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सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ी, दिल्ली के अस्पताल में भर्ती

कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ गई है। शुक्रवार शाम पांच बजे उन्हें दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया।

डॉक्टर्स ने उनके पेट में तकलीफ होने की बात कही है। फिलहाल उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। यह जानकारी गंगा राम अस्पताल के चेयरमैन डॉ. डी एस राणा ने दी है।

बीते कुछ वक्त से उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। कहा जा रहा था कि खराब सेहत की वजह से वह पार्टी का नेतृत्व नहीं करेंगी। दिवाली के बाद पार्टी का जिम्मा कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के संभालने की बात भी सामने आई थी।

जानकारी के मुताबिक, सोनिया गुरुवार को हिमाचल प्रदेश के शिमला में थीं। वहां पर वह छुट्टियां मना रही थीं और कुफरी के वाइल्ड फ्लावर होटल में रुकी थीं। वह इसके अलावा छराबड़ा स्थित प्रियंका गांधी के घर में चल रहे काम को देखने भी गई थीं। बीच में ही तबीयत खराब हुई और उन्हें वहां से लौटना पड़ा।

यह पहला मौका नहीं है, जब उनकी सेहत बिगड़ी है। कांग्रेस अध्यक्ष इससे पहले इलाज के लिए अमेरिका भी जा चुकी हैं।

हिमाचल उन राज्यों में से एक है, जहां फिलहाल कांग्रेस की सरकार है। नौ नवंबर को यहां पर नई सरकार चुनी जाएगी। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि सोनिया इसी को ध्यान में रखते हुए शिमला में थीं। वह वहां पर छुट्टियों के साथ कैंपेनिंग में जुटी थीं। चुनाव के नतीजे 18 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे।

ऑडियो में बीजेपी नेता वरुण पटेल नरेंद्र पटेल से कह रहे हैं, 60 फीसदी अभी ले लो और 40 फीसदी सम्मेलन के बाद लेना

गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले एक ऑडियो क्लिप सामने आई है जो भारतीय जनता पार्टी के लिए मुश्किलें बढ़ा सकती है।

इस ऑडियो में दावा किया गया है कि पाटीदार नेता को बीजेपी में शामिल होने के लिए एक करोड़ रुपए की रिश्वत ऑफर की गई है।

पाटीदार नेता नरेंद्र पटेल ने यह आरोप लगाया था कि भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के लिए उसे रिश्वत का ऑफर दिया गया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ऑडियो में बीजेपी नेता वरुण पटेल और पाटीदार नेता नरेंद्र पटेल की आवाज बताई जा रही है। वरुण पटेल हार्दिक पटेल का साथ छोड़कर कुछ दिन पहले ही भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे।

रिपोर्ट्स में बताया गया है कि वरुण पटेल को पाटीदार नेताओं को तोड़ने की जिम्मेदारी दी गई है।

ऑडियो में वरुण पटेल कथित तौर पर नरेंद्र पटेल से कह रहे हैं, ''60 फीसदी अभी ले लो और 40 फीसदी सम्मेलन के बाद लेना।''

जिस पर नरेंद्र पटेल कह रहे हैं, ''हमारी बातचीत एकमुश्त पैसे देने की हुई थी।''

जिस पर वरुण पटेल कह रहे हैं कि पैसे आपको मिल जाएंगे, ये मेरी जिम्मेदारी है।

नरेंद्र पटेल का कहना है कि मैंने वरुण के साथ रविवार सुबह हुई यह बातचीत गुप्त तरीके से रिकोर्ड कर ली थी।

बता दें, नरेंद्र पटेल ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन कर ली थी और उसके छह घंटे बाद उन्होंने वरुण के साथ हुई बातचीत को रिकोर्ड कर लिया।

उस दिन शाम को नरेंद्र पटेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी में शामिल होने के लिए उसे एक करोड़ रुपए का ऑफर दिया गया था।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में नरेंद्र पटेल ने 10 लाख रुपए भी अपने सामने टेबल पर रखे हुए थे।

