विदेश

चीन के एक मंदिर में बुद्ध के अवशेष मिलने का दावा

चीन में एक 1000 साल पुराना बॉक्स मिला है। पुरातत्वविदों का दावा है कि इस बक्से में भगवान बुद्ध के अवशेष हैं। ये बक्सा नानजिंग में एक मंदिर में मिला है।

बताया जा रहा है कि इस बक्से के भीतर बुद्ध के सिर और हड्डी के अवशेष हैं।

लाइव साइंस के मुताबिक, बक्से के भीतर भगवान बुद्ध के अवशेष हैं और ये बक्सा चंदन, चांदी और सोने से बना है।

बताया जा रहा है कि दो बौद्ध भीक्षुओं ने 20 साल से अधिक समय तक 2000 से अधिक अवशेषों को इकट्ठा कर चीन में नानजिंग के मंदिर में 1013 में दफन कर दिया।

पाकिस्तान के सीजफायर उल्लंघन के बाद क्रास एलओसी ट्रेड बंद

पाकिस्तान को ओर से शुक्रवार सुबह किए गए युद्ध विराम के उल्लंघन के बाद एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले क्रॉस एलओसी व्यापार को बंद कर दिया गया है।

शुक्रवार तड़के से पाकिस्तानी सेना द्वारा नियंत्रण रेखा पर स्थित देगवार सेक्टर में संघर्ष विराम उल्लंघन किया गया तथा भीषण गोलाबारी की गई। जिसका असर एक बार फिर से स्थानीय स्कूलों एवं क्रॉस एलओसी व्यापार पर पड़ा। जहां एक तरफ स्कूल बंद रहे, वहीं ट्रेड भी पूरी तरह बंद रहा और नियंत्रण रेखा स्थित चक्कां दा बाग प्वाइंट के गेट नहीं खोले गए।

बता दें कि इससे पहले भी गोलीबारी की वजह से 5 महीने तक दोनों देशों के बीच व्यापार बंद था जो शुक्रवार को हुई गोलाबारी के बाद दोबारा बंद कर दिया गया है।

ईरान-इराक में भूकंप के जोरदार झटके, 400 से ज्यादा की मौत, कई घायल

ईरान-इराक की पहाड़ी सीमा पर 7.3 की तीव्रता का जोरदार भूकंप आया है। भूकंप आने से 400 से अधिक लोगों की मौत हो गयी, जबकि 6700 लोग घायल हो गये हैं। भूकंप के कारण हुए भू-स्खलन से बचाव कार्यों में बाधा आ रही है।

भूकंप की स्थिति को संभालने के लिए स्थापित ईरानी सरकार की आपदा इकाई के उपप्रमुख बेहनम सैदी ने सरकारी टेलीविजन को पहले बताया कि 400 से अधिक लोग मारे गए हैं और 6700 अन्य घायल हो गए।

इराक की सीमा में छह अन्य लोगों के मारे जाने की भी खबर है।

ईरान के करमानशाह प्रांत के डिप्टी गवर्नर मोजतबा निक्केरदर ने कहा, हम तीन आपात राहत शिविर स्थापित करने की तैयारी कर रहे हैं। यू एस जी एस ने बताया कि भूकंप हलबजा से 30 किलोमीटर दूर दक्षिण-पश्चिम में कल रात करीब 9 बजकर 20 मिनट पर आया।

भूकंप के मद्देनजर अधिकारियों ने ईरान के करमानशाह और इलम प्रांतों में विद्यालयों को बंद करने की घोषणा की है। भूकंप में ईरान के 20 से अधिक गांव नष्ट हो गए हैं। बिजली और पानी आपूर्ति बाधित है। ईरान की आपातकाल विभाग की टीमें हेलीकॉप्टर के जरिए भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की बुनियादी जरूरतें पूरी करने में मदद कर रही हैं।

ईरान-इराक बॉर्डर के पास का इलाका संवदेनशील माना जाता है। 2003 में 6.6 तीव्रता के भूंकप से ऐतिहासिक शहर बाम तबाह हो गया था और 26 हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे।

सऊदी अरब और लेबनान के बीच कभी भी युद्ध हो सकता है

लेबनान और सऊदी अरब के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए हैं।

प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा देने वाले लेबनान के पूर्व प्रधानमंत्री साद अल-हरीरी इस वक़्त सऊदी अरब में हैं।  उन्होंने जल्द स्वदेश लौटने की बात कही है। अपने एक इंटरव्यू में हरीरी ने कहा कि वो आजाद हैं और जल्द लेबनान लौटेंगे।

हरीरी का यह इंटरव्यू लेबनानी राष्ट्रपति के मिशेल औउन के उस बयान के कुछ घंटे के बाद सामने आया है, जिसमें हरीरी को रियाद में नजरबंद रखने की बात कही गई थी।

