विदेश

श्रीलंका के राष्ट्रपति ने संसद भंग की, कहा - 5 जनवरी को चुनाव कराए जाएंगे

संसद भंग किए जाने के बाद श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने शुक्रवार को कहा कि चुनाव पांच जनवरी को कराए जाएंगे। श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने देश में प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को बर्खास्त करने के बाद उपजे राजनीतिक और संवैधानिक संकट के बीच शुक्रवार को देश की संसद को भंग करते हुए देश में समय से पहले आम चुनाव कराए जाने का रास्ता साफ कर दिया।

सिरिसेना ने देश की संसद को शुक्रवार मध्यरात्रि से भंग करने संबंधी गजट अधिसूचना पर हस्ताक्षर किया। दो सप्ताह से चल रहे राजनीतिक और संवैधानिक संकट के बीच यह एक और अचंभित करनेवाला कदम है।
        
संसद को भंग करने का कदम राष्ट्रपति के करीबी सहयोगी द्वारा यह बताने के कुछ घंटे बाद उठाया गया है कि श्रीलंका में मौजूदा राजनीतिक एवं संवैधानिक संकट को समाप्त करने के लिए समय से पहले चुनाव या राष्ट्रीय जनमत संग्रह नहीं कराने का सिरिसेना ने फैसला किया है। विश्लेषकों का मानना है कि आज की रात का फैसला भी 19वें संशोधन के हिसाब से असंवैधानिक है। 19 वें संशोधन के अनुसार, राष्ट्रपति साढ़े चार साल का कार्यकाल पूरा होने से पहले प्रधानमंत्री को बर्खास्त नहीं कर सकते या संसद को भंग नहीं कर सकते।
         
विक्रमसिंघे के नेतृत्व वाली यूनाइटेड नेशनल पार्टी ने एक बयान में कहा, ''हम जोरदार तरीके से संसद को भंग करने के फैसले का विरोध करते हैं। उन्होंने लोगों से उनके अधिकार छीन लिए हैं। राजनीतिक दलों ने कहा कि सिरिसेना द्वारा 225 सदस्यों वाले संसद को भंग करने के फैसले के बाद देश में नए सिरे से संसदीय चुनाव अगले साल जनवरी में कराए जा सकते हैं।

सरकारी टेलीविजन की खबर में बताया गया है कि सिरिसेना ने एक आधिकारिक अधिसूचना पर हस्ताक्षर करते हुए मौजूदा 225 सदस्यों वाली संसद को भंग कर दिया है। इसका कार्यकाल अगस्त 2020 में पूरा होना था। गौरतलब है कि सिरिसेना ने प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे को बर्खास्त कर उनकी जगह उनके पूर्व प्रतिद्वंद्वी महिंदा राजपक्षे को देश का प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया था। इससे देश में राजनीतिक संकट पैदा हो गया।

राफेल घोटाला: होलैंड ने राफेल झूठ का पर्दाफाश किया

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फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति हॉलैंड के राफेल खुलासे पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रेस ब्रीफिंग

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संयुक्त राष्ट्र के मानव विकास सूचकांक में भारत 130वें स्थान पर पहुंचा

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) द्वारा शुक्रवार को जारी ताजा मानव विकास सूचकांक में भारत 189 देशों में एक स्थान ऊपर चढ़कर 130वें स्थान पर पहुंच गया है।

दक्षिण एशिया में भारत का मानव विकास सूचकांक (एचडीआई) मूल्य 0.640 है। यह दक्षिण एशिया के औसत 0.638 से अधिक है। इस सूची में बांग्लादेश 0.608 एचडीआई के साथ 136वें और पाकिस्तान एचडीआई 0.562 के साथ 150वें स्थान पर है। 2016 में भारत 0.624 एचडीआई के साथ 131वें स्थान पर था।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 1990 से 2017 के बीच सकल राष्ट्रीय प्रति व्यक्ति आय में 266.6 फीसदी का इजाफा हुआ है। भारत की क्रय क्षमता के आधार पर प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय करीब 4.55 लाख रुपये पहुंच गई है। जो पिछले साल से 23,470 रुपये अधिक है।

