भारत

जियो प्राइम मेंबरशिप रजिस्ट्रेशन अब 15 अप्रैल तक

मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस जियो ने शुक्रवार को कहा कि अब तक 7.2 करोड़ ग्राहकों ने उसकी प्राइम सदस्यता ली है। इसके साथ ही कंपनी ने इस पेशकश की अवधि 15 अप्रैल तक बढाने की घोषणा की है।

कंपनी ने कहा है कि अप्रत्याशित मांग को देखते हुए उसने जियो प्राइम पेशकश की अवधि बढाई है। ग्राहक अब 15 अप्रैल तक प्राइम के सदस्य बन सकते हैं।

इसके साथ ही कंपनी ने 15 अप्रैल तक 303 रुपये या अधिक राशि का रिचार्ज करवाने वालों को तीन महीने तक कंपलीमेंटरी पेशकश की घोषणा की है। कंपनी का प्राइम सदस्य बनने की अवधि आज समाप्त होनी थी।

कंपनी के बयान में कहा गया है कि उसके जो ग्राहक 31 मार्च तक जियो प्राइम की सदस्यता नहीं ले पाये वे 15 अप्रैल तक 99 रुपये का भुगतान कर इसके सदस्य बन सकते हैं और 303 रुपये या अन्य मूल्य का प्लान खरीद सकते हैं।

इसके साथ ही कंपनी ने जियो प्राइम सदस्यों को जियो समर सरप्राइज देने की घोषणा की है। कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने ग्राहकों को पत्र में कहा है कि 15 अप्रैल से पहले 303 रुपये या अधिक राशि का रिचार्ज करवाने वाले प्राइम ग्राहकों के लिए पहले तीन महीने सेवाएं कंपलीमेंटरी आधार पर दी जाएंगी। उनके लिए शुल्क योजना जुलाई में, कंपलीमेंटर सेवा समाप्त होने के बाद ही लागू होगी।

उल्लेखनीय है कि कंपनी ने अपनी सेवाओं की औपचारिक शुरूआत पिछले साल सितंबर में शुरू की है।

उत्तर प्रदेश में मांस कारोबारियों की हड़ताल खत्म होगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद मांस कारोबारियों के रुख में नरमी आई है। आल इंडिया जमीयतुल कुरैश के प्रतिनिधिमंडल ने मांस कारोबारियों से हड़ताल समाप्त करने की अपील की है।

उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार और प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों की मंशा एक ही है। दोनों ही चाहते हैं कि मांस का अवैध कारोबार नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि गुरुवार की शाम को मुख्यमंत्री के साथ उनके सरकारी आवास पर मांस के कारोबार से जुड़े कई प्रदेशों के लोगों के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। इसमें उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली व मुंबई के मांस निर्यातक भी शामिल थे।

लगभग 30 मिनट तक चली बातचीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार सबकी है। वह किसी के साथ भेदभाव नहीं करना चाहती। सरकार की मंशा सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के आदेशों का पालन कराना है। यह कार्य पिछली सरकार को ही कर लेना चाहिए था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी अधिकारी को चेहरा या जाति देखकर काम करने की छूट नहीं दी गई है। अगर कोई ऐसा कृत्य करेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए उनकी इन बातों की सराहना की।

प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे आल इंडिया जमीयतुल कुरैश के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिराजुद्दीन कुरैशी ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात सफल रही। वह मांस के कारोबारियों से हड़ताल खत्म करके वैध तरीके से कारोबार शुरू करने की अपील करेंगे। जिन कारोबारियों के पास लाइसेंस नहीं है वे सबसे पहले लाइसेंस के लिए आवेदन करें।

एक सवाल पर उन्होंने कहा कि ज्यादातर मामलों में छोटी-मोटी कमियों के कारण कारोबार बंद कराया गया है। वह उम्मीद करते हैं कि प्रदेश सरकार के ताजा निर्देशों के बाद अधिकारियों द्वारा उत्पीड़न नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया है कि यदि किसी अधिकारी ने अति उत्साह में कोई नियम विरुद्ध कार्रवाई की है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

