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उत्तर कोरिया तेजी से परमाणु अनुसंधान केंद्र में सुधार कर रहा है

एक निगरानी वेबसाइट ने बुधवार को दावा किया कि सिंगापुर शिखर वार्ता में कोरिया प्रायद्वीप के निरस्त्रीकरण की प्रतिबद्धता की घोषणा के बावजूद उत्तर कोरिया तेजी से अपने परमाणु अनुसंधान केंद्र में सुधार कर रहा है।

परमाणु हथियार संपन्न उत्तर कोरिया के नेता किम जांग उन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ इस महीने की शुरुआत में सिंगापुर में हुई ऐतिहासिक वार्ता में इस लक्ष्य की दिशा में काम करने का वादा किया था, लेकिन सिंगापुर बैठक निरस्त्रीकरण की स्पष्ट परिभाषा देने या उत्तर कोरिया द्वारा परमाणु हथियार भंडार नष्ट करने के लिए स्पष्ट समयसीमा देने में नाकाम रही।

'38 नार्थ' वेबसाइट के अनुसार, ट्रंप ने दावा किया कि प्रक्रिया जल्द शुरू होगी और उन्होंने पिछले सप्ताह कहा था, पूर्ण निरस्त्रीकरण होगा जो शुरू हो चुका है, लेकिन वेबसाइट के अनुसार, हालिया उपग्रह तस्वीरों में दिखाया गया कि उत्तर कोरिया के मुख्य योंगबयोन परमाणु स्थल पर न केवल अभियान जारी है बल्कि वहां आधारभूत ढांचा संबंधी कार्य भी किए जा रहे हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन सिंगापुर में ऐतिहासिक शिखर वार्ता के लिये मिले। इस बैठक का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाना और कोरियाई प्रायद्वीप में पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण था। ट्रंप और किम के बीच यह मुलाकात सिंगापुर के लोकप्रिय पर्यटन स्थल सेंटोसा के एक होटल में हुई। दोनों नेताओं ने शिखर वार्ता की शुरुआत होटल में मीडियाकर्मियों के सामने गर्मजोशी से हाथ मिलाकर की। ट्रंप और किम के बीच यह मुलाकात सिंगापुर के लोकप्रिय पर्यटन स्थल सेंटोसा के लग्जरी होटल कापेला सिंगापुर में हुई।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन यहां गर्मजोशी से मिले और उनके बीच पहले दौरे की वार्ता हुई। इसके साथ ही द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने और कोरियाई प्रायद्वीप में पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण के उद्देश्य से दोनों नेताओं के बीच ऐतिहासिक शिखर वार्ता की शुरुआत हुई। ट्रंप और किम के बीच यह मुलाकात सिंगापुर के लोकप्रिय पर्यटन स्थल सेंटोसा के लग्जरी होटल कापेला सिंगापुर में हुई।

उत्तर कोरियाई मीडिया के मुताबिक, किम वास्तव में वार्ता स्थल पर ट्रंप से सात मिनट पहले पहुंच गए थे। ऐसा उन्होंने सम्मान व्यक्त करने के लिये किया क्योंकि यह संस्कृति है, जिसमें युवा बुजुर्गों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिये उनसे पहले पहुंचते है। ट्रंप ने जो लाल टाई पहनी हुई थी, वह भी किम के प्रति कुछ सम्मान व्यक्त करने वाली हो सकती है क्योंकि उत्तर कोरियाई इस रंग को पसंद करते हैं।

यह पूछे जाने पर कि बातचीत कैसी रही, ट्रंप ने कहा, ''बहुत, बहुत अच्छी। शानदार रिश्ते। किम से कम से कम तीन बार पूछा गया कि क्या वह परमाणु हथियार छोड़ देंगे, इसकी प्रतिक्रिया में वह सिर्फ मुस्कुराए। ट्रंप और किम दोनों ने संक्षिप्त टिप्पणी की।

ट्रंप ने कहा कि वह मानते हैं कि वह और किम ''बड़ी समस्या, बड़ी दुविधा को दूर कर लेंगे और साथ काम करके हम इसका ध्यान रखेंगे। किम ने कहा, ''आगे चुनौतियां आएंगी, लेकिन हम ट्रंप के साथ काम करेंगे। हम इस शिखर वार्ता को लेकर सभी तरह की अटकलों और संदेहों से पार पा लेंगे और मेरा मानना है कि शांति के लिये यह अच्छा है।''

