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लंदन में विजय माल्या को 4 दिसंबर तक बेल

कई बैंकों का कर्ज नहीं चुकाने के मामलों में वांछित भारतीय कारोबारी विजय माल्या को प्रत्‍यर्पण संबंधी मामले में आगामी 4 दिसंबर तक जमानत मिल गई है। अगली सुनवाई 6 जुलाई को होगी।

लंदन के वेस्टमिंस्टर मजिस्‍ट्रेट की अदालत में माल्या के केस की सुनवाई हुई। कोर्ट से बाहर निकलने के बाद माल्या ने बाहर खड़े पत्रकारों को भी लताड़ लगाई।

सवाल पूछ रहे एक पत्रकार को माल्या ने कह दिया कि अगर आपको किसी बात की जानकारी ना हो तो आप खामोश रहें।

विजय माल्या ने लंदन मे कुछ लड़कों द्वारा उन्हें चोर पुकारने की खबर के लिए भी मीडिया को हड़काया। माल्या ने कहा कि दो लड़कों ने मुझे चोर कहा और आप लोगों ने खबर बना दी, आपको ये नहीं दिखा कि वहीं बहुत से लोग मुझसे आकर हाथ भी मिला रहे थे।

मंगलवार को लंदन के वेस्टमिंस्टर मजिस्‍ट्रेट की अदालत में पेश से पहले माल्या ने कहा कि मेरे पास मेरी बेगुनाही के तमाम सबूत हैं, मैं उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने रखूंगा।

मीडिया से बात करते हुए माल्या ने कहा कि वो अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को नकारते हैं।

बता दें कि विजय माल्या पर अलग-अलग बैंकों के 9,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। बैंकों का कर्ज चुकाने के बजाय माल्या भारत छोड़कर फरार हो गए। माल्या 2016 से ही लंदन में हैं जिसके बाद भारत ने ब्रिटेन सरकार से माल्या को भारत भेजने की अपील की थी। भारत की मांग पर सुनवाई करते हुए लंदन प्रशासन ने माल्या को रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर गिरफ्तार किया था जिसके बाद उन्हें जमानत मिल गई थी।

आर्मी चीफ पर टिप्पणी के लिए संदीप दीक्षित को राहुल गांधी ने डांट लगाई

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी नेता संदीप दीक्षित को फटकार लगाई है और कहा है कि कांग्रेस नेताओं को आर्मी चीफ के बारे में टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है।

बता दें कि दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित के पुत्र संदीप दीक्षित ने देश के आर्मी चीफ बिपिन रावत की तुलना 'सड़क के गुंडे' से की थी। उनके इस बयान पर काफी बवाल मचा था और कई पार्टियों ने कांग्रेस से इस बयान के लिए माफी मांगने को कहा था।

राहुल गांधी ने सोमवार (12 जून) को कहा, ''ये बिल्कुल गलत है, आर्मी चीफ के बारे में राजनीतिक लोगों को कमेंट करने की जरूरत नहीं है।'' कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी बेंगलुरु में 'द नेशनल हेराल्ड' अखबार के नये एडिशन की लॉन्चिंग के मौके पर बोल रहे थे।

बता दें कि पाकिस्तान सेना के बारे में बोलते हुए संदीप दीक्षित ने अपनी राय रखी और कहा था अगर पाकिस्तान की सेना उल जुलूल हरकत करती है तो करे, और बयानबाजी दे। लेकिन संदीप दीक्षित के मुताबिक, उन्हें खराब तब लगता है जब भारत के भी थल सेना अध्यक्ष सड़क के एक गुंडे की तरह बयान देते हैं।

संदीप दीक्षित ने कहा था कि पाकिस्तान का सेना अध्यक्ष ऐसा बयान देता है तो दे, उनकी फौज में क्या रखा है, वो एक माफिया टाइप लोग है।

दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित के बेटे संदीप दीक्षित ने कहा कि उन्हें बुरा तब लगता है जब अपने देश के आर्मी चीफ भी ऐसा ही बयान देते हैं। संदीप दीक्षित ने कहा कि, हमारे देश में सौम्यता है, गहराई है, ताकत है। हमारा देश दुनिया के देशों में एक आदर्श है, लेकिन जब हम भी ऐसा बयान देते हैं तो ये ओछी हरकत लगती है। हालांकि इस बयान पर विवाद बढ़ने के बाद संदीप दीक्षित ने अपना बयान वापस ले लिया था।