उनका कहना था कि यह रुपए बीजेपी की तरफ से उन्हें मिले हैं। साथ ही, उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि उनसे वादा किया गया था कि बकाया राशि आपको अगले दिन मुख्यमंत्री विजय रुपानी के साथ सार्वजनिक सम्मेलन के बाद मिलेंगे।

गुजरात के दाहोद में पुलिस फायरिंग में एक किसान की मौत

भारत में गुजरात के दाहोद के गरबडा तालुका में कथित तौर पर पुलिस हिरासत में पिटाई से हुई मौत के बाद गुरुवार (26 अक्टूबर) को हुई हिंसा में पुलिस की गोली से एक किसान की मौत हो गयी।

कथित तौर पर हिरासत में पिटाई से हुई मौत के बाद आदिवासी बहुल गांव चिलाकोटा के क्रोधित गांववालों ने पुलिस थाने का घेराव किया। गांववाले दोषी पुलिस वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज करने की मांग कर रहे थे।

पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए गोली चलाई जिससे एक किसान घायल हो गया। गोली किसान के सिर में लगी थी। किसान की मौत के बाद इलाके में तनाव व्याप्त है। बुधवार (25 अक्टूबर) को चुनाव आयोग ने राज्य में आगामी विधान सभा चुनाव के लिए मतदान की तारीखों की घोषणा की थी।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस क्राइम ब्रांच ने कनेश गमरा (31) को गुरुवार को रात के डेढ़ बजे के करीब पूछताछ के लिए ले गयी। पुलिस गमरा से उसके भाई के बारे में पूछताछ कर रही थी जो डकैती के एक मामले में आरोपी है। गमरा के साथ एक और व्यक्ति को पुलिस लेकर गयी थी। रात को करीब तीन बजे पुलिस ने उन दोनों को छोड़ा। उसके करीब एक घंटे बाद ही गमरा की मौत हो गयी।

गांववाले सुबह सात बजे गमरा का शव लेकर जेसावाड़ा पुलिस थाने पहुंचे। गांववाले गमरा से पूछताछ में शामिल पुलिसवालों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किए जाने की मांग कर रहे थे।

पुलिस जब हत्या का मामला दर्ज करने को तैयार नहीं हुई तो क्रोधित गांववालों ने पथराव शुरू कर दिया और वहां खड़ी कुछ गाड़ियों में आग लगा दी। गांववालों के पथराव में सात पुलिस वालों को चोट लगी है।

पुलिस ने पहले आंसू गैस के गोले दागे और उसके बाद गोली चला दी। पुलिस की गोली से तीन लोग घायल हो गये जिनमें से एक किसान रामसु मोहनिया की मौत हो गयी। मोहनिया केे परिवार में उनकी पत्नी, तीन बेटे और तीन बेटियां हैं।

राहुल गांधी ने जीएसटी को 'कर आतंक की सुनामी' बताया

जीएसटी को 'कर आतंक की सुनामी' (सुनामी ऑफ टैक्स टेररिज्म) बताते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को नोटबंदी और जीएसटी की तुलना अर्थव्यवस्था पर दो नाली की बंदूक से चली गोली से की जिसका उद्देश्य इसकी मौत सुनिश्चित करना था।

इससे पहले राहुल जीएसटी को 'गब्बर सिंह टैक्स' बता चुके हैं। राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्हें 'छोटे दिल का एक व्यक्ति' बताया और कहा अर्थव्यवस्था आपदा की तरफ, 'मोदी मेड डिजास्टर' की तरफ बढ़ रही है।

उन्होंने कहा, ''जीएसटी, जैसा की इस सरकार ने इसे तैयार किया है, ने पहले ही कर आतंक की सुनामी ला दी है तथा अब स्थिति और खराब होने वाली है।''

