भारत

निर्भया गैंगरेप कांड में सुप्रीम कोर्ट ने चारों दोषियों की फांसी की सजा बरकरार रखी

करीब साढ़े चार साल बाद निर्भया गैंगरेप कांड में आज (5 मई को) सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए चारों दोषियों की फांसी की सजा बरकरार रखी है। कोर्ट ने इस कांड को सदमे की सुनामी बताते हुए कहा कि इस गैंगरेप कांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। कोर्ट ने टिप्पणी की कि मामले में अमीकस क्यूरी द्वारा दी गई दलीलें पर्याप्त नहीं थीं इसलिए दोषियों को कुछ भी रियायत नहीं दी जा सकती है।

जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस आर भानुमति और जस्टिस अशोक भूषण की खंडपीठ ने सर्वसम्मति से यह फैसला सुनाया। फैसला सुनाते हुए जस्टिस भानुमति ने स्वामी विवेकानंद को कोट करते हुए लिखा, ''किसी देश की तरक्की को नापने का सबसे अच्छा पैमाना उस देश की महिलाओं के साथ होने वाला व्यवहार है।''

जस्टिस भानुमति ने लिखा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध न केवल महिलाओं की इज्जत और मान-सम्मान को ठेस पहुंचाती है बल्कि वह समाज की शांति व्यवस्था और विकास को भी प्रभावित करता है।

उन्होंने टिप्पणी की कि समाज में महिलाओं की प्रतिष्ठा सुनिश्चित कराने के लिए बच्चों को एक खास प्रकार की शिक्षा दी जानी चाहिए।

जस्टिस भानुमति ने आगे लिखा, ''मैं उम्मीद करती हूं कि देश की राजधानी में घटी ये घटना और पीड़ित युवती की मौत समाज के लिए महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध, महिलाओं की इज्जत सुनिश्चित कराने और लैंगिक समानता की दिशा में आंखें खोलने का काम करेगी।''

उन्होंने लिखा कि समाज में लैंगिक समानता बरकरार रखने, उसके लिए संघर्ष करने और लैंगिक भेदभाव के खिलाफ लोगों को जागरूक करने की जिम्मेदारी समाज के हरेक नागरिक की है।

जस्टिस भानुमति ने यह भी लिखा कि समाज में जेंडर जस्टिस की लड़ाई तभी जीती जा सकती है जब लोगों को संवेदनशील बनाया जाएगा, विधायी प्रावधानों का तर्कसंगत और सही तरीके से पालन होगा और महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा को रोकने के लिए आगे बढ़कर हर स्तर पर कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने समाज के माइंड सेट में बदलाव लाने की बात भी कही।

16 दिसंबर, 2012 की रात 23 वर्षीया पैरामेडिकल छात्रा के साथ दक्षिणी दिल्ली में एक चलती बस में जघन्य तरीके से सामूहिक दुष्कर्म किया गया था और उसके गुप्तांगों से छेड़छाड़ की गई थी। बाद में उसे उसके बॉयफ्रेंड के साथ चलती बस से बाहर फेंक दिया गया था। उसी साल 29 दिसंबर को सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान पीड़ित युवती की मौत हो गयी थी।

इस मामले में कुल 6 लोग आरोपी थे। उनमें से एक राम सिंह ने तिहाड़ जेल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी, जबकि एक आरोपी के किशोर होने की वजह से उसे जुवेनाइल कोर्ट ने तीन साल के लिए सुधार गृह भेज दिया था। अब वो रिहा हो चुका है। बाकी चार दोषियों मुकेश, पवन, विनय शर्मा और अक्षय कुमार सिंह की फांसी की सजा सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखी है। साकेत कोर्ट के फैसले के बाद 13 मार्च, 2014 को दिल्ली हाईकोर्ट ने इन्हें फांसी की सजा सुनाई थी। उसके खिलाफ इन चारों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। इन चारों दोषियों के पास अब राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेजने का विकल्प है। वहां से याचिका ठुकराए जाने के बाद ही फांसी की तारीख पर फैसला हो सकेगा।

