विदेश

लंदन हमले: सात लोगों की मौत, 48 घायल

ब्रिटेन के लंदन में दो अलग-अलग जगह हुए आतंकवादी हमलों में सात लोगों की मौत हो गई, जबकि 48 घायल हो गए। पुलिस ने तीन हमलावरों को भी मार गिराया।

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री थेरेसा मे ने कहा है कि यह कहने का समय है कि जब आतंकवाद से निपटने की बात आती है तो "पर्याप्त पर्याप्त" है। उन्होंने कहा, "हम ऐसा नहीं कर सकते हैं और न ही ढोंग कर सकते हैं कि चीजें जारी रहें।" उन्होंने कहा कि गुरुवार को आम चुनाव की योजना तैयार की जाएगी।

बीबीसी के मुताबिक, यह हमला लंदन ब्रिज पर शनिवार को रात 10 बजे हुआ। वैन सड़क पर चल रहे लोगों को कुचलती हुई चली गई। यह वैन लोगों को कुचलते हुए बोर बाजार की ओर बढ़ती चली गई, जहां वैन से तीन हमलावर उतरे और उन्होंने रेस्तरां में लोगों पर चाकू से हमले करने शुरू कर दिए। घायलों में एक ब्रिटिश परिवहन पुलिस का अधिकारी भी है।

हालांकि, मौके पर पहुंची पुलिस ने आठ मिनट के भीतर ही संदिग्धों को मार गिराया।

मेट्रोपॉलिटन पुलिस सहायक आयुक्त मार्क रॉवले ने बताया, ''संदिग्धों ने विस्फोटक जैकेट जैसा कुछ पहना हुआ था जो जांच के बाद नकली निकले।''

उन्होंने बताया कि ऐसा लग रहा है कि इन घटनाओं को तीन ही हमलावरों ने अंजाम दिया।

मेट्रॉपॉलिटन पुलिस ने ट्वीट कर कहा, ''लंदन ब्रिज और बोर बाजार की घटनाएं आतंकवादी घटनाएं थीं।

बीबीसी ने रॉवले के हवाले से बताया, ''हम इसे आतंकवादी घटना मान रहे हैं और इसकी जांच कर रहे हैं।''

ब्रिटेन में सत्तारूढ़ कंजरवेटिव पार्टी ने आम चुनाव का प्रचार की योजना रद्द कर दी है। प्रधानमंत्री थेरेसा मे सरकार की संकट समिति की आपात बैठक की अध्यक्षता करेंगी।

द गार्डियन के मुताबिक, लंदन के महापौर सादिक खान ने कहा कि मुझे यह जानकर गुस्सा आ रहा है कि ये कायर आतंकवादी लंदन के निर्दोष लोगों को जानबूझकर निशाना बना रहे हैं।

विपक्षी लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कोर्बिन ने इस घटना को बर्बर बताया।

सीएनएन ने व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव सीन स्पाइसर के हवाले से बतायाकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस संबंध में पूर्ण जानकारी दी गई है।

ट्रंप ने ट्वीट कर कहा, ''अमेरिका, लंदन और ब्रिटेन की जो भी मदद कर सकता है, वह करेगा। हम आपके साथ हैं।''

उन्होंने एक अन्य ट्वीट कर कहा, ''मे चौकस रहने की जरूरत है। अदालतों को हमारे अधिकार लौटाने चाहिए। हमें यात्रा प्रतिबंध को उच्च स्तर पर प्रभावी करने की जरूरत है।''

मार्च के बाद से यह ब्रिटेन में हुआ तीसरा आतंकवादी हमला है।

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना के बाद लंदन ब्रिज को बंद कर दिया गया। बसों के मार्गो में बदलाव किया गया है और पास के साउथवार्क ब्रिज को भी बंद कर दिया गया है।

हालांकि, अभी तक किसी भी आतंकवादी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

बीबीसी के रिपोर्टर हॉली जोन्स का कहना है कि वैन को एक पुरूष चला रहा था और वैन की रफ्तार 50 मील प्रतिघंटा थी। जोन्स उस समय घटनास्थल पर ही मौजूद थे।

जोन्स ने कहा, ''वैन मेरे सामने से ही निकली और उसने पांच से छह लोगों को टक्कर मार दी। वैन ने दो लोगों को मेरे सामने ही टक्कर मारी।''