धार्मिक स्वतंत्रता व्यक्ति की स्वतंत्रता जितनी ही महत्वपूर्ण है : निक्की हेली

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की राजदूत निक्की हेली ने कहा कि धार्मिक स्वतंत्रता व्यक्ति की स्वतंत्रता जितनी ही महत्वपूर्ण है। भारत की यात्रा पर आईं निक्की ने अपनी यात्रा के पहले दिन कहा कि वह कल से शहर के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर जाने को लेकर उत्सुक है। उनका मंदिर, मस्जिद तथा एक चर्च जाने का कार्यक्रम है।

निक्की ने कहा कि आतंकवाद विरोध सहित भारत - अमेरिका संबंधों के बीच अनेक स्तरों पर अवसर मौजूद हैं और उनकी यात्रा का मकसद दुनिया के दो सबसे पुराने लोकतंत्रों के बीच साझेदारी को मजबूत करना है। उन्होंने भारत में अमेरिका के राजदूत केनेथ जस्टर के साथ आज सुबह दिल्ली में हुमायूं के मकबरे का दौरा किया।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ''हमारा मानना है कि लोगों और उनके अधिकारों की स्वतंत्रता की तरह ही धार्मिक स्वतंत्रता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपनी यात्रा को घर वापसी बताया और कहा, ''भारत वापस आकर मेरा दिल खुश हो गया है। यह उतना ही खूबसूरत है जितना मुझे याद है। वापस घर आना हमेशा अच्छा लगता है। मेरे माता-पिता ने कहा कि मैं पागल हूँ जो साल के इस समय आ रही हूँ क्योंकि बहुत गर्मी है। लेकिन मैं आपको बताऊं कि भारत आने के लिए गर्मी झेली जा सकती है।

भारत - अमेरिका संबंधों की मजबूती के बारे में उन्होंने कहा कि दोनों देश सबसे पुराने लोकतंत्र हैं जिनके बीच लोगों, आजादी और अवसरों के साझा मूल्य हैं। अमेरिकी राजनयिक ने कहा, ''आज के समय में हम भारत और अमेरिका के लिए एक साथ आने के कई कारण देखते हैं। मैं भारत के लिए हमारे प्यार, भारत और अमेरिका की दोस्ती में हमारे विश्वास तथा इस रिश्ते को और मजबूत बनाने की हमारी इच्छा को फिर से मजबूत बनाने के लिए यहां आयी हूँ।

हुमायूं के मकबरे के संरक्षण की प्रशंसा करते हुए हेली ने कहा, ''हुमायूं का मकबरा इस बात की याद दिलाता है कि हम संस्कृति की कितनी कद्र करते हैं और भारत संस्कृति की कितनी कद्र करता है।

दिन में निक्की ने नोबेल पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी से मुलाकात की और बच्चों की तस्करी को रोकने की अमेरिकी प्रतिबद्धता को दोहराया।

सत्यार्थी के कार्यालय से जारी एक बयान के अनुसार, निक्की ने सत्यार्थी से मुक्ति आश्रम में मुलाकात की, जहां मुक्त कराए गए बच्चों को रखा जाता है। इस दौरान उन्होंने बच्चों के अधिकारों, मानवाधिकारों तथा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा की।

निक्की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान वरिष्ठ भारतीय नेताओं, अधिकारियों, कारोबारी दिग्गजों और छात्रों से मुलाकात कर सकती हैं।

भारत ने संयुक्त राष्ट्र की कश्मीर में मानवाधिकार हनन रिपोर्ट को खारिज किया

भारत ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया है जिसमें उसने कश्मीर में कथित रूप से मानवाधिकार हनन का आरोप लगाया है। भारत ने यूएन की इस रिपोर्ट पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है।

अपनी सख्त टिप्पणी में भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट अत्यधिक पूर्वाग्रह से ग्रसित है और झूठे नैरेटिव बनाने की कोशिश वाली है।

भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह रिपोर्ट भारत की संप्रुभता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करती है।

गुरुवार को रिलीज रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र ने जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर दोनों में ही कथित तौर पर मानवाधिकार उल्लंघन की बात कही है। यूएन ने इन मानवाधिकार उल्लंघनों की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है।