राहुल गांधी ने इस कार्यक्रम में केन्द्र सरकार पर भी तंज कसा। राहुल ने कहा कि केन्द्र सरकार की कई योजनाएं हैं, स्टार्ट अप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया, सिट डाउन इंडिया, मूव लेफ्ट इंडिया, गो राइट इंडिया, लेकिन बावजूद इसके सरकार रोजगार सृजन में पीछे है। राहुल ने कहा कि रोजगार देने में नरेन्द्र मोदी सरकार को 100 नंबर में जीरो नंबर मिले हैं, जबकि पास मार्क्स ही 40 होता है।

किसान आंदोलन को लेकर नीतीश कुमार का मोदी सरकार पर हमला, कहा- यूपी-बिहार में अभी चुनाव करा लें

देशभर में किसान आंदोलन की आग बढ़ती जा रही है। मध्य प्रदेश के बाद महाराष्ट्र में किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मोदी सरकार पर किसान आंदोलन के मुद्दे पर हमला बोला है।

उन्होंने कहा, ''मोदी सरकार ने किसानों से उनकी फसलों की कीमत को लेकर जो वादा किया था, वह पूरा नहीं किया गया है। किसानों से कहा गया था कि लागत से ज्यादा 50 फीसदी किसानों को दिया जाएगा।''

नीतीश कुमार ने इस संबंध में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया और किसानों की समस्या का समाधान ना ढूंढ पाने पर भाजपा सरकार पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा, ''किसानों के लिए फसल उत्पादन की लागत बढ़ती जा रही है। लेकिन उत्पादन का दाम उपयुक्त नहीं मिल पा रहा है। यह मूल समस्या है।''

उन्होंने पीएम मोदी के किसानों की कर्ज माफी वाले बयान पर तंज कसा। उन्होंने कहा, ''कर्ज माफी से किसानों की समस्या खत्म नहीं होगी। सरकार को राष्ट्रीय स्तर पर कोई नीति बनानी चाहिए।''

इसके बाद नीतीश कुमार ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ पर निशाना साधा। उन्होंने यूपी-बिहार में अभी चुनाव कराने की चुनौती दी। नीतीश ने कहा कि यूपी और बिहार में फिर से चुनाव करा दिए जाएं तो उनकी पॉपुलैरिटी का अंदाजा हो जाएगा और पता लग जाएगा कि लोगों को योगी का काम कितना पसंद आया है। नीतीश कुमार ने किसान आंदोलन को कृषि संकट का नाम दिया।

बता दें कि मध्य प्रदेश में बड़े स्तर के किसान आंदोलन के बाद महाराष्ट्र के किसानों ने भी हड़ताल की थी। हालांकि मध्य प्रदेश की भयावह स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कर्जमाफी की घोषणा की, जिसके बाद किसानों ने अपनी 11 दिन पुरानी हड़ताल खत्म कर दी।

अरुण जेटली ने कहा, किसानों का कर्ज माफ करने वाले राज्य फंड का इंतजाम खुद करें

उत्‍तर प्रदेश, पंजाब के बाद अब महाराष्‍ट्र सरकार द्वारा किसानों के कर्ज माफी की घोषणा पर केंद्र सरकार ने प्रतिकूल प्रतिक्रिया दी है।

एएनआई के अनुसार, भारत के वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि जो राज्‍य किसानों का कर्ज माफ करना चाहें, वह अपने लिए फंड का इंतजाम खुद करें।

जेटली ने कहा, ''महाराष्‍ट्र जैसे राज्‍य जो किसानों का कर्ज माफ करना चाहते हैं, उन्‍हें अपने संसाधनों के जरिए फंड जुटाना चाहिए।''

जेटली के मुताबिक, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया उन देनदारों की सूची बना रहा है जिनका दिवालियापन संहिता के जरिए समाधान आवश्‍यक है।

एनडीटीवी पर सीबीआई छापे पर अरुण शौरी ने कहा, केन्द्रीय मंत्रियों का बहिष्कार करें

