राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू यादव के बेटे और बिहार सरकार में मंत्री तेजप्रताप यादव ने आज (2 अप्रैल) पटना में कारगिल चौक से लेकर मिलर स्कूल ग्राउंड तक धर्मनिरपेक्ष स्वयंसेवक संघ (डीएसएस) रथायात्रा निकाली। तेजप्रताप खुद रथ पर सवार थे। इस मौके पर डीएसएस के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में रथ के पीछे-पीछे अन्य गाड़ियों और बाइक पर सवार थे।
मिलर स्कूल पहुंचकर तेज प्रताप ने कहा कि डीएसएस एक धर्मनिरपेक्ष संघ है। इसमें सभी धर्मों के लोग दुनियाभर में शांति की स्थापना के संकल्प के साथ जुड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उनका संगठन आरएसएस की धार्मिक कट्टरता का जवाब देने के लिए काम करेगा।
तेजप्रताप ने कहा कि आज आरएसएस धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा दे रहा है। देश और समाज को बांट रहा है, लेकिन हम उसके मंसूबे साकार होने नहीं देंगे।
उन्होंने कहा कि डीएसएस आरएसएस का मुकाबला करेगा। इस मौके पर तेज प्रताप ने राज्य के पूर्व उप मुख्यमंत्री और भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी पर बरसते हुए कहा कि अगर वो हमारे संगठन यानी डीएसएस को ज्वाइन कर लेते हैं तो उन्हें सदबुद्धि आ जाएगी।
सुशील कुमार मोदी ने तेजप्रताप को पहले आरएसएस का प्रशिक्षण लेने की सलाह दी थी।
डीएसएस के लोक संरक्षक के नाते तेजप्रताप ने कहा कि इस संगठन की शाखाएं जल्द ही पूरे बिहार और देश के अन्य हिस्सों में भी खोली जाएंगी।
तेजप्रताप ने यह भी कहा कि वो सुशील कुमार मोदी को चाचा समझते हैं और इसी लिहाज से उनकी इज्जत करते हैं, लेकिन वो बेवजह हमारे परिवार के खिलाफ बयानबाजी करते रहते हैं।
तेज प्रताप ने सवालिया लहजे में पूछा कि क्या आरएएसएस ने उन्हें यही सिखाया है? लगे हाथ तेजप्रताप ने यह भी कहा कि डीएसएस ही आरएसएस को माकूल जवाब देगा।
उन्होंने कहा कि यह तो अभी ट्रेलर है, पूरी पिक्चर देखना अभी बाकी है।
स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और योगी आदित्यनाथ की हिंदू युवा वाहिनी से मुकाबला करने के लिए धर्मनिरपेक्ष स्वयंसेवक संगठन यानी डीएसएस का गठन किया है।
उन्होंने कहा कि डीएसएस में हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई सभी धर्मों के लोग शामिल होंगे।
तेजप्रताप ने कहा, ''डीएसएस आरक्षण के मुद्दे पर आरएसएस को खदेड़ देगा। आरक्षण हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है। हम आरएसएस की मनमानी नहीं चलने देंगे।''
बता दें कि आरएसएस लंबे समय से आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा किए जाने की मांग कर रहा है। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने बिहार चुनाव से पहले आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की जाने की बात कही थी जिसे लेकर विपक्षी नेताओं ने संघ और बीजेपी पर तीखा हमला बोला था। एक कार्यक्रम के दौरान आरएसएस के मनमोहन वैद्य ने भी आरक्षण को खत्म किए जाने की बात कही थी।
समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के पूर्व सीएम अखिलेश यादव को खरी-खरी सुनाने के बाद रविवार को शिवपाल यादव ने भी उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
शिवपाल यादव ने कहा कि नेताजी का बहुत अपमान किया गया। उन्हें छह महीने पहले पार्टी से निकाल दिया गया। चुनाव के बाद विधान मंडल की बैठक हुई, उसमें भी उन्हें नहीं बुलाया गया।