तीन तलाक: सुप्रीम कोर्ट ने संविधान पीठ बनाई

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला लेते हुए तीन तलाक व तलाक के बाद मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों के मामले सुनने के लिए संविधान पीठ का गठन किया है। पांच जजों की यह पीठ 11 मई से इस मामले की सुनवाई करेगी।

संविधान पीठ में मुख्य न्यायाधीश जेएस खेहर हो सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट में 11 मई से गर्मियों का अवकाश शुरू हो रहा है इस कारण कई वरिष्ठ वकीलों ने सुनवाई का विरोध किया। लेकिन कोर्ट ने वकीलों की आपत्तियां खारिज कर दीं और कहा, यह अहम मुद्दा है और हम इसे सेटल करना चाहते हैं। इसमें देर करना उचित नहीं है।

संविधान पीठ ने कहा, देर होने पर आप हमें ही दोष देंगे। जून तक चलने वाले अवकाश काल में संभवत: तीन संविधान पीठें बैठेंगी जो तीन तलाक के अलावा दो अन्य मुद्दों पर सुनवाई करेंगी।

मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड ने सुनवाई का विरोध किया है। बोर्ड ने कहा है कि कोर्ट धर्म से जुडे मसलों को संविधान की कसौटी पर नहीं कस सकता। मौलिक अधिकार व्यक्ति के खिलाफ लागू नहीं किये जा सकते। बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में दी लिखित दलीलों में कहा है कि तीन तलाक पवित्र कुरान में उल्लेखित है जिसे संविधान की कसौटियों पर तौलना कुरान के फिर से लिखने जैसा होगा, जिसकी इजाजत नहीं है।

वहीं कई मुस्लिम महिला संगठनों तथा तीन तलाक की पीडितों ने कहा है कि तीन तलाक बेहद गलत और महिलाओं के खिलाफ है। पुरुष फोन पर तलाक देकर महिला को सड़क पर कर देते हैं न तो उसे भरण पोषण भत्ता मिलता है और न ही कोई सुरक्षा, जिससे उसका जीवन नरक हो जाता है।

केंद्र सरकार ने तीन तलाक और बहुविवाह को असंवैधानिक करार दिया है और वह मुस्लिम महिलाओं के पक्ष में है। सरकार ने कहा है कि मुस्लिम देशों में तीन तलाक की प्रथा नहीं है, जबकि मुस्लिम धर्म वहीं से आया हेै।

BS-3 वाहन बंद: सस्ती हुई बाइक, 22000 तक मिल रही छूट

दिल्ली एनसीआर में बीएस-3 मानकों के दुपहिया वाहनों पर ऑटो कंपनियों ने भारी छूट का ऐलान किया है। कंपनियों ने बीएस-3 मानकों की मोटरसाइकिलों पर 22000 रुपए तक की छूट का ऐलान किया है।

कंपनियों का यह ऐलान सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के ठीक एक दिन बाद आया है जिसमें कहा गया है कि एक अप्रैल से बीएस-3 मानकों वाले दुपहिया वाहनों पर रजिस्ट्रेशन पर रोक लगाने का आदेश दिया गया है।

दुपहिया वाहन बनाने वाली प्रमुख कंपनियों जैसे हीरो मोटो कार्प, एचएमएसआई, बजाज ऑटो और सुजकी मोटरसाइकिल ने अपने कई मॉडल्स पर 22000 रुपए तक की छूट का ऐलान किया है।

रिपोर्ट के अनुसार, एनसीआर में कंपनियों के स्टॉक में मौजूद आठ लाख वाहनों में 6 लाख 70 हजार बाइक्स बीएस -3 मानक वाली हैं।

डीलरों का कहना है कि वह इन वाहनों को अगले 24 घंटे में जल्द से जल्द निकालने की कोशिश में हैं जिससे उनकी कम से कम लागत वसूल हो सके।

