गुजरात में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती हैं। तीन दिवसीय गुजरात दौरे पर राहुल गांधी ने आज (10 अक्टूबर) को बीजेपी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर जमकर निशाना साधा।
राहुल गांधी ने बड़ोदरा में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि अमित शाह के बेटे जय शाह पीएम नरेंद्र मोदी के स्टार्टअप इंडिया के स्टार्टअप आइकन हैं।
'द वायर' द्वारा केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद अमित शाह के बेटे जय शाह की कंपनी का 16 हजार गुना टर्नओवर बढ़ने का दावा किया जा रहा है।
राहुल ने मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि मोदी जी हमेशा कहते हैं कि वे देश के चौकीदार हैं और कभी भ्रष्टाचार की इजाजत नहीं देंगे, लेकिन जय शाह विवाद पर भारत का चौकीदार चुप है। वे इस विवाद पर कोई बयान नहीं देना चाह रहे हैं।
सोमवार को नाडियाद में रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस उपाध्यक्ष गाँधी ने कहा, पिछले 10-12 सालों से अमित शाह के बेटे की कंपनी के पास कुछ नहीं थी, लेकिन 2014 के बाद कंपनी ने कमाई करना शुरु कर दिया, अजीब दुनिया है। जय शाह ने सालाना 50 हजार से शुरुआत की थी जो कि अब 80 करोड़ हो गया है।
राहुल गांघी ने कहा, स्टार्टअप इंडिया, मेक इन इंडिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट स्कीम हैं।
राहुल ने मोदी पर हमला करते हुए कहा, न खाऊंगा, न खाने दूंगा, कहां गया चौकीदार? ये है गुजरात की सच्चाई।
बता दें कि राहुल ने रविवार को किए अपने ट्वीट में लिखा था कि आखिरकार हमें पता चल गया है कि नोटबंदी का फायदा किसे पहुंचा है। वो आरबीआई नहीं, न गरीब और न किसान, यह केवल शाह-इन-शाह के लिए था, जय अमित।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय अमितभाई शाह को लेकर हुए खुलासे के बाद अब राजनीति गरमा गई है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राज बब्बर ने सोमवार को कहा कि ''इतने कम समय में वही इतनी कमाई कर सकता है, जिसके अंकल प्रधानमंत्री हों और पापा मोटाभाई शाह हों।''
राज ने यह भी कहा कि बीजेपी को यही 'विद्या' अब आम आदमी को भी सिखानी चाहिए।
कांग्रेस दफ्तर में आयोजित एक प्रेस वार्ता में बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए राज ने कहा, ''एक बेचारा चाय बेचने वाला, जो सवा सौ करोड़ देश वासियों को तीन साल में महंगाई, बेरोजगारी, लाचारी ही दे पाया था कि अचानक उसके बगल से भ्रष्टाचार ने भी जन्म ले लिया।''
उन्होंने कहा, ''इस बीजेपी की सरकार में बेटा मॉडल सिखाया जाता है, क्योंकि इस तरह के विद्या का ज्ञानी वही हो सकता है, जिसके अंकल पीएम हों और पापा मोटाभाई शाह हों।''
राज बब्बर ने कहा कि पहला सवाल यह है कि जो टेम्पल प्राइवेट कंपनी थी, वह आखिर क्या व्यापार करती थी? दूसरा सवाल यह कि तीन साल चलाने के बाद इसे अचानक क्यों बंद करना पड़ा? जय शाह की कंपनी को 51 करोड़ रुपये का विदेशी निवेश भी आया है, यह किस आधार पर आया है?
