भारत में मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने एक हिन्दी न्यूज़ चैनल का वीडियो 'भारतीय वायु सेना के हमले में ध्वस्त हुए तथाकथित चरमपंथी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कैंप' का बताते हुए शेयर किया है।
गिरीराज सिंह ने अपने ट्वीट में लिखा, ''ये तस्वीरें साफ़-साफ़ बता रही हैं कि भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तानी आतंकी ट्रेनिंग कैंप के परखच्चे उड़ा दिए।''
इस वीडियो में दो सैटेलाइट तस्वीरें दिखाई गई हैं जिनमें से एक तस्वीर हमले से पहले (23 फ़रवरी) की बताई गई, जबकि दूसरी तस्वीर को हमले के बाद (26 फ़रवरी) का बताया गया है।
हज़ारों लोग सोशल मीडिया पर उनकी इस वायरल वीडियो को शेयर कर चुके हैं। जबकि कई ऐसे लोग हैं जिन्होंने शेयर चैट, व्हॉट्सऐप, ट्विटर और फ़ेसबुक पर इन सैटेलाइट तस्वीरों को 'भारतीय हमले में जैश के कैंप में हुए नुक़सान' के सबूत के तौर पर पेश किया है।
भारत के जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आत्मघाती हमले में 40 से ज़्यादा जवानों की मौत के बाद भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में स्थित जैश-ए-मोहम्मद के कैंप पर हमला किया था।
भारतीय वायुसेना प्रमुख बी एस धनोआ ये साफ़ कर चुके हैं कि 'वायु सेना ने दिए गए अधिकांश लक्ष्यों को सफ़लतापूर्वक निशाना बनाया, लेकिन इस हमले में कितने लोग मरे, ये गिनना उनका काम नहीं है।'
भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह समेत कई अन्य बीजेपी नेता ये दावा कर चुके हैं कि इस हमले में 200 से ज़्यादा चरमपंथी मारे गये और जैश के कैंप को भारी नुकसान हुआ है।
लेकिन इसे सही साबित करने के लिए दक्षिणपंथी रुझान वाले अधिकांश ग्रुप्स में और केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह द्वारा जो दो सैटेलाइट तस्वीरें शेयर की गई हैं, उनसे जुड़े दावे बिल्कुल ग़लत हैं।
ये दो सैटेलाइट तस्वीरें रॉयटर्स द्वारा बुधवार को जारी की गईं उन तस्वीरों से भी मेल नहीं खातीं, जिन्हें भारतीय मीडिया ने एक बार फिर एयरस्ट्राइक में हुई क्षति को दिखाने के लिए इस्तेमाल किया है।
बीबीसी के मुताबिक, रिवर्स इमेज सर्च से हम कुछ ऐसे फ़ेसबुक और ट्विटर यूज़र्स तक पहुँचे जिन्होंने इन सैटेलाइट तस्वीरों के 'लाइव कोऑर्डिनेट्स' भी शेयर किए हैं। यानी ये बताया है कि नक्शे पर ये जगह कहाँ स्थित है।
बीबीसी के मुताबिक, गूगल मैप्स पर जब हमने इसे खोजा तो पता चला कि ये न्यू बालाकोट के पास बसे जाबा में स्थित किसी इमारत की सैटेलाइट तस्वीर है।
भारतीय वायु सेना के हमले के बाद कुछ भारतीय इंटरनेट यूज़र्स ने इस इमारत को नये नाम देने की कोशिश की है। फ़िलहाल इस लोकेशन पर 'जैश मदरसा' और 'जैश ट्रेनिंग स्कूल' भी लिखा हुआ दिखाई दे रहा है।
गिरीराज सिंह के ट्वीट में जो वीडियो दिख रहा है, उसमें टीवी चैनल ने दावा किया है कि गूगल मैप पर दिख रही हमले से पहले की सैटेलाइट तस्वीर 23 फ़रवरी की है और दूसरी तस्वीर हमले के बाद की है। लेकिन ये दोनों ही दावे गलत हैं।
अपनी पड़ताल में बीबीसी ने पाया कि दूसरी तस्वीर 'ज़ूम अर्थ' नाम की वेबसाइट से ली गई है जो कि नासा और माइक्रोसॉफ़्ट के बिंग मैप्स की मदद से सैटेलाइट तस्वीरें दिखाती है।
इस वेबसाइट के संस्थापक हैं पॉल नीव जो लंदन में रहते हैं। पॉल नीव से बीबीसी संवाददाता प्रशांत चाहल ने इन तस्वीरों के बारे में बात की।
पॉल ने बताया, ''जो तस्वीर सोशल मीडिया पर हवाई हमले के बाद ध्वस्त हुई बिल्डिंग की बताई जा रही है, वो एक पुरानी तस्वीर है।''
पॉल ने साफ़ कहा, ''सिर्फ़ नासा ही रोज़ाना नई तस्वीरें अपडेट करता है। बिंग मैप्स की तस्वीरें रोज़ अपडेट नहीं होतीं। ऐसा करना मुश्किल काम है क्योंकि सभी सैटेलाइट तस्वीरें अपडेट करने में सालों का वक़्त लगता है।''
लेकिन ये वायरल तस्वीर कितनी पुरानी होगी? इसके जवाब में पॉल ने कहा, ''मैं इतना कह सकता हूँ कि ये कुछ दिन या महीनों नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी तस्वीर होगी। मेरे ख्याल से इस सैटेलाइट तस्वीर में दिख रही इमारत निर्माणाधीन है।''
'ज़ूम अर्थ' वेबसाइट के संस्थापक पॉल नीव ने सार्वजनिक तौर पर एक ट्वीट करके भी ये दावा किया है कि इन तस्वीरों का एयरस्ट्राइक से कोई लेना-देना नहीं है।
अब बात पहली तस्वीर की जो कि गूगल मैप्स से ली गई एक सैटेलाइट तस्वीर है।
ये पाकिस्तान के जाबा में स्थित उसी जगह की है, लेकिन इमारत के हालात को देखकर लगता है कि ये थोड़ी हालिया तस्वीर है।
टीवी चैनल ने दावा किया था कि ये सैटेलाइट तस्वीर एयरस्ट्राइक से पहले (23 फ़रवरी) की है।
लेकिन इस दावे पर कई सोशल मीडिया यूज़र अब ये सवाल उठा रहे हैं कि अगर ये तस्वीर 23 फ़रवरी की है, तो उसके बाद गूगल मैप पर इस इमारत की दशा क्यों नहीं बदली?
