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हर धर्म, हर प्रदेश, हर जाति का नाम आपने रोशन किया है : राहुल गांधी

हर धर्म, हर प्रदेश, हर जाति का नाम आपने रोशन किया है : राहुल गांधी

मेरा काम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गलत कामों को छुपाना था : पूर्व अटॉर्नी माइकल कोहेन

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व अटॉर्नी माइकल कोहेन को चुनाव अभियान के दौरान चंदे का दुरुपयोग करने समेत विभिन्न अपराधों में बुधवार को तीन साल कैद की सजा सुनायी गयी। कोहेन पर उन दो महिलाओं को मामले को रफा दफा करने के लिए पैसे देने का भी आरोप है जिनसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संबंध थे।

अदालत में कोहेन ने कहा कि अपने निजी बर्तावों और अमेरिका के राष्ट्रपति से जुड़े बर्तावों के संबंध के बारे में मैंने जो कुछ अपना अपराध कबूला है, मैं उन सभी की जिम्मेदारी लेता हूँ।

कोहेन को न्यूयार्क के सदर्न डिस्ट्रिक के डिस्ट्रिक कोर्ट ने 36 महीने कैद की सजा सुनायी।

अमेरिकी डिस्ट्रिक न्यायाधीश विलियम पौले ने कोहेन को विशेष वकील रॉबर्ट म्यूलर के आरोप के संदर्भ में भी दो महीने की अतिरिक्त सजा सुनायी। म्यूलर 2016 के चुनाव में रूस के दखल की जांच कर रहे हैं।

कोहेन को छह मार्च को आत्मसमर्पण करने को कहा गया है।

जमाल खाशोगी समेत 4 पत्रकारों को टाइम पर्सन ऑफ द ईयर चुना गया

अमेरिका की प्रतिष्ठित पत्रिका टाइम मैगजीन ने दुनिया भर के कई बहादुर पत्रकारों को इस साल का 'पर्सन ऑफ द ईयर' चुना है। पर्सन ऑफ द ईयर का सम्मान इस बार चार पत्रकारों और एक अखबार को संयुक्त रूप से दिया गया है। इन्हें पत्रिका ने दुनिया भर में लड़ी जा रही अनगिनत लड़ाइयों का प्रतिनिधि बताया है। इसमें कई ऐसे पत्रकार हैं जिनकी या तो हत्या कर दी गई या फिर उन्हें अपने काम के लिए सजा और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा है।

इसमें सऊदी अरब के दिवंगत पत्रकार जमाल खाशोगी के अलावा म्यांमार सरकार द्वारा जेल में बंद किए गए समाचार एजेंसी रॉयटर्स के पत्रकार भी शामिल हैं। टाइम पत्रिका ने इस सबको अपनी कवर स्टोरी बनाकर 'द गार्जियन्स एंड द वॉर ऑन ट्रुथ' शीर्षक के साथ प्रकाशित किया है। इन लोगों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए उनके संघर्ष के लिए यह सम्मान मिला है। टाइम पत्रिका 1927 से पर्सन ऑफ द ईयर टाइटल से सम्मानित करता आ रहा है। इस सप्ताह के अंत में चार अलग-अलग कवर वाली पत्रिका प्रकाशित की गई है। प्रत्येक में अलग-अलग सम्मानितों को दिखाया गया है।

रॉयटर्स के दो पत्रकारों 32 साल के वा लोन और 28 साल के क्यो सू ओउ पर औपनिवेशिक काल के एक कानून आधिकारिक गोपनीयता एक्ट की धारा लगाकर म्यांमार सरकार ने करीब एक साल से जेल में बंद रखा हुआ है। इस मामले से पता चलता है कि म्यांमार में सही मायने में कितनी लोकतांत्रिक आजादी है। यह पत्रकार वहां से भगाए जा रहे रोहिंग्या मुसलमानों की रिपोर्टिंग कर रहे थे, जिससे सरकार नाराज थी।

वाशिंगटन पोस्ट के पत्रकार सऊदी अरब के जमाल खाशोगी 2 अक्तूबर को कुछ कागजात लेने के लिए इस्तांबुल में सऊदी वाणिज्य दूतावास गए थे और उसके बाद लापता हो गए। घटना के कुछ दिन बाद तुर्क अधिकारियों ने कहा कि उन्हें मारने के इरादे से तुर्की भेजे गए 15 सऊदी अरब के एजेंटों ने पूर्व नियोजित साजिश के तहत उनकी हत्या कर दी। खाशोगी सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के आलोचक माने जाते थे।