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एक सवाल यह भी है कि कुसुम कंपनी, जो एक छोटी सी कंपनी थी, रातो-रात उसे एक बड़ी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में बदला गया और इसे कालूपुर सहकारिता बैंक से 25 करोड़ रुपये कर्ज दिया गया था, जबकि इसके बदले में जो जमीन बंधक थी, उसकी कुल कीमत ही 6 करोड़ थी। क्या सरकार ऐसे कुछ और उदाहरण दे सकती है, जिन पर ऐसी अनुकंपा की गई हो।
राज बब्बर ने कहा कि कांग्रेस केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से पूछना चाहती है कि क्या जय शाह कोई मंत्री हैं, जो उनके बचाव के लिए देश के कैबिनेट मंत्री को आगे आना पड़ा। जनता जानना चाहती है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो काफी गरीब परिवार से आते हैं, वह गरीबों के हक की रक्षा करेंगे या सिर्फ दोस्ती निभाएंगे।
भारत में अरुणाचल प्रदेश के तवांग में एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना में सात सैन्यकर्मियों की मौत के दो दिन बाद इन सैनिकों का शव प्लास्टिक की बोरियों में लपेटे होने और कार्डबोर्ड में बंधे होने की तस्वीरें रविवार को सामने आई।
इसको लेकर लोगों में आक्रोश फैल गया।
इसके बाद सेना ने एक ट्वीट में कहा कि स्थानीय संसाधनों से शवों को लपेटना भूल थी।
सेना ने कहा कि मृत सैनिकों को हमेशा पूर्ण सैन्य सम्मान दिया गया है।
उत्तरी सैन्य कमान के पूर्व कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) एच एस पनाग ने शवों की तस्वीर के साथ अपने ट्वीट में कहा, ''सात युवा अपनी मातृभूमि भारत की सेवा करने के लिए कल दिन के उजाले में निकले। और इस तरह से वे अपने घर आए।''
इसके बाद प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सेना के अतिरिक्त सूचना महानिदेशालय ने अपने ट्वीट में कहा कि शवों का बॉडी बैग्स, लकड़ी के बक्से और ताबूत में लाया जाना सुनिश्चित किया जाएगा।
प्रवक्ता ने कहा, ''मृत सैनिकों को हमेशा पूर्ण सैन्य सम्मान दिया जाता है। शवों का बॉडी बैग्स, लकड़ी के बक्से, ताबूत में लाया जाना सुनिश्चित किया जाएगा।''
प्रवक्ता ने कहा कि शवों को स्थानीय संसाधनों में लपेटना भूल थी।
एक अधिकारी के मुताबिक, तस्वीरें उस वक्त ली गईं, जब शव गुवाहाटी में थे।
लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) पनाग ने कहा कि जब तक ताबूत उपलब्ध नहीं हों, तब तक शवों को अग्रिम स्थानों से ले जाने में उचित सैन्य बॉडी बैग्स का अवश्य इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
तस्वीरों के सामने आने के बाद ट्विटर पर कई लोगों ने रोष जाहिर किया।
अरुणाचल प्रदेश के तवांग में शुक्रवार की सुबह टी-17 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में दो पायलटों समेत पांच वायु सेनाकर्मियों और थल सेना के दो सैनिकों की मौत हो गई थी।
सवाल उठता है कि क्या मोदी शासन काल में प्लास्टिक की बोरियों में इसी तरह से शहीद भारतीय सैनिकों के शव को लाकर उनको पूर्ण सैन्य सम्मान दिया जाता रहेगा!
कांग्रेस ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बेटे जय शाह की कंपनी के संदिग्ध लेन-देन और सौदों को लेकर अमित शाह के इस्तीफे की मांग की है, ताकि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो सके।
कांग्रेस ने जोर देकर कहा कि इससे पहले जब कभी भी किसी बीजेपी प्रमुख की निष्ठा पर सवाल उठाए गए, तब उन्होंने इस्तीफा दे दिया था।
कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा, ''हम कोई आरोप नहीं लगा रहे हैं। हम केवल मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। और स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के लिए अमित शाह को बीजेपी अध्यक्ष के पद से और साथ ही राज्यसभा से इस्तीफा दे देना चाहिए।''
शर्मा ने कहा, जब एल के आडवाणी का नाम जैन हवाला डायरियों में आया था, तो उन्होंने पार्टी अध्यक्ष और साथ ही लोकसभा से इस्तीफा दे दिया था।
शर्मा ने कहा, ''बंगारू लक्ष्मण, जो कैमरे पर नकदी लेते पकड़े गए थे, उन्होंने भी इस्तीफा दे दिया था। और हाल ही में पुर्ति घोटाले में नाम आने के कारण केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी बीजेपी अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था।''
कांग्रेस नेता ने कहा कि कथित घोटालों में न ही आडवाणी और न ही गडकरी पर मुकदमा चलाया गया, लेकिन उन्होंने निष्पक्ष जांच की खातिर इस्तीफे दे दिए थे।
