भारत

सु़प्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार पर 30,000 का जुर्माना लगाया

भारत के सु़प्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में बहुसंख्यक मुसलमानों द्वारा अल्पसंख्यकों के लिए निर्धारित लाभ उठाने का आरोप लगाने वाली जनहित याचिका पर जवाब दायर नहीं करने पर केन्द्र की मोदी सरकार को आज 30,000 रुपए हर्जाना भरने का निर्देश दिया है।

भारत के प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर और न्यायमूर्ति एन वी रमण की पीठ ने दो सप्ताह के भीतर हर्जाना भरने का निर्देश देते हुये केंद्र के वकील को जवाब दायर करने की अनुमति दे दी।

न्यायालय ने यह भी रेखांकित किया कि इसी वजह से पिछली बार भी 15,000 रुपए जुर्माना लगाया गया था।

पीठ ने कहा कि यह मामला बहुत महत्वपूर्ण है और केंद्र को जवाब दायर करने का आखिरी मौका दिया जाता है।

जम्मू निवासी वकील अंकुर शर्मा ने याचिका दायर करके आरोप लगाया है कि अल्पसंख्यकों को दिए जाने वाले लाभ वे मुसलमान उठा रहे हैं जो जम्मू-कश्मीर में बहुसंख्यक हैं।

इससे पहले अदालत ने इस याचिका के संबंध में केंद्र, राज्य सरकार और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को नोटिस जारी किया था।

नर्स की मौत: एम्स ने 5 डॉक्टरों का निलंबन रद्द किया

भारत के नई दिल्ली स्थित आल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंस (एम्स) में नर्स की मौत के मामले में पांच डॉक्टरों के निलंबन के खिलाफ विरोध के बाद रेजिडेंट डॉक्टर्स के सामने एम्स प्रशासन झुक गया है। एम्स प्रशासन ने पांचों डॉक्टरों के निलंबन को रद्द कर दिया है।

एम्स प्रशासन ने पांच डॉक्टरों के निलंबन को रद्द करने के बाद जांच रिपोर्ट आने तक उन्हें लम्बी छुट्टी पर भेज दिया है। इतना ही नहीं, जांच कमेटी में भी फेरबदल किया गया और अब डॉ एस सी शर्मा की अगुवाई में जांच की जाएगी जो करीब एक हफ्ते में रिपोर्ट सौपेगीं।

इससे पहले नर्सों के विरोध को देखते हुए एम्स चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी सी शर्मा के नेतृत्व में गठित कमेटी ने पांच डॉक्टरों को निलंबित कर दिया था। इस निलंबन के बाद रविवार को धरने पर बैठी नर्सों ने हड़ताल वापस ले ली थी।

16 दिन आईसीयू में भर्ती होने के बाद रविवार को एम्स की नर्स राजबीर कौर की मौत हो गई। नर्स के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए 500 से अधिक नर्सो ने रविवार को काम नहीं किया। नर्सो की हड़ताल को देखते हुए एम्स प्रशासन ने जांच कमेटी गठित की और पांच चिकित्सकों को इस मामले में निलंबित कर दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 16 जनवरी को राजबीर कौर को प्रसव के लिए संस्थान के ही महिला एवं प्रसूति विभाग में भर्ती किया गया। राजबीर के पति मनीष ने बताया कि बच्चे की धड़कन कम होने की बात कहते हुए ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों ने महिला की सर्जरी कर दी जिसमें गर्भाश्य की झिल्ली फटने के कारण नवजात की गर्भ में ही मौत हो गई। बीते 15 दिन से राजबीर का आईसीयू में इलाज किया जा रहा था।

रविवार सुबह राजबीर की भी मौत हो गई। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए एम्स नर्सिंग यूनियन ने सुबह से ही काम बंद किया कर दिया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कमेटी गठित की गई और मौके पर उपस्थित पांच चिकित्सकों को निलंबित कर दिया गया था।

पन्नीरसेल्वम का इस्तीफा, शशिकला तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनेगी

जयललिता की मौत के बाद अन्नाद्रमुक की महासचिव का प्रभार संभालने के करीब एक महीने बाद वीके शशिकला को रविवार को पार्टी विधायक दल का नेता चुन लिया गया जिससे उनके तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त हो गया।

पार्टी विधायकों की बैठक में मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम ने पार्टी विधायक दल के नेता के रूप में शशिकला के नाम का प्रस्ताव किया। चिनम्मा के नाम से प्रसिद्ध 62 वर्षीया शशिकला करीब तीन दशकों तक जयललिता के साए के रूप में बनी रही।

