भारत

भीमा-कोरेगांव मामला में गिरफ्तार प्रोफेसर ने कहा, सरकार ने कॉरपोरेट के खिलाफ आवाज को दबाने के लिए गिरफ्तारी की है

मानवाधिकार कार्यकर्ता और नेशनल लॉ कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. सुधा भारद्वाज को मंगलवार सुबह करीब सात बजे फरीदाबाद की चार्मवुड विलेज सोसायटी से महाराष्ट्र पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उन्हें महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने डॉ. सुधा के दो लेपटाप, दो मोबाइल फोन, एक पेन ड्राइव अपने कब्जे में ले लिए हैं। इसके अलावा डॉ. सुधा के टवीटर, फेसबुक एकाउंट और ईमेल का पासवर्ड भी लिया है। डॉ. सुधा को शाम चार बजे जिला अदालत में पेश किया गया।  

डॉ. सुधा ने बताया कि उन्होंने कॉरपोरेट के खिलाफ आवाज उठाई है। शायद इसी मामले में उनकी आवाज को दबाने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने अदालत को बताया कि उनकी गिरफ्तारी भीमा कोरेगांव वाले मामले में की गई है। इस मामले में दर्ज एफआईआर में उनका नाम नहीं है, ना ही कोई साक्ष्य है। फिर भी पुलिस ने उनके घर पर आज छापेमारी की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

उन्होंने अदालत से गुजारिश की कि उन्हें ट्रांजिट जमानत दे दी जाए ताकि वह महाराष्ट्र की अदालत में जमानत की अर्जी लगा सकें। उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि वह आदिवासियों के मामलों की पैरवी कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि कई फेक एनकाउंटर हुए हैं, वह उनमें वकील रही हैं और मजदूरों के मामलों की पैरवी की है। उसी सिलसिले में सरकार उन से डरी हुई थी। इसीलिए उनकी गिरफ्तारी की गई है। उन्होंने अभी तक कानून के खिलाफ कोई भी काम नहीं किया है।

सिविल जज साक्षी सैनी की अदालत ने दोनों पक्षों महाराष्ट्र पुलिस और पीड़ित और उनके वकील की बात सुनकर फैसला सुरक्षित रख लिया है। पुलिस और डॉ. सुधा का पक्ष अदालत के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

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रुपये में रिकॉर्ड गिरावट: डीजल 69.46 रुपये और पेट्रोल पहुंचा 85.33 रुपये

भारत में डीजल के दाम 69.46 रुपये प्रति लीटर के उच्च स्तर पर पहुंच गए, जबकि पेट्रोल भी 78 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच गया है। इसकी प्रमुख वजह रुपये में भारी गिरावट से कच्चे तेल का आयात महंगा होना है।

सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम वितरण कंपनी के अनुसार डीजल की कीमत आज 14 पैसे जबकि पेट्रोल की 13 पैसे बढ़ गई।

सभी महानगरों में दिल्ली में ईंधन की कीमत सबसे कम है। वहीं अधिकतर राज्य की राजधानियों में भी वैट या बिक्री कर कम होने से इनके दाम कम रहे हैं।

दिल्ली में इससे पहले 29 मई को डीजल की कीमत 69.31 रुपये प्रति लीटर के उच्च स्तर पर पहुंच गई थीं।

राजधानी दिल्ली में आज पेट्रोल की कीमत 77.91 रुपये प्रति लीटर और मु्ंबई में यह 85.33 रुपये प्रति लीटर रही। हालांकि यह 29 मई के दिल्ली में 78.43 रुपये और मुंबई में 86.24 रुपये प्रति लीटर से नीचे है।

सोलह अगस्त को डॉलर के मुकाबले रुपये के सबसे निचले स्तर 70.32 पर पहुंचने के बाद से ईंधन की कीमत लगातार बढ़ रही है।

पिछले 12 दिन में पेट्रोल में 77 पैसे की तेजी देखी गई है। जबकि डीजल की कीमत 74 पैसे बढ़ी है।