इनके अलावा मैरीलैंड के एनापोलिस के अखबार 'कैपिटल गेजेट' भी चुना गया। जून में अखबार के दफ्तर पर हुए हमले में पांच लोग मारे गए थे। साथ ही फिलीपींस की पत्रकार मारिया रेसा को भी गार्जियन ऑफ ट्रूथ माना गया, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।

वर्ष 2016 में टाइम पर्सन ऑफ द ईयर रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बार भी मुख्य दावेदार थे, लेकिन अंत में वह दूसरे स्थान पर रहे। 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की जाँच कर रहे विशेष काउंसर रॉबर्ट मुलर तीसरे स्थान पर रहे।

जी -20: अर्जेंटीना में शी जिनपिंग से मिले मोदी

अर्जेंटीना में आयोजित जी-20 समिट से इतर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। शी जिनपिंग के साथ हुई बैठक में मोदी ने कहा कि यह वर्ष दोनों देशों (चीन और भारत) के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा है। मुझे विश्वास है कि आने वाला वर्ष और भी बेहतर रहेगा।

मोदी ने कहा कि हमें संयुक्त राष्ट्र और अन्य संगठनों में विकासशील देशों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक आवाज़ में बात करने की जरूरत है। यही वजह है कि हम ब्रिक्स के लिए साथ आएं हैं।

मोदी और शी अप्रैल में चीनी शहर वुहान में हुई अपनी अनौपचारिक बैठक के बाद दो बार मिल चुके हैं। वे दोनों जून में चीन के चिंगदाओ में हुए शंघाई सहयोग संगठन (एस सी ओ) सम्मेलन में मिले थे और फिर जुलाई में दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में उनकी मुलाकात हुई थी। मोदी ने शी से कहा कि वह अगले साल एक अनौपचारिक बैठक में उनकी मेजबानी करने की आशा करते हैं।

मोदी ने कहा कि आज की बैठक हमारे संबंधों को मजबूत करने के संदर्भ में एक दिशा प्रदान करने में अहम होगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल गति को बनाए रखने में मददगार है। उन्होंने कहा कि चिंगदाओ और जोहान्सबर्ग में दो समीक्षा बैठकें हुई थी। मोदी ने कहा कि इस मुलाकात के लिए वक्त निकालने को लेकर मैं आपको (राष्ट्रपति शी को) अपनी हार्दिक बधाई देता हूँ। इस मुलाकात के बाद भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने ट्वीट किया कि दोनों नेताओं के बीच सार्थक चर्चा हुई।

अर्जेंटीना के इस दौरे पर समिट से इतर मोदी ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से भी मुलाकात की। इस मुलाकात में दोनों नेताओं के बीच ऊर्जा के क्षेत्र में संबंध को बढ़ाने पर चर्चा हुई। सऊदी अरब ने भारत को तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति का प्रस्ताव दिया है। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने नरेंद्र मोदी के सामने यह प्रस्ताव रखा है।

नरेंद्र मोदी अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में सलमान के आवास पर उनसे मिले। इस मुलाकात के दौरान राजनीतिक, सुरक्षा, आर्थिक, निवेश, कृषि, ऊर्जा, संस्कृति और प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में इस विषय पर भी चर्चा हुई कि कृषि उत्पादों को लेकर अवसरों को कैसे भुनाया जाए?

