भारत

कर्नाटक में गिरी भाजपा की सरकार, येदियुरप्पा ने इस्तीफा दिया

कर्नाटक में भाजपा की सरकार गिर गई। विधानसभा में अपने भाषण के दौरान सी एम येदियुरप्पा ने पूर्व की सिद्धारमैया सरकार पर हमला करते हुए इस्तीफा का ऐलान कर दिया।

बता दें कि राज्यपाल ने येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए 15 दिनों का वक्त दिया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान आज शाम 4 बजे बहुमत परीक्षण करने का निर्देश दिया।

हालांकि बहुमत परीक्षण साबित करने की नौबत नहीं आई और येदियुरप्पा सरकार ने इस्तीफा दे दिया।

केंद्र सरकार ने विधायक आनंद सिंह को पकड़ रखा है : गुलाम नबी आजाद

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कर्नाटक में राजनैतिक गतिविधियाँ तेज हो गई है। शीर्ष कोर्ट के आदेश के अनुसार बीजेपी के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा को शनिवार शाम 4 बजे बहुमत साबित करना होगा।

इस बीच जे डी एस और कांग्रेस अपने विधायकों को बचाने में लगी है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार ने विधायक आनंद सिंह को पकड़ रखा है। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हमें यह मालूम है, किस मंत्री के द्वारा उन्हें फोन किया गया, बुलाया गया और बाद में पकड़ कर रखा गया।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कनार्टक की राजधानी बेंगलुरु में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि कोर्ट ने बीजेपी तथा राज्यपाल की मनमानी को रोका है। न्यायालय के इस फैसले से देश में लोकतंत्र बचेगा और संविधान को खत्म करने की मनमानी थमेगी।

उन्होंने कहा कि हम शीर्ष कोर्ट के फैसले को सलाम करते हैं और उसका स्वागत करते है। बीजेपी की चमड़ी बहुत मोटी है। कोर्ट की फटकार का उस पर कोई असर नहीं पड़ता है। बीजेपी वाले बार-बार वही गलती दोहरते हैं जिसके लिए उन्हें फटकार लगती है।

बिहार में आरजेडी, गोवा-मणिपुर में कांग्रेस ने सरकार बनाने का दावा पेश किया

कर्नाटक की तर्ज पर बिहार, गोवा और मणिपुर के सबसे बड़े दलों ने सरकार बनाने का दावा पेश किया है। बिहार में तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आर जे डी और कांग्रेस ने राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया।

वहीं कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने मणिपुर के कार्यवाहक राज्यपाल जगदीश मुखी से मुलाकात कर राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया।

इसके अलावा कांग्रेस ने गोवा में सरकार बनाने का दावा पेश किया और राज्यपाल मृदुला सिन्हा को पत्र सौंपकर सदन में बहुमत साबित करने का न्योता देने की मांग की।

बिहार में राज्यपाल से मुलाकात के बाद तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि हमने राज्यपाल को 111 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा है। अगर महागठबंधन को सरकार बनाने का मौका दिया जाएगा तो वे सदन में बहुमत साबित कर देंगे।

उन्होंने कहा कि उनके साथ के सहयोगी विधायक पलटू राम नही है।

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया और कहा कि बिहार में राज्यपाल के निर्णय का इंतजार करेंगे। इसके बाद आगे की रणनीति तय करेंगे।

कांग्रेस के गोवा प्रभारी चेल्ला कुमार के साथ 13 विधायकों ने राज्यपाल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मांग की कि 'राज्य में सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते कांग्रेस को सरकार बनाने का मौका दें। जरूरत पड़ी तो राजभवन में विधायकों की परेड भी कराएंगे।'

पिछले साल मणिपुर के चुनाव में किसी दल को बहुमत नहीं मिला था। विधानसभा की कुल 60 सीटों में से कांग्रेस को 28, भाजपा को 21 सीटें मिलीं। राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने भाजपा को सरकार बनाने का मौका दिया। बीजेपी को बहुमत साबित करने के लिए 10 विधायकों के समर्थन की जरूरत थी। उसे 4 नगा पीपुल्स फ्रंट (एन पी एफ), 4 नेशनल पीपुल्स पार्टी, 1 लोक जनशक्ति पार्टी, 1 टी एम सी और 1 कांग्रेस विधायक ने सपोर्ट किया।

