विदेश

पाकिस्तान ने मासूम जैनब को महज डेढ़ महीने में इंसाफ दिया

पाकिस्तान ने रेप के बाद हत्या की शिकार मासूम जैनब को महज डेढ़ महीने में इंसाफ दिया है। पाकिस्तान की एक अदालत ने जैनब के बलात्कारी और हत्यारे इमरान को सजा-ए-मौत मुकर्रर की है। पाकिस्तान की एक आतंकरोधी अदालत ने इस केस के मुख्य अभियुक्त इमरान अली को चार आरोपों के तहत मौत की सजा, एक उम्र कैद, सात साल की कैद और 20 लाख रुपये का जुर्माना सुनाया है।

शनिवार (17 फरवरी) को कोर्ट लखपत के लाहौर सेंट्रल जेल में जज ने सजा का ऐलान किया। इमरान अली को कोर्ट ने चार मौत की सजा अपहरण, रेप, मर्डर और एंटी टेरररिज्म की धारा-7 के तहत आतंक की गतिविधि के लिए सुनाई। उम्र कैद और 10 लाख रुपये का जुर्माना अप्राकृतिक सेक्स के लिए लगाया गया। जबकि 7 साल की कैद और 10 लाख रुपये का जुर्माना जैनब की बॉडी को कूड़े के ढेर में छुपाने के लिए लगाया गया है।

सरकारी वकील एहतेशाम कादिर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि आरोपी को अपना बचाव करने के लिए सभी मौके दिये गये, लेकिन उसने अपने अपराध को स्वीकार किया। दोषी इमरान के खिलाफ अब ऊपरी अदालत में अपील के लिए 15 दिन का वक्त है। मुकदमे की कार्यवाही को देखने के लिए मासूम जैनब के पिता हाजी मुहम्मद अमीन भी कोर्ट लखपत पहुंचे थे। इस दौरान सेंट्रल जेल के पास सुरक्षा के जबर्दस्त इंतजाम किये गये थे।

बता दें कि पिछले महीने पाकिस्तान में 6 साल की मासूम जैनब की रेप और हत्या के बाद अप्रत्याशित प्रतिक्रिया देखने को मिली थीं। पाकिस्तान की आम जनता में इस रेप कांड के खिलाफ जबर्दस्त गुस्सा देखने को मिला था। पंजाब प्रांत में पुलिस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन हुए थे। पाकिस्तान में इस रेप के खिलाफ लोगों का गुस्सा भारत के निर्भया कांड जैसा ही था। पाकिस्तान की जनता ने केस के लिए पुलिस की निष्क्रियता को जिम्मेदार ठहराया और कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन किये। कसूर शहर के उपायुक्त कार्यालय पर गुस्सैल भीड़ ने डंडों और पत्थरों के साथ धावा बोल दिया, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।

यह घटना पिछले एक साल में कसूर शहर में दो किलोमीटर के दायरे में होने वाली 12वीं घटना थी। इस लिहाज से भी लोग गुस्से से भड़के हुए थे। जैनब 4 जनवरी को रोड कोट इलाके में अपने घर के पास ही ट्यूशन गई थी, इसी दौरान उसका अपहरण कर लिया गया। बाद में जैनब के परिवार को एक वीडियो फूटेज मिला, जिसमें वह किसी अजनबी के साथ पीरोवाला रोड पर नजर आई थी। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। 9 जनवरी को एक पुलिस कॉन्सटेबल को कूड़े के ढेर से बच्ची का शव मिला था। जैनब के कातिल को पंजाब सरकार ने 23 जनवरी को गिरफ्तार करने का दावा किया था।

जैनब के लिए इंसाफ की मांग पाकिस्तान में आंदोलन का रूप बन गया था। वकील, डॉक्टर, पत्रकार, सिविल सोसायटी समेत समाज के सभी वर्गों ने इस नृशंस कांड की निंदा की। पाकिस्तान ने जैनब के गायब होने के बाद डेढ़ महीने से भी कम समय में दोषी को मौत की सजा सुनाई है।