ये कुछ ऐसे सवाल हैं जो कि केंद्रीय मंत्री गिरीराज सिंह के दावे पर प्रश्न चिह्न लगाते हैं।
अमरीका ने मंगलवार को अपनी 'जीएसपी स्कीम' में बदलाव करते हुए भारत को इससे बाहर करने का फ़ैसला किया है, जो कि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए नकारात्मक साबित हो सकता है।
भारत के पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के लिए भी ये क़दम काफ़ी चुनौतीपूर्ण है क्योंकि ट्रंप सरकार ने ये फ़ैसला आम चुनाव से ठीक पहले किया है। ऐसे में मोदी सरकार के पास इसका जवाब देने के लिए पर्याप्त समय नहीं है।
बीजेपी अब तक अपनी सरकार की विदेश नीति को सफल बताती आई है, लेकिन ट्रंप सरकार के इस फ़ैसले को मोदी सरकार की असफलता के रूप में देखा जा सकता है।
अमरीकी सरकार अपनी प्रिफ्रेंशियल ट्रेड पॉलिसी (कारोबार में तवज्जो) के जनरल सिस्टम ऑफ़ प्रिफरेंसेज़ में से भारत को बाहर निकाल दिया है।
अब तक इस नीति की वजह से भारत से अमरीका जाने वाले 1930 उत्पाद अमरीका में आयात शुल्क देने से बच जाते थे।
इस बदलाव से अमरीका में भारत की हस्तशिल्प चीज़ें, केमिकल, मछली पालन से जुड़े उत्पाद और कृषि आधारित उत्पादों को आयात शुल्क देना पड़ेगा।
अगर इसके असर की बात करें तो इससे हज़ारों नौकरियों पर संकट आ सकता है।
दरअसल, साल 1970 के दशक में अमरीकी सरकार ने विकासशील देशों की अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने के मंसूबे के साथ इस नीति को अपनाया था।
इस नीति के तहत विकासशील देश अपने कुछ उत्पादों को बिना आयात शुल्क दिए अमरीका को निर्यात कर सकते थे।
दुनिया भर में भारत ने इस नीति का सबसे ज़्यादा फ़ायदा उठाया है।
फेडरेशन ऑफ़ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशंस के अध्यक्ष गणेश कुमार गुप्त बताते हैं, ''जीएसपी से बाहर निकाले जाने से कई मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर्स की प्रतिस्पर्धा को नुक़सान होगा। साथ ही साथ इससे उपभोक्ताओं को भी नुक़सान होगा। ज़्यादातर केमिकल उत्पादों की क़ीमत पांच फ़ीसदी की दर से बढ़ने की संभावना है जो कि भारत के कुल निर्यात का एक बड़ा हिस्सा है।''
वो कहते हैं, ''इसके साथ ही इस क़दम से अमरीका की 'इंपोर्ट डायवर्सिफिकेशन' नीति भी प्रभावित होगी, जिससे वह विकासशील देशों के मुख्य सप्लायर के रूप में चीन की जगह लेने की चाहत रखता है।''
अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप लगातार टैरिफ़ ड्यूटी को लेकर भारत को निशाना बनाते आए हैं। बीते साल अक्टूबर में उन्होंने भारत को टैरिफ़ किंग की उपाधि भी थी और अमरीकी उत्पादों के लिए खुली छूट देने की मांग उठाई थी।
अमरीका बीते काफ़ी समय से मेडिकल डिवाइसों पर लगने वाले प्राइसिंग कैप को हटाने की मांग कर रहा है जिससे अमरीकी कंपनियों को नुक़सान हो रहा है।
इसके साथ ही अमरीका चाहता है कि भारत अमरीका से आने वाले आईटी उत्पादों और कृषि क्षेत्र से जुड़े उत्पादों को अपने बाज़ार में ज़्यादा पहुंच उपलब्ध कराए।
अमरीकी सरकार ये भी चाहती है कि भारत डेयरी उत्पादों पर लगी हुई अपनी शर्त हटाए जिसके तहत उन जानवरों के ख़ून से बनी चीज़ें ना खिलाने की शर्त है जिनसे डेयरी उत्पाद पैदा किए जा रहे हैं।
भारत के वित्तीय सचिव अनूप वाधवान ने बीबीसी से कहा कि अभी तक दोनों देश कोई बीच का रास्ता निकालने के लिए वार्ता की प्रक्रिया में हैं।
उन्होंने अमरीकी उत्पादों पर लगाए गए करों का बचाव करते हुए कहा कि ये डब्ल्यूटीओ के लिए बंधी हुई दरों के अनुसार ही हैं।
बीबीसी से बात करते हुए वाधवान ने कहा, ''हम अमरीका से बात कर रहे थे और अमरीका के कृषि उत्पादों, डेयरी उत्पादों और सूचना प्रौद्योगिकी उत्पादों को बाज़ार तक सशर्त पहुंच देने और मेडिकल उपकरणों की क़ीमत तय करने के लिए तैयार थे, लेकिन दुर्भाग्यवश अमरीका के साथ वार्ता के नतीजे अलग नहीं आ सके। हमारे व्यापारिक रिश्ते अच्छे बने हुए हैं, व्यापार वार्ता पर भी कोई असर नहीं हुआ है।''
उन्होंने कहा कि जीएसपी हटाए जाने का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर बहुत ज़्यादा नहीं होगा और ये 19 करोड़ डॉलर तक ही सीमित रहेगा।
