भारत

सीबीआई ने जीएसटी काउंसिल सुप्र‍िटेंडेंट को व्‍यापारियों से रिश्‍वत लेने के आरोप में किया गिरफ्तार

सीबीआई ने जीएसटी काउंसिल के अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्‍टाचार का मामला दर्ज किया है।

एजेंसी ने जीएसटी काउंसिल के सुप्रिटेंडेंट मनीष मल्‍होत्रा और प्राइवेट टैक्‍स कंसल्‍टेंट मानस पात्रा के खिलाफ सरकारी अफसरों से रिश्‍वत लेने का आरोप लगाया है।

एजेंसी का आरोप है कि मल्‍होत्रा और अन्‍य अधिकारी मिलकर नियमित समय पर मिलने वाली रिश्‍वत के एवज में व्‍यापारियों पर कार्रवाई नहीं कर रहे थे।

मानस पात्रा, मल्‍होत्रा के प्रतिनिधि के रूप में व्‍यापारियों से संपर्क करता था और मासिक/त्रैमासिक आधार पर रिश्‍वत की रकम चेक, एन ई एफ टी और नकद में ली जाती थी।

सीबीआई को जानकारी मिली है कि मानस पात्रा ने मल्‍होत्रा के लिए पिछले कुछ दिनों में भारी रिश्‍वत ली है। सीबीआई ने मल्‍होत्रा और पात्रा को गिरफ्तार कर लिया है।

पनामा लीक: बेनामी विदेशी फर्म के आरोप में फंसे बीजेपी के दिग्गज नेता

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बीते बुधवार (2 अगस्त, 2017) को बीजेपी नेता शिशिर बजोरिया से बेनामी विदेशी फर्म मामले में पूछताछ की। बीजेपी नेता बजोरिया का नाम पनामा पेपर्स लीक में सामने आया था। जिसपर ईडी ने उनसे करीब आधे घंटे तक पूछताछ की। ये पूछताछ सीजीओ में ईडी के ऑफिस में की गई।

इसपर बीजेपी नेता ने सफाई देते हुए कहा, ''मुझसे जो पूछताछ की गई, वो जांच का हिस्सा था। मेरे बीजेपी में होने का ये मतलब नहीं है कि एजेंसी मुझसे पूछताछ नहीं करेगी। पनामा पेपर्स में मेरा नाम गलती से आया है। वो जांच पड़ताल करेंगे और जल्द ही सारा सच सामने आ जाएगा। पूछताछ के लिए मुझे ईडी ऑफिस बुलाया गया था। जहां मैंने उनके सभी सवालों के जवाब दिए।''

बजोरिया से पनामा मामले में करीब आधे घंटे तक पूछताछ की गई। गौरतलब है कि पनामा पेपर्स के दस्तावेजों की मानें तो बजोरिया पर लाभ कमाने वाली हैप्टिक (ब्रिटिश वर्जिन आइसलैंड) लिमिटेड का मालिक होने का आरोप है जिसे बीवीआई में 16 अक्टूबर (2015) को मोसाक फोनसेका एवं व्यापारिक (एम एफ) की मदद से स्थापित किया गया था।

दूसरी तरफ बजोरिया का कहना है कि वो कभी भी इस कंपनी के मालिक नहीं रहे। ऐसा किसी गलती की वजह से हुआ है। सच्चाई ये है कि वो ऐसी किसी भी कंपनी के मालिक नहीं हैं। साथ ही गलती से उनका पासपोर्ट मोसाक फोनसेका एवं व्यापारिक (एमएफ) को भेजा गया था। पनामा द्वारा लीक हुए दस्तावेजों के अनुसार कंपनी पर संपत्ति छिपाने और टैक्स बचाने का आरोप लगाया था।

