भारत

नमामि गंगा कार्यक्रम पर अभिषेक मनु सिंघवी द्वारा एआईसीसी प्रेस ब्रीफिंग

नमामि गंगा कार्यक्रम पर अभिषेक मनु सिंघवी द्वारा एआईसीसी प्रेस ब्रीफिंग

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के हैम्बर्ग में भाषण पर आरपीएन सिंह द्वारा एआईसीसी प्रेस ब्रीफिंग

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के हैम्बर्ग में भाषण पर आरपीएन सिंह द्वारा एआईसीसी प्रेस ब्रीफिंग

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुकरियस समर स्कूल, हंबुर, जर्मनी में एक सभा को संबोधित किया

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुकरियस समर स्कूल, हंबुर, जर्मनी में एक सभा को संबोधित किया

राहुल गांधी ने जर्मनी में कहा, भारतीय का मतलब ही अहिंसक है

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को जर्मनी में कहा कि भारतीय का मतलब ही अहिंसक है। उन्होंने कहा कि मैं खुद हिंसा के दौर से गुजरा हूं। राहुल ने कहा कि आतंकवादियों ने मेरे पिता और दादी की हत्या कर दी। लेकिन इससे आगे बढ़ने का एक ही रास्ता माफ करना है।

जर्मनी के हैमबर्ग में बकिरस समर स्कूल के कैंपनजेल थियेर में एक सवाल के जवाब ने राहुल ने ये बाते कहीं। उन्होंने कहा कि जब मेरे पिता को मारने वाले आतंकी की मौत हुई तो मैं खुश नहीं हुआ। क्योंकि मैंने खुद को उसके बच्चों में देखा। मैंने हिंसा को झेला है और मैं आपको बता सकता हूं कि इससे निकलने का एकमात्र तरीका है - माफ करना और माफ करने के लिए आपको यह समझना होगा कि ये कहां से आ रही है।

राहुल ने कहा कि संसद में मैंने जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गले लगाया तो मेरी ही पार्टी के भीतर कुछ लोगों को यह अच्छा नहीं लगा। उन्होंने कहा कि अगर आप से कोई नफरत करता है तो आप उसका जवाब नफरत से मत दीजिए।

राहुल गांधी ने कहा, मैं उन्हें बताना चाहता था कि दुनिया इतनी भी बुरी नहीं है और मैं उनके गले लग गया। राहुल गांधी ने कहा, यही चीज महात्मा गांधी ने भी हमें सिखाई है। ब्रिटेन और जर्मनी की चार दिवसीय यात्रा पर हैमबर्ग पहुंचे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने राज्यमंत्री और सांसद नील्स एन्नेन से भेंट की।

राहुल ने कहा कि चीन से मुकाबला करना है तो छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि चीन एक दिन में 50 हजार नौकरियां देता है जबकि भारत में यह संख्या सिर्फ 400 है।

जर्मनी में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भारत फिलहाल भीड़ की हिंसा, जीएसटी, नोटबंदी के कारण गुस्से में हैं। जबरदस्ती के टैक्स थोपे गए हैं और दलित डरता है कि कहीं भीड़ उसे शिकार न बना दे।

कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर किये गये ट्वीट के अनुसार, राहुल गांधी और जर्मन मंत्री एन्नेस ने भारतीय और जर्मन राजनीति, केरल की विनाशकारी बाढ़, जीएसटी एवं नौकरियों के बारे में बातचीत की। गांधी के दोनों ही देशों में प्रवासी भारतीयों और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों से भेंटवार्ता करने की संभावना है। पार्टी के प्रवासी भारतीयों से संपर्क कार्यक्रम के तहत यह यात्रा हो रही है।

सूत्रों ने बताया कि वह जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल से भेंटवार्ता कर सकते हैं। जर्मनी में वह हेम्बर्ग और बर्लिन में दो सभाओं को संबोधित करेंगे।

कांग्रेस पार्टी ने कहा कि भारत को वर्तमान 'निरंकुश शासन के चलते' एक प्रगतिशील नेता की जरूरत है। कांग्रेस ने अपनी वेबसाइट पर लिखा, ''देश में लगातार बढ़ रहे निरंकुश शासन के आलोक में यह जरूरी हो जाता है कि एक प्रगतिशील नेता के लिए जगह तैयार हो जो विविधता को कुचलता नहीं बल्कि गले लगाता है, एक ऐसा नेता जो भारतीयों की आकांक्षाओं को समझता है, जो झूठ और दुष्प्रचार से लोगों को धोखा नहीं देता।''

