भारत

मोदी जी जल्दी कीजिए, राष्ट्रपति ट्रंप एक बार फिर गले लगना चाहते हैं: राहुल गांधी

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पाकिस्तान की सरहाना किए जाने के बाद रविवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति को निशाने पर लिया।

हक्कानी आतंकी नेटवर्क की गिरफ्त से एक अमेरिकी-कनाडाई परिवार को सुरक्षित बचाने पर ट्रंप ने पाकिस्तान की सराहना की थी।

राहुल ने ट्वीट कर मोदी पर तंज कसा, ''मोदी जी जल्दी कीजिए, ऐसा लग रहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप एक बार फिर गले लगना चाहते हैं।''

ट्वीट के साथ, कांग्रेस नेता ने ट्रंप के नवीनतन बयान का एक चित्र पोस्ट किया जिसमें लिखा हुआ था कि ''अमेरिका, पाकिस्तान और उसके नेताओं के साथ बेहतर रिश्ता बनाने के लिए शुरुआत करना चाहता है। कई मोर्चों पर साथ देने के लिए धन्यवाद इस्लामाबाद।''

ट्रंप ने इससे पहले पाकिस्तान पर जमकर हमला बोला था और आरोप लगाया था कि 'जिन आतंकियों से हम लड़ रहे हैं, पाकिस्तान उन्हें पनाह दे रहा है।''

ट्रंप द्वारा पाकिस्तान की आलोचना जून माह में मोदी के अमेरिका दौरे के बाद आई थी। उस वक्त प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप गले मिले थे और ट्रंप ने मोदी को सच्चा दोस्त बताया था।

बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने एक बयान में कहा था कि पाकिस्तान ने सालों से अमेरिका का जबरदस्त फायदा उठाया है, लेकिन अब पाकिस्तान के साथ उनके देश के वास्तविक संबंधों की शुरूआत है।

हक्कानी आतंकवादी नेटवर्क के कब्जे से पांच साल बाद अमेरिकी-कनाडाई परिवार की सुरक्षित रिहाई से अमेरिका ने आशा जतायी है कि दोनो देशों के बीच संबंधों में सकारात्मक बदलाव आएगा।

बीजेपी तड़प रही है, अब हवा का रुख बदल गया है: नवजोत सिंह सिद्धू

पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने इंडियन एक्सप्रेस के आइडिया एक्सचेंज कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी पर वार किया है।

सिद्धू ने कहा कि आज की तारीख में हवा का रुख बदल चुका है। हालात ऐसे हैं कि बीजेपी तड़प रही है।

पंजाब के पर्यटन और संस्कृति मंत्री सिद्धू ने बताया कि बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में वो क्यों शामिल हुए? उन्होंने कहा कि पंजाब के पिछले मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उनके बेटे सुखबीर बादल राज्य में गुंडातंत्र चला रहे थे, जिससे वो परेशान थे।

उन्होंने कहा कि राज्य में स्वच्छ सरकार और प्रशासन देने के लिए ही उन्होंने साफ दिल वाले राहुल गांधी से हाथ मिलाया।

गुरदासपुर उप चुनाव पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में सिद्धू ने कहा, ''जैसे लोहा लोहे को काटता है, आग आग को काटता है, कांटा कांटे से निकलता है, वैसे ही जब सांप ने काटा है तो उसका एंटीडोज तो विष ही है, कोई सारिडॉन नहीं।''

उन्होंने कहा, लोकतंत्र में शासन जनता का, जनता के लिए होता है, लेकिन बादल सरकार ने क्या किया? उनलोगों ने सरकार को अपने परिवार की जागीर बना लिया। पंजाब सरकार के 35 मंत्रालय बादल परिवार के लोग चला रहे थे। उन लोगों ने राज्य में डंडों के बल पर सरकार चलाई। पंजाब में लोकतंत्र नहीं, गुंडातंत्र हावी था।