शर्मा ने कहा, ''हम उम्मीद करते हैं कि अमित शाह भी इसी रास्ते पर चलेंगे और जांच पूरी होने तक खुद को मामले से अलग रखेंगे।''
लेकिन सवाल उठता है कि निपक्ष जाँच के लिए अमित शाह बीजेपी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देंगे।
भारत में सरकार ने शनिवार को नई हज नीति पेश कर दी, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अमल करते हुए सब्सिडी की व्यवस्था खत्म करने और 45 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को बिना मेहरम के हज पर जाने की इजाजत देने का प्रस्ताव किया गया है।
'हज नीति 2018-22' में हज यात्रियों को समुद्री मार्ग से भेजने के विकल्प पर काम करने की बात की गई है। आने वाले समय में समुद्री जहाज के जरिए हज पर जाना लोगों के लिए एक सस्ता विकल्प हो सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, इसमें यह प्रावधान किया गया है कि हज यात्रियों के प्रस्थान के स्थानों की संख्या को 21 से घटाकर नौ किया जाएगा। हज नीति तैयार करने के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति ने केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।
नई हज नीति को 2012 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक तैयार किया गया है।
शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि 10 साल की अवधि में सब्सिडी खत्म किया जाए। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की ओर से गठित समिति के संयोजक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अफजल अमानुल्लाह थे।
पूर्व न्यायाधीश एस एस पार्कर, भारतीय हज समिति के पूर्व अध्यक्ष कैसर शमीम और इस्लाम मजहब के जानकार कमाल फारुकी सदस्य थे तथा अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय में हज प्रभारी संयुक्त सचिव जे आलम समिति के सदस्य सचिव थे।
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, ''2018 में हज नई हज नीति के तहत होगा। प्रस्तावित सुविधाओं को देखते हुए यह एक बेहतर नीति है। यह पारदर्शी और जनता के अनुकूल नीति होगी। यह हज यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।''
नई हज नीति में हज समिति और निजी टूर आॅपरेटरों के जरिए जाने वाले हज यात्रियों के अनुपात को भी स्पष्ट किया गया है। अब कुल कोटे के 70 फीसदी हज यात्री हज समिति के जरिए जाएंगे तो 30 फीसदी निजी टूर आॅपरेटरों के जरिए हज पर जाएंगे।
अब 45 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं बिना मेहरम के हज पर जा सकेंगी, हालांकि वे चार महिलाओं के समूह में जा सकेगी।
मेहरम के लिए कोटा 200 से बढ़ाकर 500 किया जाने का भी प्रस्ताव है।
गौरतलब है कि मेहरम उसे कहते हैं जिससे महिला का निकाह नहीं हो सकता। मसलन, पिता, सगा भाई, बेटा और पौत्र-नवासा मेहरम हो सकते हैं।
अब हज के लिए प्रस्थान स्थलों की संख्या को 21 से घटाकर नौ किया जाएगा। दिल्ली, लखनऊ, कोलकाता, अहमदाबाद, मुंबई, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु और कोच्चि से लोग हज के लिए प्रस्थान कर सकेंगे।
इन शहरों में उपयुक्त हज भवनों के निर्माण और दूरदराज के इलाकों और इन प्रस्थान स्थलों के बीच संपर्क बेहतर करने का प्रस्ताव भी दिया गया है।
समुद्री रास्ते से हज के सफर के विकल्प पर सऊदी अरब सरकार से विचार-विमर्श करने और पोत कम्पनियों की रुचि एवं सेवा की जानकारी लेने के लिए विज्ञापन देने का भी प्रस्ताव है।
नई हज नीति के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए हज कोटे का प्रावधान उनके यहां की मुस्लिम आबादी के अनुपात में किया जाएगा।
जम्मू-कश्मीर के लिए कोटा 1500 से बढ़ाकर 2000 करने का भी प्रस्ताव है।
नई हज नीति में प्रस्ताव किया गया है कि भारतीय हाजियों को ठहराना मीना की पारंपरिक सीमाओं के भीतर सुनिश्चित किया जाए।
भारत की अर्थव्यवस्था पर पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है।
यशवंत सिन्हा ने कहा कि आपको गिरती हुई अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए जनादेश मिला था, ना कि पिछली सरकारों पर आरोप मढ़ने के लिए।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगले चुनाव में आपको लोग आपके प्रदर्शन और आपके द्वारा किए गए वादों से जज करेंगे।
यशवंत सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि हम लोग निराशा फैला रहे हैं तो उन्होंने सुधारात्मक कदम उठाने का फैसला क्यों किया?
