भारत

मोदी जी के गुजरात मॉडल में गरीबों से बिजली और पानी लेकर उद्योगपतियों को दे दिया जाता है: राहुल गाँधी

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर हमला बोला है। बुधवार को उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के गुजरात मॉडल की कड़ी आलोचना की।

राहुल गाँधी ने कहा, ''भरूच में किसान दबा हुआ है। वह रो रहा है। यहां गरीबों से बिजली और पानी लेकर उद्योगपतियों को दे दिया जाता है। बाद में उनसे कुछ हासिल नहीं होता। यह है मोदी जी का गुजरात मॉडल।''

राहुल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर तीन दिनों के लिए गुजरात दौरे पर हैं। भरूच के जंबुसर में आयोजित रैली में उन्होंने आगे कहा, ''नरेंद्र मोदी ने टाटा नैनो के लिए 33 हजार करोड़ रुपए का लोन दिया। तकरीबन मुफ्त में। कम से कम दरोंं पर। लेकिन वह कार आज कहीं नहीं दिखती है। उनकी सरकार गरीबों से बिजली-पानी लेकर उद्योगपतियों को दे देती है। बाद में उनसे कुछ नहीं मिलता है।''

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने आगे कहा, ''राज्य के 90 फीसदी कॉलेज उद्योगपतियों के पास हैं। गरीब लोग वहां की महंगी फीस का खर्च नहीं उठा सकते हैं। यह है नरेंद्र मोदी का गुजरात मॉडल।''

आगे उन्होंने गुजरात में पानी की समस्या का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि किसान राज्य में पानी का संकट झेलने को मजबूर है।

राहुल ने स्पष्ट किया, ''हमारी लड़ाई चीन से है। जो बनता है, बिकता है। उसके पीछे मेड इन गुजरात या मेड इन इंडिया नहीं है, बल्कि मेड इन चाइना दिखेगा। जब सेल्फी लेते हैं। कैमरे का बटन दबाते हैं, तो चीन के एक युवा को रोजगार मिलता है। हिंदुस्तान या गुजरात के युवा को नहीं।''

आंकड़े बताते हुए उन्होंने कहा, ''चीन में रोज 50 हजार लोगों को रोजगार मिलता है। जबकि भारत में एक दिन में नरेंद्र मोदी की सरकार 450 लोगों को ही रोजगार दे पाती है।''

टाटा कंपनी को भारी-भरकम लोन देने पर भी उन्होंने मोदी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा, ''मोदी सरकार ने टाटा नैनो के लिए 33 हजार करोड़ रुपए का लोन दिया। तकरीबन मुफ्त में, कम से कम दरोंं पर। आपकी जमीन ली, टाटा कंपनी को दी। 33 हजार करोड़ रुपए में गुजरात के किसानों का कर्ज माफ किया जा सकता था। आपने नैनो को सड़क पर देखा है? कहीं दिखती है यह गाड़ी? पूरे हिंदुस्तान में देखो, कहीं नहीं दिखती है।"

कांग्रेस उपाध्यक्ष यहीं नहीं रुके। उन्होंने कालेधन के मोर्चे पर भी सरकार से सवाल किया। उन्होंने पूछा, ''वह (मोदी) सत्ता में तीन सालों से हैं। कितने स्विस बैंक खाता धारक जेल में हैं? बताएं मुझे? एक नाम बता दो, जिसे मोदी जी ने जेल में डाला? विजय माल्या बाहर बैठा है, मजे ले रहा है इंग्लैंड में।"

राहुल ने कहा, बीजेपी को चुनाव के दिन करंट लगेगा।

गुजरात में 36 घंटों में 11 नवजात शिशुओं की मौत, कांग्रेस ने एसआईटी जांच की माँग की

कांग्रेस ने गुजरात के एक राजकीय अस्पताल में 36 घंटों में 11 नवजात शिशुओं की मौत की गुजरात सरकार से एसआईटी से जांच कराने की आज मांग की और कहा कि वह लोगों से इसके लिए माफी मांगे।

राजकीय अस्पताल में शुक्रवार की आधी रात से 36 घंटों में 11 नवजात शिशुओं की मौत होने पर गुजरात सरकार ने मौतों के कारण तथा परिस्थितियों की जांच कराने का आदेश दिया था।

सरकार ने मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया था। समिति ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट में अस्पताल को क्लीन चिट दी और कहा कि नवजात बच्चों की मौत समय से पूर्व जन्म लेने तथा जन्म के समय वजन कम होने के कारण हुई।

