विदेश

पाकिस्तान ने 48 घंटे में दूसरी बार सीजफायर तोड़ा

पाकिस्तान ने बुधवार सुबह एक बार फिर एलओसी पर सीजफायर का उल्लंघन किया है। सुबह 5.30 बजे पुंछ जिले के मनकोट में पाकिस्तान की तरफ से भारतीय चौकियों पर गोलीबारी की गई है। बीएसएफ इसका मुंहतोड़ जवाब दे रही है।

पाकिस्तान की ओर से 48 घंटे में सीजफायर तोड़ने की यह दूसरी घटना है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, फिलहाल गोलीबारी जारी है। इस घटना में और जानकारी का इंतजार है।

सोमवार यानी 1 मई को भारतीय जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में सीमा पार से सीजफायर का उल्लंघन किया गया था। इसमें भारतीय सेना के दो जवान शहीद हो गए थे। शहीद होने वालों में एक जेओसी और बीएसएफ के हेड कांस्टेबल शामिल थे।

हमले पर भारतीय सेना ने आरोप लगाते हुए कहा था कि पाकिस्तान ने भारतीय सैनिकों के साथ बर्बरता भी की है।

बताया गया कि यह करतूत पाक की बॉर्डर एक्शन टीम ने की थी। भारतीय सेना ने कहा था, ''कृष्‍णा घाटी सेक्‍टर में नियंत्रण रेखा के निकट दो फॉरवर्ड पोस्‍ट्स पर पाकिस्‍तानी सेना की ओर से रॉकेट और मोर्टार फायरिंग की गई थी। साथ ही दो पोस्‍ट्स के बीच पैट्रोल ऑपरेटिंग पर बैट एक्‍शन भी किया गया था। पाकिस्‍तानी सेना ने कायरानापूर्ण रवैया दिखाते हुए हमारे दो जवानों के शवों को क्षत-विक्षत कर दिया था। पाकिस्‍तानी सेना का ऐसे नृशंस कृत्‍य का जल्‍द ही उचित जवाब दिया जाएगा।''

पाकिस्तान की ओर से फायरिंग में शहीद हुए नायब सूबेदार परमजीत सिंह का पार्थिव शरीर हेलिकॉप्टर से तरन-तारन लाया गया था, जहां उनके गांव में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सरकार की ओर से कोई भी अधिकारी या मंत्री मौजूद नहीं था। इससे पहले उनकी शव यात्रा रोककर उनके परिवार ने शव देखने की मांग उठाई थी।

एएनआई के मुताबिक, उनके परिवारीजनों ने कहा था, यह किसका शव है, ये ताबूत के पीछे है। हमें शव देखने क्यों नहीं दिया जा रहा है। बाद में समझाने पर उनके परिवारीजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए थे।

दूसरी ओर शहीद प्रेम सागर की बेटी ने पिता की शहादत के बदलने 50 सिरों की मांग की थी। उनकी बेटी सरोज ने कहा था, ''प्रशासन की ओर से पिता (प्रेम सागर) की मौत की कोई जानकारी नहीं दी गई। पिता की कुर्बानी के बदले 50 पाकिस्तानी सैनिकों के सिर चाहिए।''

भारतीय सैनिकों को मारने का खुद आर्मी चीफ बाजवा ने दिया था ऑर्डर

माना जा रहा है कि सोमवार (एक मई) को नियंत्रण रेखा (एलओसी) पार करके दो भारतीय सैनिकों की हत्या के बाद उनके शव को क्षत-विक्षत कर देने का बर्बर आदेश सीधे पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने दिए थे।

कमर जावेद बाजवा 30 अप्रैल को पाकिस्तान की हाजी पीर सैन्य चौकी के दौरे पर थे। भारतीय खुफिया एजेंसियों और सेना के सूत्रों ने बताया कि बाजवा ने इस दौरे के दौरान ही भारतीय सैनिकों के संग बर्बरता दिखाने का आदेश दिया था।