भारत और अमरीका के राजयनिक संबंधों के केंद्र में व्यापार ही है। अमरीकी आंकड़ों के मुताबिक़, दोनों देश सालाना 126.2 अरब डॉलर का व्यापार करते हैं, लेकिन हाल के दिनों में संरक्षणवादी आवाज़ें तेज़ी से उठी हैं।
बीते साल, भारत से आयात होने वाले स्टील और एल्यूमुनियम पर कर बढ़ा दिए थे। इसके जबाव में भारत ने भी 29 अमरीकी उत्पादों पर कर बढ़ाए थे जिनमें बादाम भी शामिल हैं, लेकिन भारत ने ये बढ़े हुए कर कुछ अच्छा समाधान होने की उम्मीद में लागू नहीं किए।
भारत ने हाल ही में नई ई-कॉमर्स नीति भी जारी की जिससे भारत में व्यापार कर रहीं अमरीकी कंपनियों एमज़ॉन और वॉलमॉर्ट के व्यवसाय पर असर हुआ है। इससे भी दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में तनाव आया।
इसके बाद भारत में डेटा को लेकर नए नियम लाए गए जिनके तहत भारत में व्यापार कर रहीं मास्टरकार्ड और वीज़ा जैसी कंपनियों से कहा गया कि वो भारतीयों से जुड़े डेटा को भारत में ही रखें। इससे इन कंपनियों के बिज़नेस मॉडल पर असर हुआ है।
अब अमरीका ने जो ये नया क़दम उठाया है इससे दोनों देशों के रिश्तों में व्यापारिक तनाव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
अमरीका ने भारत के लिए जीएसपी फ़ायदों को रोकने के लिए साठ दिनों का समय दिया है। भारत को उम्मीद है कि इसी दौरान वार्ता करके कुछ हल निकाल लिया जाएगा। दोनों ही ओर के व्यापारिक संगठन को उम्मीद है कि जल्द ही कोई रास्ता निकलेगा।
यूएस-इंडिया बिज़नेस काउंसिल की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, ''जीएसपी कार्यक्रम को अमेरीकी चैंबर से मिल दीर्घकालिक समर्थन को ध्यान में रखते हुए, यूएसआईबीसी मांग करता है कि भारत के लिए जीएसपी फ़ायदे ज़ारी रखे जाएं। दोनों देशों के बीच कई गंभीर व्यापारिक विवादों के बावजूद, भारत और अमरीका दोनों को ही जीएसपी कार्यक्रम के तहत हुए व्यापार से फ़ायदा पहुंचा हैं।
संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार प्रमुख मिशेल बाचले ने बुधवार को भारत को आगाह किया है कि 'बाँटने वाली नीतियों' से आर्थिक वृद्धि को झटका लग सकता है।
मिशेल ने कहा कि संकीर्ण राजनीति एजेंडा के कारण समाज में कमज़ोर लोग पहले से ही हाशिए पर हैं।
मिशेल ने कहा, ''हमलोगों को ऐसी रिपोर्ट मिल रही है जिससे संकेत मिलते हैं कि अल्पसंख्यकों के साथ उत्पीड़न के वाक़ये बढ़े हैं। ख़ास करके मुस्लिम और ऐतिहासिक रूप से वंचित समूहों में दलितों और आदिवासियों का उत्पीड़न बढ़ा है।''
मिशेल ने ये बात जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार काउंसिल की वार्षिक रिपोर्ट में कही।
इससे पहले पिछले साल संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार परिषद ने कश्मीर में मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन और उसकी जांच की बात कही थी।
उस समय कश्मीर पर यूएन की रिपोर्ट को भारत ने पूरी तरह से ख़ारिज करते हुए कहा था कि भारत की संप्रभुता का उल्लंघन और उसकी क्षेत्रीय एकता के ख़िलाफ़ है।
2016 में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच और एमनेस्टी इंटरनेशनल की सालाना रिपोर्ट में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की आलोचना की गई थी।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने ग्रीनपीस और फ़ोर्ड फ़ाउंडेशन का हवाला देते हुए एनजीओ और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने और विदेशी फ़ंड रोकने के लिए मोदी सरकार को जमकर कोसा था।
वहीं, ह्यूमन राइट्स वॉच की 2016 की रिपोर्ट में कहा गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हो रहे हमलों को रोकने में नाकाम रही।
अपनी 659 पन्नों की रिपोर्ट में ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा था कि सरकार का या फिर बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स का विरोध करने वाले एनजीओ को मिलने वाले विदेशी फ़ंड्स पर रोक लगा दी गई इससे अन्य संगठन भी सकते में हैं।