लंदन ब्रिज की घटना का गवाह बने एक जोड़े ने कहा, ''हमने एक शख्स को देखा, वह दूसरे शख्स पर चाकू से हमला कर रहा था। उसने तीन बार उस पर चाकू से वार किया।''

गौरतलब है कि लंदन के मैनचेस्टर में ही 22 मई को आतंकवादी हमला हुआ था जिसमें 22 लोगों की मौत हो गई थी। ब्रिटेन सरकार ने मैनचेस्टर हमले के मद्देनजर आतंकी अलर्ट का स्तर बढ़ा दिया था और पुलिस की सहायता के लिए सेना की तैनाती भी कर दी थी।

रूस में नरेंद्र मोदी-व्लादीमीर पुतिन मुलाकात

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने गुरुवार (1 जून) को आपसी हित के द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय विषयों पर तथा ऊर्जा और व्यापार संबंधों को मजबूत करने पर व्यापक बातचीत की।

अपनी मुलाकात की शुरूआत में मोदी ने पुतिन से कहा कि वह प्रधानमंत्री के रूप में पुतिन के गृहनगर आकर खुश हैं। पहली बार रूस में भारत-रूस शिखरवार्ता मॉस्को से बाहर सेंट पीटर्सबर्ग में हो रही है।

मोदी ने कहा, ''सामान्य तौर पर अंतरराष्ट्रीय संबंध ऊपर नीचे होते रहते हैं, लेकिन इतिहास गवाह है कि भारत-रूस संबंधों में कोई उतार चढ़ाव नहीं आया।''

मोदी ने भारत को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की सदस्यता दिलाने में अहम भूमिका निभाने के लिए रूस के राष्ट्रपति का आभार व्यक्त किया।

पुतिन ने कहा कि भारत एक सप्ताह में शंघाई सहयोग संगठन का पूर्णरूपेण सदस्य बन जाएगा।

मोदी ने पुतिन के साथ बातचीत में सुबह द्वितीय विश्व युद्ध के शहीदों के स्मारक के अपने दौरे का जिक्र किया। उन्होंने पुतिन से कहा, ''आप ऐसे नेता हैं जिसके परिवार ने बलिदान दिया। आपके भाई ने शहादत दी थी।''

पुतिन के भाई 70 साल पहले द्वितीय विश्व युद्ध में लेनिनग्राड हमले में मारे गये थे। उन्होंने युद्ध स्मारक जाने के लिए मोदी का आभार जताया और कहा कि रूस की जनता के दिल में ऐसी जगहों के लिए खास महत्व है।

दोनों पक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी, रेलवे, सांस्कृतिक आदान-प्रदान समेत कई क्षेत्रों में और निजी पक्षों के बीच भी अन्य कारोबारी क्षेत्रों में 12 समझौतों पर दस्तखत कर सकते हैं। वे एक विजन डॉक्यूमेंट भी जारी करेंगे। वे कुडनकुलम में भारत के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र की अंतिम दो इकाइयों के निर्माण के लिए करार भी कर सकते हैं।

बता दें कि पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री आर्थिक एवं कारोबारी शिखर सम्मेलन में शामिल हो रहा है। दोनों देशों के बीच 7.8 अरब डॉलर का कारोबार है जिसमें 2014 की तुलना में कमी आई है। तब यह 10 अरब डॉलर था। दोनों देश अगले पांच साल में व्यापार को 30 अरब डॉलर पहुंचाने के लक्ष्य के साथ काम कर रहे हैं।

पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने कहा, जबतक कश्मीर हमारा नहीं होता, बंटवारा अधूरा है

पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने आज (1 जून) कहा कि दक्षिण एशिया में टिकाऊ शांति के लिए भारत बड़ा अवरोधक बन गया है। इसके अलावा उन्होंने कश्मीर मुद्दे को बंटवारे का अपूर्ण एजेंडा बताया।

डॉन के मुताबिक, संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने कश्मीर मुद्दे और पाकिस्तान एवं भारत के बीच तल्ख द्विपक्षीय संबंधों को रेखांकित किया।

कश्मीर को उपमहाद्वीप के बंटवारे का अपूर्ण एजेंडा बताते हुए पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने कहा, ''भारत क्षेत्र में टिकाऊ शांति के लिए बड़ी बाधा बन गया है।''