राहुल ने पीएचडी चैंबर ऑफ कामर्स के 112वें वार्षिक सत्र में कहा, ''मोदीजी और उनकी सरकार ने अर्थव्यवस्था के दिल पर दो नाली बंदूक से गोली चलाई। पहला नोटबंदी ... बैंग, दूसरा जीएसटी ... बैंग ... इसने हमारी अर्थव्यवस्था को चौपट कर दिया। देश में रोजगार न मिलने की स्थिति बहुत चिंताजनक है। सरकार देश में बेरोजगारों की विशाल फौज खड़ी कर रही है, जो कि जहरीला और खतरनाक है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि वे लोग नौकरी नहीं दे पा रहे हैं और समुदाय को एक-दूसरे के खिलाफ खूनी संघर्ष में धकेल रहे हैं।

राहुल ने कहा कि अगले कुछ सप्ताह में, हम 500 और 1000 के नोट की पुण्यतिथि मनाएंगे। आठ नवंबर 'नोटबंदी की बरसी' है। मोदी ने व्यक्तिगत तौर पर 86 प्रतिशत नोट को देश की अर्थव्यवस्था से बाहर कर दिया था।

उन्होंने कहा, यह ऐसी पहल थी जो बिना किसी विचार, संपर्क या इसके प्रभाव के बारे में सोचे बिना लागू की गई। प्रधानमंत्री भारतीय अर्थव्यवस्था के मूल आधार को समझ नहीं पाए।

कांग्रेस नेता ने कहा, ''सभी नकद काला नहीं होता और सभी काला नकद नहीं होता। बिना मूल अवधारणा को समझे, प्रधानमंत्री ने अपने अथाह ताकत का प्रयोग भारत के नागरिकों को दो महीने तक कतारों में खड़ा करने के लिए किया। कई इस प्रक्रिया में मरे, लाखों लोगों ने नौकरियां गंवाई।''

राहुल ने कहा, ''ऐसा करने के लिए, आपको कोई ऐसा चाहिए जिसका सीना चौड़ा हो, लेकिन दिल छोटा हो। नोटबंदी से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग चौपट हो गए और असंगठित क्षेत्र बर्बाद हो गया, जिससे शहरी रोजगार छोड़कर 'मनरेगा' की तलाश में अपने गांव जाना पड़ा।''

उन्होंने दावा करते हुए कहा कि भारत में निवेश पिछले 15 वर्षो में सबसे कम रहा है।

कांग्रेस नेता ने कहा, ''2014 में जो वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत थी, वह आज सरकार द्वारा प्रयोग किए जा रहे मानदंड के अनुसार 4.4 प्रतिशत हो गई है। बैंकों द्वारा दिया जाने वाला ऋण 60 वर्षो में सबसे कम है। बेरोजगारी आसमान छू रही है।

राहुल ने कहा, ''हाल के रिसर्च से पता चला है कि भारत में असमानता पिछले 100 वर्षो के दौरान सबसे ज्यादा है। हम आपदा की ओर बढ़ रहे हैं। यह मानव जनित आपदा है और अगर मोदी जी के टर्मिनोलॉजी में कहे तो यह एम एम डी यानी 'मोदी मेड डिजास्टर' है।''

उन्होंने कहा कि सरकार में लोगों का विश्वास मर चुका है। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, ''कुछ वजहों से, प्रधानमंत्री और सरकार इस पर पूरी तरह सहमत हैं कि प्रत्येक आदमी चोर है। सरकार अपने नागरिकों पर विश्वास नहीं करती है।

उन्होंने कहा कि सुनकर हम विश्वास को बढ़ा सकते हैं और सरकार नहीं सुनती है। व्यापार विश्वासनीय माहौल के अनुसार फलता-फूलता है।

प्रधानमंत्री मोदी के पहले संसद भाषण को याद करते हुए राहुल ने कहा कि भाषण के दौरान कई सारी टैगलाईन बोली गई थीं और इस पर आगे कोई ठोस काम नहीं किया गया।