जीसैट 9 लॉन्च: साउथ एशिया सैटेलाइट का प्रक्षेपण सफल

भारत ने साउथ एशिया सैटेलाइट (GSAT-9) का सफल प्रक्षेपण किया। शुक्रवार (5 मई) को यह प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा से किया गया। इसको जियोसिक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च वेहिकल (जीएसएलवी) से लॉन्च किया गया।

इस मिशन में पाकिस्तान शामिल नहीं था। सार्क के बाकी छह देशों को इससे फायदा होगा। इसको बनाने में भारत को कुल तीन साल लगे। इसे बनाने में कुल 235 करोड़ रुपए खर्च हुए। भारत के अलावा अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल और श्रीलंका जीसैट-9 का लाभ ले सकेंगे।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो के वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए ट्वीट किए। इसके साथ ही उन्होंने सभी सहयोगी देशों के लोगों को संबोधित भी किया। उस वक्त सार्क देशों के सभी बड़े नेता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक-दूसरे से जुड़े थे।

भारत द्वारा लॉन्च यह अबतक का सबसे भारी अंतरिक्ष रॉकेट था। संचार उपग्रह जीसैट-9 भारत समेत सात दक्षिण एशियाई देशों को संचार सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।

इनमें से हरेक देश को इस उपग्रह के कम से कम एक 12 केयू-बैंड के ट्रांसपोंडर्स के प्रयोग की सुविधा मिलेगी जिससे उनका संचार तंत्र मजबूत होगा। प्राकृतिक आपदा और आपातकालीन स्थिति में इस संचार तंत्र से सभी देशों को हॉटलाइन से जुड़ने की सुविधा भी मिलेगी।

सपा में विभाजन: मुलायम सिंह के नेतृत्व में शिवपाल यादव नई पार्टी बनाएंगे

समाजवादी पार्टी (एसपी) के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने शुक्रवार को एक नई पार्टी बनाने की योजना की घोषणा की इससे पहले से ही विभाजित समाजवादी पार्टी के लिए परेशानी का सबब बन गया है। समाजवादी सेकुलर मोर्चा नामक पार्टी को पूर्व सपा के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव नेतृत्व करेंगे, शिवपाल ने समाचार एजेंसी एएनआई को ये जानकारी दी।

बुधवार को शिवपाल का बयान आया था कि जब तक समाजवादी पार्टी की कमान मुलायम सिंह यादव को सौंपी नहीं जाती, तब तक वह एक नयी पार्टी बनाएंगे। शिवपाल ने सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश विधानसभा और लोकसभा चुनावों में पार्टी की हार के लिए भी दोषी ठहराया था।

उन्होंने दावा किया कि भ्रष्ट अधिकारियों और लोगों ने उत्तर प्रदेश में अखिलेश शासन के साथ हाथ मिला लिया और कहा कि यह वर्तमान योगी आदित्यनाथ सरकार के तहत भी हो रहा है।

शिवपाल ने कहा कि वह आदित्यनाथ से मिलेंगे और उन्हें स्थिति के बारे में सूचित करेंगे।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी ने शिवपाल और उनके भतीजे अखिलेश के बीच कड़वा संघर्ष देखा था जिसमें भाजपा ने इन्हें पराजित कर दिया था।

अमानतुल्लाह खान निलंबित, कुमार विश्वास राजस्थान के प्रभारी

दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास के खिलाफ़ बयान देने वाले पार्टी विधायक अमानतुल्लाह ख़ान को आम आदमी पार्टी की सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है।

बुधवार को दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सर्वोच्च कमेटी पीएसी की बैठक हुई जिसके बाद दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और कुमार विश्वास ने मीडिया से बात की।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि कुमार विश्वास पर अमानतुल्लाह ख़ान के बयानों को लेकर पहले ही पीएसी ने नाराज़गी जताई थी, उसकी वजह से अमानतुल्लाह ख़ान ने इस्तीफ़ा दे दिया था।