भारत ने कहा, सुंजवान सैन्य शिविर हमले की कीमत पाकिस्तान को चुकानी पड़ेगी

भारत ने सोमवार को कहा कि जम्मू एवं कश्मीर के जम्मू शहर में स्थित सुंजवान सैन्य शिविर पर हुए हमले का खामियाजा पाकिस्तान को भुगतना पड़ेगा। भारत की रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जम्मू शहर के पास स्थित सुंजवान सैन्य शिविर पर पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों ने हमला किया, जिसकी कीमत पाकिस्तान को चुकानी पड़ेगी।

सीतारमण ने यह भी कहा कि आतंकी हमले में पाकिस्तानी आतंकवादियों के शामिल होने के सबूत पाकिस्तान को सौंपे जाएंगे। उल्लेखनीय है कि जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों ने शनिवार तड़के सुंजवान स्थित सैन्य शिविर पर हमला बोल दिया, जिसमें पांच जवान शहीद हो गए और एक नागरिक भी मारा गया। हमले में 10 अन्य लोग घायल भी हो गए। सैनिकों ने तीन आतंकवादियों को भी मार गिराया, जबकि एक आतंकवादी अभी भी शिविर में छिपा हुआ है।

वहीं, श्रीनगर में सोमवार को सुरक्षा बल के एक संतरी की मुस्तैदी से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सी आर पी एफ) के एक शिविर पर हमले की कोशिश को नाकाम कर दिया गया। जिसके बाद एक इमारत में छिपे आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच जारी मुठभेड़ के दौरान अर्धसैनिक बल का एक जवान शहीद हो गया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा बल छिपे आतंकवादियों के खिलाफ अंतिम हमले के लिए तैयार था, इसी दौरान एक जवान मुठभेड़ में गंभीर रूप से घायल हो गया।

उसे मुठभेड़ स्थल से करीब 300 मीटर दूर स्थित एस एम एच एस अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बाद में उसने दम तोड़ दिया। यह वही अस्पताल है जहां से लश्कर-ए-तैयबा का पाकिस्तानी आतंकवादी नवीद जाट उर्फ अबु हंजुल्ला छह फरवरी को दो पुलिकर्मियों की हत्या कर फरार होने में कामयाब रहा था। पुलिस ने कहा कि सुरक्षा कारणों के चलते आसपास के इलाकों के घरों को खाली करा लिया गया है।

आतंकवादियों के खिलाफ सी आर पी एफ और जम्मू एवं कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (एस ओ जी) के जवान अभियान चला रहे हैं। कश्मीर पुलिस प्रमुख एस पी वैद ने ट्वीट कर कहा, ''श्रीनगर के करण नगर में आत्मघाती हमला टालने के लिए मैं चौकस संतरी को बधाई देता हूं। सौभाग्य से दो आतंकवादी घेराबंदी में हैं और मुठभेड़ जारी है।'' इससे पहले तड़के 4.30 बजे करण नगर इलाके में सी आर पी एफ के 23वें बटालियन की निगरानी चौकी पर एक चौकस संतरी ने दो आतंकवादियों को देखा था।

जम्मू-कश्मीर : पाकिस्तान की ओर से गोलीबारी में 4 भारतीय जवान शहीद, 1 घायल

भारत के जम्मू-कश्मीर में सीमा पर एक बार फिर पाकिस्तान की तरफ से युद्ध विराम का उल्लंघन किया गया, जिसमें 4 भारतीय जवान शहीद हो गए और 1 जवान घायल बताया जा रहा है। पाकिस्तानी रेंजरों ने रविवार (4 फरवरी) को भीमबेर गली सेक्टर में गोलाबारी की। इससे पहले सुबह और शाम की घटनाओं को मिलाकर पाकिस्तान ने कई दफा भारतीय सेना की चौकियों पर गोलीबारी की। पुंछ जिले में सीमा से सटी भारतीय सेना की अग्रिम चौकी पर गोलीबारी हुई तो शाम को राजौरी के मंजाकोट सेक्टर में भी पाकिस्तान की तरफ से गोलाबारी की गई। वहीं पुंछ जिले के शाहपुर सेक्टर में करीब 11 बजे से पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी शुरू की गई। पाकिस्तान की तरफ से मोर्टार दागे गए।

रविवार को अधिकारियों ने बताया कि पुंछ में रविवार को नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी सेना की ओर से बिना वजह की गई अंधाधुंध गोलीबारी में एक भारतीय सैनिक और एक लड़की घायल हो गई थी।

पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ''पाकिस्तानी सैनिकों ने पुंछ जिले के शाहपुर इलाके में नियंत्रण रेखा पर भारतीय चौकियों को निशाना बनाकर बिना वजह गोलीबारी की। उन्होंने भारतीय चौकियों को छोटे स्वचालित हथियारों और मोर्टार से निशाना बनाया। भारतीय सेना ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया।''

बता दें कि पाकिस्तान की तरफ से किए जाने वाले युद्ध विराम उल्लंघन का मुद्दा जम्मू-कश्मीर की विधानसभा में भी उठा था। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा था। वहीं शनिवार (3 फरवरी) को त्रिपुरा में एक सभा को संबोधित करते हुए भारत के केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को चेताया था।

अफगानिस्तान: काबुल बम ब्लास्ट में 95 की मौत, 163 घायल, तालिबान ने जिम्मेदारी ली

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में शनिवार को जबरदस्त बम धमाका हुआ। मध्य काबुल के सिदारत स्क्वेयर के पास हुए इस भयानक विस्फोट में अब तक 95 लोगों की मौत हो चुकी है तो वहीं 163 से ज्यादा घायल हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक , एक एंबुलेंस में बम छुपाया गया था। धमाके की वजह से संपत्ति का काफी नुकसान हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रत्यक्षदर्शी मोहम्मद मुस्तफा ने कहा कि विस्फोट जम्हूरियत अस्पताल के सामने अपराह्न लगभग 12.50 बजे हुआ, जहां कई सरकारी कार्यालय स्थित हैं। उन्होंने कहा, ''हमें इलाके में भयानक विस्फोट सुनाई दिया, जो सिदारत स्क्वेयर से कुछ मीटर दूर है। फिलहाल, पूरे इलाके को सील कर दिया गया है।''

सुरक्षा बलों ने एहतियाती कदम के रूप में इलाके को घेर लिया है। तालिबान ने हमले की जिम्मेदारी ली है। सांसद मीरवाइज यासिनी ने यह ब्लास्ट अपनी आंखों से देखा। उन्होंने बताया कि पुलिस चेकप्वॉइंट के पास खड़ी एक एंबुलेंस में जोरदार बम धमाका हुआ। उन्होंने बताया कि धमाके के बाद उन्होंने कई लोगों को जमीन पर पड़ा पाया।

पब्लिक हेल्थ मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। आंतरिक मंत्रालय के उप प्रवक्ता नसरत रहिमी ने बताया, ''सुसाइड बॉम्बर ने एंबुलेंस का इस्तेमाल किया ताकि पुलिस चेकप्वॉइंट को पार किया जा सके। वह पुलिस चेकप्वॉइंट को क्रॉस कर गया, वहां उसने बताया कि वह एक मरीज को जमूरियत अस्पताल लेकर जा रहा है। दूसरे चेकप्वॉइंट पर उसे पहचान लिया गया था, लेकिन उसने उसी वक्त धमाका कर दिया।

लगभग 50 लाख आबादी वाले इस राजधानी शहर में पिछले कुछ सालों से लगातार आतंकवादी हमले हो रहे हैं। काबुल में स्थित एक आलीशान होटल पर तालिबान द्वारा 20 जनवरी को किए गए हमले में 14 विदेशियों सहित 20 से अधिक लोग मारे गए थे और एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए थे।

सूत्र ने बताया कि विस्फोट की चपेट में आए लोगों में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। इस क्षेत्र में अफगान गृह मंत्रालय की पुरानी इमारत स्थित है।

दुनिया तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर खड़ी है

दुनिया तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर खड़ी है, यह बात कई जानकार कह चुके हैं। इसकी वजह परमाणु संपन्न होते जा रहे देश नहीं हैं। वजह है ताइवान को लेकर चीन और अमेरिका के बीच तनातनी। चीन वर्षों से ताइवान का एकीकरण कर देश का कायाकल्प करने का ख्वाब देख रहा है तो अमेरिका ने दक्षिण चीन सागर में अपनी मौजूदगी दर्ज कराकर जता दिया है कि वह चीन का कोई भी जबरन उठाया गया कदम सफल नहीं होने देगा। ब्रिटेन के एक्सप्रेस अखबार की खबर के मुताबिक, दक्षिण चीन सागर में तनाव बढ़ता जा रहा है।

