भारत

अटल बिहारी वाजपेयी की हालत स्थिर है: एम्स

भारत पूर्व प्रधानमंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता अटल बिहारी वाजपेयी को नियमित जांच के लिए सोमवार को एम्स में भर्ती कराया गया है। जिसके बाद आज उनका मेडिकल बुलेटिन जारी किया गया। बुलेटिन में बताया गया कि आज उनके डिस्चार्ज होने की संभावना कम है।

मेडिकल बुलेटिन जारी करते हुए एम्स के डॉक्टर ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत स्थिर है। उन्हें एंटी बायोटिक्स दिये जा रहे हैं और वे इलाज के दौरान प्रतिक्रिया दे रहे हैं। जब तक इन्फेक्शन नियंत्रित नहीं कर लिया जाता, तब तक वे अस्पताल में ही भर्ती रहेंगे।

इससे पहले वाजपेयी का हाल जानने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेता एम्स पहुंचे। 93 वर्षीय वाजपेयी की हालत स्थिर बताई जा रही है।

लाइव: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ओबीसी सम्मेलन को संबोधित किया

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प्रधानमंत्री को दिल्ली के लोगों के लिए किए जा रहे जनहित के कार्यों में बाधा नहीं डालनी चाहिए: केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री को दिल्ली के लोगों के लिए किए जा रहे जनहित के कार्यों में बाधा नहीं डालनी चाहिए।

देखें: नागपुर में आरएसएस कार्यक्रम में प्रणव मुखर्जी का पूर्ण भाषण

नागपुर में आरएसएस कार्यक्रम में प्रणव मुखर्जी का पूर्ण भाषण देखें। प्रणव मुखर्जी ने आरएसएस के मंच से आरएसएस को आईना दिखाया और नसीयत दी, लेकिन सवाल उठता है कि क्या आरएसएस को प्रणव मुखर्जी की नसीयत याद रहेगी? क्या आरएसएस प्रणव मुखर्जी की नसीयत पर चलेगी? आने वाले वक्त में यह देखने वाली बात होगी।

प्रणब मुखर्जी ने आरएसएस को नसीयत देते हुए कहा - हिंदू, मुसलमान, सिख मिलकर ही राष्ट्र बनाते हैं

आरएसएस तृतीय वर्ष ऑफिसर्स ट्रेनिंग कैंप के समापन पर आज गुरुवार को भारत के पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया। संघ के भारी उत्‍साह और कांग्रेस के अंदर खलबली के बीच प्रणब ने अपना भाषण जारी रखा। आइए, आपको बताते हैं प्रणब मुखर्जी की वो मुख्य बातें जो उन्होंने आरएसएस के मंच से कहीं।

भारत के पूर्व राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा
- मैं राष्ट्र, राष्ट्रवाद और देशभक्ति पर बोलने आया हूँ।
- देशभक्ति में देश के सारे लोगों का योगदान है।
- देशभक्ति का मतलब देश के प्रति आस्था है।
- भारत में आने वाले सभी लोग इसके प्रभाव में आए।
- मैं भारत के बारे में बात करने आया हूँ।
- हिन्दुस्तान एक स्वतंत्र समाज है।
- सबने कहा है कि हिन्दू धर्म एक उदार धर्म है।
- राष्ट्रवाद किसी भी देश की पहचान है।
- भारत के दरवाजे सबके लिए खुले हैं।
- भारतीय राष्ट्रवाद में एक वैश्विक भावना रही है।
- हम एकता की ताकत को समझते हैं।
- विविधता हमारी सबसे बड़ी ताकत है।
- सहिष्णुता हमारी सबसे बड़ी पहचान है।
- 1800 साल पहले भारत दुनिया में शिक्षा का केंद्र रहा।
- इसी साल चाणक्य ने अर्थशास्त्र की रचना की।
- कई शासकों के राज के बाद हमारी संस्कृति सुरक्षित रही।
- अगर हम भेदभाव, नफरत करें तो पहचान को खतरा है।
- हिंदू, मुसलमान, सिख मिलकर ही राष्ट्र बनाते हैं।
- संविधान से राष्ट्रवाद की भावना बहती है।
- राष्ट्रवाद को किसी धर्म, भाषा और जाति से बांधा नहीं जा सकता।
- विविधता और टॉलरेंस में ही भारत बसता है।
- 50 साल में मैंने यही सीखा है।
- भारत में 7 धर्म, 122 भाषाएं, 600 बोलियां इसके बावजूद 130 करोड़ की पहचान भारतीय।
- सिर्फ एक धर्म, एक भाषा भारत की पहचान नहीं है।
- हिंसा और गुस्सा छोड़कर हम शांति के रास्ते पर चलें।
- आज गुस्सा बढ़ रहा है, हर दिन हिंसा की खबर आ रही है।
- आर्थिक प्रगति के बाद भी हैप्पीनेस में हम पिछड़े।

