विदेश

इसराइली सेना ने फ़लस्तीनियों से ग़ज़ा शहर खाली करने के लिए कहा

इसराइली सेना ने फ़लस्तीनियों से ग़ज़ा शहर खाली करने के लिए कहा

बुधवार, 10 जुलाई 2024

इसराइली सेना ने उत्तर में तेज सैन्य अभियानों के बीच, ग़ज़ा शहर के सभी निवासियों को दक्षिण से मध्य ग़ज़ा पट्टी तक खाली करने को कहा है।

विमान से गिराए गए पर्चे में सभी निवासियों को सुरक्षित मार्ग से ख़तरनाक युद्ध क्षेत्र को छोड़ने के लिए कहा गया है।

संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि ग़ज़ा में दिए जा रहे निकासी आदेशों को लेकर वह बेहद चिंतित है। युद्ध शुरू होने के बाद यह दूसरी बार है जब ग़ज़ा शहर को पूरी तरह से खाली करने के लिए कहा गया है।

पिछले दो हफ्तों में, इसराइली सेना ने ग़ज़ा शहर के कई ज़िलों में फिर से प्रवेश किया है। सेना का मानना ​​​​है कि हमास और फ़लस्तीनी इस्लामिक जिहाद साल 2024 की शुरुआत से फिर से संगठित हो गए हैं।

इस पर हमास का कहना है, "इसराइल की नई गतिविधि से संभावित युद्धविराम और बंधक रिहाई समझौते पर बुधवार, 10 जुलाई 2024 को क़तर में फिर से शुरू हुई बातचीत के पटरी से उतरने का ख़तरा है।''

अनुमान है कि ग़ज़ा शहर में अभी भी ढाई लाख से अधिक लोग रह रहे हैं और कुछ लोगों को दक्षिण की ओर पलायन करते हुए देखा गया है।

ग़ज़ा में विस्थापितों के कैंप पर इसराइल के हवाई हमले में 29 फ़लस्तीनियों की मौत

ग़ज़ा में विस्थापितों के कैंप पर इसराइल के हवाई हमले में 29 फ़लस्तीनियों की मौत

बुधवार, 10 जुलाई 2024

दक्षिणी ग़ज़ा में एक स्कूल के बाहर विस्थापित लोगों के कैंप पर हुए इसराइली हमले में कम से कम 29 लोगों के मारे जाने की ख़बर है।

हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि ख़ान यूनिस के पूरब में स्थित अबसाना अल-कबीरा क़स्बे में अल-आवदा स्कूल के गेट पर हवाई हमला हुआ।

इसराइली सेना ने कहा है कि उसने "हमास के मिलिटरी विंग के टेररिस्ट" को निशाना बनाने के लिए "सटीक मार करने वाले हथियारों" का इस्तेमाल किया था।

इसराइली सेना ने दावा किया कि संदिग्धों ने सात अक्टूबर 2023 को इसराइल पर हुए हमले में हिस्सा लिया था। लेकिन इसराइली सेना ने अपने दावे की पुष्टि के लिए कोई सबूत पेश नहीं किया है।

इसराइली सेना ने कहा है कि इस हमले में अल-आवदा स्कूल के पास ही विस्थापित लोगों के कैंप में नागरिकों के हताहत होने की ख़बरों की जांच हो रही है।

एक सप्ताह पहले ही इसराइली सेना ने अबासान अल-कबीरा और ख़ान यूनिस के पूरब के इलाक़ों को खाली करने का आदेश दिया था जिसकी वजह से हज़ारों लोग वहां से जा रहे थे।

बीबीसी ने प्रत्यक्षदर्शियों से बात की जिन्होंने बताया कि इलाके में उस समय 3,000 से अधिक विस्थापित मौजूद थे। उन्होंने हमले की भयावहता के बारे में भी बताया।

हमले में व्यापक तबाही हुई है और मरने वालों में फ़लस्तीन महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।

सात अक्टूबर 2023 को इसराइल पर हमला हुआ था जिसमें 1200 लोग मारे गए थे और 251 लोगों को बंधक बनाकर ग़ज़ा ले जाया गया था।

हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इसके बाद शुरू हुई इसराइली सैन्य हमले में अब तक 38,240 फ़लस्तीनियों की मौत हो चुकी है।

भारत के प्रधानमंत्री को रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिला

भारत के प्रधानमंत्री को रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिला

मंगलवार, 9 जुलाई 2024

रूस और ऑस्ट्रिया के तीन दिवसीय दौरे पर गए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्रेमलिन में रूस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, 'ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल' से सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर मोदी ने कहा, "मैं रूस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल' पाकर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। मैं इसे भारतीय नागरिकों को समर्पित करता हूं।''

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूस के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल से सम्मानित किया।

इस अवसर पर मोदी ने कहा, "महामहिम और मेरे मित्र राष्ट्रपति पुतिन को रूस के सर्वोच्च अवॉर्ड से सम्मानित करने के लिए मैं आपका आभार व्यक्त करता हूं।''

"ये सम्मान केवल मेरा सम्मान नहीं है। यह 140 करोड़ भारतवासियों का सम्मान है। यह भारत और रूस की सदियों पुरानी गहरी मित्रता और आपसी विश्वास का सम्मान है।''

अपने संबोधन में मोदी ने कहा, ''महामहिम पिछले लगभग ढाई दशक से आपके नेतृत्व में भारत और रूस के संबंध हर दिशा में मज़बूत हुआ हैं।  और हर बार नई ऊचाइयों को प्राप्त करते रहे हैं। आपने दोनों देशों के बीच जिन रणनीतिक संबंधों की नींव रखी थी वो गुज़रते वक्त के साथ गहरी होती गई है।''

मोदी ने कहा, "आज भी हमने सभी क्षेत्रों में आपसी सहयोग को मज़बूत करने के नए और अहम फ़ैसले किए हैं। हमारे संबंध केवल दोनों देशों के लिए ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए अहम हैं।''

मोदी ने कहा, ''वैश्विक वातावरण में भारत और रूस की पार्टनरशिप और भी अहम हो जाती है। हम दोनों विश्वास रखते हैं कि वैश्विक स्थिरता और शांति के लिए लगातार कोशिश करते रहना चाहिए।''

फ्रांस: धुर दक्षिणपंथी पार्टी नेशनल रैली की नेता मरीन ली पेन के ख़िलाफ़ जांच शुरू

फ्रांस: धुर दक्षिणपंथी पार्टी नेशनल रैली की नेता मरीन ली पेन के ख़िलाफ़ जांच शुरू

मंगलवार, 9 जुलाई 2024

फ्रांस में धुर दक्षिणपंथी पार्टी नेशनल रैली की नेता मरीन ली पेन के 2022 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के ख़िलाफ़ जांच शुरू हुई है।

पेरिस में वकीलों ने कहा कि वो गबन, फर्जीवाड़ा और जालसाज़ी के आरोपों की जांच करेंगे। जांच की प्रक्रिया एक सप्ताह पहले शुरू हुई है।

दरअसल, 2023 में आई नेशनल कमीशन ऑन कैंपेन अकाउंट्स एंड पॉलिटिकल फाइनेंसिंग की रिपोर्ट के बाद जांच शुरू हुई है।

ये आयोग उम्मीदवारों के खर्चे और फंडिंग की जांच करता है। हालांकि अभी तक इस बात की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है कि जांच क्यों शुरू हुई है और न ही मरीन ली पेन ने कोई प्रतिक्रिया दी है।

फ्रांस के चुनाव में नेशनल रैली को पहले दौर में सबसे ज्यादा वोट मिले थे।  लेकिन दूसरे दौर में वो पिछड़ कर तीसरे नंबर पर आ गई।

वहां, वामपंथी दलों के गठबंधन न्यू पॉपुलर फ्रंट को सबसे ज्यादा वोट मिले जबकि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की पार्टी दूसरे नंबर पर रही है।

यूक्रेन पर रूस के मिसाइल हमलों को लेकर बाइडन ने क्या कहा?

