भारत

दाभोलकर हत्याकांड: शूटर ने कर्नाटक और महाराष्ट्र में गोली चलाने की ट्रेनिंग ली थी

नरेंद्र दाभोलकर हत्याकांड में गिरफ्तार मुख्य निशानेबाज ने महाराष्ट्र और कर्नाटक में विभिन्न स्थानों पर गोलियां चलाने का प्रशिक्षण लिया था। सीबीआई ने रविवार को एक अदालत में यह बात कही। अदालत ने प्रमुख शूटर प्रकाशराव आंदुरे को रविवार को 26 अगस्त तक के लिए सीबीआई की हिरासत में भेज दिया। उसे सीबीआई ने कल शाम को गिरफ्तार किया था। उसे आज न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) ए एस मजुमदार की अदालत के समक्ष पेश किया गया था।
    
आंदुरे की 14 दिनों की हिरासत की मांग करते हुए सीबीआई के वकील विजयकुमार ढकाने ने अदालत से कहा कि जांच से पता चला है कि उसने दाभोलकर की हत्या को अंजाम देने से पहले महाराष्ट्र और कर्नाटक में विभिन्न स्थानों पर गोलियां चलाने का प्रशिक्षण लिया था।

उन्होंने कहा, ''सीबीआई को इस बात की जांच करने की जरुरत है कि उसने कहां गोली चलाने का प्रशिक्षण लिया और किन लोगों ने दोनों निशानेबाजों को जरुरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करायीं।''

जांच एजेंसी ने अदालत से कहा कि आंदुरे उन दो हमलावरों में से एक है जिन्होंने 20 अगस्त, 2013 को पुणे में ओमकारेश्वर पुल पर नरेंद्र दाभोलकर पर गोलियां चलायी थीं। सीबीआई वकील ने अदालत से कहा, ''डॉ. वीरेंद्र तावड़े ने इस आरोपी के साथ मिलकर पूरी साजिश रची और इस साजिश का पर्दाफाश करने की जरुरत है। उसके लिए हिरासत में लेकर पूछताछ की आवश्यकता है।''

सीबीआई ने जून, 2016 को हिंदू जनजागृति समिति के सदस्य वीरेंद्र तावड़े को नवी मुम्बई से गिरफ्तार किया था। आरोपपत्र में उसे मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है। बचाव पक्ष के वकील प्रकाश सालसिंगिगकर ने प्रकाशराव आंदुरे की गिरफ्तारी पर सवाल खड़ा किया और कहा कि वीरेंद्र तावड़े की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने अपने आरोप पत्र में सांरग अकोलकर और विनय पवार को नरेंद्र दाभोलकर का हत्यारा बताया था।

रणदीप सिंह सुरजेवाला ने केरल बाढ़ की स्थिति पर मीडिया को संबोधित किया

रणदीप सिंह सुरजेवाला ने केरल बाढ़ की स्थिति पर मीडिया को संबोधित किया

मुजफ्फरपुर बालिका गृह बलात्कार: कई वरिष्ठ आईएएस और नेताओं से पूछताछ कर सकती है सीबीआई

बिहार में मुजफ्फरपुर बालिका गृह बलात्कार मामले में बरामद सबूतों के आधार पर सीबीआई कई और लोगों से पूछताछ कर सकती है। खासकर कई आईएएस, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी और राजनेता से पूछताछ हो सकती है। जब्त कागजात के आधार पर सीबीआई इनकी सूची तैयार कर रही है। बिहार के दो -तीन टॉप वरीय आईएएस अफसरों की गतिविधियों पर कड़ी नजर है। इन अफसरों से ब्रजेश ठाकुर से निकटता रही है और ब्रजेश के धंधे को फलने-फूलने में इन्होंने काफी मदद की है।

हाल के वर्षों में समाज कल्याण विभाग में पदस्थापित अफसरों की सूची भी सीबीआई तैयार कर रही है, ताकि उनसे पूछताछ की जा सके। शुक्रवार की छापेमारी में सीबीआई को कई महत्वपूर्ण कागजात हाथ लगे हैं। सीबीआई शनिवार को पूरे दिन इन जब्त कागजात को खंगालती रही। जब्त कागजात के आधार पर सीबीआई अगली कड़ी तक पहुंचने की कोशिश में है। ब्रजेश ठाकुर के मुजफ्फरपुर स्थित आवास व अखबार के दफ्तर से कम्प्यूटर व लैपटॉप मिले हैं। सीबीआई कम्प्यूटर व लैपटॉप को सेन्ट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेट्री में जांच के लिए भेजेगी। सीबीआई को उम्मीद है कि इस कम्प्यूटर व लैपटॉप से ब्रजेश ठाकुर व उसके गठजोड़ का पता चलेगा।

शुक्रवार की छापेमारी में सीबीआई को पटना के एक शैक्षिक संस्थान के परिसर में स्थित ब्रजेश ठाकुर के अखबार प्रात: कमल के दफ्तर से कई यौन व शक्तिवर्द्धक दवाएं मिली थीं। इस छापेमारी में भी कई महत्वपूर्ण कागजात मिले हैं। सीबीआई को आशंका है कि कहीं बालिका गृह की लड़कियों को यहां अनैतिक कार्य के लिए तो नहीं लाया जाता था।

