भारत

दिल्ली-एनसीआर में छाई जहरीली धुंध

भारत के दिल्ली में मंगलवार को वायु प्रदूषण बेहद गंभीर स्तर पर पहुंच गया। प्रदूषण परमीसिबल स्टैंडर्ड (सहन करने लायक स्तर) से कई गुना अधिक होने के कारण पूरी दिल्ली धुंध की मोटी चादर में लिपट गई।

बीती शाम से वायु की गुणवत्ता और दृश्यता में तेजी से गिरावट आ रही है तथा नमी और प्रदूषकों के मेल के कारण शहर में घनी धुंध छा गई है।

मंगलवार सुबह दस बजे तक केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हवा की गुणवत्ता को बेहद गंभीर स्थिति में बताया जिसका मतलब यह है कि प्रदूषण बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है।

वर्तमान हालात के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित पर्यावरण प्रदूषण रोकथाम एवं नियंत्रण प्राधिकरण (ई पी सी) द्वारा ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जी आर ए पी) के तहत तय उपाय इस्तेमाल में लाए जा सकते हैं जिसमें पार्किंग शुल्क को चार गुना बढ़ाया जाना शामिल है।

अगर स्थिति और खराब होती है और कम से कम 48 घंटों तक बनी रहती है तो जी आर ए पी के तहत आने वाला कार्यबल स्कूलों को बंद कर सकता है और सम-विषम (आॅड-ईवन) योजना को फिर शुरू कर सकता है।

पिछली बार हवा की गुणवत्ता दीपावली के एक दिन बाद 20 अक्टूबर को बेहद गंभीर स्थिति में पहुंची थी। तब से प्रदूषण के स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और हवा की गुणवत्ता काफी खराब स्तर पर बनी हुई है। यह अत्यंत गंभीर से बेहतर स्थिति है, लेकिन वैश्विक मानकों के मुताबिक यह भी खतरनाक है।

वायु गुणवत्ता बेहद खराब होने का मतलब है कि लंबे समय तक इसके संपर्क में आने पर लोगों को सॉंस संबंधी परेशानी हो सकती है, जबकि बेहद गंभीर स्तर पर होने का मतलब है कि यह सेहतमंद लोगों पर भी असर डाल सकती है और सॉंस तथा दिल के मरीजों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।

सी पी सी बी के एयर लैब प्रमुख दीपांकर साहा ने बताया कि हवा बिलकुल भी नहीं चल रही जिस वजह से यह हालात बने हैं। वहीं, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आई एम ए) ने दिल्ली में हवा के खराब गुणवत्ता को देखते हुए इसे पब्लिक हेल्थ के लिए बेहद हानिकारक बताया है। आई एम ए के प्रेसिडेंट डॉ. के के अग्रवाल ने स्कूल बंद करने और लोगों को घर से बाहर ना जाने की अपील की है।

मौसम में मौजूद नमी ने जमीन पर स्थित स्रोतों से निकलने वाले प्रदूषकों को वहीं पर रोक दिया है। मौसम का हाल बताने वाली निजी एजेंसी स्कायमेट का कहना है कि पड़ोसी राज्य पंजाब और हरियाणा में बड़े पैमाने पर पराली जलाई जा रही है और वहां से हवा दोपहर के वक्त शहर में प्रवेश कर रही है। सी पी सी बी ने पड़ोसी शहर नोएडा और गाजियाबाद में भी हवा की गुणवत्ता बेहद गंभीर बताई है।

नोटबंदी कानूनी डकैती थी, भारत के बजाय चीन को फायदा हुआ: मनमोहन सिंह

गुजरात में मंगलवार को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नोटबंदी, जीएसटी और बुलैट ट्रेन को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है।

मनमोहन सिंह ने कहा कि जीएसटी और नोटबंदी दोनों ही हमारी अर्थव्यवस्था के लिए बहुत खतरनाक कदम हैं।