होंडा ने शुरू में अपने वाहनों पर अपने बीएस-3 वाले स्कूटरों में सीधे 10 हजार रुपए की छूट देने का ऐलान किया था, लेकिन अब यह छूट मोटरसाइकिलों में बढ़ाकर 22000 रुपए तक कर दी गई है।

जिन मॉडलों पर 22000 रुपए तक की छूट है उनमें एक्टिवा 3जी (कीमत Rs 50,290), ड्रीम युगा (Rs 51,741), सीबी शाइन (Rs 55,799 to Rs 61,283), सीडी 110 डीएक्स (Rs 47,202 to Rs 47,494)।

हीरो मोटरसाइकिल ने अपने बीएस-3 वाले वाहनों में 12500 रुपए तक की छूट का ऐलान किया है। कंपनी ने अधिकतम छूट अपने स्कूटरों पर देने का ऐलान किया है।

वहीं प्रीमियम बाइकों में 7500 रुपए की छूट और सबसे ज्यादा बिकने वाली हल्की मोटरसाइकिलों में 5000 रुपए तक की छूट का ऐलान किया है।

फेडरेशन आफ आटोमोबाइल डीलर्स (एफएडीए) के निदेशक (अंतरराष्ट्रीय मामले) निकुंज सांघी ने पीटीआई भाषा से कहा, उद्योग में अबतक इस तरह की छूट कभी सुनने को नहीं मिला।

यह पूछे जाने पर कि शीर्ष अदालत के फैसले के मद्देनजर डीलर क्या कदम उठा रहे हैं, उन्होंने कहा, हमारा जोर समय सीमा से पहले यथासंभव अधिक से अधिक वाहनों को बेचने पर है। हमारे लोग संभावित ग्राहकों को कॉल कर रहे हैं और उन्हें छूट के बारे में बता रहे हैं।

उच्चतम न्यायालय ने कल कहा कि लोगों का स्वास्थ्य विनिमार्ताओं के वाणिज्यिक हित से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। शीर्ष अदालत ने कहा कि वाहन कंपनियां इस बात से पूरी तरह अवगत हैं कि उन्हें एक अप्रैल 2017 से केवल बीएस- 4 मानकों वाले वाहनों का ही विनिमार्ण करना है, लेकिन इसके बावजूद वे स्वयं से कोई ठोस कदम नहीं उठा सकी।

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि 1 अप्रैल के बाद भारत में बीएस 3 उत्सर्जन मानक वाले वाहन नहीं बिकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लोगों का जीवन विनिर्माताओं के व्यावसायिक हितों से ज्यादा महत्वपूर्ण है। 1अप्रैल से देश में बीएस 4 मानक लागू हो रहे हैं। कारखानों में तैयार खडे बीएस 3 वाहनों की संख्या 8.24 लाख है जिसमें से 6 लाख के करीब दोपहिया वाहन हैं।

जस्टिस मदन लोकुर और दीपक गुप्ता की पीठ ने यह आदेश बुधवार को दिया। आटो कंपनियां बीएस 4 मानक 1 अप्रैल से लागू करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट आई थी। इस मामले में सरकार ने भी कंपनियों का समर्थन किया था और कहा था कि उन्हें बीएस 3 वाले वहन बेचने दिए जाएं।

भारतीय कंपनियों और इसके डीलरों के पास बीएस-3 वाले दोपहिया वाहनों की कुल इन्वेंट्री 20 मार्च तक करीब 6.71 लाख थी। ज्यादातर ऐसे वाहन अग्रणी दोपहिया कंपनियों हीरो मोटोकॉर्प व होंडा मोटरसाइकल ऐंड स्कूटर इंडिया के पास हैं। इस स्टॉक में बजाज की हिस्सेदारी करीब 12 फीसदी है। हीरो के पास करीब 2.90 लाख वाहन थे, वहीं एचएमएसआई के पास वाहनों की अनुमानित इन्वेंट्री करीब 2.5 लाख है। दोनों कंपनियां मार्च से पूरा उत्पादन बीएस-4 मानक वाले वाहनों की कर रही हैं।