उन्होंने कहा, ''पाकिस्तान के शांति प्रयासों पर सकारात्मक जवाब की बजाए भारत ने कुलभूषण जाधव, आतंकवादियों और अन्य जासूसों को भेजा।''

कश्मीर की स्थिति और जाधव मामले सहित विभिन्न मुद्दों पर भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध तनावपूर्ण है।

बता दें कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन से पहले भी कई पाकिस्तान हुक्मरान कश्मीर को बंटवारे का अधूरा एजेंडा बता चुके हैं। इसी साल जनवरी में पाकिस्तान के पूर्व आर्मी चीफ राहील शरीफ ने भी ऐसा ही बयान दिया था।

पिछले ही महीने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भी कहा था कि कश्मीर बंटवारे के दौरान अधूरा रह गया एजेंडा है।

भारत ने पाकिस्तान की इस बयानबाजी पर कड़ा उत्तर दिया था और पाकिस्तान से आतंक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

उरी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के संबंध लगातार तनावपूर्ण चल रहे हैं। भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में क्रॉस बॉर्डर एक्शन कर पाकिस्तान को इस हमले का करारा जवाब दिया था।

इधर पाकिस्तान की संसद के संयुक्त सत्र में अपने सालाना अभिभाषण के दौरान राष्ट्रपति ममनून हुसैन को आज (1 जून) विपक्ष का विरोध झेलना पड़ा और सांसदों ने 'गो नवाज गो' जैसे सरकार विरोधी नारे लगाये।

विपक्ष की मुख्य दलील है कि सरकार ने बजट पर विपक्षी नेताओं के भाषण का सरकारी चैनल पीटीवी पर सीधा प्रसारण करने से इनकार कर दिया है।

सत्र शुरू होते ही विपक्ष ने राष्ट्रपति के अभिभाषण में अवरोध डालना शुरू कर दिया। कुछ सांसदों ने तो सीटी बजाई और कुछ ने नारेबाजी की। सांसदों को मेजें थपथपाकर 'गो नवाज गो' जैसे नारे लगाते सुना गया। बाद में विपक्ष ने सदन से वाकआउट किया।

संसद के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए विपक्ष के नेता खुर्शीद शाह ने कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए अलोकतांत्रिक तरीकों का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा, ''राष्ट्रपति ने अपने भाषण में भ्रष्टाचार के प्रमुख मुद्दे पर कोई बात नहीं रखी।''

काबुल बम धमाका: अब तक 80 लोगों की मौत, 350 घायल

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के वजीर अकबर खान इलाके में आज एक कार में जबर्दस्त आत्मघाती बम धमाका हुआ जिसमें 80 लोग मारे गए और 350 घायल हो गए।

अफगानिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है। फिलहाल धमाके की जिम्मेदारी किसी आतंकी संगठन ने नहीं ली है।

टीवी रिपोर्ट्स में बताया गया कि धमाका जर्मन मिशन के पास हुआ जिसमें 50 मीटर की दूरी पर स्थित भारतीय दूतावास की इमारत को भी नुकसान पहुंचा है।

वहीं भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर बताया कि जबर्दस्त धमाके के बाद भारतीय स्टाफ और राजनयिक सुरक्षित हैं।

वहीं भारतीय राजदूत मनप्रीत वोहरा ने कहा, ''धमाके के कारण दूतावास की कुछ खिड़कियां टूट गई हैं, लेकिन स्टाफ सुरक्षित है।''

इस मामले में और ज्यादा जानकारी का इंतजार है।

इससे पहले 8 मार्च को काबुल स्थित अफगानिस्तान के सबसे बड़े सैन्य अस्पताल पर डॉक्टरों की भेष में आतंकवादियों ने हमला किया था। सुरक्षाकर्मियों के साथ छह घंटे चली मुठभेड़ में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। हमले की जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट ने ली थी जो अफगानिस्तान में अपना असर बढ़ाने में लगा है।

इसके बाद अफगानिस्तान में 13 मार्च को व्यस्त समय के दौरान एक बस में शक्तिशाली विस्फोट हुआ था। किसी संगठन ने इस धमाके की जिम्मेदारी नहीं ली थी। यह हमला उस वक्त हुआ था, जब तालिबान ने वार्षिक बसंत उत्सव की आधिकारिक शुरुआत से पहले हमले तेज कर दिए थे।

अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय ने शुरुआती सूचना के आधार पर बताया था कि विस्फोट में कम से कम एक महिला की मौत हो गई और आठ लोग घायल हो गए। काबुल पुलिस के प्रवक्ता बसीर मुजाहिद ने कहा था, ''काबुल में मिनीबस को निशाना बनाकर विस्फोट किया गया।''

1 मार्च को भी काबुल में बम विस्फोट हुआ था। चरमपंथियों ने दो सुरक्षा परिसरों पर हमला किया था जिनमें 15 लोग मारे गए और 38 अन्य घायल हो गए थे।

अफगान गृह मंत्रालय ने बताया था कि पश्चिमी काबुल में एक आत्मघाती कार बम हमलावर ने पुलिस परिसर को निशाना बनाने का प्रयास किया और वहाँ गोलीबारी भी हुई थी। इस हमले के बाद आसमान में धुआं उठता दिखाई पड़ा था।

अफगान गृह मंत्रालय ने कहा था कि इस हमले के पांच मिनट बाद ही एक अन्य आत्मघाती हमलावर ने पूर्वी काबुल में अफगान खुफिया एजेंसी के भवन में गेट पर हुए खुद को उड़ा लिया था।

पोर्टलैंड हमला: हमलावर ने कहा, 'मुस्लिमों को मरना होगा'

अमेरिका के ओरीगोन स्थित उत्तरी पोर्टलैंड में शुक्रवार को एक शख्स ने दो लोगों पर इसलिए जानलेवा हमला कर दिया क्योंकि उन्होंने आरोपी को हिजाब में दो युवतियों पर नस्लीय टिप्पणी करने से रोका था। आरोपी तब चिल्ला रहा था कि मुस्लिमों को मरना होगा। इस हमले में दोनों लोगों की मौत हो गई और आरोपी को जेल भेजा गया है।

पुलिस इस बारे में आरोपी से पूछताछ करेगी कि उसमें ऐसे कट्टर विचार कहाँ से आए?

यह हमला मुस्लिमों के पाक महीने रमजान के पहले दिन हुआ। ऐसे में अपनी सहिष्णुता और उदारवादी विचारों के लिए जाना जाने वाला पोर्टलैंड शहर इस घटना से सकते में है।

चश्मदीद क्रिस्टफर डगलस ने कहा कि जिस तरह से लोग ऐसी कट्टरता दिखाते हैं, उससे मुझे डर लगता है। पोर्टलैंड अपने उदारवादी विचारों के लिए जाना जाता है, लेकिन मुझे लगता है कि हकीकत अब बदल रही है।

वहीं, आरोपी जेरमी जोसेफ क्रिस्चियन (35) को कई मामलों के संदेह में मल्टनोमाह कंट्री जेल में भेजा गया है। शुक्रवार को हुए हमले के कुछ देर बाद ही उसकी गिरफ्तारी हुई थी। मंगलावर को कोर्ट में उसकी पेशी है और अगर वकील न मिला तो वह छूट भी नहीं पाएगा। पुलिस ने इस मामले में पीड़ितों की पहचान ओरीगोन में हैपी वैली के निवासी रिकी जॉन बेस्ट (53) और पोर्टलैंड के मायरिड्न नामकाई मेशे (23) के रूप में की।

पुलिस के मुताबिक, बेस्ट ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था और मेशे की अस्पताल में मौत हुई थी।

पुलिस का यह भी कहना है कि पोर्टलैंड की मीकाह डेविड-कोल फ्लेचर (21) पर भी जानलेवा हमला हुआ था। फिलहाल उनकी हालत पोर्टलैंड अस्पताल में गंभीर है। हमले के दौरान ट्रेन में उन दो युवतियों की पहचान भी हो गई है जिन्होंने तब हिजाब पहन रखा था। पुलिस के मुताबिक, हमलावर ट्रेन में भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल कर रहा था।

स्थानीय मीडिया को उन्हीं युवतियों में से एक की माँ डायजुआना हडसन ने बताया कि युवतियों को देखते ही आरोपी उन पर नस्लीय टिप्पणी करना शुरू कर दिया था। उनकी बेटी अफ्रीकी-अमेरिकी है। उसकी दोस्त हिजाब पहने थी। आरोपी कह रहा था कि मुस्लिमों को मरना होगा। वह सालों से क्रिस्चियन को मारते आ रहे हैं।

आरोपी जेरमी जोसेफ क्रिस्चियन 15 साल पहले चोरी और किडनैपिंग के मामलों में जेल जा चुका है।