ह्यूमन राइट्स वॉच की मीनाक्षी गांगुली ने कहा था, ''असहमति पर भारत सरकार का जो रवैया रहा है, उससे देश में अभिव्यक्ति की आज़ादी की परंपरा को धक्का लगा है।''
लाइव : ओआईसी पर कांग्रेस मुख्यालय में मनीष तिवारी द्वारा एआईसीसी प्रेस ब्रीफिंग
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कहा कि पकड़े गए भारतीय पायलट को शुक्रवार को भारत को सौंप दिया जाएगा। इमरान ख़ान ने ये घोषणा संसद के संयुक्त सत्र में की।
एक दिन पहले ही भारत ने पाकिस्तान से कहा था कि वो अपने क़ब्ज़े से इंडियन एयर फ़ोर्स के पायलट विंग कमांडर अभिनंदन की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करे।
संसद को संबोधित करते हुए इमरान ख़ान ने कहा, ''हमने भारत को चिट्ठी लिखी कि विदेश मंत्रियों को मिलना चाहिए, लेकिन हमें बेहतर जवाब नहीं मिला। हमें लगा कि इसका जवाब इसलिए नहीं आया क्योंकि भारत में चुनाव हैं। इनके चुनावी अजेंडा में हमारे साथ संबंध अच्छे हों, ये है ही नहीं।''
इमरान ख़ान ने कहा-
- हमें ख़ौफ़ था चुनाव के मद्देनज़र कुछ ना कुछ होगा जिसे भारत चुनाव के लिए इस्तेमाल करेगा।
- मैं ये नहीं कहता कि पुलवामा में भारत का हाथ था, लेकिन हमले के आधे घंटे के भीतर हमारे ऊपर आरोप लगे।
- हमें इससे क्या मिलता। हमने भारत को जांच में सहयोग के लिए कहा, हम अपनी जमीन पर दहशतगर्दी को इजाज़त नहीं देंगे।
- मैं पाक मीडिया से कहना चाहता हूँ कि यहां मीडिया का बेहतर रुख़ था। हम लोगों ने ख़ुद देखा है कि आतंक से क्या होता है। हम पीड़ित है। मुझे अफ़सोस है कि भारत की मीडिया ने बेहद बचकाना रवैया दिखाया, उन्हें नहीं पता युद्ध का नुकसान, हमारी मीडिया ने 70 हज़ार लोगों की मौत आतंक के कारण होते देखी है।
- आज भारत ने डॉज़ियर भेजा, लेकिन दो दिन पहले हमला कर दिया। ये पहले डॉज़ियर दे सकते थे। भारतीय चुनाव को देखते हुए भारत सरकार ये कर रही है।
- जब भारत ने पाकिस्तान पर हमला किया तो मुझे सुबह-सुबह पता चला। हमने सेना प्रमुख से बात की। हमें किसी के हताहत नहीं होने की ख़बर मिली। हमने तय किया कि हम कुछ ना करे। अगर कोई हताहत नहीं हुआ और हम किसी को हताहत कर दें तो ये ग़लत होता। हमने एक ज़िम्मेदार देश की तरह ये दिखाया कि हमले पर हम चुप नहीं होंगे।
- इस हमले में पायलट पाक के कब्ज़े में है। मैंने मोदी को कल फ़ोन करने की कोशिश की ताकि हम बता सकें। लेकिन वे नहीं चाहते कि बात हो। हमारी सारी कोशिश है कि तनाव कम हो।
- मैं हिंदुस्तान की आवाम से पूछना चाहता हूँ कि क्या इस ज़ुल्म से कश्मीर पाया जा सकता है? पिछले 20 साल में कोई भी कश्मीर के नेता भारत की नीतियों के साथ नहीं रहना चाहते। वो आज़ादी चाहते हैं। आख़िर क्यों कश्मीरी युवा ख़ुद को बम बना लेता है। आख़िर क्यों उनमें मरने का ख़ौफ़ ख़त्म हो गया है। भारत में एक बहस की ज़रूरत है। हर वक़्त पाकिस्तान पर ऊंगली ना उठाए।
- मोदी को पैग़ाम देना चाहता हूँ कि किसी को युद्ध की ओर ना ढकेलें। भारत से कहना चाहता हूँ, इसे यहीं रोक दें, आगे ना ले जाएं वरना पाकिस्तान को मजबूरी में जवाब देना होगा।
वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के बयान के बाद विज्ञान भवन में विज्ञान एवं तकनीक से जुड़े शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार समारोह में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाषण दिया।
इस दौरान उन्होंने इशारों-इशारों में कहा कि वैज्ञानिक जिस तरह से पायलट प्रोजेक्ट करते हैं, उसी तरह अभी-अभी एक पायलट प्रोजेक्ट हुआ है और अभी रियल करना है।
अब अभिनंदन की बात करते है। अभिनंदन भारतीय वायु सेना में विंग कमांडर हैं। वो बुधवार को मिग 21 लेकर उड़े थे, लेकिन पाकिस्तानी एयरफ़ोर्स ने इसे मार गिराया और पायलट को अपने क़ब्ज़े में ले लिया।
पाकिस्तानी सेना ने अभिनंदन का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है।
अभिनंदन के जो शुरुआती वीडियो पाकिस्तान से आए हैं, उनमें वो ज़ख़्मी दिख रहे थे और उनके चेहरे पर ख़ून फैला हुआ था।
