भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को एक पत्र भेज कर कहा है कि भारत उनके देश के साथ रचनात्मक और सार्थक बातचीत का आकांक्षी है। न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक, आधिकारिक सूत्रों ने पत्र का हवाला देते हुए बताया कि मोदी ने कहा कि भारत पाकिस्तान के साथ शांतिपूर्ण पड़ोसी रिश्तों के लिए प्रतिबद्ध है।
सूत्रों के अनुसार, मोदी ने आतंकवाद से मुक्त दक्षिण एशिया के लिए काम करने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने इमरान खान को भेजे पत्र में कहा है कि भारत पाकिस्तान के साथ रचनात्मक और सार्थक बातचीत करने का आकांक्षी है। इमरान खान ने बीते शुक्रवार को पाकिस्तान के 22वें प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली है।
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान शनिवार को पाकिस्तान के 22वें प्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्रपति भवन में शपथ ली। पाकिस्तान में हुए आम चुनावों में उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने सबसे ज्यादा सीटें जीती थी।
डॉन न्यूज के मुताबिक, इमरान खान को शनिवार को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने पद की शपथ दिलाई। इमरान अपने प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के उम्मीदवार शाहबाज शरीफ को इस दौड़ में हराकर प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे हैं।
शपथ ग्रहण समारोह में इमरान काले रंग की शेरवानी में थे। उनके साथ उनकी पत्नी बुशरा इमरान भी थीं। उनके शपथ ग्रहण समारोह में कार्यवाहक प्रधानमंत्री नसीरुल मुल्क, नेशनल असेंबली के स्पीकर असद कैसर, सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा, वायुसेना प्रमुख मार्शल मुजाहिद अनवर खान और नौसेना प्रमुख एडमिरल जफर महमूद अब्बासी सहित कई गणमान्य मौजूद थे।
उधर, भारत से इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में गए पंजाब कैबिनेट के मंत्री और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू भी मौजूद थे। उन्होंने शपथग्रहण समारोह स्थल पर पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष कमर जावेद बाजवा से मुलाकात की और उनके गले मिले।
इसके अलावा क्रिकेटर से कमेंटेटर बने रमीज राजा, वसीम अकरम, पंजाब असेंबली के नवनिर्वाचित स्पीकर चौधरी परवेज इलाही, गायक सलमान अहमद और अबरारुल हक, अभिनेता जावेद शेख, नेशनल असेंबली की पूर्व स्पीकर फहमीदा मिर्जा और पीटीआई के वरिष्ठ नेता भी थे।
सिर्फ एक बार 1992 के वर्ल्डकप में पाकिस्तान क्रिकेट टीम की जीत के वक्त कप्तान रहे इमरान खान ने साल 1996 में अपना कदम राजनीति में रखा। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख इमरान ने पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के प्रमुख शाहबाज शरीफ को हराकर शीर्ष पद का चुनाव जीता। इमरान को 176 वोट मिले, जबकि शहबाज को केवल 96 वोट हासिल हुए। शहबाज को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने को लेकर विपक्षी महागठबंधन में पहले ही मतभेद उभर आए थे।
25 जुलाई के आम चुनाव के बाद बनी 15वीं नेशनल असेंबली में प्रधानमंत्री का चुनाव महज एक औपचारिकता रह गई थी। दरअसल, बिलावल भुट्टो जरदारी की अगुआई वाली पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) अपने 54 सांसदों के साथ मतदान से अलग रही, जिसके बाद विपक्षी महागठबंधन के लिए 65 वर्षीय इमरान के दावे को चुनौती देना असंभव हो गया। पीएमएल-एन के पास सदन में सिर्फ 82 सीटें हैं।
आम चुनाव में पीटीआई सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी। कुल 270 सीटों पर हुए चुनाव में पीटीआई को 116 सीटें मिली थीं। नेशनल असेंबली की कुल 342 सीटों में 272 पर सीधे चुनाव होते हैं। इसके अलावा 60 सीटें महिलाओं के लिए और 10 अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित हैं।