राहुल गांधी देश का नेतृत्व करने में सक्षम हैं, नरेंद्र मोदी लहर खत्म: शिवसेना

शिवसेना के सांसद संजय राउत ने कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी देश का नेतृत्व करने में सक्षम हैं और साथ ही कहा कि देश में अब नरेंद्र मोदी लहर खत्म हो चुकी है।

राउत का यह बयान भारतीय जनता पार्टी के लिए परेशानी खड़ा कर सकता है। उन्होंने कहा कि जीएसटी को लेकर गुजरात के लोगों में काफी गुस्सा है, इसकी वजह से दिसंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव में बीजेपी को कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ेगा।

राउत ने एक टीवी चैनल की बहस में हिस्सा लेते हुए यह बयान दिया। उन्होंने कहा, ''कांग्रेस नेता राहुल गांधी देश का नेतृत्व करने में सक्षम हैं। उन्हें 'पप्पू' बोलना गलत है।'

इस टीवी बहस में राज्य शिक्षा मंत्री और बीजेपी नेता विनोद तावड़े भी मौजूद थे। साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भारी बहुमत हासिल करने वाली बीजेपी पर निशाना साधते हुए सांसद ने कहा, ''इस देश में सबसे बड़ी शक्ति जनता .... मतदाता हैं। वो किसी को भी पप्पू बना सकते हैं।''

राउत ने साथ ही कहा, ''2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर थी, लेकिन यह लहर खत्म हो चुकी है। जीएसटी लागू होने के बाद गुजरात में जिस तरह से लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, उससे लगता है कि बीजेपी को चुनाव में कड़ी टक्कर मिलेगी।''

एनडीए की साथी पार्टी शिवसेना समय-समय पर बीजेपी पर निशाना साधती रहती है। शिवसेना के मुखपत्र 'सामना' के जरिए अकसर ये निशाने साधे जाते हैं।

राउत का यह बयान गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान होने के एक दिन बाद आया है। नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में शिवसेना का कोई बेस नहीं है, ऐसे में उसने अपना समर्थन पाटीदार नेता हार्दिक पटेल को दिया है। हार्दिक पटेल ने इस साल शिवेसना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात की थी।

बता दें कि गुजरात में विधानसभा चुनाव 9 और 14 दिसंबर को दो चरणों में होंगे। मतगणना 18 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश के साथ कराई जाएगी। विधानसभा की कुल 182 सीटों में से पहले चरण में 89 सीटों और दूसरे चरण में 93 सीटों पर चुनाव कराया जाएगा।

छत्तीसगढ़ के बीजेपी मंत्री को बचाने के लिए पुलिस ने पत्रकार विनोद वर्मा को गिरफ्तार किया

पत्रकार विनोद वर्मा की उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से गिरफ्तारी के मामले में छत्तीसगढ़ पुलिस ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने गिरफ्तारी से जुड़ी तमाम डिटेल्स पत्रकारों से शेयर की।

छत्तीसगढ़ पुलिस ने बताया कि गाजियाबाद में विनोद वर्मा के घर से 500 सीडियां बरामद की गई हैं। पुलिस ने इस सीडी में अश्लील कंटेंट होने की आशंका तो जताई, लेकिन इस सीडी में असल में क्या है, इस बात की जानकारी पुलिस ने नहीं दी।

पुलिस ने कहा है कि वह इस सीडी को अब फोरेंसिक जांच के लिए भेजेगी।

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सीडी छत्तीसगढ़ सरकार के एक रसूखदार मंत्री की है, जिसमें वह एक लड़की के साथ आपत्तिजनक हालात में नजर आ रहे हैं।

विनोद वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्होंने देशबंधु, बीबीसी और अमर उजाला जैसे मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। वह फिलहाल कांग्रेस के मीडिया सेल का काम देख रहे थे।

