विदेश

नेपाल में संसदीय और प्रांतीय चुनावों में वाम गठबंधन जीत की ओर

नेपाल में संसदीय और प्रांतीय चुनावों में वामपंथी गठबंधन बढ़त बनाये हुए है। संसद की 165 सीटों के लिए हुए चुनाव में वामपंथी गठबंधन ने अब तक घोषित 48 में से 39 सीटें जीत ली हैं और 75 पर बढ़त बनाये हुए हैं।

सीपीएन एमाले ने 28 सीटें जीती है, जबकि उसकी सहयोगी सीपीएन माओवादी केंद्र को 11 स्‍थान मिले हैं। पिछले चुनाव में सबसे अधिक सीटे जीतने वाली नेपाली कांग्रेस सिर्फ 6 सीट ही हासिल कर पाई है।

पूर्व प्रधानमंत्री और सीपीएन एमाले उम्‍मीदवार माधव कुमार नेपाल काठमांडू दो संसदीय चुनाव से जीत गए हैं।

संघीय समाजवादी फोरम-नेपाल के अध्‍यक्ष उपेन्‍द्र यादव सत्‍तरी दो क्षेत्र से विजयी हुए हैं । राज्‍य वि‍धानसभाओं की 330 में से 72 सीटों के परि‍णाम भी घोषित हो चुके हैं। वामगठबंधन को 58, नेपाली कांग्रेस को 9 तथा अन्‍य दलों को 5 स्‍थानों पर जीत मिली है।

भारत वासेनार व्यवस्था में शामिल

भारत, शस्त्र निर्यात नियंत्रण की अंतर्राष्ट्रीय वासेनार व्यवस्था में शामिल हो गया है। इस सदस्यता से भारत के रक्षा और अंतरिक्ष कार्यक्रमों के लिए उन्नत प्रौद्योगिकी हासिल करने में मदद मिल सकेगी।

भारत इस व्यवस्था का 42वां सदस्य देश बना है। भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सदस्‍य देशों के समर्थन के लिए आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि यह सदस्यता पिछले वर्ष मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था में शामिल होने के बाद भारत के लिए एक और राजनयिक सफलता है।

भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इसमें भारत का शामिल होना परस्पर लाभकारी साबित होगा तथा अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा और परमाणु अप्रसार का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी। परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर न होने के बावजूद व्यवस्था में भारत के शामिल होने से परमाणु अप्रसार क्षेत्र में इसका योगदान बढ़ेगा।

येरुशलम पर अमरीकी फैसले के बाद इस्राइल में हिंसा और विरोध प्रदर्शन

येरुशलम को इस्राइल की राजधानी घोषित करने के अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प के फैसले के बाद भड़की हिंसा में कल फलस्तीनी रॉकेट हमलों और इस्राइली हवाई हमलों में कम से कम दो लोग मारे गए।

अमरीका इस घोषणा के बाद अलग-थलग पड़ गया है।

सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में अमरीका के कई समर्थक देशों ने ट्रम्प के फैसले की कड़ी आलोचना की।

नेपाल में संसदीय और प्रांतीय चुनाव में वामपंथी गठबंधन को मिली बढ़त

नेपाल के संसदीय और प्रांतीय चुनाव की मतगणना में वाम गठबंधन बढ़त बनाये हुए है। अब तक 17 परिणाम मिले हैं, जिसमें वाम गठबंधन ने संसद के निचले सदन की 14 सीटों पर जीत दर्ज की है।

कम्‍युनिस्‍ट पार्टी ऑफ नेपाल-ऐमालय ने प्रतिनिधि सभा की 11 सीटें जीत ली हैं और 51 पर आगे चल रही है। गठबंधन की सहयोगी कम्‍युनिस्‍ट पार्टी ऑफ नेपाल माओवादी केन्‍द्र को तीन सीटें मिली हैं और उसने 26 पर बढ़त बना रखी है।

