विदेश

रूस ने यूरोप को गैस की सप्लाई रोकी, क्या ये यूरोप के प्रतिबंधों का जवाब है?

रूस ने पाइपलाइन को रिपेयर करने का हवाला देते हुए यूरोप तक गैस पहुंचाने वाली अहम पाइपलाइन 'नॉर्ड स्ट्रीम 1' को पूरी तरह बंद करने का ऐलान किया है।

इस परियोजना की मालिक रूसी कंपनी 'गज़प्रोम' ने कहा है कि नॉर्ड स्ट्रीम 1 पाइपलाइन से गैस सप्लाई पर तीन दिनों तक रोक लगी रहेगी।

रूस पहले ही इस पाइपलाइन के ज़रिए केवल 20 फ़ीसदी गैस की आपूर्ति ही यूरोप को कर रहा है। रूस ने ख़राब उपकरणों को इसकी वजह बताया है।

हालांकि रूस ने उन आरोपों को भी ख़ारिज कर दिया है कि यूक्रेन पर हमला करने के बाद लगाए गए प्रतिबंधों का जवाब देने के लिए उसने यह क़दम उठाया है।

नॉर्ड स्ट्रीम 1 पाइपलाइन 1,200 किलोमीटर लंबी है, जो बाल्टिक सागर के नीचे से होकर पश्चिमी रूस के सेंट पीट्सबर्ग से पूर्वोत्तर जर्मनी तक जाती है।

अभी तक रूस से जर्मनी जाने वाली गैस 'नॉर्ड स्ट्रीम 1' पाइपलाइन के ज़रिए यूक्रेन होते हुए भेजी जाती है। इसे 2011 में खोला गया था। जुलाई 2022 में भी रिपेयर करने का हवाला देते हुए इसे 10 दिनों के लिए बंद किया गया था।

यूरोपीय नेताओं को डर है कि गैस के दाम और बढ़ाने के लिए रूस आपूर्ति में और रुकावट पैदा कर सकता है। गैस के दाम पहले ही 400 प्रतिशत बढ़ चुके हैं। ऐसे हाल में सर्दियों में यूरोप में जीवनयापन के बहुत कठिन होने की आशंका है।

नॉर्ड स्ट्रीम 2 गैस पाइपलाइन का शुरू होना अभी बाक़ी

सितंबर 2021 में एक अन्य पाइपलाइन 'नॉर्ड स्ट्रीम 2' को डालने का काम पूरा हो गया। उसकी भी लंबाई लगभग 1,200 किलोमीटर है।

इस परियोजना के शुरू होने पर रूस से जर्मनी जाने वाली प्राकृतिक गैस की सप्लाई को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पाइपलाइन से जर्मनी को हर साल 55 अरब घन मीटर गैस की सप्लाई होनी थी।

इराक विरोध: अल-सदर के छोड़ने के बाद घातक संघर्ष छिड़ गया

शक्तिशाली शिया नेता मुक्तदा अल सद्र द्वारा अग्रिम पंक्ति की राजनीति छोड़ने की घोषणा के बाद इराक में एक राजनीतिक संकट हिंसा में बदल गया है।

प्रतिद्वंद्वी शिया गुटों के बीच भारी लड़ाई की खबरों के साथ, पिछले कुछ घंटों में गोलियों और विस्फोटों ने बगदाद के उच्च सुरक्षा वाले ग्रीन जोन को हिला दिया है।

इराक की राजधानी में पिछले कुछ वर्षों में हुई सबसे भीषण लड़ाई में कम से कम 20 लोग मारे गए हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं।

अल जज़ीरा की @Victoria Gatenby रिपोर्ट।

लीबिया में ख़ूनी संघर्ष में 23 की मौत, संयुक्त राष्ट्र ने शांति की अपील की

संयुक्त राष्ट्र ने लीबिया की राजधानी त्रिपोली में हुए घातक संघर्ष को तत्काल रोकने की अपील की है।

