भारत

जुनैद को श्रद्धांजलि देना चाहती थी संसद की अल्‍पसंख्‍यक समिति, बीजेपी मंत्री नहीं माने

भारत में भीड़ की बर्बरता के शिकार हुए लोगों को संसदीय अल्पसंख्यक सलाहकार समिति के 6 सदस्‍य श्रद्धांजलि देना चाहते थे, मगर केंद्र में मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के केंद्रीय मंत्री तैयार नहीं हुए।

एएनआई के अनुसार, बीफ खाने वाला कहकर ट्रेन में जुनैद की हत्‍या से लेकर भारत के अलग-अलग हिस्‍सों में हुईं घटनाओं पर संसदीय समिति श्रद्धांजलि देना चाहती थी। समिति के 6 सदस्‍यों ने इसकी इच्‍छा जाहिर की, मगर केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री और बीजेपी नेता मुख्‍तार अब्‍बास नकवी इस पर सहमत नहीं हुए जिसके बाद 6 सदस्‍यों ने संसद परिसर में हुई बैठक का बहिष्‍कार कर दिया।

बीजेपी नेता मुख्‍तार अब्‍बास नकवी ने गुरुवार को इस बात को खारिज कर दिया कि देश के अल्पसंख्यकों में असुरक्षा की भावना पनपी है। उन्होंने यहां एक कार्यक्रम में कहा, ''मुझे नहीं लगता कि अल्पसंख्यकों में डर या असुरक्षा की भावना है।''

उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में स्वघोषित गो-रक्षकों द्वारा की जा रही हिंसा की ओर स्पष्ट इशारा करते हुए कहा, ''लेकिन जो कुछ भी हो रहा है, चाहे व आपराधिक कृत्य हो या आपराधिक साजिश, उसे किसी भी तरह से न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता।''

बीजेपी नेता ने कहा, ''हम उन्नति के साथ विश्वास के माहौल को बढ़ावा देते हुए आगे बढ़ना चाहते हैं।''

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, पीएम नरेंद्र मोदी सिर्फ बातें करते हैं, काम नहीं

भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने अहमदाबाद के साबरमती आश्रम से कहा कि गोरक्षा के नाम पर लोगों को मारना गलत है, हमें गांधी जी के अहिंसा के मार्ग पर चलना होगा।

मोदी के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि प्रधानमंत्री का काम सिर्फ बातें करना है, अगर उन्हें इतनी चिंता है तो राजस्थान में बीजेपी की सरकार होने के बावजूद भी पहलू खान के हत्यारे अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं हुए?

आपको बता दें कि अहमदाबाद स्थित महात्मा गांधी के साबरमती आश्रम के आज सौ साल हो गए। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने वहां आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। गांधी जी के रास्ते पर चलने की बात करते हुए मोदी ने कहा कि गांधी जी हमेश अहिंसा की बात करते थे, गोरक्षा के नाम पर हिंसा सरासर गलत है, हमें अहिंसा के रास्ते पर चलना होगा।

मोदी के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर पीएम पर हमला बोला है। ओवैसी ने लिखा- इस तरह की बातें प्रधानमंत्री दो बार कह चुके हैं, लेकिन कुछ किये नहीं क्योंकि गोरक्षा के नाम पर हत्या करने वालों को बीजेपी और संघ का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर समर्थन हासिल है।

असदुद्दीन ओवैसी ने इसके बाद एक और ट्वीट करते हुए पीएम को आड़े हाथों लिया। अपने अगले ट्वीट में ओवैसी ने लिखा- प्रधानमंत्री कहते हैं कि गोरक्षा के नाम पर हत्याएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी, लेकिन पहलू खान की हत्या के तीनों आरोपी आज तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जबकि राजस्थान में तो बीजेपी की सरकार है।

पीएम मोदी ने कहा, गौ-भक्ति के नाम पर लोगों की हत्या स्वीकार नहीं की जा सकती

कथित गो-रक्षकों द्वारा भारत के विभिन्न हिस्सों में की जा रही हिंसा पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि गौ-भक्ति के नाम पर लोगों की हत्या स्वीकार नहीं की जा सकती। महात्मा गांधी के गुरू श्रीमद राजचंद्रजी की 150वीं जयंती के मौके पर मोदी ने अहमदाबाद में साबरमती आश्रम में संबोधन के दौरान यह बात कही।

उनकी टिप्पणी कथित गोरक्षकों द्वारा किए गए हालिया हमलों और विरोध प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में आई है। भीड़ द्वारा लोगों की पीट-पीटकर हत्या किए जाने के विरोध में कल भारत के कई स्थानों पर 'नॉट इन माई नेम' नाम से प्रदर्शन हुए थे जिनमें हजारों लोग शामिल हुए।