बताया जा रहा है कि विनोद वर्मा की गिरफ्तारी जिस शख्स की शिकायत पर हुई है, उसका नाम प्रकाश बजाज है।

पुलिस के मुताबिक, शिकायकर्ता ने बताया था कि उसे कुछ वक्त से कॉल करके धमकी दी जा रही थी। धमकी यह कि अगर उनकी शर्तों को नहीं माना गया तो उसके 'आका' की सीडी सार्वजनिक कर दी जाएगी।

हालांकि, पुलिस ने यह नहीं बताया कि इस मामले में 'आका' कौन है? पुलिस के मुताबिक, गुरुवार दोपहर शिकायत दर्ज किए जाने के बाद आगे की कार्रवाई की गई।

पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता को धमकी देते हुए कहा गया था कि सीडी में क्या है, वह चाहे तो आकर जांच सकता है। उसे एक पता भी दिया गया था। शिकायतकर्ता के बताए गए पते पर पुलिस ने जांच की तो पाया कि वहां एक शख्स सीडी की कॉपी तैयार करने का काम करता है।

उस शख्स ने बताया कि उसे एक सीडी के 1 हजार कॉपी बनाने का ऑर्डर मिला था।

पुलिस के मुताबिक, इस व्यक्ति के कॉल रिकॉर्ड से विनोद वर्मा से बातचीत के बारे में जानकारी मिली। फिर नंबर के गाजियाबाद में होने के बारे में पता चला। इसके बाद, छत्तीसगढ़ पुलिस ने गाजियाबाद और दिल्ली पुलिस की मदद से विनोद वर्मा के घर पर छापा मारा।

पुलिस के मुताबिक, उसे वहां से 500 सीडी मिली है। पुलिस का कहना है कि दिल्ली में भी जिसने सीडी की कॉपियां तैयार की है, उसने भी इस बात की पुष्टि की है कि सीडी विनोद वर्मा ने बनवाई है।

पुलिस ने यह माना कि शिकायतकर्ता को विनोद वर्मा द्वारा धमकी दिए जाने की पुष्टि नहीं हो सकी है। शिकायतकर्ता को किसने फोन करके धमकी दी, यह तुरंत इसलिए नहीं पता चल सका क्योंकि उसके पास लैंडलाइन था।

पुलिस के मुताबिक, वह लैंडलाइन पर आने वाले कॉल्स की डिटेल्स जुटा रही है।

पुलिस ने यह भी कहा है कि सीडी किसने बनाई, यह भी पता नहीं चल सका है। उसका कहना है कि विनोद वर्मा को पूछताछ के लिए अब छत्तीसगढ़ लाया जाएगा। इसके लिए उन्हें दिल्ली की अदालत में पेश करके ट्रांजिट रिमांड की अर्जी दी जाएगी।

स्टैंप पेपर घोटाला के दोषी अब्दुल करीम तेलगी की मौत

फर्जी स्टैंप पेपर घोटाले के दोषी अब्दुल करीम तेलगी की गुरुवार को मौत हो गई। वह कर्नाटक में बेंगलुरू के एक अस्पताल में भर्ती था। वहां उसकी हालत गंभीर चल रही थी, जिसके बाद उसे आईसीयू वॉर्ड में रखा गया था। मौत के पीछे का कारण उसके कई अंगों का ख़राब होना बताया जा रहा है।

तेलगी को नवंबर 2001 में राजस्थान के अजमेर से गिरफ्तार किया गया था। वह तकरीबन 20 सालों से डायबिटीज और उच्च रक्तचाप से पीड़ित था। बीते हफ्ते उसे यहां विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इतना ही नहीं, उसका एचआईवी/एड्स का भी इलाज चल रहा था।

फर्जी स्टैंप पेपर बेचकर तेलगी ने करोड़ों रुपए कमाए। बड़े स्तर पर उसने फर्जी स्टैंप पेपर छापे और उन्हें बीमा कंपनियों, बैंकों और शेयर की दलाली करने वाली कंपनियों को बेचा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेलगी ने तकरीबन 10 अरब रुपए का घोटाला किया था। तब उसके साथ कई नेताओं के नाम भी जोड़े गए थे।