उधर, पटना के आसरा गृह मामले को लेकर भी पूरे दिन शहर में चर्चा जोरों पर रही। चर्चा है कि सीबीआई आसरा गृह मामले की भी जांच कर सकती है। मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले की सुनवाई पटना हाईकोर्ट में होने वाली है। सबकी निगाहें पटना हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी है। अब पटना हाईकोर्ट पर निर्भर करेगा कि मनीषा दयाल मामले की जांच सीबीआई को सौंपती है या फिर पटना पुलिस इस मामले की जांच करेगी। सूत्रों के अनुसार, मुजफ्फरपुर के बालिका गृह और पटना के आसरा होम्स मामले में काफी समानता हैं।

अटल बिहारी वाजपेयी का राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का शुक्रवार को राष्ट्रीय स्मृति स्थल में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। यहां हजारों की संख्या में लोगों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी। वाजपेयी का गुरुवार को एम्स में निधन हो गया था। वह 93 वर्ष के थे। वाजपेयी की दत्तक पुत्री नमिता ने वैदिक मंत्रोच्चारण और सैनिकों द्वारा 21 बंदूकों की सलामी के बीच उन्हें मुखाग्नि दी।

भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने पार्टी लाइन से ऊपर उठकर राष्ट्रीय स्मृति स्थल में वाजपेयी को अंतिम विदाई दी। इस मौके पर कई देशों के अधिकारी भी मौजूद थे। राजकीय सम्मान के तहत नेताओं द्वारा वाजपेयी के पार्थिव शरीर को पुष्पमाला अर्पित करने से पहले तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद वाजपेयी के पार्थिव शरीर से लिपटे तिरंगे को हटा लिया गया और इसे दत्तक नतिनी को दे दिया गया, जिसके बाद पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों का सौंप दिया गया।

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, भाजपा नेता और वाजपेयी के लंबे समय से सहयोगी रहे लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अंतिम संस्कार में मौजूद थे।

इस मौके पर भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्येल वांगचुक, अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई, नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप ग्यावली, श्रीलंका के कार्यवाहक विदेश मंत्री लक्ष्मण किरिएल्ला और बांग्लादेश के विदेश मंत्री अब्दुल हसन महमूद अली भी दिवंगत नेता के अंतिम संस्कार में मौजूद थे।

जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, मल्लिकाजुर्न खड़गे और आनंद शर्मा, लोकसभा के उपाध्यक्ष एम. थंबीदुरई, पूर्व केंद्रीय मंत्री ए. राजा, एमडीएमके प्रमुख वाइको और तृणमूल के नेता दिनेश त्रिवेदी भी महान नेता के अंतिम संस्कार का गवाह बने।

इससे पहले हजारों लोग वाजपेयी के पार्थिव शरीर को बीजेपी मुख्यालय से स्मृति स्थल लाने के वक्त मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के साथ उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए। वाजपेयी का गुरुवार को एम्स में निधन हो गया था। सरकार ने उनके सम्मान में सात दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है।

वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने पहुंचे स्वामी अग्निवेश पर भाजपा मुख्यालय के बाहर हमला

भारतीय जनता पार्टी मुख्यालय के बाहर शुक्रवार को सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश पर हमला किया गया। यह हमला उस वक्त हुआ, जब स्वामी अग्निवेश यहां पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि देने आए थे।

भाजपा मुख्यालय में वाजपेयी का पार्थिव शरीर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए रखा गया था। स्वामी अग्निवेश के दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थल पर पहुंचने के तुरंत बाद कुछ लोगों ने उनके खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्हें वापस जाने को कहा।

समाचार चैनल द्वारा प्रसारित कुछ फुटेज में उन्हें भागते हुए और कुछ लोगों द्वारा उनका पीछा करते देखा जा सकता है। ऐसा आरोप लगाया जा रहा है कि हमला करने वाले ये लोग भाजपा कार्यकर्ता हैं। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने अग्निवेश को गाड़ी में बैठा लिया और उन्हें सुरक्षित ले गई।

अग्निवेश पर हाल में झारखंड के पाकुड़ जिले में एक गांव में सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए जाते हुए हमला किया गया था। यह हमला कथित तौर पर भाजपा के युवा मोर्चा व एबीवीपी कार्यकतार्ओं ने किया था।

अजय माकन ने तालकटोरा स्टेडियम में सांझी विरासत बचाओ सम्मेलन को संबोधित किया

अजय माकन ने तालकटोरा स्टेडियम में सांझी विरासत बचाओ सम्मेलन को संबोधित किया

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी तालकटोरा स्टेडियम में सांझी विरासत बचाओ सम्मेलन को संबोधित किया

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी तालकटोरा स्टेडियम में सांझी विरासत बचाओ सम्मेलन को संबोधित किया

रणदीप सिंह सुरजेवाला ने 72 वें स्वतंत्रता दिवस पर मीडिया को संबोधित किया

रणदीप सिंह सुरजेवाला ने 72 वें स्वतंत्रता दिवस पर मीडिया को संबोधित किया

स्वतंत्रता दिवस: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एआईसीसी मुख्यालय में तिरंगा फहराया

स्वतंत्रता दिवस: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एआईसीसी मुख्यालय में तिरंगा फहराया

गिरता रुपया: कांग्रेस मुख्यालय में रणदीप सिंह सुरजेवाला और गौरव वल्लभ द्वारा एआईसीसी प्रेस ब्रीफिंग

गिरता रुपया: कांग्रेस मुख्यालय में रणदीप सिंह सुरजेवाला और गौरव वल्लभ द्वारा एआईसीसी प्रेस ब्रीफिंग