भारत के जाने-माने पत्रकार प्रणय रॉय और एनडीटीवी पर सीबीआई के छापे के खिलाफ दिल्ली के प्रेस क्लब में शुक्रवार (9 जून) को देश के नामी गिरामी संपादक-पत्रकार इकट्ठा हुए और केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर हमला बोला।

प्रेस क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंत्री रहे अरुण शौरी ने मोदी सरकार पर तीखे प्रहार किये। अरुण शौरी के बयान को कोट करते हुए एनडीटीवी की पत्रकार निधि राजदान ने लिखा, ''जिस किसी ने भी मीडिया के खिलाफ हाथ उठाने की कोशिश की, उसका हाथ जल गया।''

अरुण शौरी ने पत्रकारों से कहा कि उन्हें केन्द्रीय मंत्रियों के कार्यक्रमों का बहिष्कार करना चाहिए, आपको अपने कार्यक्रम में मंत्रियों को नहीं बुलाना चाहिए।

अरुण शौरी ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार दबाव का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने अभी एनडीटीवी को उदाहरण बनाया है, आने वाले महीनों में ये दबाव बढ़ेगा।

अरुण शौरी ने कहा कि इस वक्त पत्रकारों के तीन समर्थक है, पहला हमारी एकजुटता, दूसरा कोर्ट और तीसरा हमारे पाठकों और दर्शकों का विश्वास।

इस कार्यक्रम को एनडीटीवी के को-फाउंडर प्रणय रॉय ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि एनडीटीवी के ऊपर लगाये गये सारे आरोप पूरी तरह से झूठ और मनगढ़ंत है।

प्रणय रॉय ने कहा, ''हालांकि कानून से ऊपर कोई नहीं है, लेकिन मुझे कहना है कि हमलोग इन सारे झूठे आरोपों का सामना पारदर्शी तरीके से करेंगे, लेकिन हम सिर्फ ये चाहते हैं कि इस पूरे मामले की जांच एक समय-सीमा के अंदर हो।''

उन्होंने सभी पत्रकारों से अपील की और कहा कि सरकार के दबाव के सामने कतई ना झुकें, अगर हम एक बार झुक गये तो सत्ता हावी हो सकती है। पत्रकारों के इस जमावड़े में फली नरीमन, एच के दुआ, राजदीप सरदेसाई समेत कई वरिष्ठ पत्रकार शामिल हुए।

बता दें कि 6 जून को सीबीआई ने प्रणय रॉय के दिल्ली और देहरादून स्थित ठिकानों पर छापा मारा था। सीबीआई ने इस मामले में प्रणय रॉय और उनकी पत्नी राधिका रॉय के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया है। इन दोनों पर निजी बैंक आईसीआईसीआई को 48 करोड़ रुपये नुकसान पहुंचाने का आरोप है। सीबीआई के इस छापे को कई पत्रकारों ने राजनीति से प्रेरित बताया है।

मंदसौर ह‍िंसा: पुलिस फायरिंग के खिलाफ देशभर में सड़कों पर उतरे कांग्रेसी

मध्य प्रदेश में कर्ज माफी को लेकर जहां किसानों का विरोध-प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है, वहीं इसकी आग अब देशभर में फैलने लगी है।

कांग्रेस कार्यकर्ता मंदसौर हिंसा और वहां पुलिस फायरिंग में पांच किसानों की मौत के खिलाफ आज देश भर में सड़कों पर उतरे हैं। बिहार, बंगाल, ओडिशा, असम, पंजाब, हरियाणा और नई दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने रेल रोको आंदोलन चलाया। इसकी वजह से कई रूटों पर ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी कल मंदसौर किसानों से मिलने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें नीमच में ही हिरासत में ले लिया।

हालांकि, रिहाई के बाद उन्होंने किसानों से मुलाकात की।

नई दिल्ली में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने तिलक ब्रिज रेलवे स्टेशन पर मंदसौर में किसानों पर हुई पुलिस फायरिंग के विरोध में रेल रोको आंदोलन चलाया।