नेशनल असेंबली में मतदान से पहले पीटीआई ने नौ निर्दलीय सांसदों का समर्थन जुटाया था और महिलाओं व अल्पसंख्यकों के लिए आरक्षित 33 सीटें हासिल की थीं। इस तरह उसके पास कुल 158 सदस्य हो गए थे। उसे कई छोटे दलों का समर्थन भी था, जिससे उसे 175-176 सांसदों का समर्थन मिलने की संभावना थी। मतदान के बाद यह संभावना सही निकली।
असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) में 40 लाख लोगों का नाम नहीं होने को लेकर भारत में बवाल खड़ा हो गया है। माना जा रहा है कि ये लोग बांग्लादेशी हो सकते हैं। इसी बीच मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बांग्लादेश की तरफ से बयान आया है कि जिन लोगों का नाम एनआरसी में नहीं है, वो बांग्लादेशी नहीं हैं।
बांग्लादेश के सूचना मंत्री ने एक न्यूज चैनल से बात करते हुए कहा है कि असम में कोई भी बांग्लादेशी नागरिक नहीं है। जो भी लोग पेरशानी पैदा कर रहे हैं, वो भारतीय हैं। अवैध नागरिकों का मसला भारत का आंतरिक मसला है। इससे बांग्लादेश का कोई लेना देना नहीं है।
बता दें कि असम में कड़ी सुरक्षा के बीच सरकार ने असम के राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के दूसरे एवं अंतिम मसौदा को जारी किया है, ताकि अवैध तौर पर वहां पर रह रहे लोगों का पता लगाया जा सके। इसे कड़ी सुरक्षा के बीच जारी किया गया है। हालांकि, सरकार ने यह साफ कर दिया है कि अभी लोगों को इसमें अपना नाम शामिल कराने के लिए पर्याप्त मौका दिया जाएगा और फिलहाल किसी को नहीं निकाल जाएगा।
रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया शैलेख ने सोमवार को बताया कि 2 करोड़ 89 लाख 83 हजार छह सौ सात लोगों को राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर में योग्य पाकर उन्हें शामिल किया गया है और 40.07 लाख आवेदकों को इसमें जगह नहीं मिली है। करीब 3 करोड़ 29 लाख लोगों ने इस सूची के लिए एप्लाई किया था। शैलेश ने कहा कि जिन लोगों का नाम इस सूची में शामिल नहीं है उन्हें पर्याप्त मौका दिया जाएगा ताकि वह अपने दावे और विरोध दर्ज करा सकें।
क्रिकेट की दुनिया से राजनीति में आए इमरान खान के पाकिस्तान का अगला प्रधानमंत्री बनने की प्रबल संभावना के मद्देनजर उन्हें शासनाध्यक्ष को दी जाने वाली वीवीआईपी सुरक्षा मुहैया करायी गयी है। यह जानकारी मीडिया रिपोर्टों में दी गयी है।
पाकिस्तान के समाचार पत्र 'डॉन' की एक रिपोर्ट के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 25 जुलाई के चुनावों में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बाद पार्टी प्रमुख को वीवीआईपी प्रोटोकॉल दिया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस फैसले के बाद, इमरान खान और उनके आवास के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गयी है।
उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही उन्होंने वीआईपी संस्कृति खत्म करने का वादा किया था। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने इमरान खान के बनिगाला आवास का दौरा किया और उनके सुरक्षा अधिकारी से मुलाकात की।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस दल ने उनके आवास के साथ ही आस-पास के क्षेत्र का भी आकलन किया। पुलिस ने उन स्थानों पर भी सुरक्षा बढ़ा दी है, जहां इमरान खान जाएंगे। इमरान खान के आवास के बाहर एक एंबुलेंस और दमकल गाड़ियां भी तैनात की गयी हैं। अधिकारियों ने बताया कि उनके आवास के आसपास पैदल गश्ती दल और मोटरसाइकिल गश्ती दल भी तैनात किए गए हैं।
इमरान खान के आवास के पास की एक पहाड़ी पर भी सुरक्षा बढाने का सुझाव दिया गया है क्योंकि पहाड़ी से इमरान खान का घर दिखता है। उनकी सुरक्षा टीम के प्रभारी से कहा गया है कि वह उनकी आवाजाही के बारे में पहले से जानकारी दें ताकि उन स्थानों पर रास्ते में सुरक्षा व्यवस्था की जा सके।
