साहित हैं।
प्रोफ़ेसर मुहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में नामित करने का फ़ैसला बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन, सैन्य नेताओं और छात्र नेताओं के बीच हुई बैठक के बाद लिया गया।
बांग्लादेशी छात्रों का कहना था कि वे सैन्य नेतृत्व वाली सरकार को स्वीकार नहीं करेंगे।
विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करने वाले छात्रों ने अंतरिम सरकार में प्रधान सलाहकार के तौर पर मोहम्मद यूनुस का नाम प्रस्तावित किया था।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोहम्मद यूनुस को बधाई दी
गुरुवार, 8 अगस्त 2024
बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के प्रधान सलाहकार के रूप में नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने शपथ ले ली है।
इस मौके पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनको बधाई दी है।
नरेंद्र मोदी ने एक पोस्ट में बधाई देते हुए लिखा, ''प्रोफ़ेसर मोहम्मद यूनुस को उनकी नई जिम्मेदारियाँ संभालने पर मेरी शुभकामनाएँ।''
मोदी ने लिखा, "हम उम्मीद करते हैं कि हिंदुओं और अन्य सभी अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए जल्द ही हालात सामान्य होंगे। भारत बांग्लादेश के साथ मिलकर दोनों देशों के लोगों की साझा आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।''
बांग्लादेश में कई हफ़्तों से चल रही अशांति और राजनीतिक उथल पुथल का एक अध्याय पांच अगस्त 2024 को ख़त्म हुआ जब तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख़ हसीना ने अपने पद से इस्तीफ़ा देकर देश छोड़ कर भाग गई और भारत में शरण ली।
शेख़ हसीना भारत में ही सुरक्षित जगह पर हैं और शेख़ हसीना पश्चिमी देशों में राजनीतिक शरण लेने की कोशिश कर रही हैं।
इस घटनाक्रम के बाद बांग्लादेश के सेना के अध्यक्ष जनरल वक़ार-उज़-ज़मान ने देश में एक अंतरिम सरकार बनाए जाने की घोषणा की थी।
विरोध प्रदर्शन की अगुवाई करने वाले छात्रों ने अंतरिम सरकार में प्रधान सलाहकार के तौर पर मोहम्मद यूनुस का नाम प्रस्तावित किया था।
बांग्लादेश के नए पुलिस चीफ़ ने जनता से माफ़ी मांगी
बुधवार, 7 अगस्त 2024
बांग्लादेश के नए इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस (आईजीपी) मोहम्मद मोइनुल इस्लाम ने हाल ही में हुए आरक्षण विरोधी छात्र आंदोलनों में पुलिस की भूमिका के लिए खेद जताया है।
मोहम्मद मोइनुल ने सभी घटनाओं की निष्पक्ष जांच का वादा किया है।
आईजीपी मोइनुल इस्लाम ने कहा, "मौजूदा आरक्षण विरोधी आंदोलन में हमारे अधिकारियों ने अपनी ड्यूटी को उम्मीद के मुताबिक़ नहीं निभाया। बांग्लादेश पुलिस की तरफ़ से मैं बतौर चीफ़ ऑफ़ पुलिस सभी से माफ़ी मांगता हूं।''
बांग्लादेश पुलिस के नए आईजीपी का यह भी मानना है कि आंदोलन के दौरान होने वाली घटनाओं के लिए कुछ पुलिस अधिकारी भी ज़िम्मेदार हैं।
मोइनुल इस्लाम ने कहा, "मानवाधिकार से जुड़े उल्लंघन हुए हैं, क्योंकि हमारे कुछ ग़ैरज़िम्मेदार अधिकारियों ने सही से अपना काम नहीं किया। नेतृत्व की विफलता के कारण हमारे कई साथी घायल हुए हैं और कई सारे मारे गए हैं।''
मोइनुल इस्लाम ने कहा कि उन सभी पर पुलिस नियमों और दूसरे क़ानूनों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। हम हर किसी हत्या की निष्पक्ष जांच के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम देश में शांति बहाल करने के लिए कोशिश कर रहे हैं।
मोइनुल इस्लाम ने पुलिस अधिकारियों और जवानों समेत पुलिस की सभी यूनिट्स यानी राजबाग पुलिस लाइन्स, पीओएम, एपीबीएन, सभी मेट्रोपॉलिटन और ज़िला पुलिस लाइन्स को यह निर्देश दिया है कि वे गुरुवार, 8 अगस्त 2024 की शाम तक ड्यूटी पर वापस आ जाएं।
इसके अलावा, महानगर पुलिस कमीश्नरों और ज़िला पुलिस अधीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में वरिष्ठ नागरिकों, पेशेवरों, छात्र प्रतिनिधियों, राजनीतिक और मीडियाकर्मियों को शामिल करते हुए नागरिक सुरक्षा समितियां गठित करने को कहा गया है।
बांग्लादेश के बदलते राजनीतिक हालात पर पाकिस्तान ने क्या कहा?