उन्होंने कहा कि इनकी वजह से हमारे छोटे निवेशकों की कमर टूट गई है। अहमदाबाद में व्यापारियों को संबोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा, ''कल हम उस विनाशकारी पॉलिसी की पहली वर्षगांठ मनाएंगे, जो हमारे देश के लोगों पर थोप दी गई थी।''

पूर्व पीएम ने भारतीय अर्थव्यवस्था और लोकतंत्र के लिए 8 नवंबर को 'काला दिवस' करार दिया है।

उन्होंने कहा, ''मैंने जो संसद में कहा था, उसे मैं दोहराना चाहता हूं। यह एक सुनियोजित लूट और कानूनी डकैती थी।''

मनमोहन सिंह ने नोटबंदी को बिना सोचे-समझे जल्दबाजी में उठाया गया कदम बताया और कहा कि इसके किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हुई। साथ ही , उन्होंने कहा कि जीएसटी के तहत अनुपालन की शर्तें छोटे व्यवसायों के लिए बुरा सपना बन गई हैं।

मनमोहन सिंह ने कहा कि नोटबंदी की वजह से भारतीयों ने चीन से ज्यादा आयात किया है।

उन्होंने बताया कि 2016-17 की पहली तिमाही में भारत ने 1.96 लाख करोड़ रुपए का आयात किया था, जो कि 2017-18 में 2.41 लाख करोड़ रुपए हो गया।

उन्होंने आयात में अभूतपूर्व वृद्धि के पीछे की वजह जीएसटी और नोटबंदी को बताया, जो कि एक साल में 23 फीसदी बढ़ा है।

इसके साथ ही मनमोहन सिंह ने नरेंद्र मोदी सरकार के बुलैट ट्रेन प्रोजेक्ट की भी आलोचना की।

उन्होंने कहा, ''बड़ी धूमधाम से शुरु की गई बुलेट ट्रेन परियोजना अहंकार की कवायद है। क्या प्रधानमंत्री नें ब्रॉड गेज रेलवे को अपग्रेड करके हाईस्पीड ट्रेन के विकल्पों के बारे में सोचा है?''

बता दें, बुधवार (8नवंबर) को नोटबंदी को एक साल पूरा हो जाएगा। पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 नवंबर को 500 और 1000 के पुराने नोट बंद करने का ऐलान किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस कदम का विपक्षी दलों ने काफी विरोध किया था।

मनमोहन सिंह ने उस वक्त भी कहा था कि यह कदम भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए खतरनाक होगा।

शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, नोटबंदी की वजह से हजारों लोगों की नौकरियां चली गईं

बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी तभी लोगों की उम्मीदों पर खरा उतर सकती है, जब पार्टी 'वन मैन शो' और 'टू मैन आर्मी' के खांचे से बाहर निकलेगी।

उन्होंने कहा कि आज की तारीख में देश के युवा, किसान और व्यापारी वर्ग बीजेपी सरकार की नीतियों से खफा हैं। उन्होंने पीटीआई से बात करते हुए कहा, ''मुझे लगता है कि हम गुजरात और हिमाचल प्रदेश, दोनों विधानसभा चुनावों में कठिन चुनौतियों का सामना कर रहे हैं क्योंकि युवाओं, किसानों और व्यापारियों में केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर घोर असंतोष है।''

बता दें कि शत्रुघ्न सिन्हा पाटलीपुत्र से लोकसभा सांसद हैं और पिछले कुछ महीनों से अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं। कुछ दिन पहले ही उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा का समर्थन किया था और देश की गिरती अर्थव्यवस्था पर मोदी सरकार पर निशाना साधा था।