आम आदमी पार्टी में शामिल होने की अटकलों और फिर कांग्रेस में शामिल होने पर सिद्धू ने बताया कि अरविंद केजरीवाल से उनकी मुलाकात हुई थी और आम आदमी पार्टी में शामिल होने पर सकारात्मक बातचीत हुई थी, लेकिन उन्होंने पार्टी में मेरे रोल पर कोई चर्चा नहीं की।

बतौर सिद्धू, केजरीवाल ने कहा था कि आप पार्टी ज्वाइन कर लो और जब मैं बिपासना से वापस आ जाऊंगा तो इस पर चर्चा कर लेंगे। लेकिन इस तरह से सिद्धू ने आम आदमी पार्टी में शामिल होने से मना कर दिया।

उन्होंने कहा कि मीडिया में 200 बार खबरें लीक हुईं कि मैं केजरीवाल से मिल रहा हूं।

सिद्धू ने बताया कि केजरीवाल ने कहा था कि आप सात-आठ दिनों तक चुनाव प्रचार करें, इसके बाद हम आपकी पत्नी को पार्टी का टिकट देंगे।

सिद्धू ने बताया कि मीटिंग में मेरे साथ मित्र बंटी भी थे जिन्होंने उस वक्त कहा कि आप चार बार सांसद रह चुके शख्स से बात कर रहे हैं, किसी उम्मीदवार से नहीं। जो टिकट मांग रहा है।

उन्होंने कहा था कि मेरे मित्र पंजाब का मुख्यमंत्री बनना चाह रहे हैं। इसके बाद सिद्धू अपने घर चले गए।

बाद में देखा तो उनके मोबाइल पर 10-12 मिस्ड कॉल थे। जिस शख्स का मिस्ड कॉल था, उसने बताया कि प्रियंका गांधी उनसे मिलना चाहती हैं। बाद में इन दोनों नेताओं की मुलाकात हुई। वहां गुलाम नबी आजाद भी थे।

सिद्धू ने बताया कि प्रियंका गांधी और केजरीवाल की मीटिंग के बीच आसमान-जमीन का अंतर था।

गुरदासपुर लोकसभा उपचुनाव: बीजेपी की करारी हार, कांग्रेस के सुनील जाखड़ जीते

कांग्रेस उम्मीवार सुनील जाखड़ ने गुरदासपुर लोकसभा उपचुनाव में जीत दर्ज की है।

जाखड़ ने बीजेपी प्रत्याशी सवर्ण सिंह सलारिया को 1,93,219 मतों के अंतर से हरा दिया है।

कांग्रेस के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने गुरदासपुर, चंडीगढ़ और अन्य स्थानों में पटाखे फोड़कर और मिठाई बांटकर पहले ही जीत का जश्न मनाना शुरू कर दिया था।

इस सीट पर 2014 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी की जीत हुई थी।

इस सीट पर चार बार सांसद रहे विनोद खन्ना के अप्रैल में निधन के बाद यह सीट खाली हो गई थी। इस सीट के लिए 11 अक्टूबर को मतदान हुआ था। लगभग 15.22 लाख पंजीकृत मतदाताओं में से करीब 56 प्रतिशत ने इस चुनाव में अपना मताधिकार का प्रयोग किया था, हालांकि 2014 के आम चुनावों में हुए 70 प्रतिशत मतदान के मुकाबले इस बार काफी कम मतदान हुआ।

संवाददाताओं से बातचीत में राज्य के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिंद्धू ने कहा, ''हम लोगों ने पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी को लाल रिबन में पैक करके दिवाली का उपहार भेंट किया है, क्योंकि यह आगे की राह तय करेग। ...।''

सिद्धू ने कहा, ''यह 'जीजा-साले' (शिअद प्रमुख सुखबीर बादल और विक्रम सिंह मजीठिया) के चेहरे पर बड़ा तमाचा है। आज बीजेपी यह समझ जाएगी कि अकाली दल पंजाब में बड़ा बोझ बन गई है। बार-बार लोगों ने उनको याद दिला दी है। ....।''

