विदेश

अफगानिस्तान में आर्मी बेस पर आतंकी हमला, सीरियल धमाकों और हमलों में 23 लोगों की मौत

अफगानिस्तान में सीरियल धमाकों और हमलों में कम से कम 23 लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों लोग घायल हो गए। ये जानकारी संबंधित अधिकारियों ने शनिवार (24 फरवरी, 2018) को दी है। अधिकारियों के मुताबिक, सबसे बड़े हमले में तालिबानी आतंकवादी बीती रात पश्चिमी फराह प्रांत में सेना के ठिकाने में घुस गए और 18 सैनिकों को मार गिराया।

अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता दौलत वजीर ने कहा, ''बीती रात आतंकवादियों के एक बड़े समूह ने फराह के बाला बुलुक जिले में आर्मी बेस पर हमला किया। दुर्भाग्य से हमने 18 सैनिकों को खो दिया और दो सैनिक घायल हुए हैं। हमने इलाके में अतिरिक्त बलों को भेजा है।''

तालिबान ने हमले की जिम्मेदारी ली है। उप प्रांतीय गवर्नर युनूस रसूली ने कहा कि अधिकारियों ने हमले की जांच के लिए टीम भेजी है। एक अन्य घटना में एक आत्मघाती हमलावर ने काबुल के राजनयिक इलाके में शनिवार सुबह धमाका कर खुद को उड़ा दिया। गृह मंत्रालय के उप प्रवक्ता नसरत रहीमी ने कहा कि इसमें कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए।

मौत के आंकड़े में संशोधन करते हुए उन्होंने कहा, ''सुबह करीब साढ़े आठ बजे, पैदल आए एक आत्मघाती हमलावर की पहचान चेक प्वाइंट पर की गई। उसने अच्छे कपड़े और गले में टाई भी पहन रखी थी। उसने विस्फोट कर खुद को उड़ा लिया और तीन लोगों को मार गिराया, जबकि पांच अन्य घायल हो गए।''

नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर एक रक्षा सूत्र ने कहा कि यह हमला अफगानी खुफिया एजेंसी नेशनल डायरेक्ट्रेट ऑफ सिक्योरिटी (एन डी एस) के पास हुआ। एन डी एस परिसर नाटो मुख्यालय और अमेरिकी दूतावास के पास स्थित है।

एक चश्मदीद ने तोलो न्यूज टीवी को बताया, ''मैं पास से गुजर रहा था, जब मैंने तेज धमाके की आवाज सुनी। मेरी कार के शीशे टूट गए। मैंने अपने पास सड़क पर कई घायलों को देखा।''

अधिकारियों ने कहा कि अशांत दक्षिणी हेलमंड प्रांत में शनिवार को हुए दो अन्य हमलों में एक आत्मघाती कार बम हमलावरों ने धमाका कर दो सैनिकों को मार दिया, जबकि इसमें एक दर्जन अन्य घायल हो गए।

पहले मामले में आतंकवादियों ने नाद अली जिले में सेना के ठिकाने पर हमले के लिये हमवी गाड़ी का इस्तेमाल किया। प्रांतीय प्रवक्ता उमर जावाक ने कहा कि सतर्क सैनिकों ने इसकी पहचान कर ली और एक रॉकेट के जरिए इसे बर्बाद कर दिया। हालांकि इस हमले में दो सैनिकों की मौत हो गई तथा सात अन्य घायल हो गए। दूसरा आत्मघाती कार बम हमला प्रांतीय राजधानी लश्कर गाह में हुआ जिसमें सात लोग घायल हो गए।

भारत से सटी सीमा पर चीन ने पीएलए को क्यूटीएस-11 से किया लैस

चीन ने भविष्य की सूचना प्रौद्योगिकी आधारित लड़ाई की तैयारी के लिए भारत से लगी सीमा पर तैनात पी एल ए की एक शाखा को अमेरिकी शैली वाली समेकित व्यक्तिगत सैनिक लड़ाकू प्रणाली से लैस किया है। मीडिया की खबरों में ऐसा कहा गया है। हाल के वर्षों में चीन की सेना युद्ध के मैदान में आई टी, डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलीजेस ऐप्लिकेशंस के इस्तेमाल के लिए 'सूचना प्रौद्योगिकी आधारित युद्ध' शब्द का इस्तेमाल करने लगी है।