रिपोर्ट में कहा गया है कि मरीजों को उचित, गहन और समय से इलाज दिया गया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शक्ति सिंह गोहिल ने सरकारी समिति से राजकीय अस्पताल को क्लीन चिट मिलना ढकोसला बताते हुए मांग की कि उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (एसआईटी) से मामले की जांच करानी चाहिए।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि नवजात शिशुओं पर नजर रखने के लिए उनके वार्ड में 24 घंटे कैमरे जरूरी हैं। लेकिन वह सोमवार को उस वार्ड में गए थे और वहां एक भी स्थान पर कैमरा नहीं लगा था।

उन्होंने कहा, ''हम मांग करते हैं कि खुद को क्लीन चिट देकर अपनी पीठ थपथपाने के बदले सरकार अपनी गलतियों को स्वीकार करे और लोगों से माफी मांगे।''

बता दें कि कुछ समय पहले ही सिविल हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉक्टर एमएम प्रभाकर ने बताया था कि जिन बच्चों को निजी हॉस्पिटल में भेजा गया, वहां के ज्यादातर डॉक्टर्स दिवाली की छुट्टी पर घर गए हुए थे। जिन शिशुओं की मृत्यु हुई है, उनका वजन काफी कम था। कई बच्चों का वजन एक किलोग्राम से भी कम था। मैं भरोसे के साथ कह सकता हूं कि इन शिशुओं की मौत ऑक्सीजन की कमी की वजह से नहीं हुई।

दूसरी तरफ, हेल्थ कमिश्नर डॉक्टर जयंती रवि ने शिशुओं की मृत्यु की पुष्टि करते हुए कहा था, हमने मामले में संज्ञान लिया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, कुछ शिशुओं की तबियत बिगड़ने के बाद उन्हें निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इसमें कुछ शिशुओं की मौत सेप्टिसीमिया की वजह से हुई, जबकि एक बच्चे का खून का थक्का रूक गया। शिशुओं की मौत का ये बड़ा मामला है। इस मामले में हम पूरी रिपोर्ट पर नजर बनाए रखेंगे।

नियोजित शिक्षक स्थायी शिक्षकों के समान वेतन पाने के हकदार : पटना उच्च न्यायालय

पटना उच्च न्यायालय ने बिहार के विभिन्न सरकारी स्कूलों में स्थायी शिक्षकों के समान नियोजित शिक्षकों के वेतन पाने की मांग को मंगलवार को सही ठहराया।

पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति अनिल कुमार उपाध्याय की खंडपीठ ने समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत को लागू किए जाने के तहत 2006 के नियम के पूर्व नियोजित शिक्षकों की राज्य सरकारी स्कूलों के अन्य स्थायी शिक्षकों के समान वेतन पाने की मांग को सही ठहराया है।

पटना उच्च न्यायालय के इस निर्णय को बिहार के करीब चार लाख ऐसे नियोजित शिक्षक जो कि राज्य के सरकारी स्कूलों के अन्य स्थायी शिक्षकों की तुलना में कम मानदेह पा रहे हैं, के लिए बड़ी राहत के तौर देखा जा रहा है।

पटना उच्च न्यायालय ने यह आदेश बिहार माध्यमिक शिक्षक संघर्ष समिति सहित कई अन्य की याचिकाओं की सुनवाई करते हुए दिया है, जिन्होंने बिहार सरकार के शिक्षकों की बहाली को लेकर 2006 के नियम को चुनौती दी थी।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों की बहाली के लिए 2006 में नियम बनाए थे, लेकिन बाद में सरकार ने अनुमान्य मानदेह पर बहाल इन नियोजित शिक्षकों को वेतनमान दिए जाने की घोषणा की थी जो कि स्थायी शिक्षकों से कम था।

योगी आदित्य नाथ ताजमहल की जगह अपनी पार्टी के नेताओं और अपने दिमाग की सफाई करें: असदुद्दीन ओवैसी

आगरा पहुंचे AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्य नाथ पर निशाना साधा है।

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि अगर योगी आदित्य नाथ वाकई में कुछ साफ करना चाहते हैं तो अपनी पार्टी के मंत्रियों और नेताओं के दिमाग साफ करें।

आपको बता दें कि ताजमहल पर उपजे विवाद के बाद पिछले सप्ताह सीएम योगी ने वहां का दौरा किया था। ताज में समय बिताने के साथ ही इस ऐतिहासिक स्मारक के आस-पास सफाई भी की थी।