अमानतुल्लाह के बयान की जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई है, जब तक पार्टी द्वारा कुमार विश्वास को लेकर दिए गए बयान की जांच की जाती है वो निलंबित रहेंगे।

मनीष सिसोदिया ने बताया कि कुमार विश्वास को राजस्थान में पार्टी प्रभारी बनाया गया है ताकि वो राजस्थान में पार्टी का संगठन खड़ा करने की ज़िम्मेदारी निभाएं।

कुमार विश्वास ने एमसीडी चुनाव के नतीजे आने के बाद कहा था कि पार्टी हार के लिए सिर्फ इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन पर दोष मढ़ने के बजाय आत्ममंथन करे।

हाल ही में पार्टी के एक विधायक अमानतुल्लाह ख़ान ने कुमार विश्वास पर पार्टी तोड़ने के आरोप लगाए लगाए थे।

कुमार विश्वास ने मंगलवार को इस बायन पर अपनी नाराज़गी जताई थी और कहा था कि वो 24 घंटों में कोई फ़ैसला लेंगे, इसके बाद अरविंद केजरीवाल से लेकर पार्टी के बड़े नेता उन्हें मनाने में जुट गए थे।

बुधवार को पीएसी की बैठक के बाद कुमार विश्वास ने कहा, ''किसी को ये भ्रम नहीं होना चाहिए कि ये किसी तरह के वर्चस्व का संवाद है। न जीवन में मंत्री, मुख्यमंत्री, संयोजक बनने की इच्छा है और न कभी बनूंगा।''

उन्होंने कहा, ''इस मुश्किल की घड़ी में मेरे साथ कड़े हर कार्यकर्ता को आश्वासन देता हूं कि जंतर-मंतर से भ्रष्टाचार मुक्ति की लड़ाई, अपनी निजता के अहम को छोड़कर बड़े काम की लड़ाई जो शुरू की थी उसके बीच में कोई बाधा नहीं आएगी।''

कुमार विश्वास ने कहा कि भ्रष्टाचार, राष्ट्रवाद और कार्यकर्ता पर कोई समझौता नहीं होगा और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर बेबुनियाद आरोप लगाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कुमार विश्वास ने हाल ही में एक वीडियो जारी किया था जिसमें उन्होंने कई मसलों पर बात रखी थी और पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए पार्टी में सुधार की बात उठाई थी।

मंगलवार को कुमार विश्वास ने कहा कि उनके ख़िलाफ़ नीचे से भी जो भी साज़िशें कर रहे हैं, उनके पैंतरे बेकार हैं, वो इस खेल का हिस्सा नहीं बनेंगे।

उन्होंने कहा था कि वो अपने वीडियो के बारे में किसी से माफ़ी नहीं माँगेगे।

टीवी चैनल वाले बिना हम लोगों से पूछे ही आग-बबूला हो जाते हैं: भारतीय सेना

आर्मी ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है जिसमें कहा जा रहा था कि जवानों के पार्थिव शरीर को क्षत-विक्षत करने का बदला लेते हुए भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कुछ बंकरों को तबाह कर दिया है और कुछ दुश्मनों को मार गिराया है।

हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, नोर्थन कमांड के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, ''सोमवार रात को के जी सेक्टर में किसी तरह की भी बदले की कार्रवाई नहीं हुई, टीवी चैनल वाले बिना हम लोगों से पूछे ही आग-बबूला हो जाते हैं। हम लोग बदला लेंगे और जब लेंगे तब आधिकारिक तौर पर बयान भी जारी करेंगे।''