जीवन प्रत्याशा के मामले में भारत की स्थिति बेहतर हुई है। 1990 से 2017 के बीच भारत में जन्म के वक्त जीवन प्रत्याशा में करीब 11 सालों की बढ़ोत्तरी हुई है। भारत में जीवन प्रत्याशा 68.8 साल है, जबकि 2016 में यह 68.6 साल और 1990 में 57.9 साल थी।

भारत में महिलाओं की जीवन प्रत्याशा पुरुषों से अधिक है। महिलाओं की जीवन प्रत्याशा जहां 70.4 वर्ष है, वहीं पुरुषों की जीवन प्रत्याशा 67.3 वर्ष है। हालांकि भारत में जीवन प्रत्याशा दक्षिण एशिया के औसत से कम है।

भारत में स्कूल जाने की उम्र वाले बच्चों के स्कूलों में और ज्यादा वक्त रहने की संभावना बढ़ी है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में बच्चों के स्कूल में रहने की संभावित समयावधि 1990 के मुकाबले 4.7 साल ज्यादा है। इस बार भारत में बच्चों के स्कूल में समय बिताने की अवधि 12.3 वर्ष है। 1990 में यह 7.6 वर्ष थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में नीति के स्तर पर काफी प्रगति होने के बाद भी महिलाएं राजनीतिक, आर्थिक तथा सामाजिक रूप से पुरुषों की तुलना में कम सशक्त हैं। संसदीय सीटों पर 11.6 फीसदी महिलाएं हैं। माध्यमिक शिक्षा तक महज 39 फीसदी महिलाएं ही पहुंच पाती हैं। जबकि 64 फीसदी पुरुष माध्यमिक शिक्षा हासिल करते हैं। श्रम बाजार में भी महिलाओं की भागीदारी 27.2 फीसदी है, जबकि इस क्षेत्र में 78.8 फीसदी पुरुष हैं। लैंगिक असमानता सूचकांक के अंतर्गत 160 देशों में भारत का स्थान 127वां रहा है।

विकास की राह में असमानता भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। भारत के एचडीआई मूल्य को असमानता की वजह से 26.8 फीसदी का नुकसान होता है। दक्षिण एशियाई देशों में यह सबसे अधिक नुकसान है। केंद्र सरकार और अनेक राज्य सरकारों ने विभिन्न सामाजिक संरक्षण उपायों के जरिये यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि आर्थिक विकास का लाभ व्यापक रूप से साझा किया जाए और कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहले पहुंचे।

मानव विकास सूचकांक यानी ह्यूमन डिवेलपमेंट इंडेक्स (एचडीआई) जीवन प्रत्याशा, शिक्षा और आय सूचकांकों का एक संयुक्त सांख्यिकीय सूचकांक है। इसे अर्थशास्त्री महबूब-उल-हक ने तैयार किया था। पहला मानव विकास सूचकांक 1990 में जारी किया गया था। तब से हर साल संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम द्वारा इसे प्रकाशित किया जाता है।

रैकिंग में नॉर्वे, स्विटजरलैंड, ऑस्ट्रेलिया, आयरलैंड और जर्मनी टॉप पर हैं, जबकि नाइजर, सेन्ट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक, साउथ सूडान, चाड और बुरुंडी काफी कम एचडीआई वैल्यू के साथ निचले पायदानों पर हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर एचडीआई सूचकांक में सुधार हुआ है। जिन 189 देशों के एचडीआई की गणना की गई, उनमें से 59 देश 'वेरी हाई ह्यूमन डिवेलपमेंट' की श्रेणी में हैं, जबकि 38 देश लो एचडीआई श्रेणी में हैं। सिर्फ 8 साल पहले 2010 में 46 देश ही उच्च एचडीआई ग्रुप में थे, जबकि 49 देश निम्न एचडीआई ग्रुप में थे।