दिल्ली से सटे फरीदाबाद में भी युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने किसानों के साथ मिलकर उपायुक्त कार्यालय का घेराव किया और बाटा रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी को रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन के इंजन पर चढ़कर केंद्र की मोदी सरकार और हरियाणा की भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इससे पहले गुरुवार को वहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों के बीच आंदोलन की रणनीति तय करने के लिए बैठक हुई थी।

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं ने मंदसौर हिंसा के विरोध में गुरुवार को ही भाजपा सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया था। युवा कांग्रेस ने घाटकोपर रेलवे स्टेशन पर रेल रोको आंदोलन चलाया।

इस बीच मध्य प्रदेश के शाजापुर में ताजा हिंसा की खबर है। वहां भी किसानों ने हंगामा और आगजनी की है।

इसके अलावा राजधानी भोपाल के फंदा टोल नाके पर भी किसानों के हंगामा करने की खबर है। किसानों ने वहां जमकर पत्थरबाजी की है। इसके बाद पुलिस उन्हें खदेड़ने में कामयाब रही है।

भोपाल के पास सिहोर में भी पुलिस ने किसानों पर हवाई फायरिंग की है।

इस बीच मंदसौर हिंसा में घायल एक और किसान की मौत हो गई है। पुलिस पिटाई में वो गंभीर रुप से घायल हो गया था और उसका इलाज चल रहा था।

एमपी के रायसेन में एक किसान श्रीकृष्ण मीणा ने भी जहर खाकर खुदकुशी कर ली है। वो 12 लाख रुपये के कर्ज से परेशान थे। इनकी दो बेटी और एक बेटा है।

मध्य प्रदेश किसान आंदोलन: मृतकों के परिवार से मिले राहुल गांधी

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को किसान आंदोलन में मारे गए किसानों के परिवार वालों से मुलाकात की। आंदोलन में पुलिस फायरिंग में मारे गए 5 लोगों में 4 परिवारों ने कांग्रेस उपाध्यक्ष से मुलाकात की।

राहुल से मुलाकात के लिए कांग्रेस कार्यकर्ता किसानों के परिवार को लेकर राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले पहुंचे थे।

राहुल गांधी आज किसानों के परिवार से मिलने के लिए मंदसौर जा रहे थे। लेकिन इससे पहले राहुल और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया।

मंदसौर जाने से रोके जाने पर राहुल गांधी ने राजस्थान और मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा और कर्ज माफी के लिए आंदोलन करने में मारे गए किसानों को शहीद का दर्जा देने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि किसान का परिवार यह मांग कर रहा है और हम इसका समर्थन करते हैं।

एएनआई के मुताबिक, राहुल गांधी ने कहा, ''मैं किसानों से परिवार से सिर्फ दो मिनट मिलकर यह कहना चाहता था कि हम आपके साथ है, लेकिन मुझे नहीं मिलने दिया गया। मैं सिर्फ उनका दर्द बांटना चाहता था। क्या मैं इस देश का नागरिक नहीं हूं? क्या मुझे मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बीजेपी शासित राज्यों में सिर्फ इसलिए नहीं जाने दिया गया क्योंकि मैं आरएसएस से ताल्लुक नहीं रखता है।"

मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि ये किसानों को भूल गए हैं और इन्हें सिर्फ देश के 50 रईसों के कर्ज माफ करना याद है। देश में किसान मदद के लिए रो रहा है लेकिन सरकार उसको सुनने को तैयार नहीं है। किसानों के कर्ज माफी के मुद्दे को संसद में उठाया जाएगा।

राहुल गांधी ने शिवराज सिंह चौहान सरकार पर किसानों के पुलिस फायरिंग में मारे जाने के मुद्दे पर झूठ बोलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि गोलीकांड में शामिल सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। किसानों को चेतावानी नहीं दी गई और सभी ऑपरेशन प्रक्रिया का उल्लंघन करते हुए उनके सीने में गोली मार दी गई। यह बर्बरतापूर्ण घटना है। जिनकी मौत हुई है, उन्हें शहीद का दर्जा मिलना चाहिए।

बता दें कि 1 जून से मध्य प्रदेश के मंदसौर समेत कई जगहों पर किसान कर्ज माफी और फसल की उचित कीमत दिए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। मंगलवार को पुलिस फायरिंग में 5 किसानों की मौत हो गई थी जिसके बाद विरोध प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और किसानों ने 100 से ज्यादा गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। यहीं नहीं, पुलिस थाने को भी फूंक डाला।