एक मई को पाकिस्‍तानी सेना की बैट टीम 250 मीटर तक भारतीय सीमा में घुस गई थी। उन्होंने दो भारतीय जवानों की हत्‍या कर दी थी। साथ ही उनके शवों से भी बर्बरता की गई थी। इस हमले में सेना के नायब सुबेदार परमजीत सिंह और बीएसएफ के प्रेम सागर शहीद हुए थे।

बीएसएफ में हेड कॉन्सटेबल के पद पर तैनात प्रेम सागर मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया के टीकमपार गांव के रहने वाले थे।

उसके बाद खबरें आई थीं कि भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान की दो चौकियां को तबाह कर दिया। इस कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना के 7 जवान के मारे जाने की बात कही जा रही थी।

गायत्री प्रजापति की जमानत मंजूर करने वाले स्पेशल जज सस्पेंड

उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रजापति की रेप के मामले में जमानत मंजूर करने के मामले में स्पेशल जज (पाक्सो एक्ट) के खिलाफ जांच की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जांच 30 अप्रैल तक पूरी होनी है।

चीफ जस्टिस डीबी भोसले की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने गत दिवस गायत्री प्रजापति व दो अन्य की जमानत मंजूर करने पर स्पेशल जज की मंशा व सद्भावना पर आपत्ति जताई थी। बाद में हाईकोर्ट प्रशासन ने जमानत मंजूर करने वाले स्पेशल जज (पॉक्सो एक्ट) ओमप्रकाश मिश्र को सस्पेंड करते हुए उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए थे। अपर जिला व सत्र न्यायाधीश ओमप्रकाश मिश्र 30 अप्रैल को रिटायर हो रहे हैं।

गौरतलब है कि चीफ जस्टिस ने कहा था कि 30 अप्रैल को रिटायर होने जा रहे न्यायिक अधिकारी ने जिस तरह काम किया है, वह घोर आपत्तिजनक है। मामले के तथ्यों के अनुसार गायत्री प्रजापति की जमानत अर्जी 24 अप्रैल को दाखिल की गई थी। स्पेशल जज ने उस पर अगले ही दिन सुनवाई की तारीख लगा दी। 25 अप्रैल को विवेचक ने पूरी केस डायरी पेश करने के लिए समय मांगा, लेकिन स्पेशल जज ने अर्जी खारिज करते हुए कहा कि एडीजीसी उपलब्ध केस डायरी से बहस के लिए तैयार हैं। जबकि उनकी ओर से भी मामले में समुचित निर्देश लेने के लिए तीन दिन का समय मांगा गया था।

स्पेशल जज (पोक्सो एक्ट) ओमप्रकाश मिश्र का निलंबन न्यायपालिका में पहला मामला नहीं है। न्याय पालिका पर जब भी इस तरह की आंच आई, हाईकोर्ट प्रशासन ने सख्त तेवर अपनाए।

गाजियाबाद के पीएफ घोटाले में आरोपित एक न्यायाधीश स्थायी नहीं हो सके और बाद में जब तक नौकरी में रहे, ओएसडी ही रहे, जिला जज नहीं बन सके। शिकायत मिलने पर ही एक अन्य न्यायाधीश के यहां से रिटायरमेंट से हफ्तेभर पहले कुछ फाइलें हटा ली गई थीं। गोरखपुर में तैनात रहे एक एडीजे के खिलाफ जांच अब भी जारी है। वह ट्रांसफर होकर वहां पहुंचे तो काफी महंगे होटल में रुके थे। उनके खिलाफ शिकायत पहुंची तो हाईकोर्ट प्रशासन ने उन्हें सस्पेंड करके जांच बैठा दी। बताया जाता है कि जांच अब भी जारी है।

तीन तलाक के मुद्दे को राजनीति के दायरे में न लाए: नरेंद्र मोदी

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बास्वा जयंती के अवसर पर विज्ञान भवन में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि तीन तलाक के मुद्दे को राजनीति के दायरे में न लाए।