चाइना सेंट्रल टेलीविजन (सी सी टी वी) से संबद्ध शाखा वीहुटांग ने खबर दी है कि वेस्टर्न थियेटर कमान में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के स्पेशल आॅपरेशन फोर्सेज के स्काई वुल्फ कमांडो को उनके प्रशिक्षण में क्यू टी एस-11 सिस्टम से लैस किया गया है। वेस्टर्न थियेटर कमान भारत से लगती 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा की जिम्मेदारी संभालती है।

चीनी विशेषज्ञों के अनुसार क्यू टी एस-11 अमेरिकी सैनिकों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली प्रणाली की तरह है। चीनी सैन्य विशेषज्ञ सोंग जोंगपिंग ने सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स से कहा कि दुनिया में सबसे मजबूत व्यक्तिगत आग्नेयास्त्र बताए जाने वाला क्यू टी एस-11 न केवल आग्नेयास्त्र पर काबू पा लेता है बल्कि यह खोज एवं संवाद सुविधाओं से लैस पूर्ण डिजिटलीकृत समेकित व्यक्तिगत सैनिक लड़ाकू प्रणाली है। राइफल और 20 मिलीमीटर ग्रेनेड लांचर वाली यह प्रणाली लक्ष्य के अंदर के सैन्यकर्मियों को नष्ट करने में सक्षम है।

सोंग ने कहा कि अमेरिका और चीन की यह प्रणाली एक जैसी है, लेकिन तुलनीय नहीं है। स्पेशल आॅपरेशन फोर्स इस प्रणाली को परखने वाली पहली सैन्य इकाई है। बाद में उसे अन्य इकाइयों में ले जाया जाएगा। भारत के साथ लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा पर इस नई प्रणाली की तैनाती की सरकारी मीडिया की घोषणा से कुछ दिन पहले वहां वायुरक्षा पांत समुन्नत करने की खबर आई थी। इसे यहां सैन्य पर्यवेक्षक पी एल ए द्वारा मनोवैज्ञानिक युद्ध अख्तियार करने के रूप में देखते हैं।

ग्लोबल टाइम्स ने पहले एक विशेषज्ञ के हवाले से खबर दी थी कि एल ए सी पर जे-10 और जे-11 जैसे लड़ाकू विमानों की तैनाती का लक्ष्य भारत द्वारा नए लड़ाकू विमान की खरीद से उत्पन्न खतरे से निबटने पर लक्षित है। यह संभवत: भारत के राफेल विमानों की खरीद के संदर्भ में था। चीनी सेना ने 73 दिनों तक चले डोकलाम गतिरोध के दौरान मीडिया में जोर-शोर से अपना प्रचार अभियान चलाया था।

म्यांमार: पहले सेना ने रोहिंग्या मुसलमानों के घर जलाए, अब बुलडोजर चलाकर गांवों के नामोनिशान तक मिटा रही है

रोहिंग्या मुसलमानों के घरों को जलाने के बाद अब म्यांमार में उनके नामोमिशान को खत्म किया जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, म्यांमार के रखाइन स्टेट में मौजूद रोहिंग्या मुसलमानों के दर्जनों गांवों पर बुलडोजर चलाकर उनके घरों को तोड़ा जा रहा है।

कोलोराडो बेस्ड डिजिटल ग्लोब द्वारा शुक्रवार को सेटेलाइट द्वारा ली गई कुछ तस्वीरें जारी की गई हैं, जिनमें इन गांवों का वर्तमान परिदृश्य साफ दिखाई दे रहा है। तस्वीरों में दिख रहा है कि बहुत से इलाकों में कुछ ही महीनों के अंदर काफी बदलाव आ गया है। वह इलाके जहां लोगों के घर बने हुए थे, वह अब सपाट दिख रहे हैं। पिछले साल अगस्त में इन गांवों में हिंसा काफी बढ़ गई थी, जिसके कारण हजारों रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश भागने को मजबूर हुए थे।