मोदीजी किसानों का क़र्ज़ नहीं माफ़ कर सकते, सिर्फ किसान को गोली दे सकते हैं: राहुल गांधी

जिला प्रशासन ने हिंसा प्रभावित मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में महिलाओं और बच्चों को कर्फ्यू में 4-6 बजे तक छूट दी है। मंदसौर के एसडीएम एनएस राजावत ने ये जानकारी समाचार एजेंसी एएनआई को दी।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्विटर पर एक वीडियो संदेश जारी करके कहा है कि वो जीवन भर जनता और किसानों के लिए काम करते रहेंगे।

मंदसौर में मंगलवार (छह जून) को आंदोलनरत किसानों पर पुलिस ने गोली चला दी थी जिसमें पांच किसान मारे गए। राज्य सरकार ने पहले पुलिस की गोली से किसानों के मारे जाने से इनकार किया, लेकिन गुरुवार (आठ जून) को राज्य के गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने माना कि किसानों की जान पुलिस की गोली से गई है। इससे पहले भूपेंद्र सिंह ने किसानों के पुलिस की गोलीबारी में मारे जाने से इनकार किया था।

मध्य प्रदेश में किसान कर्ज माफी और फसल के उचित दाम की मांग को लेकर एक जून से हड़ताल पर हैं।

राहुल गांधी को पुलिस ने रिहा कर दिया है।

मंदसौर में पुलिस गोलीबारी में मारे गए पांच किसानों के परिवारों से मिलने जा रहे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और सांसद सचिन पायलट को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था।

राहुल ने मीडिया से कहा कि पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेने का कारण नहीं बताया है। पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, ''मोदीजी किसानों का क़र्ज़ नहीं माफ़ कर सकते, सही रेट और बोनस नहीं दे सकते, मुआवज़ा नहीं दे सकते, सिर्फ किसान को गोली दे सकते हैं।''

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और जदयू के नेता शरद यादव को नीमच में पुलिस ने रोक लिया है। दोनों नेताओं की इस मसले पर पुलिस से नोंकझोंक भी हुई है।

मंदसौर के एसपी ओपी त्रिपाठी ने कहा है कि पिछले तीन दिनों में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने 62 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने मंदसौर के डीएम स्वतंत्र कुमार सिंह के साथ हाथापाई करने के मामले में भी शिकायत दर्ज की है।

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा, ''पांच किसानों की मौत पुलिस की गोलीबारी की वजह से हुई है। जांच से इसकी पुष्टि हुई है।''

मंगलवार (छह जून) को कृषि उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने से जुड़ी 20 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों के हिंसक हो जाने के बाद पुलिस ने गोली चला दी थी।

जिला प्रशासन ने मंदसौर में हालात बिगड़ने के बाद पूरे जिले में धारा 144 लगा दी है। विरोध प्रदर्शन की आंच आसपास के जिलों में फैलने की आशंका के चलते प्रशासन ने मंदसौर के अलावा नीमच और रतलाम जिलों में मोबाइट इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी है।

पांच किसानों के मारे जाने के बाद हिंसाग्रस्त मंदसौर, नीमच व रतलाम के जिलाधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। शिवपुरी के जिलाधिकारी ओपी श्रीवास्तव को मंदसौर का कार्यभार सौंपा गया है। वहीं बी चंद्रशेखर को हटाकर तन्वी सुन्द्रियाल को रतलाम व रजनीश श्रीवास्तव के स्थान पर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को नीमच का जिलाधिकारी बनाया गया है।

राज्य में किसान कर्ज माफी और फसल के उचित दाम की मांग को लेकर एक जून से हड़ताल पर हैं। गुरुवार को हड़ताल का आठवां दिन है। मालवा-निमाड़ अंचल में किसानों का आंदोलन बीते दो दिनों से हिंसक बना हुआ है।  बुधवार (सात जून) को कई स्थानों पर हिंसा हुई और वाहनों को फूंका गया।

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने किसानों की मौत के बाद सीएम शिवराज सिंह से इस्तीफा मांगा है।