पिछले साल जून में तेल कंपनियों ने हर माह की पहली और 16 तारीख को ईंधन की कीमत में बदलाव करने वाली 15 साल पुरानी व्यवस्था को त्याग दिया था। उसकी जगह उन्होंने रोजाना कीमतों में बदलाव की व्यवस्था को अपनाया है।

गोधरा में ट्रेन की बोगी जलाने के मामले में गुजरात कोर्ट ने 2 को उम्रकैद की सज़ा दी

फरवरी 2002 में गुजरात के गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन की बोगी जलाने के दो आरोपियों को अहमदाबाद की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने सोमवार को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अभियोजन पक्ष जब ये साबित करने में सफल रहे कि उनकी साजिश के चलते ट्रेन की दो बोगी जलाने के बाद 59 लोगों की मौत हुई, जज एस ची वोहरा ने फारूक भाना और इमरान शेरू को इस केस में दोषी ठहराया।

हालांकि, अदालत ने हुसैन सुलेमान मोहन, कसम भमेड़ी और फारुक धांतिया को बरी कर दिया। पांचों 2015-2016 के दौरान पकड़े गए थे और साबरमती सेंट्रल जेल के अंदर उनका ट्रायल चल रहा था।

सुलेमान मोहन को मध्य प्रदेश के झबुआ से गिरफ्तार किया गया, कसम भमेड़ी को गुजरात के दाहोद रेलवे स्टेशन से, फारुक धान्तिया और फारूक भाना को गुजरात में उनके घर से गिरफ्तार किया गया। जबकि इमरान शेरू को महाराष्ट्र के मालेगांव से गिरफ्तार किया गया। आठ आरोपी अभी भी फरार चल रहे हैं।

इससे पहले, अदालत ने 1 मार्च 2011 को इस केस में 31 लोगों को दोषी ठहराया था। उसके बाद अदालत ने 11 लोगों को फांसी और अन्य 20 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

मनमोहन ने मोदी से कहा, नेहरू लाइब्रेरी की प्रकृति एवं स्वरूप में छेड़छाड़ नहीं करे

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर 'नेहरू स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय' (एन एम एम एल) की प्रकृति एवं स्वरूप में बदलाव की कोशिशों पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि नेहरू का नाता केवल कांग्रेस से नहीं बल्कि पूरे देश से था।

मोदी को लिखे पत्र में मनमोहन सिंह ने तीन मूर्ति परिसर को बिना छेड़छाड़ के ऐसा ही रखने की अपील की और कहा कि इससे इतिहास और विरासत दोनों का सम्मान होगा।

'नेहरू स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय' (एन एम एम एल) की स्थापना भारत के प्रथम प्रधानमंत्री की याद में की गई थी और तीन मूर्ति हाउस स्थित संग्रहालय में कुछ कमरों को उसी तरह संरक्षित रखा गया है, जैसे वे नेहरू के निधन के समय थे।

मनमोहन सिंह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में भी एन एम एम एल की प्रकृति एवं स्वरूप में बदलाव करने की कोई कोशिश नहीं की गई।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी ने नेहरू को संसद में एक 'जीवंत व्यक्तित्व' बताते हुए कहा था ''ऐसा कोई तीन मूर्ति को दोबारा कभी शोभायमान नहीं कर सकता।''

मनमोहन सिंह ने पत्र में कहा, ''हम इस भावना का सम्मान करें और तीन मूर्ति को प्रथम प्रधानमंत्री पंडित नेहरू का संग्रहालय बनाए रखें और तीन मूर्ति परिसर को ऐसा ही रहने दें। ऐसा कर हम इतिहास और विरासत दोनों का सम्मान करेंगे।''

उन्होंने कहा, ''जवाहर लाल नेहरू पूरे देश के हैं ... केवल कांग्रेस के नहीं। इसी भावना से मैंने आपको यह पत्र लिखा है।''

एन एम एम एल को सभी पूर्व प्रधानमंत्रियों को समर्पित करने की खबरों के बीच मनमोहन ने मोदी को यह पत्र लिखा है। इस विचार की कांग्रेस भी कड़ी आलोचना कर रही है।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 35 ए हटाने की अफवाह के बाद घाटी में अशांति