पाकिस्तान सिख तीर्थयात्रियों के लिए करतारपुर सीमा खोलने को तैयार, वीजा की नहीं होगी जरूरत

पाकिस्तान जल्द ही सिख तीर्थयात्रियों के लिए भारत से लगी करतारपुर सीमा को खोलेगा और उन्हें गुरुद्वारा दरबार सिंह साहिब करतारपुर में बिना वीजा के यात्रा की इजाजत देगा। पाकिस्तान के सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने यह बात कही है। एक मीडिया रिपोर्ट में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई।  

फवाद चौधरी ने एक साक्षात्कार में कहा, सिखों के लिए गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर जाने के लिए एक प्रणाली विकसित की जा रही है। जल्द ही इस दिशा में कुछ आगे बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, पाकिस्तान जल्द ही सिख तीर्थयात्रियों के लिए करतारपुर में सीमा खोलेगा। इससे सिख तीर्थयात्री बिना वीजा गुरुद्वारा दरबार साहिब करतारपुर जाने में सक्षम होंगे। वे टिकट खरीदकर आएंगे और माथा टेककर वापस जाएंगे। ऐसी प्रणाली बनाने की कोशिश की जा रही है।

यह सीमा खोले जाने का पहला संकेत पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने उस समय दिया था, जब इस्लामाबाद में उन्होंने प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू से मुलाकात की थी।

फवाद चौधरी ने कहा, पाकिस्तान की सेना और सरकार भारत के साथ शांति वार्ता करने की इच्छुक है, लेकिन भारत से इस मुद्दे पर अभी तक कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिला है।

सूचना मंत्री ने कहा, आम चुनाव में जीत हासिल करने के बाद प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस संदर्भ में भारत को कई सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने अपने शपथ ग्रहण समारोह में भारतीय क्रिकेटरों को आमंत्रित किया और प्रधानमंत्री के रूप में अपने पहले भाषण में कहा कि वह भारत के एक कदम के जवाब में दो कदम आगे बढ़ाएंगे। इमरान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बात की।

फवाद चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान सरकार के भारत के साथ संबंध सुधारने और वार्ता करने के फैसले से सेना भी सहमत है। उन्होंने कहा, इमरान और जनरल कमर जावेद बाजवा दोनों यह समझते हैं कि कोई देश अलग-थलग रहकर प्रगति नहीं कर सकता। दोनों समझते हैं कि अगर क्षेत्रीय शांति नहीं सुनिश्चित की गई तो हम विकास की दौड़ में पिछड़ जाएंगे।

नरेंद्र मोदी भारत-पाकिस्तान संबंधों को कैसे संभालेंगे : दुर्रानी

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के पूर्व प्रमुख असद दुर्रानी का मानना है कि अभी इस बात का आकलन करना जल्दबाजी होगी कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत-पाकिस्तान संबंधों को कैसे संभालेंगे और अब तक उठाए गए हर एक कदम को व्यक्तिगत संदर्भ में तर्कसंगत ठहराया जा सकता है।

न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक, उन्होंने कहा कि सारे कदमों को एक साथ देखें तो यह ऐसा व्यक्तित्व दर्शाता है जिसे दूसरों को अंदाजा लगाते देखना और सुर्खियों में बने रहना पसंद है, यह दोनों प्रवृति राजनीतिक तौर पर तो मददगार है, लेकिन स्थिर संबंधों, खासकर भारत-पाक के संवेदनशील समीकरण, के खिलाफ है।  दुर्रानी ने अपने संस्मरण 'पाकिस्तान अड्रिफ्ट: नेविगेटिंग ट्रबुल्ड वॉटर्स' में यह बातें लिखी हैं।