जानकारी के लिए बता दें कि बीते दिनों बीजेपी के दिग्गज नेता शिशिर बजोरिया ने बताया था कि आईएफजीएल, वर्ल्डवाइड होल्डिंग्स लिमिटेड को उनके नाम से पंजीकृत कराया था। उनकी पत्नी और वो कंपनी सोन्निश लिमिटेड के शेयर होल्डर हैं। जिसकी सभी जरूरी अनुमति ली गईं थीं। जांच अधिकारियों को इसके सभी कागजात दिखाए जा चुके हैं। संभावना है कि जांच एजेंसी इसकी भी जांच कर सकती है।

वहीं सूत्रों के अनुसार, बजोरिया को अन्य तीन और कंपनियों का मालिक बताया गया है, हालांकि उन्होंने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।

आपको बता दें कि शिशिर के बजोरिया कोलकाता की पुराने व्यापारिक घराने से आते हैं। जो जूट और चाय का व्यापार करता है। उनका एसके बजोरिया ग्रुप भी है, जो छह देशों में स्टील का बिजनेस करता है। इन कंपनियों का साल का टर्नओवर 20 करोड़ डॉलर से ज्यादा है।

पूरे देश में अघोषित इमरजेंसी, हमारे यहां छापा, अडानी के घर क्यों नहीं: लालू

राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोला है और कहा है कि पीएम मोदी ने पूरे देश में अघोषित इमरजेंसी लगा दी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी जी कालाधन के नाम पर हमारे और हम जैसे नेताओं/कार्यकर्ताओं के घर छापेमारी करवाते हैं, लेकिन अडानी जैसे-जैसे बड़े लोगों के यहां छापा क्यों नहीं डलवाते?

लालू यादव चारा घोटाले से जुड़े एक मामले की सुनवाई के लिए रांची की अदालत में पेशी देने आए थे। यहां उन्होंने पत्रकारों से कहा कि देश में स्थिति भयावह है, मोदी सरकार ने अघोषित तरीके से 75 फीसदी आपातकाल लागू कर दिया है।

लालू यादव ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को फिर से राजनीति का पलटूराम करार दिया और कहा कि वो मोदी की गोद में जाकर बैठ गए।

उन्होंने कहा कि नीतीश  के बारे में हमने पहले ही कहा था कि वो 'नमो शरणम गच्छामि' है। यानी नरेंद्र मोदी की शरण में जाने वाले हैं।

बता दें कि बिहार में महागठबंधन सरकार टूटने और बीजेपी के साथ मिलकर नीतीश कुमार के सरकार गठन के बाद से लालू यादव आक्रामक मोड में हैं। वो लगातार मीडिया के जरिए नीतीश कुमार और पीएम नरेंद्र मोदी पर राजनीतिक हमले कर रहे हैं।

एक दिन पहले ही समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने भी इस बात को माना कि सीएम बनने के लिए नीतीश कुमार उनके सामने रोए थे। मुलायम ने साफ किया और साल 2015 की परिस्थितियों के बारे में बताया कि उस वक्त लालू यादव किसी भी कीमत पर नीतीश को सीएम नहीं बनाना चाहते थे, लेकिन उनके कहने पर ही वो आखिरी समय में तैयार हो गए थे।

इससे पहले लालू यादव भी कह चुके हैं कि उन्होंने मुलायम सिंह यादव के कहने पर ही नीतीश कुमार के साथ गठबंधन किया था और उन्हें सीएम बनाया था।

गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने भ्रष्टाचार के आरोप में उप मुख्यमंत्री और लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव का नाम आने पर लंबे राजनैतिक ड्रामे के बाद 26 जुलाई को महागठबंधन तोड़ते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था और उसके अगले ही दिन 27 जुलाई को बीजेपी के साथ मिलकर बिहार में एनडीए गठबंधन की सरकार बना ली। 28 जुलाई को विश्वास मत जीतने के बाद 29 जुलाई को नीतीश ने मंत्रिमंडल का विस्तार किया।

गौरतलब है कि उनके 29 सदस्यों वाले इस मंत्री परिषद में कुल 22 मंत्री दागी हैं।

जम्मू-कश्मीर: कुलगाम में भारतीय सुरक्षा बलों ने 2 आतंकी को मार गिराया

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हुई है। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में सुरक्षा बलों के साथ आज हुई एक मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, ''कुलगाम के गोपालपोरा इलाके में आज सुबह सुरक्षा बलों के साथ हुई एक मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए।''