मोदी सरकार के क्रोनी पूंजीवाद पर जयराम रमेश और शक्तिसिंह गोहिल द्वारा एआईसीसी प्रेस ब्रीफिंग

मोदी सरकार के क्रोनी पूंजीवाद पर जयराम रमेश और शक्तिसिंह गोहिल द्वारा एआईसीसी प्रेस ब्रीफिंग

रक्षा बजट व्यय पर मनीष तिवारी द्वारा एआईसीसी प्रेस ब्रीफिंग

रक्षा बजट व्यय पर मनीष तिवारी द्वारा एआईसीसी प्रेस ब्रीफिंग

पीएम इमरान खान ने कहा, सिद्धू यहां शांति के दूत बन कर आए थे

क्रिकेट से राजनीति में आए नवजोत सिंह सिद्धू का पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में जाने पर उठे विवाद में अब इमरान खान भी कूद पड़े हैं। पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने सिद्धू का पक्ष लेते हुए उन्हें शांति का दूत बताया।  

इमरान खान ने शपथ ग्रहण समारोह में सिद्धू के शामिल होने पर उन्हें धन्यवाद दिया है। पाक पीएम ने कहा कि सिद्धू यहां शांति के दूत बन कर आए थे और उन्हें पाकिस्तान के लोगों की ओर से भी खूब प्यार और स्नेह मिला।

इमरान खान ने ट्वीट करते हुए कहा कि भारत के वैसे लोग जो सिद्धू को निशाना बना रहे हैं, वे दोनों देशों के बीच शांति की राह में रोड़ा बनने का काम कर रहे हैं। बिना शांति के हमारे लोग (दोनों देश) तरक्की नहीं कर सकते।

अपने अगले ट्वीट में इमरान खान ने कहा कि भारत और पाकिस्तान को कश्मीर समेत अन्य मुद्दों को बातचीत के जरिए ही हल करना चाहिए। गरीबी को कम करने और उपमहाद्वीप के लोगों को तरक्की के रास्ते पर लाने का सबसे अच्छा तरीका बातचीत और दोनों देशों के बीच व्यापार शुरू करना है।

दरअसल इमरान खान की ये टिप्पणी कांग्रेस के नेता और पंजाब के मंत्री सिद्धू की ओर से पाकिस्तान के सेना प्रमुख को गले लगाने के बाद उठे विवाद के बाद आया। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद सिद्धू ने इसे एक भावुक पल बताया था और कहा था कि यह राजनीति से प्रेरित नहीं थी।

सिद्धू ने साफ किया कि उनका दौरा कोई राजनीति से प्रेरित नहीं था। गौरतलब है कि इमरान के शपथग्रहण से पहले उस कार्यक्रम के दौरान वहां के आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा से वह गले लगते हुए नजर आए थे। सिद्धू ने कहा, ''पाकिस्तान के आर्मी चीफ ने कहा कि वे करतारपुर साहिब कॉरिडोर को खोलने का प्रयास कर रहे हैं, जो एक भावुक पल था।''

इससे पहले, रविवार को पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि वह सिद्धू के इस कदम के पक्ष में नहीं है। उन्होंने यह भी साफ किया कि सिद्धू का इमरान खान के शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के फैसले से उनकी सरकार का कोई संबंध नहीं है। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि क्रिकेट से राजनीति में आए सिद्धू अपनी क्षमता पर पाकिस्तान गए हैं।

कांग्रेस में बदलाव: अहमद पटेल कोषाध्यक्ष बने, वोरा बने महासचिव

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए वरिष्ठ नेता अहमद पटेल को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया है, जबकि अब तक इस जिम्मेदारी को संभाल रहे मोतीलाल वोरा को महासचिव (प्रशासन) बनाया है।

राजस्थान से ताल्लुक रखने वाले पार्टी के वरिष्ठ नेता सीपी जोशी के स्थान पर लुईजिन्हो फ्लेरियो को पूर्वोत्तर के राज्यों (असम को छोड़कर) का प्रभारी महासचिव नियुक्त किया है।

वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा को कर्ण सिंह के स्थान पर पार्टी के विदेश मामलों के विभाग का अध्यक्ष बनाया गया और लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार को कांग्रेस कार्य समिति में बतौर स्थायी आमंत्रित सदस्य शामिल किया गया है।