अहमदाबाद में साबरमती आश्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ''समाज में हिंसा की कोई जगह नहीं है।''

साबरमती आश्रम की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा, ''गौ-भक्ति के नाम पर लोगों की हत्या स्वीकार नहीं की जाएगी। महात्मा गांधी आज होते तो इसके खिलाफ होते।''

मोदी ने कहा कि किसी ने भी महात्मा गांधी व आचार्य विनोबा भावे से अधिक गाय सुरक्षा के बारे में बात नहीं की है। उन्होंने कहा, ''हां, यह किया जाना चाहिए। लेकिन हमारा देश अहिंसा की भूमि है। यह महात्मा गांधी की भूमि है। हम यह क्यों भूल जाते हैं।''

गो-रक्षा के नाम पर लोगों पर बढ़ते हुए हमलों का साफ तौर पर जिक्र करते हुए मोदी कहा, ''आज मैं कुछ शब्द कहना चाहता हूं और कुछ चल रही चीजों पर दुख प्रकट करता हूं। हिंसा से कभी किसी समस्या का समाधान न हुआ है और न होगा। इस देश में किसी व्यक्ति को कानून को अपने हाथों में लेने का अधिकार नहीं है।''

मोदी ने कहा, ''आइए हम सभी मिलकर काम करें व महात्मा गांधी के सपनों का भारत बनाएं। हम एक ऐसे भारत का निर्माण करें जिस पर हमारे स्वतंत्रता सेनानियों को गर्व हो।''

भारत के विभिन्न हिस्सों में स्वघोषित गो-रक्षकों द्वारा लगातार की जा रही हिंसा पर मोदी और उनकी सरकार की चली आ रही चुप्पी को तोड़ते हुए दो दिवसीय गुजरात दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री ने गुरुवार को यह बयान दिया।

सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। एक तबके का मानना है कि प्रधानमंत्री ने गौरक्षा के नाम पर हो रही हिंसा पर बोलने में बहुत देर कर दी। वहीं कुछ ने कहा कि मोदी के इस बारे में बोलने से हालात में बदलाव आना चाहिए। एक ने पूछा- आपकी नींद बहुत जल्दी खुल गयी?

चुनाव आयोग ने उपराष्ट्रपति चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया

भारत में चुनाव आयोग ने 15वें उपराष्ट्रपति के निर्वाचन के लिये गुरुवार (29 जून) को चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने चुनाव आयुक्त ए के जोती और ओ पी रावत के साथ चुनाव कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि उपराष्ट्रपति चुनाव की अधिसूचना चार जुलाई को जारी कर दी जायेगी।

जैदी ने बताया कि आयोग द्वारा चार जुलाई को चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही इच्छुक उम्मीदवार उपराष्ट्रपति पद के लिये नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि 18 जुलाई होगी। जबकि उम्मीदवारों द्वारा भरे गये नामांकन पत्रों की जांच का काम 19 जुलाई को किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि यदि जरूरी हुआ तो उपराष्ट्रपति पद के लिये पांच अगस्त को चुनाव होगा। राष्ट्रपति एवं उपराष्ट्रपति निर्वाचन अधिनियम 1952 और इस हेतु बनाई गई नियमावली 1974 के तहत उपराष्ट्रपति पद के चुनाव हेतु संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित एवं नामित प्रतिनिधियों द्वारा गठित निर्वाचक मंडल के सदस्य मतदान कर सकते हैं। इसके लिये निर्वाचक मंडल के सभी सदस्य पांच अगस्त को सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक होने वाले मतदान में वोट डाल सकेंगे। निर्वाचक मंडल में लोकसभा के 543 निर्वाचित एवं 2 नामांकित सांसद जबकि राज्यसभा के 233 निवार्चित एवं 12 नामित सांसदों को मिलाकर कुल 790 सदस्य शामिल हैं।

जैदी ने बताया कि उपराष्ट्रपति चुनाव की मतगणना मतदान के दिन, पांच अगस्त को ही होगी। मौजूदा उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का कार्यकाल 10 अगस्त 2017 को समाप्त हो रहा है। इससे पहले 15वें उपराष्ट्रपति की निर्वाचन प्रक्रिया को पूरा करना जरूरी है।