यूक्रेन पर रूस के मिसाइल हमलों को लेकर बाइडन ने क्या कहा?

मंगलवार, 9 जुलाई 2024

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूक्रेन पर किए जा रहे रूसी मिसाइल हमलों की निंदा की है।

इन हमलों में अभी तक 38 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। बाइडन ने कहा है कि ये हमले 'रूसी बर्बरता की भयावह याद' दिलाते हैं।

इसके साथ ही उन्होंने यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को मज़बूत करने की भी प्रतिबद्धता जताई।

ताज़ा रूसी हमलों में अभी तक 38 लोगों की मौत हुई है और 190 लोग घायल हुए हैं। इनमें सोमवार, 8 जुलाई 2024 को कीएव में बच्चों के अस्पताल पर किए गए हमलों के दौरान घायल भी शामिल हैं।

बाइडन का ये बयान ऐसे समय में आया है जब मंगलवार, 9 जुलाई 2024 को अमेरिका में नेटो का सम्मेलन होने जा रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि बैठक में यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को और बढ़ावा देने की घोषणा की जाएगी।

इस दौरान नेटो देशों के 32 सदस्य देश, उनके सहयोगी देश और यूरोपियन यूनियन भी नेटो की 75वीं सालगिरह मनाने के लिए जुटेंगे।

बाइडन ने कहा कि वे यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की और दूसरे नेटो नेताओं का स्वागत करेंगे। इस सम्मेलन में यूक्रेन पर हो रहे रूसी हमलों से सुरक्षा और उनके बचाव पर फोकस रहेगा।

बाइडन ने कहा कि हम यूक्रेन की हवाई सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए नए उपायों का ऐलान करेंगे ताकि उनके शहरों और नागरिकों को रूसी हमलों से बचाने में सहायता मिल सके।

बाइडन ने कहा, "मैं यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से भी मिलूंगा ताकि उनको यह भरोसा दिला सकूं कि यूक्रेन के लिए हमारा समर्थन अटूट है।''

यूक्रेन की गुज़ारिश पर मंगलवार, 9 जुलाई 2024 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की भी बैठक हो रही है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने यूक्रेन पर रूस के मिसाइल हमले की निंदा करने में पश्चिमी अधिकारियों का साथ दिया।

वहीं कीएव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने राजधानी पर हुए घातक हमलों के बाद मंगलवार, 9 जुलाई 2024 को शोक दिवस घोषित किया है।

न्यू पॉपुलर फ्रंट के नेता मेलेंशों ने कहा, फ़लस्तीन राज्य को मान्यता देगा फ्रांस

न्यू पॉपुलर फ्रंट के नेता मेलेंशों ने कहा, फ़लस्तीन राज्य को मान्यता देगा फ्रांस

सोमवार, 8 जुलाई 2024

फ़्रांस के संसदीय चुनावों में वामपंथी गठबंधन न्यू पॉपुलर फ्रंट के नेता ज्यां-ल्यूक मेलेंशों ने कहा है कि उनका गठबंधन फ़लस्तीन राज्य को मान्यता देगा।

पिछले कुछ समय में यूरोप के चार देशों - स्पेन, नॉर्वे, आयरलैंड और स्लोवेनिया ने फ़लस्तीनी राज्य को मान्यता दी है।

रविवार, 7 जुलाई 2024 को हुए दूसरे और आखिरी चरण के चुनावों में न्यू पॉपुलर फ़्रंट 182 सीटों के साथ सबसे आगे है और आगामी सरकार में उसकी भूमिका प्रमुख रहने वाली है।

ज्यां-ल्यूक मेलेंशों ने कहा कि अगला प्रधानमंत्री न्यू पॉपुलर फ़्रंट से होगा।

एक सप्ताह पहले हुए प्रथम चरण के चुनावों में धुर दक्षिणपंथी पार्टी नेशनल रैली बहुमत की ओर बढ़ रही थी लेकिन रविवार, 7 जुलाई 2024 को हुए दूसरे और आखिरी चरण में वो तीसरे स्थान पर सिमट गई।