इमरान खान की जीत हो गई है, लेकिन सरकार बनाने के लिए उन्हें गठबंधन की जरूरत पड़ेगी। काफी धीमी मतगणना के बाद पाकिस्तान के चुनाव अधिकारियों ने शुक्रवार को इस बात की घोषणा की कि इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी नेशनल एसेंबली की 269 सीटों में से 109 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की है। इस चुनाव में उनके विरोधी शाहबाज शरीफ के पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) को 63 सीटें मिली है। पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के जेल जाने के बाद पार्टी को संभालने वाले शाहबाज शरीफ ने इसमें व्यापक फर्जीवाड़ा और धांधली का आरोप लगाकर चुनाव नतीजे को खारिज कर दिया।
इससे पहले, इमरान खान ने गुरुवार को अपनी जीत की घोषणा करते हुए फर्जीवाड़े के आरोपों से इनकार किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के इतिहास में यह सबसे ज्यादा पारदर्शी चुनाव है। इस चुनाव में तीसरे स्थान पर बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी रही, जिसे 39 सीटों पर जीत हासिल हुई है। हालांकि, अभी 20 और सीटों पर मतगणना का काम चल रहा है।
संबोधन के दौरान इमरान ने नया पाकिस्तान बनाने का वादा किया। इसके बाद चीन, अफगानिस्तान, सऊदी अरब, ईरान और अमेरिका के साथ संबंधों पर बात की। जबकि भारत का नाम सबसे बाद में लिया। इस दौरान इमरान ने चीन से सीख लेने की बात कही तो वहीं भारत को सबक की सलाह दे डाली। इमरान ने कश्मीर राग अलापते हुए कहा कि भारत और पाकिस्तान बातचीत के जरिए ही इस मसले को सुलझा सकते हैं।
इमरान ने कश्मीर मुद्दे को बड़ी समस्या बताया। उन्होंने कहा कि इस मसले का हल करना जरूरी है। मैं चाहता हूं कि भारत से संबंध बेहतर हों और उसके साथ बातचीत आगे बढ़ाना चाहता हूं।
इमरान ने कहा, मुझे अफसोस हुआ कि हिंदुस्तान के मीडिया ने मुझे ऐसे दिखाया, जैसे मैं किसी बॉलीवुड फिल्म का विलेन हूं। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि पाकिस्तान-हिंदुस्तान के रिश्ते बेहतर होते हैं तो हमारे लिए अच्छा होगा। उन्होंने कहा कि भारत एक कदम बढ़ाएंगे, हम दो कदम बढ़ाएंगे।
पाकिस्तान में आम चुनाव जीतने के बाद इमरान खान ने पहली बार देश को संबोधित किया। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के प्रमुख इमरान ने कहा कि हमारा भारत के साथ कारोबारी रिश्ते को बढ़ाने पर जोर रहेगा। उन्होंने कि अगर हमें क्षेत्र में गरीबी कम करनी है तो हमे एक-दूसरे से व्यापार बढ़ाना होगा।
इमरान खान ने पाकिस्तान से गरीबी हटाने, प्रधानमंत्री आवास समेत बड़े सरकारी परिसरों को जनता की भलाई के लिए दूसरे संस्थानों में तब्दील करने और किसानों के लिए काम करने का वादा किया।
उन्होंने कहा कि वह कायदे आजम मोहम्मद अली जिन्ना के सपनों का पाकिस्तान बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अब मुझे मौका मिला है कि मैं वो काम करूं जो मैं 22 साल पहले करने निकला था। उन्होंने बताया कि मैं राजनीति में इसलिए आया था क्योंकि यह मुल्क ऊपर जाते समय नीचे आने लगा था। मैं चाहता हूं कि हमारा देश फिर से बड़ा बने।
इमरान ने कहा कि हमारी सरकार में सादगी होगी। यहां के चुने हुए नेता पैसा खुद पर खर्च करते हैं। टैक्स देने वाले लोगों के पैसे बेदर्दी से खर्च किए जाते हैं। देश के टैक्स के पैसे की मैं हिफाजत करूंगा। हमारी सरकार यह तय करेगी कि गवर्नर हाउस का क्या करना है। उसमें स्कूल चलाया जाएगा या फिर जनता के कुछ और काम के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। मैं एक छोटे से घर में रहूंगा।
इमरान ने कहा कि मैं ये साबित करके दिखाऊंगा कि मेरी सरकार किसी के खिलाफ नहीं है। जो कानून तोड़ेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। जिम्मेदारी की शुरुआत मुझसे शुरू होगी। भ्रष्टाचार इस देश को खा रहा है। इसे खत्म करने के लिए कानून सबके लिए एक होगा।