आपको बाता दें कि लेबनान के प्रधानमंत्री हरीरी सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हैं। पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद अब तक स्वदेश नहीं लौटे हैं।

लेबनान ने सऊदी अरब पर हरीरी को अगवा करने का आरोप लगाया है। जबकि सऊदी अरब का कहना है कि हरीरी ने अपने सहयोगी लेबनानी संगठन हिजबुल्ला से जान को खतरा के चलते इस्तीफा दिया है।

अमेरिका और फ्रांस ने लेबनान की संप्रभुता और स्थिरता के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया है।

लेबनान के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रपति मिशेल औउन ने अपने राजदूतों से कहा कि हरीरी का अपहरण किया गया है। उन्हें राजनयिक छूट मिलनी चाहिए।

औउन ने सऊदी अरब से पूछा है कि अपने इस्तीफे की घोषणा के बाद से हरीरी अब तक क्यों नहीं लौटे? इस तरह के संकेत भी मिले हैं कि मिशेल ने हरीरी का इस्तीफा अभी तक स्वीकार नहीं किया है।

हरीरी की पार्टी फ्यूचर मूवमेंट ने भी कहा है कि वह पूरी तरह उनके साथ है। परिजनों और सहयोगी के संपर्क करने पर हरीरी ने कहा कि वह ठीक हैं। स्वदेश लौटने के बारे में उन्होंने कहा कि यह ईश्वर की इच्छा पर है।

भारत में धार्मिक आजादी को बढ़ावा देने के लिए अमेरिका 3 करोड़ देगा

भारत में धार्मिक आजादी को बढ़ावा देने के लिए अमेरिका ने करीब पांच लाख डॉलर (करीब 3.24 करोड़ रुपये) का अनुदान देने का ऐलान किया है। अमेरिकी विदेशी मंत्रालय ने इसके लिए गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) से आवेदन मांगे हैं।

आवेदन के साथ भारत में धार्मिक हिंसा और भेदभाव कम करने के लिए पूर्व चेतावनी प्रणाली विकसित करने का प्रस्ताव मांगा गया है। श्रीलंका के लिए भी इसी तरह के अनुदान की घोषणा की गई है।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के लोकतंत्र, मानवाधिकार और श्रम ब्यूरो की इस संबध में जारी सूचना में कहा गया है कि 493,827 डॉलर के कार्यक्रम का मकसद भारत में धार्मिक हिंसा और भेदभाव को कम करना है। आवेदकों से कार्यक्रम की सफलता के लिए आपत्तिजनक संदेशों से मुकाबले के लिए सकारात्मक संदेशों के विचार देने को कहा गया है।

इसके अलावा उन्हें धार्मिक स्वतंत्रता खासकर धार्मिक अल्पसंख्यकों की कानूनी सुरक्षा को लेकर सिविल सोसायटी और पत्रकारों को शिक्षित करने का प्रस्ताव भी देने को कहा गया है। आवेदनों की जांच के बाद भारत और श्रीलंका के लिए अनुदान पाने वालों की घोषणा की जाएगी।

कोलकाता-खुलना के बीच बंधन एक्सप्रेस शुरू, मोदी-हसीना ने हरी झंडी दिखाई

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कोलकाता और बांग्लादेश के खुलना के बीच बंधन एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि कुछ समय पहले हमने साउथ एशिया सैटलाइट के लॉन्च के समय इसी प्रकार वीडियो कॉन्फ्रेंस की थी।

पीएम मोदी ने कहा कि आज हमने दो रेल पुलों का भी उद्घाटन किया है। करीब 10 करोड़ डॉलर की लागत से बने ये पुल बांग्लादेश के रेल नेटवर्क को मजबूत करने में सहायक होंगे। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के विकास कार्यों में विश्वस्त साझेदार होना भारत के लिए गर्व का विषय है।

पीएम मोदी ने कहा कि विकास और कनेक्टीविटी दोनों एक साथ जुड़े हुए हैं। हम दोनों देशों के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक जुड़ाव को मजबूत करने की दिशा में आज कुछ और कदम उठाए हैं। खासकर पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के लोगों के बीच आवाजाही और संपर्क बेहतर होगा।

इससे पहले बांग्लादेश की राजधानी ढाका और पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के बीच मैत्री एक्सप्रेस ट्रेन पहले से ही चल रही है। अब बंधन एक्सप्रेस के शुरू होने से दोनों देशों के बीच नजदीकियां बढ़ेगी। पीएम मोदी ने कहा कि विकास औऱ संपर्क एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, पड़ोसी देशों के नेताओं के साथ संबंध पड़ोसियों जैसे ही होने चाहिए।