बुधवार, 7 अगस्त 2024
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वे बांग्लादेश के लोगों के साथ हैं। साथ ही पाकिस्तान ने बांग्लादेश में जल्द ही स्थिति के सामान्य होने की उम्मीद भी जताई है।
बुधवार, 7 अगस्त 2024 को पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान की सरकार और जनता हर मुश्किल घड़ी में बांग्लादेश के लोगों के साथ खड़ी है और उन्हें उम्मीद है कि बांग्लादेश में हालात जल्द ही सामान्य हो जाएंगे।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में आगे कहा गया है कि 'हमारा मानना है कि बांग्लादेशी लोगों की भावना और एकता उन्हें उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाएगी।'
सोमवार, 5 अगस्त 2024 को आंदोलनकारी छात्रों के 'लॉन्ग मार्च टू ढाका' यानी ढाका अभियान के दौरान बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना और उनकी बहन शेख़ रेहाना देश छोड़कर भाग गईं।
वहीं नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस को बांग्लादेश में अंतरिम सरकार का प्रमुख सलाहकार बनाया गया है।
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के देश छोड़ने के बाद सेना प्रमुख ने देश को संबोधित कर अंतरिम सरकार बनाने की बात कही थी।
राष्ट्रपति, सेना और छात्रों के बीच हुई बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया है।
मोहम्मद यूनुस बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का नेतृत्व करेंगे
बुधवार, 7 अगस्त 2024
नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस को बांग्लादेश में अंतरिम सरकार का प्रमुख सलाहकार बनाया गया है।
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख़ हसीना के देश छोड़ने के बाद सेना प्रमुख ने देश को संबोधित कर अंतरिम सरकार बनाने की बात कही थी।
राष्ट्रपति के प्रेस सचिव ने बताया है कि नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुफ को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का प्रमुख बनाया गया है।
राष्ट्रपति, सेना और छात्रों की बीच हुई बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया है।
मोहम्मद यूनुस ने कहा है कि जब इतना बलिदान देने वाले छात्र इस कठिन समय में मुझसे नेतृत्व करने के लिए कह रहे हैं तो मैं कैसे मना कर सकता हूं।
मंगलवार, 6 अगस्त 2024 को बांग्लादेश के पूर्व विदेश मंत्री और अवामी लीग के संयुक्त महासचिव हसन महमूद को हज़रत शाह जलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हिरासत में ले लिया गया।
इससे पहले बांग्लादेश के पूर्व सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जुनैद अहमद पलक को भी हवाई अड्डे से हिरासत में लिया गया था।
हमास ने याह्या सिनवार को अपना शीर्ष नेता चुना
बुधवार, 7 अगस्त 2024
कतर की राजधानी दोहा में दो दिन तक हुई लंबी वार्ता के बाद हमास ने याह्या सिनवार को अपना नया शीर्ष नेता चुना है।
इस्माइल हनिया की ईरान की राजधानी तेहरान में हत्या कर दी गई थी। हनिया की मौत के पीछे इसराइल का हाथ बताया जा रहा है।