उन्होंने लिखा कि अब तक उठाए गए सारे कदम नवाज शरीफ को शपथ-ग्रहण में बुलाना, फिर खरी-खोटी सुनाना, दोनों देशों के बीच नियंत्रण रेखा पर माहौल गरमा जाना, एक मनगढ़ंत बहाने पर विदेश सचिवों की एक सांकेतिक बैठक रद्द कर देना (हमारे उच्चायुक्त पहले नियमित तौर पर हुर्रियत के नेताओं से मिलते थे), उफा में कार्यक्रम होकर भी कुछ नहीं होना, पेरिस में परेशानी, काबुल में पाकिस्तान को कोसने के बाद अचानक लाहौर पहुंच जाना, पठानकोट पर नपी-तुली प्रतिक्रिया इन सभी को व्यक्तिगत संदर्भ में तर्कसंगत बताया जा सकता है।

भारत-पाक मुद्दे के समाधान पर दुर्रानी ने कहा कि उनका मानना है कि भारत हर कीमत पर यथास्थिति का बचाव करेगा।

पीएम इमरान खान ने कहा, सिद्धू यहां शांति के दूत बन कर आए थे

क्रिकेट से राजनीति में आए नवजोत सिंह सिद्धू का पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में जाने पर उठे विवाद में अब इमरान खान भी कूद पड़े हैं। पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने सिद्धू का पक्ष लेते हुए उन्हें शांति का दूत बताया।  

इमरान खान ने शपथ ग्रहण समारोह में सिद्धू के शामिल होने पर उन्हें धन्यवाद दिया है। पाक पीएम ने कहा कि सिद्धू यहां शांति के दूत बन कर आए थे और उन्हें पाकिस्तान के लोगों की ओर से भी खूब प्यार और स्नेह मिला।

इमरान खान ने ट्वीट करते हुए कहा कि भारत के वैसे लोग जो सिद्धू को निशाना बना रहे हैं, वे दोनों देशों के बीच शांति की राह में रोड़ा बनने का काम कर रहे हैं। बिना शांति के हमारे लोग (दोनों देश) तरक्की नहीं कर सकते।

अपने अगले ट्वीट में इमरान खान ने कहा कि भारत और पाकिस्तान को कश्मीर समेत अन्य मुद्दों को बातचीत के जरिए ही हल करना चाहिए। गरीबी को कम करने और उपमहाद्वीप के लोगों को तरक्की के रास्ते पर लाने का सबसे अच्छा तरीका बातचीत और दोनों देशों के बीच व्यापार शुरू करना है।

दरअसल इमरान खान की ये टिप्पणी कांग्रेस के नेता और पंजाब के मंत्री सिद्धू की ओर से पाकिस्तान के सेना प्रमुख को गले लगाने के बाद उठे विवाद के बाद आया। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद सिद्धू ने इसे एक भावुक पल बताया था और कहा था कि यह राजनीति से प्रेरित नहीं थी।

सिद्धू ने साफ किया कि उनका दौरा कोई राजनीति से प्रेरित नहीं था। गौरतलब है कि इमरान के शपथग्रहण से पहले उस कार्यक्रम के दौरान वहां के आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा से वह गले लगते हुए नजर आए थे। सिद्धू ने कहा, ''पाकिस्तान के आर्मी चीफ ने कहा कि वे करतारपुर साहिब कॉरिडोर को खोलने का प्रयास कर रहे हैं, जो एक भावुक पल था।''

इससे पहले, रविवार को पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि वह सिद्धू के इस कदम के पक्ष में नहीं है। उन्होंने यह भी साफ किया कि सिद्धू का इमरान खान के शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के फैसले से उनकी सरकार का कोई संबंध नहीं है। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि क्रिकेट से राजनीति में आए सिद्धू अपनी क्षमता पर पाकिस्तान गए हैं।

पाकिस्तान आर्मी चीफ को गले लगाना एक भावुक पल था : नवजोत सिद्धू

पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथग्रहण समारोह कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान के आर्मी चीफ को गले लगाकर बुरी तरह विवादों में फंसे पंजाब के मंत्री और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने मंगलवार को कहा कि वह एक भावुक पल था।