जैदी ने बताया कि राष्ट्रपति चुनाव की ही तर्ज पर उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान के लिये भी निर्वाचन आयोग ने विशेष पैन के इस्तेमाल की व्यवस्था की है। निर्वाचक मंडल के सभी मतदाताओं को आयोग द्वारा मतदान स्थल पर मुहैया कराये गये पैन से मतपत्र द्वारा अपना वोट डालना होगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्वाचन नियमावली के मुताबिक मतदाताओं द्वारा मतपत्र पर किसी अन्य पैन का इस्तेमाल किए जाने पर उनके मत को अमान्य माना जायेगा।

उन्होंने बताया कि आयोग ने केन्द्र सरकार के परामर्श से राज्य सभा के महासचिव शमशेर शरीफ को उपराष्ट्रपति चुनाव के लिये निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया है। इसके अलावा राज्य सभा सचिवालय के कुछ अधिकारियों को सहायक निर्वाचन अधिकारी भी नियुक्त किया गया है। आयोग द्वारा चार जुलाई को चुनाव हेतु अधिसूचना जारी किए जाने के बाद निर्वाचन अधिकारी एक आदेश के जरिये चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के स्थान एवं अन्य जरूरी जानकारियों की घोषणा करेंगे।

जैदी ने बताया कि उपराष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवारी के लिये नामांकन हेतु 20 प्रस्तावक और इतने ही अनुमोदक की आवश्यकता होगी। जबकि प्रत्येक उम्मीदवार को नामांकन पत्र के साथ 15 हजार रुपये बतौर जमानत राशि जमा कराने होंगे।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी राजनीतिक दल उपराष्ट्रपति चुनाव के लिये व्हिप जारी नहीं कर सकेगा। निर्वाचक मंडल के सदस्यों को व्हिप या आदेश जारी करने को निर्वाचन नियमों का उल्लंघन माना जायेगा।

तमिलनाडु में बछड़े ले जा रहे ट्रक को रोकने के मुद्दे पर दो गुटों में मारपीट, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

तमिलनाडु के पलानी जिले में बछड़ों को ले जा रहे ट्रक को रोकने के मुद्दे पर दो गुट आपस में भिड़ गए। थाने के बाहर ही भीड़ उग्र हो गई और मामला मारपीट तक जा पहुंचा। पुलिस ने दोनों गुटों को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया।

द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार, सेंदलंकारा रामानुज जीयनर नाम का शख्‍स कुम्‍भाभिषेकम में हिस्‍सा लेने पोलाची से मन्‍नारगुर्दी जा रहा था। उसने पुधु-धरमपुर रोड पर एक मिनी वैन में पांच बछड़ों और दो बैलों को ले जाते हुए देखा। जीयर वैन को लेकर पलानी थाने पर आ गया और शिकायत दर्ज कराई कि बिना गाइडलाइंस का पालन किए बछड़ों को ले जाया जा रहा था।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि बछड़ों केा बिना खाना-पानी दिए वैन में बंद रखा गया था। शुरुआती जांच में सामने आया कि थेवनूर पुधूर का रहने वाला उदयकुमार बछड़ों को ले जा रहा था।

पुलिस जब तक मुकदमे में कार्यवाही करती, कई मुस्लिम संगठनों के लोग थाने के बाहर इकट्ठा होकर बछड़े सीज किए जाने का विरोध करने लगे। उसी समय कुछ हिंदूवादी संगठनों के लोग भी वहां पहुंच गए। जैसे ही जीयर थाने से बाहर निकला, गुस्‍साई भीड़ के एक समूह ने उसकी गाड़ी पर पत्‍थर फेंके। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। चार घायलों को पलानी के सरकारी अस्‍पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

घर के बाहर मृत गाय मिलने पर भीड़ ने मुस्लिम शख्स को पीटा, मकान में आग लगाई

बीजेपी शासित झारखण्ड की कानून-व्यवस्था दिन प्रति दिन ख़राब होती जा रही है। झारखंड के गिरीडीह जिले में मंगलवार को एक मुस्लिम शख्स के घर के बाहर कथित रूप से मृत गाय मिलने के बाद पिटाई का मामला सामने आया। पुलिस के मुताबिक, गांव में शख्स के घर के बाहर गाय का शरीर मिलने पर भीड़ ने उसके साथ मारपीट की। यहीं नहीं, उन लोगों ने उसके घर के एक हिस्से में भी आग लगा दी।

राजधानी से 200 किलोमीटर दूर देवरी के बेरिया हतीतांद में उस्मान अंसारी पर भीड़ ने हमला कर दिया। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, तब तक भीड़ ने अंसारी की पिटाई कर दी और उसके घर में आग लगा दी।