नागपुर में आरएसएस कार्यक्रम में प्रणब मुखर्जी ने कहा, अगर हम भेदभाव और नफरत करें तो देश को खतरा है

भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी नागपुर के आरएसएस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शरीक होने गुरूवार को पहुंचे। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भारत की संस्कृति और उसकी पहचान की विशेषता का उल्लेख करते हुए कई महत्वपूर्ण बातें कही।

उन्होंने कहा कि मैं यहां पर राष्ट्र, राष्ट्रवाद और देशभक्ति पर बोलने आया हूँ। उन्होंने कहा कि देश के लिए समर्पण ही देशभक्ति है। मुखर्जी ने कहा कि भारत खुला हुआ देश रहा है। भारत के दरवाजे पहले से खुले हुए हैं।

इससे पहले, वे गुरूवार को आरएसएस संस्थापक हेडगेवार के जन्मस्थली गए और उनकी तस्वीर पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस मौके पर मुखर्जी ने वीजिटर्स बुक में हेडगेवार को महान सपूत बताते हुए लिखा- मैं यहां पर भारत के महान सपूत को नमन करने आया हूँ। उनके इस दौरे और उनके वहां दिए जानेवाले भाषण पर देशभर की खास नज़र बनी हुई है।

इससे पहले प्रणब मुखर्जी की पुत्री और कांग्रेस नेता शर्मिष्ठा मुखर्जी ने बुधवार को कहा कि उनके पिता बीजेपी और संघ परिवार को फ़र्ज़ी स्टोरीज प्लांट करने का एक मौका दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की तस्वीरों का इस्तेमाल फर्जी कहानियां बनाने में किया जा सकता है। शर्मिष्ठा ने ट्वीटर पर कहा, उनके भाषण भुला दिए जाएंगे, लेकिन तस्वीर बनी रहेगी। उन्होंने यह उम्मीद जताई कि पूर्व राष्ट्रपति इस बात को समझेंगे। साथ ही, उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद के नतीजों से भी आगाह किया।

प्रणब मुखर्जी ने कहा, आज गुस्सा बढ़ रहा है। हर दिन हिंसा की ख़बर आ रही है। हिंसा, गुस्सा छोड़कर हम सब शांति के रास्ते पर चलें।

प्रणब मुखर्जी ने कहा, विविधता और टॉलरेंस में ही भारत बसता है। सिर्फ एक धर्म एक भाषा भारत की पहचान नहीं। पचास सालों में यहीं मैंने सीखा है।

भेदभाव और नफरत करेंगे तो हमारी पहचान को ख़तरा होगा। अलग भाषा, धर्म और रंग भारत की पहचान है : प्रणब मुखर्जी

प्रणब मुखर्जी ने कहा, विविधता में एकता भारत को ख़ास बनाता है। मैं राष्ट्र, राष्ट्रवाद और देशभक्ति पर बोलने आया हूँ। हमारी राष्ट्रीय पहचान विविधता में एकता से है। भारत का राष्ट्रवाद वसुधैव कुटम्बकम से प्रभावित है।

आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने कहा, संघ सबको जोड़नेवाला संगठन है। सबकी माता भारत माता है। सबके जीवन पर भारतीय संस्कृति का प्रभाव है। भारत में जन्मा हर व्यक्ति भारत पुत्र है। प्रणब मुखर्जी के आने पर विवाद ठीक नहीं है।

आरएसएस चीफ मोहन भागवत ने कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रणब मुखर्जी का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह वार्षिक कार्यक्रम है और इसको लेकर विवाद निर्थक है।

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने ट्वीट करते हुए कहा, आरएसएस मुख्यालय में प्रणब मुखर्जी की तस्वीर देखकर कांग्रेस के लाखों कार्यकर्ता और जो लोग अनेकता में एकता में विश्वास करते हैं, वे सभी गुस्से में हैं।

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी नागपुर में आरएसएस संस्थापक के बी हेडगेवार के घर गए। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने विजिटर्स बुक में लिखा- मैं यहां पर भारत के महान सपूत को नमन करने आया हूँ।

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा, मैं यह सुनिश्चित करता हूँ कि प्रणब मुखर्जी नागरपुर में ऐसा कुछ नहीं बोलेंगे जो राष्ट्र के खिलाफ हो। वास्तव में वह जो कुछ भी कहेंगे, वह राष्ट्रहित में होगा। उनके आरएसएस कार्यक्रम में शामिल होने के मैं खिलाफ नहीं हूँ। वह जहां पर चाहे जाने को स्वतंत्र हैं।

निपाह वायरस प्रकोप के बीच अलर्ट पर भारत का राज्य केरल

दक्षिणी भारतीय राज्य केरल को पिछले हफ्तों में निपाह वायरस से संक्रमित कम से कम 17 लोगों की मौत के बाद "सर्वकालिक चेतावनी" पर रखा गया है।

केरल के स्वास्थ्य मंत्री के के शैलाजा ने सोमवार को कहा कि राज्य संक्रामक बीमारी को रोकने के लिए "सर्वकालिक चेतावनी" पर है जो आगे बढ़ने से इंसानों के बीच तीव्र श्वसन समस्याओं या घातक मस्तिष्क की सूजन का कारण बनता है।

वह कहती हैं, "अधिकारियों ने यह पुष्टि करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं कि निपाह के कारण अधिक जिंदगी गुम नहीं हुई है।"

स्वास्थ्य और सरकारी अधिकारियों ने कहा है कि वायरल प्रकोप के परिणामस्वरूप दक्षिणी राज्य में अपने घरों में 2,37 9 लोगों की संगरोध हुई है।

केरल के मलाबार क्षेत्र में 2,000 से अधिक लोग चिकित्सा अवलोकन के अधीन हैं, अनिश्चित है कि वे इस बीमारी से संक्रमित हैं या नहीं।

जिन लोगों को संक्रमित व्यक्तियों के साथ कोई संपर्क था, उन्हें सूची में शामिल किया गया है।

स्वास्थ्य सेवाओं के राज्य के निदेशक आर एल सरिथा ने सोमवार को कहा कि 1 जून से कोई नया मामला दर्ज नहीं हुआ है।

सरिथा ने कहा, "निवारक उपायों को अधिक दक्षता के साथ लागू किया गया है। घबराने की कोई जरूरत नहीं है।"

माना जाता है कि निपाह वायरस जानवरों से मनुष्यों तक फैलता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, फल चमगादड़ रोग के प्राकृतिक मेजबान हैं।

भारत के नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ विरोलॉजी (विषाणु विज्ञान के राष्ट्रीय संस्थान) के विशेषज्ञों ने कहा कि वे भी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।

खतरे की घंटी बज उठी

बीमारी के फैलने और इसके प्रसार के जोखिम ने राज्य के मलाबार क्षेत्र के चार सबसे प्रभावित जिलों में लोगों के बीच खतरे की घंटी बजाई है।

