विदेश

नौशेरा : पाक सेना ने कहा, हमने अपने बचाव में भारत पर हमला किया है

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ़ गफ़ूर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा है कि उसकी वायु सेना ने बुधवार सवेरे भारत प्रशासित कश्मीर में छह ठिकानों पर हमले किए हैं।

उनका कहना है, ''हमने हमले अपने बचाव में किए हैं। पाकिस्तान की सेना के पास जवाब देने के अलावा कोई चारा नहीं था।''

उन्होंने कहा कि वो भारत के तरीक़े से जवाब देने की बजाय ऐसे मुल्क की तरह जवाब देना चाहते थे जो ज़िम्मेदार है।

उन्होंने कहा, ''आज सवेरे पाकिस्तान एयरफोर्स ने ये फ़ैसला किया कि वो कोई सैन्य टार्गेट नहीं लेंगे। साथ ही इसमें किसी इंसानी ज़िदगी का नुक़सान नहीं हो। हमारी सेना ने अपनी हदों के भीतर रहते हुए टार्गेट लॉक किए और थोड़े फ़ासले पर खुली जगह पर हमले किए।

''भिंबर गली, केजी टॉप और नारियान के इलाक़े में भारतीय सेना के सप्लाई डिपो पर हमले लॉक किया। लेकिन हमले ज़िम्मेदारी का सबूत देते हुए उससे कुछ दूरी हमले किए।''

पाक सेना के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तानी सेना के हमले के बाद भारतीय एयरफ़ोर्स के दो लड़ाकू विमान सीमा के नज़दीक आए थे जिनका पाकिस्तानी वायुसेना ने मुक़ाबला किया और उन्हें मार गिराया।

''इनमें से एक हमारी सीमा के पास गिरा, जबकि एक भारतीय सीमा के नज़दीक गिरा है। लेकिन भारत में एक और भारतीय विमान के गिरने की ख़बर है उसमें पाकिस्तान का कोई हाथ नहीं है।''

''भारतीय मीडिया में दावा किया जा रहा है कि भारत ने पाकिस्तान का एफ़-16 विमान गिराया है, लेकिन हमने एफ़-16 का इस्तेमाल नहीं किया है।''

उनका कहना है, ''हम शांति का रास्ता अख़्तियार करना चाहते हैं। लोगों को हक़ है कि वो शांति से रहें। आइए मिल कर बैठें और बातचीत करें। हूकूमते पाकिस्तान की शांति की अपील को भारत सुने और फ़ैसला करे।''

हालांकि पाकिस्तानी सेना के इन दावों की किसी भी स्वतंत्र स्रोत से अब तक पुष्टि नहीं हो सकी है।

समाचार एजेंसियों पीटीआई और रॉयटर्स के मुताबिक़, बालाकोट हमले के अगले दिन यानी बुधवार को पाकिस्तान के विमान ने भारतीय वायु सीमा में प्रवेश किया।

एजेंसी के अनुसार, पाकिस्तानी विमान जम्मू-कश्मीर के राजौरी ज़िले के नौशेरा सेक्टर में दाख़िल हुए हैं।

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, भारत के विमानों ने पाकिस्तानी विमानों को भागने पर मजबूर कर दिया जिसके बाद वो पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की तरफ़ भाग गए।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स का कहना है कि पठानकोट, श्रीनगर, जम्मू, लेह के हवाई अड्डों को बंद किया गया है।

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, श्रीनगर, जम्मू, लेह, चंडीगढ़ और अमृतसर हवाईअड्डों से उड़ानों को रोक दिया गया है। हालांकि चंडीगढ़ के एयरपोर्ट के निदेशक ने बीबीसी को बताया है कि हवाई अड्डा सामान्य रूप से काम कर रहा है।

विमानन कंपनी एयर विस्तारा ने जानकारी दी है कि "एयरस्पेस में रोक लगाए जाने के कारण अमृतसर, श्रीनगर, चंडीगढ़ और जम्मू से उड़ानों को फिलहाल रोक दिया गया है।''

मंगलवार को भारत ने दावा किया था कि उसने पाकिस्तान के बालाकोट में हवाई हमले किए हैं, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद के कई ठिकानों को नष्ट कर दिया गया।

जवाब में पाकिस्तान ने कहा था कि भारतीय विमानों से उनकी हवाई सीमा का उल्लंघन किया है। हालांकि पाकिस्तान ने इससे इनकार किया है कि इससे कोई नुक़सान हुआ है।