नई पार्टी बनाने के संकेत देते हुए शिवपाल यादव ने कहा कि अब जो भी होगा, नेताजी के निर्देशन में होगा। जल्द बड़ा फैसला लिया जाएगा।
विधान सभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की करारी हार के बाद पार्टी में सत्ता संग्राम तेज होने के आसार बन रहे हैं। कस्बा करहल में रविवार को स्कूल का उद्घाटन करने आए पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने अखिलेश का नाम लिए बिना कहा कि जिन लोगों को बिना मेहनत किए सब कुछ मिल जाता है, वे समय पर सही नहीं सोच पाते।
चुनाव से काफी पहले ही समाजवादी पार्टी में हाशिए पर डाल दिए गए पूर्व मंत्री शिवपाल यादव ने कहा कि मेरे पास किसानों से जुड़े विभाग थे। एक विभाग ऐसा भी था जो महत्वपूर्ण था। मुझसे छह महीने पहले सारे विभाग छीन लिए गए। यहां तक कि पार्टी से करहल के विधायक सोबरन सिंह को भी निकालने की कोशिश हुई। लेकिन अब बहुत अपमान हो चुका है। आने वाले समय में हर वर्ग की लड़ाई लड़नी है। सबकी सहमति से बड़ा फैसला जल्द लिया जाएगा।
यहां शिवपाल ने नगला बीच स्थित एसआरबी स्कूल का फीता काट कर उद्घाटन किया। इस मौके पर विधायक सोबरन सिंह यादव, पूर्व राज्यमंत्री सुभाष चंद्र यादव, डीसीबी चेयरमैन डा. रामकुमार यादव, पूर्व विधायक अनिल यादव आदि समाजवादी पार्टी के नेता मौजूद रहे। कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य राहुल यादव, कृष्णकांत यादव, सचिदानंद दुबे, डा़ संजय, डा. जगदीश कुमार, सुघर सिंह यादव, राजवीर सिंह यादव, जितेंद्र यादव, अश्वनी यादव, राजेंद्र सिंह एवं सुधीर कुमार यादव आदि ने शिवपाल का स्वागत किया।
शिवपाल ने लोगों के बीच अपने दिल की बात खुले दिल से रखी। शिवपाल ने कहा कि उनकी राजनीति में आने की इच्छा नहीं थी। भूमि विकास बैंक में उनकी नौकरी लग चुकी थी, लेकिन नेताजी की व्यस्तता बहुत हो गई इसलिए नेताजी ने उन्हें राजनीति में लाने के लिए नौकरी से इस्तीफा दिलवा दिया। नेताजी के पीछे रहकर उन्होंने पार्टी में बहुत मेहनत की। शिवपाल ने लोगों से पूछा कि इस पूरे मामले में कोई मुझे मेरी गलती बताए। मैंने भी उन लोगों से बात की जिन लोगों ने मुझे हटाया, लेकिन उन्होंने भी हटाने का जवाब नहीं दिया।
शिवपाल ने कहा कि पांच साल सत्ता में रहकर मलाई काटने वाले लोगों ने नेताजी के नाम पर कमाई की और जब नेताजी का समय आया तो यही लोग उनको छोड़कर चले गए।
शिवपाल ने चुनाव में भी अपमान किए जाने का खुलासा किया और कहा कि पूरे प्रदेश के हर जिले में वे 10 से 15 बार गए हैं। फिर भी चुनाव में उन्हें स्टार प्रचारक नहीं बनाया गया। ऐसे लोगों को स्टार प्रचारक बना दिया गया जो कभी गांव में नहीं गए। अब समय आ गया है कि जनता की राय लेकर गांधी और लोहिया की विचारधारा से जुड़े लोगों से मिलकर बड़ा फैसला लेंगे।
पीएम नरेंद्र मोदी आज कड़ी सुरक्षा के बीच जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारत की सबसे लंबी सड़क सुरंग को राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने रिमोट का बदन दबाकर सबसे लंबी चिनैनी-नाशरी सुरंग का उद्घाटन किया। उस वक्त उनके साथ जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती भी मौजूद थीं। उद्घाटन के बाद पीएम ने मोदी ने सुरंग का जायजा भी लिया।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने विशेष विमान से दोपहर करीब ढाई बजे इलाहाबाद से उधमपुर एयर स्टेशन पहुंचे। उन्हें वहां से एयरफोर्स के एमआई-17 हेलीकॉप्टर से चिनैनी लाया गया।