बिहार: तेजस्‍वी यादव ने राज्‍यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया

कर्नाटक में बी एस येदुरप्पा के मुख्यमंत्री पद का शपथ लेने के बाद बिहार में भी सियासत तेज हो गई है। बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव ने राज्‍यपाल से मिलकर कर्नाटक की तर्ज पर बिहार में भी सबसे बड़ी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल को सरकार बनाने का मौका देने की अपील की।

राष्ट्रीय जनता दल ने कर्नाटक के मुद्दे पर शुक्रवार को बिहार की राजधानी पटना सहित पूरे राज्य में धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया है। इस बाबत नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव के आवास पर बैठक भी हुई।

बिहार के राज्यपाल से मुलाकात के बाद तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि हमने राज्यपाल को 111 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा है। अगर महागठबंधन को सरकार बनाने का मौका दिया जाएगा तो वे सदन में बहुमत साबित कर देंगे।

उन्होंने कहा कि उनके साथ के सहयोगी विधायक पलटू राम नही है।

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया और कहा कि बिहार में राज्यपाल के निर्णय का इंतजार करेंगे। इसके बाद आगे की रणनीति तय करेंगे।

मीडिया से बातचीत के दौरान उनके साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कौकब कादरी, हम के राष्ट्रीय प्रवक्ता दानिश रिजवान, तेजप्रताप तांडव, शिवचंद्र राम सहित कई नेता मौजूद थे।

कर्नाटक: सुप्रीम कोर्ट ने येदियुरप्पा सरकार से शनिवार 4 बजे तक बहुमत साबित करने को कहा

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने कनार्टक विधानसभा में शनिवार को चार बजे शक्ति परीक्षण कराने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति ए के सिकरी, न्यायमूर्ति एस ए बोबडे और न्यायमूर्ति अशोक भूषण की पीठ ने कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन की याचिका पर यह अंतरिम आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य की भाजपा सरकार की गुप्त मतदान की केंद्र सरकार की मांग खारिज कर दी।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सबसे पहले विधानसभा का अस्थायी अध्यक्ष (प्रो-टेम स्पीकर) नियुक्त किया जायेगा। कल चार बजे से पहले सभी विधायकों को शपथ दिलायी जाएगी और चार बजे शक्ति परीक्षण होगा। विश्वास मत की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी नहीं करायी जायेगी।

शीर्ष अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस दौरान बी एस येदियुरप्पा सरकार न तो कोई नीतिगत फैसला लेगी और न ही एंग्लो-इंडियन व्यक्ति को विधानसभा में सदस्य मनोनीत करेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को सभी विधायकों को सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया है। शीर्ष अदालत ने बहुमत के लिए जरूरी विधायकों के नहीं होने के बावजूद किसी एकल बड़ी पार्टी को राज्यपाल द्वारा आमंत्रित किये जाने के मुद्दे पर 10 सप्ताह बाद सुनवाई करने का फैसला लिया है।

कांग्रेस के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रेस से बात करते हुए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक करार दिया।

कर्नाटक के बीजेपी महासचिव शोभा करांदलजे ने कहा कि पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत किया है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के करीबी करांदलजे ने कहा, ''बहुमत परीक्षण के लिए तैयार हैं और कल अपनी शक्ति परीक्षण करेंगे।''

सुप्रीम कोर्ट ने बीएस येदियुरप्पा से कहा कि वह शनिवार को कर्नाटक विधानसभा में 4 बजे अपना बहुमत साबित करें।

मुकुल रोहतगी ने कांग्रेस और जे डी एस विधायकों के राज्य से बाहर होने का तर्क देते हुए बहुमत परीक्षण सोमवार को कराए जाने की बात कही। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बहुमत शनिवार को 2 बजे साबित करें।

बीजेपी की तरफ से कोर्ट में पक्ष रख रहे मुकुल रोहतगी ने फौरन फ्लोर टेस्ट कराने जाने पर सवाल उठाते हुए उचित समय दिए जाने की मांग की। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि समय सीमा निर्धारण के ऐसे कई पूर्व उदाहरण हैं।