उन्होंने बताया कि मारे गए आतंकवादियों में से एक जिले में एक मई को बैंक की वैन से नकद लूटे जाने की वारदात में शामिल था।

इस वारदात में पांच पुलिसकर्मी और बैंक के दो सुरक्षा गार्ड मारे गए थे।

अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बलों ने मौके से दो हथियार बरामद किए हैं। उन्होंने बताया कि घटना के बारे में विस्तृत ब्यौरे की प्रतीक्षा की जा रही है।

जम्मू-कश्मीर: शोपियां आतंकी हमले में भारतीय सेना के एक मेजर और सैनिक शहीद

जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में आतंकी हमला हुआ है। इस हमले में सुरक्षा बलों के 2 जवान शहीद हो गए हैं।

पुलिस के मुताबिक, हमले में एक मेजर और एक सैनिक शहीद हो गए। शोपियां के जाईपोरा इलाके में इंटेलिजेंस से खबर मिलने के बाद सेना ने बुधवार देर रात सर्च ऑपरेशन चलाया।

इस दौरान आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी। घायल हुए जवानों को श्रीनगर में अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में मेजर और जवान की मृत्यु हो गई।

नीतीश कुमार राजनीति के पलटूराम हैं: लालू प्रसाद यादव

राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू यादव ने नीतीश कुमार पर पलटवार करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

लालू यादव ने कहा कि जेपी आंदोलन के वक्त उन्होंने नीतीश कुमार को आगे बढ़ाया और आज नीतीश मोदी की जय-जयकार कर रहे हैं।

उन्होंने नीतीश को राजनीति का पलटूराम बताया। लालू ने कहा, ''छात्र आंदोलन की शुरुआत मैंने की और नीतीश से ज्यादा लोकप्रिय था। नीतीश कुमार राजनीति के पलटूराम हैं, न जाने कितनी बार पलटी मारी है।''

लालू ने कहा कि नीतीश उनके बेटे तेजस्वी यादव की लोकप्रियता से डर गए थे। लालू बोले, ''तेजस्वी के सवाल पर नीतीश विधानसभा में चुप थे। वह तेजस्वी की लोकप्रियता से डर गए थे।''

नीतीश कुमार 1990 में लालू के दाहिने हाथ कहे जाते थे। साल 1994 में नीतीश ने लालू से नाता तोड़ा और जनता दल से अलग समता पार्टी के साथ आए। 1997- 2005 तक लालू के खिलाफ अभियान चलाया। 2005 में  बीजेपी के साथ मिलकर लालू को हराकर सरकार बनाई। 2014 में नीतीश ने लालू के साथ मिलकर गठबंधन किया। 2015 में महा गठबंधन ने बीजेपी का बुरी तरह हराया।

वहीं, बिहार में महागठबंधन टूटने और सरकार से अलग होने के बाद राष्ट्रीय जनता पार्टी के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर लगातार निशाना साध रहे हैं।

तेजस्वी ने नीतीश के अंतरात्मा की आवाज पर इस्तीफा देने के बयान पर तंज कसते हुए मंगलवार को कहा कि अंतरात्मा का ही बैंड बजा हुआ है।

तेजस्वी ने ट्विटर पर लिखा, ''अंतरात्मा का बैंड बजा हुआ है। शरीर का भी और स्वर का भी।''

वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में नरेन्द्र मोदी के मुकाबले किसी के नहीं होने के नीतीश के बयान पर तेजस्वी ने प्रधानमंत्री को व्यंग्यात्मक लहजे में बधाई देते हुए सोमवार शाम ट्वीट कर कहा था, ''आदरणीय प्रधानमंत्री मोदी जी को हार्दिक बधाई। भक्तों की संख्या में खुलकर आज एक और नतमस्तक परम शिष्य की 'एंट्री'।''