मैत्रीपाला सिरीसेना ने सांसदों से कहा, संसद में फिर से अविश्वास प्रस्ताव लायें

श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना ने सांसदों से सरकार के खिलाफ फिर से अविश्वास प्रस्ताव लाने को कहा है क्योंकि उन्होंने शुक्रवार को लाये गये अविश्वास प्रस्ताव को असंवैधानिक करार दिया है।

राष्ट्रपति कायार्लय की ओर से सोमवार को जारी वक्तव्य के मुताबिक, रविवार की शाम सिरीसेना ने सर्वदलीय बैठक बुलाई, जिसमें कई सांसद मौजूद थे। इसमें कहा कि वह सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर तभी निर्णय लेंगे, जब उसके लिए नाम के जरिये या फिर इलेक्ट्रॉनिक मशीन के माध्यम से वोट डाले गये हों।

उन्होंने कहा कि स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मतदान करने की यही सबसे स्वीकार्य पद्धति हैं। सिरीसेना की ओर से बुलाई गयी सर्वदलीय बैठक में राष्ट्रपति की ओर से नवनियुक्त महिंद्रा राजपक्षे और बर्खास्त किये गये प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे भी मौजूद थे।

संसद के अध्यक्ष कारू जयसूर्या ने गत शुक्रवार को कहा था कि सरकार के खिलाफ संसद में दूसरी बार लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बहुमत से पारित हो गया है। इसे पेश करने के दौरान हालांकि संसद में हिंसा का सहारा लिया गया और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। सरकार ने इस मतदान को अवैध ठहराते हुए इसे खारिज कर दिया। सरकार का कहना था कि अध्यक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के लिए बुनियादी संसदीय प्रक्रिया भी नहीं अपनायी।

श्रीलंका में गत 26 अक्टूबर से ही राजनीतिक संकट आया हुआ है। उसी दिन राष्ट्रपति सिरीसेना ने आश्चर्यजनक ढंग से मंत्रिमंडल भंग कर दिया तथा विक्रमसिंघे को प्रधानमंत्री पद से हटाकर पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को नया प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया। साथ ही, उन्होंने नयी कार्यवाहक सरकार का भी गठन कर दिया था।

पाकिस्तान अमेरिका के लिए कुछ नहीं करता : डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को करोडों डॉलर की सैन्य सहायता रोके जाने के अपने प्रशासन के फैसले का बचाव करते हुए रविवार को कहा कि पाकिस्तान अमेरिका के लिए कोई काम नहीं करता और वहां की सरकार ने अलकायदा सरगना ओसामा बिन लादेन को छिपने में मदद की थी।

ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को एक साक्षात्कार में लादेन और पाकिस्तान के एबटाबाद में उसके पूर्व ठिकाने का जिक्र करते हुए कहा, ''जरा सोचिए ... आप जानते हैं कि पाकिस्तान में रहना, पाकिस्तान में अच्छे से रहना .. मुझे लगता है कि उन्होंने इसे अच्छा भवन समझा होगा।''

ट्रंप ने आगे कहा, ''लेकिन पाकिस्तान में सैन्य अकादमी के ठीक बगल में रहना ... पाकिस्तान में हर कोई जानता था कि ओसामा वहां पर है और हम पाकिस्तान को एक साल में 1.3 अरब डॉलर दे रहे थे ... लादेन पाकिस्तान में रह रहा था, हम पाकिस्तान का समर्थन कर रहे थे। हम उन्हें अरबों डॉलर की आर्थिक मदद दे रहे थे, जो हम उन्हें अब नहीं दे रहे हैं। मैंने इसे समाप्त कर दिया क्योंकि वे हमारे लिए कुछ नहीं करते।''

चीन का कृत्रिम सूरज : स्वच्छ ऊर्जा पैदा करने के क्षेत्र में क्रन्तिकारी कदम

चीन एक कृत्रिम सूरज बनाने की तैयारी कर रहा है। खास बात यह है कि कृत्रिम सूरज असली सूरज के मुकाबले 6 गुना ज्यादा गर्म होगा।

चीन की एकेडमी ऑफ साइंस से जुड़े इंस्टीट्यूट ऑफ प्लाज्मा फिजिक्स के मुताबिक, कृत्रिम सूरज की टेस्टिंग जारी है। इसे एक्सपेरिमेंटल एडवांस्ड सुपरकंडक्टिंग टोकामक (ईस्ट) नाम दिया गया है। जहां असली सूरज का कोर करीब 1.50 करोड़ डिग्री सेल्सियस तक गरम होता है, वहीं चीन का सूरज 10 करोड़ डिग्री सेल्सियस तक की गरमी पैदा कर सकेगा।

स्वच्छ ऊर्जा पैदा करने के मकसद से कृत्रिम सूरज के निर्माण की तैयारी की जा रही है। इसे बिल्कुल असली सूरज की तरह डिजाइन किया गया है। यह सौर मंडल के मध्य में स्थित किसी तारे की तरह ही ऊर्जा का भंडार उपलब्ध कराएगा।