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों का मध्यमार्गी गठबंधन दूसरे स्थान पर रहा।

फ्रांस के संसदीय चुनावों के रुझान आने के बाद राजधानी पेरिस में कुछ जगहों पर हिंसा देखने को मिली। जबकि दूसरी ओर वामपंथी समर्थक भारी संख्या में रविवार, 7 जुलाई 2024 की रात से ही पेरिस की सड़कों पर विजय जुलूस निकाल रहे हैं।

फ़्रांस में वामपंथी गठबंधन को सबसे ज्यादा सीटें मिली, अचानक कैसे बाज़ी पलटी?

फ़्रांस में वामपंथी गठबंधन को सबसे ज्यादा सीटें मिली, अचानक कैसे बाज़ी पलटी?

सोमवार, 8 जुलाई 2024

वामपंथी और मध्यमार्गी पार्टियों के बीच रणनीतिक समझौते से यह संभव हुआ है। एक सप्ताह पहले प्रथम चरण में धुर दक्षिणपंथी नेशनल रैली (आरएन) पार्टी सबसे आगे थी, लेकिन अब न्यू पॉपुलर फ़्रंट (एनएफ़पी) दूसरे चरण में सबसे अधिक 182 सीट जीत कर फ्रांस की संसद में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।

फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों की मध्यमार्गी पार्टी एनसेम्बल अलायंस 168 सीट जीत कर दूसरे स्थान पर रही।

पहले चरण में सर्वाधिक मत जीतने वाली धुर दक्षिणपंथी नेशनल रैली और सहयोगी 143 सीट जीत कर तीसरे नंबर रही है।

हालांकि फ्रांस की 577 सीटों वाली नेशनल एसेंबली में कोई भी गठबंधन अकेले दम पर बहुमत हासिल नहीं कर पाएगा।

इस संभावित बड़े उलटफेर की बड़ी वजह रही कि धुर दक्षिणपंथी नेशनल रैली के ख़िलाफ़ वोटरों में विभाजन को रोकने के लिए कई वापमंथी और मध्यमार्गी उम्मीदवार खुद चुनावी दौड़ से हट गए।

फ़्रांस अनबाउड पार्टी के धुर वामपंथी नेता ज्यां-ल्यूक मेलेंशों ने एनएफ़पी की जीत को धुर दक्षिणपंथ के ख़िलाफ़ जीत और मैक्रों के एजेंडे की हार कहा।

ज्यां-ल्यूक मेलेंशों ने नेशनल रैली के ख़िलाफ़ एक व्यापक लामबंदी की कोशिशों की तारीफ़ की।

वामपंथी समर्थक सेंट्रल पेरिस में पैलेस डे ला रिपब्लिक में विजय रैली निकाल रहे हैं।

नेशनल रैली के नेता जॉर्डन बारदेला ने कहा कि 'ग़ैर-इमानदारों के गठबंधन' ने उनकी पार्टी को सत्ता से दूर करके फ़्रांस को कट्टर वामपंथ के हाथों में डाल दिया है।

स्पेन के वामपंथी प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने इन रुझानों का स्वागत किया है और कहा कि फ्रांस ने धुर दक्षिणपंथ को नकारा है।

फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांसुआ ओलांद ने कहा कि देश दक्षिणपंथ की ओर जाने से बाल बाल बचा।

फ्रांस का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा?

सोमवार, 8 जुलाई 2024

ये साफ़ नहीं है कि फ्रांस का अगला प्रधानमंत्री कौन होगा? लेकिन मैक्रों की पार्टी के मौजूदा प्रधानमंत्री गैर्बिएल अटाल ने कहा कि वो इस्तीफ़ा देंगे।

फ्रांस में चुनावों के बाद नतीजों से पैदा हुए गतिरोध के बीच, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री गैब्रिएल एटल को प्रधानमंत्री बने रहने के लिए कहा है।

राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा है कि फ्रांस की स्थिरता के लिए गैब्रिएल एटल का प्रधानमंत्री बने रहना जरूरी है। फ्रांस के आम चुनाव में मैक्रों की एनसेंबल पार्टी के दूसरे नंबर पर आने के बाद गैब्रिएल एटल ने अपने इस्तीफ़े की पेशकश की थी।

फ्रांस के गैब्रिएल एटल ने रविवार, 7 जुलाई 2024 को ही नतीजों के बाद इस्तीफ़ा देने की बात कही थी। फ्रांस में आम चुनाव के दूसरे दौर में वामपंथी गठबंधन - न्यू पॉपुलर फ़्रंट को सबसे ज्यादा सीटें मिली हैं, जबकि पहले दौर में बुरी तरह पिछड़ी मैक्रों की मध्यमार्गी पार्टी ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया।

पहले दौर में सबसे ज्यादा वोट हासिल करने वाली धुर दक्षिणपंथी नेशनल रैली पार्टी तीसरे नंबर पर रही है। लेकिन इनमें से किसी के पास भी बहुमत के आंकड़े नहीं हैं और फ्रांस में त्रिशंकु संसद के हालात बन गए हैं।

फ़्रांस संसदीय चुनावों में त्रिशंकु संसद, बाज़ार में उथल-पुथल से यूरो में गिरावट

फ़्रांस संसदीय चुनावों में त्रिशंकु संसद, बाज़ार में उथल-पुथल से यूरो में गिरावट

सोमवार, 8 जुलाई 2024

रविवार, 7 जुलाई 2024 की रात फ़्रांस के लिए उम्मीद से उलट नतीजों वाली रात थी। संसदीय चुनाव के नतीजे चौंकाने वाले रहे।

दक्षिणपंथी नेशनल रैली की बढ़त को रोकने के लिए दूसरे चरण से पहले वामपंथी और मध्यमार्गी पार्टियों के बीच रणनीतिक गठबंधन बनाने की कोशिशों में ज्यां-ल्यूक मेलेंशों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

वामपंथी गठबंधन न्यू पॉपुलर फ़्रंट 182 सीटों के साथ पहले स्थान पर है।

जबकि बुरी तरह पिछड़ी मैक्रों की मध्यमार्गी पार्टी ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया।

पहले चरण में सर्वाधिक मत जीतने वाली धुर दक्षिणपंथी नेशनल रैली तीसरे नंबर रही है।

लेकिन इनमें से किसी के पास भी बहुमत के आंकड़े नहीं हैं और फ़्रांस में त्रिशंकु संसद के हालात बन गए हैं।

वामपंथी अख़बर 'लिबरेशन' ने इस रात के लिए लिखा- 'क्रेज़ी'।

लेकिन बहुत से लोग राहत महसूस कर रहे हैं क्योंकि नेशनल रैली पार्टी सत्ता में पहुंचने में कामयाब नहीं हो पाई।

ताज़ा नतीजों के अनुसार, 577 सीटों वाली नेशनल एसेंबली में पार्टियों की स्थिति-

न्यू पॉपुलर फ़्रंट - 182 सीट

मध्यमार्गी गठबंधन - 168 सीट

नेशनल रैली + सहयोगी - 143 सीट

रिपब्लिकन + दक्षिणपंथी - 60 सीट

अन्य लेफ़्ट पार्टियां - 13 सीट

अन्य - 11 सीट

नतीजे आने के बाद बाज़ार में उथल-पुथल देखने को मिल रही है। यूरो के मूल्य में 0.2 प्रतिशत की गिरावट आ गई है और अब यह 1.08 डॉलर का हो गया।

निवेशक फ्रांस में राजनीतिक गतिरोध को लेकर चिंतित हैं।

विश्लेषकों को लगता है कि सबसे अधिक सीटें जीतने वाली वामपंथी न्यूट पॉपुलर फ़्रंट गठबंधन, राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों के सुधारवादी एजेंडे को आगे नहीं बढ़ाएगी।