मोदी सरकार लोकपाल पर दोहरा मानदंड अपना रही है: कांग्रेस

कांग्रेस ने लोकपाल के मुद्दे पर नरेंद्र मोदी सरकार पर दोहरा मानदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की गैर मौजूदगी में लोकपाल की नियुक्ति नहीं की जा सकती।

कांग्रेस ने कहा कि ऐसा लगता है कि मोदी सरकार नहीं चाहती कि वह लोकपाल जैसे स्वतंत्र संस्थान के प्रति जवाबदेह हो और उसकी जांच हो।

कांग्रेस प्रवक्ता तथा लोकसभा सांसद गौरव गोगोई ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''भारतीय जनता पार्टी सरकार हमारे लोकतंत्र में सुनियोजित रूप से चेक एंड बैलेंस को खत्म कर रही है और पारदर्शिता तथा जवाबदेही के स्तंभों को बर्बाद कर रही है।''

सरकार की तरफ से महान्यायवादी मुकुल रोहतगी ने मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि मौजूदा हालात में लोकपाल की नियुक्ति नहीं हो सकती क्योंकि लोकपाल अधिनियम में नेता प्रतिपक्ष की परिभाषा से संबंधित संशोधन संसद में लंबित है।

लोकपाल अधिनियम 2013 के मुताबिक, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष लोकपाल का चयन करने वाले पैनल का हिस्सा होगा। वर्तमान में, कोई भी नेता प्रतिपक्ष नहीं है। वर्तमान में कांग्रेस लोकसभा में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी है, लेकिन उसके पास नेता प्रतिपक्ष होने के लिए पर्याप्त सीटें नहीं हैं।

रोहतगी ने कहा कि जब तक सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के नेता को नेता प्रतिपक्ष का दर्जा देने वाला संशोधन संसद द्वारा पारित नहीं कर दिया जाता, तब तक लोकपाल की नियुक्ति नहीं हो सकती।

गोगोई ने कहा कि यह सरकार की लोकपाल की नियुक्ति में विलंब करने की रणनीति है। गोगोई ने कहा कि इसी तरह व्हिसिलब्लोअर प्रोटेक्शन एक्ट 2011 को सरकार ने एक संशोधन पारित कर कमजोर कर दिया।

उन्होंने कहा, ''सरकार ने व्हिसिलब्लोअर को कभी पुरस्कृत नहीं किया। उसने व्हिसिलब्लोअर को दंडित ही किया है। और, 27 अगस्त, 2013 को पारित किए गए लोकपाल विधेयक का क्या हुआ? इस विधेयक को लेकर पूरी तरह से अस्पष्टता बनी हुई है। उन्होंने जल्द से जल्द लोकपाल की नियुक्ति की मांग की है।

एयर इंडिया से टिकट रद्द होने के बाद ट्रेन से रवाना हुए 'चप्पलमार' शिवसेना सांसद

एयर इंडिया द्वारा शिवसेना सांसद रवींद्र गायकवाड़ का टिकट मंगलवार को फिर से रद्द कर देने के बाद कोई चारा न देख सांसद को मंगलवार शाम दिल्ली आने के लिए राजधानी एक्सप्रेस से यात्रा करनी पड़ी।

मंगलवार दोपहर उन्होंने राजधानी एक्सप्रेस में द्वितीय श्रेणी वातानुकूलित शयनयान का टिकट बुक किया। ट्रेन शाम पांच बजे मुंबई सेंट्रल से रवाना हुई, जो बुधवार को 8.30 बजे के आसपास दिल्ली पहुंचेगी। अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि वह अकेले यात्रा कर रहे हैं या उनके साथ उनके सहायक और सुरक्षाकर्मी भी हैं।