हिंदू संगठनों की शिकायत पर पुलिस ने मुस्लिम परिवार की 51 गायें छीन ली

भारत में राजस्थान के अलवर में कुछ हिंदू एक्टिविस्टों की शिकायतों पर पुलिस ने एक मुस्लिम परिवार की 51 गायों को छीनकर गांव की एक गौशाला के हवाले कर दिया।

पिछले 10 दिन से यह परिवार अपनी गायों को वापस पाने के लिए जद्दोजहद कर रहा है। पुलिस का कहना है कि उसका इस घटना में कोई हाथ नहीं है।

6 महीने पहले पहलू खान की हत्या कर दी गई थी, अब मियो समुदाय के अन्य सदस्य पर हिंदू संगठनों द्वारा इसी तरह का ठप्पा लगाया जा रहा है।

टाइम्स अॉफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सुब्बा खान (45) ने कहा कि गौरक्षकों की शिकायत पर स्थानीय पुलिस ने बलपूर्वक 51 गायों को पकड़कर उन्हें गौशाला में भेज दिया। वह अब एसडीएम अॉफिस और पुलिस स्टेशन के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक कोई फायदा नहीं हुआ।

वहीं पुलिस का कहना है कि उसका इस मामले में कोई हाथ नहीं है और स्थानीय लोग ही गायों को गौशाला ले गए थे।

सुब्बा खान के घर में फिलहाल 17 बछड़े हैं, जिन्हें बोतलों से दूध पिलाना पड़ रहा है। उन्होंने किशनगढ़ पुलिस स्टेशन और एसडीएम दफ्तर में एफिडेविट भी दिया है, जिसके मुताबिक सभी गायें दुधारू हैं और बछड़े  उनके घर पर हैं।

मियो पंचायत के मुख्य शेर मोहम्मद ने टीओआई को शनिवार को बताया कि पुलिस ने दावा किया कि शिकायतों के मुताबिक खान गोकशी में शामिल था।

शेर मोहम्मद ने कहा कि अगर एेसा है तो पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज क्यों नहीं किया?

अलवर के एसपी राहुल प्रकाश ने टीओआई को बताया कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है और कोई टिप्पणी करने से पहले वह इसकी जानकारी हासिल करेंगे।

वहीं किशनगढ़ बस के एसएचओ राठौर ने उन आरोपों को नकार दिया, जिसमें कहा गया था कि पुलिस सुब्बा खान की गायों को ले गई है। उन्होंने कहा, गांववाले सुब्बा खान की गायों को गोशाला लेकर गए थे।

अब गांव वालों ने एसडीएम को खत लिखकर कहा है कि खान गायों की तस्करी नहीं करता और दूध बेचकर उसकी रोजी-रोटी चलती है।

मोहम्मद ने कहा कि अगर मियो को इस तरह से निशाना बनाया जाता है तो राज्य सरकार को कानून बनाकर मियो समुदाय के गाय या पालतू जानवर रखने पर रोक लगा देनी चाहिए।

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव: समाजवादी छात्र सभा को मिलीं 5 में से 4 सीटें

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव के नतीजे घोषित हो गए हैं। जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी, दिल्ली यूनिवर्सिटी, हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में मिली करारी हार के बाद इलाहाबाद यूनिवर्सिटी छात्र संघ के चुनाव में भी बीजेपी के छात्र संगठन एबीपीवी को करारी हार का सामना करना पड़ा है।

इसमें समाजवादी पार्टी के छात्र संगठन समाजवादी छात्र सभा ने 5 में से 4 सीटों पर  कब्ज़ा कर लिया है, जिसमें अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद भी शामिल है।