भाजपा सांसदों ने मोदी सरकार की कराई क‍िरक‍िरी

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार (31 जुलाई) को राज्यसभा में पार्टी सांसदों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया और सदस्यों से कहा है कि ऐसा दोहराया न जाए। यह बात मीडिया वालों को केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने बताई।

मिल रही जानकारी के मुताबिक, बीजेपी राज्यसभा में अनुपस्थित रहे सांसदों से सफाई मांग सकती है। दरअसल, सोमवार को मानसून सत्र में राज्य सभा में सरकार के संविधान संशोधन विधेयक के एक महत्वपूर्ण प्रावधान को हटाना पड़ा क्योंकि उसके पर्याप्त सांसद सदन में नहीं मौजूद थे।

सरकार ने नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लासेज (एनसीबीसी) को संवैधानिक दर्जा देने के लिए संविधान संशोधन बिल पेश किया था।

कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा कि सरकार मामले को लेकर ना तो तैयार थी और ना ही सीरियस थी। इस वजह से एनडीए के कुल 78 सांसदों की वजह से बीजेपी की भी किरकिरी हुई।

संविधान संशोधन (123वां संशोधन) विधेयक 2017 में क्लॉज 3 को हटाना पड़ा जो कमीशन के संगठन से जुड़ा हुआ था। राज्य सभा में इस क्लॉज के अस्वीकार हो जाने का मतलब हुआ कि सरकार को फिर से लोक सभा में इसके लिए नया विधेयक पेश करके पारित कराना होगा और फिर उसे राज्य सभा में पारित कराना होगा।

ये विधेयक संविधान संशोधन विधेयक था इसलिए इसे पारित कराने के लिए दो-तिहाई वोट चाहिए थे। लेकिन सांसद उपस्थित नहीं थे।

सदन के सभापति ने कई बार याद दिलाया कि एक बार विधेयक गिर गया तो उसकी पूरी प्रक्रिया फिर से शुरू करनी होगी।

सभापति ने ये भी कहा कि विधेयक को पारित कराने की एक ही सूरत है कि सदन में मौजूद सभी सांसद एकजुट होकर उसका समर्थन करें।

सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच एका बनाने के लिए सदन की कार्यवाही को कुछ मिनटों के लिए स्थगित किया गया। लेकिन सत्ता पक्ष के पर्याप्त सांसदों के न होने के कारण विधेयक पारित नहीं हो सका।

लालू यादव के खिलाफ ठेके में धांधली मामला: टेंडर कमेटी के तीनों सदस्यों को नहीं कुछ भी याद

साल 2006 में लालू प्रसाद यादव के केंद्रीय रेल मंत्री रहने के दौरान मंत्रालय के दो होटलों के रख-रखाव का ठेका पटना के सुजाता होटल को देने के मामले की सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जांच कर रहे हैं। जब ये ठेका दिया गया उस समय के इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन टेंडर कमेटी के तीन सदस्यों बीके अग्रवाल, विनोद अस्थाना और राकेश गोगिया ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा है कि उन्हें इन ठेकों के बारे में कुछ भी याद नहीं है।

अग्रवाल, अस्थाना और गोगिया की कमेटी ने ही दिसंबर 2006 में बीएनआर पुरी और बीएनआर रांची की देखरेख का ठेका सुजाता होटल को दिया था। अग्रवाल अभी भी रेल मंत्रालय में वरिष्ठ पद पर कार्यरत हैं। अस्थाना साल 2014 में रिटायर हो चुके हैं और गोगिया कमेटी के एकमात्र गैर-रेलवे कर्मचारी सदस्य थे। गोगिया प्राइवेट सेक्टर में काम करते हैं।

अग्रवाल से पूछा गया कि क्या उन्होंने दोनों होटलों के ठेके से जुड़े दस्तावेज देखे थे? अग्रवाल ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ''मुझे उन दो होटलों के बारे में कुछ भी याद नहीं। ये बहुत पुरानी बात है।''

उन्होंने आगे कहा, ''अगर मैंने दस्तावेज देखे भी होंगे तो ये कहना सही नहीं होगा कि मैं याद करूंगा।''