पीएम मोदी ने कहा कि तीन तलाक के मुद्दे को राजनीतिक चश्में से नहीं देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि मुस्लिम समाज से ही लोग आगे आएंगे और तीन तलाक के संकट से जूझ रही मुस्लिम महिलाओं के लिए रास्ता निकालेंगे।

उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान करना जरूरी है। तीन तलाक के संकट से गुजर रही मुस्लिम महिलाओं को इससे छुटकारा दिलाना है। देश के प्रबुद्ध मुस्लिम इसके लिए कदम उठाएं। आने वाली पीढ़ियों को इससे ताकत मिलेगी।

पीएम ने कहा कि भारत के मुस्लिम देश के ही नहीं बल्कि दुनिया को तीन तलाक से निपटने का रास्ता दिखाएंगे।

उन्होंने कहा कि देश में छुआछूत, जातिप्रथा जैसी व्यवस्था नहीं होनी चाहिए। समाज में भेदभाव के बिना सभी का विकास होना चाहिए तभी सबका विकास किया जा सकता है।

जो बैंक खराब नोट बदलने में आनाकानी करेंगे, उनपर पेनाल्टी लगाई जाएगी: आरबीआई

गंदे या लिखे हुए नोट लेने से बैंक इनकार नहीं कर सकते। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने बैंकों को चेतावनी दी है कि नोट लेने से इनकार करने पर कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में अकेले कानपुर से 250 से ज्यादा शिकायतें आ चुकी हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि बैंक गंदे या लिखे हुए नोट जमा करने से ग्राहकों को रोक नहीं सकते। ऐसे नोटों को 'बेकार नोट' माना जाना चाहिए और आरबीआई की 'क्लीन नोट पॉलिसी' के तहत काम करना चाहिए।

केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि 'बेकार नोट' का मतलब चलन से बाहर हो चुके नोट नहीं है। रिजर्व बैंक के पास लगातार ऐसी शिकायतें आ रही थीं कि बैंक 500 और 2000 रुपए के ऐसे नोट लेने से मना कर रहे हैं जिनमें कुछ लिखा हुआ है या जिन पर रंग लग गया है या जिन नोटों का रंग छूट गया है। बैंक काउंटर पर बैठे कैशियरों की दलील थी कि आरबीआई ने इस तरह के नोट लेने से रोक दिया है।

इस पर सफाई देते हुए आरबीआई ने कहा कि लिखे या गंदे नोट जमा न करने संबंधी बैंकों को कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं। बैंकों से कहा गया था कि उनका स्टाफ नोटों पर कुछ न लिखे क्योंकि नोट पर लिखने संबंधी सबसे ज्यादा शिकायतें बैंकिंग स्टाफ की आई थीं। साथ ही ये भी निर्देश दिए गए हैं कि खराब नोटों को दोबारा जारी न किया जाए।

आरबीआई ने साफ कहा है कि जो भी बैंक खराब नोट बदलने में आनाकानी करेंगे, उनपर पेनाल्टी लगाई जाएगी।

एमसीडी चुनाव 2017: दिल्‍ली नगर निगम पर बीजेपी की जीत का हैट्रिक, आम आदमी पार्टी को 48, कांग्रेस को 30 सीट

दिल्ली नगर निगम चुनावों की सभी 270 सीटों का रिजल्ट घोषित हो गया है। इसमें बीजेपी को 181, आम आदमी पार्टी को 48, कांग्रेस को 30 और अन्य को 11 सीटों पर जीत मिली है।

पूर्वी दिल्ली नगर निगम की 63 सीटों में से 47 पर बीजेपी, 11 पर आम आदमी पार्टी, 3 पर कांग्रेस और 2 सीटों पर अन्य की जीत हुई है।

उत्तरी दिल्ली की 103 सीटों में से 64 पर बीजेपी, 21 पर आम आदमी पार्टी, 15 पर कांग्रेस और 3 सीटों पर अन्य की जीत हुई है।

