विदेश

येरूशलम विवाद: अमरीका ने इस्राइल से नरम रूख अपनाने को कहा

अमरीका ने येरूशलम को इस्राइल की राजधानी के रूप में मान्‍यता देने के बाद इस्राइल से नरम रूख अपनाने को कहा है। वह इस फैसले से अमरीकी सुविधाओं और लोगों पर पड़ने वाले असर का मूल्‍यांकन भी कर रहा है।

अमरीका के विदेश विभाग ने कल तेलअवीव में अमरीकी दूतावास के अधिकारियों को एक पत्र में कहा था कि वे इस्राइल के अधिकारियों को यह बता दें कि वे इस मुद्दे पर अधिकृत प्रतिक्रिया करने से बचें।

पत्र में ये भी कहा गया है कि अमरीका को उम्‍मीद है कि इस खबर का पश्चिम एशिया और विश्‍व में प्रतिरोध हो सकता है।

नेपाल में संसद और प्रांतीय विधानसभा चुनावों के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान शुरू

नेपाल-भारत सीमा सील कर दी गई है और दोनों देशों के सुरक्षाकर्मी सीमाई इलाकों में संयुक्त गश्त लगा रहे हैं।

आखिरी दौर में 4482 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। 1 करोड़ 22 लाख से अधिक मतदाताओं के लिए 15344 मतदान केन्द्र बनाए गये हैं।

नेपाल की राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी और प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने लोगों से पूरे उत्साह के साथ मतदान में भाग लेने की अपील की है।

इस ऐतिहासिक चुनाव को नेपाल में लोकतांत्रिक संघवाद की दिशा में एक अंतिम कदम माना जा रहा है।

उम्मीद है कि इन चुनाव के बाद इस हिमालयी राष्ट्र में बहुप्रतिष्ठित राजनीतिक स्थिरता कायम होगी।

अमरीका ने येरुशलम को इस्राइल की राजधानी के रूप में मान्यता दी

अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने येरुशलम को इस्राइल की राजधानी के रूप में मान्यता दे दी है और तेल अवीव स्थित अमरीकी दूतावास को येरूशलम ले जाने की घोषणा की है।

कल रात राष्ट्रपति कार्यालय से टेलीविजन पर संबोधन में उन्होंने विदेश विभाग से कहा कि वह येरुशलम में अमरीकी दूतावास के निर्माण की प्रक्रिया तत्काल शुरू करे।

अमरीकी राष्ट्रपति ने इस्राइल-फिलिस्तीन संघर्ष के समाधान के लिए दो राष्ट्र के सिद्धांत पर प्रतिबद्धता दोहराई।

इस्राइल के प्रधानमंत्री बेन्याएमिन नेतन्याहू ने इसे ऐतिहासिक, साहसिक और न्यायोचित कदम बताया है। नेतन्याहू ने वायदा किया कि येरुशलम के अति संवेदनशील पवित्र स्थानों की यथास्थिति में कोई परिवर्तन नहीं होगा।

अमरीका की यह घोषणा उसकी दशकों पुरानी नीति और अंतरराष्ट्रीय सहमति के खिलाफ है।

विश्व नेताओं ने चेतावनी दी है कि इससे शांति प्रयासों में बाधा आयेगी और इस क्षेत्र में अशांति बढ़ेगी।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुतरस ने कहा है कि येरुशलम महत्वपूर्ण मुद्दा है और इसे सीधी बातचीत के ज़रिए हल किया जाना चाहिए।

फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा है कि अमरीका शांति प्रयासों में मध्यस्थता की भूमिका से भागना चाहता है।

इस्लामी गुट हमास के प्रमुख इस्माइल हनीयेह ने कहा है कि फिलिस्तीन की जनता इस साजिश को कामयाब नहीं होने देगी।

तुर्की ने इस फैसले को गैर जिम्मेदाराना बताया है। सऊदी अरब, ब्रिटेन, फ्रांस, यूरोपीय संघ, चीन, रूस, मिस्र, जॉर्डन, ईरान और कतर ने भी अमरीका के फैसले की निंदा की है।

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने कल आपात बैठक बुलाई है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतरस बैठक को संबोधित कर सकते हैं।

अमेरिकी प्रतिनिधिसभा ने रोहिंग्या के प्रति हिंसात्‍मक रवैया अपनाने के खिलाफ निंदा प्रस्‍ताव पारित किया

अमरीका में प्रतिनिधि सभा ने रोहिंग्या समुदाय के खिलाफ जातीय हिंसा की निंदा करते हुए प्रस्ताव पारित किया है और म्यांमार के रखाइन सूबे में तुरंत मानवीय सहायता बहाल करने का आग्रह किया है।

प्रस्ताव में म्यांमार सेना और सुरक्षाबलों की बर्बर कार्रवाई की निंदा की गई है और तुरंत हिंसा रोकने को कहा गया है। म्यांमार की स्टेट काउंसलर आंग सान सू ची से देश को नैतिक नेतृत्व प्रदान करने का आग्रह किया गया है।