भारत के विदेश मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए ऐसी रिपोर्ट सामने लाने की मंशा पर सवाल खड़ा किया है। भारत के विदेश मंत्रालय ने आगे कहा है कि यह रिपोर्ट काफी हद तक असत्यापित जानकारी के आधार पर बनाई गई है।

भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि पूरा का पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और पाकिस्तान ने भारत के एक हिस्से पर जबरन अपना कब्जा कर रखा है।

ट्रंप-किम बैठक: कोरियाई प्रायद्वीप में अब अमेरिका सैन्य अभ्यास नहीं करेगा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग के बीच मंगलवार को हुई बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। उनमें से एक था कोरियाई प्रायद्वीप में सैन्य अभ्यास नहीं करने पर अमेरिका की सहमति। ट्रंप ने कहा कि वे कोरियाई प्रायद्वीप में सैन्य अभ्यास को रोक रहे हैं और ऐसा उम्मीद करते हैं कि उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग भी जल्द से जल्द परमाणु हथियार को खत्म करे।

हालाँकि डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उत्तर कोरिया पर आर्थिक प्रतिबंध अभी जारी रहेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति और उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता के बीच इस तरह की यह पहली बैठक थी जिसके बाद जारी किए गए संयुक्त बयान में दोनों ही देशों ने पिछले सात दशक से जारी आपसी संघर्ष को खत्म को करते हुए अपने बंद दरवाजे खोले।

डोनाल्ड ट्रंप ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यूनाइटेड स्टेट्स 'द वॉर गेम्स' को बंद कर देगा, इसे उत्तर कोरिया के लिए रियायत के तौर पर देखा जा रहा है। ट्रंप ने कहा कि सैन्य अभ्यास खर्चीला और काफी आक्रामक थे।

दोनों की तरफ से जारी संयुक्त बयान में अमेरिका ने कहा - ''सुरक्षा गारंटी मुहैया कराने को प्रतिबद्ध हैं।'' इसके बदले किम ने कोरियाई प्रायद्वीप में परमाणु अप्रसार को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

गौरतलब है कि बड़ी बैठक और सहयोगियों के साथ लंच से पहले दोनों देशों के प्रमुखों ने अपने अनुवादकों के साथ वन-टू-वन करीब 40 से 50 मिनट तक निजी तौर पर मिले।

दोनों नेताओं ने साझा बयान पर दस्तख़त किए जिनमें अमेरिका ने कहा कि वह उत्तर कोरिया को परमाणु अप्रसार के लिए पूरी सुरक्षा देने को प्रतिबद्ध है।

किम जोंग उन ने कहा, ''हमारे के बीच ऐतिहासिक बैठक हुई है। अतीत को पीछे छोड़ने का फैसला किया है।'' उन्होंने आगे कहा, ''दुनिया बड़ा बदलाव देखेगी।''

डोनाल्ड ट्रंप इस वार्ता को लेकर हुई प्रगति के कारण काफी आशावादी दिखे। उन्होंने कहा, हम दुनिया की बहुत बड़े ख़तरे का समाधान करने जा रहे हैं।

ट्रंप-किम मुलाकात: परमाणु हथियार खत्म करने पर राजी हुए किम जोंग, करार पर साइन किया

अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन के बीच आज ऐतिहासिक मुलाकात हुई। दोनों के बीच दो बार मीटिंग हुई जिसमें पहली मीटिंग 50 मिनट की और दूसरी 41 मिनट की हुई। मीटिंग शुरू होने से पहले दोनों ने गर्मजोशी के साथ हाथ मिलाकर एक दूसरे का स्वागत किया।

मुलाकात के बाद ट्रंप और किम काफी खुश नजर आए और इस बैठक को सकारात्मक बैठक करार दिया। दो बार मीटिंग करने के बाद दोनों नेताओं ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमें उन्होंने सिंगापुर समझौते पर हस्ताक्षर किया।

इसके अलावा ट्रंप-किम ने संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में कुछ महत्वपूर्ण बातें कहीं जो इस प्रकार है:
1. अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप और नॉर्थ कोरियाई लीडर किम जोंग उन ने सिंगापुर समझौता साइन किया।

2. दोनों नेताओं के बीच एक व्यापक दस्तावेज पर हस्ताक्षर हुए हैं। जिसमें परमाणु हथियारों के खात्मे का अहम करार भी शामिल है।

3. उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण पर ट्रंप ने कहा कि हमने एक 'विशेष अनुबंध' तैयार किया है और निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया बहुत ही जल्द शुरू हो जाएगी।

4. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किम ने कहा कि हम एक बड़ी समस्या का हल करने जा रहे हैं, दुनिया एक बड़ा बदलाव देखेगी।

5. साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों ने राष्ट्रपति ट्रंप से पूछा, क्या वह किम जोंग उन को व्हाइट हाउस बुलाएंगे तो उन्होंने जवाब दिया, 'बिल्कुल'

6. डोनाल्ड ट्रंप ने किम जोंग उन की तारीफ की। उन्होंने कहा, हमारी मुलाकात उम्मीद से कही ज्यादा अच्छी रही है।

7. किम जोंग उन से दोबारा मुलाकात करने के सवाल पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, हम फिर मिलेंगे और कई बार मिलेंगे।

8. किम जोंग उन ने डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात को ऐतिहासिक बताया।

9. प्रेस कॉनफ्रेंस के बाद ट्रंप ने कहा,  किम ने एक दस्तावेज पर साइन करके कोरिया में परमाणु निरस्त्रीकरण का वादा किया है।

10. किम से मुलाकात के बाद ट्रंप ने कहा, हम नए इतिहास के लिए तैयार हैं। हम नए अध्याय लिखने के लिए तैयार हैं।

भारत की विदेश मंत्री का विमान 15 मिनट के लिए रडार से गायब हुआ

भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का विमान 15 मिनट तक रडार से लापता रहा। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज त्रिवेंद्रम से मॉरीशस जा रहीं थी। आज शाम 4.44 बजे से 4.59 बजे तक उनका विमान रडार से गायब रहा।

फिलहाल विदेश मंत्री पूरी तरह सुरक्षित हैं और विमान पूरी तरह सुरक्षित है। बता दें कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अफ्रीका की यात्रा पर हैं।

भारत और इंडोनेशिया ने रक्षा सहयोग समझौते सहित 15 करारों पर हस्ताक्षर किये

भारत और इंडोनेशिया ने अपने रक्षा सहयोग समझौते का नवीकरण करने के साथ ही अंतरिक्ष, रेलवे, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के 15 करारों पर आज हस्ताक्षर किये। इनमें छह समझौतें विभिन्न सरकारी एवं गैर सरकारी संगठनों के बीच हुए हैं। इंडोनेशिया के बाली और भारत के उत्तराखंड राज्यों को 'सहोदर राज्य' बनाने की भी घोषणा की गयी।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विदोदो के बीच हुई द्विपक्षीय शिखर बैठक में इन करारों पर हस्ताक्षर किये गये। दोनों देशों ने इस मौके पर संयुक्त वक्तव्य और भारत-इंडोनेशिया समुद्री सहयोग पर एक अलग साझा दृष्टिपत्र भी जारी किया।

जर्काता में मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में इंडोनेशिया में हाल ही में हुए आतंकवादी हमलों की भर्त्सना की और कहा कि इस दुख एवं चुनौतियों के अवसर पर भारत इंडोनेशिया के साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़ा है।

अफगानिस्तान में सुरक्षाबलों ने 9 लोगों की हत्या कर दी

अफगानिस्तान में सुरक्षाबलों ने 9 लोगों की हत्या कर दी है। अफगानिस्तान के पूर्वी नंगरहार प्रांत में एक घर पर छापे के दौरान सुरक्षाबलों ने गलती से नौ लोगों की हत्या कर दी। अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों में अधिकतर असैन्य नागरिक हैं।

प्रांतीय गवर्नर हयातुल्लाह हयात ने कहा कि चापरहार जिले में कल रात की गई छापेमारी की इस कार्रवाई में आठ अन्य नागरिक घायल भी हुए हैं। हयात ने बताया कि मरने वालों में एक स्थानीय पुलिस कमांडर भी है।

उन्होंने कहा कि जिस घर पर छापेमारी की गई, उससे गोलियां चल रही थीं, हालांकि अभियान खत्म होने के बाद जब तलाशी ली गई तो अधिकतर हताहत नागरिक मिले। इस बात की जांच की जा रही है कि अभियान में इतने नागरिक कैसे हताहत हुए?