एनडीटीवी डॉट कॉम से बातचीत में यशवंत सिन्हा ने कहा कि मेरी आलोचना के बाद सरकार हरकत में आई है।
उन्होंने कहा, ''अगर हम लोग केवल निराशा ही फैला रहे हैं तो सरकार ने तेल पर एक्साइज ड्यूटी क्यों घटाई और फिर जीएसटी परिषद की बैठक क्यों की जा रही है?''
इसके साथ ही यशवंत सिन्हा ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, ''देश की गिरती हुई अर्थव्यवस्था पर मनमर्जी करने और जब उसके बारे में पूछा जाए तो इसका आरोप पिछली सरकार पर लगाने के लिए आपको यह जनादेश नहीं मिला था। अगले चुनाव में आपको आपके प्रदर्शन और आपके द्वारा किए गए वादों के आधार पर लोग आपको जज करेंगे।''
यशवंत सिन्हा ने बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर भी निशाना साधा। उनका कहना है कि आर्थिक नीतियां तय करने में अमित शाह की अनावश्यक रूप से बड़ी भूमिका होती है।
उन्होंने कहा, ''जब राजनीतिक और आर्थिक मामलों पर कैबिनेट कमेटी है, जिसके कई अन्य मंत्री हिस्सा हैं, लेकिन उनमें से किसी को नहीं बुलाया गया। अब सवाल यह उठता है कि पार्टी अध्यक्ष कैसे सीधे तौर पर सरकार चलाने या अहम फैसले लेने में शामिल हो सकता है।''
यह बात उन्होंने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली से मुलाकात के लिए केरल दौरा बीच में छोड़कर आने के फैसले के संदर्भ में कही।
बता दें, यशवंत सिन्हा ने इंडियन एक्सप्रेस अखबार में एक लेख लिखकर नरेंद्र मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि इस सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को बरबाद कर दिया है।
साथ ही नोटबंदी के फैसले पर भी यशवंत सिन्हा ने इस लेख के जरिए सवाल उठाए थे। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सरकार का बचाव करते हुए कहा था कि कुछ लोग केवल निराशा फैलाते हैं।
बिहार के बांका जिले के सुईया थाना क्षेत्र में एक नाबालिग छात्रा के साथ उसी गांव के तीन युवकों द्वारा बलात्कार करने और उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने का मामला प्रकाश में आया है।
इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, अंतुआ गांव की रहने वाली पीड़िता चार अक्टूबर को गांव के ही समीप जंगल में बकरी चराने गई थी।
आरोप है कि इसी दौरान गांव के ही तीन युवकों ने नाबालिग पीड़िता को जबरन दबोच लिया और उसके साथ बलात्कार किया। इस दौरान युवकों ने बलात्कार का वीडियो बनाकर सोशल साइट पर वायरल कर दिया।
इस घटना के बाद गांव के पंचायत में भी मामले को सुलझाने का प्रयास किया गया, लेकिन जब मामला सामाजिक स्तर पर नहीं सुलझा, तब पीड़िता शुक्रवार को सुईया थाना पहुंची और इस मामले की शिकायत की।
सुईया थाना ने इस मामले को महिला थाने को सौंप दिया। महिला थाना प्रभारी मणि कुमारी ने शनिवार को बताया कि नौवीं कक्षा की छात्रा के बयान पर बलात्कार करने और वीडियो बनाने के आरोप में महिला थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है, जिसमें गांव के ही पवन यादव, ठकुरी यादव और रोहित यादव को आरोपी बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि पीड़िता को चिकित्सीय जांच के लिए बांका सदर अस्पताल भेजा गया है। दो आरोपियों पवन यादव और ठकुरी यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि अभी कुछ दिनों पहले ही बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में चार युवाओं द्वारा एक किशोरी के साथ कथित रूप से सामूहिक बलात्कार करने के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने का मामला प्रकाश में आया था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विवेक कुमार ने बताया था कि इस मामले में कटरा थाना में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
यह वारदात रात में एक 14 वर्षीया किशोरी के साथ दशहरा मेले से अपने रिश्तेदार के घर लौटने के क्रम में कटरा थाना के नवादा गांव में घटी। आरोपी युवाओं ने उक्त किशोरी को जबरन एकांत स्थान में ले जाकर उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया और उसका वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था।
सोचने की बात है कि बिहार में छात्राओं के साथ सामूहिक बलात्कार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बीजेपी के सुशासन में हो रहा है।