कुछ विशेषज्ञों की सलाह पर चीन ताइवान पर जबरन काबू करना चाहता है। चीन का यह कदम अमेरिका को युद्ध के लिए उकसा सकता है। बीजिंग ताइवान को एक विद्रोही प्रांत मानता है और हमेशा उसे चीन का ही हिस्सा बताता है, जबकि कंट्टरपंथी अधिकारी आइलैंड को चीन का हिस्सा मानने से इनकार करते हैं और यह भी मानते हैं कि चीन का उस पर आधिपत्य जमाना मुश्किल है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि आइलैंड पर कब्जा जमाने के लिए चीन ने एक टाइम टेबल भी बना ली है और चीनी सेना 2020 में ताइवान को अपना बनाने के लिए कदम उठा सकती है। विशेषज्ञों की राय में इलाके में अमेरिकी सुरक्षा और ताइवान को अपना बनाने को लेकर राष्ट्रपति शी जिनपिंग की कसम शांति से समाधान नहीं निकालने दे रही है और इस बात की बहुत संभावना है कि चीन और अमेरिका की इस तनातनी से वैश्विक स्तर पर मतभेद उभरेंगे, क्योंकि ताइवान ने वॉशिंगटन के साथ यह संधि पहले ही कर रखी है कि अगर देश पर कोई खतरा आता है तो उसे उसकी सुरक्षा के लिए आगे आना होगा।

चरहार इंस्टीट्यूट के थिंक टैंक के एक शोधार्थी डेन युवेन ने कहा कि कुछ कारणों के चलते बीजिंग दुनिया की परवाह नहीं करते हुए शांतिपूर्ण बातचीत की बजाय ताकत से एकीकरण करने की ओर कदम बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि पहला, दोनों के बीच क्रॉस स्ट्रेट संबंध बिगड़े हुए चल रहे हैं। दूसरा, ताइवान की नई पीढ़ी के बीच चीन की पहचान कम हो रही है। तीसरा, ताइवान की राजनीतिक पार्टियों का प्रभाव खत्म हो रहा है। अगर चीन की बड़ी पार्टी कुओमिवताग फिर से जीतती है, तब क्रॉस स्ट्रेट एकीकरण आसान नहीं होगा।

2016 में ट्रंप ने राष्ट्रपति बनते ही ताइवान की राष्ट्रपति साइ इंग-वेन से फोन पर बात की थी। जिसका नतीजा यह हुआ था कि चीन और ताइवान के संबंधों में तल्खी आ गई थी। अमेरिका ने 1979 के बाद ताइवान से बात की थी। बीजिंग ने वन चाइना पॉलिसी के तहत अमेरिका को मनाने में सफल रहा था कि वह ताइवान से बात नहीं करेंगा। वन चाइन पॉलिसी के तहत ताइवान में उसकी सरकार होगी, लेकिन वह चीन का ही हिस्सा रहेगा।

डेंग ने आगाह किया कि दक्षिण चीन सागर में घुस कर अमेरिका चीन को उकसाकर सैन्य कार्रवाई के मंसूबे में सफल हो सकता है। उन्होंने कहा कि सेना के बल पर बीजिंग के साथ ताइवान का एकीकरण करने के लिए सारी तैयारियां हो चुकी हैं, बहाना भर चाहिए। अमेरिका की मदद के चलते ताइवान की राष्ट्रपति साइ उत्साहित है और ट्रंप के साथ अपने संबंधों की दुहाई देकर वह चीन को आंक सकती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि 2020 में चीन ताइवान की ओर रुख करेगा या नहीं, यह उसके नेताओं के फैसले पर ही निर्भर करेगा। शी जिनपिंग को अपने राष्ट्रपति रहते हुए ताइवान का एकीकरण कराने की उपलब्धि का लालच हो सकता है। अगर युद्ध होता है तो शांति की सारी मुहिम और बनाया हुआ तंत्र, सब का सब धरा रह जाएगा।