दरअसल ताजमहल को लेकर उस वक्त विवाद खड़ा हो गया था जब बीजेपी विधायक संगीत सोम ने इसे भारतीय इतिहास पर एक बदनुमा धब्बा बताया था। संगीत सोम के इस बयान पर काफी हंगामा हुआ। मामला बढ़ता देख बीजेपी ने अपने विधायक के बयान से किनारा किया। मामले को शांत करने के उद्देश्य से ही योगी आदित्य नाथ ने आगरा जाकर ताजमहल के दीदार किये।

इंडिया टुडे से बात करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि ताजमहल पर आ कर झाड़ू लगाने से क्या फायदा ? यहां तो सब पहले से ही साफ है, अगर योगी जी वाकई में चाहते हैं कि कुछ साफ करें तो जाकर अपनी पार्टी के नेताओं और अपने दिमाग की सफाई करें।

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि बीजेपी का एक नेता ताज को धब्बा बताता है तो वहीं सीएम इसे भारतीय संस्कृति की पहचान मानने से इनकार करते हैं, ऐसे में ताज में झाड़ू लगाकर वह क्या साफ करना चाह रहे हैं?

नीतीश जी, ईमानदारी का चोला ओढ़कर घोटाले करवाते रहते हैं: तेजस्वी यादव

बिहार महादलित विकास मिशन में कथित घोटालों पर हुई कार्रवाई संबंधी खबर का हवाला देते हुए राजद नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर करारा हमला बोला है।

बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया है, ''नीतीश जी कैसे मुख्यमंत्री हैं, हर दूसरे दिन इनकी नाक के नीचे घोटाले होते रहते हैं। ईमानदारी का चोला ओढ़कर घोटाले करवाते रहते हैं? दलितों के विकास के करोड़ों रुपए डकार गए।''

उल्लेखनीय है कि हाल ही में तेजस्वी ने रोहतास जिले में जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत पर भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आलोचना की थी।

उन्होंने कहा था कि नीतीश कुमार ने सिर्फ कागजों पर शराबबंदी योजना को लागू किया था। ताकि वो उस वक्त पूरे देश में शराबबंदी को लेकर अहम संदेश देकर प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बन जाएं।

उन्होंने एएनआई को दिए इंटरव्यू की एक क्लिपिंग ट्वीट करते हुए लिखा, ''प्रधानमंत्री बनने के लिए महागठबंधन के सहयोग से नीतीश जी ने की थी शराबबंदी ताकि वो इसे राष्ट्रीय मुद्दा बनाकर देशभर में घूम सकें। क्या उनमें हिम्मत है, अब वो झारखंड और यूपी जाकर शराबबंदी के लिए सभा करें?''

मालूम हो कि राजद नेता तथा लालू प्रसाद के पुत्र तेजस्वी राज्य की पूर्ववर्ती जनता दल यूनाइटेड-राजद-कांग्रेस महागठबंधन सरकार में उपमुख्यमंत्री थे। फिलहाल जनता दल यूनाइटेड अपनी पुरानी सहयोगी बीजेपी के साथ मिलकर बिहार में सत्ता संभाल रही है।

तेजस्वी ने एक लिंक साझा किया है जिसमें कहा गया है कि महादलित विकास मिशन के तहत ट्रेनिंग और सुविधाएं देने के नाम पर हुए कथित घोटाले में कार्रवाई करते हुए विभाग के कुछ मौजूदा और पूर्व अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

कांग्रेस चुनाव में चमत्कार करेगी

कांग्रेस चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष और सांसद डॉ संजय सिंह ने कहा कि गुजरात के विधानसभा चुनाव में यहां की जनता कांग्रेस के साथ खड़ी दिखाई दे रही है। इसके लिए गुजरात की जनता खुद कांग्रेस के चुनाव प्रचार में जुटी है। इसके बाद उत्तर प्रदेश के निकाय चुनाव में कांग्रेस चमत्कार करेगी।

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद डॉ संजय सिंह सोमवार को उत्तर प्रदेश के निकाय चुनाव की समीक्षा बैठक में थे।

इस दौरान संजय सिंह ने कहा कि गुजरात में बीजेपी के पास मतदाता और समर्थक दोनों बचे नहीं हैं। बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व पूरी तरीके से घबड़ा चुका है। यही वजह है कि भारत के प्रधानमंत्री हिंदुस्तान का पूरा काम छोड़कर खुद बार-बार गुजरात में चुनावी सभा कर रहे हैं। जबकि प्रधानमंत्री को देश की जिम्मेदारी है। लेकिन वे केवल गुजरात बचाने में लगे हैं। परन्तु गुजरात में अब बीजेपी की पोल खुल चुकी है। जिससे जनता बीजेपी का साथ छोड़ कर कांग्रेस के साथ हो गई है।