एक वीडियो में अभिनंदन को कुछ लोग पीटते हुए दिख रहे थे। एक अन्य वीडियो में अभिनंदन की आंखों पर पट्टी है और वो कह रहे हैं, ''मेरा नाम विंग कमांडर अभिनंदन है। मेरा सर्विस नंबर 27981 है। मैं एक फ्लाइंग पायलट हूँ।''
एक और वीडियो में अभिनंदन चाय या कॉफ़ी पीते नज़र आ रहे हैं। अभिनंदन इस वीडियो में कह रहे हैं कि उनके साथ बढ़िया व्यवहार किया जा रहा है और वो अगर भारत वापस आते हैं, तब भी यही बात कहेंगे।
इस वीडियो में अभिनंदन ख़ुद को दक्षिण भारत का बता रहे हैं। उनसे यह भी पूछा गया कि क्या वो शादीशुदा हैं तो इसके जवाब में उन्होंने हां कहा।
अभिनंदन के पिता भी एयरफ़ोर्स में ही थे और उनके भाई भी एयरफ़ोर्स में ही हैं। अभिनंदन 2004 में कमीशन्ड हुए थे।
भारत का कहना है कि पाकिस्तान का वो दावा झूठा है जिसमें उसने कहा था कि उसकी सेना ने भारत में एफ़-16 लड़ाकू विमान का इस्तेमाल नहीं किया है।
पाकिस्तान की ओर से भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन को रिहा करने की घोषणा के बाद गुरुवार शाम भारत की तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारियों ने साउथ ब्लॉक के लॉन में संयुक्त प्रेस वार्ता की।
इस प्रेस कॉन्फ़्रेंस में पाकिस्तान द्वारा भारत के कश्मीर में सेना के ठिकानों पर हमले के लिए एफ़-16 लड़ाकू विमान के इस्तेमाल के सबूत पेश किए गए।
भारतीय वायु सेना ने कहा कि पाकिस्तानी वायु सेना का एफ़-16 लड़ाकू विमान भारतीय क्षेत्र में दाख़िल हुआ था और उसने सेना के परिसर को निशाना बनाया था, लेकिन नाकाम रहे।
भारतीय वायु सेना ने बताया कि इस घटना के बाद भारतीय वायु सेना के मिग-21 बाइसन विमानों ने एफ़-16 विमान का पीछा किया और उसे मार गिराया। इस दौरान भारतीय मिग-21 विमान ग़ायब हो गया और भारतीय वायु सेना के पायलट पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में गिरे।
इस प्रेस कॉन्फ़्रेस में थल सेना की ओर से मेजर जनरल सुरेंद्र सिंह महल, वायु सेना की ओर एयर वाइस मार्शल आर जी के कपूर और नौसेना की ओर से रियर एडमिरल दलबीर सिंह गुजराल शामिल हुए थे।
भारतीय वायुसेना के एयर वाइस मार्शल आर जी के कपूर ने बताया कि 27 फ़रवरी को भारतीय वायु सेना ने भारत के कश्मीर में पाकिस्तानी विमानों को दाख़िल होते देखा।
एयर वाइस मार्शल कपूर ने बताया कि पाकिस्तान कहता आया है कि इस घटना में एफ़-16 का इस्तेमाल नहीं हुआ है, लेकिन भारत के कश्मीर के राजौरी में एफ़-16 की एमरैम मिसाइल के टुकड़े बरामद हुए हैं।
विंग कमांडर अभिनंदन की पाकिस्तान से रिहाई की घोषणा पर कपूर ने कहा कि उनके वापस आने की ख़ुशी हुई है और यह जेनेवा कन्वेंशन के तहत लिया गया फ़ैसला है।
वायुसेना ने कहा कि पाकिस्तान झूठे दावे कर रहा है कि उसने एफ़-16 विमान का इस्तेमाल नहीं किया, उनके पास एमरैम मिसाइल के टुकड़ों के अलावा ऐसे इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर मिले हैं जो यह साबित करता है कि पाकिस्तान ने एफ़-16 का इस्तेमाल किया है।
भारतीय सेना के मेजर जनरल सुरेंद्र सिंह महल ने बताया कि पाकिस्तानी वायु सेना ने ब्रिगेड, बटालियन हेडक्वॉर्टर और लॉजिस्टिक को निशाना बनाया था। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पूरी तैयारी कर रखी है और किसी भी स्थिति के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा, ''हम शांति चाहते हैं और भड़काऊ कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।''
नौसेना के रियर एडमिरल दलबीर सिंह गुजराल ने कहा कि भारतीय नौसेना हर मोर्चे पर तैयार है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा किसी भी हरकत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नौसेना भारत और उसकी जनता की सुरक्षा में तैनात हैं।
एयर वाइस मार्शल कपूर ने बालाकोट में भारतीय कार्रवाई पर पूछे गए सवाल का भी जवाब दिया।
उन्होंने कहा, ''हमारे पास पूरे सबूत हैं कि वहां कितने लोग मारे गए थे और अभी यह कहना जल्दबाज़ी होगी। कुल कितने लोग मारे गए। हमारे पास सबूत हैं कि जो जगहें हमें नष्ट करने थे, वह हमने नष्ट किए और यह सरकार के ऊपर है कि वह कब सबूत जारी करती है या नहीं।''