कांग्रेस-जे डी एस ने कहा कि सदन में शक्ति परीक्षण से पहले एंग्लो-इंडियन समुदाय के सदस्य को विधायक के तौर पर नहीं चुना जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने यही बात राज्यपाल से कही।

सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने फ्लोर टेस्ट के लिए एक अंतरिम विधानसभा स्पीकर नियुक्त करने को कहा।

कर्नाटक सरकार की तरफ से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि राज्यपाल को कांग्रेस-जे डी एस की तरफ से दस्तखत किए गए पत्र नहीं मिले।

सिंघवी ने कहा कि अगर कल सदन में बहुमत परीक्षण होता है तो कांग्रेस-जे डी एस विधायकों को सुरक्षा दी जाए। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के पुलिस महानिदेशक को सभी विधायकों को सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिया है।

कांग्रेस नेता और वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कर्नाटक विधानसभा में कल शक्ति परीक्षण की मांग की।

जस्टिस सीकरी ने कहा विधानसभा में शक्ति परीक्षण किया जाए और उसे फैसला करने दिया जाए। सवाल ये है कि सबसे पहले किसे मौका दिए जाए।

अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि येदियुरप्पा ने सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा चुनाव आयोग की तरफ से चुनाव नतीजे घोषित होने से पहले ही कर दिया गया।

कांग्रेस की तरफ से पक्ष रख रहे अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि इस बात सुप्रीम कोर्ट को ही फैसला करना चाहिए कि पहले किसे मौका दिया जाना चाहिए। कांग्रेस-जे डी एस गठबंधन को या  फिर बीजेपी को।

जस्टिस सीकरी ने सुझाव देते हुए कहा कि कर्नाटक विधानसभा में कल शक्ति परीक्षण हो। उन्होंने आगे कहा कि हम किसी को समय नहीं देते है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनाव बाद गठबंधन चुनाव पूर्व किए गए गठबंधन से बिल्कुल अलग होता है।

रोहतगी ने कोर्ट से कहा, कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के समर्थन वाले पत्र में सभी विधायकों ने नहीं किए थे दस्तखत।

जे डी एस और कांग्रेस के विधायक हैदराबाद पहुंचे। हिन्दुस्तान टाइम्स के सूत्रों के मुताबिक, विधायक वहां पर होटल पार्क हयात में ठहरेंगे।

कर्नाटक : राज्यपाल के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुँची कांग्रेस, रात में ही सुनवाई की माँग रखी

कर्नाटक के राज्यपाल वजूभाई वाला ने बुधवार को भाजपा विधायक दल के नेता बी एस येदियुरप्पा को राज्य में सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया। विधानसभा चुनाव में 78 सीट जीतने वाली कांग्रेस राज्यपाल के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची है।

सुप्रीम कोर्ट से कांग्रेस ने मांग की है कि इस मामले की रात में ही सुनवाई की जाए। यह जानकारी कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने पी टी आई से बात करते हुए दी। कांग्रेस ने इस मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की कमान अभिषेक मनु सिंघवी को दी है। अभिषेक मनु सिंघवी रात में सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार के पास पहुंचे हैं।

कांग्रेस गुरुवार सुबह होने वाले शपथग्रहण पर रोक लगाने की मांग की है। रजिस्ट्रार घर से सुप्रीम कोर्ट के लिए रवाना हुए। अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार के पास रात में ही मामले की सुनवाई की याचिका दायर की है।

इसके साथ ही कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ''हम उपलब्ध सभी संवैधानिक और कानूनी अधिकारों का उपयोग करेंगे। हम जनता की अदालत में जाएंगे।''

बता दें, सरकार बनाने के लिए राजभवन ने जारी पत्र में कहा है, ''मैं आपको (येदियुरप्पा को) सरकार बनाने के लिए और कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए आमंत्रित करता हूँ। राज्यपाल ने येदियुरप्पा से मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के 15 दिन के अंदर विश्वास मत हासिल करने को भी कहा। इसके जवाब में कांग्रेस ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कहा है कि वे जनता के अदालत में जाएंगे।''