इमरान ने कहा कि पाकिस्तान उस तरह का मुल्क बने जहां एक कमजोर के साथ वो खड़ा हो सके। उन्होंने कहा, हमारे 45 फीसदी बच्चे बीमार हैं। वो कुपोषण के शिकार हैं। हमारे देश की महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिलतीं। हम ऐसी योजना बनाना चाहते हैं जिससे यहां के लोगों का विकास हो सके। एक मुल्क की पहचान ये नहीं होती कि वहां के अमीर कैसे रहते हैं। उसकी पहचान ये होती है कि वहां के गरीब कितने खुश रहते हैं। मैं आज यह कहना चाहता हूं कि सारा पाकिस्तान एकजुट हो।
इमरान खान बोले, मैं बॉलीवुड विलेन नहीं, भारत से अच्छे रिश्ते चाहता हूं।
इमरान ने गहराते आर्थिक संकट पर बात की। उन्होंने कहा कि हमें पहले सरकार की हालत ठीक करनी है। फिर व्यापार का माहौल बनाना है। हम मौका देंगे कि बाहर रह रहे पाकिस्तानी यहां निवेश कर सकें।
इमरान ने कहा कि करीब 300 अरब डॉलर की पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था गंभीर संकट का सामना कर रही है। इस समय पाकिस्तान पर भारी भरकम कर्ज का बोझ है। आयात और निर्यात का संतुलन हद से ज्यादा खराब हो गया है। पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान वित्तीय वर्ष के पहले 10 महीने में पाकिस्तान का चालू खाता घाटा 14.03 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। नई सरकार को एक बार फिर से 2013 की तरह आईएमएफ के पास जाना होगा। 2013 में आईएमएफ़ ने पाकिस्तान को 6.7 अरब डॉलर की आर्थिक मदद की थी। पाकिस्तान 1988 से अब तक 12 बार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की शरण में जा चुका है।
इमरान ने कहा कि हमारा देश दुनिया का दूसरा युवा देश है। हमारे सामने बेरोज़गारी की समस्या है। हम इसे हल करेंगे। हम पाकिस्तान को ऐसे चलाएंगे, जैसा पहले नहीं चलाया गया।
पीटीआई प्रमुख इमरान ने कहा कि विदेश नीति पर खास जोर होगा। हम चाहते हैं कि पड़ोसी देशों से हमारे रिश्ते अच्छे हों।
इमरान ने कहा कि चीन से हमें बहुत कुछ सीखना है। हमारी कोशिश होगी कि गरीबी मिटाने के लिए चीन के मॉडल की पहचान की जाए। चीन ने भ्रष्टाचार को खत्म किया, हम उनसे इस संदर्भ में सीखेंगे। इसके आलावा उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान के लोगों ने दुनिया में सबसे ज्यादा तकलीफें झेली हैं। हमारी कोशिश होगी कि वहां अमन का माहौल बने। हम चाहते हैं कि ऐसी स्थिति हो कि हमारी सीमाएं दोनों देशों के लिए खुली हों।
इमरान ने कहा कि अमरीका के साथ हमारे रिश्ते बेहतर हों। हम ऐसा रिश्ता चाहते हैं कि दोनों देशों के बीच संतुलन बन सके। इसके अलावा सऊदी अरब पर उन्होंने कहा कि सऊदी अरब हमारे साथ खड़ा रहता है। हम उसकी हर संभव मदद की कोशिश करेंगे।
पाकिस्तान में क्रिकेट से राजनीति में आए इमरान खान सत्ता के बेहद करीब पहुंच गए हैं। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ अभी तक की मतगणना के बाद बहुमत के पास है। हालंकि, विपक्षी दलों ने मतगणना के दौरान भारी धांधली का आरोप लगाया है। वहीं दूसरी ओर इस चुनाव में कई बड़े दिग्गजों को हार का सामना करना पड़ा है।
पाकिस्तानी मीडिया की खबरों के मुताबिक, पूर्व प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी, उनकी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के अध्यक्ष शाहबाज शरीफ और दक्षिणपंथी संगठन जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख सिराजुल हक चुनाव हार गए हैं।
पीटीआई के प्रवक्ता नईमुल हक ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पीटीआई पाकिस्तान की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि पार्टी अपने प्रगतिशील विचारों से देश में बदलाव लाएगी।
भारी चुनाव प्रचार के बावजूद मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद समर्थित अल्लाह ओ अकबर तहरीक समेत कट्टरपंथी और प्रतिबंधित संगठन इस चुनाव में पूरी तरह से फेल रहे।
रूझानों में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी को जीत के संकेत मिलने के बाद इमरान खान ने पार्टी नेताओं को बुलाया। समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, पार्टी के नेताओं के साथ अगली सरकार बनाने को लेकर रणनीति पर चर्चा होगी।