अग्रवाल रेलवे के मैकेनेकिल सर्विस अफसर रहे हैं और 2006 में आईआरसीटीसी के टूरिज्म सर्विस  के जनरल मैनेजर होने के नाते कमेटी के सदस्य थे। अभी वो रेलवे के सेंट्रल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माडर्नाजेशन ऑफ वर्कशॉप के प्रमुख हैं।

अस्थाना रेलवे ट्रैफिक सर्विस के अफसर रहे हैं और वो साल 2006 में आईआरसीटीसी के जनरल मैनेजर (ऑपरेशंस) होने के नाते कमेटी के सदस्य थे। अस्थाना आईआरसीटीसी के डायरेक्टर भी रहे हैं। वो सेंट्रल रेलसाइड के वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर बनने के बाद रिटायर हो गए।

दोनों होटलों के ठेके के बारे में पूछने पर अस्थाना ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ''उन दिनों रोज ही टेंडर पास होते थे, मेरे लिए तत्काल कुछ याद करना मुश्किल है। उस समय लगभग रोज ही कोई ने कोई टेंडर निकलता था। बहरहाल, मैं कैटरिंग में था और ये मामला मेरे विभाग से जुड़ा नहीं है। मैं केवल टेंडर कमेटी का हिस्सा भर था।''

कमेटी के तीसरे सदस्य गोगिया साल 2006 में आईआरसीटीसी के ज्वाइंट जनरल मैनेजर (फाइनेंस) और कंपनी सेक्रेटरी थे। साल 2008 में जब पहली बार इन ठेकों पर सवाल उठाए गए तो गोगिया ने मीडिया में एक हस्ताक्षरित नोट जारी किया था और दावा किया था कि पूरी प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है।

उन ठेकों और नोट के बारे में पूछने पर गोगिया ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ''आप किस नोट की बात कर रहे हैं? मैंने कभी कोई नोट नहीं जारी किया। वो मेरा काम नहीं था।''

इंडियन एक्सप्रेस के पास नोट की प्रति मौजूद है। गोगिया ने आगे कहा, ''(ठेकों के बारे में) मुझे कोई याद नहीं। कुछ असमान्य नहीं हुआ है।'' गोगिया ने साल 2010 में आईआरसीटीसी छोड़ दिया था।

सीबीआई ने हाल ही में दोनों होटलों के ठेके से जुड़े सभी अधिकारियों के नाम एकत्रित किए। पिछले महीने सीबीआई ने अपनी एफआईआर में लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव पर इन ठेकों के बदले पटना में एक कीमती जमीन लेने का मामला दर्ज किया।

पिछले हफ्ते ईडी ने इन होटलों के ठेके के संबंध में लालू परिवार पर कालेधन को सफेद करने का मामला दर्ज किया। दस्तावेज के अनुसार, इन होटलों के ठेके लिए केवल सुजाता होटल एकमात्र योग्य दावेदार था।

टेंडर कमेटी ने भुवनेश्वर स्थित होटल केशरी का दावा यह कहकर रद्द कर दिया कि लगता नहीं है कि उनके पास कोई योजना है। रांची के होटल के लिए भी दीनानाथ होटल की दावेदारी खारिज कर दी गई थी और सुजाता होटल को दे दी गई थी।

टेंडर कमेटी ने जिस दिन (23 दिसंबर 2006) सुजाता होटल को ठेका देने की अनुशंसा की, उसी दिन उसे आईआरसीटीसी के मैनेजिंग डायरेक्टर पीके गोयल ने इस पर अंतिम मुहर लगा दी। गोयल का नाम भी सीबीआई एफआईआर में शामिल है।

जम्मू-कश्मीर: पुलवामा मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने लश्कर कमांडर अबु दुजाना को मार गिराया

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ खत्म हो चुकी है। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के हाकिरपोरा गांव में सुरक्षा बलों ने सभी आतंकियों को मुठभेड़ में मार गिराया है।

