भारत

राज्यसभा चुनाव में नोटा का इस्तेमाल नहीं होगा : सुप्रीम कोर्ट

भारत में सुप्रीम कोर्ट ने राज्यसभा चुनाव में 'इनमें से कोई नहीं' (नोटा) विकल्प की अनुमति देने से आज इनकार कर दिया।

न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक, प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने राज्यसभा चुनाव के मतपत्रों में नोटा के विकल्प की इजाजत देने वाली चुनाव आयोग की अधिसूचना को रद्द कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग की अधिसूचना पर सवाल उठाया और कहा कि नोटा सीधे चुनाव में सामान्य मतदाताओं के इस्तेमाल के लिए बनाया गया है। यह फैसला शैलेष मनुभाई परमार की याचिका पर आया है। पिछले राज्यसभा चुनाव में वह गुजरात विधानसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक थे जिसमें पार्टी ने सांसद अहमद पटेल को उतारा था।

बता दें कि परमार ने मतपत्रों में नोटा के विकल्प की इजाजत देने वाली चुनाव आयोग की अधिसूचना को चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने पहले कहा था कि नोटा की शुरूआत करके चुनाव आयोग मतदान नहीं करने को वैधता प्रदान कर रहा है।

गुजरात कांग्रेस के नेता ने कहा था कि राज्यसभा चुनाव में यदि नोटा के प्रावधान को मंजूरी दी जाती है तो इससे खरीद-फरोख्त और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा।

पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी असहिष्णुता और मॉब लिंचिंग की घटनाएं राष्ट्रीय हित को नुकसान पहुंचा सकता है: मनमोहन सिंह

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को कहा कि भारत में पिछले कुछ वर्षों के भीतर असहिष्णुता, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण और भीड़ द्वारा हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं तथा इस तरह के चलन को रोकने के लिए सभी को एकजुट होना होगा क्योंकि इस तरह की घटनाओं से सिर्फ राष्ट्रीय हित को नुकसान पहुंचता है। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने बताया कि मनमोहन सिंह सोमवार को राजीव गांधी राष्ट्रीय सद्भावना पुरस्कार के कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस बार यह पुरस्कार पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल गोपाल कृष्ण गांधी को दिया गया।
    
मनमोहन सिंह ने कहा, ''यह गंभीर चिंता का कारण है कि हमारा देश पिछले कुछ वर्षों में परेशान करने वाले चलन का साक्षी बना है। बढ़ती असहिष्णुता, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण, कुछ समूहों द्वारा बढाई जा रही घृणा एवं हिंसा की बढ़ती घटनाएं तथा भीड़ का काननू अपने हाथ में लेने का यह चलन सिर्फ हमारे देश के राष्ट्रीय हित को नुकसान पहुंचा सकता है। ये चलन शांति, राष्ट्रीय एकीकरण और सांप्रदायिक सौहार्द को बढ़ावा देने के संदर्भ में अभिशाप हैं। अब शायद हमें ठहरने और सोचने की जरूरत है कि हम कैसे एकजुट होकर इन चलन को रोक सकते हैं।''

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, ''यह सौभाग्य की बात है कि आज के समय में गोपाल कृष्ण गांधी जैसे व्यक्ति हमारे बीच हैं। मुझे विश्वास है कि वह देश और लोगों की सेवा के अपने बेहतरीन रिकॉर्ड को जारी रखेंगे।'' उन्होंने कहा कि गोपाल कृष्ण गांधी का लंबा और उल्लेखनीय करियर रहा है। वह लंबे समय तक धर्मनिरपेक्षता, सहिष्णुता और विविधता के प्रति सम्मान की आवाज रहे हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को याद करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा, ''यह अपने प्रिय नेता राजीव गांधी को श्रद्धांजलि देने का मौका है। हम उन मूल्यों का अनुसरण करते हैं जिनको राजीव जी ने हमेशा जिया और उनके आधार पर काम किया।''

पाकिस्तान आर्मी चीफ को गले लगाने पर नवजोत सिद्धू पर राजद्रोह का मामला दर्ज

क्रिकेटर से नेता बने नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ बिहार के मुजफ्फरपुर में सोमवार को एक अदालत में मामला दर्ज किया गया है। यह मामला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तानी सेना प्रमुख को गले लगाने के लिए दर्ज कराया गया है। अधिवक्ता सुधीर ओझा ने मुजफ्फरपुर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत में सिद्धू के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।