सेना के मेजर जनरल सुरेंद्र सिंह महल ने कहा कि पिछले दो दिनों में कम से कम 35 बार पाकिस्तान ने सीज़फ़ायर उल्लंघन किया है और भारतीय सेना उसका जवाब दे रही है।
भारत और पाकिस्तान में जारी तनाव के बीच बुधवार को पाकिस्तान ने भारत के दो लड़ाकू विमानों को मार गिराने और दो पायलटों को गिरफ़्तार करने का दावा किया था।
पाकिस्तान के इन दावों पर भारत ने मिग-21 लड़ाकू विमान गिरने और एक पायलट के ग़ायब होने की बात को स्वीकार किया है।
इन सबके बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने अपने देश को संबोधित किया और कहा कि उनकी सेना को मजबूरी में जवाब देना पड़ा।
इमरान ख़ान ने कहा कि दोनों मुल्कों के पास जो हथियार हैं और उन हथियारों के साथ युद्ध में जाया गया तो अंजाम का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
इमरान ख़ान ने कहा, ''मेरे पाकिस्तानियों .... कल से जो हालात बन रहे हैं, उस पर मुझे आपसे कुछ कहना था। पुलवामा के बाद मैंने हिन्दुस्तान को जांच में सहयोग का ऑफर दिया था। मुझे पता है कि ऐसे हमलों में पीड़ित परिवारों पर क्या गुजरता है। इसलिए हमने सीधा-सीधा ऑफर किया था। हमने ये इसलिए कहा था कि हमारी ज़मीन का इस्तेमाल दहशतगर्द के लिए ना हो।''
उन्होंने कहा, ''हमारी मजबूरी थी कि हम प्रतिक्रिया दें। कोई भी संप्रभु मुल्क ऐसे चुप नहीं बैठ सकता है। हम चुप रहकर ख़ुद को अपराधी नहीं बना सकते थे। हमने बुधवार को जवाब दिया और बताया कि आप हमारे मुल्क में आ सकते हैं तो मैं भी आ सकता हूँ।''
इमरान ख़ान ने कहा, ''हम जानते हैं कि एक जो इस दुनिया से चले गए और जो जख्मी हुए, उनके घर वालों पर क्या गुजर रही है। इसलिए हमने सीधा-सीधा हिंदुस्तान को ऑफर किया कि जिस तरह की भी आप जांच चाहते हैं तो पाकिस्तान उसके लिए तैयार है। यह पाकिस्तान के इंटरेस्ट में नहीं है कि पाकिस्तान की ज़मीन इस्तेमाल की जाए। पुलवामा को लेकर हम जांच के लिए तैयार थे। अगर आप हमें इसकी जांच के लिए सबूत देते तो हमारी मजबूरी होगी उस पर जवाब देना। लेकिन जब आप एक्शन लेंगे तो जवाबी कार्रवाई करना पड़ेगा।''
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा, ''मुझे लग रहा था कि हिंदुस्तान में चुनाव होने हैं और उनकी तरफ़ से कोई कार्रवाई होगी। हमने मंगलवार को इसलिए इस पर कार्रवाई नहीं की क्योंकि हमें कितना नुक़सान हुआ, यह पता नहीं था। लिहाजा हमने इंतजार किया और आज हमने उसका जवाब दिया।''
पीएम ख़ान ने कहा, ''पाकिस्तान की कार्रवाई का जवाब देने हिन्दुस्तान के दो मिग पाकिस्तानी सीमा में घुसे। उन्हें मार गिराया गया। पायलट हमारे पास हैं। मैं हिन्दुस्तान से कहना चाहता हूँ कि यह बहुत ज़रूरी है कि हम थोड़ा अक्ल का इस्तेमाल करें।
दुनिया में जंगे हुई हैं। किसी ने भी यह नहीं सोचा है कि जंग किधर ले जाएगी। पहला विश्व युद्ध छह महीने में ख़त्म होना था, लेकिन इसमें छह साल लग गए।''
इमरान ख़ान ने कहा, ''दूसरे विश्व युद्ध में हिटलर ने सोचा कि मैं रूस को फतह कर लूं, उसने ये नहीं सोचा कि रूस की सर्दी उसकी तबाही का कारण बनेगी। वॉर ऑन टेरर में 17 साल लगे। क्या अमरीका ने सोचा था कि उसमें इतना वक़्त लगेगा। वियतनाम वॉर में इतना वक़्त लगेगा ये किसको पता था। जंगों को लेकर आकलन ग़लत होते हैं।''
ख़ान ने कहा, ''क्या हमें इस वक़्त सोचना नहीं चाहिए कि यहां से लड़ाई बढ़ती है तो ये किधर ले जाएगी। न मेरे और न ही नरेंद्र मोदी के नियंत्रण में होगी। इसलिए जब हम तैयार बैठे हैं, हमने आपको कहा कि जो पुलवामा की घटना हुई है, उसका जो आपको दुख पहुंचा है, दहशतगर्दी के ऊपर किसी तरह की बातचीत करना चाहते हैं। हमें बैठ कर बातचीत से इस मसले को हल करना चाहिए।''
भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि वो अपने कब्ज़े से इंडियन एयर फ़ोर्स के पायलट विंग कमांडर अभिनंदन की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करे।