सुधारवादी नेता मसूद पेज़ेश्कियान ईरान के राष्ट्रपति चुने गए

सुधारवादी नेता मसूद पेज़ेश्कियान ईरान के राष्ट्रपति चुने गए

शनिवार, 6 जुलाई 2024

ईरान के राष्ट्रपति चुनाव में सुधारवादी नेता मसूद पेज़ेश्कियान को जीत मिली है। उन्होंने कट्टरपंथी नेता सईद जलीली को हरा दिया है।

चुनाव नतीजों के मुताबिक़, अब तक गिने गए तीन करोड़ वोटों में से डॉ. मसूद पेज़ेश्कियान को 53.3 फीसदी वोट मिले हैं जबकि जलीली को 44.3 फीसदी वोट मिले हैं।

28 जून 2024 को पहले दौर की वोटिंग में किसी भी उम्मीदवार को बहुमत नहीं मिला था। उस दौरान ईरान में अब तक की सबसे कम 40 फीसदी वोटिंग हुई थी।

ईरान में पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की राष्ट्रपति पद पर रहते हुए मई के 2024 में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी।

इब्राहिम रईसी पूर्वी अज़रबैजान प्रांत में बांध का उद्घाटन करके लौट रहे थे तभी उनका हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया था। इस हादसे में राष्ट्रपति और विदेश मंत्री समेत नौ लोगों की मौत हुई है।

उसके बाद ईरान में नए राष्ट्रपति के लिए चुनाव हुआ था।

नेतन्याहू युद्ध अपराधी हैं, इसराइल के पास 34,000 फ़लस्तीनियों को मारने का अधिकार नहीं: बर्नी सैंडर्स

नेतन्याहू युद्ध अपराधी हैं, इसराइल के पास 34,000 फ़लस्तीनियों को मारने का अधिकार नहीं: बर्नी सैंडर्स

रविवार, 2 जून 2024

अमेरिका के वरिष्ठ डेमोक्रेटिक नेता बर्नी सैंडर्स ने इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू को युद्ध अपराधी कहा है।

बर्नी सैंडर्स का कहना है कि नेतन्याहू को कांग्रेस के संयुक्त सत्र के लिए नहीं बुलाया जाना चाहिए था। बर्नी सैंडर्स ने कहा है कि वो कांग्रेस के संयुक्त सत्र में हिस्सा नहीं लेंगे।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बर्नी सैंडर्स ने एक थ्रेड पोस्ट किया है।  बर्नी सैंडर्स ने कहा, "नेतन्याहू युद्ध अपराधी हैं और उन्हें कांग्रेस के संयुक्त सत्र के लिए नहीं बुलाया जाना चाहिए था। मैं इस सत्र में हिस्सा नहीं ले रहा हूं।''

बर्नी सैंडर्स ने कहा, "इसराइल के पास हमास के हमले के ख़िलाफ़ खुद को सुरक्षित रखने का अधिकार है, लेकिन इस अधिकार से आपको फ़लस्तीनियों के ख़िलाफ़ युद्ध छेड़ने की अनुमति नहीं मिल जाती है।''

बर्नी सैंडर्स ने कहा, "इसराइल के पास 34,000 फ़लस्तीनियों को मारने का अधिकार नहीं है। आप 19,000 बच्चों को नहीं मार सकते हैं। आपके पास ग़ज़ा की स्वास्थ्य व्यवस्था को बर्बाद करने का अधिकार नहीं है। आप 400 से ज्यादा स्वास्थ्य कर्मियों को नहीं मार सकते हैं।''

बर्नी सैंडर्स ने कहा, "इसराइल ग़ज़ा में मानवीय मदद को नहीं रोक सकता है। यह अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने नेतन्याहू और हमास के नेता याह्या सिनवार के ख़िलाफ़ अरेस्ट वारंट जारी किया है। इन दोनों ने अंतरराष्ट्रीय कानून को तोड़ा है।''

अमेरिकी कांग्रेस ने नेतन्याहू को संयुक्त सत्र में हिस्सा लेने का न्योता दिया है।

हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़ सात अक्टूबर 2023 के बाद से इसराइल के हमलों से 36,000 से ज्यादा फ़लस्तीनियों की मौत हो चुकी है।