सूत्रों के अनुसार, स्थानीय पाक कमांडरों को 17 अप्रैल को भारतीय गोलाबारी में मारे गए सात से 10 पाकिस्तानी सैनिकों का बदला लेने के लिए जवाबी कार्रवाई करने का आदेश दिया गया था।

सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी एक्स कॉर्प्स के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल नदीम रजा ने इस जवाबी कार्रवाई के बाद एलओसी पर तनाव बढ़ने के प्रति आगाह किया था। रजा पाकिस्तानी सेना के कश्मीर मामलों के प्रमुख हैं। मुरी स्थित पाकिस्तानी 12 इनफैंट्री डिविजन के प्रमुख मेजर जनरल अजहर अब्बास भी जवाबी कार्रवाई को लेकर आशंकित थे। एलओसी के निकट स्थित इस डिविजन को ही गोलीबारी का शिकार होना पड़ा है।

एक भारतीय खुफिया अधिकारी ने बताया, ''उरी हमले के बाद एलओसी पार कर की गई कार्रवाई के बाद से ही सीमा पर स्थिति पूरी तरह शांत नहीं हुई है। ये झड़पें पाकिस्तान को भारी पड़ रही हैं।  हमें लगता है कि पाक अब ये दिखाना चाहता है कि वो तनाव बढ़ाने का जोखिम लेना चाहता है जबकि एओसी पर उसकी स्थिति कमजोर है।''

जम्मू-कश्मीर में एलओसी पर दो लाख से सवा दो लाख भारतीय सैनिक तैनात हैं। वहीं पाकिस्तानी सेना के एक लाख से सवा एक लाख तक सैनिक एलओसी पर तैनात हैं। इस मामले में भारत पाकिस्तान से काफी मजबूत है।

जनरल कमर जावेद बाजवा ने उरी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर किये गए क्रॉस बॉर्डर हमले के बाद सीमा के निकट पाकिस्तानी चौकियों का दौरा किया था। कश्मीर कमर जावेद बाजवा की प्राथमिकता सूची में काफी ऊपर है। मार्च में कमर जावेद बाजवा ने केल सेक्टर स्थित पाक चौकियों का दौरा किया था। वहीं पिछले साल दिसंबर और इस साल फरवरी में उन्होंने भीमबर सेक्टर में गोलाबारी से प्रभावित पाक चौकियों का दौरा किया था।

30 अप्रैल को जिस हाजी पीर चौकी का कमर जावेद बाजवा ने दौरा किया वो रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है। 1965 के युद्ध में भारत ने ये इलाका जीत लिया था, लेकिन बाद में जीते गए इलाकों की अदला-बदली में ये चौकी पाकिस्तान को वापस कर दिया।

मेनधार स्थित कृष्णा घाटी सेक्टर  में भारत की आखिरी सैन्य चौकी है। इसी इलाके में एक मई को भारतीय सैनिकों की हत्या की गयी थी।

सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान की एलीट स्पेशल फोर्स भारतीय गश्ती दल पर निगाह रखे हुए था।

चीन ने बच्चों के सद्दाम और जिहाद जैसे इस्लामी नाम रखने पर पाबंदी लगा दी

चीन ने अशांत मुस्लिम बहुल शिनक्षियांग प्रांत में बच्चों के सददाम और जिहाद जैसे दर्जनों इस्लामी नाम रखने पर पाबंदी लगा दी है जिसके बारे में एक प्रमुख मानवाधिकार समूह का कहना है कि इस कदम से इस समुदाय के बच्चे शिक्षा और सरकारी योजनाओं के लाभों से वंचित होंगे।

मानवाधिकार संगठन हयूमन राइटस वाच (एचआरडब्ल्यू) के अनुसार, शिनक्षियांग के अधिकारियों ने हाल ही में धार्मिक संकेत देने वाले दर्जनों नामों पर प्रतिबंध लगा दिया है जो दुनियाभर में मुस्लिम समुदाय में आम हैं। पाबंदी लगाने के पीछे कारण बताया गया है कि इन नामों से धार्मिक भावनाएं तेज हो सकती हैं।