दक्षिणी दिल्ली की 104 सीटों में से 70 पर बीजेपी, 16 पर आम आदमी पार्टी, 12 पर कांग्रेस और 6 सीटों पर अन्य की जीत हुई है।

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि यह मोदी सरकार के काम की जीत है। शाह ने कहा कि दिल्ली के परिणाम ने बीजेपी के विजय रथ को आगे बढ़ाया है।

एमसीडी चुनाव में जीत के बाद पीएम मोदी ने जनता का शुक्रिया अदा किया।

कांग्रेस के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने हार की जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

माकन के बाद दिल्ली कांग्रेस प्रभारी पी सी चाको ने भी इस्तीफे की पेशकश की है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी (AICC) के महासचिव गुरुदास कामत ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया।

दिल्ली में सरकार चला रही आम आदमी पार्टी में भी भारी उथल-पुथल की खबर है। पार्टी संयोजक और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत तमाम नेता इस हार के लिए ईवीएम में छेड़छाड़ को जिम्मेदार मान रहे हैं।

इस बीच आम आदमी पार्टी विधायक अलका लांबा ने भी इस्तीफे की पेशकश की है।

मालवीय नगर से आम आदमी पार्टी विधायक सोमनाथ भारती ने भी इस्तीफे की पेशकश की है।

अरविंद केजरीवाल के बड़े शुभचिंतक रहे अन्ना हजारे ने उन्हें कड़ी फटकार लगाते हुए कहा है कि ईवीएम ने नहीं, कथनी-करनी के फर्क ने आम आदमी पार्टी को हराया है। उन्होंने कहा कि लोग समझ चुके हैं क‍ि इनके द‍िमाग में सेवा नहीं, सत्ता है।

केजरीवाल के पूर्व सहयोगी मयंक गांधी ने भी एक खत लिखकर अरविंद केजरीवाल की नीतियों की आलोचना की है।

एमसीडी चुनाव के लिए 23 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। इसमें कुल 272 में से 270 वार्ड में वोटिंग हुई थी। जिन दो वार्ड पर फिलहाल वोटिंग नहीं हुआ है उसमें सराय पीपल थाला और मौजपुर शामिल है। दोनों सीटों पर अगले महीने चुनाव होगा।

एमसीडी चुनाव: कांग्रेस के 92, आम आदमी पार्टी के 40 उम्मीदवारों की जमानत जब्त

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनाव में बीजेपी ने एक बार फिर बाजी मारी है। तीनों नगर निगमों पर बीजेपी ने तीसरी बार सत्ता हासिल की है। इस बार के निगम चुनाव के परिणामों को देखा जाए तो आम आदमी पार्टी जिसने पहली बार एमसीडी चुनाव लड़ा और दिल्ली में सरकार होने के बावजूद करारी हार का सामना करना पड़ा है। वहीं कांग्रेस तीसरे नंबर पर रही।

हाल ही में राजौरी गार्डन की विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी की जमानत भी जब्त हो गई थी, लेकिन एमसीडी चुनावों में भी उसकी हालत नहीं सुधरी। एमसीडी चुनावों में आम आदमी पार्टी के 40 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई है, लेकिन उससे ज्यादा बुरी दशा कांग्रेस की है। कांग्रेस जहां इन चुनावों में तीसरे नंबर पर रही। वहीं कांग्रेस के 92 उम्मीदवारों की जमानत भी जब्त हुई है।

तीन निगमों पर कब्जा करने वाली बीजेपी के भी पांच उम्मीदवारों की भी जमानत जब्त हो गई है। एमसीडी चुनावों में सबसे ज्यादा बसपा उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई है। बसपा के 192 उम्‍मीदवारों की जमानत जब्त हुई है।

राज्य चुनाव आयुक्त एस के श्रीवास्तव ने बताया कि इन चुनावों में 48724 वोटरों ने नोटा का उपयोग किया जो कुल वोटों का 0.69 प्रतिशत रहा।