जब उनसे पूछा गया कि क्या आप बीजेपी को छोड़ने का मन बना रहे हैं तो उन्होंने कहा, ''मैं इसे छोड़ने के लिए बीजेपी में शामिल नहीं हुआ था। लेकिन जब मैं कहता हूँ कि हम अपनी चुनौतियों का सामना नहीं कर सकते हैं, तब भी मैं उन शब्दों को कम नहीं कर सकता, जब हम कहते हैं कि पार्टी 'वन मैन शो' और 'टू मैन आर्मी' बन रही है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पार्टी को एकजुट होकर और उन बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर, जिन्होंने सबकुछ न्योछावर कर पार्टी को इस मुकाम तक पहुंचाया है, दृढ़ता से लड़ाई लड़नी चाहिए।

उन्होंने कहा, ''मुझे आज तक यह समझ में नहीं आया कि लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी जैसे सीनियर लीडर की क्या गलती थी कि उन्हें साइडलाइन कर दिया गया और बीच मझधार में छोड़ दिया गया। हमलोग सभी एक परिवार के सदस्य हैं। अगर इनमें से किसी से कुछ गलती हुई है तो उसे क्यों नहीं भुलाया जा रहा।''

शत्रुघ्न सिन्हा ने पार्टी आलाकमान को नसीहत दी कि सरकार की खामियों का ईमानदारी पूर्वक विश्लेषण किया जाय।

उन्होंने कहा कि हम इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि नोटबंदी की वजह से हजारों लोगों की नौकरियां चली गईं।

उन्होंने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी दोनों मोर्चे पर सरकार के कदम कल्याणकारी नहीं रहे हैं। जीएसटी की जटिलता से व्यापारी वर्ग नाखुश है।

कार्टूनिस्ट की गिरफ्तारी पर कमल हासन ने कहा, अगर सभी सच बोलने वालों को सलाखों के पीछे डाल दिया जाएगा, तो जेलें कम पड़ेंगीं

फिल्म एक्टर कमल हासन ने रविवार को गिरफ्तार हुए कार्टूनिस्ट जी बाला का समर्थन किया है। उन्होंने कहा है कि अगर सभी सच बोलने वालों को सलाखों के पीछे डाल दिया जाएगा, तो जेलें कम पड़ेंगीं।

तिरुनवेल्ली के कार्टूनिस्ट पर यह कार्रवाई विवादित कैरिकेचर बनाने को लेकर की गई है, जिसमें उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री, एक जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर पर तंज कसा था।

कार्टूनिस्ट ने उसमें उन्हें दो हफ्ते पहले कलेक्ट्रेट के बाहर एक परिवार की मौत का जिम्मेदार ठहराया था।

कार्टूनिस्ट की गिरफ्तारी पर हासन ने बताया, ''आतंकवाद अतिवाद से अलग है। मैं अपनी विचारधारा दूसरों पर थोपता नहीं हूं। मैं एक तर्कवादी हूं।'' उन्होंने आगे कहा, ''अगर आप सच बोलने वालों को सलाखों के पीछे बंद कर देंगे, तो जेलों की संख्या उन्हें रखने के लिए कम पड़ जाएंगी।''

वहीं, जी.बाला की गिरफ्तारी के विरोध में सोमवार को शाम चार बजे चेन्नई भर के पत्रकार विरोध प्रदर्शन करेंगे।

तिरुनवेल्ली में एक जिलाधिकारी की शिकायत पर बाला गिरफ्तार किए गए हैं। आरोप है कि जी बाला ने मुख्यमंत्री ई पलानीस्वामी, नेल्लाई के जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर के खिलाफ कैरिकेचर बनाया था। वह उनकी छवि खराब करने का प्रयास कर रहे थे।

कार्टूनिस्ट पर सूचना प्रौद्योगिकी (आई टी) अधिनियम की धारा 67 के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि तिरुनवेल्ली में जिला क्राइम ब्रांच में कलेक्टर ने शिकायत दर्ज कराई थी।

जैसे ही बाला की गिरफ्तारी हुई, टि्वटर पर #standwithCartoonistBala ट्रेंड करने लगा था।

जिस कैरिकेचर के लिए बाला गिरफ्तार किए गए, वह उन्होंने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट किया था। मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर को उन्होंने इसमें एक परिवार की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया था, जिसने दो हफ्ते पहले कलेक्ट्रेट के बाहर ख़ुदकुशी कर ली थी।