झारखंड पुलिस के प्रवक्ता और एडीजी (ऑपरेशंस) आर के मुल्लिक ने कहा, ''हमारे जवानों और अधिकारी ने भीड़ के सामने पहुंचे और तुरंत अंसारी तथा उसके परिवार को बचाया।''

उन्होंने बताया कि जब पुलिस अंसारी को लेकर अस्पताल जा रही थी, तब भी भीड़ ने उनका रास्ता रोकने की कोशिश। इस दौरान भारी पत्थरबाजी हुई और पुलिसकर्मियों को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवाई फायर करना पड़ा।

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, भीड़ को हटाने के लिए पुलिस की ओर से की गई फायरिंग में कृष्णा पंडित नाम का एक शख्स घायल हो गया है। वहीं, करीब 50 पुलिसकर्मी भीड़ द्वारा किए पथराव में घायल हुए हैं।

उन्होंने बताया कि अंसारी और पंडित दोनों को अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बनी हुई। बेहतर उपचार के लिए दोनों को धनबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

उन्होंने बताया कि भीड़ ने बहुत उग्र तेवर अपना रखे थे। स्थिति अब नियंत्रण में है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों समेत 200 से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को घटनास्थल पर तैनात किया गया है।

अब महिलाएं भी सेना पर हमला कर रही हैं, कोई तो वजह होगी: आजम खान

समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान ने उत्तर प्रदेश के रामपुर में कहा कि भारत की सेना जम्मू-कश्मीर के लोगों से बुरा व्यवहार कर रही है।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, आजम खान ने कहा कि सीमा पर जंग चल रही है, लेकिन कुछ जगहों पर जम्मू-कश्मीर की महिलाएं जवानों की हत्या कर रही है, महिलाओं का ये कदम हमें ये सोचने पर मजबूर करता है कि क्या ऐसा करने के पीछे कोई वजह है?

आजम खान ने कहा कि दशहतगर्द आम तौर पर हाथ काट कर ले जाते हैं, लेकिन जम्मू-कश्मीर में एक मौके पर महिला दहशतगर्दों ने फौज का प्राइवेट पार्ट काट दिया और साथ ले गई, उन्हें हाथ से शिकायत नहीं थी, सर से नहीं थी, पैर से नहीं थी, जिस्म के जिस हिस्से से शिकायत थी उसे काट कर ले गये, ये इतना बड़ा संदेश है, जिस पर पूरे हिन्दुस्तान को शर्मिंदा होना चाहिए, और सोचना चाहिए कि हम दुनिया को क्या मुंह दिखाएंगे?

आजम खान के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी नेता संबित पात्रा ने कहा कि आजम खान बार-बार देश को बांटने की साजिश कर रहे हैं। संबित पात्रा ने कहा कि उन्होंने देश की सेना को कभी अपना नहीं माना है। बीजेपी इस बयान पर समाजवादी पार्टी से सफाई मांगी है।

आजम खान समाजवादी पार्टी के बड़े नेता हैं, और अखिलेश यादव सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। आजम खान ने जम्मू-कश्मीर में सत्ता में साझीदार भारतीय जनता पार्टी की भी निंदा की और कहा कि बीजेपी के सत्ता में आते ही राज्य की हालत बिगड़ी है।

मेरठ: लोगों ने थाने पर बोला हमला, पथराव के बाद कर दी फायरिंग

उत्तर प्रदेश में आए दिन हिंसा की घटनाएं होती रहती है। आजकल उपद्रवी पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर हावी हो रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उपद्रवियों ने ईद की नमाज के बाद परीक्षितगढ़ थाने को अपना निशाना बनाना चाहा, लेकिन पुलिस बल ने डटकर उपद्रवियों का मुकाबला किया।

इस हमले में दर्जन भर से ज्यादा लोग घायल हो गए, जबकि कुछ पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं।

दरअसल, ईद को लेकर पुलिसकर्मियों को शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किया गया था। इसी का फायदा उठाकर उपद्रवी परीक्षितगढ़ थाने को फूंकना चाहते थे और पुलिसबलों को भी अपना निशाना बनाना चाहते थे। गनीमत यह रही कि कोई बड़ी घटना नहीं हुई। वक्त रहते ही पुलिस ने उपद्रवियों को खदेड़ दिया।

शुरुआत में उपद्रवियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद वो थाने पर पत्थरबाजी करने लगे। जब तक पुलिस कुछ समझ पाती, वो फायरिंग भी करने लगे। अंत में पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई में हवाई फायरिंग की।