इस टनल के खुलने से जम्मू और श्रीनगर के बीच की दूरी 30 किलोमीटर कम हो जाएगी। बारिश और बर्फबारी के दिनों में हाईवे बंद होने की समस्या से भी लोगों को निजात मिलेगी।
सीमा पर अलर्ट के बीच प्रधानमंत्री की यात्रा के लिए बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गयी है और जम्मू-कश्मीर में प्रमुख प्रतिष्ठानों की कड़ी निगरानी की जा रही है।
प्रधानमंत्री कायार्लय में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि इस सुरंग से प्रति वर्ष करीब 99 करोड़ रुपये के ईंधन की बचत होगी। उनके मुताबिक इससे प्रतिदिन करीब 27 लाख रुपये के ईंधन की बचत की संभावना है।
इस सुरंग से सूबे की दोनों राजधानियों जम्मू और श्रीनगर के बीच का यात्रा काल घटकर दो घंटे तक कम हो जाएगा। अब चेनानी और नाशरी के बीच की दूरी 41 किलोमीटर से घटकर 10.9 किलोमीटर रह जाएगी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस सुरंग से बहुत अधिक बदलाव आएगा।
चुनाव आयोग ऐसी आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें खरीदने को तैयार है जो इनके साथ छेड़छाड़ की कोशिश होने पर काम करना बंद कर देंगी। यह कदम एक ऐसे समय पर उठाया जा रहा है जब कई दल हाल में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में ईवीएम के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगा चुके हैं।
एम-3 प्रकार की ईवीएम में मशीनों की यथार्थता के प्रमाणन के लिए एक सेल्फ डायग्नोस्टिक सिस्टम लगा है।
ये मशीनें एक आपसी प्रमाणन प्रणाली के साथ आएंगी। सिर्फ एक सही ईवीएम ही क्षेत्र की अन्य ईवीएम के साथ संवाद कर सकती है। इसका निर्माण परमाणु ऊर्जा की पीएसयू ईसीआईएल या रक्षा क्षेत्र की पीएसयू बीईएल द्वारा होना चाहिए। किसी भी अन्य कंपनी द्वारा बनाई गई ईवीएम अन्य मशीनों से संवाद नहीं कर पाएगी। इस तरह गलत मशीन का पदार्फाश हो जाएगा।
कानून मंत्रालय ने निर्वाचन आयोग की ओर से संसद को उपलब्ध करवाई जाने वाली जानकारी के हवाले से कहा कि नई मशीनें खरीदने के लिए लगभग 1940 करोड़ रुपये (मालभाड़ा और टैक्स के अतिरिक्त) का खर्च आएगा। ये मशीनें वर्ष 2018 में यानी अगले लोकसभा चुनाव से एक साल पहले आ सकती हैं।
निर्वाचन आयोग ने वर्ष 2006 से पहले खरीदी गई 9,30,430 ईवीएम को बदलने का फैसला किया है क्योंकि पुरानी मशीनों का 15 साल का जीवनकाल पूरा हो चुका है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक ने ईवीएम के साथ छेड़छाड़ मामले में भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर निशाना साधा है।
उन्होंने कहा, "मध्यप्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी ने पत्रकारों को एक ईवीएम का डेमो दिखाने के लिए बुलाया, लेकिन वहां पर ईवीएम मशीन में गड़बड़ी सामने आ गई। उस ईवीएम मशीन में एक नंबर पर भाजपा का निशान कमल था, जब वह बटन दबाया गया तो स्लिप कमल के फूल की निकली। चार नंबर पर कांग्रेस का बटन था तो उसे दबाया गया, तब भी कमल के फूल की स्लिप निकली। दो नंबर पर हाथी का निशान था, उसे दबाया गया तो तब भी कमल के फूल की चिट निकली, जो भी बटन दबाया जा रहा था तो केवल कमल के फूल की स्लिप निकल रही थी।''