आरोप है कि उस परिवार को कुछ महाजनों और जिलाधिकारी ने सताया था और पुलिस भी बीते दो महीनों में उनकी छह शिकायतों पर कुछ नहीं कर सकी थी। ऐसे में बाला का व्यवस्था पर चोट करता यह कैरिकेचर वायरल होने लगा।

कैरिकेचर में एक बच्चा जमीन पर लेटा है, जो जल रहा है। सामने सीएम, जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर तमाशबीन बने हैं। वे इस दौरान नग्न खड़े हैं और नोटों की गड्डियों से खुद को ढंकते दिख रहे हैं।

एक सरकारी अधिकारी की मानें, तो बाला ने यह पोस्ट 24 अक्टूबर की रात को पोस्ट किया था। तकरीबन 38 हजार लोगों ने इसे शेयर किया।

कैरिकेचर का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य सचिव और डीजीपी को इस बाबत सूचना देते हुए उन्हें गिरफ्तार करने का आदेश दिया। पुलिस के मुताबिक, बाला पर सूचना और प्रौद्योगिकी अधियिनयम की धारा 67 और भारतीय दंड संहिता की धारा 501 के तहत मामला दर्ज किया है।

लालू ने कहा, ''टॉयलेट- एक घोटाला कथा'', स्टोरी, पटकथा, शूटिंग, संपादन, निर्देशन, वितरण, सबकुछ नीतीश कुमार

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने हाल ही में उजागर हुए शौचालय घोटाले पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर बड़ा हमला किया।

रविवार (05 नवंबर) को उन्होंने ट्वीट कर उन पर हमला बोला और इस घोटाले के हरेक पहलू के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया।

लालू ने ट्विटर पर काव्यात्मक लहजे में लिखा है, फ़िल्म= ''टॉयलेट-एक घोटाला कथा''
स्टोरी, पटकथा= नीतीश कुमार
शूटिंग, संपादन= नीतीश कुमार
निर्देशन, वितरण= नीतीश कुमार
#ToiletChorNitish

एक यूजर ने नीतीश पर निशाना साधा है और लिखा है, ''वाह सुशासन बाबू आपने तो कमाल ही कर दिया, लोग कुछ खा पीकर पाखाना करते है, मगर आप तो 13 करोड़ का पाखाना ही खा गए।''

उल्टे तिरंगे के सामने बैठे योगी आदित्यनाथ और गिरिराज, लोगों ने पूछा- कब जा रहे हो पाकिस्तान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ एक ट्वीट के बाद से ही यूजर्स के निशाने पर आ गए हैं। दरअसल गुरुवार (2 नवंबर) को उन्होंने एक तस्वीर शेयर की थी।

इस तस्वीर में केंद्रीय राज्यमंत्री गिरिराज सिंह भी नजर आ रहे हैं। जबकि सीएम योगी एक टेबल पर बैठे किन्हीं कागजों पर हस्ताक्षर कर रहे हैं। तस्वीर में मॉरिशस और भारत का तिरंगा भी टेबल पर रखा है।

पहली नजर में तस्वीर में सबुकछ सामान्य नजर आता है, लेकिन ध्यान से देखें तो टेबल पर रखा तिरंगा उल्टा लगाया गया है।

वहीं तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा गया है, मॉरिशस में अप्रवासी घाट पर आगंतुक पुस्तिका में अपने उद्गार अंकित किया। हालांकि मॉरिशस ने इसके लिए माफी मांगी है।