कांग्रेस के संगठन महासचिव अशोक गहलोत ने एक बयान में कहा, ''कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अहमद पटेल को तत्काल प्रभाव से कांग्रेस का कोषाध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके साथ ही मोतीलाल वोरा को महासचिव (प्रशासन) बनाया गया है।'' उन्होंने कहा, ''पार्टी बतौर कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा की कड़ी मेहनत और योगदान की सराहना करती है।''

पाकिस्तान आर्मी चीफ को गले लगाना एक भावुक पल था : नवजोत सिद्धू

पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खान के शपथग्रहण समारोह कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान के आर्मी चीफ को गले लगाकर बुरी तरह विवादों में फंसे पंजाब के मंत्री और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने मंगलवार को कहा कि वह एक भावुक पल था।

सिद्धू ने साफ किया कि उनका दौरा कोई राजनीति से प्रेरित नहीं था। गौरतलब है कि इमरान के शपथग्रहण से पहले उस कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा से वह गले लगते हुए नजर आए थे।

सिद्धू ने कहा, ''पाकिस्तान के आर्मी चीफ ने कहा कि वे करतारपुर साहिब कॉरिडोर को खोलने का प्रयास कर रहे है, जो एक भावुक पल था।''

इससे पहले, रविवार को पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि वह सिद्धू के इस कदम के पक्ष में नहीं है। उन्होंने यह भी साफ किया कि सिद्धू का इमरान खान के शपथग्रहण समारोह में शामिल होने के फैसले से उनकी सरकार का कोई संबंध नहीं है। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि क्रिकेट से राजनीति में आए सिद्धू ने अपनी क्षमता पर पाकिस्तान गए हैं।

सिद्धू के पाकिस्तान दौरे पर पंजाब के मुख्यमंत्री के बयान के बाद उन्होंने कहा, ''कैप्टन साहब समेत कांग्रेस के कई लोगों ने इस पर बोला। यह लोकतंत्र है और सभी को अपनी राय रखने के अधिकार है।''  

उधर, बीजेपी ने सिद्धू के पाकिस्तान दौरे खासकर पाकिस्तान आर्मी चीफ को गले लगाने को शर्मनाक करार दिया है। इससे पहले, सिद्धू ने पाकिस्तान से आने के बाद रविवार को अपना बचाव करते हुए कहा था कि वे क्या करते जब किसी ने उनसे ऐतिहासिक गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के रास्ते को खोलने की बात की।

केरल बाढ़ : राज्य को फिर से पटरी पर लाना एक बेहद चुनौतीपूर्ण काम है

केरल में भारी बारिश और उसके बाद आई बाढ़ से तबाही का आलम ये है कि फिलहाल भले ही पानी घट रहा हो, लेकिन इस आपदा से निकलने के लिए केरल के लोगों को वर्षों लग जाएंगे। बर्बादी के असर को कम कर आम जनजीवन को सामान्य बनाने की दिशा में जिन महत्वपूर्ण कदमों को उठाया जाएगा, उसे लागू करने में ही काफी वक्त लग जाएंगे।

सबसे ज्यादा बाढ़ से प्रभावित जिले हैं इडुक्की, मलप्पुरम, कोट्टयम और एर्नाकुलम। केरल सरकार का यह अनुमान है कि इससे करीब 20 हजार करोड़ रुपये की बर्बादी हुई है। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि राज्य की इस समय प्राथमिकता लोगों को बचाना और बाढ़ प्रभावित लाखों लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाना है। हालांकि, उन्होंने यह माना कि राज्य को फिर से पटरी पर लाना एक बेहद चुनौतीपूर्ण काम है।

केरल के मुख्यमंत्री पिनारई विजयन से जब सोमवार को पुनर्निर्माण को लेकर उनकी योजना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ''मुश्किल दिन अभी आने बाकी हैं।'' उन्होंने कहा, ''करीब दस लाख से ज्यादा लोग राहत कैम्पों में हैं और इस समय वे हमारी प्राथमिकता हैं। हम जानमाल के नुकसान का आकलन कर रहे हैं।''
 
सरकार का यह अनुमान है कि करीब एक लाख इमारतें जिनमें लोगों के घर भी शामिल हैं और 10 हजार किलोमीटर राजमार्ग और सड़कें बर्बाद हुई हैं। जबकि, सैकड़ों पुल बाढ़ में बह गए और लाखों हेक्टेयर फसल तबाह हो गई। अधिकारी ने बताया कि राहत और बचाव कार्य पूरी होने के बाद सरकार नुकसान के सही आकलन की प्रक्रिया शुरू करेगी।