मध्य प्रदेश किसान आंदोलन: राहुल गांधी को पुलिस ने रिहा किया

कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी गुरुवार को मध्य प्रदेश में आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवार से मिलने मंदसौर के लिए रवाना हुए थे। हालांकि राहुल को मंदसौर जाने से पहले ही पुलिस ने नीमच में हिरासत में ले लिया है। हिरासत में लिए जाने से पहले राहुल गांधी मंदसौर में रोके जाने पर पुलिस अफसर पर गर्म हो गए थे।

राहुल गांधी ने पुलिस अधिकारी से कहा कि आप कैसे रोक सकते हो हमें। यह बोलते हुए राहुल गांधी ने पुलिस अफसर से गाड़ी के आगे से हटने के लिए भी कहा।

बता दें कि राहुल गांधी को हिरासत में लेने के बाद रिहा कर दिया गया है।

एएनआई ने अपने सूत्रों के हवाले से बताया कि राहुल गांधी गोलीकांड में मारे गए किसानों के परिवारवालों से फोन पर बात करेंगे। यहीं नहीं, सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी परिवार से मिले बिना नहीं लौटेंगे।

राहुल गांधी ने बेल लेने से भी इनकार कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीड़ित परिवार से राहुल गांधी की मुलाकात मध्य प्रदेश-राजस्थान बॉर्डर के पास किसी जगह पर हो सकती है।

करीब एक हफ्ते से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों का प्रदर्शन मंगलवार को उग्र हो गया। पुलिस फायरिंग में 5 किसानों की मौत हो गई जिसके बाद किसानों ने 100 से ज्यादा गाड़ियों में आग लगी दी थी।

मध्य प्रदेश किसान आंदोलन: उग्र किसान आंदोलन से शिवराज सरकार हुई परेशान

मध्य प्रदेश में फसलों की उचित कीमत को लेकर राज्य के किसान आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान पुलिस की फायरिंग में 5 किसानों की जान भी जा चुकी है जिसके बाद भीड़ और उग्र हो गई।

इस आंदोलन में किसानों का साथ दे रहे राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के राष्ट्रीय संयोजक शिवकुमार शर्मा पूर्व आरएसएस नेता हैं। उन्होंने मई 2012 में भी राज्य के बरेली शहर में किसान आंदोलन की शुरुआत की थी। वो उस समय भारतीय किसान संघ के महासचिव थे। 2012 का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया था। किसानों ने सरकारी वाहनों और संपत्ति को आग के हवाले कर दिया था। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और सरकारी अफसरों से मारपीट भी की थी। इसके बाद हुई पुलिस फायरिंग में एक किसान की मौत हो गई थी, जबकि कई घायल हो गए थे।

शिवकुमार शर्मा को इसके बाद जेल जाना पड़ा था और उनके खिलाफ कई मुकदमें चलाए गए। तब बीजेपी और आरएसएस ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। बीजेपी ने शिवकुमार शर्मा को एक ब्लैकमेलर बताया था और उनपर किसानों को भड़काने का आरोप लगाया था। हालांकि बेल पर बाहर आने के बाद शिवकुमार शर्मा ने अपने निष्कासन को अवैध बताया था और कहा था वह भारतीय किसान संघ के नेता बने रहेंगे।

फरवरी 2013 में शिवकुमार शर्मा ने लाखों किसानों के समर्थन का दावा करते हुए किसान मजदूर प्रजा पार्टी खड़ी की।

मध्य प्रदेश में एक जून को इस किसान आंदोलन की शुरुआत हुई थी तब तक शिवकुमार शर्मा की कोई भूमिका नहीं थी। कहा जा रहा था कि भारतीय किसान यूनियन के अनिल यादव किसानों को आंदोलन के लिए प्रेरित कर रहे हैं। अनिल यादव ने एक रात पहले ही आंदोलन करने की घोषणा की, लेकिन उन्हें गंभीरता से नहीं लिया गया। हालांकि 3 जून को जब आंदोलन उग्र हुआ तब अनिल यादव और अन्य को पुलिस ने नजरबंद कर दिया। इसके बाद शिवकुमार शर्मा भी इस आंदोलन में शामिल हुए।