मॉरीशस को 50 करोड़ डॉलर का कर्ज देगा भारत

भारत ने आज मारीशस को 50 करोड़ डालर की ऋण सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की है। इसके साथ ही दोनों देशों ने हिन्द महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मारीशस के प्रधानमंत्री प्राविंद जगन्नाथ के बीच विस्तृत बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किये गये।

नई दिल्ली में जारी एक वक्तव्य के मुताबिक, मोदी ने कहा कि वह और जगन्नाथ इस बात पर सहमत हुए हैं कि आर्थिक अवसरों का लाभ उठाने और दोनों देशों के लोगों को सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिये हिन्द महासागर में परंपरागत और गैर-परंपरागत खतरों से निपटने के लिये प्रभावी व्यवस्था किया जाना जरूरी है।

भारत के प्रधानमंत्री ने कहा, ''हमें समुद्री डकैती की घटनाओं के प्रति निगरानी बढ़ानी होगी। इससे हमारे व्यापार और पर्यटन पर असर पड़ता है। नशीले पदार्थों और मानव तस्करी, अवैध मछली पालन तथा समुद्री संसाधनों के अन्य प्रकार के अवैध दोहन पर भी नजर रखनी होगी।''

उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय समुद्रीय समझौते से आपसी सहयोग और क्षमता मजबूत होगी।

मारीशस के प्रधानमंत्री जगन्नाथ ने इस अवसर पर कहा, दोनों देशों को यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री आवागमन के मार्ग सुरक्षित हो और समुद्री डकैती, अवैध तरीके से मछली पकड़ने और नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिये नियमित रूप से निगरानी रखनी होगी।

इस अवसर पर तटरक्षक नौवहन जहाज गार्डियन की परिचालन आयु का विस्तार करने का भी फैसला किया गया। यह जहाज भारत ने मारीशस को एक अनुदान सहायता कार्यक्रम के तहत दिया है। मोदी ने मार्च 2015 में अपनी मारीशस यात्रा के दौरान अपतटीय पहरेदारी के लिये भारत में निर्मित और वित्तपोषित बारा कुडा नौवहन जलयान को मारीशस तटरक्षा के लिये सुपुर्द किया था।

दोनों नेताओं के बीच बातचीत के बाद चार समझौतों पर हस्ताक्षर किये गये। समुद्री सुरक्षा समझौते के अलावा तीन अन्य समझौते किये गये। इनमें मारीशस में सिविल सेवा कालेज स्थापित किये जाने, समुद्रीय शोध कार्यों में सहयोग और एक समझौता अमेरिकी डालर में ऋण सुविधा के बारे में किया गया।

भारत के प्रधानमंत्री ने कहा कि मारीशस को ऋण सुविधा का समझौता उसके विकास के प्रति हमारी मजबूत और लगातार प्रतिबद्धता का बेहतर उदाहरण है।

दोनों देशों ने व्यापार और निवेश सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का भी फैसला किया है। मोदी ने कहा, ''मारीशस में चल रही विकास गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी को लेकर भारत को गर्व है।'' उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान कौशल विकास के क्षेत्र में सहयोग पर भी जोर दिया गया।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की सदस्यता के लिये मारीशस के समर्थन को दोहराते हुये जगन्नाथ ने चागोस आर्कीपिलेगो पर उनके देश के दावे का नयी दिल्ली द्वारा समर्थन किये जाने का स्वागत किया। हिन्द महासागर स्थित चागोस आर्कीपिलेगो पर ब्रिटेन और मारीशस दोनों दावा करते हैं।

वृहद आर्थिक सहयोग एवं भागीदारी समझौते (सीईसीपीए) पर भी दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई। जगन्नाथ ने इस मुद्दे पर बातचीत शुरू होने को लेकर संतोष जताते हुए कहा कि मारीशस को यह बातचीत इस साल के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है।

सीरिया के मायादीन में अमरीकी हवाई हमला, 80 की मौत

सीरिया में कार्यकर्ताओं के मुताबिक़, चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट के नियंत्रण वाले एक शहर में अमरीकी हवाई हमलों में कम से कम 80 लोगों की मौत हो गई है।

सीरिया में हताहतों के बारे में जानकारी देने वाले एक समूह ने बताया कि मायादीन शहर में अमरीकी हमले में मारे गए लोगों में आईएस लड़ाकों के रिश्तेदार शामिल हैं। इनमें कई बच्चे भी शामिल हैं।