कर्नाटक: कांग्रेस और जनता दल (सेक्यूलर) का आरोप, भाजपा हमारे विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रही है

कर्नाटक विधानसभा चुनाव का नतीजा सामने आने के बाद अब सरकार बनाने का पेंच फंसा हुआ है। अब सबकी निगाहें राज्यपाल वजुभाई वाला के फैसले पर टिकी हैं। उधर कांग्रेस के पूर्व सी एम सिद्धारमैया ने आज पार्टी के सभी निर्वाचित विधायकों की बैठक बुलाई है।

कांग्रेस और जनता दल (सेक्यूलर) ने आरोप लगाया है कि भाजपा हमारे विधायकों को तोड़ने की कोशिश कर रही है, लेकिन हमारे विधायक टूटेंगे नहीं। दूसरी तरफ आज भाजपा ने भी विधायक दल की बैठक बुलाई है और येदियुरप्पा आज सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।

उधर सिद्धारमैया के बैठक बुलाए जाने पर आज सुबह कांग्रेस के सभी निर्वाचित विधायक पार्टी दफ्तर पहुंच गए हैं। इस बैठक में कांग्रेस के महासचिव सांसद के सी वेणुगोपाल भी शामिल होंगे।

जब कांग्रेस से पूछा गया कि क्या विधायकों को कहीं और शिफ्ट किया जा सकता है। तो इस सवाल के जवाब में कांग्रेस नेता डी के शिवाकुमार ने कहा कि बिल्कुल, अपने विधायकों को बचाने का हमारे पास प्लान है।

उन्होंने कहा कि हमें पता है कि भाजपा हमारे विधायकों को लालच देगी। हरदिन दबाव बढ़ता जाएगा। लेकिन यह आसान नहीं होगा क्योंकि दो पार्टियों के पास मैजिक नंबर है।

जब ये बात सिद्धारमैया से पूछी गई तो उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सभी विधायक संपर्क में हैं। कोई भी गायब नहीं है। हम जरूर सरकार बनाएंगे।

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने भी कहा कि हमारी पार्टी से कोई भी कहीं नहीं जा रहा। भाजपा को जो करना है, करने दीजिए।

कांग्रेस विधायक अमरेगौडा लिंगननगौडा पाटिल बय्यपुर ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुझे भाजपा नेताओं ने फोन किया था। मुझसे कहा गया कि आप हमारे साथ आ जाओ, आपको मंत्री बना देंगे। लेकिन मैं कहीं जाने वाला नहीं हूँ। एच डी कुमारास्वामी हमारे मुख्यमंत्री होंगे।

वहीं जे डी एस नेता सरवाना ने कहा कि मुझे नहीं पता कि भाजपा हमारे विधायकों को क्या ऑफर कर रही है। लेकिन हमारे लोग साथ हैं। कोई भी हमारी पार्टी के लोगों को छू नहीं सकता।

जे डी एस नेता दानिश अली ने कहा, कांग्रेस और जे डी एस के पास जरूरी नंबर है। मुझे उम्मीद है कि राज्यपाल अपने संवैधानिक कर्तव्यों का पलने करते हुए एच डी कुमारास्वामी को बातचीत के लिए बुलाएंगे। अगर भाजपा राज्यपाल पर दबाव बनाएगी तो ये लोकतंत्र की हत्या होगी।

बताया जा रहा है कि येदियुरप्पा आज भाजपा विधायक दल के नेता चुने जाएंगे और सरकार बनाने का दावा भी पेश करेंगे।

भाजपा नेता के एस ईश्वरप्पा ने भी दावा किया है कि कर्नाटक में सरकार भाजपा ही बनाएगी। ईश्वरप्पा ने कहा कि 100 फीसदी भाजपा ही सरकार बनाएगी। इंतजार कीजिए और देखते रहिए। अभी तो कल ही रिजल्ट आया है। आगे देखते जाइए , क्या - क्या होता है।