इमरान खान की पूर्व ब्रिटिश पत्नी जेमिना खान ने अगले प्रधानमंत्री बनने के लिए बधाई दी है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर नतीजे आने अभी बाकी हैं। उन्होंने एक साथ कई ट्वीट में कहा- मुझे याद है इमरान खान का पहला चुनाव 1997 का। 22 वर्ष बाद अपमान, बाधा और बलिदान के बाद मेरे बेटे का पिता पाकिस्तान का अगला प्रधानमंत्री है।
पाकिस्तान चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि मतगणना पूरी होने में गुरुवार शाम तक का समय लग सकता है। इसके बाद ही तय होगा कि पाक में अगली सरकार किसकी होगी।
इमरान खान की पार्टी पीटीआई रुझानों में 113 सीटों पर आगे चल रही है।
इमरान खान की पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ की रुझानों में बढ़त के साथ पाकिस्तान के शेयर बाजार में भी उछाल देखने को मिला।
ट्रंप प्रशासन बेहद करीब से पाकिस्तान की स्थिति पर नजरें बनाए हुए हैं, लेकिन चुनाव को निष्पक्ष और स्वतंत्र घोषित करने से इनकार कर दिया है। पाकिस्तान स्थित अमेरिकी मिशन की तरफ से चुनाव पर्यवेक्षकों की तैनाती सुरक्षा कारणों के चलते नहीं किया गया। अमेरिका में तैनात पूर्व पाकिस्तानी राजदूत हुसैन हक्कानी ने कहा कि चुनाव परिणामों के बारे में पहले ही भविष्यवाणी कर दी गई थी।
पाकिस्तान मुस्लिम लीग- (नवाज) के अध्यक्ष शहबाज शरीफ और पीपीपी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो खैबर पख्तूनवा में चुनाव हारे।
इमरान खान की पार्टी पीटीआई 113 सीट पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि नवाज की पार्टी 64 और बिलावल 43 सीट पर बढ़त बनाए हुए है।
आतंकी हाफिज सईद को इस चुनाव में करारी हार झेलनी पड़ी। हाफिज के बेटे और दामाद भी चुनाव हारे।
पिछली बार के मुकाबले इस बार चुनाव परिणाम आने में देरी, कई दलों ने इस देरी पर सवाल उठाया है।
पाकिस्तान आम चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पूरी रात सड़कों पर आकर जश्न मनाया और आतिशबाजी की।
पाकिस्तान के चुनावी इतिहास में पहली बार पांच राजनीतिक दलों ने मतगणना में धांधली का आरोप लगाया। नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल- एन ने कहा, यह इलेक्शन नहीं, बल्कि सिलेक्शन है। बिलावल भुट्टो बोले- मतगणना में हो रही है धांधली।
नवाज शरीफ के भाई और पीएमएल-एन के अध्यक्ष शहबाज शरीफ ने कहा कि, हम पाकिस्तान आम चुनाव 2018 के नतीजों को खारिज करते हैं।
पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री और शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि तहरीक-ए-इंसाफ की जीत इमरान खान की कड़ी मेहनत का नतीजा है। कुरैशी ने कहा कि जिस तरह से इमरान खान ने लोगों को अपने साथ किया। वह कोई साधारण शख्स नहीं कर सकता है।
पीएमएल-एन नेता और नवाज शरीफ के भाई शाहबाज शरीफ का का बड़ा आरोप कहा- मतगणना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई और हमारे पोलिंग एजेंट को बाहर निकाला गया। शरीफ ने कहा कि हमारे कई एजेंटों को गिरफ्तार भी किया गया है।
नवाज शरीफ की पार्टी का बयान आया। पार्टी की ओर से कहा गया कि हम अभी भी सरकार बना सकते हैं। पीपीपी और अन्य के साथ गठबंधन कर बना सकते हैं सरकार।
नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन और बिलावल भुट्टो की पार्टी पीपीपी ने मतगणना में धांधली का फिर से आरोप लगाया।
मतगणना धांधली के आरोपों को पाकिस्तान चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया। इन चुनावों में किस्मत आजमा रही आतंकी हाफिज सईद की पार्टी एक भी सीट पर आगे नहीं चल रही है।
इमरान खान की पार्टी पीटीआई के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया और पूछा गया। पाकिस्तानियों। आप इमरान खान के रुप में अपने अगले प्रधानमंत्री के लिए तैयार हैं?