संजय सिंह ने कहा कि गुजरात में गिने चुने उद्योगपतियों का विकास है। बाकी जनता विकास से बहुत दूर पड़ी है। लेकिन कांग्रेस के पास 'सबका साथ, सबका विकास' का नारा है।

संजय सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के निकाय चुनाव में कांग्रेस चमत्कार करेगी। उत्तर प्रदेश की जनता बीजेपी सरकार में त्रस्त हो चुकी है। जिससे जनता निकाय चुनाव में बीजेपी को जवाब देने के लिए तैयार बैठी है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की सभी सीटों पर कांग्रेस अकेले चुनाव लड़ेगी। इसके लिए मंडल स्तर पर प्रभारी तैनात किए गए हैं। बाकी कांग्रेस की पूरी टीम निकाय चुनाव पर काम में जुटी है।

सांसद ने कहा कि उत्तर प्रदेश के 16 नगर निगम, 198 नगरपालिका और 438 नगरपंचायतों में कांग्रेस का उम्मीदवार होगा। बाकी सभासदों के टिकट पर भी कांग्रेस विचार कर रही है।

उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों की सूची जारी होने वाली है। उम्मीदवारों के चयन पर कमेटी पड़ताल में जुटी है। ताकि टिकट बंटवारे में किसी के साथ भेदभाव न हो सके। इसके लिए कमेटी ईमानदारी से उम्मीदवारों का चयन करेगी। ताकि सभी उम्मीदवार चुनाव जीत सकें। स्टार प्रचारकों के सवाल पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व इस पर दिशा निर्देश जारी करेगा। इसके बाद स्टार प्रचारक चुनाव प्रचार पर जाएंगे।

अगर नोटबंदी के लिए दबाव बनाया जाता तो मैं इस्तीफा दे देता: चिदंबरम

भारत में नोटबंदी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने शनिवार को कहा कि अगर वित्त मंत्री के तौर पर इस कदम के लिए उन पर दबाव बनाया जाता तो वह इस्तीफा दे देते।

उन्होंने जीएसटी को जल्दबाजी में लागू करने और बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर भी मोदी पर निशाना साधा। चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा, ''अगर मेरे प्रधानमंत्री मुझसे कहते कि नोटबंदी करो तो मैं उनको सलाह देता कि कृपया ऐसा मत करिए और अगर वह इस पर जोर देते तो मैं इस्तीफा दे देता।''

जीएसटी की दर को अधिकतम 18 फीसदी रखने की पैरवी करते हुए पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी की कई दर नहीं होनी चाहिए।

विकास के गुजरात मॉडल को लेकर कटाक्ष करते हुए चिदंबरम ने कहा, ''विकास पागल हो गया है।'' उन्होंने गुजरात और हिमचाल प्रदेश चुनाव के कार्यक्रमों का ऐलान एकसाथ नहीं करने को लेकर चुनाव आयोग की आलोचना की।

उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पहले ही उन्होंने सोशल मीडिया ट्विटर पर व्यंग्यात्मक पोस्ट किया था। चिदंबरम ने लिखा कि चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ही गुजरात चुनाव की तारीखों का ऐलान करने के लिए अधिकृत कर दिया है और कहा कि अपनी आखिरी रैली में इसकी घोषणा कर लीजिएगा और हमें भी बता दाजिएगा।

कांग्रेस नेता चिदंबरम ने दूसरे ट्वीट में लिखा था कि चुनाव आयोग को इस बात के लिए भी याद किया जाएगा कि उसकी विस्तारित छुट्टियों ने गुजरात सरकार को कई मुफ्त की चीजें देने और लोकलुभावन घोषणाएं करने का वक्त दे दिया था।

सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में सीडी मामले की जांच हो: छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष

छत्तीसगढ़ के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने मंत्री के कथित अश्लील सीडी मामले की स्वतंत्र एजेंसी से सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में जांच कराने की मांग की है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस मामले में जिस प्रकार से पूरी सरकार और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी सामने आई है उससे किसी भी सरकारी एजेंसी से मामले की निष्पक्ष जांच संभव नहीं है।

वहीं, छत्तीसगढ़ सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है।

बघेल ने कहा, ''हमारी मांग है कि पूरे मामले की स्वतंत्र एजेंसी से सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में जांच करायी जाए।''