भारत के पूर्व वित्त मंत्री व वरिष्ठ बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बुधवार (4 अक्टूबर) को दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया दी है।
नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पहली बार अर्थव्यवस्था में सुस्ती की बात स्वीकार की, लेकिन उन्होंने आलोचकों से कहा कि वे नकारात्मकता न फैलाएं।
साथ ही उन्होंने अर्थव्यवस्था को वापस पटरी पर लाने का वादा किया। उन्होंने आलोचकों की तुलना महाभारत के शल्य से की, जो कर्ण का सारथी था। वह हमेशा राजा को हतोत्साहित करता रहता था। नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऐसे लोगों को पहचानने की जरूरत है।
इस पर यशवंत सिन्हा ने जवाब दिया है कि ''मैं शल्य नहीं, भीष्म हूं। भीष्म तो नहीं बोले थे, मगर मैं बोलूंगा और अर्थव्यवस्था का चीरहरण नहीं होने दूंगा।''
यशवंत सिन्हा ने कहा, ''महाभारत में हर तरह के चरित्र हैं, शल्य भी उनमें से एक है। शल्य कौरवों की ओर किस तरह शामिल हुए, कहानी सबको पता है।
दुर्योधन ने उनको ठग लिया था। शल्य, नकुल और सहदेव के मामा थे। वे तो पांडवों की तरफ से लड़ना चाहते थे, मगर ठगी के शिकार हुए। महाभारत में ही एक और चरित्र है भीष्म पितामह।
भीष्म पर आरोप है कि जब द्रौपदी का चीरहरण हो रहा था तो वे खामोश रह गए। अब अगर अर्थव्यवस्था का चीरहरण होगा तो मैं बोलूंगा।''
यशवंत सिन्हा यही नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा, ''मुझे अंदाजा नहीं था कि जवाब देने के लिए खुद प्रधानमंत्री आगे आ जाएंगे। आँकड़ों का खेल खतरनाक होता है, आप कुछ साबित करेंगे, मैं दूसरे आंकड़े से दूसरी बात साबित कर दूंगा। जमीनी हकीकत की ओर देखिए।''
नरेंद्र मोदी ने कहा था, ''पिछले तीन सालों में 7.5 प्रतिशत विकास दर के बाद गिरावट आई है। मैं इससे इंकार नहीं कर रहा। सरकार अर्थव्यवस्था की समस्या से निपटने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध है। हम निर्णय लेने के लिए तैयार हैं। हमने कई सारे कदम उठाए हैं। वित्तीय स्थिरता बनाए रखी जाएगी। हम निवेश और आर्थिक विकास को बढ़ाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएंगे।''
मोदी ने यह बात ऐसे समय में कही, जब यशवंत सिन्हा और विपक्षी दलों ने आर्थिक सुस्ती और बेरोजगारी को लेकर तीखा हमला बोला है, जिसके बाद अर्थव्यवस्था की सेहत को लेकर बहस शुरू हो गई है।
सच्चाई यह है कि इस समय भारत का विकास दर 3. 7 प्रतिशत या उससे कम है। भारत की अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट में आ चुकी है।
भारत के प्रतिष्ठित बनारस हिंदू विश्वविद्याल में एक बार फिर छात्रा के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। गुरुवार को क्लास में एक छात्रा के साथ पहले छेड़छाड़ की गई, इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई।
जैसे ही इस बारे में सबको खबर हुई तो कैंपस में अफरा-तफरी मच गई। पीड़िता छात्रा ने पास के थाने में शिकायत दर्ज कराया, जिसके बाद आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर लिया गया। वह भी बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में पढ़ता है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एम. ए थर्ड सेमेस्टर में पढ़ने वाली छात्रा के साथ समाजशास्त्र विभाग में छेड़छाड़ हुई है।
छात्रा का आरोप है कि एम.ए के छात्र शीतला गौंड ने उसे क्लास से बाहर अपनी तरफ खींचा था। उसने विरोध किया, तो आरोपी ने थप्पड़ मार दिया। हाथ से मोबाइल छीनकर जमीन पर पटक दिया। मामले की शिकायत पीड़िता ने फौरन प्रॉक्टर से की। फिर लंका थाने जाकर इस संबंध में तहरीर दी।
शिकायत के आधार पर आरोपी छात्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। उधर, कैंपस में इस घटना से सुरक्षाकर्मियों के होश उड़ गए हैं।
आज सुबह ही राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य रेखा शर्मा यहां जांच के लिए पहुंची हैं। उन्होंने बीएचयू छेड़छाड़ मामले में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और पूर्व प्रॉक्टर के बयान लिए हैं।
सवाल उठता है कि बीएचयू में छात्राओं के साथ होने वाली छेड़छाड़ की घटनाएँ रूक पायेगी!