कोझिकोड जिले के कोइलांडी तालुक अस्पताल में सर्जन डॉ अजाज अली ने कहा कि चूंकि बीमारी की खबर फ़ैल गई है, इसलिए कई मरीजों ने अस्पताल आने से बचना शुरू कर दिया है।

"यहां हर दिन 1,200 से ज्यादा लोग आ रहे थे, और अब यह 200 से नीचे हो गया है। निपाह जोखिम के कारण सभी भीड़ से डरते हैं।''

निपाह से संक्रमित मरीजों के लिए अलगाव वार्ड कोझिकोड मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्थापित किया गया है।

इस बीमारी ने राज्य अधिकारियों को स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने और मालाबार में परीक्षा स्थगित करने के लिए मजबूर कर दिया है।

जिला अधिकारियों ने भी लोगों से सावधानी पूर्वक उपाय के रूप में भीड़ वाले क्षेत्रों से दूर रहने के लिए कहा है। कुछ क्षेत्रों में जिला अदालतों ने अस्थायी रूप से संचालन को निलंबित कर दिया है।

व्यवसाय प्रभावित

बीमारी के फैलने से लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है क्योंकि कारोबार बंद हो गया है। पिछले कुछ हफ्तों में उपज, मांस और मछली बेचने वाले रेस्तरां और दुकानों में बिक्री गिर गई है।

कोझिकोड जिले के एक बस कंडक्टर राजीव ने कहा, "बस स्टैंड खाली हैं। लोग यात्रा से परहेज कर रहे हैं। वे घर पर रहते हैं और यात्रा करते समय सुरक्षात्मक मास्क का उपयोग करते हैं।"

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और कतर ने केरल से ताजा और जमे हुए सब्जियों और फलों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। प्रकोप नियंत्रित होने तक प्रतिबंध जारी रहेगा।

बहरीन और कतर ने अपने नागरिकों और निवासियों से आग्रह किया कि महामारी नियंत्रण में आने तक केरल यात्रा करने से बचें।

केरल के अनुमानित 1.6 मिलियन प्रवासियों ने संयुक्त अरब अमीरात, कतर और बहरीन में भारतीय समुदाय का बहुमत बनाया है।

स्रोत का पता लगाना

भारत में स्वास्थ्य प्राधिकरणों ने कहा कि उनके पास यह सुझाव देने के लिए कोई सबूत नहीं है कि केरल में निपाह वायरस फल चमगादड़ द्वारा प्रसारित किया गया था। जैसा पहले माना गया था।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज के अधिकारियों ने कहा कि ड्रॉपपिंग, सीरम और चमगादड़ के रक्त से एकत्र किए गए नमूने जाँच में निपाह वायरस के लिए नकारात्मक पाए गए हैं।

आखिरी निपाह प्रकोप 2001 और 2007 में भारत के पश्चिम बंगाल में रिपोर्ट किया गया था जिसमें 70 लोगों की मौत हुई थी। 1 99 8 से निपाह ने बांग्लादेश, मलेशिया, भारत और सिंगापुर में 260 से अधिक लोगों की हत्या कर दी है।

घातक वायरस का नाम मलेशिया में कम्पांग सुंगई निपाह गांव से मिला, जहां इसकी पहली सूचना मिली थी।

वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन ने कहा कि निपाह को फैलाने से रोकने के लिए टीका की अनुपस्थिति के बावजूद, हेपेटाइटिस सी संक्रमण के खिलाफ इस्तेमाल होने वाली एंटीवायरल दवा में रोगियों में बुखार और उल्टी को रोकने की क्षमता है।

स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक ने कहा कि केरल में दो पुष्टि किए गए मामले, जो अब इलाज में हैं, में भी हेपेटाइटिस सी संक्रमण के खिलाफ इस्तेमाल होने वाली एंटीवायरल दवा निपाह के नियंत्रण के लिए कारगर साबित हो रहा है।