2017 से याह्या सिनवार ग़ज़ा पट्टी में एक ग्रुप लीडर के तौर पर काम कर रहे थे अब उन्हें हमास ने अपना शीर्ष नेता चुना है।
हमास के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि हमास के नेतृत्व ने सर्वसम्मति से आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए याह्या सिनवार को अपना नेता चुना है।
मध्य पूर्व में बढ़ रहे तनाव के बीच यह घोषणा हुई है। ईरान और उसके सहयोगियों ने इस्माइल हनिया की मौत के बाद जवाबी कार्रवाई करने की बात कही है।
ईरान और उसके सहयोगी इस्माइल हनिया की मौत के लिए इसराइल को जिम्मेदार मानते हैं।
इस्माइल हनिया की मौत को लेकर इसराइल की तरफ से कोई टिप्पणी नहीं की गई है।
पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने के लिए मजबूर किया गया: बांग्लादेश पुलिस
बांग्लादेश में अवामी लीग के नेता के होटल में आगज़नी, 24 की मौत
मंगलवार, 6 अगस्त, 2024
बांग्लादेश में एक होटल को आग के हवाले कर देने से कम से कम 24 लोगों की मौत हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ इस होटल में सोमवार, 5 अगस्त, 2024 को आग लगाई गई थी।
ज़बीर इंटरनेशनल होटल अवामी लीग के क़रीबी सदस्य का होटल था।
बांग्लादेश के दैनिक अख़बार ‘डेली स्टार’ के मुताबिक़ बचाव दल को इस आग पर क़ाबू पाने में 12 घंटे का समय लग गया।
अख़बार 'डेली स्टार' की रिपोर्ट के मुताबिक़ प्रदर्शनकारियों ने फ़ायर फ़ाइटर्स को काफ़ी देर तक होटल नहीं पहुँचने दिया जिसकी वजह से बचावकार्य काफ़ी देरी से शुरू हो पाया।
यह होटल बांग्लादेश के दक्षिण-पश्चिम में मौजूद शहर जसोर में है। इस होटल के मालिक शाहीन चक्लदार हैं, जो जसोर ज़िले के अवामी लीग के पार्टी के महासचिव हैं।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख़ हसीना 1980 के दशक से ही अवामी लीग पार्टी की प्रमुख रही हैं।
सोमवार, 5 अगस्त, 2024 को छात्रों के लंबे प्रदर्शन के बाद शेख़ हसीना ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था। शेख़ हसीना बांग्लादेश छोड़कर भाग गई हैं।
उसके बाद सेना ने छात्रों और आम लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी, लेकिन बांग्लादेश के अलग-अलग इलाक़ों से हिंसा, लूट और आगज़नी की ख़बरें आ रही हैं।
पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने के लिए मजबूर किया गया: बांग्लादेश पुलिस
बांग्लादेश में पुलिस ने हड़ताल की, पुलिस ख़ुद की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं
मंगलवार, 6 अगस्त, 2024
बांग्लादेश में पुलिस के बड़े यूनियन ने कहा है कि देश में जब तक हर पुलिस वाले की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती है, तब तक पुलिस वाले हड़ताल पर रहेंगे।
बांग्लादेश पुलिस ने कहा है कि उन्हें प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने के लिए मजबूर किया गया।
बांग्लादेश में पुलिस के संगठन 'बांग्लादेश पुलिस सर्विस एसोसिएशन' यानी बीपीएसए ने कहा है कि उन्हें न चाहते हुए भी प्रदर्शनकारियों पर गोली चलानी पड़ी।
बीपीएसए ने लोगों के सामने पुलिस को खलनायक बनाकर पेश करने के लिए अधिकारियों को ज़िम्मेदार ठहराया है।