वहीं बीजेपी के छात्र संगठन एबीपीवी को एक सीट मिली है।

समाजवादी छात्र सभा के अवनीश कुमार अध्यक्ष चुने गए हैं। वहीं चंदशेखर चौधरी उपाध्यक्ष चुने गए हैं।

एबीवीपी के निर्भय कुमार द्विवेदी छात्रसंघ के महामंत्री चुने गए हैं। जबकि समाजवादी छात्र संघ के भरत सिंह संयुक्त सचिव और अवधेश कुमार पटेल को सांस्कृतिक सचिव चुना गया है।

गौरतलब है कि 2014 के लोक सभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को युवाओं और छात्रों का व्यापक समर्थन मिला था, लेकिन कई यूनिवर्सिटी के छात्र संघ चुनाव में बीजेपी के छात्र संगठन एबीपीवी को मिली करारी हार से साबित होता है कि नरेंद्र मोदी को युवाओं और छात्रों का समर्थन नहीं रहा।

ऐसे में 2019 का लोक सभा चुनाव जीतना नरेंद्र मोदी के लिए मुश्किल हो सकता है।

मोहम्मद अखलाक के हत्यारों को मिली एनटीपीसी में नौकरी

भारत में उत्तर प्रदेश के दादरी स्थित बिसाहड़ा गांव में मोहम्मद अखलाक की हत्या के 15 आरोपियों को दादरी स्थित नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) में कॉन्ट्रैक्ट पर नौकरी मिली है।

घर में गाय का मांस रखने की अफवाह के बाद भीड़ ने सितंबर 2015 में मोहम्मद अखलाक और उनके बेटे दानिश पर घर में घुसकर हमला कर दिया था। चोटों के कारण अखलाक की मौत हो गई थी। इसके बाद पूरे भारत में नामी लेखकों ने विरोध करते हुए अपने पुरस्कार लौटा दिए थे।

'द हिंदू' की रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी विधायक तेजपाल सिंह नागर ने एनटीपीसी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ 9 अक्टूबर को एक बैठक में 15 युवाओं की भर्ती की व्यवस्था की।

एनटीपीसी के प्रवक्ता ने नौकरी की पुष्टि करते हुए 'द हिंदू' को बताया कि हां हमने बिसाहड़ा के बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने का फैसला किया है। इसका अखलाक के मामले से कोई लेना-देना नहीं है।

एनटीपीसी के प्रवक्ता ने कहा कि एनटीपीसी की पॉलिसी के मुताबिक, प्रोजेक्ट के प्रभावित हुए बिसाहड़ा के कई लोगों को उनकी योग्यता और विशेषज्ञता के आधार पर कॉन्ट्रैक्ट पर नौकरी दी जाती हैं।

गौरतलब है कि अखलाक की हत्या के बाद 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया था और इनमें से एक रवीन सिसोदिया की जेल में अंग फेल हो जाने के कारण मौत हो गई थी। बाकी आरोपियों को बेल मिल गई थी।

सीएनएन न्यूज 18 से बातचीत में तेजपाल सिंह नागर ने कहा, जिस लड़के (रवीन सिसोदिया) की मौत हुई, उसकी पत्नी को एक महीने के भीतर प्राइमरी स्कूल में नौकरी और 8 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इसमें से 5 लाख एक बार में दिए जाएंगे, जबकि बाकी स्थानीय स्तर पर किए गए कलेक्शन से आएंगे।

मोहम्मद अखलाक की हत्या के आरोपियों को नौकरी मिलने पर कई लोगों और राजनीतिक दलों ने आपत्तियां जताई हैं। @GauravPandhi ने लिखा है कि अखलाक के कातिलों को एनटीपीसी में नौकरी मिलेगी। बेरोजगार युवाओं से बीजेपी- अगर सरकारी नौकरी चाहिए तो लोगों को मारो। @AmbedkarCaravan की ओर से ट्वीट किया गया कि बीजेपी एमएलए ने अखलाक हत्याकांड के 15 आरोपियों को एनटीपीसी में नौकरी की व्यवस्था कराई। इसका मतलब है कि सरकारी नौकरी चाहिए तो दलितों और मुस्लिमों की हत्या करो।