ओझा ने कहा कि उन्होंने सिद्धू के खिलाफ राजद्रोह सहित भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कराया है। न्यूज एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट में बताया गया है कि कि अपनी शिकायत में ओझा ने कहा है कि सिद्धू के व्यवहार से देश के लोगों को दुख पहुंचा है। उन्होंने कहा, ''अदालत ने मामला दर्ज कर लिया है और इसकी सुनवाई अगले सप्ताह होगी।''

भारतीय जनता पार्टी और अकाली दल के नेता पंजाब की कांग्रेस सरकार में मंत्री सिद्धू के पाकिस्तानी सेना प्रमुख से गले लगने के बाद उन पर लगातार हमले कर रहे हैं।

कांग्रेस का मोदी से सवाल, अपने विज्ञापन पर 5000 करोड़ रुपये, लेकिन केरल के लिए 500 करोड़ रुपये क्यों?

कांग्रेस ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भयावह बाढ़ का सामना कर रहे केरल के साथ 'सौतेला व्यवहार' करने का आरोप लगाया और सवाल किया कि जब वह अपने प्रचार-प्रसार के विज्ञापनों पर 5000 करोड़ रुपये खर्च करते हैं तो फिर केरल के लोगों के लिए मात्र 500 करोड़ रुपये क्यों दिए? कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने केरल की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित नहीं किया क्योंकि ऐसा करने से केंद्र को बड़ी राशि देनी पड़ेगी।

कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का रवैया भेदभाव वाला है। वह आज बाढ़ से ग्रस्त लोगों की जानमाल पर राजनीति कर रहे हैं। दो हजार करोड़ रुपये की अंतरिम राहत की मांग थी, लेकिन 500 करोड़ रुपये ही दिये गये। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी विज्ञापनों और प्रचार पर जितनी दरियादिली दिखाते हैं, उतनी ही दरियादिली केरल के लिए भी दिखानी चाहिए। जब प्रधानमंत्री मोदी अपने प्रचार पर 5000 करोड़ रुपये खर्च करते हैं तो फिर केरल को सिर्फ 500 करोड़ रुपये क्यों दिए?

शेरगिल ने सवाल किया कि अगर प्रधानमंत्री मोदी करदाताओं के पैसे का इस्तेमाल अपने प्रचार में कर सकते हैं तो फिर देश पूछ रहा है कि केरल के लिए पर्याप्त पैसा क्यों नहीं दिया? उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राज्य सरकारों और दूसरी पार्टियों के मुख्यमंत्रियों ने मदद दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने केरल के लिए जिस प्रकार सौतेला व्यवहार दिखाया है उससे पता चलता है कि टीम इंडिया की उनकी बात एक पाखंड है।  

उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने केरल की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित नहीं किया क्योंकि ऐसे में केंद्र को पैसा खर्च करना होगा। राष्ट्रीय आपदा घोषित करने पर आपदा कोष बनाना पड़ेगा और इसमें 75 फीसदी खर्च केंद्र को देना होगा। दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने केरल की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग की है।

भड़काऊ भाषण मामले में सुप्रीम कोर्ट का योगी आदित्यनाथ को नोटिस

भारत में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को साल 2007 में दिए गए भड़काऊ भाषण के मामले में सोमवार को नोटिस जारी किया।

न्यूज एजेंसी वार्ता के मुताबिक, मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने योगी आदित्यनाथ से पूछा है कि वह बताएं कि इस मामले में उनके खिलाफ मुकदमा क्यों न चलाया जाए? इस मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय से मुख्यमंत्री समेत सात लोगों को पहले ही राहत मिल चुकी है।

इस मामले में याचिकाकर्ता ने शीर्ष अदालत से कहा कि उनके पक्ष को सुने बिना ही उच्च न्यायालय में मामला खारिज कर दिया गया था।

गौरतलब है कि गोरखपुर में साल 2007 में दो पक्षों में विवाद हो गया था। बाद में विवाद इतना बढ़ गया कि राजकुमार अग्रहरि नामक शख्स की हत्या कर दी गई। बाद में मामला और बढ़ गया और इसने सांप्रदायिक रूप ले लिया। आरोप है कि उस समय गोरखपुर से तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ ने भड़काऊ भाषण दिया था, जिसके बाद दंगा भड़क गया था।

केरल बाढ़ राहत पर कांग्रेस मुख्यालय में जयवीर शेरगिल द्वारा एआईसीसी प्रेस ब्रीफिंग

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सैम पित्रोदा के साथ राजीव गांधी को याद रखना

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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की

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जीडीपी बैक सीरीज़ डेटा जारी करने पर पी चिदंबरम द्वारा एआईसीसी प्रेस ब्रीफिंग

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