शनिवार, 27 अगस्त, 2022 को त्रिपोली में दो राजनीतिक गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। लीबिया के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, इस झड़प में कम से कम 23 लोग मारे गए और दर्जनों अन्य घायल हो गए।

एक अधिकारी ने बताया कि मरने वालों में युवा हास्य अभिनेता मुस्तफा बराका भी शामिल हैं।

2011 में नाटो समर्थित विद्रोह के बाद से लीबिया में अराजकता का माहौल है।

इस विद्रोह ने लीबिया पर लंबे समय तक शासन करने वाले शासक कर्नल मुअम्मर गद्दाफ़ी को सत्ता से बेदख़ल कर दिया था। तब से लेकर 2019 तक लीबिया में अशांतिपूर्ण माहौल बरक़रार रहा।

हालांकि पहले की तुलना में बीते दो साल शांतिपूर्ण गुज़रे लेकिन शनिवार, 27 अगस्त, 2022 की घटना ने लीबिया में एक बार फिर हिंसा और अराजकता का माहौल पैदा कर दिया है।

लीबिया की राजधानी त्रिपोली के कई इलाकों में विस्फोट हुए हैं। आपातकालीन सेवाओं ने कहा है कि कई अस्पताल प्रभावित हुए हैं। लड़ाई के आसपास के इलाकों से भी लोगों को निकाला गया है।

संयुक्त राष्ट्र के लीबिया मिशन ने कहा कि लड़ाई में 'रिहायशी इलाकों में अंधाधुंध और भारी गोलाबारी' हुई है, जिसके बाद तत्काल युद्धविराम का आह्वान किया गया है।

शनिवार, 27 अगस्त, 2022 को ये झड़प तब शुरू हुई, जब लीबिया की संयुक्त राष्ट्र समर्थक सरकार के सशस्त्र बलों ने उनके प्रतिद्वंद्वी फाति बाशाघा के वफ़ादार मिलिशिया के एक काफ़िले को रोकने की कोशिश की।

पाकिस्तान में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा: बाढ़ से तीन महीनों में मारे गए 900 से ज्यादा लोग

पाकिस्तान में बाढ़ के चलते सरकार ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी है।

शुक्रवार, 26 अगस्त, 2022 को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि बाढ़ के कारण जून 2022 से अब तक 900 से अधिक लोग मारे गए हैं। पिछले 24 घंटों की अगर बात करें तो 34 लोगों ने अपनी जान गंवाई है।

पाकिस्तान के दक्षिणी सिंध प्रांत के पुराने शहर सुक्कुर में तंबू लगे हुए हैं, क्योंकि लोगों को ठहरने के लिए जगह चाहिए। इन टेंटों में लोग अपने साथ लाये बिस्तर पर बैठे हैं। लोगों का कीमती सामान पानी में बह गया है।

शहर में सड़कों पर हर जगह पानी भरा हुआ है। सीवेज पाइप से प्लास्टिक कचरा बाहर निकल आया है।

अकेले सिंध प्रांत में बाढ़ ने 300 से अधिक लोगों की जान ले ली है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने मदद की अपील की

शुक्रवार, 26 अगस्त, 2022 को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि बाढ़ से 3.3 करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं। ये पाकिस्तान की आबादी का करीब 15 प्रतिशत है।

पाकिस्तान ने बाढ़ से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता की अपील की है, साथ ही उन्होंने मदद के लिए इस्लामाबाद में मौजूद कई देशों के राजदूतों के साथ बैठक की है।

इससे पहले जलवायु मंत्री शेरी रहमान ने कहा था कि पाकिस्तान अपने आठवें मानसून चक्र से गुजर रहा है, जबकि आमतौर पर पाकिस्तान में सिर्फ तीन से चार चक्र बारिश होती है।

जब से गर्मी का मौसम शुरू हुआ है, कई मानसून चक्रों ने पाकिस्तान को तबाह कर दिया है। बाढ़ से पाकिस्तान में चार लाख से ज्यादा घर बर्बाद हो गए हैं।