बताया जा रहा है कि भीड़ परीक्षितगढ़ थाने पर इसलिए हमला करना चाहती थी क्योंकि कुछ दिन पहले हत्या के आरोप में पुलिस ने दो मुस्लिम युवकों के खिलाफ केस दर्ज की थी। गिरफ्तार हुए युवक ने अपना जुर्म कबूल लिया था।

इसके बाद शक के आधार पर पुलिस ने चार और युवकों को हिरासत में ले लिया था। इनमें से एक युवक हिंदू था। जिस वजह से इलाके के लोग नाराज हो गए और बड़ी संख्या में हथियार और पत्थरों के साथ थाने पहुंच गए।

इन लोगों का कहना था कि पुलिस हिंदू होने के नाते दवाब बना रही है जो कि गलत है।

जुनैद के गांववालों ने काली पट्टी बांध कर पढ़ी ईद की नमाज

ह‍र‍ियाणा के बल्‍लभगढ़ में जुनैद के गांववालों की ईद फीकी रही। ईद से ऐन पहले खरीददारी कर लौट रहे जुनैद को कुछ लोगों ने ट्रेन में मार डाला था। इसके व‍िरोध में गांववालों ने काली पट्टी बांध कर ईद की नमाज अता की।

ईद के मौके पर कश्‍मीर में पत्‍थरबाजों ने त्‍योहार की म‍िठास कम करने की कोशिश की, वहीं उत्तर प्रदेश में भी कुछ समय के ल‍िए माहौल तनावपूर्ण बन गया। उत्तर प्रदेश के अमेठी शहर के बादलगढ़ ईदगाह में मांस और शराब की बोतलें मिलने के बाद शुकुल बाजार क्षेत्र में तनाव पैदा हो गया।

पुलिस ने बताया कि सुबह ईदगाह में मांस के टुकडे और शराब की बोतलें पायी गयीं। पुलिस अधीक्षक पूनम ने बताया कि ईदगाह की साफ सफाई के बाद वहां नमाज शांतिपूर्वक संपन्न हुई और स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि घटना की जांच करायी जा रही है और इसमें शामिल लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। पूनम ने बताया कि घटना के संबंध में थाना शुकुल बाजार में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

जम्मू-कश्मीर में घाटी के कई स्थानों पर सुरक्षा बलों और पत्थरबाजों के बीच झड़पें हुईं जिसके कारण उत्सव का रंग फीका पड़ गया। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में जंगलात मंडी इलाके में नमाज के तुरंत बाद भीड़ ने सुरक्षा बलों पर पथराव शुरू कर दिया जिसमें एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। उसके बाद अनंतनाग जिले के अचबल इलाके में भी झड़पें शुरू हो गईं, जहां भीड़ ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया। दक्षिण कश्मीर के सोपोर, कुलगाम और पुलवामा शहरों में भी झड़पें शुरू हो गईं।

श्रीनगर के ओल्ड सिटी इलाके में भी युवाओं ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के दो जवान घायल हो गए। उत्तरी कश्मीर के सोपोर और पट्टन शहरों से भी ऐसी ही झड़पों की सूचना है।

छत्तीसगढ़: सुकमा में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच एनकाउंटर में 5 जवान घायल

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सलियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत शनिवार को नक्सलियों और एसटीएफ के जवानों के बीच मुठभेड़ हुई।

एनकाउंटर में एसटीएफ के 5 जवानों के घायल होने की खबर आ रही है। यह एनकाउंटर सुकमा के चिंतागुफा इलाके के टुंडामरका के जंगलों में हुआ है। हमले में तीन जवानों की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं, राहत कार्य के लिए हेलिकॉप्टर को भी रवाना किया गया है।

एएनआई के मुताबिक, सुकमा एनकाउंटर में घायल 5 जवानों में से तीन की हालत गंभीर है। घायलों को मुठभेड़ स्थल से निकाल लिया गया और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है।

सुकमा जिले में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबल बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चला रहे हैं। नक्सलियों द्वारा अक्सर सुरक्षा बलों के जवानों को निशाना बनाने के मामले सामने आते रहे हैं।

अप्रैल महीने में छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिले सुकमा में नक्सलियों ने सीआरपीएफ के खिलाफ बड़े हमले को अंजाम दिया था। नक्सलियों ने घात लगाकर पुलिस दल पर हमला किया था। इसके बाद हुई मुठभेड़ में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 25 जवान शहीद और 6 जवान घायल हो गए थे। घात लगाए नक्सलियों ने हमला उस समय किया जब सीआरपीएफ की एक यूनिट पेट्रोलिंग कर रही थी।