इससे पहले सुबह से शाम तक मतों की गिनती में भारी उतार - चढ़ाव देखने को मिलता रहा। अंत में बीजेपी 104, कांग्रेस 78 और जे डी एस 38 सीट पर आकर रुक गए। दो सीटें अन्य के खाते में गई हैं।

नतीजों की तस्वीर साफ होती देख कांग्रेस ने हार को स्वीकारते हुए जे डी एस को समर्थन देने की घोषणा कर दी। साथ ही, कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री बनाने का ऐलान भी कर दिया। कुमारस्वामी ने भी सरकार बनाने के लिए कांग्रेस के समर्थन का स्वागत किया है। वहीं येदियुरप्पा ने भी सदन में बहुमत साबित करने का दावा किया है।

कांग्रेस और जे डी एस के नेताओं ने मंगलवार को यहां राज्यपाल वजुभाई वाला से मुलाकात की और कर्नाटक में जे डी एस के नेतृत्व वाली सरकार बनाने का दावा पेश किया। निर्वतमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद और मल्लिकार्जुन खड़गे ने जे डी एस के प्रदेश प्रमुख एच डी कुमारस्वामी समेत दोनों पार्टियों के नेताओं ने राज्यपाल से मुलाकात की और सरकार गठन के लिये मौका दिये जाने का अनुरोध किया।

राज्यपाल से बैठक के बाद कुमारस्वामी ने कहा कि चर्चा के बाद अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने हमारी पार्टी के अध्यक्ष को समर्थन देने का पत्र दिया .... अपनी पार्टी की तरफ से कांग्रेस नेताओं के साथ हमने राज्यपाल से कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने का अवसर देने का अनुरोध किया। दो निर्दलीय विधायकों का भी हमें समर्थन है।

जे डी एस नेता ने कहा कि राज्यपाल ने उन्हें बताया कि वह निर्वाचन आयोग से अधिकृत नतीजे आने के बाद इस पर फैसला लेंगे। कांग्रेस - जे डी एस के इस कदम की काट के लिये भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी एस येदियुरप्पा भी राज्यपाल से मिले और सरकार बनाने का दावा पेश किया।

सिद्धारमैया ने कहा कि अब तक घोषित नतीजों के मुताबिक हमारे आंकड़े ज्यादा हैं और हमने राज्यपाल के संज्ञान में भी यह बात डाल दी है । हमें उम्मीद है कि निर्वाचन आयोग से आधिकारिक जानकारी आने के बाद राज्यपाल कानूनी ढांचे के तहत फैसला लेंगे।

वाराणसी पुल हादसा: 18 लोगों की दर्दनाक की मौत, चार अधिकारी सस्पेंड

भारत में उत्तर प्रदेश के कैंट रेलवे स्टेशन के पास निर्माणाधीन फ्लाईओवर का एक हिस्सा मंगलवार शाम करीब 5: 20 बजे गिर पड़ा। उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त संजय कुमार ने वाराणसी में निर्माणाधीन पुल ढहने से अभी तक 18 लोगों की मौत की पुष्टि की है। एक महिला समेत 12 के शव निकाले जा चुके हैं। पुल की शटरिंग के लिए बने पिलर के नीचे रोडवेज बस, बोलेरो समेत कई दोपहिया वाहन दब गये।

पुलिस महानिदेशक ओ पी सिंह ने बताया कि आठ से 10 मोटरसाइकिल भी इसकी चपेट में आए हैं। अधिकारियों ने मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका जतायी है। एक दर्जन से अधिक घायलों को मंडलीय अस्पताल एवं बी एच यू के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। राहत कार्य में सेना के जवान व एन डी आर एफ की टीम लगी है।

प्रशासन ने पुल गिरने के कुछ घंटे बाद ही कार्रवाई करके चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। सस्पेंड होने वाले अधिकारियों में चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर एच सी तिवारी, प्रोजेक्ट मैनेजर के आर सूदन, सहायक अभियंता राजेश सिंह और अवर अभियंता लालचंद शामिल हैं।

भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुल हादसे पर शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फोन पर बात की और घायलों को हरसंभव मदद मुहैया कराने का निर्देश दिया।