संयुक्त राष्ट्र की आपदा राहत एजेंसी ओसीएचए ने गुरुवार, 25 अगस्त, 2022 को कहा था कि कम से कम एक लाख 84 हजार लोग राहत शिविरों में विस्थापित हुए हैं।

पुतिन का ऐलान : यूक्रेन छोड़कर रूस आने वाले लोगों को हर महीने पेंशन मिलेगी

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन छोड़कर आने वाले लोगों को वित्तीय लाभ देने के लिए एक योजना शुरू की है।

इस योजना के मुताबिक 18 फरवरी, 2022 के बाद से जिन लोगों को यूक्रेन छोड़ने के लिए मजबूर किया गया, उन्हें 10 हजार रूबल यानी 170 डॉलर प्रति महीना पेंशन दी जाएगी।

डिसेबल लोगों को भी इस पेंशन का हिस्सा बनाया गया है। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को एकमुश्त मदद की जाएगी।

योजना के मुताबिक इसका लाभ यूक्रेन, डोनेत्स्क और लोहांस्क के लोगों को दिया जाएगा। डोनेत्स्क और लोहांस्क को रूस ने फरवरी 2022 में स्वतंत्र राज्य के रूप में मान्यता दी थी।

रूस के इस कदम की यूक्रेन और पश्चिमी देशों ने निंदा करते हुए इसे अवैध बताया है।

18 फरवरी, 2022 को राष्ट्रपति पुतिन ने डोनेत्स्क और लोहांस्क से रूस में आने वाले लोगों को 10 हजार रूबल देने के आदेश दिए थे।

रूस ने यूक्रेन का हवाला देकर परमाणु संधि समझौता नहीं होने दिया

परमाणु निरस्त्रीकरण पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन किसी भी समझौते पर नहीं पहुंच पाया है। रूस ने सम्मेलन के ड्राफ्ट डॉक्यूमेंट पर सवाल उठाते हुए संयुक्त घोषणा को अपनाने से रोक दिया है।

हर पांच साल बाद परमाणु अप्रसार संधि की समीक्षा की जाती है। इसका मकसद परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकना है। इस संधि पर 191 देशों ने हस्ताक्षर किए हुए हैं।

परमाणु अप्रसार संधि के तहत इसमें शामिल देशों को अपना परमाणु भंडार कम करने और दूसरे परमाणु हथियार को खरीदने से रोकती है।

रूस ने यूक्रेन के न्यूक्लियर प्लांट, खासकर जपोरिजिया के आसपास सैन्य गतिविधियों पर गंभीर चिंता का हवाला देते हुए ड्राफ्ट डॉक्यूमेंट पर आपत्ति जताई है।

साल 2015 में भी समीक्षा बैठक हुई थी। इसमें भाग लेने वाले भी किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाए थे।

परमाणु निरस्त्रीकरण पर संयुक्त राष्ट्र कॉन्फ्रेंस 2015 के बाद साल 2020 में होनी थी, लेकिन कोरोना के चलते इसे 2022 में किया गया।

न्यूयॉर्क में चार हफ्ते चली सम्मेलन में सहमति नहीं बन पाई। ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने समझौता ना होने पर दुख जाहिर किया है।

यूक्रेन के जपोरिजिया न्यूक्लियर प्लांट पर युद्ध शुरू होने के कुछ दिन बाद ही रूस ने कब्जा कर लिया था। सम्मेलन में शामिल सभी देशों की सहमति के बाद ही ड्राफ्ट डॉक्यूमेंट को फाइनल किया जाता है और दस्तावेज का रूप दिया जाता है।

सम्मेलन में सभी देशों के अनुमोदन की आवश्यकता थी। नीदरलैंड और चीन सहित कई देशों ने इस बात पर निराशा व्यक्त की कि कोई सहमति नहीं बन पाई है।

सऊदी अरब पाकिस्तान में एक अरब डॉलर का निवेश करेगा

आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की मदद के लिए सऊदी अरब ने एकबार फिर हाथ बढ़ाया है। सऊदी अरब पाकिस्तान में एक अरब डॉलर का निवेश करेगा।

सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय की ओर से ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी गई है।

सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक़, ''सऊदी अरब के किंग सलमान ने पाकिस्तान में एक अरब डॉलर के निवेश के लिए निर्देश दिए हैं। उन्होंने पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति को सहारा देने के लिए और वहां के लोगों के लिए यह मदद देने का निर्देश दिया है।''

विज्ञप्ति के मुताबिक़, इस बात की जानकारी सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने गुरुवार, 25 अगस्त, 2022 को पाकिस्तान के विदेश मंत्री के साथ फ़ोन पर हुई बातचीत के दौरान दी।

सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फ़ैसल बिन फ़रहान ने गुरुवार, 25 अगस्त, 2022 को पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो से फ़ोन पर बातचीत की।

इस बातचीत के दौरान उन्होंने पाकिस्तान के विदेश मंत्री को किंग सलमान के निर्देश की जानकारी दी। साथ ही दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने पर भी चर्चा की। दोनों नेताओं के बीच साझा लाभ के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

पहले भी मदद कर चुका है सऊदी अरब

पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच पाकिस्तान की स्थापना के समय से ही मज़बूत संबंध हैं। 1970 के दशक के बाद से ये संबंध और भी मज़बूत हुए हैं।

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था जब-जब संकट में आती है, सऊदी अरब उसकी मदद के लिए आगे आता है।

पाकिस्तान में इमरान ख़ान की सरकार गिरने के बाद प्रधानमंत्री बने शहबाज़ शरीफ़ ने अपना पहला विदेशी दौरा सऊदी अरब का ही किया था। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने सऊदी से आठ अरब डॉलर का राहत पैकेज लेने में कामयाबी हासिल की थी।

सऊदी अरब ने पिछले क़र्ज़ समझौते के तहत दिसंबर 2021 में भी पाकिस्तान स्टेट बैंक में तीन अरब डॉलर जमा कराए थे।

इसके अलावा साल 2021 में जब पाकिस्तान मुश्किल आर्थिक संकट में फंसा था, डॉलर के मुक़ाबले उसका रुपया टूट रहा था और विदेशी मुद्रा भंडार ख़त्म हो रहा था तब भी सऊदी अरब ने ही आगे बढ़कर उसकी मदद की थी।

अक्टूबर, 2021 में सऊदी अरब ने पाकिस्तान को 4.2 अरब डॉलर की आर्थिक मदद दी थी। पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के सऊदी दौरे के दौरान इस मदद की घोषणा की गई थी। ये मदद सस्ते क़र्ज़ और उधार तेल के रूप में थी।

ज़वाहिरी की मौत पर तालिबान ने कहा, अभी तक शव नहीं मिला है

तालिबान ने कहा है कि उसे अभी तक अल क़ायदा के पूर्व प्रमुख अल ज़वाहिरी का शव नहीं मिला है। हालाँकि उनकी पड़ताल जारी है।

तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने गुरुवार, 25 अगस्त, 2022 को कहा कि तालिबान को अभी तक अल ज़वाहिरी का शव नहीं मिला है।

उन्होंने पत्रकारों से कहा, ''इस मामले में जाँच चल रही है और अभी भी पूरी नहीं हुई है। इस बारे में जो भी जानकारी है वो जाँच पूरी होने के बाद ही सामने आ पाएगी।''

तालिबान के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा, ''जहाँ हमला हुआ था, वहाँ सब कुछ बर्बाद हो चुका था, कोई शव भी नहीं मिला था।''

अमेरिकी ने किया था दावा

अमेरिका ने 31 जुलाई, 2022 को अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल में एक ड्रोन हमले में अल-ज़वाहिरी को मारने का दावा किया था।

अमेरिका की सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी ने आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन चलाया था। ज़वाहिरी के मारे जाने की पुष्टि ख़ुद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने की थी।

बाइडन ने कहा था, "ज़वाहिरी के हाथ अमेरिकी नागरिकों की हत्या से रंगे थे। अब लोगों को इंसाफ़ मिल गया है और यह आतंकवादी नेता अब जीवित नहीं है।''