उल्टे तिंरगे को लेकर यूजर्स ने सीएम योगी और केंद्रीय मंत्री पर तंज कसा है।

कोमल लिखती हैं, ''तिरंगा उल्टा लगाया है।'' शरद प्रताप सिंह लिखते हैं, ''शायद टीप कर वन्दे मातरम् लिख रहे हैं। इसलिए ध्यान नहीं गया कि राष्ट्रीय ध्वज उल्टा लगा है। ये है इनका छद्म राष्ट्रवाद।'' अनुभवी बाबा तस्वीर को उल्टा शेयर कर लिखते हैं, ''मेरे लिए तिरंगा ही सबकुछ है।'' बुल्ला गिरिराज से सवाल पूछते हुए लिखते हैं, ''झंडा उल्टा है। तुम कब जा रहे हो पाकिस्तान।''

एक यूजर लिखती हैं, ''मूर्ख कम से कम भारतीय झंडा तो चैक कर लिया करो।'' अजय कुशवाहा लिखते हैं, ''योगी जी मॉरिशस में अप्रवासी घाट पर आगंतुक पुस्तिका में अपने उद्गार अंकित किए।'' शाहनवाज अंसारी लिखते हैं, ''योगी जी तिरंगे का अपमान जो आप किए हैं ,उसके लिए क्या कहेंगे? कम से कम तिरंगे को सीधा तो कर लिए होते कि सत्ता के नशे में कुछ दिख नहीं रहा है?''

कमल हासन ने कहा, हिंदू आतंकवाद से इनकार नहीं कर सकते हैं दक्षिणपंथी

फिल्मों से राजनीति में आने का संकेत दे चुके साउथ की फिल्मों के सुपरस्टार कमल हासन ने कहा है कि दक्षिणपंथी लोग किसी भी हाल में हिंदू आतंकवाद से इनकार नहीं कर सकते हैं।

दक्षिणपंथी राजनीति करने वालों पर सीधा निशाना साधते हुए कमल हासन ने कहा कि पहले दक्षिणपंथी हिंदू लोग हिंसा में शामिल नहीं होते थे, वे अपने विरोधियों का तर्कों के आधार पर विरोध करते हुए शास्त्रार्थ करते थे। लेकिन, ये पुरानी रणनीति हार गई और अब वे जो करते हैं, उसमें बल प्रयोग होता है।

हासन ने कहा, ''अब उन्होंने हिंसा फैलाना शुरू कर दिया है।''

कमल हासन ने कहा, ''हिंदू आतंकवाद की बात कहने वाले लोगों को दक्षिणपंथी चैंलेज नहीं कर सकते हैं, क्योंकि आतंक हिंदू कैंप में भी पहुंच गया है। इस तरह की आतंकी गतिविधियां उन्हें किसी तरह की मदद नहीं करने वाली।''

कमल हसन ने ये बातें एक तमिल मैगजीन Ananda Vikatan में अपने लेख में लिखी हैं।

कमल हसन के इस बयान पर महाभारत छिड़ती नजर आ रही है। जहां कांग्रेस इस सुपरस्टार के बयान का समर्थन करती दिख रही है, वहीं बीजेपी की तरफ से जबरदस्त पलटवार किया गया है।

कमल के बयान पर बीजेपी सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा, ''कमल हासन ईमानदार व्यक्ति नहीं हैं और न ही निष्पक्ष हैं। जयललिता के खिलाफ जब हम भ्रष्टाचार के केस चला रहे थे, तब वो चूहे की तरह बिल में दुबक कर बैठ गए थे, आज तक उन्होंने किसी भी सार्वजनिक आंदोलन में हिस्सा नहीं लिया।''

उन्होंने कहा कि उनकी तीन फिल्में फ्लाप हो चुकी हैं इसलिए अब सिनेमा से रिटायरमेंट चाहते है। इसलिए इस तरह के स्टेटमेंट दे रहे हैं। उनका कुछ होने वाला नहीं है, इसलिए कम्युनिस्टों की चापलूसी कर रहे है। स्वामी ने कहा कि वो आधारहीन आरोप लगा रहे हैं, उनके पास कोई सबूत नहीं है।