बांग्लादेश में कई हज़ार पुलिसवालों के संगठन बीपीएसए ने कहा है, ''देश क़ानून बनाता है और हम केवल उसे लागू कराते हैं। हमें अपने वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश का पालन करना होता है, चाहे वो क़ानूनी हों या ग़ैरक़ानूनी।''
पुलिस का कहना है कि सोमवार, 5 अगस्त 2024 को शेख़ हसीना के इस्तीफ़ा देने के बाद देशभर में 400 से ज़्यादा पुलिस थानों पर हमला किया गया। बांग्लादेश में हुए विरोध प्रदर्शनों में कई पुलिस वाले भी मारे गए हैं।
बीपीएसए ने अपने बयान में निर्दोष छात्रों के साथ की गई कार्रवाई के लिए माफ़ी मांगी है।
बांग्लादेश में पुलिस की हड़ताल, 'अंसार' और ग्राम रक्षा बलों को ज़िम्मेदारी दी जा रही है
मंगलवार, 6 अगस्त, 2024
बांग्लादेश में पुलिस की हड़ताल के बाद ‘अंसार’ को ढाका में पुलिस थानों, ट्रैफ़िक और एयरपोर्ट की ज़िम्मेदारी दी जा रही है।
'अंसार' बांग्लादेश में मूल रूप से स्वयंसेवक होते हैं जो आंतरिक सुरक्षा के लिए मुख्य सुरक्षा बलों के साथ तैनात किए जाते हैं।
बांग्लादेश अंसार के जनसंपर्क अधिकारी मोहम्मद रुबेल हुसैन ने बीबीसी बांग्ला को बताया है कि अंसार के लोग पहले से ही ढाका में ट्रैफ़िक संभाल रहे हैं।
बांग्लादेश में पुलिस ने सुरक्षा की चिंताओं को लेकर हड़ताल की घोषणा की है। इसके बाद अंसार और ग्राम रक्षा बलों को कई तरह के पुलिस के कामों का जिम्मा दिया गया है।
उनके मुताबिक़ एयरपोर्ट पर अंसार की तैनाती की प्रक्रिया भी जारी है।
मंगलवार, 6 अगस्त, 2024 को बांग्लादेश की राजधानी ढाका में कहीं भी पुलिस की कोई गतिविधि या मौजूदगी नहीं देखी गई है।
बांग्लादेश में कांस्टेबल से लेकर इंस्पेक्टर रैंक तक के पुलिसकर्मियों के संगठन 'पुलिस सर्विस एसोसिएशन' ने घोषणा की है कि जब तक पुलिसकर्मियों की जान सुनिश्चित नहीं हो जाती, वो हड़ताल पर रहेंगे।
बांग्लादेश के पूर्व विदेश मंत्री हसन महमूद को एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया
मंगलवार, 6 अगस्त, 2024
बांग्लादेश के पूर्व विदेश मंत्री और अवामी लीग के संयुक्त महासचिव हसन महमूद को हज़रत शाह जलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हिरासत में ले लिया गया।
हसन महमूद बांग्लादेश छोड़ कर भागने की कोशिश कर रहे थे।
बीबीसी बांग्ला ने हवाई अड्डे के सूत्रों से पुष्टि की है कि हसन महमूद को मंगलवार, 6 अगस्त, 2024 की दोपहर को आव्रजन पुलिस ने हिरासत में लिया।
हवाई अड्डे पर ड्यूटी पर तैनात बांग्लादेश एयरलाइंस के एक अधिकारी ने बीबीसी बांग्ला को बताया कि रात क़रीब साढ़े आठ बजे हसन महमूद को सेना को सौंप दिया गया।
इससे पहले बांग्लादेश के पूर्व सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जुनैद अहमद पलक को भी हवाई अड्डे से हिरासत में लिया गया था।
बांग्लादेश में छात्रों के आंदोलन और हिंसक प्रदर्शनों के बाद सोमवार, 5 अगस्त 2024 को शेख़ हसीना ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था। शेख़ हसीना बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गईं।