सत्‍तारूढ़ नेपाली कांग्रेस महज़ दो सीट जीत पाई है और 20 स्‍थानों पर आगे चल रही है।

मधेस के दो प्रमुख दल संघीय समाजवादी फोरम नेपाल आठ सीटों पर और राष्‍ट्रीय जनता पार्टी नेपाल सात पर आगे है।

प्रांतीय विधानसभाओं में वाम गठबंधन 25 सीट जीत चुका है और 75 पर आगे है। जबकि नेपाली कांग्रेस को तीन स्‍थानों पर सफलता मिली है और आठ पर वे आगे चल रही है। अन्‍य दलों ने तीन सीटें जीती हैं, आठ पर आगे है।

येरूशलम विवाद: अमरीका ने इस्राइल से नरम रूख अपनाने को कहा

अमरीका ने येरूशलम को इस्राइल की राजधानी के रूप में मान्‍यता देने के बाद इस्राइल से नरम रूख अपनाने को कहा है। वह इस फैसले से अमरीकी सुविधाओं और लोगों पर पड़ने वाले असर का मूल्‍यांकन भी कर रहा है।

अमरीका के विदेश विभाग ने कल तेलअवीव में अमरीकी दूतावास के अधिकारियों को एक पत्र में कहा था कि वे इस्राइल के अधिकारियों को यह बता दें कि वे इस मुद्दे पर अधिकृत प्रतिक्रिया करने से बचें।

पत्र में ये भी कहा गया है कि अमरीका को उम्‍मीद है कि इस खबर का पश्चिम एशिया और विश्‍व में प्रतिरोध हो सकता है।

नेपाल में संसद और प्रांतीय विधानसभा चुनावों के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान शुरू

नेपाल-भारत सीमा सील कर दी गई है और दोनों देशों के सुरक्षाकर्मी सीमाई इलाकों में संयुक्त गश्त लगा रहे हैं।

आखिरी दौर में 4482 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। 1 करोड़ 22 लाख से अधिक मतदाताओं के लिए 15344 मतदान केन्द्र बनाए गये हैं।

नेपाल की राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी और प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने लोगों से पूरे उत्साह के साथ मतदान में भाग लेने की अपील की है।

इस ऐतिहासिक चुनाव को नेपाल में लोकतांत्रिक संघवाद की दिशा में एक अंतिम कदम माना जा रहा है।

उम्मीद है कि इन चुनाव के बाद इस हिमालयी राष्ट्र में बहुप्रतिष्ठित राजनीतिक स्थिरता कायम होगी।

अमरीका ने येरुशलम को इस्राइल की राजधानी के रूप में मान्यता दी

अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने येरुशलम को इस्राइल की राजधानी के रूप में मान्यता दे दी है और तेल अवीव स्थित अमरीकी दूतावास को येरूशलम ले जाने की घोषणा की है।

कल रात राष्ट्रपति कार्यालय से टेलीविजन पर संबोधन में उन्होंने विदेश विभाग से कहा कि वह येरुशलम में अमरीकी दूतावास के निर्माण की प्रक्रिया तत्काल शुरू करे।

अमरीकी राष्ट्रपति ने इस्राइल-फिलिस्तीन संघर्ष के समाधान के लिए दो राष्ट्र के सिद्धांत पर प्रतिबद्धता दोहराई।

इस्राइल के प्रधानमंत्री बेन्याएमिन नेतन्याहू ने इसे ऐतिहासिक, साहसिक और न्यायोचित कदम बताया है। नेतन्याहू ने वायदा किया कि येरुशलम के अति संवेदनशील पवित्र स्थानों की यथास्थिति में कोई परिवर्तन नहीं होगा।

अमरीका की यह घोषणा उसकी दशकों पुरानी नीति और अंतरराष्ट्रीय सहमति के खिलाफ है।

विश्व नेताओं ने चेतावनी दी है कि इससे शांति प्रयासों में बाधा आयेगी और इस क्षेत्र में अशांति बढ़ेगी।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुतरस ने कहा है कि येरुशलम महत्वपूर्ण मुद्दा है और इसे सीधी बातचीत के ज़रिए हल किया जाना चाहिए।

फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने कहा है कि अमरीका शांति प्रयासों में मध्यस्थता की भूमिका से भागना चाहता है।

इस्लामी गुट हमास के प्रमुख इस्माइल हनीयेह ने कहा है कि फिलिस्तीन की जनता इस साजिश को कामयाब नहीं होने देगी।

तुर्की ने इस फैसले को गैर जिम्मेदाराना बताया है। सऊदी अरब, ब्रिटेन, फ्रांस, यूरोपीय संघ, चीन, रूस, मिस्र, जॉर्डन, ईरान और कतर ने भी अमरीका के फैसले की निंदा की है।

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने कल आपात बैठक बुलाई है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतरस बैठक को संबोधित कर सकते हैं।

अमेरिकी प्रतिनिधिसभा ने रोहिंग्या के प्रति हिंसात्‍मक रवैया अपनाने के खिलाफ निंदा प्रस्‍ताव पारित किया

अमरीका में प्रतिनिधि सभा ने रोहिंग्या समुदाय के खिलाफ जातीय हिंसा की निंदा करते हुए प्रस्ताव पारित किया है और म्यांमार के रखाइन सूबे में तुरंत मानवीय सहायता बहाल करने का आग्रह किया है।

प्रस्ताव में म्यांमार सेना और सुरक्षाबलों की बर्बर कार्रवाई की निंदा की गई है और तुरंत हिंसा रोकने को कहा गया है। म्यांमार की स्टेट काउंसलर आंग सान सू ची से देश को नैतिक नेतृत्व प्रदान करने का आग्रह किया गया है।

बाली में ज्वालामुखी से राख निकलना कम हुआ, उड़ानें बहाल हुईं

बाली के माउंट आगुंग ज्वालामुखी से जलवाष्प निकलने के कारण राख का निकलना कम होने के बाद उड़ानें बहाल हो गयी हैं। सप्ताहांत पर बाली के लिए अपनी उड़ाने रद्द करने वाली ऑस्ट्रेलियाई एयरलाइन्स ने अपनी सेवायें फिर से बहाल कर दी हैं।

इंडोनेशिया की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने कहा कि ज्वालामुखी अपने उच्चतम अलर्ट पर है, लेकिन बाली का ज्यादातर हिस्सा पर्यटकों के लिए सुरक्षित है। ज्वालामुखी से कुछ दिशाओं में अब भी 10 किलोमीटर के क्षेत्र में लोगों की आवाजाही को बंद रखा गया है। 55,000 से ज्यादा लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं।

एयरलाइन्स जेटस्टार और वर्जिन ऑस्ट्रेलिया ने सप्ताहांत पर अपनी उड़ानें रद्द कर दी थीं, लेकिन वह अपनी सेवाएं बहाल कर रहे हैं।

श्रीलंका ने लिट्टे युद्ध के दौरान सेना छोड़ने वाले दो हजार से अधिक सैनिकों को गिरफ्तार किया

श्रीलंका ने लिट्टे युद्ध के दौरान सेना छोड़ने वाले दो हजार से अधिक सैनिकों को गिरफ्तार किया।

श्रीलंका की सेना ने एल टी टी ई के साथ संघर्ष के दौरान सेना छोड़ने वाले और पिछले महीने आम माफी कार्यक्रम के दौरान समर्पण नहीं करने वाले दो हजार से अधिक पूर्व सैन्‍यकर्मियों को गिरफ्तार किया है।

श्रीलंका सेना के प्रवक्‍ता ब्रिगेडियर रोशन सेनेवीरत्‍ने ने बताया कि माफी की समयसीमा खत्‍म होने के बाद दो हजार 19 पूर्व सैन्‍यकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है।