राहुल के साथ सेल्फी के लिए वैन पर चढ़ गई लड़की

गुजरात विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के प्रति लोगों में काफी दीवानगी देखने को मिल रही है। राहुल गांधी के संबोधन के वक्त जहां लोग उनका भाषण सुनने पहुंच रहे हैं तो वहीं लोगों में उनके साथ फोटो खिंचाने की भी होड़ लगी है।

बुधवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष के साथ सेल्फी लेने के लिए एक लड़की उनकी गाड़ी पर चढ़ गई। राहुल गांधी के साथ यह घटना उस वक्त हुई, जब वह कांग्रेस की नवसर्जन यात्रा के तीसरे चरण के तहत गुजरात के भरूच में रोड शो कर रहे थे, उस दौरान एक लड़की उनके साथ सेल्फी लेने के लिए उनकी गाड़ी पर चढ़ गई।

राहुल ने भी उसे वक्त देते हुए रोड शो के बीच में ही लड़की के साथ फोटो ली। वहीं तस्वीर लेने के बाद स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) ने लड़की को वैन से उतरने में मदद की। राहुल गांधी ने उस वक्त वहां मौजूद लोगों को वक्त देते हुए हाथ भी मिलाया।

दरअसल इस वक्त कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 के लिए पार्टी के प्रचार-प्रसार में बिजी हैं। बुधवार को नवसर्जन यात्रा के तीसरे चरण में गुजरात पहुंचे कांग्रेस उपाध्यक्ष ने पीएम नरेंद्र मोदी के गुजरात मॉडल की कड़ी आलोचना की।

विधानसभा चुनाव के मद्देनजर तीन दिनों के लिए गुजरात दौरे पर पहुंचे राहुल गांधी ने वित्त मंत्री अरुण जेटली के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि भारत को विदेशी संस्थानों से किसी तरह का कोई सर्टिफिकेट नहीं चाहिए, भारत को देश की जनता से सर्टिफिकेट चाहिए।

दरअसल अरुण जेटली ने भारत द्वारा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग में 30 पायदान की छलांग लगाने के एक दिन बाद बुधवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि यूपीए और एनडीए के बीच फर्क- ईज ऑफ डूइंग करप्शन की जगह ईज ऑफ डूइंग बिजनेस ने ले ली है।

जिस पर राहुल गांधी ने आज भरूच में कहा, ''आप करप्शन की बात कर रहे हैं। क्या आपने जय शाह का नाम नहीं सुना है? अरुण जेटली ने जय शाह के बारे में एक शब्द भी नहीं कहा।''

आपको बता दें कि गुजरात विधानसभा चुनाव दो चरणों में होगा, इसके लिए 9 और 14 दिसंबर को मतदान होगा। वहीं मतगणना 18 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश के साथ कराई जाएगी। विधानसभा की कुल 182 सीटों में से पहले चरण में 89 सीटों और दूसरे चरण में 93 सीटों पर चुनाव कराया जाएगा।

उत्तर प्रदेश: रायबरेली के एनटीपीसी प्लांट में बॉयलर पाइप फटा, 10 मरे, 70 घायल

उत्तर प्रदेश के रायबरेली में बड़ा हादसा हुआ है। बुधवार शाम तकरीबन चार बजे यहां एनटीपीसी प्लांट में 500 मेगावॉट की यूनिट संख्या 6 के बॉयलर का पाइप फट गया।

इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई। जबकि 70 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना के दौरान अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।

अधिकारियों के मुताबिक, मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ भी सकती है। हादसे में ज्यादातर लोगों के जलने की बात सामने आई है। सभी को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना पर सीआईएसएफ मौके पर पहुंची। जबकि पास के जनपद प्रतापगढ़ और जिले की दमकल की गाड़ियों और एंबुलेंस को राहत एवं बचाव कार्य के लिए बुलाया गया। फिलहाल इस बारे में एनटीपीसी प्रबंधन ने कुछ भी नहीं बताया है।

उत्तर प्रदेश के एडीजी (कानून और व्यवस्था) ने घटनास्थल से 10 शव बरामद करने और 60-70 लोगों के घायल होने की पुष्टि की है।

वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने हादसे के सिलसिले में सूबे के स्वास्थ्य मंत्री से बात की है। उन्होंने इसके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव को हर संभव मदद मुहैया कराने का निर्देश जारी किया है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे के बाद राज्य के प्रमुख सचिव गृह को मौके पर पहुंचने का आदेश दिया है। उन्होंने इस बाबत ट्वीट भी किया और कहा कि घायलों का इलाज प्राथमिकता के लिहाज से लखनऊ स्थित पीजीआई में कराया जाए। राज्य सरकार ने मुआवजे के तौर पर मृतकों के परिवार वालों को दो लाख रुपए, गंभीर रूप से जख्मी हुए लोगों को 50 हजार रुपए और घायलों को 25 हजार रुपए देने का ऐलान किया है।

कोर्ट ने पतंजलि को 4,500 एकड़ जमीन पर यथास्थिति बरकरार रखने के आदेश दिए

रामदेव से जुड़ी पतंजलि योग लिमिटेड को नोएडा में फूड पार्क स्‍थापित करने के लिए दी गई 4,500 एकड़ जमीन पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यथास्थिति बरकरार रखने के आदेश दिए हैं।

मंगलवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यमुना एक्‍सप्रेस वे अथॉरिटी से पूछा कि क्‍या फूड पार्क स्‍थापित करने के लिए रामदेव, उनके किसी सहयोगी या उनकी कंपनी को परोक्ष-अपरोक्ष रूप से जमीन आवंटित की गई थी?

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अथॉरिटी को एक दिन का समय देते हुए कहा कि इस मामले पर बुधवार को सुनवाई की जाएगी।

असफ खान नाम के व्‍यक्ति ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका डालकर पतंजलि को जमीन आवंटन पर सवाल उठाए थे।

याचिका में कहा गया था कि इस जमीन पर लगे 600 पेड़ काटे जाने से पर्यावरण को नुकसान पहुंचेगा।

इलाहाबाद हाई कोर्ट की ओर से इस जमीन पर किसी भी तरह का निर्माण करने पर पहले ही रोक लगाई जा चुकी है।

इस मामले में सरकार व यमुना एक्‍सप्रेस वे अथॉरिटी की तरफ से परस्‍पर विरोधाभासी दावे किये जाने से रोचकता आई है। उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि अथॉरिटी के अधिकारियों ने इस जमीन से करीब 300 पेड़ काट दिए हैं, जबकि अथॉरिटी का कहना है कि उन्‍होंने कोई पेड़ नहीं काटा।

उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) के जिलाधिकारी ने हलफनामा दायर करके कहा कि उन्होंने मौके पर जाकर देखा कि कुछ हरे पौधे जो हाल ही में लगाए गए थे, उन्हें उखाड़ा गया है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने डीएम की यह दलील उन तस्वीरों का हवाला देकर खारिज कर दी जिसमें काफी बड़े पेड़ दिखायी दे रहे थे।

इलाहाबाद हाई कोर्ट में दायर की गये पूरक हलफनामे में जेसीबी मशीन की मदद से पेड़ उखाड़े जाते दिख रहे हैं।

29 अगस्त को यमुना एक्‍सप्रेस वे अथॉरिटी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट से कहा था कि अगर विवादित जमीन पर पेड़ उखाड़े भी गए हैं, तो ये अथॉरिटी के निर्देश पर नहीं किया गया है।

जस्टिस तरुण अग्रवाल और जस्टिस अजय भनोट की खंडपीड ने मामले पर सुनवाई के दौरान कहा कि मामले को ढ़कने की कोशिश की जा रही है।

पतंजलि ने बतौर ब्रांड भारतीय बाजार में अच्‍छी-खासी पैठ बना ली है। इसी साल मई में, रामदेव ने बताया था कि पतंजलि का टर्नओवर 10,561 करोड़ रुपए रहा है और मुनाफा 100 फीसदी की दर से बढ़ रहा है।