पाकिस्तान का कहना था कि भारतीय विमान जल्दी में कुछ विस्फोटक गिराकर लौट गए। बाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की।

जिसके बाद पाकिस्तानी सेना ने कहा कि वे इस हमले का जवाब देंगे।

दरअसल पुलवामा में एक आत्मघाती हमले में सीआरपीएफ़ के 40 जवानों के मारे जाने के बाद दोनों ही देशों में तनाव बढ़ गया था। भारत ने कहा था कि वो इस हमले का जवाब देगा।

नौशेरा : पाकिस्तान का दावा : दो भारतीय विमान मार गिराए, एक पायलट गिरफ़्तार

पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है कि उसने भारत के दो लड़ाकू विमान को मार गिराए हैं।

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ़ ग़फ़ूर ने ट्वीट कर कहा है कि पाकिस्तानी वायु सेना ने पाकिस्तानी एयर स्पेस में दाख़िल होने वाले दो भारतीय लड़ाकू विमान को मार गिराया है।

मेजर जनरल आसिफ़ ग़फ़ूर ने ट्वीट किया है, ''आज सवेरे पाकिस्तानी वायु सेना के हमले के जवाब में भारतीय वायु सेना ने भारत-पाक नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार की। पाकिस्तानी वायु सेना ने पाकिस्तानी एयरस्पेस के भीतर दो भारतीय विमान मार गिराए।''

''एक विमान आज़ाद जम्मू कश्मीर में गिरा, जबकि दूसरा भारतीय अधिकृत कश्मीर में। एक भारतीय पायलट को गिरफ़्तार कर लिया गया है।''

हालांकि पाकिस्तानी सेना के इस दावे की किसी भी स्वतंत्र स्रोत से अब तक पुष्टि नहीं हो सकी है।

उधर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. मोहम्मद फ़ैसल ने कहा है कि ''पाकिस्तान वायु सेना ने अपने वायु सीमा के अंदर रहकर नियंत्रण रेखा के दूसरी तरफ़ बमबारी की है। हालांकि, ये भारत की हरकत पर की गई जवाबी कार्रवाई नहीं थी।''

''इसलिए पाकिस्तान ने ग़ैर-सैन्य लक्ष्य को निशाना बनाया, ताकि इंसानी जान का नुक़सान ना हो और कोलेट्रल डैमेज भी ना हो। इसका मक़सद आत्मरक्षा के अपने अधिकार, इच्छाशक्ति और क्षमता का इज़हार करना था। हम इस टकराव को बढ़ाने की कोई मंशा नहीं रखते, लेकिन मजबूर किया गया तो पूरी तरह तैयार हैं। यही वजह है कि हमने ये स्ट्राइक चेतावनी के साथ और दिन में की है।''

समाचार एजेंसियों पीटीआई और रॉयटर्स के मुताबिक़, बालाकोट हमले के अगले दिन यानी बुधवार को पाकिस्तान के लड़ाकू विमान ने भारतीय वायु सीमा में प्रवेश किया।

एजेंसी के अनुसार, पाकिस्तानी विमान जम्मू-कश्मीर के राजौरी ज़िले के नौशेरा सेक्टर में दाख़िल हुए हैं।

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, भारत के विमानों ने पाकिस्तानी विमानों को भागने पर मजबूर कर दिया जिसके बाद वो पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की तरफ़ भाग गए।

मंगलवार को भारत ने पाकिस्तान के बालकोट स्थित जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही थी।

भारतीय विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा था कि भारतीय वायुसेना ने ख़ुफ़िया जानकारी के बाद नियंत्रण रेखा पार कर जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े कैंप को तबाह कर दिया है।

विजय गोखले ने कहा था, ''विश्वसनीय सूचना मिली थी कि जैश-ए-मोहम्मद देश के दूसरे हिस्सों में आत्मघाती हमले की तैयारी कर रहा था और इसके लिए फ़िदायीन जिहादियों को प्रशिक्षण दिए जा रहे थे।''

''ऐसे में किसी संभावित हमले को रोकने के लिए जवाबी कार्रवाई करना बिल्कुल ज़रूरी हो गया। मंगलवार तड़के भारत ने बालाकोट में जैश के सबसे बड़े ट्रेनिंग कैंप को निशाना बनाया।''