बुधवार सुबह आठ बजे दिल्ली की फ्लाइट का टिकट एयर इंडिया द्वारा रद्द किए जाने के बाद मंगलवार दोपहर उन्होंने नई दिल्ली के लिए ट्रेन का टिकट लिया।

एयरलाइन के एक अधिकारी ने कहा, ''एयर इंडिया ने गायकवाड़ के बुधवार सुबह 8 बजे मुंबई से दिल्ली की उड़ान के टिकट को रद्द किया है।''

बीते चार दिनों के भीतर दूसरी बार उन्हें रेल यात्रा करनी पड़ रही है। इससे पहले वह यहां शनिवार को पहुंचे थे, लेकिन पार्टी के निर्देश पर उन्होंने किसी से बात नहीं की थी।

23 मार्च को गायकवाड़ ने एयरलाइन के अधिकारी की चप्पल से पिटाई कर दी थी। महाराष्ट्र के उस्मानाबाद से लोकसभा सदस्य गायकवाड़ ने बीते सप्ताह एयर इंडिया के एक 60 वर्षीय ड्यूटी प्रबंधक से दुर्व्यवहार किया और उसे कई बार चप्पल से पीटा। पीटने वाली यह बात उन्होंने खुद मीडिया से कही।

पिटाई के समय वहां मौजूद विमान परिचारिका एक वीडियो में गायकवाड़ से यह कहती सुनी जा रही है कि सर, छोड़ दीजिए, मर जाएगा... आपको सजा हो जाएगी।

लेकिन, उसने दो दिन बाद कहा, ''गायकवाड़ का व्यवहार अच्छा था, वह ऐसा कर ही नहीं सकते।''

एयर इंडिया ने जब गायकवाड़ की यात्रा पर रोक लगा दी, उसके बाद कई निजी एयरलाइंस ने भी उनकी यात्रा पर रोक लगाई।

दिल्ली पुलिस ने सांसद गायकवाड़ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। सोमवार को शिवसेना ने उस्मानाबाद में बंद का आयोजन भी किया। शिवसेना ने एयर इंडिया पर खराब सेवा का आरोप लगाया है। सांसद पर एयरलाइंस द्वारा पाबंदी को लेकर लोकसभा में शिवसेना द्वारा एक विशेषाधिकार प्रस्ताव भी लाया गया है।

चाइनीज कंपनी OPPO के नोएडा ऑफिस में तिरंगे का अपमान

चाइनीज मोबाइल कंपनी OPPO के ऑफिस में तिरंगे के अपमान का मामला सामने आया है। यह घटना OPPO India के नोएडा सेक्टर 63 में बने ऑफिस की बताई जा रही है।

खबरों के मुताबिक, कंपनी के कुछ अधिकारियों ने राष्ट्र ध्वज को फाड़कर डस्टबिन में फेंक दिया था। हालांकि, घटना की पूरी जानकारी अभी नहीं मिली है।

खबर के आने के बाद से नोएडा वाले ऑफिस के बाहर प्रदर्शन का दौर जारी है। सोशल मीडिया पर भी OPPO India को घेरा जा रहा है।

OPPO India के खिलाफ सोशल मीडिया पर एकजुट हो रहे लोग कंपनी पर सख्त एक्शन लेने की मांग कर रहे हैं। कुछ लोगों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी इस मामले पर कुछ करने के लिए कहा है।

ट्विटर पर OPPO India के लिए लोगों का गुस्सा फूट रहा है। लोग कंपनी के बाहर जमा होकर प्रदर्शन करते देखे जा सकते हैं। लोग वहां पर झंडे  लेकर भी पहुंचे थे।

चचेरे भाई-बहन को रोमियो बताकर हिरासत में लेने वाले यूपी पुलिसकर्मी सस्‍पेंड

उत्‍तर प्रदेश में योगी आदित्‍य नाथ सरकार द्वारा शुरू की गई 'एंटी रोमियो स्‍कवैड' का कुछ पुलिसकर्मी दुरुपयोग कर रहे हैं। रामपुर में चचेरे भाई-बहन को इस अभियान के तहत हिरासत में लेने वाले पुलिसवालों पर गाज गिरी है। मामले में दो पुलिसकर्मियों को सस्‍पेंड कर दिया गया है।