योगी आदित्यनाथ ने हादसे में मृत लोगों के परिजनों को पांच लाख रुपये जबकि घायलों को दो-दो लाख रुपये की मदद देने का निर्देश दिया है। वहीं निर्माणाधीन फ्लाईओवर के गिरने के कारणों की जांच के लिए मुख्यमंत्री ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति के अध्यक्ष कृषि उत्पादन आयुक्त आर पी सिंह होंगे। समिति में जल निगम और सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने समिति से 48 घंटे में जांच रिपोर्ट मांगी है।

पहले से बने चौकाघाट फ्लाईओवर के विस्तारीकरण के तहत पिछले कई माह से कैंट-लहरतारा के बीच काम चल रहा है। फ्लाईओवर की सर्विस लेन से ही बनारस से इलाहाबाद, मिर्जापुर, सोनभद्र एवं भदोही जिलों के लिए बसों और सामान्य ट्रैफिक का आवागमन होता है। इससे पुल का निर्माण भी धीमा है। हादसे के समय जाम भी लगा था।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ घटनास्थल पर देर रात पहुंचे। सी एम ने पहले घटनास्थल पर जाकर चल रहे बचावकार्य का जायजा लिया। इसके बाद बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के ट्रामा सेंटर में भर्ती घायलों से मिलने गए।

योगी आदित्य नाथ ने वाराणसी में पुल गिरने के मामले में सेतु निगम के चीफ़ प्रोजेक्ट मैंनेजर एच सी तिवारी, प्रोजेक्ट मैनेजर राजेन्द्र सिंह और के आर सूडान को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही एक अन्य कर्मचारी लालचंद को भी सस्पेंड किया गया है। यह जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्विट कर के दी। इन अधिकारियों पर आरोप हैं कि निर्माण के दौरान उन्होंने सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया। सभी अधिकारियों को जल्द ही आरोप पत्र दिये जाएंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासन को युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य का निर्देश दिया है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के अलावा राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी को तत्काल मौके पर भेजा है।

राहत और बचाव कार्यों में एन डी आर एफ, पुलिस की कई टीमें जुटीं हैं। पुल की शटरिंग हटाने के लिए आधा दर्जन क्रेन भी पहुंच गईं हैं, लेकिन वजनी पिलर टस से मस नहीं हो पा रहे हैं। मौके पर जमा भारी भीड़ के कारण भी राहत और बचाव कार्य में बाधा आई। कैंट और लहरतारा की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर यातायात रोक दिये जाने के बाद भी सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गये हैं।

मंगलवार शाम कैंट रेलवे स्टेशन के पास जिस रोड पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर का एक हिस्सा गिरा है, वह कई जिलों को बनारस से जोड़ती है। इस रोड से ही भदोही, इलाहाबाद के अलावा मिर्जापुर, सोनभद्र होते मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के लिए वाहनों का आवागमन होता है। इनमें यात्री वाहनों के अलावा व्यावसायिक वाहन भी होते हैं।

वहीं राजघाट पुल से भारी वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित होने के बाद गाजीपुर, जौनपुर, आजमगढ़ से चंदौली, बिहार और झारखंड जाने वाले बड़े वाहन भी कैंट-लहरतारा रोड से हाईवे पहुंचते हैं। इस नाते इस रोड पर छोटे व बड़े वाहनों का हमेशा दबाव रहता है। यहां अमूमन जाम की स्थिति रहती है।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चौकाघाट फ्लाईओवर हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने इस घटना की सूचना मिलते ही ट्वीट किया। उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि ''मैं यहां योगी आदित्यनाथ सरकार सरकार से यह अपेक्षा करता हूँ कि वाराणसी के इस हादसे में वह केवल मुआवजा देकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं भागेगी। इस मामले में सरकार से पूरी ईमानदारी से जांच की भी अपेक्षा है। उम्मीद है कि सरकार ईमानदारी से इस हादसे की जांच करवायेगी।'' उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे लोग घटनास्थल पर बचाव दल का हर संभव सहयोग करें।