ऐसी स्थिति में शी जिनपिंग समय से ज्यादा 2022 तक राष्ट्रपति रह सकेंगे और उन्हें चीनी सपनों के कायाकल्प के लिए ज्यादा समय मिल सकेगा। अगर 2020 में बीजिंग ताइवान के खिलाफ हथियार उठाता है तो पूर्वी एशिया में बुरे परिणाम सामने आएंगे। अगर उत्तर कोरिया की परमाणु क्षमताओं को भी उखाड़ न फेंका गया तो वह भी दक्षिण कोरिया के साथ युद्ध करने का जोखिम ले सकता है।

इमरान खान ने गुप्त तरीके से तीसरी शादी की

पूर्व क्रिकेटर और पाकिस्तान की तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी (पीटीआई) के प्रमुख इमरान खान ने एक बार फिर गुप्त तरीके से शादी कर ली है। इमरान की नई बेगम एक आध्यात्मिक गुरू बताई जा रही हैं, जिनके पास वह अध्यात्म की सीख लेने के लिए जाया करते थे।

पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, इमरान ने 1 जनवरी की रात लाहौर में शादी की। पार्टी के एक नेता ने ही उनका निकाह पढ़वाया। शादी करने के बाद अगले दिन वह सीधे इस्लामाबाद की आतंकवाद विरोधी अदालत में हाजिर हुए, जहां उन्हें 2014 के एक मामले में जमानत मिल गई।

निकाह पढ़वाने वाले मुफ्ती सईद पार्टी की कोर कमेटी के नेता हैं। दो साल पहले इमरान ने जब रेहम खान से शादी रचाई थी, तब भी मुफ्ती सईद ने ही निकाह पढ़वाया था। हालांकि मुफ्ती से जब इस बारे में मीडिया ने पूछा तो उन्होंने कुछ भी बताने से मना कर दिया।

पार्टी सचिव ऑन चौधरी और पार्टी के प्रवक्ता नईमुल हक ने भी पार्टी प्रमुख की शादी की बात से इनकार किया। पाकिस्तानी मीडिया ने दावा किया है कि ऑन चौधरी भले ही इनकार करें, लेकिन वह शादी में शामिल हुए थे।

ऑन ने कहा कि वह उस दिन इमरान के साथ लाहौर गए थे। इमरान की रेहम के साथ शादी के वक्त भी ऑन चौधरी मौजूद थे। नईमुल हक ने कहा कि वह 35 वर्षों से इमरान के निजी मामलों के साक्षी रहे हैं, इसलिए पूरे विश्वास के साथ कह सकते हैं कि ऐसा कुछ नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अगर इमरान शादी करते भी हैं तो वह 2018 के आम चुनावों के बाद करेंगे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, लाहौर की डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी के सेक्टर वाई में इमरान ने शादी रचाई। शादी इमरान के दोस्त और उनकी तीसरी पत्नी के विश्वासपात्र के घर पर हुई। इमरान की नई पत्नी गुलबर्ग 3 में रहती हैं। उन्होंने कुछ महीने पहले अपनी पहली शादी तोड़ दी थी। उनके पूर्व पति ने बताया कि आध्यात्मिक कारणों के चलते शादी खत्म कर दी थी। उन्होंने इमरान की तीसरी शादी से इनकार किया।

इमरान कुछ वर्ष पहले अपनी नई पत्नी के संपर्क में अध्यात्म सीखने के लिए आए थे। धीरे-धीरे दोनों में नाता इतना गहरा हो गया कि बात शादी तक पहुंच गई। इमरान ने पहली बार 16 मई 1995  को जेमीमा खान से शादी की थी। 9 साल बाद 22 जून 2004 में जेमीमा से उनका तलाक हो गया था। इसके बाद टीवी एंकर रेहम खान से उन्होंने 8 जनवरी 2015 में शादी कर ली थी। रेहम से शादी करने की बात भी इमरान ने नहीं कबूली थी। 31 दिसंबर 2014 को उन्होंने ट्वीट किया था - मेरी शादी की खबरें बढ़ा-चढ़ाकर कही गई बातों के सिवा कुछ नहीं हैं। इसके 8 दिन बार उन्होंने सार्वजनिक रूप से रेहम के शादी कर ली थी।