वहीं म्यांमार की सरकार कुछ भी गलत किए जाने की बात को लगातार खारिज कर रही है। सरकार का कहना है कि रखाइन स्टेट में आतंकवादी समूहों को जवाब देने के लिए ऑपरेशन किया जा रहा है।

द इंडिपेंडेंट के मुताबिक, एक महिला ने बताया कि जब वह बांग्लादेश से अपने घर मायिन ह्लट वापस लौटी थी, तब उसे वहां की हालत देखकर काफी हैरानी हुई थी। उसने बताया कि बहुत से घरों को पिछले साल जला दिया गया और सब कुछ खत्म कर दिया गया। यहां तक कि वहां पेड़ों को भी नष्ट कर दिया गया। महिला ने एपी को बताया, ''उन्होंने बुलडोजर से सब कुछ नष्ट कर दिया। मैंने बड़ी मुश्किल से अपना घर पहचाना। सभी घर अब खत्म हो चुके हैं। सारी यादें भी जा चुकी हैं। उन्होंने सब कुछ खत्म कर दिया।''

बता दें कि रखाइन स्टेट में संकट पिछले साल अगस्त में रोहिंग्या विद्रोहियों द्वारा सुरक्षा बलों पर हमला किए जाने के बाद से शुरू हुआ था। म्यांमार के सशस्त्र बलों ने रोहिंग्या मुसलमानों के घरों को जला दिया। साथ ही, सशस्त्र बलों ने लोगों का नरसंहार, लड़कियों और महिलाओं के रेप और लूटपाट भी किये।

रखाइन स्टेट के उत्तरी इलाकों में समतल गांवों की हवाई तस्वीरें सबसे पहले 9 फरवरी को सामने आई थीं। उस वक्त म्यांमार में यूरोपीय संघ के राजदूत क्रिस्टियन श्मिट ने सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों को पोस्ट किया था। डिजिटल ग्लोब द्वारा हाल ही में जारी की गई तस्वीरों के माध्यम से यह कहा जा रहा है कि दिसंबर से लेकर फरवरी के बीच करीब 28 गांवों को बुलडोजर की मदद से समतल कर दिया गया है।

संयुक्त राष्ट्र ने कहा, दक्षिण सूडान में यौन हिंसा चरम पर पहुंच चुकी है

संयुक्त राष्ट्र (यू एन) ने दक्षिण सूडान में मानवाधिकारों की हालत को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि वहां बच्चों को अपनी मां और अन्य महिला रिश्तेदारों का रेप होते या उन्हें मरते हुए देखने के लिए विवश किया जाता है।

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि दक्षिण सूडान में यौन हिंसा चरम पर पहुंच चुकी है। यू एन के मानवाधिकार जांचकर्ताओं द्वारा शुक्रवार को जारी की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिण सूडान के करीब 40 अधिकारी मानवता के खिलाफ हो रहे अपराधों के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। इन अधिकारियों का नाम अभी सामने नहीं लाया गया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो जल्द ही सुनवाई के उद्देश्य से इनके नाम जाहिर किए जा सकते हैं। इन 40 अधिकारियों में 4 कर्नल के लेवल के अधिकारी हैं तो वहीं तीन स्टेट गवर्नर्स हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ये अधिकारी ही बाल सैनिकों की भर्ती करते हैं। संयुक्त राष्ट्र के जांचकर्ताओं ने सैंकड़ों लोगों की गवाही, सैटेलाइट की तस्वीरों और करीब 60,000 दस्तावेजों के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की है।

सूडान में यौन हिंसा के साथ-साथ भुखमरी की भी समस्या काफी ज्यादा है। सरकार के धड़ों के बीच जारी संघर्ष के कारण वहां के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दक्षिण सूडान को साल 2011 में सूडान से आजादी मिली थी, लेकिन दिसंबर 2013 से ही वहां गृह युद्ध शुरू हो गया। हालांकि साल 2015 में शांति समझौते पर दस्तखत भी किए गए, लेकिन फिर भी वहां हिंसा लगातार बढ़ती जा रही है।