कश्मीर में सोमवार को अनुच्छेद 35 ए खत्म किए जाने की अफवाहों के बाद अधिकारियों ने श्रीनगर और घाटी के अन्य इलाकों को बंद कर दिया।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने श्रीनगर में जारी एक बयान में कहा, ''कई जगह यह अफवाह फैल गई कि अनुच्छेद 35 ए खत्म कर दिया गया है। जो पूरी तरह से गलत है। अभी इस बारे में कोर्ट ने कोई फैसला नहीं लिया है। लोगों से यह अपील की जाती है कि वह ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें।''

एहतियात के तौर पर दुकानें, सार्वनिजक परिवहन और अन्य प्रतिष्ठानों को बंद कर दिया गया। अनंतनाग और कुछ अन्य जगहों पर सुरक्षाबलों के साथ पत्थरबाजों की झड़प की खबरें भी सामने आई। राज्य विधानसभा को जम्मू-कश्मीर के लोगों को स्थाई निवासी बताने और उनके विशेषाधिकार को परिभाषित करने वाले अनुच्छेद 35 ए पर शुक्रवार को सुप्रीम में सुनवाई की तारीख सूचीबद्ध है।

अधिकारी ने बताया, ''जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर और दक्षिण कश्मीर में अनंतनाग जिले में कई स्थानों पर स्वत: स्फूर्त बंद देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 35 ए को हटाने को लेकर लाउडस्पीकरों पर घोषणाएं की गयी और लोगों से बंद करने और विरोध में बाहर आने की अपील की गयी।''

अधिकारी ने बताया, ''अनुच्छेद 35 ए को समाप्त करने संबंधी अफवाहों के तेज़ी से फैलने और सोशल मीडिया पर इसके प्रसार के बाद आज सुबह खुली दुकानें और अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद कर दिये गये। उन्होंने बताया कि अफवाहों के बाद अनंतनाग और यहां सफाकादल इलाके में सुरक्षाबलों और पत्थरबाजों के बीच संघर्ष देखने को मिला।

अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बल स्थिति को नियंत्रित करने में लगे हुए हैं। एक बयान में पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।

पुलिस ने बयान में कहा गया है, ''मीडिया के कुछ वर्गों में अनुच्छेद 35ए के संबंध में खबरें प्रसारित हुई हैं। निराधार होने के कारण खबरों का खंडन किया जाता है। लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की जाती है। मामले पर मुख्य सुनवाई 31 अगस्त को होनी है।''

वर्ष 1954 में राष्ट्रपति के एक आदेश से अनुच्छेद 35 ए संविधान में शामिल किया गया था।

मेजर गोगोई कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी में दोषी, सेना ने कार्रवाई के आदेश दिए

जम्मू-कश्मीर में श्रीनगर के एक होटल में मई 2018 में एक नाबालिग कश्मीरी लड़की के साथ देखे जाने के बाद पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए मेजर लीतुल गोगोई को कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी में एक स्थानीय निवासी से दोस्ती करने और एक अभियान वाले क्षेत्र में अपने कार्य स्थल से दूर रहने का दोषी पाया गया है।

समाचार एजेंसी भाषा ने भारतीय सेना के सूत्रों के हवाले से बताया कि गोगोई के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। सूत्रों ने बताया कि अदालत ने उन्हें निर्देशों के विपरीत एक नाबालिग कश्मीरी लड़की से मेलजोल रखने और एक अभियान वाले इलाके में अपने कार्य स्थल से दूर रहने का जिम्मेदार ठहराया।

पुलिस ने 23 मई को एक विवाद के बाद गोगोई को हिरासत में लिया था। वह एक नाबालिग कश्मीरी लड़की के साथ श्रीनगर के एक होटल में घुसने की कोशिश कर रहे थे। इसके कुछ दिन बाद भारतीय सेना ने इस घटना की कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश दिए। भारत के सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने पहलगाम में कहा था कि अगर गोगोई को किसी भी अपराध में दोषी पाया जाता है तो कठोर सजा दी जाएगी।