इस बीच, भारत की राष्ट्रीय रोग नियंत्रण एजेंसी ने कहा कि देश के अन्य हिस्सों में निपाह का कोई भी मामला नहीं मिला है।

जम्मू-कश्मीर सेक्स स्कैंडल: 5 व्यक्तियों को 10 वर्ष की सज़ा सुनाई गई

भारत में सीबीआई की एक अदालत ने 2006 के जम्मू-कश्मीर सेक्स स्कैंडल मामले में सीमा सुरक्षा बल (बी एस एफ) के एक पूर्व डी आई जी सहित पांच व्यक्तियों को आज 10 वर्ष की सजा सुनायी। सजा विशेष सीबीआई न्यायाधीश गगनगीत कौर ने सुनायी।

जिन व्यक्तियों को सजा सुनायी गई है। उनमें बी एस एफ के पूर्व उप महानिरीक्षक (डी आई जी) के सी पाधी, जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपाधीक्षक मोहम्मद अशरफ मीर, मकसूद अहमद, शबीर अहमद लांगू और शबीर अहमद लावाय शामिल हैं।

अदालत ने इसके साथ ही के सी पाधी और मोहम्मद अशरफ मीर पर एक - एक लाख रूपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माने का भुगतान नहीं करने पर उन्हें एक वर्ष अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। अदालत ने इसके साथ ही मकसूद अहमद, शबीर अहमद लांगू और शबीर अहमद लावाय पर पचास - पचास हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया और यदि वे इसका भुगतान नहीं करते हैं तो उन्हें छह महीने अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने पांचों को 30 मई को मामले में दोषी करार दिया था।

अदालत ने दो दोषियों को बरी कर दिया था जिनमें जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन महाधिवक्ता शामिल थे। जम्मू-कश्मीर का सेक्स स्कैंडल 2006 में तब मीडिया में सुर्खियां बना था, जब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दो सीडी बरामद की थी जिसमें कश्मीरी नाबालिग लड़कियों का यौन उत्पीड़न करते दिखाया गया था। इन पांच व्यक्तियों को दंड संहिता की धारा 376 के तहत दोषी ठहराया गया।

मुख्य आरोपी सबीना और उसके पति अब्दुल हामिद बुल्ला जो कथित रूप से एक वेश्यालय चलाते थे, उनकी सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई। जांच के दौरान जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सेक्स स्कैंडल में कथित संलिप्तता के लिए 56 संदिग्धों की एक सूची तैयार की जिसमें कुछ हाई-प्रोफाइल लोग भी शामिल थे। मामला 2006 में तब सीबीआई को सौंप दिया गया था, जब इसमें कुछ मंत्रियों के भी नाम आये थे।

सुप्रीम कोर्ट ने उसी वर्ष बाद में इस मामले को चंडीगढ़ स्थानांतरित कर दिया था। जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 2009 में तब अपना इस्तीफा सौंप दिया था, जब एक विपक्षी नेता ने उन्हें इस मामले से जोड़ा था। जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल ने यद्यपि उनका इस्तीफा कबूल नहीं किया था।

राहुल गांधी ने कहा, मध्यप्रदेश में सत्ता में आने के 10 दिन के भीतर किसानों का कर्ज माफ कर दिया जाएगा

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि उनकी पार्टी के मध्यप्रदेश में सत्ता में आने के 10 दिन के भीतर किसानों का कर्ज माफ कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के मंदसौर में पिछले वर्ष के आंदोलन के दौरान गोलीबारी में किसानों के मारे जाने के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने मंदसौर जिले के पिपलियामंडी में किसान गोलीकांड की बरसी पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए यह महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी तथा मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार में आने पर राज्य का नक्शा बदल देगी।