इससे पहले पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने नियंत्रण रेखा के पार आए भारत के दो लड़ाकू विमानों को मार गिराया है और दो पायलटों को गिरफ़्तार किया है। लेकिन बाद में कहा कि उसके कब्ज़ें में सिर्फ़ एक भारतीय पायलट है।
जिस पायलट की बात हो रही है, वो इंडियन एयरफ़ोर्स के विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान हैं। उन्होंने बुधवार सुबह फाइटर प्लेन मिग 21 से उड़ान भरी थी।
भारत ने ये भी दावा किया है कि इंडियन एयर फ़ोर्स ने पाकिस्तान के लड़ाकू विमान एफ़-16 को मार गिराया है, लेकिन पाकिस्तान ने इसे ख़ारिज कर दिया है।
अभिनंदन भारतीय वायु सेना में विंग कमांडर हैं। वो बुधवार को मिग 21 लेकर उड़े थे, लेकिन पाकिस्तानी एयरफ़ोर्स ने मार गिराया और पायलट को अपने क़ब्ज़े में ले लिया।
पाकिस्तानी सेना का कहना है कि अभिनंदन उसके पास हैं और वो पूरी तरह से ठीक हैं। अभिनंदन का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है।
अभिनंदन के जो शुरुआती वीडियो पाकिस्तान से आए हैं, उनमें वो ज़ख़्मी दिख रहे हैं और उनके चेहरे पर ख़ून फैला हुआ है।
एक वीडियो में अभिनंदन को कुछ लोग पीटते हुए दिख रहे हैं। एक अन्य वीडियो में अभिनंदन की आंखों पर पट्टी है और वो कह रहे हैं, ''मेरा नाम विंग कमांडर अभिनंदन है। मेरा सर्विस नंबर 27981 है। मैं एक फ्लाइंग पायलट हूँ और मैं हिन्दू हूँ।''
इस बीच एक और वीडियो सामने आया है जिसमें अभिनंदन चाय या कॉफी पी रहे हैं। उनसे कोई पूछ रहा है और वो जवाब दे रहे हैं। अभिनंदन इस वीडियो में कह रहे हैं कि उनके साथ बढ़िया व्यवहार किया जा रहा है और वो अगर भारत वापस आते हैं, तब भी यही बात कहेंगे।
इस वीडियो में अभिनंदन ख़ुद को दक्षिण भारत का बता रहे हैं। उनसे यह भी पूछा गया कि क्या वो शादीशुदा हैं तो इसके जवाब में उन्होंने हां कहा।
अभिनंदन के पिता भी एयरफ़ोर्स में ही थे और उनके भाई भी एयरफ़ोर्स में ही हैं। अभिनंदन 2004 में कमीशन्ड हुए थे।
अभिनंदन के पाकिस्तान के क़ब्ज़े में आने पर भारत के सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अभिनंदन की सुरक्षित वापसी की उम्मीद जताई है। दूसरी तरफ़ जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया है कि वो अभिनंदन की वतन वापसी तक सारे राजनीतिक कार्यक्रम रद्द कर दें।
पाकिस्तान का विंग कमांडर अभिनंदन को पकड़ने का दावा, भारत ने कहा पायलट लापता
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि भारत का एक मिग-21 भी क्षतिग्रस्त हुआ और एक पायलट लापता है।
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने एयर वाइस मार्शल आर जी कपूर के साथ पत्रकारों को लिखित बयान पढ़कर सुनाया।
उन्होंने कहा, ''पाकिस्तान ने भारतीय सैनिक ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की, हमारी सेना तैयार थी इसलिए उनकी कोशिश नाकाम कर दी गई।''
''एरियल एनगेजमेंट में मिग-21 बाइसन ने पाकिस्तानी विमान को गिरा दिया, पाकिस्तानी साइड में उनका गिरता हुआ विमान ग्राउंड फोर्सेस ने देखा।''
उन्होंने कहा, ''दुर्भाग्यवश इस इनगेजमेंट में हमारा मिग विमान गिर गया, और पायलट 'मिसिंग इन एक्शन' है, पाकिस्तान ने हमारे पायलट के हिरासत में होने का दावा किया है और हम उनके इस दावे की पड़ताल कर रहे हैं।''
रवीश कुमार ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया, एयर वाइस मार्शल कपूर ने पत्रकारों से कुछ नहीं कहा।
इससे पहले, पाकिस्तानी सेना ने दो भारतीय पायलटों को गिरफ़्तार करने का दावा किया है। हालांकि भारत ने एक पायलट के ग़ायब होने की बात कही है।
पाकिस्तानी सेना ने एक वीडियो जारी किया था। पाक सेना का दावा था कि ये वीडियो एक भारतीय पायलट का है जिन्हें पाकिस्तानी सीमा के भीतर गिरफ़्तार किया गया है।
वीडियो में भारतीय वायु सेना की वर्दी पहने व्यक्ति की आंखों पर पट्टी बंधी है। यह व्यक्ति ख़ुद को विंग कमांडर बताते हुए अपना नाम अभिनंदन बता रहा है।
इस व्यक्ति की वर्दी में अँग्रेज़ी में उसका नाम लिखा है और यह व्यक्ति अपना सर्विस नंबर भी बता रहा है।
इस वीडियो में यह व्यक्ति सवाल पूछ रहा है क्या वो पाकिस्तान की सेना के कब्जे़ में है?
पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर दो पायलटों की गिरफ्तारी का दावा किया गया है और उनकी तस्वीरें भी दी गई हैं।
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने दूसरे भारतीय पायलट को सेंट्रल मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराए जाने की बात कही है।
अब तक क्या हुआ
- मंगलवार को भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में चरमपंथी संगठनों के ठिकानों को हवाई हमले से ध्वस्त करने का दावा किया था। पाकिस्तान ने भारत के दावों को ख़ारिज करते हुए कहा था कि भारत के विमानों ने पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया है। इसके बाद दोनों देशों में तनाव भरे बयान आते रहे और पाकिस्तान ने कहा कि वो जवाब देगा।
- बुधवार को दिन में 10 बजे के आसपास जम्मू-कश्मीर के बडगाम में इंडियन एयर फ़ोर्स के एक चॉपर के क्रैश होने की ख़बर आई। इस क्रैश में दो लोगों के मारे जाने की बात सामने आई।
- 12 बजे पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ़ गफ़ूर ने ट्वीट कर कहा, ''बुधवार सुबह इंडियन एयरफ़ोर्स के दो विमान नियंत्रण रेखा पार कर गए थे और पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई में दोनों को मार गिराया। एक विमान पाकिस्तान के कश्मीर में गिरा और एक भारत के कश्मीर में। दो भारतीय पायलटों को गिरफ़्तार कर लिया गया है।
- मेजर जनरल गफ़ूर ने इसके बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस की और अपने दावों को विस्तार से रखा। गफ़ूर ने कहा, ''भारत ने मंगलवार को जो दावा किया था, उस पर पाकिस्तानी सेना के पास जवाब देने के अलावा कोई चारा नहीं था। लेकिन हमें वो तरीक़ा नहीं अपनाना था जिसे भारत ने अपनाया था। हमने आत्मसुरक्षा में आज भारतीय विमानों को मार गिराया।''
- पाकिस्तान की सरकार ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक वीडियो जारी किया। इस वीडियो में दावा किया गया है कि ये गिरफ़्तार भारतीय पायलट हैं।
- पाकिस्तान के इन दावों पर भारत सरकार की तरफ़ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई। भारतीय मीडिया ने सूत्रों के आधार पर ये कहना शुरू कर दिया कि भारत ने पाकिस्तान के दावों को नकार दिया है।
पाकिस्तानी सेना ने एक वीडियो जारी किया है। पाक सेना का दावा है कि ये वीडियो एक भारतीय पायलट का है जिन्हें पाकिस्तानी सीमा के भीतर गिरफ़्तार किया गया है।
इस वीडियो पर भारत की प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई है।
पाकिस्तानी सेना ने दो भारतीय पायलटों को गिरफ़्तार करने का दावा किया है।
वीडियो में भारतीय वायु सेना की वर्दी पहने व्यक्ति की आंखों पर पट्टी बंधी है। यह व्यक्ति ख़ुद को विंग कमांडर बताते हुए अपना नाम अभिनंदन बता रहा है।
उस व्यक्ति ने भारतीय वायु सेना की वर्दी पहन रखी है, जिस पर अँग्रेज़ी में उसका नाम लिखा है। यह व्यक्ति अपना सर्विस नंबर भी बता रहा है।
इस वीडियो में यह व्यक्ति सवाल पूछ रहा है क्या वो पाकिस्तान की सेना के कब्जे़ में है ?
पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर दो पायलटों की गिरफ्तारी का दावा किया गया है और उनकी तस्वीरें भी दी गई हैं।
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने दूसरे भारतीय पायलट को सेंट्रल मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराए जाने की बात कही है।
आईबीटीएन इन दावों की पुष्टि नहीं कर सकता।