उन्होंने आरोप लगाया कि देश में मीडिया की आवाज को दबाने का षड़यंत्र रचा जा रहा है और हमले किए जा रहे है। कानूनी मामलों में फंसाया जा रहा है। उसी कड़ी में शुक्रवार को पत्रकार विनोद वर्मा की आवाज को भी दबाने का कुचक्र बीजेपी और छत्तीसगढ़ सरकार ने उत्तर प्रदेश और केन्द्र सरकार के सहयोग से रचा।

बघेल ने कहा कि बीजेपी राजनैतिक सूचिता की बातें करती है। लेकिन सीडी उजागर होने के बाद पूरी बीजेपी और सरकार मंत्री के बचाव में सामने आई। इस मामले में बिना जांच के सारी नैतिकता और मर्यादाओं को ताक पर रखकर मंत्री का बचाव किया जा रहा है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि एफआईआर के 11 घंटे के भीतर रायपुर से सोलह सौ किलोमीटर दूर गाजियाबाद में जाकर विनोद वर्मा को गिरफ्तार कर लिया जाता है। जबकि एफआईआर करने वाले ने यह नहीं बताया कि उनको धमकी भरा फोन करने वाला विनोद वर्मा थे।

बघेल ने कहा कि एफआईआर के बाद जांच की सामान्य प्रक्रिया भी नहीं अपनाई गई है। न आवाज का मिलान किया गया है और न ही धमकी देने वाले के मोबाइल फोन को ट्रेस किया गया है। यह सीधे-सीधे सुनियोजित तरीके से पत्रकार को फंसाने के लिए साजिश रची गई।

छत्तीसगढ़ पुलिस ने शुक्रवार तड़के पत्रकार विनोद वर्मा को गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने वर्मा के पास से पांच सौ अश्लील सीडी, पेन ड्राईव, डायरी और लैपटाप बरामद करने का दावा किया है।

बाद में राज्य के मंत्री की कथित अश्लील सीडी सामने आने की बात कही गई।

सीडी के सामने आने के बाद राज्य के लोक निर्माण विभाग के मंत्री राजेश मूणत ने पत्रकार सम्मेलन में कहा कि सीडी फर्जी है तथा चरित्र हनन करने का प्रयास है।

वहीं, मूणत ने बाद में बीजेपी के अन्य नेताओं के साथ सिविल लाईंस थाने में जाकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल और पत्रकार विनोद वर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कराया। पुलिस ने बघेल और वर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

अगर कट्टरता बढ़ी तो कश्मीर के हालात यमन, सीरिया और लीबिया जैसे हो जाएंगे: दिनेश्वर शर्मा

भारत के जम्मू एवं कश्मीर में विभिन्न दलों और गुटों से बातचीत के लिए केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा का कहना है कि कश्मीर में सबसे बड़ी चुनौती और शीर्ष प्राथमिकता कश्मीरी युवकों और आतंकवादियों को अतिवादी बनने और भारत के इस हिस्से को सीरिया बनने से रोकना है।

खुफिया ब्यूरो (आईबी) की दो वर्षों तक कमान संभाल चुके शर्मा ने कहा कि उनका उद्देश्य हिंसा समाप्त करने के लिए 'जितनी जल्दी हो सके' किसी को भी, यहां तक कि एक रिक्शा चालक और ठेला चालक भी, जो राज्य में शांति स्थापना में अपना योगदान दे सकते हैं, उन्हें बातचीत में शामिल करना है।

शर्मा ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत तौर पर यह देखकर काफी दुख होता है कि कश्मीरी, खासकर युवाओं ने जो राह चुनी है, वह समाज को बर्बाद कर सकती है।

शर्मा ने आई ए एन एस से साक्षात्कार में नए युवकों के आतंकवादी कमांडर बनने की ओर इशारा करते हुए कहा, ''मैं दर्द महसूस करता हूं और कुछ समय मैं भावुक भी हो जाता हूं। मैं चाहता हूं कि सभी तरफ से जितना जल्दी हो सके, हिंसा समाप्त की जाए। कश्मीर के युवा जैसे जाकिर मुसा (कश्मीर अलकायदा प्रमुख) और बुरहान वानी (हिजबुल मुजाहिदीन का मारा गया कमांडर) को ज्यादा तवज्जो मिलती है, जब वह खलीफा (इस्लाम को स्थापित करने) की बात करते हैं।''