दक्षिण सूडान की सरकार की ओर से कहा गया है कि इन अपराधों में जिसका भी नाम शामिल है, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आईविटनेस न्यूज़ के मुताबिक, विदेशी मामलों के प्रवक्ता माविएन मैकोल ने कहा है, ''अपराधों के लिए जिम्मेदार हर व्यक्ति पर सरकार मुकदमा चलाएगी। यह एक जिम्मेदार सरकार है।''

यू एन की रिपोर्ट में कई पीड़ितों ने अपनी आपबीती सुनाई। पीड़ित लोगों ने बताया कि किस तरह उन्हें जान बचाने के लिए खुद के ही परिवार के सदस्यों का रेप करने के लिए विवश किया जाता है। एक महिला ने बताया कि उसके बेटे को जिंदा रहने के लिए अपनी दादी का रेप करने के लिए विवश किया गया था।

ऐसे लोगों के लिए कोई स्थान नहीं है जो राजनीतिक लक्ष्यों के लिए धर्म का इस्तेमाल करते हैं : पीएम मोदी

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन त्रुदू ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आतंकवाद और चरमपंथ का मुकाबला करने से जुड़े मुद्दों सहित व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने पर गहन विचार विमर्श किया। दोनों नेताओं के बीच बैठक के बाद भारत, कनाडा ने ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग सहित छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

लगभग दो घंटे तक चली बैठक के बाद मोदी ने कनाडा के प्रधानमंत्री के साथ संयुक्त रूप से मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि उनके बीच द्विपक्षीय भागीदारी के तमाम पहलुओं पर बातचीत हुई। मोदी ने जोर देकर कहा कि दोनों देशों के लिए आतंकवाद से लड़ाई के लिए मिलकर काम करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के लिए कोई स्थान नहीं है जो राजनीतिक लक्ष्यों के लिए धर्म का इस्तेमाल करते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत की एकता और अखंडता को चुनौती देने वालों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मोदी का यह बयान ट्रूडे सरकार के खालिस्तान के मुद्दे पर नरम रुख के बाद आया है। मोदी ने कहा कि कनाडा के प्रधानमंत्री देश के विभिन्न हिस्सों में घूमे हैं और उन्होंने निश्चित रूप से भारत की विविधता का अनुभव किया होगा।

ट्रूडे ने भारत को वाणिज्यिक सहयोग के लिए एक स्वाभाविक भागीदार बताया।  इससे पहले भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने त्रुदू से मुलाकात करके आपसी हितों के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने दोनों नेताओं की तस्वीर पोस्ट करते हुए ट्वीट किया, ''तस्वीर खुद ही कहानी बयां करती है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन त्रुदू के साथ गर्मजोशी भरी मुलाकात हुई और हमारी साझेदारी को मजबूत तथा प्रगाढ़ करने के तरीकों पर चर्चा हुई।'' इससे पहले ट्रूडे का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया।

ईरान में विमान दुर्घटना: 66 लोगों की मौत

66 यात्रियों को लेकर तेहरान से यासूज जा रहा ईरान का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में सभी यात्रियों के मरने की आशंका है। हालांकि आधिकारिक रूप से मौतों की पुष्टि अभी बाकी है। यात्री विमान ने मेहराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी।

ईरान की असेमन एयरलाइंस ने इस हादसे की पुष्टि करते हुए सभी यात्रियों की मौत की आशंका जताई है। असेमन एयरलाइंस के प्रवक्ता के मुताबिक, प्लेन में जहां क्रू के छह मेंबर थे, वहीं कुल 60 यात्री थे। यह विमान दो इंजन का था और छोटी दूरी की उड़ान में इस्तेमाल होता था। हादसा क्यों हुआ? अभी इसके कारणों का पता नहीं चल सका है।

अधिकारियों के मुताबिक, जब विमान ने उड़ान भरी थी, तब आसमान में धुंध थी। उड़ान भरने के तुरंत बाद विमान से संपर्क टूट गया। विमान रेडार से गायब हो गया। इस बीच सेंट्रल ईरान के सेमीरोम स्थित पहाड़ी क्षेत्र के ऊपर विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, विमान दक्षिण-पश्चिम यासूज शहर और तेहरान के बीच यात्रा के दौरान इस्फहान प्रांत के सोमीरोम शहर के पास जाग्रोस पहाडियों में दुर्घटना ग्रस्त हो गया।

आपातकाल सेवा विभाग के प्रवक्ता के मुताबिक, सभी इमरजेंसी स्टाफ को अलर्ट कर दिया गया। हालांकि मौसम खराब होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में परेशानी हो रही है। अधिकारियों के मुताबिक, दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। कुछ ईरानी अफसरों के मुताबिक, देश के ज्यादातर विमान पुराने हो चुके हैं, इस वजह से हादसों की संख्या बढ़ी है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो विमान में दो सुरक्षा कर्मी, दो फ्लाइट अटेंडेंट और पायलट व को-पायलट सहित 60 लोग सवार थे।

पाकिस्तान ने मासूम जैनब को महज डेढ़ महीने में इंसाफ दिया

पाकिस्तान ने रेप के बाद हत्या की शिकार मासूम जैनब को महज डेढ़ महीने में इंसाफ दिया है। पाकिस्तान की एक अदालत ने जैनब के बलात्कारी और हत्यारे इमरान को सजा-ए-मौत मुकर्रर की है। पाकिस्तान की एक आतंकरोधी अदालत ने इस केस के मुख्य अभियुक्त इमरान अली को चार आरोपों के तहत मौत की सजा, एक उम्र कैद, सात साल की कैद और 20 लाख रुपये का जुर्माना सुनाया है।

शनिवार (17 फरवरी) को कोर्ट लखपत के लाहौर सेंट्रल जेल में जज ने सजा का ऐलान किया। इमरान अली को कोर्ट ने चार मौत की सजा अपहरण, रेप, मर्डर और एंटी टेरररिज्म की धारा-7 के तहत आतंक की गतिविधि के लिए सुनाई। उम्र कैद और 10 लाख रुपये का जुर्माना अप्राकृतिक सेक्स के लिए लगाया गया। जबकि 7 साल की कैद और 10 लाख रुपये का जुर्माना जैनब की बॉडी को कूड़े के ढेर में छुपाने के लिए लगाया गया है।

सरकारी वकील एहतेशाम कादिर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि आरोपी को अपना बचाव करने के लिए सभी मौके दिये गये, लेकिन उसने अपने अपराध को स्वीकार किया। दोषी इमरान के खिलाफ अब ऊपरी अदालत में अपील के लिए 15 दिन का वक्त है। मुकदमे की कार्यवाही को देखने के लिए मासूम जैनब के पिता हाजी मुहम्मद अमीन भी कोर्ट लखपत पहुंचे थे। इस दौरान सेंट्रल जेल के पास सुरक्षा के जबर्दस्त इंतजाम किये गये थे।

बता दें कि पिछले महीने पाकिस्तान में 6 साल की मासूम जैनब की रेप और हत्या के बाद अप्रत्याशित प्रतिक्रिया देखने को मिली थीं। पाकिस्तान की आम जनता में इस रेप कांड के खिलाफ जबर्दस्त गुस्सा देखने को मिला था। पंजाब प्रांत में पुलिस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन हुए थे। पाकिस्तान में इस रेप के खिलाफ लोगों का गुस्सा भारत के निर्भया कांड जैसा ही था। पाकिस्तान की जनता ने केस के लिए पुलिस की निष्क्रियता को जिम्मेदार ठहराया और कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन किये। कसूर शहर के उपायुक्त कार्यालय पर गुस्सैल भीड़ ने डंडों और पत्थरों के साथ धावा बोल दिया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।

यह घटना पिछले एक साल में कसूर शहर में दो किलोमीटर के दायरे में होने वाली 12वीं घटना थी। इस लिहाज से भी लोग गुस्से से भड़के हुए थे। जैनब 4 जनवरी को रोड कोट इलाके में अपने घर के पास ही ट्यूशन गई थी, इसी दौरान उसका अपहरण कर लिया गया। बाद में जैनब के परिवार को एक वीडियो फूटेज मिला, जिसमें वह किसी अजनबी के साथ पीरोवाला रोड पर नजर आई थी। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। 9 जनवरी को एक पुलिस कॉन्सटेबल को कूड़े के ढेर से बच्ची का शव मिला था। जैनब के कातिल को पंजाब सरकार ने 23 जनवरी को गिरफ्तार करने का दावा किया था।

जैनब के लिए इंसाफ की मांग पाकिस्तान में आंदोलन का रूप बन गया था। वकील, डॉक्टर, पत्रकार, सिविल सोसायटी समेत समाज के सभी वर्गों ने इस नृशंस कांड की निंदा की। पाकिस्तान ने जैनब के गायब होने के बाद डेढ़ महीने से भी कम समय में दोषी को मौत की सजा सुनाई है।

भारत ने कहा, सुंजवान सैन्य शिविर हमले की कीमत पाकिस्तान को चुकानी पड़ेगी

भारत ने सोमवार को कहा कि जम्मू एवं कश्मीर के जम्मू शहर में स्थित सुंजवान सैन्य शिविर पर हुए हमले का खामियाजा पाकिस्तान को भुगतना पड़ेगा। भारत की रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जम्मू शहर के पास स्थित सुंजवान सैन्य शिविर पर पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों ने हमला किया, जिसकी कीमत पाकिस्तान को चुकानी पड़ेगी।

सीतारमण ने यह भी कहा कि आतंकी हमले में पाकिस्तानी आतंकवादियों के शामिल होने के सबूत पाकिस्तान को सौंपे जाएंगे। उल्लेखनीय है कि जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों ने शनिवार तड़के सुंजवान स्थित सैन्य शिविर पर हमला बोल दिया, जिसमें पांच जवान शहीद हो गए और एक नागरिक भी मारा गया। हमले में 10 अन्य लोग घायल भी हो गए। सैनिकों ने तीन आतंकवादियों को भी मार गिराया, जबकि एक आतंकवादी अभी भी शिविर में छिपा हुआ है।

वहीं, श्रीनगर में सोमवार को सुरक्षा बल के एक संतरी की मुस्तैदी से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सी आर पी एफ) के एक शिविर पर हमले की कोशिश को नाकाम कर दिया गया। जिसके बाद एक इमारत में छिपे आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच जारी मुठभेड़ के दौरान अर्धसैनिक बल का एक जवान शहीद हो गया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा बल छिपे आतंकवादियों के खिलाफ अंतिम हमले के लिए तैयार था, इसी दौरान एक जवान मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल हो गया।

उसे मुठभेड़ स्थल से करीब 300 मीटर दूर स्थित एस एम एच एस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बाद में उसने दम तोड़ दिया। यह वही अस्पताल है जहां से लश्कर-ए-तैयबा का पाकिस्तानी आतंकवादी नवीद जाट उर्फ अबु हंजुल्ला छह फरवरी को दो पुलिकर्मियों की हत्या कर फरार होने में कामयाब रहा था। पुलिस ने कहा कि सुरक्षा कारणों के चलते आसपास के इलाकों के घरों को खाली करा लिया गया है।

आतंकवादियों के खिलाफ सी आर पी एफ और जम्मू एवं कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (एस ओ जी) के जवान अभियान चला रहे हैं। कश्मीर पुलिस प्रमुख एस पी वैद ने ट्वीट कर कहा, ''श्रीनगर के करण नगर में आत्मघाती हमला टालने के लिए मैं चौकस संतरी को बधाई देता हूं। सौभाग्य से दो आतंकवादी घेराबंदी में हैं और मुठभेड़ जारी है।'' इससे पहले तड़के 4.30 बजे करण नगर इलाके में सी आर पी एफ के 23वें बटालियन की निगरानी चौकी पर एक चौकस संतरी ने दो आतंकवादियों को देखा था।

जम्मू-कश्मीर : पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी में 4 भारतीय जवान शहीद, 1 घायल

भारत के जम्मू-कश्मीर में सीमा पर एक बार फिर पाकिस्तान की तरफ से युद्ध विराम का उल्लंघन किया गया, जिसमें 4 भारतीय जवान शहीद हो गए और 1 जवान घायल बताया जा रहा है। पाकिस्तानी रेंजरों ने रविवार (4 फरवरी) को भीमबेर गली सेक्टर में गोलाबारी की। इससे पहले सुबह और शाम की घटनाओं को मिलाकर पाकिस्तान ने कई दफा भारतीय सेना की चौकियों पर गोलीबारी की। पुंछ जिले में सीमा से सटी भारतीय सेना की अग्रिम चौकी पर गोलीबारी हुई तो शाम को राजौरी के मंजाकोट सेक्टर में भी पाकिस्तान की तरफ से गोलाबारी की गई। वहीं पुंछ जिले के शाहपुर सेक्टर में करीब 11 बजे से पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी शुरू की गई। पाकिस्तान की तरफ से मोर्टार दागे गए।

रविवार को अधिकारियों ने बताया कि पुंछ में रविवार को नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना की ओर से बिना वजह की गई अंधाधुंध गोलीबारी में एक भारतीय सैनिक और एक लड़की घायल हो गई थी।

पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ''पाकिस्तानी सैनिकों ने पुंछ जिले के शाहपुर इलाके में नियंत्रण रेखा पर भारतीय चौकियों को निशाना बनाकर बिना वजह गोलीबारी की। उन्होंने भारतीय चौकियों को छोटे स्वचालित हथियारों और मोर्टार से निशाना बनाया। भारतीय सेना ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया।''

बता दें कि पाकिस्तान की तरफ से किए जाने वाले युद्ध विराम उल्लंघन का मुद्दा जम्मू-कश्मीर की विधानसभा में भी उठा था। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा था। वहीं शनिवार (3 फरवरी) को त्रिपुरा में एक सभा को संबोधित करते हुए भारत के केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को चेताया था।

अफगानिस्तान: काबुल बम ब्लास्ट में 95 की मौत, 163 घायल, तालिबान ने जिम्मेदारी ली

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में शनिवार को जबरदस्त बम धमाका हुआ। मध्य काबुल के सिदारत स्क्वेयर के पास हुए इस भयानक विस्फोट में अब तक 95 लोगों की मौत हो चुकी है तो वहीं 163 से ज्यादा घायल हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक , एक एंबुलेंस में बम छुपाया गया था। धमाके की वजह से संपत्ति का काफी नुकसान हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रत्यक्षदर्शी मोहम्मद मुस्तफा ने कहा कि विस्फोट जम्हूरियत अस्पताल के सामने अपराह्न लगभग 12.50 बजे हुआ, जहां कई सरकारी कार्यालय स्थित हैं। उन्होंने कहा, ''हमें इलाके में भयानक विस्फोट सुनाई दिया, जो सिदारत स्क्वेयर से कुछ मीटर दूर है। फिलहाल, पूरे इलाके को सील कर दिया गया है।''

सुरक्षा बलों ने एहतियाती कदम के रूप में इलाके को घेर लिया है। तालिबान ने हमले की जिम्मेदारी ली है। सांसद मीरवाइज यासिनी ने यह ब्लास्ट अपनी आंखों से देखा। उन्होंने बताया कि पुलिस चेकप्वॉइंट के पास खड़ी एक एंबुलेंस में जोरदार बम धमाका हुआ। उन्होंने बताया कि धमाके के बाद उन्होंने कई लोगों को जमीन पर पड़ा पाया।

पब्लिक हेल्थ मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। आंतरिक मंत्रालय के उप प्रवक्ता नसरत रहिमी ने बताया, ''सुसाइड बॉम्बर ने एंबुलेंस का इस्तेमाल किया ताकि पुलिस चेकप्वॉइंट को पार किया जा सके। वह पुलिस चेकप्वॉइंट को क्रॉस कर गया, वहां उसने बताया कि वह एक मरीज को जमूरियत अस्पताल लेकर जा रहा है। दूसरे चेकप्वॉइंट पर उसे पहचान लिया गया था, लेकिन उसने उसी वक्त धमाका कर दिया।

लगभग 50 लाख आबादी वाले इस राजधानी शहर में पिछले कुछ सालों से लगातार आतंकवादी हमले हो रहे हैं। काबुल में स्थित एक आलीशान होटल पर तालिबान द्वारा 20 जनवरी को किए गए हमले में 14 विदेशियों सहित 20 से अधिक लोग मारे गए थे और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे।

सूत्र ने बताया कि विस्फोट की चपेट में आए लोगों में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। इस क्षेत्र में अफगान गृह मंत्रालय की पुरानी इमारत स्थित है।