भाजपा पर निशाना साधते हुए केजरीवाल बोले, ''अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या देश में चुनाव निष्पक्ष हो रहे हैं। लोग वोट डाल रहे हैं या फिर मशीनें डाल रही हैं। यह कोई अकेली घटना नहीं है, इससे पहले असम में चुनाव हुई थे, तब भी वहां एक मशीन ऐसी निकली थी, जिससे सारे वोट भाजपा को जा रहे थे। दिल्ली कैंट में चुनाव के वक्त भी एक ऐसी मशीन सामने आई थी। अगर ये मशीनें खराब हो गई थीं, तो कांग्रेस या समाजवादी पार्टी को वोट क्यों नहीं जाता। सभी खराब मशीनों का वोट भाजपा को ही क्यों जाता है? इसका मतलब मशीनें खराब नहीं हो रही हैं, बल्कि उनके साथ छेड़छाड़ की जा रही है। मैं भी तकनीकी आदमी हूं और आईआईटी से इंजीनियर हूं। थोड़ी बहुत तकनीक मैं भी समझता हूं। अगर मशीन से भाजपा की स्लिप निकल रही है तो इसका मतलब है कि मशीन का सॉफ्टवेयर बदला गया है। हम कह रहे हैं कि जो भी मशीने हैं उनके साथ छेड़छाड़ बड़े स्तर पर की जा रही है।''
साथ ही चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए केजरीवाल बोले, ''चुनाव आयोग कहता है कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ नहीं हो सकती, इसकी चिप को पढ़ा नहीं जा सकता और ना ही इस पर कुछ नहीं लिखा जा सकता। यह सरासर गलत है। मशीन का सॉफ्टवेयर बदला गया है। इनमें यह डाला गया है कि कोई भी बटन दबाएं वोट भाजपा को ही पड़ेगा। चुनाव आयोग कहता है कि हमारी मशीनों के साथ छेड़छाड़ नहीं हो सकती।''
इसके अलावा केजरीवाल बोले, ''मैं कहता हूं कि यह संभव है कि मशीनों के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है। लोकतंत्र पर एक बड़ा सवालिया निशान लग रहा है। पिछले कुछ दिनों में ऐसा हो रहा है कि कोई भी वोट डाले, किसी को भी वोट डालें, वोट भाजपा को जा रहा है। भाजपा वाले जीतेंगे और उनकी सरकार बनेगी। ईवीएम मशीन के कीचड़ से कमल का फूल ही खिलेगा। बैलेट पेपर दोबारा से लागू हो। पहले हुई घटनाओं की जांच की जानी चाहिए। अगर कोई मशीन में ऐसी समस्या आती है तो चुनाव आयोग मशीन बदल देता है, उसकी जांच नहीं करता कि इसके साथ छेड़छाड़ हुई है या नहीं। जब जांच ही नहीं होगी तो पता कैसे लगेगा ?''
मध्य प्रदेश के भिंड जिले में इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में गड़बड़ी करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस केंद्रीय चुनाव आयोग पहुंची। उसने बैलट पेपर के जरिए मतदान कराने की मांग की।
भिंड जिले के अटेर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के लिए ईवीएम के मॉक ड्रिल के दौरान कोई भी बटन दबाने पर बीजेपी को वोट जाने का मामला सामने आया है। क्षेत्र में नौ अप्रैल को मतदान होगा।
ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल चुनाव आयोग पहुंचे। चुनाव आयोग के अधिकारियों से मिलने के बाद उन्होंने कहा कि मशीनों में गड़बड़ है और उसके भीतर छेड़छाड़ की गई है। ईवीएम पर चुनाव आयोग गलत कह रहा है। मशीन का सॉफ्टफेयर बदला गया है।
केजरीवाल ने कहा कि देश में दोबारा बैलेट पेपर से वोटिंग हो।
वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मुलाकात की। मुलाकात के बाद दिग्विजय ने कहा कि चुनाव आयोग से पूरे मामले की जांच करने और मतपत्रों के जरिए मतदान कराने की मांग गई है।
उन्होंने कहा, ''मुझे शुरू से ईवीएम पर भरोसा नहीं था। जब सारे विश्व में चुनाव मतपत्र से हो रहे हैं, तो हमें क्यों ऐतराज होना चाहिए?''