रेडियो फ्री एशिया ने एक अधिकारी के हवाले से बताया कि सत्तारूढ़ चाइनीज कम्युनिस्ट पार्टी के जातीय अल्पसंख्यकों के नाम रखने के नियमों के तहत बच्चों के इस्लाम, कुरान, मक्का, जिहाद, इमाम, सददाम, हज और मदीना जैसे कई नाम रखने पर रोक लगाई गयी है।

संगठन के अनुसार, प्रतिबंधित नाम वाले बच्चे हुकोउ यानी घर का पंजीकरण नहीं हासिल कर सकेंगे जो सरकारी स्कूलों और अन्य सामाजिक सेवाओं का लाभ उठाने के लिए जरूरी है।

नया फैसला इस संकटग्रस्त क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ चीन की लड़ाई का हिस्सा है। इस क्षेत्र में एक करोड़ मुस्लिम उइगर जातीय अल्पसंख्यक आबादी रहती है।

एचआरडब्ल्यू ने कहा कि धार्मिक कटटरता को रोकने के नाम पर धार्मिक आजादी पर लगाम लगाने के नियमों की कड़ी में यह ताजा फैसला है।

शिनक्षियांग में उइगर समुदाय और बहुसंख्यक हान के बीच टकराव की घटनाएं आम बात हैं। हान समुदाय का सरकार पर भी नियंत्रण है।

एचआरडब्ल्यू ने कहा कि नामों की पूरी सूची अभी तक प्रकाशित नहीं की गयी है।

अलकायदा सरगना अयमान अल जवाहिरी कराची में छिपा है

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने खूंखार आतंकी संगठन अलकायदा के सरगना अयमान अल जवाहिरी को कराची में छुपा रखा है। पिछले साल अफगान सीमा पर उस पर एक ड्रोन हमला हुआ था, लेकिन वह उस हमले में बचने में सफल रहा था। उसके बाद से जवाहिरी को कराची में पनाह मिली हुई है।

न्यूजवीक ने अधिकारिक सूत्रों के हवाले से कहा है कि 2001 में अमेरिकी फौजों के द्वारा अलकायदा को अफगानिस्तान से खदेड़ने के बाद मिस्र में जन्मे जवाहिरी को आईएसआई सुरक्षा दे रहा है।

सूत्र के अनुसार, उसके कराची में छुपे होने की सबसे ज्यादा संभावना है। सीआईए के ब्रूस रिडेल ने कहा कि जहां तक उसकी लोकेशन की बात है तो हम पूरी तरह आश्वस्त नहीं है कि इस समय वह किस जगह पर छुपा है। रिडेल यूएस राष्ट्रपति के दक्षिण एशिया और मध्य एशिया के शीर्ष सलाहकारों में रह चुके हैं।

रिडेल ने कहा कि हमें काफी अच्छे संकेत मिले है जिसमें एबटाबाद में कुछ सामग्री भी मिली है। एबटाबाद में ही ओसामा बिन लादेन मिला था जिसे अमेरिकी सेना ने 2011 में मार दिया था। हमारा लक्ष्य उसी दिशा में है।

उन्होंने कहा कि हमारे विचार से यह सही जगह है जहां अल-जवाहिरी छुपा हो सकता है। यहां उसे आसानी होगी और वह सोच रहा होगा कि यहां अमेरिकी सेना नहीं आ सकती है और उसे पकड़ नहीं पाएगी।

न्यूजवीक को कई सूत्रों ने बताया कि जनवरी 2016 के पहले हफ्ते में बराक ओबामा प्रशासन ने जवाहिरी को लक्ष्य बनाते हुए दूरदराज की शावल घाटी में ड्रोन से हमला किया था। यह घाटी पाकिस्तान के संघीय प्रशासित आदिवासी क्षेत्र में स्थित है।

इस क्षेत्र के एक आतंकवादी ने बताया कि इस हमले में जवाहिरी बच गया है, लेकिन उसके पांच सुरक्षा गार्ड मारे गए हैं। उसने कहा कि जवाहिरी जिस कमरे में ठहरा था। उसके बगल वाले कमरे में हमला हुआ था। उसने कहा कि दोनों कमरों की दीवाल पूरी तरह ढह गई और धमाके के कारण मलबा उसके ऊपर गिरा था। इसमें उसका चश्मा टूट गया था। हालांकि किस्मत से वह बच गया।