बीजेपी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा आज यशवंत सिन्हा के समर्थन में सामने आए। उन्होंने कहा कि यशवंत सच्चे अर्थों में राजनेता हैं और उन्होंने सरकार को आईना दिखाया है।
बिहार से सांसद शत्रुघ्न की अपनी पार्टी के रुख से कई मुद्दों पर मतभिन्नता है।
यशवन्त सिन्हा ने एक अखबार में प्रकाशित एक लेख में वित्त मंत्री अरूण जेटली की, उनकी आर्थिक नीतियों को लेकर आलोचना की है।
पूर्व वित्त मंत्री के विचारों को खारिज करने वाले, पार्टी के नेताओं पर शत्रुघ्न ने निशाना साधा और कहा कि ऐसा करना बचकाना होगा क्योंकि उनके (सिन्हा के) विचार पूरी तरह से पार्टी और राष्ट्र के हित में है।
कई ट्वीट कर मोदी सरकार पर कटाक्ष करते हुए शत्रुघ्न ने यशवन्त सिन्हा की टिप्पणियों को लेकर कही जा रही बातों के संदर्भ में दावा किया कि हम सब जानते हैं कि किस तरह की ताकतें उनके पीछे पड़ी हैं।
उन्होंने नरेंद्र मोदी का हवाला देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने हाल ही में कहा था कि राष्ट्र किसी भी दल से बड़ा है और राष्ट्र हित सबसे पहले आता है।
शत्रुघ्न ने ट्वीट किया, ''मेरा दृढ़ता से यह मानना है कि सिन्हा ने जो कुछ भी लिखा है वह पार्टी और राष्ट्र के हित में है।''
उन्होंने कहा, ''वह सच्चे अर्थों में राजनेता हैं, जिसने खुद को साबित किया है और जो देश के सबसे सफल वित्त मंत्रियों में से एक हैं। उन्होंने भारत की आर्थिक स्थिति को लेकर आईना दिखाया है और समस्या की जड़ पर चोट की है।''
यशवंत को बड़ा भाई बताते हुए शत्रुघ्न ने कहा कि इस तरह के विचारों के साथ सामने आने के लिए उनकी सराहना की जानी चाहिए।
ट्वीट में शत्रुघ्न ने अरूण शौरी की भी प्रशंसा की। अटल बिहारी वाजपेयी के मंत्रिमंडल में अरूण शौरी यशवंत सिन्हा के सहयोगी थे। शौरी भी मोदी सरकार की नीतियों के कड़े आलोचक हैं।
शत्रुघ्न ने लिखा, ''यशवंत सिन्हा और अरूण शौरी बहुत ही प्रबुद्ध और अनुभवी बुद्धिजीवी हैं। उनकी कोई महत्वाकांक्षा नहीं है और ना ही किसी पद (मंत्री पद) की उन्हें लालसा है, खासकर ऐसे समय में जब अगले चुनाव में दो वर्ष से भी कम समय रह गया है।''
उन्होंने कहा कि यशवंत के आलोचक उन्हें बिंदू दर बिंदू गलत साबित करके दिखाएं।