अधिकारियों का कहना है कि ज़वाहिरी एक सुरक्षित घर की बालकनी में थे तभी ड्रोन के ज़रिए दो मिसाइल दागी गई।

तालिबान के अधिकारियों ने अमेरिका के दावे के बाद कहा था कि ड्रोन हमला तो हुआ था लेकिन जिस समय हमला हुआ घर ख़ाली था। तालिबान अधिकारियों ने कहा था कि ड्रोन हमला एक ख़ाली घर पर हुआ।

तालिबान के एक नेता ने न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स से कहा था कि वे हमले के समय ज़वाहिरी की मौजूदगी के अमेरिकी दावे की पुष्टि नहीं करते हैं।

पाकिस्तान में बाढ़ और बारिश से अब तक 900 से अधिक लोगों की मौत

पाकिस्तान में बाढ़ और बारिश के कहर से अभी तक 900 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 30 लाख से अधिक लोग इससे किसी ना किसी प्रकार से प्रभावित हुए हैं।

बीबीसी उर्दू की ख़बर के अनुसार, पाकिस्तान के 116 ज़िले बाढ़ और बारिश से बुरी तरह प्रभावित हैं।

एनडीएमए की रिपोर्ट के अनुसार, बलूचिस्तान प्रांत के ज़िले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।

यहाँ के सभी 33 ज़िलों में स्थिति बेहद गंभीर है।

वहीं ख़ैबर के 34 ज़िले और सिंध के 23 ज़िले भी बाढ़ और बारिश की मार झेल रहे हैं।

अगर आबादी के लिहाज़ से देखें तो पाकिस्तान का सिंध प्रांत सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। यहां 22 लाख 63 हज़ार लोगों का जीवन बाढ़ और बारिश के कारण प्रभावित हुआ है।

हालाँकि यह केंद्र के आंकड़े हैं, लेकिन राज्य सरकार का कहना है कि सिंध प्रांत में बाढ़-बारिश से प्रभावित होने वालों की संख्या इससे कहीं अधिक है।

एनडीएमए की रिपोर्ट के अनुसार, बाढ़ और बारिश से सात लाख आठ हज़ार से अधिक जानवर अभी तक बह गए हैं। इसके अलावा कई जगहों पर सड़क भी बह गई है।

रूस ने यूक्रेन के रेलवे स्टेशन पर मिसाइल दागी, 22 की मौत, कई घायल

यूक्रेन ने कहा है कि उनके एक रेलवे स्टेशन पर हुए एक रूसी रॉकेट हमले में 22 लोगों की मौत हो गई है और दर्जनों लोग घायल हो गए हैं।

हमला ऐसे दिन हुआ जब यूक्रेन पर रूस के हमले के ठीक छह महीने हुए हैं।

यूक्रेन ने कहा कि हमला पूर्वी शहर चैपलिन में हुआ जहाँ पांच लोग एक वाहन में जलकर मर गए। इनमें 11 साल का एक बच्चा भी शामिल था।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने हमले की जानकारी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक बैठक के ही बीच दी। उन्होंने बताया कि इस हमले में क़रीब 50 लोग ज़ख़्मी हुए हैं।

रूस ने अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

हालांकि रूस लगातार कहता रहा है कि वो ऐसी किसी जगह हमले नहीं करता जहाँ आम नागरिक हों।

ज़ेलेंस्की ने कहा कि उन्हें चैपलिन में हुए हमले के बारे में उस समय पता चला जब वो सुरक्षा परिषद की बैठक में बोलने की तैयारी कर रहे थे। उन्होंने कहा, ''रूस कुछ इस तरह से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक की तैयारी करता है।''

उन्होंने कहा कि चार बोगियों में आग लगी है और हताहतों की संख्या बढ़ सकती है।

इससे पहले अप्रैल 2022 में भी एक रेलवे स्टेशन पर हमला हुआ था, जिसमें 50 से अधिक लोग मारे गए थे।