घोटाले में दोषी पाए जाने  पर उसे 30 साल की सजा सुनाई गई थी। तेलगी पर 202 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया था।

तेलगी का जन्म कर्नाटक के खानपुर में हुआ था और उनके घर वाले भारतीय रेलवे में काम करते थे। पिता के मरने के बाद तेलगी के कंधों पर घर की जिम्मेदारी आ गई थी, जिसके बाद वह ट्रेनों में खाने-पीने का सामान बेचा करते थे।

हालांकि, बाद में वह सऊदी अरब चला गया था। वहां से लौट कर आने के बाद उसने फर्जी पासपोर्ट बनाने का धंधा शुरू किया। तेलगी ने इसी के बाद फर्जी स्टैंप और स्टैंप पेपर का धंधा शुरू किया था।

कर्नाटक: मठ में एक्ट्रेस के साथ शारीरिक संबंध बनाते नन्जेश्वर स्वामी का वीडियो लीक

कर्नाटक में एक स्वमी का किसी महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाते हुए वीडियो लीक हो गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी शख्स का नाम दयानंद उर्फ नन्जेश्वर स्वामीजी है।

बताया जा रहा है कि दयानंद मठ के अंदर ही कमरे में एक महिला के साथ यौन संबंध बना रहा था। किसी ने पूरे मामले का सेक्स वीडियो बनाकर लीक कर दिया है।

कन्नड़ न्यूज़ चैनल टीवी 9 के मुताबिक, वीडियो में आरोपी स्वामी के साथ दिखने वाली महिला एक अभिनेत्री है। आरोपी स्वामी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

दयानंद उर्फ नन्जेश्वर स्वामीजी पर ये भी आरोप लगाया जाता रहा है कि वो मठ के लिए दी गई जमीन का गलत इस्तेमाल करता है।

अब अश्लील वीडियो लीक होने के बाद लोग कह रहे हैं कि ये कोई पहला मौका नहीं है, जब आरोपी का किसी महिला के साथ नाम जुड़ा है, इससे पहले भी कई बार महिलाओं के साथ संबंध की खबरें आती रही हैं।

नन्जेश्वर स्वामीजी के बारे में बताया जा रहा है कि वह पर्वताराज शिवाचार्य स्वामी का बेटा है। पर्वताराज शिवाचार्य कर्नाटक के मदेवनपुरा मठ के अध्यक्ष हैं। साल 2011 में आरोपी दयानंद मठ का अध्यक्ष बनना चाहता था, लेकिन जरूरी समर्थन नहीं मिलने के कारण उसकी ये लालसा अधूरी रह गई। उसके बाद उसने अपना नाम दयानंद से बदलकर नन्जेश्वर स्वामीजी रख लिया।

जेटली, नोटबंदी और जीएसटी से अर्थव्यवस्था आईसीयू में है: राहुल गाँधी

गुजरात विधान सभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आता जा रहा है सोशल मीडिया पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच जंग तीखी होती जा रही है।

कांग्रेस का नेतृत्व पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी संभाले हुए हैं। गुरुवार (26 अक्टूबर) को सुबह ही राहुल ने वित्त मंत्री पर निशाना साधते हुए लिखा, ''डॉ जेटली, नोटबंदी और जीएसटी से अर्थव्यवस्था आईसीयू में है। आप कहते हैं आप किसी से कम नहीं, मगर आपकी दवा में दम नहीं।''

राहुल गांधी इससे पहले जीएसटी को 'गब्बर सिंह टैक्स' बता चुके हैं। राहुल का ये तंज लोगों को इतना भाया कि ट्विटर पर गब्बर सिंह टैक्स हैशटैग टॉप ट्रेंडिंग टॉपिक में आ गया था। इस हैशटैग को यूज करके मोदी सरकार पर काफी तंज कसे गये।