इस मुठभेड़ में लश्कर कमांडर अबु दुजाना को भी मार गिराया गया है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पुलिस ने मुठभेड़ में पाकिस्तान के अबु दुजाना, जो आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैय्यबा का कमांडर भी था, के मारे जाने की भी पुष्टि कर दी है।

मारे गए आतंकियों को लेकर जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी एसपी वैद्य ने कहा था, ''आतंकियों के शवों को बरामद किया जाना बाकी है। शव बरामद होने के बाद ही पहचान कर बता सकेंगे कि मारे गए आतंकियों में अबु दुजाना है या नहीं।''

वहीं दुजाना के मरने की पुष्टि की जा चुकी है।

बता दें 31 जुलाई को चलाए गए इस सर्च ऑपरेशन के बाद शुरू हुई मुठभेड़ में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सर्च ऑपरेशन तड़के 4 बजे के करीब शुरू किया गया था। जैसे ही सुरक्षा बलों ने घेराबंदी की तो आतंकियों ने उन पर हमला कर दिया। इसी बीच इलाके में इंटरनेट सर्विस को भी बंद कर दिया गया है ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे।

लालू यादव का साथ छोड़ने से शरद यादव ने मना किया

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी पार्टी जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ सहयोगी और सांसद शरद यादव को लालू यादव का साथ छोड़ने के फैसले पर बहस के लिए कहा है। एनडीटीवी रिपोर्ट के अनुसार, नीतीश ने शरद से कहा है कि सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर करने के बजाय वो पार्टी के मंच पर उनसे बहस करें।

नीतीश कुमार द्वारा लालू यादव की राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस का साथ छोड़ने के पांच दिन बाद शरद यादव ने अपनी 'असहमति' खुलकर जाहिर की थी। शरद यादव ने नीतीश कुमार के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि वो इससे सहमत नहीं है। शरद यादव ने कहा कि नीतीश के फैसले जनादेश के उलट है।

नीतीश ने कहा कि वो कोई भी फैसला पार्टी के सबसे बेहतर हित को ध्यान में रखकर लेते हैं। नीतीश ने कहा है कि उन्होंने शरद यादव को लालू यादव के संग गठबंधन तोड़ने और बीजेपी से समर्थन लेने के बारे में बता दिया था।

शरद यादव जनता दल यूनाइटेड के संस्थापक अध्यक्ष हैं, लेकिन पिछले साल अक्टूबर में नीतीश कुमार उन्हें हटाकर खुद अध्यक्ष बन गए थे। तभी से माना जा रहा है कि नीतीश से शरद नाराज हैं।

26 जुलाई को नीतीश ने सीएम पद से इस्तीफा देते हुए राजद और कांग्रेस से गठबंधन तोड़ा। अगले ही दिन उन्होंने सीएम पद की शपथ ले ली। उनके साथ बीजेपी नेता सुशील मोदी ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। नीतीश ने 243 सदस्यों वाली बिहार विधान सभा में 131 विधायकों के समर्थन से विश्वास मत भी साबित कर दिया। लेकिन शरद यादव नीतीश के शपथ ग्रहण समारोह में नहीं गए। वहीं कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, सीपीएम नेता सीताराम येचुरी, सीपीआई नेता डी राजा, रालोद नेता अजीत कुमार इत्यादि ने दिल्ली में शरद यादव से मुलाकात की। लालू यादव ने शरद यादव को सार्वजनिक रूप से अपने साथ आने के लिए कहा।  मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव ने शरद से फोन पर बात की।

जनता दल यूनाइटेड के दो राज्य सभा सांसद अली अनवर और वीरेंद्र कुमार खुलकर नीतीश कुमार का विरोध कर चुके हैं। शरद यादव ने इन दो सांसदों के साथ अपने दिल्ली स्थित आवास पर बैठक की थी, लेकिन अभी तक उन्होंने पार्टी से अलग होने या न होने के बारे में कोई बयान नहीं दिया है।

जनता दल यूनाइटेड के सूत्रों के अनुसार, 19 अगस्त को पटना में पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शरद शामिल हो सकते हैं। नीतीश का इशारा इसी बैठक में बहस करने को लेकर था।