दरअसल, ईस्ट को एक मशीन के जरिए पैदा किया जाता है। इस मशीन का साइज बीच में खोखले गोल बॉक्स (डोनट) की तरह है। इसमें परमाणु संलयन (Nuclear Fusion) के जरिए गरमी पैदा की जा सकती है। हालांकि, इसे एक दिन के लिए चालू करने का खर्च 15 हजार डॉलर (करीब 11 लाख रुपए) है। फिलहाल इस मशीन को चीन के अन्हुई प्रांत स्थित साइंस द्वीप में रखा गया है।

ईस्ट को मुख्य तौर पर न्यूक्लियर फ्यूजन के पीछे का विज्ञान समझने और उसे पृथ्वी पर ऊर्जा के नए विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए बनाया गया है। आने वाले समय में यह तकनीक स्वच्छ ऊर्जा पैदा करने का अहम स्रोत साबित हो सकती है। दरअसल, दुनिया में इस वक्त परमाणु विखंडन (Nuclear Fission) के जरिए ऊर्जा पैदा की जा रही है। हालांकि, इसकी वजह से पैदा होने वाला जहरीला न्यूक्लियर कचरा इंसानों के लिए काफी खतरनाक है।

चीन पहले ही रोशनी के नए स्रोत के तौर पर आसमान पर कृत्रिम चांद लगाने की बात कह चुका है। इसके जरिए वैज्ञानिक रात को देश की सड़कों को रोशन करना चाहते हैं। इसके लिए कुछ बड़े सैटेलाइटों का इस्तेमाल किया जाएगा जो ऊर्जा बचाने का काम करेगा। यह 2022 तक लॉन्च किया जा सकता है।

पत्रकार जमाल खशोगी हत्याकांड में हुआ नया खुलासा

पत्रकार जमाल खशोगी हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। अभियोजक ने कहा है कि पांच आरोपियों ने खशोगी को नशीली दवा दी और उनके शव के टुकड़े-टुकड़े किए। खशोगी हत्याकांड में सऊदी क्राउन प्रिंस को आरोपी नहीं बनाया गया है।

बता दें कि वॉशिंगटन पोस्ट में लिखने वाले सऊदी पत्रकार जमाल खाशोगी तुर्की इस्तांबुल स्थित सऊदी वाणिज्य दूतावास में गत दो अक्तूबर को गए थे, जिसके बाद उन्हें कभी नहीं देखा गया। लंबे इंतजार और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद सऊदी सरकार ने इस बात की पुष्टि की थी कि खाशोगी की हत्या हो गई है।

सरकार समर्थक तुर्की अखबार 'सबाह' ने मंगलवार को कहा कि इस्तांबुल भेजे गए 15 लोगों के दल के पास कैंचियां, डिफाइब्रिलटर और सिरिंज थीं। इनका इस्तेमाल सऊदी वाणित्य दूतावास में शायद पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या के लिए किया गया होगा। सबाह में सामान की एक्सरे छवियां प्रकाशित की गई हैं। सबाह की रिपोर्ट में बताया गया है कि सऊदी दल के साथ आए सामान को दो विमानों में लादा गया था जो दो अक्तूबर को अंतरराष्ट्रीय समयानुसार 1520 बजे और 1946 बजे रियाद से रवाना हुए थे।

रिपोर्ट के अनुसार, इन सामान में 10 फोन, पांच वाकी-टॉकी, इंटरकॉम, दो सिरिंज, दो डिफाइब्रिलेटर, एक सिग्नल जाम करने की मशीन, कई स्टेपलर और कैंचियां थीं। सऊदी टीम का नेतृत्व माहिर अब्दुल अजीज मुतरिब कर रहे थे। तुर्क मीडिया ने उन्हें खाशोगी की हत्या के अभियान का प्रमुख करार दिया है।

अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने मंगलवार को कहा कि पत्रकार खाशोगी की हत्या से जुड़े ऑडियो टेप में सऊदी प्रिंस की ओर इशारा किया गया है। बोल्टन ने ऑडियो टेप सुन चुके लोगों के हवाले से कहा कि इस हत्या से मोहम्मद बिन सलमान के जुड़े होने के संकेत नहीं मिले हैं। इससे पहले मीडिया में ऐसी खबरें थीं कि तुर्की ने वॉशिंगटन, रियाद और अन्य देशों को जो ऑडियो दिए हैं उनमें सऊदी प्रिंस का नाम आया है।

खाशोगी की हत्या में सऊदी प्रिंस की भूमिका को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। इस बात को लेकर भी असमंजस है कि सऊदी प्रिंस को क्या और इस मामले में कितनी जानकारी थी। वहीं तुर्की राष्ट्रपति रोसेप तैय्यप एर्दोगन इससे पहले कह चुके हैं कि खाशोगी की हत्या के लिए दिशा निर्देश सऊदी से किसी ऊंचे स्तर से आए थे।

न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी रिपोर्ट में एक अमेरिकी खुफिया अधिकारी के हवाले से दावा किया गया है कि ऑडियो टेप में सऊदी प्रिंस के हत्या में शामिल होने की ओर इशारा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ऑडियो टेप में सुनाई दे रहा है कि खाशोगी की हत्या के बाद हत्यारों ने किसी से फोन पर कहा कि अपने बॉस को बता दें कि अभियान मुकम्मल हुआ। इसमें 'बॉस' के तौर पर सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को देखा जा रहा है।

अफगानिस्तान के पश्चिमी प्रांत में तालिबानी हमले में 30 पुलिस कर्मी की मौत

अफगान अधिकारियों का कहना है कि पश्चिमी फराह प्रान्त में तालिबान के हमले में 30 पुलिसकर्मी मारे गए हैं। प्रान्तीय परिषद के सदस्य दादुल्ला कानी ने बृहस्पतिवार को बताया कि तालिबान ने खाकी साफेद जिले में बुधवार देर रात पुलिस की चौकी पर हमला किया।

काबुल में सांसद समीउल्ला समीम ने बताया कि जिला पुलिस कमांडर अब्दुल जबार भी हमले में मारे गए। हमले के बाद तालिबानी उग्रवादी हथियार और गोला बारूद लेकर फरार हो गए।

समीम ने बताया कि जवाबी हवाई हमलों में 17 तालिबानी लड़ाके भी मारे गए। तालिबान कुछ महीनों से लगभग रोज ही अफगानिस्तान में हमले कर रहा है, जिससे अफगान बल बड़ी संख्या में हताहत हो रहे हैं।

प्रशासन रोजाना हताहत हुए लोगों की संख्या जारी नहीं करता, लेकिन अनधिकृत आकलन के अनुसार, करीब 45 अफगान पुलिस कर्मी या सैनिक रोजाना मारे जाते हैं या घायल होते हैं।

श्रीलंका संकट : सुप्रीम कोर्ट ने संसद भंग करने का फैसला पलटा, चुनाव पर भी रोक

श्रीलंका के सुप्रीम कोर्ट ने संसद भंग करने के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना के कदम को मंगलवार को पलट दिया और पांच जनवरी को प्रस्तावित मध्यावधि चुनाव की तैयारियों पर विराम लगाने का आदेश दिया। वहां मौजूद पार्टी पदाधिकारियों ने यह बताया।

श्रीलंका के प्रधान न्यायाधीश नलिन पेरेरा की अध्यक्षता में तीन सदस्यों वाली एक पीठ ने सिरीसेना के नौ नवंबर के फैसले के खिलाफ दायर तकरीबन 13 और पक्ष में दायर पांच याचिकाओं पर दो दिन की अदालती कार्यवाही के बाद यह व्यवस्था दी।

शीर्ष अदालत ने व्यवस्था दी कि सिरीसेना के फैसले से जुड़ी सभी याचिकाओं पर अब चार, पांच और छह दिसंबर को सुनवाई होगी। याचिकाकर्ताओं में विभिन्न पार्टियों के साथ स्वतंत्र चुनाव आयोग के एक सदस्य रत्नाजीवन हुले भी शामिल हैं।

सिरीसेना ने संसद भंग कर दी थी और पांच जनवरी को मध्यावधि चुनाव करने के आदेश जारी किए थे। इससे देश अभूतपूर्व संकट में फंस गया।