राहुल गांधी भी पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर तीखे तेवर में नजर आ रहे हैं। ट्विटर पर राहुल गांधी ने सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रीट्वीट के मामले में पीछे छोड़ दिया था। गुजरात में नौ दिसंबर और 14 दिसंबर को विधान सभा चुनाव के लिए मतदान होना है। चुनाव नतीजा 18 दिसंबर को आएगा।

नरेंद्र मोदी सरकार ने एक जुलाई 2017 से पूरे भारत में सभी अप्रत्यक्ष करों की जगह जीएसटी लागू किया था।  गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधान सभा चुनाव केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी लागू किए जाने के बाद पहले विधान सभा चुनाव हैं।

गुजरात में जीएसटी बड़ा मुद्दा बनता नजर आ रहा है। गुजराती व्यापारियों द्वारा जीएसटी लागू होने के बाद 'कमल की फूल, मेरी भूल' लिखी पर्ची सोशल मीडिया पर वायरल हो गयी थी। वहीं केंद्र सरकार ने हाल ही में कई वस्तुओं-सेवाओं की जीएसटी दरों में बदलाव किया जिसमें गुजराती खाखरा भी था।

गुजरात में विधान सभा की कुल 182 सीटें हैं। राज्य में दो दशकों से ज्यादा समय से बीजेपी सत्ता में है। साल 2002, 2007 और 2012 में बीजेपी ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विधान सभा चुनाव लड़ा था और बहुमत हासिल किया था।

साल 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बन जाने के बाद आनंदीबेन पटेल को गुजरात का सीएम बनाया गया, लेकिन पाटीदार आरक्षण आंदोलन और दलितों की पिटाई के बाद हुए उग्र विरोध के कारण आनंदीबेन पटेल को कुर्सी छोड़नी पड़ी और विजय रूपानी गुजरात के सीएम बनाए गए।

उम्मेद होटल के भाजपाई मालिक ने लीक किया हार्दिक पटेल का फुटेज

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल के इंकार करने के बावजूद सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मीडिया अब भी दोनों के बीच मुलाकात की खबरें चला रहा है।

अपनी ताजा रिपोर्ट में अहमदाबाद मिरर ने दावा किया है कि कथित सीसीटीवी फुटेज में जिस होटल में हार्दिक पटेल दिखे हैं, वो बीजेपी नेता का है।

अहमदाबाद मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, होटल के मालिक उम्मेद सिंह चंपावत का नाम अतीत में कॉल गर्ल रैकेट से भी जोड़ा जा चुका है। चंपावत लम्बे समय तक कांग्रेस में भी रहे हैं। गुजरात में नौ दिसंबर और 14 दिसंबर को विधान सभा चुनाव के लिए मतदान होना है। नतीजे 18 दिसंबर को आएंगे।

अहमदाबाद मिरर के अनुसार, जिस होटल में हार्दिक पटेल को देखने का दावा किया जा रहा है, वो अहमदाबाद का एयरपोर्ट सर्किल होटल है। इस पाँच सितारा होटल पर हार्दिक पटेल ने जानबूझकर कुत्सित मंशा से सीसीटीवी फुटेज लीक करने का आरोप लगाया है।

हार्दिक पटेल ने राहुल गांधी से मुलाकात से इनकार किया था।

हार्दिक ने ट्वीट करके कहा था कि जब वो राहुल से मिलेंगे तो खुलकर सभी को बताएंगे। हालांकि हार्दिक ने माना कि उन्होंने होटल में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत से मुलाकात की थी। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कांग्रेस के गुजरात प्रभारी हैं।

अशोक गहलोत ने आरोप लगाया था कि आईबी और गुजरात पुलिस ने होटल प्रबंधन से सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिया है।