इससे पहले कांग्रेस की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अरुण यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी को पूरे प्रकरण की शिकायत करते हुए पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए मतदान मतपत्रों के जरिए कराना चाहिए। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय या केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराने की मांग की है।
चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश के भिंड में जिला निर्वाचन अधिकारियों से मीडिया में आ रहीं उन रिर्पोटों पर विस्तृत जानकारी मांगी है जिनमें कहा जा रहा है कि एक अभ्यास कार्यक्रम के दौरान वीवीपीएटी से केवल बीजेपी के निशान वाली पर्चियां ही निकल रही थीं। भिंड में अगले सप्ताह उपचुनाव होना है और यह अभ्यास के लिए किया जा रहा था।
आयोग के एक प्रवक्ता कहा, हमने जिला निर्वाचन अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और शाम तक हम इस संबंध में कोई जवाब देंगे।
वोटर वेरीफाइड पेपर ऑडिट ट्रायल (वीवीपीएटी) एक ऐसी मशीन होती है जिससे निकली पर्ची यह दिखाती है कि मतदाता ने किस पार्टी को वोट दिया है। मतदाता केवल सात सेकेंड तक इस पर्ची को देख सकता है इसके बाद यह एक डिब्बे में गिर जाती है और मतदाता इसे अपने साथ नहीं ले जा सकता। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अभ्यास के दौरान चाहे जो भी बटन दबाया गया उससे निकली सारी पर्चियां यह दिखा रही थीं कि वोट बीजेपी को गया है।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि विडियो में मध्य प्रदेश की मुख्य चुनाव अधिकारी सलीना सिंह ने पत्रकारों को समाचार पत्रों में यह न्यूज नहीं देने के लिए कहा वर्ना उन्हें पुलिस थाने में हिरासत में रखा जाएगा यह कहते देखा गया था। दूसरी ओर ईवीएम मशीन में कथित गड़बड़ी वाले इस खबर पर कांग्रेस सक्रिय हो गई है। कांग्रेस का एक प्रतिनिधि मंडल इस मामले पर चुनाव आयोग से मुलाकात किया।
आपको बता दें कि एक सप्ताह पहले ही चुनावों में वोटिंग मशीनों की विश्वसनीयता पर सुप्रीम कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया। CJI की कोर्ट ने यह नोटिस वकील मनोहर लाल शर्मा की जनहित याचिका पर जारी किया। शर्मा ने पांच राज्यों में हुए चुनावों में मिली भारी जीत पर सवाल उठाया और कहा है वोटिंग मशीनों में छेड़छाड़ की गई है। ऐसे ही आरोप बसपा की अध्यक्ष मायावती ने लगाए हैं।
हाल ही में संपन्न यूपी विधानसभा चुनावों में बसपा की करारी हार हुई है। हालांकि चुनाव आयोग ने मायावती के आरोपों का जोरदार खंडन किया है। आयोग ने कहा है कि आजतक ये कोई सिद्ध नहीं कर पाया है कि वोटिंग मशीनों से छेड़छाड़ हो सकती है। जबकि कई बार लोगों को ये मौका दिया गया।
शीर्ष कोर्ट में जनहित याचिका दायर करने वाले शर्मा ने मांग की है वोटिंग मशीनों का टेंपर टेस्ट विदेशी विशेषज्ञों से करवाया जाए। गौरतलब कि पंजाब में हारी आम आदमी पार्टी ने भी मशीनों से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तमिलनाडु के सूखा प्रभावित किसानों का अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि किसानों से उनकी राहत पैकेज की मांग पर बात नहीं करके उनका असम्मान किया जा रहा है।
उन्होंने यह टिप्पणी जंतर मंतर पर की, जहां तमिलनाडु के किसान लगातार 18 दिनों से प्रदर्शन पर बैठे हुए हैं। राहुल इन किसानों से मिलने गये थे।
राहुल ने मोदी सरकार को गरीब विरोधी और किसान विरोधी करार देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री केवल उद्योगपतियों के चुनिंदा समूह की मांगों की परवाह करते हैं।
उन्होंने कहा, किसान यहां लंबे समय से बैठे हैं। किन्तु न तो सरकार और न ही प्रधानमंत्री उनकी सुन रहे हैं। तमिलनाडु के लोगों एवं किसानों की बात सुननी चाहिए। प्रधानमंत्री उनके साथ बात की पहल नहीं कर उनका असम्मान कर रहे हैं।
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, पिछले तीन साल में 50 उद्योगपतियों के 1.4 लाख करोड़ रुपये के कर्ज को माफ किया गया है।