उस आतंकवादी ने बताया कि जिस कमरे पर हमले हुआ था उसको जवाहिरी ने सिर्फ दस मिनट पहले सोने के लिए जाने के कारण छोड़ा था।

आतंकी ने आगे कहा कि जवाहिरी ने कसम खाई है कि वह कभी जिंदा अमेरिकी सेना के हाथों नहीं आएगा।

अफगानिस्तान में नमाज के दौरान तालिबान का हमला, 140 जवानों की मौत

अफगानिस्तान में बल्ख प्रान्त के शहर मजार-ए-शरीफ में एक सैन्य अड्डे पर तालिबान के हमले में 140 से अधिक अफगान सैनिक मारे गए हैं। अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि हमले के समय हमारे अधिकतर सैनिक शुक्रवार की नमाज पढ़ रहे थे। अफगान सेना के 140 से ज्यादा सैनिक हताहत हुए हैं।

इससे पहले अमेरिकी सेना के प्रवक्ता कर्नल जोन थामस ने बताया था कि हमला कई घंटे तक चला और शाम को रुका। इस हमले में 50 के करीब अफगानी सैनिक मारे गये। उन्होंने कहा कि अभी यह स्पष्ट तौर पर नहीं कहा जा सकता कि अमेरिकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना हमले के स्थान से कितनी दूर थी।

दूसरी तरफ अफगानिस्तान सेना के प्रवक्ता अहमद जाविद सलीम की मानें तो 20 सैनिकों की मौत हो गई है और 31 घायल हैं। वहीं न्ययूॉर्क टाइम्स के मुताबिक, मरने वाले जवानों की संख्या 66 पहुंच गई है, जबकि 74 सैनिक घायल हैं।

अफगान सेना के प्रवक्ता नसरतुल्ला जमशीदी ने बताया कि कि यह हमला सैन्य ठिकाने में स्थित मस्जिद के नजदीक हुआ। उस वक्त सैनिक शुक्रवार की नमाज अदा कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि दो सैन्य वाहनों में तालिबान के छह हमलावर अफगानी सेना की वर्दी में आए थे। इन हमलावरों ने गेट पर तैनात प्रहरियों से कहा कि वाहनों में घायल सैनिक हैं और उन्हें तुरंत अंदर पहुंचाया जाना जरूरी है इसलिए वे तुरंत गेट खोल दें। जमशीदी ने बताया कि इसके बाद तालिबान हमलावरों ने रॉकेल प्रोपेल्ड ग्रेनेड्स और बंदूकों से अफगान सैनिकों पर हमला बोल दिया। जवाबी कार्रवाई में एक हमलावर मारा गया जबकि पांच अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया है।

भारत के पीएम नरेंद्र मोदी ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने ट्वीट किया कि वे माजर-ए-शरीफ में हुई इस कायराना आतंकी हमले की निंदा करते हैं। इस हमले में जिन परिवारों ने अपनों को खोया है उनके प्रति पूरी संवेदानाएं हैं।

कुलभूषण जाधव के खिलाफ यूएन में सबूत सौंपने के लिए पाकिस्तान बना रहा दस्तावेज

पाकिस्तान में कथित तौर पर जासूसी के आरोप में फांसी की सजा पाए पूर्व इंडियन नेवी अफसर कुलभूषण जाधव को लेकर पाकिस्तान नई चाल चलने जा रहा है। पाकिस्तान कुलभूषण जाधव के मामले में नया डोजियर तैयार कर रहा है जिसे वह सबूत के तौर पर संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के सामने पेश करेगा।

एएनआई के मुताबिक, पाकिस्तान द्वारा तैयार किया जा रहा नया डोजियर कुलभूषण जाधव के प्रारंभिक बयान और अदालत के सामने उसके द्वारा दिए गए बयानों पर आधारित है।

पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, कोर्ट से पहले कुलभूषण जाधव द्वारा दिए गए बयान में उसने कराची और ब्लूचिस्तान में कथित तौर पर जासूसी और अन्य गतिविधियों में शामिल होने की बात स्वीकारी है।

इसके साथ ही डोजियर में कोर्ट मार्शल जनरल की प्रमाणिक रिपोर्ट भी शामिल होगी। डोजियर में कुलभूषण जाधव के कथित आतंकवादी गतिविधियों और अदालत की कार्यवाही की समयसीमा भी शामिल होगी।

कथित तौर पर जासूसी के आरोप में सजा पाए भारतीय कुलभूषण जाधव की फांसी की सजा को खारिज करने और न्याय दिलाने के लिए भारत की ओर से पाकिस्तान से शुक्रवार को चार्जशीट की कॉपी की मांगी की गई थी।

इससे पहले कुलभूषण जाधव से भारतीय दूतावास के संपर्क करने को लेकर भारत के 14वें अनुरोध को पाकिस्तान ने शुक्रवार को खारिज कर दिया और कहा कि उन्हें मौत की सजा देश के कानूनों के अनुसार दी गई है।

पाकिस्तान ने यह भी कहा कि जनवरी महीने में उसने जाधव से संबंधित 'विशिष्ट सूचनाएं' मांगी थी जिसे नई दिल्ली ने खारिज कर दिया था।

पाकिस्तान में भारतीय उच्चायुक्त गौतम बंबावले ने इस्लामाबाद में पाकिस्तान की विदेश सचिव तहमीना जांजुआ से मुलाकात की और जाधव से भारतीय दूतावास के संपर्क करने की मंजूरी और उनके खिलाफ आरोप पत्र की प्रति मांगी।

नेपाल में गायब हुआ पाकिस्तानी कर्नल मोहम्मद हबीब

नेपाल से गायब हुए पाकिस्तान के रिटॉयर्ड कर्नल मोहम्मद हबीब के परिवार वालों ने कहा है कि उनका किडनैप हुआ है और इसमें दुश्मन देश की जासूसी एजेंसियों का हाथ है।

पाकिस्तान में भारत की जासूसी एजेंसियों को अक्सर दुश्मन देश की जासूसी एजेंसियां कहकर पुकारा जाता है।

पाकिस्तान सेना का पूर्व अधिकारी कर्नल मोहम्मद हबीब नेपाल में कथित रुप से एक नौकरी के लिए इंटरव्यू देने के लिए आया था, लेकिन नेपाल के लुम्बिनी शहर पहुंचकर रिटॉयर्ड कर्नल मोहम्मद गायब हो गया है।

मोहम्मद हबीब के परिवार वालों ने इस बावत रावलपिंडी के रावत पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर दर्ज करावाया है। मोहम्मद हबीब के बेटे साद हबीब ने कहा, ''मुझे शक है कि मेरे अब्बा को अगवा कर लिया गया है और इसके लिए दुश्मन की जासूसी एजेंसियां जिम्मेदार हो सकती है।''

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, साद ने बताया कि उसके पिता को जावेद अंसारी नाम का एक शख्स नेपाल में मिला जो उसे लेकर लुम्बिनी गया था। लुम्बिनी भारत-नेपाल सीमा के नजदीक स्थित नेपाल का एक शहर है।

खबरों के मुताबिक, हबीब पाकिस्तानी सेना से अक्टूबर 2014 में रिटायर्ड हुआ था और पाक आर्मी के तोप विभाग में काम करता था। आर्मी से रिटायर होने के बाद मोहम्मद हबीब एक निजी फर्म में काम कर रहा था।

हबीब ने नेपाल में नौकरी के लिए ऑनलाइन आवेदन दिया था। इसके बाद मार्क थॉम्पसन नाम के शख्स ने हबीब से टेलिफोन और ईमेल के जरिये संपर्क किया था और उसे इंटरव्यू देने आने के लिए हवाई टिकट भी मुहैया कराया था।