होटल के प्रबंधक ने भी बताया कि पुलिस ने उनसे फुटेज मांगा था जो दे दिया गया। अशोक गहलोत ने होटल के सीसीटीवी फुटेज जब्त करने के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और राज्य की विजय रूपानी सरकार को कठघरे में खड़ा किया।

हालांकि बीजेपी ने इसमें किसी तरह की अपनी भूमिका से इनकार किया। सीसीटीवी फुटेज के मीडिया में लीक होने से सोशल मीडिया पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

मुंबई मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, होटल के मालिक उम्मेद सिंह चंपावत फरवरी 2014 में 30 अन्य स्थानीय नेताओं के साथ बीजेपी में शामिल हुए थे। चंपावत एवं अन्य ने उस समय 'नरेंद्र मोदी के प्रति सम्मान और स्नेह' को बीजेपी में शामिल होने की वजह बताया था।

बीजेपी में शामिल होने से पहले करीब डेढ़ दशक तक चंपावत कांग्रेस में रहे थे। वो कांग्रेस के टिकट पर नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ विधान सभा चुनाव भी लड़ चुके हैं। चंपावत बीजेपी के दिवंगत नेता भैरो सिंह शेखावत के खिलाफ भी विधान सभा चुनाव लड़ चुके हैं।

फरवरी 2003 में चंपावत तब विवादों से घिर गए, जब गुजरात के तत्कालीन गृह मंत्री अमित शाह ने एक प्रेस वार्ता में आरोप लगाया कि गुजरात में चुनाव प्रचार के लिए आए पंजाब की तत्कालीन सरकार के तीन मंत्री उनके होटल में रुके थे और कॉल गर्ल की सेवाएं ली थीं। चंपावत के खिलाफ पुलिस में देह व्यापार रैकेट चलाने का मामला दर्ज किया गया था।

अहमदाबाद मिरर के अनुसार, चंपावत के खिलाफ देह व्यापार रैकेट की जांच करने वाली पुलिस टीम में ऐसे अफसर भी थे जो इशरत जहाँ फर्जी मुठभेड़ मामले में आरोपी थे। इस जांच टीम में शामिल तरुण बरोट इशरत जहाँ फर्जी मुठभेड़ मामले में करीब तीन साल न्यायिक हिरासत में रहे थे। बाद में बरोट रिटायर हो गये तो गुजरात सरकार ने उनकी सेवा की जरूरत बताते हुए नौकरी पर रख लिया। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी नियुक्ति पर गुजरात की बीजेपी सरकार को फटकार लगाते हुए नियुक्ति रद्द कर दी।

बरोट के बाद देह व्यापार रैकेट की जांच वरिष्ठ आईपीएस पी पी पाण्डेय की निगरानी में होने लगी। पी पी पाण्डेय भी इशरत जहाँ फर्जी मुठभेड़ मामले में गिरफ्तार हुए थे। देह व्यापार मामले की पूरी जाँच क्राइम ब्रांच के तत्कालीन प्रमुख डी जी वंजारा के मातहत हो रही थी। वंजारा साल 2007 से 2015 तक विभिन्न फर्जी मुठभेड़ों में आरोपी होने की वजह से जेल में रह चुके हैं।

जब देह व्यापार का मामला दर्ज किया गया तो चंपावत कांग्रेस नेता थे। उन्होंने हाई कोर्ट में अर्जी दी थी कि उन्हें राजनीतिक वजहों से परेशान किया जा रहा है। चंपावत ने हाई कोर्ट को बताया कि वो युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय ज्वाइंट सेक्रेटरी रहे हैं और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सेक्रेटरी रहे हैं। अदालत ने उनके खिलाफ दायर मामले को रद्द करने का आदेश दिया था।

आज भले ही चंपावत बीजेपी में हों, लेकिन कांग्रेस नेताओं से भी उनके संबंध अच्छे हैं। हालिया राज्य सभा चुनाव के दौरान कांग्रेस नेता अहमद पटेल उन्हीं के होटल में रुके थे।