एसपी के के चौधरी ने बताया कि वाकया 26 मार्च का है, जब सब-इंस्‍पेक्‍टर संजीव गिरी और कांस्‍टेबल विमल ने एक लड़के को उसके चाचा की लड़की के साथ पकड़ा। दोनों की उम्र करीब 18 साल है और वे पड़ोस के हशमत गंज गांव में दवाई लेने गए थे।

चौधरी ने कहा, ''पुलिसकर्मियों ने कहा कि उन्‍होंने उनके (लड़का-लड़की) खिलाफ एंटी-रोमिया ऑपरेशंस के तहत कार्रवाई की गई है और उन्‍हें पांच घंटों के लिए पुलिस थाने में रखा गया।''

दोनों पुलिसवालों ने उनके रिश्‍तेदारों के थाने पहुंचने और यह साफ करने पर कि दोनों चचेरे भाई-बहन हैं, पर भी उन्‍हें छोड़ने से मना कर दिया।

चौ‍धरी के मुताबिक, पुलिस ने कथित तौर पर उनके परिवार से 5,000 रुपए की रिश्‍वत की मांग की। रिश्‍तेदारों ने पैसा दे दिया और पुलिसकर्मियों को रिश्‍वत लेते वीडियो बना ली।

छूटने के बाद पीड़‍ित के परिवार ने स्‍थानीय विधायक बलदेव सिंह जाखड़ से संपर्क किया, जिन्‍होंने एसपी को पूरी घटना के बारे में बताया। अधिकारी ने कहा कि वीडियो देखने और जांच के बाद उन्‍होंने सोमवार (27 मार्च) को आरोपी सब-इंस्‍पेक्‍टर और कांस्‍टेबल को सस्‍पेंड कर दिया है।

उत्‍तर प्रदेश की बीजेपी सरकार ने 19 मार्च को शपथ लेते ही यूपी पुलिस को 'एंटी रोमियो स्‍कवैड' का गठन करने के निर्देश दिए थे।

डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए थे कि पार्क, मुख्य चौक, मार्केट, मॉल्स और अन्य सार्वजनिक जगहों को महिलाओं और लड़कियों के लिए सुरक्षित बनाया जाए।

निर्देश में कहा गया था कि सार्वजनिक स्थलों पर जोड़ों को तंग नहीं किया जाना चाहिए और एंटी रोमियो दस्ते के तहत केवल महिलाओं को तंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

डीजीपी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए थे कि लोगों को सार्वजनिक तौर पर कोई सजा ना दी जाए। लेकिन ऐसी कई घटनाएं देखने को मिलीं, जहां पुलिस ने सरेआम सार्वजनिक जगहों पर लोगों को सजा देनी शुरू कर दी।

जवानी के दिनों में काटजू का दिल जयललिता के लिए धड़कता था

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्‍यायधीश मार्कण्डेय काटजू ने एक बार फिर दिल की बात कहने के लिए फ़ेसबुक का सहारा लिया है।

सोमवार को काटजू ने एक फ़ेसबुक पोस्ट में लिखा है कि जवानी के दिनों में उनका दिल तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के लिए धड़कता था। काटजू के मुताबिक, ये बात उन दिनों की है जब जयललिता तमिल फ़िल्मों की मशहूर अभिनेत्री हुआ करती थीं।

काटजू ने अपनी पोस्ट के साथ एक तमिल गाने का वीडियो भी शेयर किया है।
अंग्रेज़ी में लिखी पोस्ट में काटजू ने लिखा है।