नंगरहार में अस्पताल के प्रवक्ता इनामुल्लाह मियाखैल ने भी छापे के बाद नौ शवों को अस्पताल लाने की पुष्टि की है। पूर्वी अफगानिस्तान में तालिबान और इस्लामिक स्टेट समूह दोनों ही सक्रिय हैं।

पाकिस्‍तान में गैर-मुस्लिम वोटरों में 30 फीसदी का इजाफा, टॉप पर हिंदू हैं

पाकिस्‍तान में 25 जुलाई को आम चुनाव होने जा रहे हैं। इससे पहले पाकिस्तान के मतदाताओं से जुड़े नए आंकड़ें सामने आए हैं। इन आंकड़ों के मुताबिक, पाकिस्‍तान में गैर-मुसलमान मतदाताओं की संख्‍या में तेजी से इजाफा हुआ है। इस बार पाकिस्तान में गैर मुस्लिम या धार्मिक अल्पसंख्यक वोटर्स की संख्या में 30 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

साल 2013 के आम चुनाव में जहां पाकिस्‍तान में पंजीकृत अल्पसंख्यक वोटर्स की संख्या 27 लाख 70 हजार थी, वहीं इस बार यह बढ़कर 36 लाख 30 हजार हो गई है। इनमें से 17 लाख 70 हजार हिंदू मतदाता हैं जिनकी संख्या में 3 लाख 70 हजार की बढ़ोत्तरी हुई है।

पाक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ताजा आधिकारिक आंकड़ों को देखें तो अल्पसंख्यक वोटर्स में हिंदू मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा है। साल 2013 के चुनाव के समय हिंदू वोटर्स की संख्या 14 लाख थी, जबकि कुल 27 लाख 70 हजार अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाता थे। अब हिंदू वोटर्स की संख्या 17 लाख 70 हजार हो गई है। सबसे ज्यादा हिंदू वोटर्स सिंध प्रांत में हैं, जहां 2 जिलों में कुल मतदाताओं में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी हिंदुओं की है।

गैर-मुस्लिम वोटरों में ईसाई समुदाय दूसरे नंबर पर है। पाकिस्तान में इस बार 16 लाख 40 हजार ईसाई वोट देंगे। इनमें से 10 लाख ईसाई पंजाब प्रांत में रहते हैं तो करीब 2 लाख सिंध प्रांत में। साल 2013 के चुनावों को देखें तो हिंदुओं की तुलना में ईसाई मतदाताओं की संख्या तेजी से बढ़ी है।

अहमदी मतदाताओं की संख्या 1 लाख 67 हजार 505 है। इनमें से अधिकांश पंजाब, सिंध और इस्लामाबाद में रहते हैं। यह संख्या साल 2013 के चुनावों में 1 लाख 15 हजार 966 थी। इसके अलावा कुल 8 हजार 852 सिख मतदाता हैं, जिनमें से अधिकतर खैबर पख्तूनवा, सिंध और पंजाब प्रांत में रहते हैं। साल 2013 में इनकी संख्या 5 हजार 934 थी।

पारसी मतदाताओं की संख्या भी साल 2013 के 3 हजार 650 से बढ़कर 4 हजार 235 हुई है। वहीं बौद्ध मतदाताओं की संख्या भी 1 हजार 452 से बढ़कर 1 हजार 884 तक पहुंची है।

कतर ने सऊदी-यूएई के सामान को बेचने पर रोक लगाई

पिछले कई महीनों से कतर और अन्य इस्लामिक देशों के बीच जारी विवाद एकबार फिर बढ़ता दिख रहा है। इसी कड़ी में कतर ने अपने यहां सऊदी और यूएई के सामानों की बिक्री पर रोक लगा दी।

कतर ने अपने दुकानदारों को आदेश दिया है कि वो सऊदी और यूएई के सामान को अपने यहां न बेचे।

कतर सरकार ने अपने दुकानदारों को आदेश दिया है कि वे सऊदी अरब, यूएई, बहरीन और मिस्र के सामान को फौरन अपनी दुकानों से हटा लें। साथ ही सरकार ने दूकानदारों को इस आदेश का कड़ाई से पालन का आदेश दिया है।

आपको बता दें कि पिछले साल 5 जून को सऊदी अरब, यूएई, बहरीन और मिस्र ने कतर के साथ अपने सारे रिश्ते खत्म करके उसपर आतंकवादी समूह को आर्थिक सहायता देने और ईरान के साथ करीबी ताल्लुकात होने के आरोप लगाए थे। साथ ही, इन देशों ने कतर से अपने तमाम आर्थिक रिश्ते खत्म कर दिया था।