बाली में ज्वालामुखी से राख निकलना कम हुआ, उड़ानें बहाल हुईं

बाली के माउंट आगुंग ज्वालामुखी से जलवाष्प निकलने के कारण राख का निकलना कम होने के बाद उड़ानें बहाल हो गयी हैं। सप्ताहांत पर बाली के लिए अपनी उड़ाने रद्द करने वाली ऑस्ट्रेलियाई एयरलाइन्स ने अपनी सेवायें फिर से बहाल कर दी हैं।

इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने कहा कि ज्वालामुखी अपने उच्चतम अलर्ट पर है, लेकिन बाली का ज्यादातर हिस्सा पर्यटकों के लिए सुरक्षित है। ज्वालामुखी से कुछ दिशाओं में अब भी 10 किलोमीटर के क्षेत्र में लोगों की आवाजाही को बंद रखा गया है। 55,000 से ज्यादा लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं।

एयरलाइन्स जेटस्टार और वर्जिन ऑस्ट्रेलिया ने सप्ताहांत पर अपनी उड़ानें रद्द कर दी थीं, लेकिन वह अपनी सेवाएं बहाल कर रहे हैं।

श्रीलंका ने लिट्टे युद्ध के दौरान सेना छोड़ने वाले दो हजार से अधिक सैनिकों को गिरफ्तार किया

श्रीलंका ने लिट्टे युद्ध के दौरान सेना छोड़ने वाले दो हजार से अधिक सैनिकों को गिरफ्तार किया।

श्रीलंका की सेना ने एल टी टी ई के साथ संघर्ष के दौरान सेना छोड़ने वाले और पिछले महीने आम माफी कार्यक्रम के दौरान समर्पण नहीं करने वाले दो हजार से अधिक पूर्व सैन्‍यकर्मियों को गिरफ्तार किया है।

श्रीलंका सेना के प्रवक्‍ता ब्रिगेडियर रोशन सेनेवीरत्‍ने ने बताया कि माफी की समयसीमा खत्‍म होने के बाद दो हजार 19 पूर्व सैन्‍यकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है।

विजय माल्‍या के प्रत्‍यर्पण की सुनवाई लंदन की अदालत में शुरू

भारत में नौ हजार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी विजय माल्या के प्रत्यर्पण की सुनवाई कल ब्रिटेन में लंदन की अदालत में शुरू हुई।

अभियोजन पक्ष ने कहा कि शराब कारोबारी माल्या को धोखाधड़ी के मामले का जवाब देना है।

भारत सरकार की ओर से ब्रिटेन की शाही अभियोजन सेवा ने मामले पर बहस की शुरुआत की। अभियोजन पक्ष का कहना था कि अब सुनवाई अगले चरण की ओर बढ़नी चाहिए कि क्या प्रत्यर्पण में कोई बाधा है?

नाइजीरिया: बोको हरम आत्‍मघाती हमलावरों ने बियू में 13 लोगों की हत्‍या कर दी

नाइजीरिया में संदिग्‍ध बोको हरम आत्‍मघाती हमलावरों ने बार्नों प्रांत के उत्‍तर पूर्वी कस्बे बियू में एक हमले में 13 लोगों की हत्‍या कर दी और 53 को घायल कर दिया। इस हमले में दो हमलावर भी मारे गए।

अधिकारियों ने कहा कि हमला उस समय किया गया, जब सहायता कर्मी आठ वर्ष से बोको हरम संघर्ष से पीड़ित लोगों में भोजन के पैकेट बाँट कर रहे थे।

कल के हमले में बोको हरम का हॉलमार्क देखा गया जो आत्‍मघाती हमले करता है और जिनमें अक्सर महिलाएं और लड़कियां हमलों को अंजाम देती हैं, जो भीड़ वाले सार्वजनिक स्‍थलों पर हमले करती हैं।

यमन के पूर्व राष्ट्रपति अली सालेह की सऊदी गठबंधन को समझौते की पेशकश

यमन के पूर्व राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह ने सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ समझौते की पेशकश की है।

उन्होंने कहा कि सऊदी गठबंधन यमन पर हमले बंद कर दे तो वह उसके साथ नया अध्याय शुरू करने के लिए तैयार हैं।

सऊदी गठबंधन ने राष्ट्रपति अब्द-रब्बू मंसूर हादी को हाउती विद्रोहियों द्वारा सत्ता छोड़कर भागने के लिए मजबूर करने के बाद 2015 में यमन में दखल दिया।

सालेह ने यह पेशकश ऐसे समय की है, जब उनके समर्थकों ने राजधानी सना में चौथे दिन हाउती लड़ाकों के साथ युद्ध किया।

इजरायल ने सीरिया के सैनिक ठिकाने पर मिसाइलें दागीं

इजरायल ने दमिश्क के नजदीक सीरिया के सैनिक ठिकाने पर मिसाइलें दागीं, जबकि सीरिया की हवाई सुरक्षा प्रणाली ने जवाबी कार्रवाई करके इजरायल की दो मिसाइलों को मार गिराया।

सीरिया के सरकारी टेलीविजन के मुताबिक, इजरायल ने सैनिक ठिकाने पर सतह से सतह पर मार करने वाली कई मिसाइलें दागीं। इससे काफी नुकसान हुआ।

हालांकि, इजरायली सेना के प्रवक्ता ने इस बारे में टिप्पणी करने से मना कर दिया।