''इस अभियान में जैश के चरमपंथियों, प्रशिक्षकों, वरिष्ठ कमांडरों और वहाँ प्रशिक्षण ले रहे जिहादियों को ख़त्म कर दिया गया। इस हमले में विशेष तौर पर केवल जैश के शिविर को निशाना बनाया गया और विशेष ध्यान रखा गया कि आम लोग इसकी चपेट में ना आएँ।''

भारत के इस दावे के जवाब में पाकिस्तान ने कहा था कि भारतीय विमान पाकिस्तानी एयरस्पेस में दाख़िल तो हुए थे, लेकिन पाकिस्तानी वायु सेना की जवाबी कार्रवाई में भारतीय विमान भाग गए थे और जाते हुए हड़बड़ाहट में बालाकोट के पास कुछ पेलोड यानी की बम गिराए थे।

पाकिस्तान ने ये भी कहा था कि वो भारत की इस हरकत का करारा जवाब देगा।

एलओसी पर गोलाबारी : पाकिस्तान के 4 लोगों की मौत, भारतीय सेना के पाँच जवान घायल

पाकिस्तान के बालाकोट में भारतीय वायुसेना के एक आतंकी संगठन के शिविर पर हमले के बाद कश्मीर से लगती नियंत्रण रेखा पर तनाव बढ़ गया है। नियंत्रण रेखा पर कई जगह दोनों देशों के सुरक्षाबलों के बीच गोलाबारी की ख़बर है।

भारत और पाकिस्तान दोनों ने ही एक-दूसरे पर कश्मीर से लगती नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है।

मंगलवार की शाम को कोटली सेक्टर में भारतीय सुरक्षाबलों की गोलाबारी में पाकिस्तान के चार लोगों की मौत की ख़बर है।  मरने वालों में तीन महिलाएं और एक बच्चा शामिल है। गोलीबारी में कई लोग घायल भी हुए हैं।  पाक अधिकारियों के मुताबिक, भारतीय सुरक्षा बलों ने नियंत्रण रेखा पर रवाकोट, भांबर, चाकोत, और कोटली में मशीनगनों से गोलियां चलाई और कई मोर्टार दागे।

कोटली ज़िले में गोलाबारी का असर सबसे अधिक हुआ। नियंत्रण रेखा से लगे सभी चार सेक्टर्स में भारी गोलाबारी हुई।

उधर, भारत ने भी पाकिस्तान पर नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।

भारतीय सेना के मुताबिक, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने नियंत्रण रेखा के करीब संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है।

भारतीय सेना ने दावा किया है कि पाकिस्तान की ओर से जम्मू-कश्मीर के अखनूर, नौशेरा और कृष्णा घाटी सेक्टर में संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया।

भारतीय सेना की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ''ये (संघर्ष विराम उल्लंघन) भारतीय समय के मुताबिक करीब 1730 बजे शुरू हुआ। पाकिस्तान ने बिना उकसावे के भारी गोलीबारी के जरिए संघर्ष विराम उल्लंघन किया। भारतीय सेना मजबूती और प्रभावी तरीके से जवाब दे रही है।''

भारतीय सेना के मुताबिक, इस हमले में सेना के पांच जवान घायल हुए हैं और उन्हें सेना के अस्पताल ले जाया गया है।

पुंछ और राजौरी ज़िले के नियंत्रण रेखा से पांच किलोमीटर तक दूरी के सभी स्कूलों को अगले आदेश तक बंद रखने को कहा गया है।

भारत के कश्मीर के पुलवामा में 14 फ़रवरी को केंद्रीय रिज़र्व पुलिसबल के काफ़िले पर हुए आतंकी हमले के बाद दोनों के बीच भारी तनाव है। इस हमले में सीआरपीएफ़ के 40 से अधिक जवान मारे गए थे। भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान स्थित चरमपंथी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को ज़िम्मेदार ठहराया है, जबकि पाकिस्तान इन आरोपों को सिरे से ख़ारिज करता है।

बालाकोट : हम इसका जवाब देंगे, भारत को सरप्राइज देंगे : पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता

भारत के हवाई हमले के बाद अब पाकिस्तान ने जवाब दिया है। पाकिस्तान के सशस्त्र सेना बल के प्रवक्ता मेजर जनरल आशिफ गफ़ूर ने कहा कि भारत झूठ का सहारा लेकर हवाई हमले का दावा कर रहा है, जबकि हकीकत कुछ और है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ख़ामोश नहीं है, वो समय आने पर अपने तरह से जवाब देगा और भारत को इसके लिए तैयार रहना चाहिए।