हबीब ने अपने घरवालों को अपने आखिरी संदेश में बताया था, वो अपने ठिकाने पर पहुंच चुका है।

पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद नफीस जकारी ने नेपाली अधिकारियों से हबीब की गुमशुदगी के सिलसिले में जांच करने को कहा है।

शुरुआती जांच में पता चला है कि कम्प्यूटर से ब्रिटेन का एक नंबर जेनेरेट किया गया था, जबकि जिस ई मेल और वेबसाइट से उसे मैसेज भेजा गया था, वो भारत में रजिस्टर्ड है।

पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने शक जताया है कि किसी दुश्मन देश की एजेंसी ने मोहम्मद हबीब को फंसाने के लिए ये जाल रचा था।

फिलीपीन के रिसोर्ट आईलैंड पर उग्रवादी हमला, पांच लोगों की मौत

फिलीपीन के मध्य हिस्से में एक रिसोर्ट द्वीप में मंगलवार को सैनिकों और अबू सयाफ समूह के संदिग्ध चरमपंथियों के बीच झड़प में कम से कम आठ लोग मारे गए।

सैन्य अधिकारियों ने बताया कि बोहोल प्रांत के इनाबोंगा तटीय इलाके के एक गांव में मुठभेड़ में कम से कम पांच बंदूकधारी, दो सैनिक और एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई।

राष्ट्रीय पुलिस महानिदेशक रोनाल्ड डेला रोजा ने बताया कि सैनिकों और पुलिसकर्मियों ने आज बंदूकधारियों पर धावा बोला। बंदूकधारी वहां तीन नौकाओं से पहंचे थे। बंदूकधारी तीन मकानों में छिप गए और फिर गोलीबारी शुरू हुई।

इसकी पुष्टि हो गई है कि बंदूकधारियों का ताल्लुक अबू सयाफ से है। यह संभव है कि ये लोग मध्य फिलीपीन में अपहरण के बदले फिरौती के प्रयास के तहत यहां पहुंचे होंगे।

अबू सयाफ द्वारा इस पर्यटक द्वीप पर घुसपैठ का यह पहला मामला हो सकता है जो फिरौती के लिए अपहरण की घटनाओं को अंजाम देता है औैर अक्सर विदेशी नागरिकों को निशाना बनाता है।

कुलभूषण जाधव का पूर्वनियोजित हत्या नहीं है, कश्मीर में हो रहा है पूर्वनियोजित हत्या: पाकिस्तान

पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने मंगलवार को कहा कि कुलभूषण जाधव के पास 60 दिनों के भीतर अपील करने का अधिकार है तथा उन्होंने इस भारतीय नागरिक को सुनाई गई मौत की सजा को उचित ठहराया।

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले तीन महीनों से जाधव का ट्रायल चल रहा है। सैन्य फील्ड जनरल कोर्ट मार्शल के जरिए आतंकवाद एवं जासूसी के मामले में कथित संलिप्तता को लेकर सेना अधिनियम के तहत जाधव को मौत की सजा सुनाई गई है। सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने मौत की सजा की पुष्टि की है।

आसिफ ने सीनेट में कहा कि जाधव के पास मौत की सजा के खिलाफ 60 दिनों के भीतर अपील करने का अधिकार है।

उन्होंने भारत की इस चिंता को खारिज कर दिया कि जाधव के खिलाफ सुनवाई में उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।

पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने कहा, ''कानूनी कार्यवाही में ऐसा कुछ नहीं था जो कानून के खिलाफ हो।''

उन्होंने पूर्वनियोजित हत्या के आरोपों को भी खरिज करते हुए कहा, ''यह पूर्वनियोजित हत्या नहीं है। जो कश्मीर में हो रहा है वो पूर्वनियोजित हत्या है।''

आसिफ ने कहा कि जाधव के खिलाफ सुनवाई तीन महीने तक चली। उन्होंने कहा कि जो लोग पाकिस्तान की सुरक्षा के खिलाफ काम करते हैं उनके साथ सख्ती से पेश आया जाएगा।

रक्षा मंत्री ने कहा, ''दुश्मन चाहे सीमा के पार से आए या पाकिस्तान के भीतर हो, उसे सजा मिलेगी।''

पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने भारतीय नेवी के पूर्व ऑफिसर कुलभूषण जाधव को जासूसी के आरोप में फांसी की सजा सुनाई है। पाकिस्तान का आरोप है कि कुलभूषण जाधव पाकिस्तान में जासूसी कर रहा था और पाकिस्तान के खिलाफ विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।

कुलभूषण जाधव की मौत की सजा पर भारत ने कहा, ये सोची-समझी हत्‍या है

पाकिस्तान द्वारा भारतीय कुलभूषण जाधव को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद भारत ने कड़ा रुख अख्तियार किया। भारत ने जेल में बंद करीब एक दर्जन पाकिस्तानी कैदियों की रिहाई पर रोक लगाने का फैसला किया जिन्हें बुधवार को छोड़ा जाना था।

भारत सरकार ने यह फैसला पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलदीप जाधव को फांसी की सजा सुनाए जाने के कुछ घंटे बाद लिया।

टाइम्स ऑफ इंडिया ने अाधिकारिक सूत्रों के हवाले से कहा कि सरकार को लगता है कि पाकिस्तानी कैदियों को रिहा करने का यह सही समय नहीं है। भारत और पाकिस्तान को अपनी जेल में बंद एक-दूसरे के नागरिकों को सजा पूरी किए जाने के बाद रिहा किया जाना था, लेकिन कुलभूषण जाधव पर आए फैसले के बाद भारत ने पाकिस्तानी कैदियों की रिहाई पर रोक लगाने का फैसला किया है।

कुलभूषण जाधव मामले में सरबजीत सिंह की बहन दलबीर कौर ने कहा कि उन्होंने मेरे भाई के साथ भी ऐसा ही किया था, मुझे आश्चर्य नहीं हो रहा।

इस मामले पर रॉ के पूर्व चीफ एएस दौलत ने कहा कि पाकिस्तान में कुछ भी संभव है, उन्होंने तो अतीत में अपने एक प्रधानमंत्री को फांसी पर लटका दिया था।

वहीं, मुंबई में जाधव के पड़ोस में रहने वाले सुधीर पवार का कहना है कि वह हैरान हैं। जाधव हमारे साथ रहता था, हम जानते हैं कि वह कैसा था। यह पाकिस्तान द्वारा रची गई साजिश है।

पाकिस्‍तान के इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने कहा है कि 'जासूस का पाकिस्‍तानी आर्मी एक्‍ट के तहत फील्‍ड जनरल कोर्ट मार्शल के जरिए ट्रायल किया गया और मौत की सजा सुनाई गई। सेनाध्‍यक्ष जनरल कमर जावेद बाजवा ने मौत की सजा की पुष्टि की है।'

पाकिस्तान हमेशा ये कहता आया है कि कुलभूषण जाधव हिन्दुस्तान की खुफिया एजेंसी RAW का एजेंट है।

पाकिस्तान की इस कार्रवाई पर भारत ने नाराजगी जाहिर की है और पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्‍दुल बासित को तलब किया है। बासित को डिमार्श जारी कर कहा गया है कि जाधव की सजा वाली कार्यवाही हास्‍यास्‍पद है।

विदेश मंत्रालय के डिमार्श में कहा गया है, ''अगर कानून और न्‍याय के मूल सिद्धांतों का पालन नहीं होता तो भारत के लोग और सरकार इसे सोची-समझी हत्‍या समझेंगे।''

जाधव को 3 मार्च, 2016 को बलूचिस्‍तान के मश्‍केल क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था। जाधव पर जासूसी और कराची तथा बलूचिस्‍तान में अशांति फैलाने का आरोप है।

पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए भारत सरकार ने अपने आधिकारिक बयान में कहा था कि जाधव कभी इंडियन नेवी का सदस्य रहा है, और रिटायरमेंट के बाद से उसका भारत सरकार या इंडियन नेवी से कोई संपर्क नहीं रहा है।