उन्होंने कहा कि ऐसा किसानों के साथ क्यों नहीं किया जा रहा है? कर्ज माफ क्यों नहीं किया जा रहा है? ऐसा करना प्रधानमंत्री का दायित्व है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने प्रदर्शन पर बैठे किसानों के साथ 15 मिनट तक बातचीत की और उन्हें आश्वासन दिया कि कांग्रेस उनके लिए लड़ाई लड़ेगी।
योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के हर जिले में एंटी रोमियो स्क्वाड का गठन शोहदों पर नकेल कसने को किया है। लेकिन देखने में आ रहा है कि एंटी रोमियो टीम के नाम पर पुलिसकर्मी मनमानी कर रहे हैं।
ताजा मामला शाहजहांपुर का है, जहां पुलिसकर्मियों ने चेकिंग में पकड़े गए युवक का सरेआम सिर गंजा करा दिया। पुलिस की मौजूदगी में मुंडन का वीडियो वायरल होने पर एसपी ने तीन सिपाहियों को संस्पेंड कर दिया है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, चौक कोतवाली क्षेत्र में बरेली मोड़ के पास एक कालोनी में लड़का-लड़की साथ बैठे मिले थे। पब्लिक ने दोनों को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दे दी। पता होते ही एंटी रोमियो स्क्वाड हरकत में आ गया। कुछ ही देर में अजीजगंज चौकी से तीन सिपाही मौके पर पहुंच गए और लड़का-लड़की से पूछताछ शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि मौके पर मौजूद भीड़ ने लड़की के साथ बैठे मिले लड़के का सिर गंजा करने की मांग रख दी। मौके पर मौजूद तीनों सिपाही भी भीड़ के साथ इस काम में शामिल हो गए। आनन-फानन में वहां नाई बुला लिया गया और पुलिस की मौजूदगी में लड़के का सिर मुंडवा दिया। लड़का कई बार माफी मांगता रहा, मगर सिपाहियों ने उसकी नहीं सुनी।
युवक के जबरन मुंडन के वक्त तमाशाबीन भीड़ में शामिल किसी व्यक्ति ने वहां का वीडियो बना लिया। अगले दिन वीडियो सोशल साइट्स पर वायरल हुआ तो अफसरों में हड़कंप मच गया।
मामला सामने आने पर शाहजहांपुर के पुलिस अधीक्षक केबी सिंह घटना के वक्त मौके पर मौजूद रहे सिपाही सुहेल, लईक व सोनू को तत्काल संस्पेंड कर दिया है। साथ ही मामले की जांच सीओ सिटी को सौंप दी है।
भारत में पेट्रोल व डीजल के दाम शुक्रवार मध्यरात्रि से कम हो गए हैं। पेट्रोल 3.77 रुपये प्रति लीटर व डीजल 2.91 रुपये प्रति लीटर सस्ता किया गया है।
सार्वजनिक तेल कंपनियों ने पेट्रोलियम उत्पादों के दाम में इस कटौती की घोषणा की है। इस समय दिल्ली में पेट्रोल का दाम 71.14 रुपये प्रति लीटर व डीजल का दाम 59.02 रुपये प्रति लीटर है।
इंडियन आयल कारपोरेशन का कहना है कि पेट्रोल के दाम में 3.77 रुपये प्रति लीटर कटौती की गई है। इसमें राज्य लेवी शामिल नहीं है। यानी स्थानीय लेवी को शामिल करने पर कटौती अधिक होगी।
इसी तरह डीजल के दाम में 2.91 रुपये प्रति लीटर कटौती की गई है। इस कटौती में राज्य लेवी शामिल नहीं है। इससे पहले इनके दाम में 16 जनवरी को संशोधन किया गया था।
भारत में केंद्र सरकर ने वित्त वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही के लिए लोक भविष्य निधि (पीपीएफ), किसान विकास पत्र और सुकन्या समृद्धि योजनाओं जैसी लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दर में 10 आधार अंकों यानी 0.10 प्रतिशत की कटौती की है जो 01 अप्रैल से प्रभावी हो जायेगी।
वित्त मंत्रालय ने आज जारी एक अधिसूचना के जरिये वित्त वर्ष 2017-18 की पहली तिमाही के लिए लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरों में परिवर्तन किया है।
डाकघर बचत खातों में यह कटौती लागू नहीं होगी।
इस कटौती के बाद पीपीएफ में निवेश पर अब हर साल 7.9 प्रतिशत का ब्याज मिलेगा जबकि पहले आठ प्रतिशत मिलता था। इसी तरह पांच साल की मियाद वाली राष्ट्रीय बचत सर्टिफिकेट पर भी 7.9 प्रतिशत ब्याज मिलेगा। किसान विकास पत्र (केवीपी) में निवेश पर 7.6 प्रतिशत ब्याज मिलेगा और यह 112 महीने में परिपक्व होगा।
सुकन्या समृद्धि योजना पर वार्षिक ब्याज दर अब 8.4 प्रतिशत हो जायेगी। वरिष्ठ नागरिक बचत जमा योजना पर भी ब्याज दर घटकर 8.4 प्रतिशत पर रह जायेगी। इसके अलावा आवर्ति जमा (आरडी) पर ब्याज दर 7.2 प्रतिशत होगी।