'जयललिता

जब मैं युवा था तब मेरा दिल जयललिता पर आ गया था। जिनके बारे में मैं सोचता था कि वो बेहद खूबसूरत थीं। हालाँकि बेशक ये प्रेम एकतरफ़ा था और उन्हें (जयललिता) इसकी कोई जानकारी नहीं थी।

उनका (जयललिता) जन्म फरवरी 1948 को हुआ था, जबकि मेरी पैदाइश सितंबर 1946 की थी।

मेरी उनसे पहली मुलाक़ात नवंबर 2004 में चेन्नई के राजभवन में तब हुई थी जब मैं मद्रास हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ ले रहा था और वो वहां की मुख्यमंत्री थीं। उस समय भी वो बहुत ख़ूबसूरत थीं।  हालांकि जाहिर है उस समय भी मैं उन्हें अपनी वो भावनाएं नहीं बता सका जो युवावस्था में मेरी उनके बारे में थी क्योंकि ये ठीक नहीं होता।

इसके बाद काटजू ने जयललिता के एक गाने का लिंक भी शेयर किया है।  काटजू की ये पोस्ट 235 बार शेयर हुई है।

'बीफ़ कारोबारी' बीजेपी नेता की पिटाई: सिर्फ़ फ़ायदे के बंटवारे की लड़ाई

उत्तर प्रदेश पुलिस का कहना है कि गोरक्षा दल के लोगों ने उत्तर प्रदेश के मेरठ में भारतीय जनता पार्टी के नेता राहुल ठाकुर को बुरी तरह पीटा है।

मेरठ के भावनपुर के पुलिस अधिकारी सत्येंद्र सिंह ने बीबीसी से कहा, ''गोरक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने राहुल ठाकुर को बुरी तरह पीटा। इस मामले में हमने कुछ लोगों को गिरफ़्तार किया है।''

सत्येंद्र सिंह ने कहा कि कुछ लोगों ने पुलिस को शिकायत की कि एक बंद पड़े बीफ़ स्टोर से बदबू आ रही है।

पुलिस ने वहां छापा मार कर मांस बरामद किया और उसके नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं।

सत्येंद्र सिंह के मुताबिक़, यह स्टोर रॉयल फ़ूड कॉरपोरेशन का था।

मेरठ विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर सतीश प्रकाश ने कहा, ''जो लोग जानवर बचाने की बात करते थे, आज उन पर ही बीफ़ व्यवसाय से जुड़े होने का आरोप लग रहा है।''

प्रोफ़ेसर प्रकाश ने बीफ़ व्यवसाय और चमड़ा उद्योग पर काफ़ी शोध किया है।

उन्होंने हाल के दिनों में ग़ैरक़ानूनी बूचड़खानों को बंद कराने के राज्य सरकार की मुहिम की मंशा पर सवालिया निशान लगाया है।

उन्होंने कहा, ''यह पशुधन बचाने का संघर्ष नहीं है, यह सिर्फ़ फ़ायदे के बंटवारे की लड़ाई है।''

वे कहते हैं कि केंद्र सरकार बीफ़ निर्यात पर प्रतिबंध लगा दे। बीफ़ कारोबार का बड़ा हिस्सा निर्यात होता है, उस पर प्रतिबंध लग जाए तो इस पर काफ़ी हद तक रोक लग जाएगी।

रॉयल फ़ूड कॉरपोरेशन के प्रबंधक अजय राघव ने भी मेरठ में हमला होने और मारपीट करने की पुष्टि की है, लेकिन उन्होंने कहा कि यह उनके यहां नहीं हुआ है।

राहुल ठाकुर से संपर्क करने की तमाम कोशिशें नाकाम रहीं।

रॉयल फ़ूड कॉरपोरेशन मेरठ के जागृति विहार में है। इस कंपनी में लगभग पांच सौ लोग काम करते हैं और इसका सालाना कारोबार लगभग 50 करोड़ रुपए का है।

रॉयल फ़ूड कॉरपोरेशन नेपाल और भूटान को बीफ़, मुर्गी और बकरे का मांस निर्यात करती है।