काउंटिग में धांधली के भी आरोप लग रहे हैं। कई पोलिंग स्टेशनों पर बिलावल भुट्टों की पार्टी पीपीपी के पोलिंग एजेंटों को पाकिस्तानी रेंजर्स द्वारा जबरन बाहर निकालकर वोटों की गिनती हो रही है।
पाकिस्तान में नेशनल असेम्बली की 272 सीटों और चार प्रांतों पंजाब, सिंध, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा की प्रांतीय विधानसभाओं की कुल 577 सीटों के लिए मतदान हुआ। नेशनल असेम्बली और चार प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों को चुनने के लिये करीब 10.6 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं।
पाकिस्तान निर्वाचन आयोग के अनुसार, नेशनल असेम्बली की 272 सीटों के लिये 3,459 उम्मीदवार अपनी राजनीतिक किस्मत आजमा रहे हैं, जबकि पंजाब, सिंध, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों की विधानसभाओं की 577 सीटों के लिए 8,396 उम्मीदवार मैदान में हैं। चुनावों में 30 से ज्यादा राजनीतिक दलों ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
पाकिस्तान चुनाव के नतीजे में सबसे बड़ी पार्टी बनने के बाद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान ने गुरुवार को कहा कि वह देश के लिए किए गए सारे वादे निभाएंगे। उन्होंने इस चुनाव को ऐतिहासिक करार दिया।
इमरान खान ने कहा कि 22 साल की मेहनत रंग लाई है। पाकिस्तान की जनता ने अब सेवा का मौका दिया है। इस चुनाव में लोगों ने कुर्बानियां दी है। जिसे बेकार नहीं जाने दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मेरी पार्टी आतंकी हमलों से भी नहीं डरी। इंसानियत का पाकिस्तान बनाना चाहता हूँ। इंसानियत का राज कायम करना चाहता हूँ। कमजोरों को ऊपर उठाने का काम करूंगा।
पीटीआई के अध्यक्ष ने कहा कि 45 प्रतिशत बच्चों का विकास ठीक से नहीं हुआ। ढाई करोड़ बच्चे स्कूल से बाहर हैं। बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर काम करूंगा। उन्होंने आगे कहा कि मैं चाहता हूँ सारा पाकिस्तान एक हो। किसानों को उनकी मेहनत का पैसा नहीं मिलता।
अगस्टा वेस्टलैंड मामले में कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ मोदी की षड्यंत्र पर रणदीप सिंह सुरजेवाला द्वारा एआईसीसी प्रेस ब्रीफिंग
प्रेस ब्रीफिंग के मुख्य अंश
- प्रधान मंत्री मोदी ने अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए कांग्रेस के नेताओं के नामों को धुंधला करने की कोशिश की थी। लेकिन वह भी अब असफल रहा है।
- दो दिन पहले, क्रिस्चियन माइकल को दुबई में अगस्ता वेस्टलैंड मामले के लिए गिरफ्तार किया गया था। अब, उनके वकील रोज़मेरी पेट्रीजी स्पष्ट रूप से कहते हैं कि मोदी सरकार और इसकी एजेंसियां क्रिस्चियन माइकल को यूपीए अध्यक्ष सोनिया गाँधी के नाम पर झूठी कबुली पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर कर रही थीं।
- यूपीए सरकार ने 10 फरवरी, 2014 को अगस्ता वेस्टलैंड का 3000 करोड़ रुपये जब्त कर लिया था। यूपीए सरकार ने अगस्टा वेस्टलैंड और इसकी मूल कंपनी फिनमेक्कानिका की ब्लैकलिस्टिंग भी शुरू की थी।
- हालांकि, मोदी सरकार ने अगस्टा वेस्टलैंड और फिनमेक्निकिका को ब्लैकलिस्ट करने के लिए इस आदेश को निरस्त कर दिया और उन्हें रक्षा अनुबंधों में भाग लेने की अनुमति दी।