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर आसिफ़ गफूर ने कहा है कि ''बेवकूफ दोस्त से अक्लमंद दुश्मन बेहतर होता है। भारत दुश्मनी में बेवकूफ़ी और झूठ का सहारा लेता है।''

उन्होंने ये भी कहा, ''भारतीय मीडिया में दावा किया जा रहा है कि भारतीय वायुसेना के विमान 21 मिनट तक पाकिस्तान की सीमा पर रहे। लेकिन हम कह रहे हैं कि वे आएं और पाकिस्तान की सीमा में 21 मिनट तक रहकर दिखाएं।''

गफूर ने ये भी कहा है कि भारत के विमानों के सीमा तक आने की जानकारी रडार से मिल रही थी।

उन्होंने ये भी बताया, ''हमने तीन जगह उनकी विमानों को जवाब दिया। दो जगह तो वे हमारी सीमा में घुस भी नहीं पाए, लेकिन तीसरे जगह में वे हमारी सीमा में आए और करीब चार मिनट के अंदर ही उन्हें वापस जाना पड़ा।''

गफूर के मुताबिक, जब भारतीय विमानों को वापस जाना पड़ा तो उन्होंने पेलोड गिराए। इसमें चार बम गिराए गए, लेकिन इससे कोई नुकसान नहीं हुआ। कोई भी जाकर देख सकता है। हम लोगों को वहां ले जा रहे हैं।

भारत 350 चरमपंथियों को मारने की बात कह रहा है, लेकिन वहां कुछ तो मलबा होगा, कुछ तो शव होते, लेकिन वहां कुछ भी नहीं है।

गफूर ने ये भी कहा है, ''भारत पाकिस्तान को चौंका नहीं सकता, हम ऐसी स्थिति के लिए तैयार थे। हम इसका जवाब देंगे। अलग तरह से जवाब देंगे और भारत को सरप्राइज देंगे।''

गफूर ने ही सबसे पहले ट्वीट करके दुनिया को बताया था कि भारतीय विमान पाकिस्तान की सीमा में घुसे थे।

मैं देश नहीं झुकने दूंगा, मैं देश नहीं रुकने दूंगा : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने बालाकोट पर भारतीय हवाई हमलों पर दिया जवाब

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने बालाकोट पर भारतीय हवाई हमलों पर दिया जवाब

पाकिस्तान में बालाकोट पर भारतीय वायु सेना द्वारा एयर स्ट्राइक के चश्मदीद गवाह की सुनिए

पाकिस्तान में बालाकोट पर भारतीय वायु सेना द्वारा एयर स्ट्राइक के चश्मदीद गवाह की सुनिए

पाक के विदेश मंत्री ने कहा, ये पाकिस्तान के ख़िलाफ़ आक्रमण है और पाकिस्तान जबाव देगा

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान की संप्रुभता का उल्लंघन किया है।

भारत सरकार का कहना है कि भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान के भीतर जैश-ए-मोहम्मद के कैंप को तबाह किया है, वहीं पाकिस्तान का कहना है कि उसकी वायु सेना ने भारतीय विमानों को वापस खदेड़ दिया।

इसी बीच पाकिस्तान में सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई गई है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद जारी किए गए बयान में भारत के दावों को खारिज करते हुए कहा गया, ''भारत के बालाकोट के पास कथित आतंकी शिविर को नष्ट करने और भारी जानी नुक़सान होने के दावे को सख़्ती से ख़ारिज करते हैं।''

पाकिस्तान स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया के पत्रकारों को मौके पर भी ले जा रहा है। पाकिस्तान की ओर से कहा गया है कि वह भारत के इस ग़ैर ज़रूरी आक्रमण का अपनी पसंद की जगह और समय पर जबाव देगा।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने बैठक के बाद कहा, ''एक बार फिर भारत सरकार ने अपने उद्देश्य पूरे करने के लिए बेबुनियाद और मनगढ़ंत दावे किए हैं। ये अपनी घरेलू ज़रूरतें पूरा करने के लिए किया गया है क्योंकि माहौल चुनाव का है और इसके लिए क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को गंभीर ख़तरे में डाल दिया है।''

क़ुरैशी ने कहा, ''प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने सेना के सभी अंगों और आम लोगों से किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहने के लिए कहा है।''

उन्होंने कहा, ''ये पाकिस्तान के ख़िलाफ़ आक्रमण है और पाकिस्तान जबाव देगा।''

पाकिस्तानी विदेश मंत्री की प्रेस वार्ता में एक पत्रकार ने रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री से पूछा, ''क्या हम ऐसी स्थिति में हैं कि अबकी मार के देख, क्या पाकिस्तान अब भारत को जबाव देगा?''