राहुल गांधी ने कहा कि राज्य के प्रत्येक जिले में फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री लगायी जाएगी। इससे यह लाभ होगा कि किसान अपनी फसल या उत्पाद इस तरह की इंडस्ट्री में ले जाएंगे और इससे किसानों को और अधिक आर्थिक लाभ मिल सकेगा। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मध्यप्रदेश में कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया किसान समेत सभी के हित में कार्य करेंगे। हमारी पार्टी जो वादा करेगी, वो पूरा करेगी। हम 'पंद्रह लाख रूपयों' की तरह झूठे वादे नहीं करेंगे।

इस अवसर पर कमलनाथ, सिंधिया के अलावा वरिष्ठ नेता विवेक तन्खा, सुरेश पचौरी, दिग्विजय सिंह, अरुण यादव, कांतिलाल भूरिया और अन्य नेता भी मौजूद थे। राज्य में पिछले पंद्रह सालों से कांग्रेस सत्ता से बाहर है। केंद्रीय नेतृत्व ने हाल ही में कमलनाथ को अरुण यादव के स्थान पर प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सौंपी है। सिंधिया को चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।

राहुल गांधी ने मंदसौर में पिछले साल पुलिस गोलीबारी में मारे गए किसानों के परिजन से मुलाकात के बाद कहा कि वह अपनों को खोने का दर्द महसूस कर सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना को एक साल बीत गया, लेकिन जांच आयोग की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है।

मंदसौर में किसानों पर गोलीबारी की पहली बरसी पर 'किसान समृद्धि संकल्प रैली को संबोधित करने से पहले गांधी ने ट्वीट किया, ''मंदसौर गोलीकांड के एक साल बाद भी जाँच आयोग की रिपोर्ट नहीं आई है। शहीद किसानों के परिवार न्याय का इंतज़ार कर रहे हैं।'' उन्होंने कहा, ''अपने परिजनों को खोने का दर्द मैं जानता हूँ। आज पीड़ित परिवारों के साथ कुछ पल बिताकर उनका दर्द बाँटने की कोशिश की।''

गौरतलब है कि पिछले साल मंदसौर में पुलिस गोलीबारी में छह किसानों की मौत हो गई थी।

जम्मू-कश्मीर: बांदीपुरा के हाजिन में इंडियन आर्मी पोस्ट और पुलिस स्टेशन पर आतंकी हमला

भारत में जम्मू-कश्मीर के बांदीपुरा जिले में एक बार फिर से आतंकियों ने हमला किया। जम्मू-कश्मीर के बांदीपुरा के हाजिन इलाके में इंडियन आर्मी के पोस्ट को निशाना बनाकर मंगलवार की शाम को आतंकियों ने हमला किया।

समाचार एजेंसी ए एन आई के मुताबिक, करीब चार से छह की संख्या में आतंकियों ने आर्मी कैम्प पर दोनों तरफ से हमला किया। आतंकियों ने 13वीं राष्ट्रीय रायफल्स और हाजिन पुलिस स्टेशन पर यह हमला किया है।

ख़बरों के मुताबिक, आतंकियों ने करीब आठ राउंड फायरिंग की है और पुलिसकर्मियों और सेना पर ग्रेनेड लांचर्स से हमला किया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह आत्मघाती हमला नहीं था और इसका जोरदार तरीके से जवाब दिया गया है। उन्होंने आगे बताया कि पूरे इलाके को घेर लिया गया है और ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है।

ऐसा कहा जा रहा है कि आर्मी पोस्ट और पुलिस स्टेशन दोनों ही सुरक्षित है।

इससे पहले, मंगलवार की शाम को आतंकियों ने उत्तरी कश्मीर के हरवान इलाके में सेना की गाड़ी को निशाना बनाकर आई ई डी विस्फोट किया। इस घटना में गाड़ी को काफी नुकसान हुआ, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। यह घटना सोपोर से करीब 20 किलोमीटर दूर हरवान यम्बरजाल वारी में हुई जो 22वीं राष्ट्रीय रायफल्स की गाड़ी थी। इस हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली।