भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे को आईएएस अधिकारी की बेटी का पीछा करने के आरोप में गिरफ्तार किया और उसके बाद उसे बेल पर छोड़ दिया गया।
पूरे भारत में इस घटना की निंदा हो रही है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीति पार्टियों तक ने इस घटना पर रोष जताया है।
विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इस मामले में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला के इस्तीफे की मांग की है। इन सबके बीच हरियाणा इकाई के बीजेपी के उपाध्यक्ष रामवीर भट्टी ने विवादास्पद बयान दिया है।
रामवीर भट्टी ने कहा है कि वो लड़की इतनी रात में क्यों घूम रही थी?
अंग्रेजी न्यूज चैनल सीएनएन से बात करते हुए भट्टी ने कहा कि लड़की को 12 बजे के बाद बाहर नहीं घूमना चाहिए, इतनी रात को वो क्यों घूम रही थी?
बीजेपी उपाध्यक्ष ने ये भी कहा कि माहौल सही नहीं है, हमें अपनी रक्षा स्वयं करनी पड़ती है, लड़की को इतनी रात में ड्राइविंग नहीं करनी चाहिए थी।
सीएनएन की पत्रकार पल्लवी घोष ने बीजेपी उपाध्यक्ष के इस बयान को अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर कर दिया। इस बयान के सोशल मीडिया में आते ही यूजर्स रामवीर भट्टी पर टूट पड़े।
लोगों ने लिखा कि इसी तरह की मानसिकता के चलते रेप की वारदातें कम नहीं हो रही हैं।
वहीं कुछ यूजर्स ने लिखा कि बीजेपी वाले अपने संस्कार दिखा रहे हैं।
वहीं कुछ यूजर्स ने पल्लवी घोष से ये भी कहा कि उसका मुंह तोड़ देना चाहिए था वहीं।
बता दें कि हरियाणा में एक आईएएस की बेटी ने बीजेपी नेता सुभाष बराला के बेटे विकास पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था।
लड़की का आरोप है कि विकास बराला और उसका दोस्त आशीष कुमार एक पेट्रोल पंप से ही उनकी कार का पीछा कर रहे थे और कार का दरवाज़ा खोलने की कोशिश की।
लड़की के कई बार फोन करने पर पुलिस वहां पहुंची और दोनों लड़कों को गिरफ़्तार कर लिया। गिरफ्तार करने के अगले दिन ही उनको जमानत मिल गई।
पीड़िता ने उस रात की घटना का जिक्र करते हुए अपने फेसबुक पेज पर अपना दर्द बयां करते हुए लिखा कि मैं खुशकिस्मत हूं कि रेप के बाद नाले में नहीं मिली।
राहुल गाँधी के कार पर हुए हमले के विरोध में पूरे भारत में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और रोड जाम किया। दिल्ली में कांग्रेस के युवा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किये। दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिव खतीब खान ने 'राहुल गाँधी जिन्दाबाद' के पोस्टर लहराते हुए राहुल गाँधी के समर्थन में नारे लगाए।
राहुल गांधी के काफिले पर शुक्रवार (4 अगस्त) को गुजरात में बाढ़ प्रभावित बनासकांठा जिले के धानेरा कस्बे में हमला हुआ था। राहुल जब धानेरा हेलीपैड जा रहे थे तो उनकी कार पर पथराव हुआ जिसमें खिड़कियों के शीशे टूट गए। राहुल गांधी वहां बाढ़ के बाद के हालात का जायजा लेने पहुंचे थे।
गौरतलब है कि गुजरात में राहुल गांधी के काफिले पर हमला किया गया है। उनकी कार पर पत्थरबाजी की गई है जिसमें कई एसपीजी जवान घायल भी हो गए हैं। राहुल गांधी के काफिल पर यह हमला शुक्रवार (4 अगस्त) गुजरात के बाढ़ प्रभावित बनासकांठा जिले की यात्रा के दौरान हुआ।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पत्थरबाजी करने वालों ने काले झंडे भी दिखाए। वहीं कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इस मामले को लेकर बीजेपी पर गुंडागर्दी के आरोप लगाए हैं।
सुरजेवाला ने ट्वीट कर इस हमले के लिए सीधे बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है।
राहुल गांधी ने भी बीजेपी और प्रधानमंत्री पर हमला बोला है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा है, ''नरेंद्र मोदी जी के नारों से, काले झंडों से और पत्थरों से हम पीछे हटने वाले नहीं हैं, हम अपनी पूरी ताकत लोगों की मदद करने में लगाएंगे।''
वहीं सुरजेवाला ने और भी कई ट्वीट्स किए। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ''बीजेपी के गुंडो ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की कार पर, लाल चौक इलाके में हमला किया। यह बहुत घिनौना और शर्मनाक है।''
सुरजेवाला ने आगे लिखा, ''पीएम सिर्फ हवाई दौरा करते हैं, सीएम को पहुंचने में 5 दिन लग जाते हैं और बीजेपी विपक्ष पर सिर्फ हमले करती है।''
कार के टूटे हुए शीशों की तस्वीरें ट्वीट करते हुए सुरजेवाला आगे लिखते हैं, ''गुंडों के संगठित हमले में सिक्योरिटी स्टाफ घायल हो गया है और कार के शीशे टूट गए हैं। बीजेपी को समझना चाहिए कि सच को दबाया नहीं जा सकता।''
सुरजेवाला ने आगे आरोप लगाते हुए लिखा, ''हिंसा बीजेपी की संस्कृति बन चुकी है। कांग्रेस और राहुल जी हर हमले के बाद मजबूत होकर उभरेंगे और जनता की आवाज को दृढ़ता से उठाएंगे। बीजेपी के अंदर ''गोडसे'' की संस्कृति पनपती है।''
राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव इन दिनों चारा घोटाले के मामले में अक्सर रांची की अदालत में पेश हो रहे हैं। सीबीआई कोर्ट ने उन्हें व्यक्तिगत पेशी से छूट नहीं दी है, इसलिए उन्हें अक्सर हर सुनवाई पर पेश होना पड़ रहा है। इसी वजह से लालू यादव के वकील प्रभात कुमार ने सीबीआई की विशेष अदालत के जज शिवपाल सिंह पर दुर्भावना के साथ काम करने का आरोप लगाया है।
प्रभात कुमार का आरोप है कि जब इसी मामले में अन्य आरोपियों को पेशी से छूट दी गई है तो लालू यादव को क्यों नहीं? इसके साथ ही लालू के वकील ने जज बदलने की मांग पर झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की बात कही है।
लालू यादव ने 'द टेलीग्राफ' से कहा, ''मुझे नहीं लगता कि इस अदालत से मुझे न्याय मिल पाएगा। इसलिए हम अपने वकील के माध्यम से झारखंड हाईकोर्ट में जज बदलने की याचिका डालेंगे।''
सीबीआई की यह अदालत चारा घोटाले से जुड़े आर सी 64 ए/96 और आर सी 38 ए/96 मामले की सुनवाई कर रही है। आर सी 64 ए/96 देवघर ट्रेजरी से 85 लाख रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है, जबकि आर सी 38 ए/96 दुमका ट्रेजरी से 3.76 करोड़ रुपये की अवैध निकासी से जुड़ा है।
लालू के वकील ने इससे पहले सीबीआई कोर्ट को टाइम पेटिशन दिया था।
लालू यादव ने आरोप लगाया कि जज जानबूझकर उन्हें हर सुनवाई में पेश होने को कहते हैं जिसकी आवश्यकता नहीं है। लालू यादव के वकील ने कोर्ट को बताया था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है क्योंकि उनकी हार्ट का वाल्व बदला जा चुका है। वकील ने इसके लिए जज को दवाइयां भी दिखाईं।
इसके साथ ही राजद अध्यक्ष के वकील ने आरोप लगाया कि जज ने बचाव पक्ष के उनके एक गवाह के साथ बदसलूकी भी की।
वकील ने बताया कि शुक्रवार को लालू के पक्ष में तीन गवाह अपना बयान दर्ज कराने अदालत पहुंचे थे, लेकिन जज ने उनमें से सिर्फ एक का ही बयान दर्ज किया। तीन गवाहों में एक बिहार सरकार में डीजीपी रैंक के अधिकारी सुनील कुमार थे। दूसरे बिहार सरकार के पूर्व मुख्य सचिव मुकुंद प्रसाद थे और तीसरे बिहार सरकार के कर्मचारी कन्हैया कुमार थे।
जज ने इनमें से सिर्फ मुकुंद प्रसाद का ही बयान दर्ज किया। वकील ने आरोप लगाया कि जज ने डीजीपी रैंक के अधिकारी सुनील कुमार के साथ ना केवल बुरा बर्ताव किया बल्कि उन पर जातिसूचक टिप्पणी भी की। इसके विरोध में डीजीपी रैंक के अधिकारी ने भी जज को खरी-खोटी सुनाई।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के काफिले पर हुए हमले के मामले में एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है। जयेश दर्जी नाम के उस शख्स को बीजेपी का नेता बताया जा रहा है। एक पत्रकार के मुताबिक, जयेश पर धारा 337,427, 332 (किसी की जान को खतरे में डालना, शरारत की वजह से नुकसान पहुंचाना) लगाई गई है।
बनासकांठा के पुलिस अधीक्षक नीरज बडगुजर ने आरोपी की पहचान जयेश दर्जी उर्फ अनिल राठौड़ के तौर पर की है।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि वह बीजेपी के युवा संगठन का एक स्थानीय पदाधिकारी है। बडगुजर ने कहा, ''हमने जयेश दर्जी उर्फ अनिल राठौड़ नाम के एक व्यक्ति को उस वाहन पर कथित रूप से एक पत्थर फेंकने के लिए गिरफ्तार किया है जिसमें राहुल गांधी यात्रा कर रहे थे।''
पुलिस अधीक्षक ने कहा, ''जांच के दौरान कांग्रेस सदस्यों की ओर से नाम दिये जाने के बाद हमने जयेश दर्जी को गिरफ्तार किया।''
उन्होंने कहा, ''हम घटना के बारे में उससे पूछताछ करेंगे। जांच आगे बढ़ने पर और नाम सामने आ सकते हैं।''
कांग्रेस ने दावा किया कि जयेश दर्जी बीजेपी युवा मोर्चा से है और कल की घटना के पीछे उसका हाथ है।
जिला कांग्रेस के महासचिव पृथ्वीराज कठवाडिया ने दावा किया, ''जयेश दर्जी बनासकांठा जिला बीजेपी युवा मोर्चा का सचिव है। उसी ने राहुल गांधी पर पत्थर फेंका था। हमने तीन और लोगों के नाम सौंपे हैं जिन्होंने राहुल गांधी के वाहन पर पत्थर फेंकने के लिए जयेश दर्जी के साथ मिलकर साजिश की।''
बडगुजर ने कहा कि पुलिस ने इसकी पुष्टि होने के बाद घटना के संबंध में दर्ज प्राथमिकी में भारतीय दंड संहिता की धारा 332 जोड़ी कि इसमें एसपीजी को चोट आयी है। अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी भारतीय दंड संहिता की धारा 337 और 427 के तहत दर्ज की गई थी।
राहुल गांधी के काफिले पर शुक्रवार (4 अगस्त) को गुजरात में बाढ़ प्रभावित बनासकांठा जिले के धानेरा कस्बे में हमला हुआ था। राहुल जब धानेरा हेलीपैड जा रहे थे तो उनकी कार पर पथराव हुआ, जिसमें खिड़कियों के शीशे टूट गए। राहुल गांधी वहां बाढ़ के बाद के हालात का जायजा लेने पहुंचे थे। लेकिन कुछ लोगों ने उनका विरोध किया। विरोध प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों ने राहुल को न सिर्फ काले झंडे दिखाए, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पक्ष में नारेबाजी भी की। लोगों के विरोध के कारण जनसभा स्थगित करके वापस लौटना पड़ा। वापसी के दौरान ही गाड़ी पर हमला हुआ।
राहुल गांधी के काफिले पर हुए हमले को लेकर कांग्रेस की ओर से बीजेपी पर निशाना साधा गया। राहुल ने अपने काफिले पर हुए हमले को लेकर शनिवार को बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर निशाना साधा।
राहुल गांधी ने कहा, ''कल की घटना में इतना बड़ा पत्थर बीजेपी के कार्यकर्ता ने मेरी ओर मारा, मेरे पीएसओ को लगा।'' कांग्रेस उपाध्यक्ष ने गुजरात में अपने काफिले पर हुए हमले को लेकर पीएम मोदी पर भी हमला किया। उन्होंने कहा, ''मोदी जी और बीजेपी-आरएसएस का राजनीति का तरीका है, क्या कह सकते हैं?''
भारत के उपराष्ट्रपति पद के लिए शनिवार 5 अगस्त को वोटिंग हुई। इसमें वेंकैया नायडू ने जीत दर्ज की है। उनके 516 वोट मिले। गोपाल कृष्ण गांधी को 244 वोट मिले।
पांच बजे तक यानी वोटिंग खत्म होने तक कुल 98.21 प्रतिशत वोट पड़े। सत्तारूढ़ राजग के उम्मीदवार एम वेंकैया नायडू और विपक्ष के उम्मीदवार गोपालकृष्ण गांधी के बीच टक्कर था।
मौजूदा उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी का कार्यकाल 10 अगस्त को समाप्त हो रहा है। वह लगातार दो बार इस पद पर रह चुके हैं।
राज्यसभा के पदेन सभापति एवं देश के उपराष्ट्रपति के चुनाव में मतदान का अधिकार संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित तथा नामित सदस्यों को होता है। दोनों सदनों में सदस्यों की कुल संख्या 790 है, लेकिन वर्तमान में लोकसभा में दो और राज्यसभा में एक सीट रिक्त है।
वहीं, लोकसभा सदस्य छेदी पासवान न्यायिक फैसले के कारण मतदान के लिए अयोग्य करार दिये गये हैं। लोकसभा के कुल 545 सदस्यों में बीजेपी के 281 सांसद हैं, जबकि भाजपा नीत राजग के कुल 338 सदस्य हैं। वहीं, 243 सदस्यीय राज्यसभा में बीजेपी के कुल 56 सदस्य हैं जबकि सदन की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में कांग्रेस के पास 59 सदस्य हैं।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस का कहना है कि जो गरीब आदमी चटनी रोटी खाकर अपना पेट भरता था, टमाटर के दाम बढ़ा कर केंद्र और बीजेपी की प्रदेश सरकार उसके पेट पर भी लात मारने का कार्य किया है।
कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी सरकार में महंगाई को भौजाई माना जा रहा है। टमाटर के आसमान छूते दामों के विरोध में विधानसभा के सामने आयोजित टमाटर काउंटर के कार्यक्रम के दौरान प्रदेश कांग्रेस के सचिव शैलेंद्र तिवारी ने कहा, ''यूपीए की सरकार में महंगाई को डायन का रूप कहा गया था, लेकिन इस सरकार में महंगाई को भौजाई माना जा रहा है। यह गरीबी का मजाक और गरीबों का तिरस्कार है। तत्काल प्रभाव से सब्जियों की महंगाई पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो विधानसभा के सामने सब्जियां फेंककर सरकार के जनविरोधी रवैये का विरोध किया जाएगा।''
उन्होंने कहा, ''टमाटर के दाम बढ़ा कर केंद्र और बीजेपी की प्रदेश सरकार ने गरीबों के पेट पर लात मारा है। सरकार के सिर पर हिटलरशाही सवार हो चुकी है। मुख्यमंत्री तो योगी हैं, किंतु व्यवस्था रोगी है।''
प्रदेश सचिव ने कहा, ''सरकार को इस तरह के काउंटर पूरे देश में लगवाकर गरीबों की मदद करनी चाहिए थी। जो सरकार पांच रुपये में पेट भरने का दावा कर रही थी, आज वही केंद्र सरकार के साढ़े तीन वर्ष एवं प्रदेश सरकार के पांच महीने बीत जाने के बाद भी न सिर्फ दावे में विफल हो गई है, बल्कि गरीबों की रोटी पर लात मारने का काम कर रही है।''
शैलेंद्र ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अच्छे दिन का वादा किया था, लेकिन आज ऐसा लगता है कि वह गाय और टमाटर के अच्छे दिन लाने वाले थे? इंसानों के कब अच्छे दिन आएंगे, यह एक गंभीर सवाल है।
आंध्र प्रदेश की राजनीति में एक विवादित बयान से बवाल मच गया है। ये बयान दिया है वाई एस आर कांग्रेस के अध्यक्ष जगनमोहन रेड्डी ने। जगन मोहन रेड्डी ने कहा है कि राज्य के मुख्यमंत्री और तेलुगु देशम पार्टी के अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू को गोली मार देनी चाहिए।
जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि लोगों को ठगने के लिए और झूठे वादे करने के लिए उन्हें गोली मार देनी चाहिए। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाई एस आर रेड्डी के बेटे जगन मोहन ने ये बयान गुरुवार 3 अगस्त को कुरनूल जिले के नंदयाल इलाके में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए दिया।
बता दें कि नंदयाल विधानसभा क्षेत्र के विधायक भूमा नागी रेड्डी की मौत की वजह से इस क्षेत्र में 23 अगस्त को उप चुनाव हो रहा है। इस उप चुनाव के सिलसिले में जगन मोहन रेड्डी यहां एक रैली को संबोधित कर रहे थे।
जगनमोहन रेड्डी ने कहा कि सीएम नायडू ने जनता से किया अपना एक भी वादा पूरा नहीं किया, चाहे वो किसान हों, महिलाएं हों या फिर बेरोजगार। हिन्दुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक जगन मोहन रेड्डी ने कहा, ''मुख्यमंत्री अपने दोहरे बयानबाजी, और धोखेबाजी के लिए जाने जाते हैं, और अब वो आपसे वोट मांगने आ रहे हैं, इसमें कोई गलत बात नहीं होगी, यदि नायडू जैसे लोगों को सबके सामने गोली मार दी जाए।''
जगनमोहन ने कहा, ''वो मुख्यमंत्री नहीं, मुख्य लुटेरा हैं।'' जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि चंद्रबाबू नायडू ने घोटालों से साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये जमा किये हैं, इनमें अमरावती में जमीन का घोटाला और बालू घोटाला शामिल है।
विपक्ष के नेता ने कहा कि लोगों को कलि युग के इस राक्षस को समाप्त करने के लिए शपथ लेना चाहिए।
नंदयाल उप चुनाव को न्याय और अन्याय के बीच युद्ध बताते हुए उन्होंने कहा कि लोगों को कौरवों की सेना को परास्त करनी चाहिए।
जगन मोहन रेड्डी के इस बयान पर तेलुगु देशम पार्टी ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। कुरनूल जिला परिषद के चेयरपर्सन और वरिष्ठ टीडीपी नेता राजशेखर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कर जगन मोहन रेड्डी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विजयवाड़ा में भी टीडीपी नेता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। टीडीपी ने कहा कि जगन मोहन का बयान उनकी हिंसक सोच को दिखाती है, राजनीतिक आलोचना में कोई गलती नहीं है, लेकिन गोली मारने की धमकी देना निश्चित रुप से शर्मनाक है।
टीडीपी ने कहा कि कल्पना कीजिए, अगर जगन मोहन की पार्टी सत्ता में आती है तो राज्य में कानून व्यवस्था का क्या हश्र होगा।
गुजरात में राहुल गांधी के काफिले पर हमला किया गया है। उनकी कार पर पत्थरबाजी की गई है जिसमें कई एसपीजी जवान घायल भी हो गए हैं। राहुल गांधी के काफिल पर यह हमला शुक्रवार (4 अगस्त) गुजरात के बाढ़ प्रभावित बनासकांठा जिले की यात्रा के दौरान हुआ।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पत्थरबाजी करने वालों ने काले झंडे भी दिखाए। वहीं कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इस मामले को लेकर बीजेपी पर गुंडागर्दी के आरोप लगाए हैं।
सुरजेवाला ने ट्वीट कर इस हमले के लिए सीधे बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया है।
राहुल गांधी ने भी बीजेपी और प्रधानमंत्री पर हमला बोला है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा है, ''नरेंद्र मोदी जी के नारों से, काले झंडों से और पत्थरों से हम पीछे हटने वाले नहीं हैं, हम अपनी पूरी ताकत लोगों की मदद करने में लगाएंगे।''
वहीं सुरजेवाला ने और भी कई ट्वीट्स किए। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ''बीजेपी के गुंडो ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की कार पर, लाल चौक इलाके में हमला किया। यह बहुत घिनौना और शर्मनाक है।''
सुरजेवाला ने आगे लिखा, ''पीएम सिर्फ हवाई दौरा करते हैं, सीएम को पहुंचने में 5 दिन लग जाते हैं और बीजेपी विपक्ष पर सिर्फ हमले करती है।''
कार के टूटे हुए शीशों की तस्वीरें ट्वीट करते हुए सुरजेवाला आगे लिखते हैं, ''गुंडों के संगठित हमले में सिक्योरिटी स्टाफ घायल हो गया है और कार के शीशे टूट गए हैं। बीजेपी को समझना चाहिए कि सच को दबाया नहीं जा सकता।''
सुरजेवाला ने आगे आरोप लगाते हुए लिखा, ''हिंसा बीजेपी की संस्कृति बन चुकी है। कांग्रेस और राहुल जी हर हमले के बाद मजबूत होकर उभरेंगे और जनता की आवाज को दृढ़ता से उठाएंगे। बीजेपी के अंदर ''गोडसे'' की संस्कृति पनपती है।''
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता शरद यादव के बीच मतभेद की अटकलों के बीच समाजवादी नेता और पूर्व विधान पार्षद विजय वर्मा ने शरद के महागठबंधन में बने रहने के लिए एक नई पार्टी बनाने के संकेत दिए हैं।
शरद यादव के विश्वस्त माने जाने वाले और दो बार बिहार विधान परिषद सदस्य रहे विजय वर्मा ने शरद के महागठबंधन में बने रहने के लिए एक नई पार्टी बनाने के संकेत दिए हैं, पर जनता दल यूनाइटेड के प्रधान महासचिव के सी त्यागी ने इसे अफवाह बताया है।
जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश प्रवक्ता अजय आलोक ने शरद की नाराजगी को आज खारिज कर दिया।
विजय वर्मा ने भाषा को मधेपुरा से फोन पर कहा कि शरद जी पुराने साथियों के संपर्क में हैं और राजनीतिक हालात पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नए दल का गठन एक विकल्प है और उस पर संजीदगी से विचार किया जा रहा है।
विजय वर्मा ने दावा किया कि शरद जी ने जोर देकर कहा है कि वे धर्मनिरपेक्ष शक्ति वाले महागठबंधन में बने रहेंगे और इसी को जेहन रखते हुए वे कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद और माकपा नेता सीताराम येचुरी से मिले थे।
उन्होंने कहा कि शरद जी ने राजग सरकार में मंत्री के तौर पर शामिल होने से इंकार किया है। यह पूछे जाने पर कि अन्य किन-किन लोगों से शरद यादव की बातचीत हुई है। विजय वर्मा ने नाम का खुलासा करने से इंकार करते हुए कहा कि उनका सोशल नेटवर्क बहुत बड़ा है।
होटल के बदले भूखंड मामले में सीबीआई की प्राथमिकी पर राजद प्रमुख लालू प्रसाद के पुत्र और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के जनता के बीच स्पष्टीकरण नहीं देने पर नीतीश के महागठबंधन से अलग होकर राजग में शामिल बीजेपी और उसके अन्य सहयोगी दलों के साथ बिहार में नई सरकार बनाने लेने पर चुप्पी साधे रहने के बाद जनता दल यूनाइटेड के राज्यसभा सदस्य शरद ने इसको लेकर सार्वजनिक तौर पर नाराजगी जतायी है।
गत 31 जुलाई को संसद के बाहर शरद ने पत्रकारों से बातचीत करतेहुए कहा था कि जनादेश इसके लिए नहीं था और महागठबंधन के बिखरने को अप्रिय और दुर्भाग्यपूर्ण बताया था।