क़ुरैशी ने कहा, ''ये ऐसा समय है, जब आपको पाकिस्तानी वायु सेना की क्षमता और तैयारी पर सवाल नहीं करना चाहिए। पाकिस्तान का नेतृत्व, चाहे वो सैन्य नेतृत्व हो या राजनीतिक नेतृत्व हो, भारत को कब जबाव देना है, कैसा जबाव देना है, ये नेतृत्व की परीक्षा है।''

उन्होंने कहा, ''हालात को और ख़राब करना न हमारा मक़सद था और ना है, लेकिन आक्रमण का जबाव देना हमारा हक़ है। अभी स्थिति बहुत नाज़ुक है, मैं आपसे कोई ग़ैर ज़िम्मेदाराना बात नहीं कहूंगा कि मेरे जुमले से बात बिगड़े। हम शांतिप्रिय देश हैं, लेकिन हम पाकिस्तानी सरहदों की रक्षा के महत्व को भी समझते हैं।

पाकिस्तान के प्रमुख समाचार चैनल डॉन न्यूज़ में कहा जा रहा है - भारतीय वायुसेना ने नियंत्रण रेखा का उल्लंघन किया, मुज़फ़्फ़राबाद सेक्टर में तीन से चार मील भीतर तक घुस आए। पाकिस्तानी वायु सेना ने तुरंत जबाव दिया तो जल्दबाज़ी में पेलोड गिराकर भागे। सरकार का कहना है कि कोई जानी या माली नुकसान नहीं हुआ। डॉन टीवी पर एक रिपोर्ट में कहा गया कि पेलोड गिरने से कुछ पेड़ों को नुक़सान पहुंचा है।

वहीं डॉन न्यूज़ की वेबसाइट पर भी इसी ख़बर को दोहराया गया है। अपनी रिपोर्ट में डॉन न्यूज़ ने पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ़ गफ़ूर के बयान को तो शामिल किया है, लेकिन ज़मीनी हालात के बारे में कुछ नहीं बताया गया है। डॉन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि भारतीय विमानों ने बालाकोट में अपना पेलोड गिराया, लेकिन इससे कोई नुक़सान नहीं हुआ है।

समा टीवी की रिपोर्ट में भी यही बातें दोहराई गईं हैं और कहा गया है कि पाकिस्तानी वायुसेना ने भारत के हवाई हमले को नाकाम कर दिया। समा टीवी ने भी अपनी रिपोर्ट को पाकिस्तानी सेना के बयान तक ही सीमित रखा है और ज़मीनी हालात के बारे में कुछ नहीं बताया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दो भारतीय लड़ाकू विमानों ने अपना पेलोड गिराया, लेकिन कोई नुक़सान नहीं हुआ है।

वहीं वेबसाइट द न्यूज़ इंटरनेशनल ने अपनी एक रिपोर्ट में सवाल उठाया कि ''भारत अपने दावों के सबूत पेश करने में नाकाम रहा।'' रिपोर्ट में कहा गया, ''एक ओर पाकिस्तानी सेना ने घटनाक्रम के बारे में देश को लगातार अपडेट दीं, वहीं भारतीय रक्षा मंत्रालय भारतीय वायु सेना की दख़लअंदाज़ी से पूरी तरह बेख़बर था। घंटों बाद भारतीय रक्षा सचिव ने प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया, जहां उन्हें अपने लोगों को सटीक तथ्य बताने थे, लेकिन उन्होंने और ज़्यादा भ्रम फैलाया।''

बालाकोट : लाइन ऑफ़ कण्ट्रोल के पास नहीं, ख़ैबर के बालाकोट में हुआ हमला

बीबीसी के मुताबिक, भारतीय वायु सेना ने जैश-ए-मोहम्मद के जिस कैंप को निशाना बनाया, वो ख़ैबर-पख़्तूनख़्वाह प्रांत में है, ना कि नियंत्रण रेखा के नज़दीक।

आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर बीबीसी ने बताया कि ''लड़ाकू मिराज 2000 विमानों ने ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह प्रांत में जंगल में बने जैश-ए-मोहम्मद के ट्रेनिंग कैंप पर हमला किया है।''

पहले इस बात को लेकर भ्रम था कि हमला पुंछ के नज़दीक बालाकोट नाम की जगह पर हुआ है, या फिर ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह प्रांत में हुआ है।

अब आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर बीबीसी संवाददाता ज़ुबैर अहमद ने बताया है कि जिस बालाकोट पर हमला किया गया है, वह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के आगे ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह प्रांत का हिस्सा है जो मानशेरा ज़िले में है।

हालांकि भारत ने आधिकारिक तौर पर यह साफ़ नहीं किया है कि मिराज विमानों ने किस बालाकोट को निशाना बनाया है।

भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, ''इस कार्रवाई में बहुत बड़ी संख्या में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी, ट्रेनर, सीनियर कमांडर और जिहादियों के समूह मारे गए हैं, ये लोग भारत पर फ़िदायीन हमले करने की तैयारी कर रहे थे। बालाकोट का ठिकाना मौलाना यूसुफ़ अज़हर चला रहा था जिसे उस्ताद ग़ौरी के नाम से भी जाना जाता था, वह मसूद अज़हर का साला है।''

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने सुबह 09:59 बजे ट्वीट करके कहा था कि भारतीय लड़ाकू विमानों ने नियंत्रण रेखा के पार मुज़फ़्फ़राबाद सेक्टर में हमले किए हैं। इसके बाद से अब तक पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।

पाकिस्तान में बीबीसी के संवाददाता इलियास ख़ान ने बताया है कि बालाकोट मानशेरा ज़िले का हिस्सा है। भारतीय विमानों ने जिस जगह बम गिराए हैं उसका नाम जाबा टॉप है, जो एक पहाड़ी चोटी है। हिज़्बुल मुजाहिदीन जाबा में ट्रेनिंग कैंप चलाता रहा है।

पाकिस्तान ने इस इलाक़े की फ़ौरन घेराबंदी कर दी है, जाबा, गढ़ी हबीबुल्लाह और बालाकोट इलाक़ों के लोगों ने बीबीसी उर्दू के पत्रकार ज़ुबैर ख़ान को बताया कि सुबह के तीन से चार बजे के बीच उन्होंने ज़ोरदार धमाकों की आवाज़ें सुनीं। मारे जाने वाले लोगों की तादाद के बारे में अभी तक कोई जानकारी सामने नहीं आई है।

बालाकोट के आसपास के पुलिस अधिकारियों ने अपना नाम न छापने की शर्त पर कहा कि उन्होंने धमाके की जगह पर जाने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा बलों ने उस इलाक़े को अपनी निगरानी में ले लिया है।

पाकिस्तान ने हाफिज सईद के जमात-उद-दावा पर प्रतिबंध लगाया

पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान ने गुरुवार को 2008 हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के जमात-उद-दावा पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही, इससे जुड़े फाउंडेशन फलाह-ए-इंसानियत पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। आंतरिक मामलों के एक प्रवक्ता के अनुसार, पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक के दौरान यह फैसला लिया गया है। बैठक का आयोजन पाक प्रधानमंत्री इमरान खान के दफ्तर में हुआ था।

प्रवक्ता के अनुसार, बैठक में तय किया गया कि प्रतिबंधित संगठनों के खिलाफ कार्रवाई तेज की जाएगी। इसी दौरान यह तय गया कि जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन को प्रतिबंधित संगठनों की सूची में शामिल किया जाएगा। इससे पहले भी दोनों ही संगठनों पर पाकिस्तान के आंतरिक मंत्रालय की लगातार नजर थी। बैठक की अध्यक्षता पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने की। इस दौरान आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की समीक्षा की गई। बैठक में पाकिस्तान सुरक्षा के सभी चीफ मौजूद थे।

सवाल उठता है कि 14 फरवरी को पुलवामा हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी, जबकि पाकिस्तान सरकार ने प्रतिबन्ध लगाया है हाफिज सईद के जमात-उद-दावा और इससे जुड़े फाउंडेशन फलाह-ए-इंसानियत पर। पाकिस्तान सरकार को जैश-ए-मोहम्मद और मसूद अज़हर पर भी प्रतिबन्ध लगाना चाहिए।