गौरतलब है कि भारत में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दक्षिण पंथी राजनीतिक पार्टी बीजेपी की सरकार है, साथ ही उत्तर प्रदेश में योगी के नेतृत्व में दक्षिण पंथी राजनीतिक पार्टी बीजेपी की ही सरकार है।

सवाल उठता है कि दक्षिण पंथी राजनीतिक पार्टी बीजेपी की सरकारें अब हत्यारों को भी सरकारी नौकरी देगी। जो भारत के कानून और संविधान के खिलाफ है।

आरुषि और हेमराज का हत्यारा कौन है?

चर्चित आरुषि-हेमराज हत्याकांड में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए तलवार दंपत्ति को बरी कर दिया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने तुरंत नूपुर तलवार और राजेश तलवार को जेल से रिहा करने का निर्देश दिया है।

हाईकोर्ट ने माना है कि जांच में कई खामियां हैं। ऐसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट भी इतनी कठोर सजा नहीं देता है। तलवार दंपत्ति साल 2013 से गाजियाबाद की डासना जेल में बंद हैं। उन्हें गाजियाबाद की सीबीआई कोर्ट ने इस  हत्याकांड का दोषी करार देते हुए दोनों को उम्रकैद सुनाई थी।

इसके बाद उनके वकीलों ने निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। तलवार दंपत्ति के वकील तनवीर अहमद ने तब सीबीआई कोर्ट के 204 पन्नों के फैसले पर सवाल उठाये थे।

इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में तब बचाव पक्ष के वकील तनवीर अहमद ने बताया था कि उन्होंने ट्रायल के दौरान कोर्ट का ध्यान चार प्रमुख मुद्दों पर दिलाने की कोशिश की थी, लेकिन अदालत ने उस पर ध्यान नहीं दिया। बाद में उन्हीं तथ्यों का हवाला देकर तलवार दंपत्ति के वकीलों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील की और उन्हें इसका लाभ मिला।

बचाव पक्ष के वकीलों ने हाईकोर्ट में दलील दी कि जांचकर्ता ने साक्ष्यों का बोझ आरोपियों पर डाल दिया। चूंकि जांच एजेंसी ने मान लिया कि घटना के दिन घर पर चार लोग ही थे, जिनमें से दो की हत्या हो गई। इसलिए बाकी बचे दो लोग ही इसके गुनहगार हैं।

बचाव पक्ष ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट ने काली राम बनाम हिमाचल प्रदेश सरकार (1973) में फैसला दिया था कि ऐसे मामलों में आरोपी पर साक्ष्यों का बोझ नहीं डाला जा सकता।

बचाव पक्ष ने दलील दी कि तलवार दंपत्ति की नौकरानी भारती मंडल को सीबीआई ने बयान देने के लिए दवाब डाला था। भारती ने कोर्ट को बताया था कि 16 मई 2008 की सुबह जब वो घर पर पहुंची थी, तो देखा कि दरवाजा अंदर से बंद है।

सीबीआई ने इस बयान का इस्तेमाल तलवार दंपत्ति के खिलाफ किया कि हत्यारा घर के अंदर ही थे, लेकिन बाद में ट्रायल के दौरान भारती ने स्वीकार किया कि उसे ऐसा कहने को सीबीआई ने कहा था।

बचाव पक्ष ने कोर्ट में जिस तरह घटनाओं की कड़ी को पेश किया है, उससे घटना की सच्चाई और आरोपियों को संदेह का लाभ मिला। चूंकि सीबीआई ने साक्ष्यों का बोझ आरोपियों पर डाल दिया, इसलिए यह साबित नहीं हो सका कि मर्डर केस में किसी बाहरी शख्स का हाथ है या नहीं।