शरद के करीबी माने जाने वाले के सी त्यागी ने फोन पर पीटीआई और भाषा से बातचीत करते हुए इसे अफवाह बताते हुए कहा कि उन्हें आश्चर्य (बीजेपी के साथ हाथ मिलाने पर) व्यक्त किया है, पर कभी नहीं कहा कि मेरा विरोध है।
त्यागी ने कहा कि उन्होंने शरद जी को पिछले 40 सालों से बहुत करीब से देखा है और जानते हैं कि भ्रष्टाचार को लेकर वे लालू प्रसाद से अलग हुए थे, ऐसे में वे कैसे लालू के साथ जा सकते हैं। जनता दल यूनाइटेड के प्रदेश प्रवक्ता अजय आलोक ने शरद के पार्टी से नाराज होने की मीडिया रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि सावन का महीना है, इसके बाद भादो और शरद आता है .... कोई नाराजगी नहीं।
जनता दल यूनाइटेड के दो सांसदों अली अनवर और विरेंद्र कुमार ने शरद से मुलाकात की थी। दोनों ने बीजेपी के साथ जाने के निर्णय का विरोध किया था।
नीतीश ने कहा था कि आगामी 19 अगस्त को जनता दल यूनाइटेड की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक पटना में बुलायी गयी है और उसमें इसको रखा जाएगा।
राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने महागठबंधन बिखराव के लिए नीतीश पर प्रहार करते हुए शरद से अपनी पार्टी की आगामी 27 अगस्त को पटना में आयोजित ''बीजेपी हटाओ, देश बचाओ'' रैली में शामिल होने का न्योता दिया है और सांप्रदायिक शक्तियों को परास्त करने के लिए देश भ्रमण करने की अपील की है।
परजानिया फिल्म के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित फिल्म डायरेक्टर राहुल ढोलकिया ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोला है। गुरुवार को बिहार में बीफ ले जाने के शक में तीन लोगों को भीड़ द्वारा पीटे जाने का मामला सामने आया।
इसी मुद्दे पर संसद से लेकर सोशल मीडिया तक पर नीतीश कुमार की निंदा हो रही है। लोग लिख रहे हैं कि बिहार की इस घटना ने साबित कर दिया कि अब यहां भी बीजेपी की सरकार बन गई है।
जनवरी महीने में रिलीज हुई शाहरुख खान की फिल्म रईस के निर्देशक राहुल ढोलकिया ने भी इस खबर को लेकर नीतीश कुमार को आड़े हाथों लिया है।
राहुल ढोलकिया ने इस खबर के लिंक को ट्वीट करते हुए लिखा कि इसी के साथ नीतीश कुमार पास हो गया।
आपको बता दें कि राहुल ढोलकिया की गिनती बॉलीवुड के उन चंद निर्देशकों में होती है जो अलग तरह की फिल्में बनाते हैं। राहुल ढोलकिया को 2007 में आई परजानिया फिल्म के लिए बेस्ट निर्देशक का राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
वामपंथी नेता सीताराम येचुरी ने भी इस घटना पर बीजेपी और नीतीश कुमार पर तंज कसा है। येचुरी ने कहा कि जिस किसी राज्य में बीजेपी की सरकार है, वहां मॉब लिंचिंग की घटनाएं आम हैं, बिहार की इस घटना ने इस बात पर आज आधिकारिक तौर पर मुहर लगा दी कि वहां भी बीजेपी की सरकार है।
सोशल मीडिया पर आम लोग भी बिहार की इस घटना के लिए नीतीश कुमार और बीजेपी की आलोचना कर रहे हैं।
आपको बता दें कि बिहार के भोजपुर जिले में एक ट्रक ड्राइवर समेत कथित तौर पर बीफ ले जा रहे तीन लोगों को भीड़ ने बुरी तरह पीटा है।
पुलिस ने बताया कि घटना गुरुवार की है। जानकारी के मुताबिक, भोजपुर जिले के शाहपुर इलाके में कुछ बजरंग दल कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों ने मिलकर तीन लोगों को रोक लिया। बीफ ले जाने के शक में ट्रक ड्राइवर समेत तीन लोगों को बुरी तरह पीटा गया। पीड़ितों के कई बार गुजारिश करने के बाद भी उन्हें नहीं छोड़ा गया।