चीन की साजिश: ब्रह्मपुत्र नदी की धार मोड़ने से भारत में पड़ सकता है सूखा

चीन ब्रह्मपुत्र नदी की धारा मोड़ने के लिए एक हजार किलोमीटर लम्बी सुरंग बनाने की योजना पर विचार कर रहा है। अगर ये बांध बना तो ये दुनिया का सबसे लम्बा बांध होगा।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, चीन ब्रह्मपुत्र की धारा को तिब्बत से अपने शिनजियांग प्रांत की तरफ मोड़ना चाहता है। चीन के शिनजियांग प्रांत में पानी की कमी रहती है। चीन में ब्रह्मपुत्र नदी को यारलंग सांगपो कहते हैं। तिब्बत से निकलने वाली ये नदी भारत के पूर्वोत्तर से होते हुए बांग्लादेश में बंगाल की खाड़ी में गिरती है।

अगर चीन ये सुरंग बनाता है तो ब्रह्मपुत्र के बहाव में बदलाव आएगा जिसका नतीजा यह होगा कि बहुत से इलाकों में जल संकट हो सकता है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सुरंग बनाने से बड़ी मात्रा में नदी का पानी पहले जमा होगा जिससे बाढ़ की आशंका भी बढ़ सकती है।

चीनी अखबार चीन मार्निंग पोस्ट में छपी खबर के अनुसार, ब्रह्मपुत्र के रास्ते में सुरंग बनाने का योजना उच्च स्तरीय अधिकारियों को दे दी गयी जिन्हें मार्च 2018 तक अपनी राय देनी है। इस सुरंग के बनने से तिब्बत और पूर्वोत्तर भारत के पारिस्थितिकी को भी क्षति पहुंच सकती है। ये सुरंग चीन को काफी महंगी भी पड़ेगी।

चीनी अखबार में छपी रिपोर्ट के अनुसार, एक चीनी विशेषज्ञ ने अनुमान जताया है कि इस सुरंग को बनाने में 15 करोड़ डॉलर प्रति किलोमीटर का खर्च आएगा। यानी पूरी सुरंग बनाने में करीब 150 अरब डॉलर खर्च होंगे।

अतीत में भारत द्वारा जताई चिंता पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन ने आश्वस्त किया था कि वो तिब्बत में झांगमु पर कोई बांध नहीं बना रहा है।

चीन ने कहा था कि वो केवल एक पनबिजली परियोजना के लिए बांध बना रहा है जिससे भारत जाने वाला नदी का पानी प्रभावित नहीं होगा। अगर चीन ये सुरंग बनाता है तो जाहिर तौर पर इसका प्रभाव नदी की धारा पर पड़ना तय है।

स्पेन ने कैटेलोनिया का सीधा नियंत्रण अपने हाथों में लिया

स्पेन ने कैटेलोनिया का सीधा नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया है और रात में आधिकारिक गजट में विशेष उपायों को ऑनलाइन प्रकाशित कर क्षेत्र की अलगाववादी सरकार को बर्खास्त कर दिया है।

कैटेलोनिया के अलगाववादी सांसदों ने शुक्रवार को स्वतंत्रता की अधिघोषणा पारित की थी जिसके बाद स्पेन सरकार ने शनिवार को यह कदम उठाया है।

स्पेन के प्रधानमंत्री मारियानो राजोय ने क्षेत्रीय संसद को भंग कर दिया है और 21 दिसंबर को नए क्षेत्रीय चुनाव का आह्ववाहन किया है।

कैटेलोनियाई राष्ट्रपति कार्ल्स पुइग्डेमोंट की जगह अब पूर्वोत्तर क्षेत्र में मारियानो राजोय शीर्ष निर्णयकर्ता बन गए हैं। पुइग्डेमोंट और कातालूनीया कैबिनेट के 12 सदस्यों को अब भुगतान नहीं किया जाएगा और यदि वे निर्देशों को मानने से इनकार करते हैं तो उन पर दूसरों का दायित्व हड़पने का आरोप लगाया जा सकता है।

कैटेलोनिया के शीर्ष अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई जवाब नहीं आया है। बर्खास्त किए गए कैटेलोनिया के क्षेत्रीय पुलिस निदेशक ही अब तक एकमात्र ऐसे अधिकारी हैं जिन्होंने बयान जारी किया है और कहा है कि वह निर्देशों का पालन करेंगे।

उल्लेखनीय है कि कैटेलोनिया की संसद ने शुक्रवार को स्पेन से आजादी और खुद के एक गणराज्य के तौर पर अस्तित्व में आने की घोषणा करते हुए इससे जुड़े प्रस्ताव को पारित किया था। आजादी की घोषणा वाले प्रस्ताव के पक्ष में 70 वोट आए, जबकि विपक्ष में 10 वोट पड़े थे। दो सदस्य मतदान से अनुपस्थित थे।