सीबीआई ने निचली अदालत के सामने तथ्य पेश किए थे कि हेमराज के खून का डीएनए सैंपल आरुषि के कमरे से उसके तकिए पर से लिया गया था, लेकिन ट्रायल के दौरान फॉरेन्सिक लैबोरेटरी के डॉक्टर बी के महापात्रा ने कहा कि हेमराज के खून के नमूने आरुषि के कमरे से नहीं, हेमराज के कमरे से लिए गए थे।

बचाव पक्ष ने इस तरह के कुछ और तथ्यों में पाई गई गड़बड़ियों के सबूत कोर्ट को सौंपे। हाईकोर्ट ने भी माना कि ये तथ्य और सबूत तलवार दंपत्ति को दोषी ठहराने के लिए काफी नहीं हैं।

लेकिन अहम सवाल यह है कि अगर आरुषि और हेमराज की हत्या नूपुर तलवार और राजेश तलवार ने नहीं की थी तो आरुषि और हेमराज का हत्यारा कौन है? जो अभी तक पकड़ में नहीं आया है। आखिर आरुषि और हेमराज को कब मिलेगा इन्साफ!

नांदेड़ महानगर पालिका चुनाव नतीजे 2017: कांग्रेस को प्रचंड बहुमत, 81 सीटों में से 71 पर जीत

महाराष्ट्र के नांदेड़ महानगर पालिका चुनाव में कांग्रेस को एकतरफा जीत मिली है। कुल 81 सीटों में से कांग्रेस को 71, बीजेपी को छह, शिवसेना को एक सीट मिली है। वहीं, एक सीट निर्दलीय के नाम रही। जबकि दो सीटों के नतीजे आने अभी बाकी हैं।

कांग्रेस की सहयोगी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (ए आई एम आई एम) खाता खोलने में भी नाकाम रहीं। इस चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण की भी प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई थी। वह जीत से काफी उत्साहित हैं।

शाम को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी अशोक चव्हाण का यह उत्साह झलक रहा था। उन्होंने इस बाबत कहा कि लोगों ने आज कांग्रेस का समर्थन किया है। कांग्रेस की यह जीत लोगों को समर्पित है।

नांदेड़ महानगर पालिका में मतदान से पहले यहां बीजेपी के वरिष्ठ मंत्रियों सहित खुद सूबे के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खूब प्रचार किया।

महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख अशोक चव्हाण करीब तीन सप्ताह तक यहीं डेरा जमाए रहे। प्रचार के लिए यहां कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी यहां आये थे।

साल 2012 में हुए मतदान में कांग्रेस ने 81 सीटों में से 41 पर कब्जा किया था। जबकि 12 सीटें जीतकर शिवसेना दूसरे स्थान पर रही थी। AIMIM तीसरे नंबर रही थी, जिसने 11 सीटें जीतीं। वहीं बीजेपी महज दो सीट जीतने में कामयाब रही थी।

नांदेड़ वाघला नगर महापालिका के चुनाव में पहली बार वीवीपीएटी यानी वोटर वेरिफेबल पेपर आडिट ट्रेल मशीनों का इस्तेमाल किया गया। वार्ड संख्या दो के 37 मतदान केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग के साथ-साथ नया वीवीपीएटी का भी इस्तेमाल किया गया।

असदुद्दीन औवेसी की पार्टी सभी सीटों पर चुनाव हार गई। एआईएमआईएम ने बसपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था।

केरल बीजेपी दफ्तर पर पुलिस का छापा, बरामद हुए बम और तलवार

केरल पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी के दफ्तर पर छापा मारकर तलवार और बम बरामद किए हैं। पुलिस ने बीजेपी के कन्नूर के पानूर क्षेत्र में स्थित दफ्तर पर छापा मारा था।

बीजेपी के दफ्तर से पुलिस को एक तलवार और तीन स्टील बम मिले हैं। सीपीएम के मार्च पर बम फेंककर हमला करने के बाद यह छापा मारा गया है।

इस हमले का आरोप आरएसएस और बीजेपी के कार्यकर्ताओं पर लगाया गया था।

बता दें, कुछ दिन पहले बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने केरल में आरएसएस और बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या को लेकर केरल की लेफ्ट सरकार पर निशाना साधा था।

इसके बाद सीपीएम ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा था कि बीजेपी देश में अपनी मौजूदगी को मजबूत करने के लिए हमेशा हिंसा और दंगों का सहारा लेती है। बीजेपी ने प्रदेश में हाल ही में जन रक्षा यात्रा भी शुरू की थी, जिसमें यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी हिस्सा लिया था। यह यात्रा केरल में बीजेपी और आरएसएस कार्यकर्ताओं की हत्या के खिलाफ शुरू की गई थी।

बता दें, 8 अक्‍टूबर को केरल के कन्‍नूर जिले में कम्‍युनिस्‍ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) का जुलूस निकल रहा था, जिस पर बम फेंककर हमला किया गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में 5 सीपीएम कार्यकर्ता और दो पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।

सीपीएम के कन्‍नूर जिला सचिव ने आरोप लगाया था कि जन रक्षा यात्रा निकाल रही बीजेपी हमले के पीछे है।

राजनीतिक रूप से संवेदनशील पनूर इलाके में फौरन पुलिस की टुकड़ी भेजी गई थी। इस जिले में पिछले कुछ महीनों में खूनी संघर्ष देखने को मिला है। हमले के बाद सीपीएम ने पनूर और आसपास के इलाके में हड़ताल घोषित कर दी थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले साल भी कन्नूर के चक्करक्कल में बीजेपी ऑफिस के पास आरएसएस और बीजेपी कार्यकर्ताओं के एक गुट के पास से देसी बम और अन्य हथियार बरामद किए थे। पुलिस ने इनसे स्टील बम, तलवार, कुल्हाड़ी और रॉड बरामद की थीं। यह भी सीपीएम और बीजेपी कार्यकर्ताओं में झड़प के बाद मारे गए छापे में मिला था।

राहुल ने कहा, 'आरएसएस की शाखा में महिलाओं को शॉर्ट्स में देखा है क्या?'

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और आरएसएस से जुड़े संगठन महिलाओं के साथ भेदभाव करते हैं।

गुजरात के अकोटा में आयोजित एक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कहा, ''इनका (बीजेपी) मेन संगठन आरएसएस है। कितनी महिलाएं हैं आरएसएस में? कभी शाखा में महिलाओं को देखा है शॉर्ट्स में? मैंने तो नहीं देखा।''

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि बीजेपी महिलाओं के चुप रहने की पक्षधर है।

राहुल ने कहा, ''इनकी सोच है कि जब तक महिला चुप रहे, कुछ बोले न, तब तक महिला ठीक है। जैसे ही महिला ने मुंह खोला, उसको चुप करवाओ।''

जल्द होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले राज्य का दौरा कर रहे राहुल ने कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो वे महिला सशक्तीकरण पर ध्यान केंद्रित करेंगे।

राहुल ने कहा, ''हमारा फोकस एजुकेशन, स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी होगा। क्या पीएम नरेद्र मोदी ने आपसे बात करके यह जानना चाहा है कि आपको क्या चाहिए।"

बता दें कि राहुल बीते कुछ वक्त से बीजेपी और आरएसएस के खिलाफ काफी हमलावर रहे हैं। राहुल आरोप लगाते रहे हैं कि बीजेपी की विचारधारा देश को बांटने वाली है। उनका यह भी कहना है कि मोदी सरकार गरीबों के लिए नहीं, बल्कि उद्योगपतियों के फायदे के लिए काम कर रही है।