सिद्धू ने साफ किया कि उनका दौरा कोई राजनीति से प्रेरित नहीं था। गौरतलब है कि इमरान के शपथग्रहण से पहले उस कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा से वह गले लगते हुए नजर आए थे।

सिद्धू ने कहा, ''पाकिस्तान के आर्मी चीफ ने कहा कि वे करतारपुर साहिब कॉरिडोर को खोलने का प्रयास कर रहे है, जो एक भावुक पल था।''

इससे पहले, रविवार को पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि वह सिद्धू के इस कदम के पक्ष में नहीं है। उन्होंने यह भी साफ किया कि सिद्धू का इमरान खान के शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के फैसले से उनकी सरकार का कोई संबंध नहीं है। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि क्रिकेट से राजनीति में आए सिद्धू ने अपनी क्षमता पर पाकिस्तान गए हैं।

सिद्धू के पाकिस्तान दौरे पर पंजाब के मुख्यमंत्री के बयान के बाद उन्होंने कहा, ''कैप्टन साहब समेत कांग्रेस के कई लोगों ने इस पर बोला। यह लोकतंत्र है और सभी को अपनी राय रखने के अधिकार है।''  

उधर, बीजेपी ने सिद्धू के पाकिस्तान दौरे खासकर पाकिस्तान आर्मी चीफ को गले लगाने को शर्मनाक करार दिया है। इससे पहले, सिद्धू ने पाकिस्तान से आने के बाद रविवार को अपना बचाव करते हुए कहा था कि वे क्या करते जब किसी ने उनसे ऐतिहासिक गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के रास्ते को खोलने की बात की।

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर कई रॉकेट दागे गए, गोलीबारी जारी

अफगानिस्तान की  राजधानी काबुल मंगलवार को उस वक्त दहल उठा जब कम से कम 9 रॉकेट वहां के राजनयिक इलाके के पास दागे गए। अधिकारियों के मुताबिक, सुरक्षाबल और आतंकियों के बीच सिटी के ओल्ड क्वार्टर में गोलीबारी हुई है।

समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, रेका खाना जिले में इदगाह मस्जिद के ऊपर हेलीकॉप्टर और भारी धुआं देखा जा सकता है। इसके साथ ही, काबुल स्टेडियम के पास सुरक्षाबलों का भारी जमावड़ा लगा हुआ है।

आंतरिक मंत्रालय के प्रवक्ता नजीब दानिश ने बताया, सुबह आतंकियों के एक संगठन ने रेका खाना में एक इमारत को अपने कब्जे में ले लिया और काबुल पर रॉकेट से कई हमले किए। आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच लड़ाई जारी है। दो लोग इसमें घायल हुए है।

पाकिस्तान आर्मी चीफ को गले लगाने पर नवजोत सिद्धू पर राजद्रोह का मामला दर्ज

क्रिकेटर से नेता बने नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ बिहार के मुजफ्फरपुर में सोमवार को एक अदालत में मामला दर्ज किया गया है। यह मामला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तानी सेना प्रमुख को गले लगाने के लिए दर्ज कराया गया है। अधिवक्ता सुधीर ओझा ने मुजफ्फरपुर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत में सिद्धू के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

ओझा ने कहा कि उन्होंने सिद्धू के खिलाफ राजद्रोह सहित भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कराया है। न्यूज एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट में बताया गया है कि कि अपनी शिकायत में ओझा ने कहा है कि सिद्धू के व्यवहार से देश के लोगों को दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा, ''अदालत ने मामला दर्ज कर लिया है और इसकी सुनवाई अगले सप्ताह होगी।''

भारतीय जनता पार्टी और अकाली दल के नेता पंजाब की कांग्रेस सरकार में मंत्री सिद्धू के पाकिस्तानी सेना प्रमुख से गले लगने के बाद उन पर लगातार हमले कर रहे हैं।