उन्होंने कहा कि कश्मीर के युवा जिस तरफ बढ़ रहे हैं, वह अतिवाद है और यह पूरी तरह से कश्मीरी समाज को बर्बाद कर देगा।

शर्मा ने कहा, ''मुझे कश्मीर के लोगों की चिंता है। अगर यह चलता रहा, तो यहां के हालात यमन, सीरिया और लीबिया जैसे हो जाएंगे। कई समूह आपस में लड़ना शुरू कर देंगे। इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि सभी, हम सभी इस वार्ता में सहयोग करें, ताकि कश्मीरियों की परेशानी कम हो।''

उन्होंने कहा, ''मुझे कश्मीर के युवाओं को भरोसा दिलाना होगा कि वे लोग केवल अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं और चाहे वे इसे आजादी, इस्लामिक खलीफा या इस्लाम के नाम पर करें, सभी कश्मीरियों का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। आप पाकिस्तान, लीबिया, यमन और किसी भी देश का उदाहरण ले सकते हैं, जहां ये सब हो रहा है। ये मुल्क दुनिया के सबसे ज्यादा हिंसक स्थान बन गए हैं। इसलिए मैं चाहता हूं कि यह सब भारत में न हो।''

खुफिया एजेंसी में वर्ष 2003 से 2005 तक, इस्लामिक आतंकवाद डेस्क का जिम्मा संभाल चुके भारतीय पुलिस सेवा के पूर्व अधिकारी शर्मा को सोमवार को कश्मीर में तीन दशकों तक चली हिंसा को खत्म करने के लिए वार्ताकार नियुक्त किया गया था।

वर्ष 2015 में जब आईबी आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट के केरल, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में मॉड्यूल की जांच कर रहा था, उस दौरान शर्मा वैश्विक आतंकवादी नेटवर्क के संभावित भर्ती करने वाले को गिरफ्तार करने में ताकत झोंकने के बदले परामर्श और सुधार कर समस्या को पकड़ने के लिए जाने जाते थे।

पत्रकार विनोद वर्मा ने कहा, मेरे पास मंत्री की सेक्स सीडी है, छत्तीसगढ़ सरकार फंसा रही है

वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा ने छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने पर कहा है कि उनके पास छत्तीसगढ़ के एक मंत्री की सेक्स सीडी है, इसी वजह से उन्हें फंसाया जा रहा है।

टाइम्स नाऊ से बात करते हुए वर्मा ने कहा, ''हमारे पास छत्तीसगढ़ के एक मंत्री की सेक्स सीडी है। वो मंत्री राजेश मूणत हैं। इसी वजह से छत्तीसगढ़ सरकार मुझसे खफा है।'' वर्मा ने कहा, ''मेरे पास एक पेन ड्राइव में विडियो क्लिप है। मैंने सीडी के साथ कुछ नहीं किया है। मुझे फंसाया जा रहा है।''

बता दें कि विनोद वर्मा को आज (27 अक्टूबर) तड़के करीब 3.30 बजे दिल्ली-एनसीआर के इंदिरापुरम के वैभव खंड की महागुन मेंशन अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया गया था। उनकी गिरफ्तारी छत्तीसगढ़ पुलिस ने गाजियाबाद पुलिस की मदद से की है। वर्मा के खिलाफ रायपुर जिले के पंडरी थाने में ब्लैकमेलिंग और उगाही का मामला दर्ज किया गया है।

उधर, विनोद वर्मा की गिरफ्तारी पर छत्तीसगढ़ पुलिस ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पुलिस ने बताया कि गाजियाबाद में विनोद वर्मा के घर से 500 सीडियां बरामद हुई हैं। पुलिस ने इस सीडी में अश्लील कंटेंट होने की आशंका तो जताई लेकिन इसमें असल में क्या है, इस बात की जानकारी नहीं दे पाई।

पुलिस ने कहा है कि वह इस सीडी को अब फॉरेंसिक जांच के लिए भेजेगी।

बता दें कि कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सीडी छत्तीसगढ़ सरकार के एक रसूखदार मंत्री की है, जिसमें वह एक लड़की के साथ आपत्तिजनक हालात में नजर आ रहे हैं।

इधर, छत्तीसगढ़ के लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत ने पत्रकार विनोद वर्मा के आरोपों से इनकार करते हुए सेक्स सीडी को फर्जी करार दिया है। मंत्री ने कहा कि वो इस प्रकरण की निंदा करते हैं और मुख्यमंत्री रमन सिंह से गुजारिश करते हैं कि किसी निष्पक्ष एजेंसी से मामले की जांच कराएं।