निर्माणाधीन लहरतारा फ्लाईओवर का बीम गिरते ही कैंट स्टेशन से लहरतारा तक अफरातफरी मच गई। हादसा करीब पांच बजे हुआ। डेढ़ घंटे बाद क्रेन पहुंची। क्रेन के सहारे बीम को हल्का सा उठाया गया। जानकारी के मुताबिक, बीम के नीचे दो ऑटो भी दब गये लेकिन उसमें बैठे लोग बाल-बाल बच गए। उन्हें मामूली चोट लगी थी। दो बाइक भी दब गईं लेकिन बाइक सवार बच गए। मामूली रूप से घायल व्यक्तियों का लहरतारा स्थित रेलवे के मंडलीय अस्पताल में इंलाज कराया गया है।

कर्नाटक चुनाव 2018 : किसी दल को स्पस्ट बहुमत नहीं, राज्यपाल पर टिकी निगाहें

कर्नाटक के चुनाव नतीजों में त्रिशंकु विधानसभा होने की संभावना के मद्देनजर कांग्रेस ने कहा कि वह राज्य में अगली सरकार के गठन में जे डी एस का समर्थन करेगी। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने गुलाम नबी आजाद सहित कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं के साथ एक बैठक के बाद कहा कि उनकी पार्टी सरकार बनाने में पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा की पार्टी जे डी एस का समर्थन करेगी।

हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कांग्रेस बाहर से समर्थन देगी, या सरकार में शामिल होगी। सरकार गठन का दावा पेश करने के लिए कांग्रेस और जे डी एस नेता एच डी कुमारस्वामी आज शाम राज्यपाल से मुलाकात करने वाले हैं।

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल शाम में राज्यपाल वजुभाई वाला से मिलेगा।

राज्य में कुल 222 सीटों पर मतदान हुआ था। कांग्रेस ने अब तक 43 पर जीत दर्ज की है, जबकि 34  सीटों पर वह आगे चल रही है। वहीं, जद (एस) ने 20 सीटों पर जीत हासिल की है और उसके उम्मीदवार 17 सीटों पर आगे चल रहे हैं। अब तक घोषित नतीजों और रूझानों को देखते हुए दोनों पार्टियां 115 सीटों के आंकड़े तक पहुंच सकती हैं। सरकार बनाने के लिए 112 सीटों की ही जरूरत है। जे डी एस को बी एस पी के  एक मात्र जीते उम्मीदवार का भी समर्थन मिलेगा।

वहीं, दूसरी ओर भाजपा ने 75 सीटों पर जीत दर्ज की है और 29 पर आगे चल रही है। ये आंकड़े उसे 104 सीटों के आसपास ले जाते दिख रहे हैं।

ऐसे राजनीति हालात में सभी की नजरें अब राज्य के राज्यपाल पर जा टिकी हैं। स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने की स्थिति में राज्यपाल की अहम भूमिका हो गई है। देखना दिलचस्प होगा कि वह सरकार बनाने का अवसर किसे देते हैं।

ऐसे मामलों में संवैधानिक स्थिति बिल्कुल स्पष्ट है। संविधान के अनुच्छेद 164 के अनुसार मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करेगा। ऐसे में राज्यपाल अपने विवेक से किसी की भी नियुक्ति कर सकता है। राज्यपाल ऐसे व्यक्ति को सरकार बनाने के लिए बुलाता है जिसे सदन में बहुमत मिलने की संभावना है। ऐसे में राज्यपाल अपनी समझ के अनुसार बहुमत हासिल करने के लिए किसी को बुला सकता है।

जहां तक बात सबसे बड़े दल को न्यौता देने की है तो संविधान में इसका कहीं उल्लेख नहीं है। संविधान में सिर्फ इतना उल्लेख है कि मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल करेगा। इस मामले में परंपराएं भी अलग-अलग तरह की रही हैं। सिर्फ बड़े दल को ही न्यौता दिया गया है ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। कभी सबसे बड़े दल को मौका दिया गया है तो कभी सबसे बड़े गठबंधन को मौका दिया गया है। कई बार छोटे दलों को भी मौका दिया गया है।

पिछले साल कांग्रेस के गोवा विधानसभा चुनाव में 17 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बावजूद राज्यपाल मृदुला सिन्हा ने पूर्व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी को सरकार बनाने का न्योता दिया था, जो सिर्फ 13 सीटें जीतकर आई है।