पाकिस्तान के पेशावर में एक चुनावी रैली के दौरान हुए आत्मघाती हमले में स्थानीय बड़े नेता हारून बिलौर समेत 14 लोगों की मौत हो गई है। अल-जजीरा ने स्थानीय पुलिस प्रमुख के हवाले से बताया है कि यह हमला अवामी नेशनल पार्टी (ए एन पी) की तरफ से आयोजित एक प्रचार कार्यक्रम के दौरान हुआ। जिसमें कम से कम 65 लोग घायल हुए हैं।
आत्मघाती हमले की कड़ी निंदा करते हुए पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष इमरान खान ने राजनीतिक पार्टियों और उनके उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार के दौरान सुरक्षा की मांग की है।
इमरान खान ने ट्वीट करते हुए कहा, ''हारून बिलौर और 2 अन्य ए एन पी कार्यकर्ताओं की मौत से काफी दुख पहुंचा है और पेशावर में ए एन पी मीटिंग के दौरान हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता हूं। सभी राजनीतिक पार्टियों और उनके नेताओं को चुनाव प्रचार के दौरान राज्य में सुरक्षा दी जानी चाहिए।''
25 जुलाई को होने जा रहे आम चुनाव में हारून बिलौर प्रांतीय सीट से ए एन पी उम्मीदवार थे। पुलिस ने कहा कि आत्मघाती हमलावर ने उस वक्त खुद को उड़ा लिया, जब बिलौर समर्थकों को संबोधित करने जा रहे थे। हालांकि, इस हमले की अभी तक किसी भी आतंकी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है। 2013 के चुनाव में भी तालिबानी हमलावरों के मुख्य निशाने पर ए एन पी ही थी।
गौरतलब है कि 2012 में हारून बिलौर के पिता बशीर बिलोर को भी किस्सा ख्वानी बाजार में आत्मघाती बम धमाके में उड़ा दिया गया था। हारून बिलौर की हत्या उस वक्त की है गई है, जब पाकिस्तान में आम चुनाव सर पर हैं। पाकिस्तान में 25 जुलाई को आम चुनाव होने वाले हैं।
धर्म उपदेशक जाकिर नाईक को प्रत्यर्पित करने की भारत की उम्मीदों को जोरदार झटका लगा है। मलेशियाई सरकार ने जाकिर नाईक को भारत भेजने से इनकार कर दिया है।
मलेशियाई प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने शुक्रवार को कहा कि नाईक को भारत नहीं भेजा जाएगा। नाईक ने 2016 से मुस्लिम बहुल देश मलेशिया में शरण ले रखी है। भारत के विदेश मंत्रालय ने जनवरी में नाईक को प्रत्यर्पित करने का औपचारिक अनुरोध किया था।
महातिर मोहम्मद ने कहा, ''जाकिर जब तक हमारे देश में कोई समस्या पैदा नहीं कर रहे हैं, तब तक वह उसे प्रत्यर्पित नहीं करेंगे, क्योंकि जाकिर को मलेशिया की नागरिकता प्राप्त है।
मलेशियाई पीएम के इस बयान से जाकिर को भारत प्रत्यर्पित करने की भारत की कोशिशों को तगड़ा झटका लगा है।
इससे पहले भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा था कि हमारे अनुरोध पर मलेशियाई पक्ष गंभीरता से विचार कर रहा है। कुआलालंपुर में हमारा उच्चायोग इस संबंध में संबंधित मलेशियाई अधिकारियों से नियमित संपर्क में है। भारत ने मलेशिया के साथ प्रत्यर्पण संधि कर रखी है।
जाकिर नाईक के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा जांच एजेंसी (एन आई ए ) चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। जाकिर के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यू ए पी ए) और भारतीय दंड संहिता (आई पी सी) की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है।