कैटेलोनिया की 135 सदस्यीय संसद में मतदान से पहले विपक्षी सांसद वाकआउट कर गए। विपक्षी सदस्यों का कहना था कि इस घोषणा को स्पेन और विदेश से आधिकारिक मान्यता मिलने की संभावना नहीं है।

बता दें, स्पेन के दूसरे सबसे बड़े राज्य कैटेलोनिया में हिंसा के बीच हुए जनमत संग्रह में 90 प्रतिशत लोगों ने स्पेन से अलग होने के लिए वोट किया था। 75 लाख की आबादी वाले राज्य में लगभग 40 प्रतिशत लोगों ने जनमत संग्रह में भाग लिया। यहां 53 लाख रजिस्टर्ड वोटर्स हैं।

कैटेलोनिया सरकार के प्रवक्ता जोर्डी टुरुल ने बताया कि लगभग 22 लाख मतों की गणना की गई, जिसमें करीब 20 लाख मत स्पेन से अलग होने के पक्ष में पड़े।

नेपाल में सड़क हादसा: बस नदी में गिरने से 31 की मौत

नेपाल के धादिड़ जिले में शनिवार को यात्रियों से खचाखच भरी एक बस के दुर्घटनाग्रस्त होकर नदी में गिर जाने के कारण कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक भारतीय महिला भी शामिल है।

धादिड़ के पुलिस अधीक्षक ध्रुब राज राउत ने बताया कि काठमांडो से करीब 70 किलोमीटर पश्चिम में घाटबेसी मोड पर बस सुबह करीब पांच बजे दुर्घटनाग्रस्त होकर त्रिशुली नदी में जा गिरी।

नेपाल सेना के जवानों सहित सुरक्षा बलों और सशस्त्र बलों के जवानों ने पृथ्वी राजमार्ग से लगे दुघर्टनास्थल से नदी से 16 घायल यात्रियों को बाहर निकाला।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बचाव टीम अब तक 31 शवों को निकाल चुकी है और अन्य लापता यात्रियों की तलाश की जा रही है।

पुलिस ने बताया कि सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है, लेकिन इनमें से गंभीर रूप से घायल दो यात्रियों को इलाज के लिए काठमांडो ले जाया गया है।

पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक खबरों के मुताबिक, खराब दृश्यता के कारण एक मोड़ पर तेज रफ्तार बस पर नियंत्रण पाने में चालक के असफल रहने के कारण हादसा हुआ।

पुलिस ने बताया कि बस में 52 यात्री यात्रा कर रहे थे।  पुलिस ने शनिवार को हुए हादसे के लिए प्रथम दृष्टया खराब दृश्यता को जिम्मेदार माना है।

स्पेन से अलग होकर नया देश बना कैटेलोनिया

कैटेलोनिया की संसद ने आज स्पेन से आजादी और खुद के एक गणराज्य के तौर पर अस्तित्व में आने की घोषणा करते हुए इससे जुड़े प्रस्ताव को पारित कर दिया। आजादी की घोषणा वाले प्रस्ताव के पक्ष में 70 वोट आए, जबकि विपक्ष में 10 वोट पड़े। दो सदस्य मतदान से अनुपस्थित रहे।

कैटेलोनिया की 135 सदस्यीय संसद में मतदान से पहले विपक्षी सांसद वाकआउट कर गए।

विपक्षी सदस्यों का कहना था कि इस घोषणा को स्पेन और विदेश से आधिकारिक मान्यता मिलने की संभावना नहीं है।

बता दें, स्पेन के दूसरे सबसे बड़े राज्य कैटेलोनिया में हिंसा के बीच हुए जनमत संग्रह में 90 प्रतिशत लोगों ने स्पेन से अलग होने के लिए वोट किया था। 75 लाख की आबादी वाले राज्य में लगभग 40 प्रतिशत लोगों ने जनमत संग्रह में भाग लिया। यहां 53 लाख रजिस्टर्ड वोटर्स हैं।

कैटेलोनिया सरकार के प्रवक्ता जोर्डी टुरुल ने बताया कि लगभग 22 लाख मतों की गणना की गई, जिसमें करीब 20 लाख मत स्पेन से अलग होने के पक्ष में पड़े।

स्पेन में साल 2015 के चुनाव में कैटेलोनिया अलगाववादियों को जीत मिली थी। इस चुनाव के दौरान ही इन्होंने कैटेलोनिया को आजाद कराने के लिए जनमत संग्रह कराने का वादा किया था।

साल 1977 में तानाशाही से उबरने के बाद से यह स्पेन में सबसे बड़ा राजनीतिक संकट माना जा रहा था।

हालांकि स्पेन के नेतृत्व ने इस जनमत संग्रह को खारिज कर दिया था। दूसरी तरफ अदालतों ने भी इसे रोकने को कहा था। इस मसले को लेकर स्पेन पुलिस ने कैटेलोनिया के कई अधिकारियों को गिरफ्तार किया था।