अमरीकी सेना ने भी इस इलाक़े में हवाई हमले की पुष्टि की है और कहा है कि नुक़सान की समीक्षा की जा रही है।

पिछले तीन दिन में मायादीन में कई बार हवाई बमबारी की ख़बरें आईं हैं।

संयुक्त राष्ट्र में मानवाधिकार विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने लड़ाई में शामिल सभी देशों की वायुसेना से हमले के समय नागरिकों और सैनिक अड्डों के फ़र्क को बारीकी से ध्यान में रखने की अपील की है।

इससे पहले गुरुवार को अमरीकी सेना ने इस बात की पुष्टि की थी कि मार्च में इराक़ के मूसल में अमरीकी सेना के हवाई हमले में एक माह के दौरान कम से कम 105 आम लोगों की मौत हुई थी।

मिस्र की राजधानी कायरो में 24 ईसाइयों की गोली मारकर हत्या

मिस्र की राजधानी कायरो में अज्ञात बंदूकधारियों ने कत्लेआम मचाया है। यहां ईसाइयों को ले जा रही एक बस पर मिलिट्री की वेश भूषा में खड़े तैयार हमलावरों ने अंधाधुंध गोलियां बरसा दी। इस हमले में 24 लोगों की मौत हो गई है और 25 लोग घायल हो गये हैं।

फाक्स न्यूज के मुताबिक, आठ से दस हमलावरों ने दक्षिण कायरो से गुजर रही बस पर गोलियां चलाई। मुस्लिम बहुल देश मिस्र में पिछले कुछ दिनों से ईसाई समुदाय के लोग कट्टरपंथियों के आसान शिकार हो गये हैं।

अब तक किसी ग्रुप ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। लेकिन मिस्र के कोप्टिक क्रिश्चयन आतंकी संगठन इस्लामिक ग्रुप के निशाने पर रहे हैं। सुरक्षा कर्मी हमलावरों की तलाश कर रहे हैं। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंचीं।

बुधवार (24 मई) को ही कायरो में अमेरिकी दूतावास ने चेतावनी जारी कर कहा था कि दूतावास की जानकारी के मुताबिक, हसम ग्रुप नाम के एक आतंकी संगठन ने हमले की धमकी दी थी।

मिस्र के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता खालिद मजाहिद ने बताया कि हमले में 24 ईसाइयों की मौत हो गई और 27 अन्य घायल हो गए।

रिपोर्ट के मुताबिक, ये हमला कायरो से 160 मील दूर नील नदी के किनारे मिनाया नाम के जगह पर हुआ है। मिस्र के मिनाया में कॉप्टिक क्रिश्चयन की संख्या सबसे ज्यादा है। इस जगह पर पिछले कुछ सालों में धार्मिक तनाव बढ़ गया है।

पिछले महीने 9 अप्रैल को टंटा और अलेक्जेंड्रिया में गिरजाघरों को निशाना बनाकर किये गए दो आत्मघाती हमलों में कम से कम 46 व्यक्तियों की मौत हो गई थी।

नौशेरा में भारतीय कार्रवाई का पाकिस्तान ने खंडन किया

भारतीय सेना ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि हाल ही में जम्मू-कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में की गई कार्रवाई में पाकिस्तान की चौकियों को नुकसान पहुँचा है।

हालांकि पाकिस्तान ने भारत की तरफ़ से हुई ऐसी किसी भी कार्रवाई से इनकार किया है।

एसपीआर के एक अधिकारी मेजर जनरल आसिफ़ ग़फ़ूर ने ट्वीट किया है, ''नौशेरा में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तानी पोस्ट को नष्ट करने और आम नागरिकों पर पाकिस्तानी सेना की फ़ायरिंग के भारत के दावे ग़लत हैं।''

इससे पहले भारतीय सेना के मेजर जनरल अशोक नरूला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पाकिस्तान ने 20 और 21 मई कौ नौशेरा सेक्टर में कार्रवाई की थी, इसके जवाब में भारतीय सेना ने ये कार्रवाई की है।

उन्होंने कहा कि गर्मियों में अब बर्फ़ पिघलने से घुसपैठ बढ़ने की आशंका है, लेकिन भारतीय सेना की तैयारी पूरी है।