कांग्रेस का ऐलान: कांग्रेस कर्नाटक में जनता दल सेक्युलर की सरकार बनाने को तैयार

कांग्रेस ने जनता दल सेक्युलर को समर्थन देने का ऐलान किया। कांग्रेस ने जनता दल सेक्युलर को बाहर से समर्थन देने का ऐलान किया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि उन्होंने देवेगौड़ा और उनके बेटे एच डी कुमार स्वामी से फोन पर बातचीत की है। उम्मीद करते हैं कि हम साथ होंगे।

जनता दल सेक्युलर को बाहर से समर्थन देने के ऐलान के बाद राज्यपाल से मिलने पहुंचा कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल, लेकिन नहीं मिली एंट्री।

जनता दल सेक्युलर के नेता दानिश अली ने कहा, रिजल्ट के अनुसार हम बीजेपी को सत्ता से बाहर रखने के लिए सबकुछ कर रहे हैं। कांग्रेस ने समर्थन देने का ऐलान किया है और हमने उनकी बात मान ली है। शाम 5:30 बजे राज्यपाल से मिलने जाएंगे दोनों दलों के नेता।

कांग्रेस कर्नाटक में जनता दल सेक्युलर की सरकार बनाने को तैयार हो गई है। कांग्रेस ने कर्नाटक में जनता दल सेक्युलर की सरकार बनाने का ऐलान किया है।

इस चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पस्ट बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है। ऐसे में गठबंधन सरकार बनाना ही एकमात्र विकल्प है। बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन बहुमत के जादुई अंक 113 से बहुत पीछे रह गई है। ऐसे में कर्नाटक में बीजेपी सरकार बनती नहीं दिख रही है।

कांग्रेस के मास्टर स्ट्रोक के बाद कर्नाटक में जनता दल सेक्युलर की सरकार बनती दिख रही है।

भारत में कर्नाटक की 224 सीटों में से 222 सीटों पर हुई वोटिंग के बाद आज सुबह 8 बजे मतगणना शुरू हो गई। शुरुआती रुझानों में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर देखने को जरूर मिली, लेकिन इसके बाद बीजेपी बहुमत के आंकड़ें के नजदीक पहुंचती दिखी, लेकिन ऐसा हो नहीं सका और बीजेपी बहुमत के जादुई आंकड़े से पीछे रह गई।

इस समय बीजेपी 104 सीटों पर आगे चल रही है। कांग्रेस 77 सीटों पर आगे चल रही है। जनता दल सेक्युलर 37 सीटों पर आगे चल रही है और निर्दलीय 3 सीटों पर आगे चल रहे हैं।

भले ही इस चुनाव में कांग्रेस को बीजेपी से कम सीटें मिली हो, लेकिन वोट शेयर के मामले में कांग्रेस ने बीजेपी को पछाड़ दिया है। कांग्रेस को बीजेपी से ज्यादा वोट मिले हैं। कांग्रेस को 38 प्रतिशत वोट मिला है। बीजेपी को 36 प्रतिशत वोट मिला है। वहीं जनता दल सेक्युलर को 18 प्रतिशत वोट और निर्दलीयों को 8 प्रतिशत वोट मिले हैं।

कांग्रेस नेता मोहन प्रकाश ने ई वी एम पर भी सवाल उठाए। मोहन प्रकाश ने कहा कि मैं पहले दिन से ही कह रहा हूँ कि भारत में ऐसी कोई पार्टी नहीं है, जिसने ई वी एम पर सवाल न उठाए हों। जब सभी पार्टियां ई वी एम पर सवाल उठा रही हैं तो फिर बीजेपी को क्या दिक्कत है बैलट पेपर से वोटिंग कराने में।

कर्नाटक की 224 सदस्यीय विधानसभा की 222 सीटों पर 12 मई को मतदान हुआ था। आर आर नगर सीट पर चुनावी गड़बड़ी की शिकायत के चलते मतदान स्थगित कर दिया गया था। जयनगर सीट पर भाजपा उम्मीदवार के निधन के चलते मतदान टाल दिया गया था।