पेरू : ट्रक से टकराकर पहाड़ी से 100 मीटर नीचे गिरी बस, 48 की मौत

पेरू में 'डेविल्स कर्व' के नाम से दुर्घटना संभावित क्षेत्र में एक ट्रक से टकराने के बाद एक बस पहाड़ी से नीचे गिर गई। इस हादसे में कम से कम 48 लोग मारे गए।

अधिकारियों ने बताया कि बस हुआचो से 55 यात्रियों को लेकर लीमा आ रही थी। उसी दौरान हादसा हुआ। बस पहाड़ी से 100 मीटर नीचे गिरी और समुद्र किनारे चट्टानों पर पलट गई।

गृह मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर पोस्ट किया है कि घटना में कम से कम 48 लोग मारे गए हैं।

इससे पहले अधिकारियों ने 36 लोगों के मारे जाने की पुष्टि की थी। पुलिस का कहना है कि ज्वार-भाटा और लहरों के बस तक पहुंचने के कारण रात में शवों को निकालने का काम बंद कर दिया गया था। पुलिस हेलीकॉप्टर ने कुछ बचावकर्मियों को सीधे बस के पास उतारा, जबकि अन्य को पैदल ही वहां तक पहुंचाया गया। हादसे में कई लोग सुरक्षित भी बचे हैं।

भारत और चीन के मजबूत संबंध न केवल दोनों देशों, बल्कि पूरे क्षेत्र और विश्‍व के लिए महत्‍वपूर्ण: मोदी

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि मजबूत भारत-चीन संबंध न केवल दोनों देशों के लोगों के आपसी लाभ बल्कि पूरे क्षेत्र और विश्व के लिए महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने यह बात नई दिल्ली में कल शाम उनसे मिलने आए चीन के स्टेट काउंसलर यांग जिएची से मुलाकात के दौरान कही।

बैठक के दौरान जिएची और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने सीमा विवाद पर आज हुई दोनों देशों के बीच विशेष प्रतिनिधि स्तर की वार्ता के 20वें दौर की बातचीत का ब्यौरा दिया।

मोदी ने इस वर्ष सितम्बर में नौवें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समय शियामिन दौरे और वहां राष्ट्रपति शी चिनपिंग से मुलाकात का उल्लेख किया।

जिएची ने चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग और प्रधानमंत्री ली छीछियांग की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को शुभकामनाएं दीं।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया पर और प्रतिबंध लगाए

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने कल रात उत्तर कोरिया पर और प्रतिबंध लगा दिये, इसमें उत्‍तर कोरिया के मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों के लिये महत्वपूर्ण तेल की आपूर्ति सीमित हो जाएगी।

सुरक्षा परिषद ने सर्वसम्मति से अमरीका द्वारा तैयार किये गये प्रस्ताव को स्वीकार किया, जिसमें विदेशों में काम कर रहे उत्तर कोरिया के अपने देश के लिये धन अर्जित करने वाले  कर्मियों के प्रत्यपर्ण के आदेश दिये गये हैं। इस वर्ष तीसरी बार उत्तर कोरिया पर प्रतिबंध लगाये गये हैं।

ट्रंप ने आतंकवादी गिरोहों को पनाह देने के लिए पाकिस्‍तान को किया आगाह : अमरीकी उप-राष्‍ट्रपति

अमरीकी उप-राष्‍ट्रपति माइक पेंस ने कहा है कि राष्‍ट्रपति डोनल्‍ड ट्रंप ने तालिबान और अन्‍य आतंकवादी गिरोहों को अपने यहां पनाह देने के सिलसिले में पाकिस्‍तान को आगाह किया है।

पेंस बिना किसी पूर्व कार्यक्रम के अफगानिस्‍तान की अपनी यात्रा के दौरान बगराम के वायुसेना केन्‍द्र में करीब 500 अमरीकी सैनिकों को संबोधित कर रहे थे।

उन्‍होंने कहा कि पाकिस्‍तान ने लंबे समय से तालिबान और अन्‍य आतंकी संगठनों को सुरक्षित ठिकाने मुहैया कराये हैं, मगर अब इन ठिकानों का दौर खत्‍म होने को है।

पेंस ने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने अमरीकी सेना को आतंकियों और उग्रवादियों के खिलाफ सीधी कार्रवाई करने का जो निर्देश दिया है, उससे वे उन्‍हें कहीं भी निशाना बना सकते हैं।