नौशेरा में हुई कार्रवाई में चार चरमपंथियों को मारा गया था।

उन्होंने यह भी कहा कि हमारी कोशिश जम्मू-कश्मीर में शांति बहाल करना है। इसके लिए ज़रूरी है कि नियंत्रण रेखा पर घुसपैठ को प्रभावी तरीके से रोका जाए।

इस मौके पर भारतीय सेना ने एक वीडियो भी जारी किया है। तकरीबन 21 सेकंड के इस वीडियो में 10-11 धमाके होते दिख रहे हैं।

भारतीय सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल अशोक नरूला ने कहा कि नियंत्रण रेखा पर भारत की स्थिति पाकिस्तान की तुलना में म़जबूत है। पाकिस्तानी सेना हथियारबंद घुसपैठियों को भारत के कश्मीर में दाखिल कराने में मदद करती है।

भारतीय सेना की तरफ से जारी किए गए इस वीडियो पर पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने नई दिल्ली में न्यूज़ चैनल 'सीएनएन न्यूज़ 18' से कहा कि उन्हें पाकिस्तान की तरफ से इसके बारे में जानकारी नहीं मिली है इसलिए वे फिलहाल कुछ नहीं कह सकते।

हालांकि उन्होंने कहा, ''इससे दो चीजें साबित होती हैं। पहला ये कि जम्मू और कश्मीर दोनों देशों के बीच केंद्रीय मुद्दा है और दूसरा अगर आज कुछ होता है तो ये समझने की जरूरत है कि दोनों देशों को इस लंबे समय से पेंडिंग मुद्दे को सुलझाने के लिए बातचीत की मेज पर बैठने की कितनी जरूरत है। ये दुर्भाग्य की बात है कि संघर्ष विराम के बावजूद नियंत्रण रेखा पर तनाव बना हुआ है इसलिए ये महत्वपूर्ण है कि ऐसी चीजें नहीं होनी चाहिए।''

जम्मू-कश्मीर के पुंछ में पिछले दिनों भारतीय सेना के दो जवानों की हत्या कर उनके शवों के साथ बर्बरता की गई थी।

भारतीय सेना ने उस समय कहा था कि इसका माकूल जवाब दिया जाएगा।

भारत के गृहमंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने जवानों के शव क्षत-विक्षत किए जाने की निंदा की थी और कहा था कि युद्ध के दौरान भी कहीं ऐसी हरकतें नहीं होती हैं।

हालांकि पाकिस्तान ने इस तरह की घटना में हाथ होने से साफ़ इनकार किया था।

मैनचेस्टर ब्लास्ट: आईएस ने ली हमले की जिम्मेदारी

ब्रिटेन के मैनचेस्टर में हुए ब्लास्ट की जिम्मेदारी आतंकी संगठन आईएस (इस्लामिक स्टेट) ने ली है। यह जानकारी न्यूज एजेंसी एएफपी ने दी है।

सोमवार (22 मई) की रात को मैनचेस्टर में हुए विस्फोट में 22 लोगों की मौत हो गई और करीब 50 अन्य लोग घायल हो गए थे।

हमले के वक्त मैनचेस्टर एरीना में अमेरिकी पॉप सिंगर अरियाना ग्रैंडे का कार्यक्रम हो रहा था। हमले पर उन्होंने भी दुख जताया।

23 वर्षीया गायिका अरियाना ग्रैंडे ने घटना के बाद ट्वीट किया, ''टूट गई हूँ। दिल की गहराइयों से बहुत-बहुत माफी मांगती हूँ। मेरे पास शब्द नहीं है।''

हमले में आईएस का नाम आने से पहले ही उसके समर्थक इंटरनेट पर खुशियां मनाने लगे थे। हमले के बाद आईएस के समर्थकों ने खुशी जाहिर की और आपस में बधाई संदेश भेजे थे।

समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामिक स्टेट से जुड़े ट्वीटर अकाउंट से धमाके से जुड़े हैशटैग का इस्तेमाल करके बधाई संदेश भेजे गए और दूसरी जगहों पर ऐसे ही हमलों के लिए हौसला अफजाई की गई।

भारतीय राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मैनचेस्टर धमाके पर शोक व्यक्त करते हुए पीड़ितों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। राष्ट्रपति मुखर्जी ने कहा कि भारत दुख की इस घडी में ब्रिटेन के साथ है।