शशिकला रविवार को पार्टी मुख्यालय पहुंची जहां पनीरसेल्वम और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया।

शशिकला ने विधायकों से कहा कि जब जयललिता का निधन हुआ तब उसके बाद पनीरसेल्वम ने सबसे पहले उन्हें पार्टी महासचिव के साथ मुख्यमंत्री बनने के लिए मनाया था।

उनकी पदोन्नति 31 दिसंबर को अन्नाद्रमुक महासचिव का प्रभाव संभालने के करीब एक महीने बाद हो रही है। शशिकला, जयललिता की विरासत को आगे बढ़ा रही हैं जिनके पास दोनों पद थे। इससे शशिकला का पार्टी और सरकार दोनों पर पूर्ण नियंत्रण हो जाएगा।

बैठक से पहले पनीरसेल्वम ने पोएस गार्डन आवास पर जाकर शशिकला से मुलाकात की।

नगालैंड में आंदोलनकारियों ने विधानसभा के दरवाजे बंद किए

नगालैंड के शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) चुनावों में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने के फैसले के खिलाफ दो फरवरी से आंदोलन कर रहे नगा संगठनों ने शनिवार को सिविल सेक्रेटेरिएट और राज्य विधानसभा के मुख्य दरवाजे को बंद कर दिया।

आदिवासी युवा संगठन अनगामी यूथ ऑर्गनाइजेशन (एवाईओ) और एनटीएसी के कार्यकर्ता राज्य के मुख्यमंत्री टी.आर. जीलियांग मंत्रिमंडल के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

एवाईओ के अध्यक्ष नीनगुवाटो करोस ने दावा किया कि उनके संगठन के कार्यकर्ताओं ने कोहिमा के विभिन्न इलाकों में जाकर सरकारी दफ्तरों को बंद कराया और संगठन का टैग लगाकर उनकी सीलबंदी की।

जिला प्रशासन ने इस बात की पुष्टि की कि एवाईओ के कार्यकर्ताओं ने कुछ इमारतों की तालाबंदी की। इससे पहले दिन में कोहिमा में शिक्षण संस्थान, बैंक, कारोबारी प्रतिष्ठान और दुकानें खुले।

नगालैंड ट्राइब्स एक्शन कमेटी (एनटीएसी) ने पुलिस फायरिंग में मारे गए दो युवकों के अंतिम संस्कार के बाद शुक्रवार को घोषणा की थी कि राज्य के सरकारी दफ्तरों और गाड़ियों के खिलाफ बंद जारी रहेगा, जबकि आम लोगों और दूसरी निजी गतिविधियों की इजाजत होगी।

एनटीएसी ने कहा कि राज्य सरकार के खिलाफ बंद तीन सूत्रीय मांगों के पूरी तरह से पूरा न होने तक जारी रहेगा।

इस बीच दीमापुर में बंद को लागू करा रहे संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) और जिले के दूसरे आदिवासी संगठनों ने चुकुकेदीमा में एक गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया।

चेन्नई तेल रिसाव मामले में सफाई का काम 90 फीसदी पूरा

भारत में चेन्नई तट के पास तेल रिसाव से बढ़ती चिंताओं के बीच केंद्र ने शनिवार को कहा है कि अब तक 65 टन गाद निकाली जा चुकी है। साथ ही साफ-सफाई का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।

इधर जहाजरानी मंत्रालय महानिदेशालय ने तेल रिसाव की घटना की जांच के आदेश दिए हैं।

केंद्र ने यकीन जताया कि साफ-सफाई का काम कुछ दिन में पूरा हो जाएगा। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन समेत कई अन्य कंपनियां तेल की गाद को सुरक्षित तरीके से निपटाने के लिए विशेष जैव उपचार सामग्री उपलब्ध करवा रही हैं।

आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया, दो फरवरी तक हटाई गई गाद की कुल मात्रा 65 टन है। ऐसा माना जाता है कि तेल रिसाव की मात्रा और प्राप्त हुई गाद की मात्रा के बीच बड़ा अंतर है।

विज्ञप्ति में कहा गया कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और जहाजरानी मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों को प्रभावित इलाकों की जांच, तेल रिसाव की सफाई के काम में समन्वय एवं समीक्षा के लिए तैनात किया गया है। चेन्नई पत्तन और कामराजर पत्तन ने स्थिति से निपटने के लिए नियंत्रण कक्षों की स्थापना की है।

गत 28 जनवरी को दो पोत एन्नोर स्थित कामराजर पत्तन के बाहर टकरा गए थे। इसके कारण इनमें से एक पोत क्षतिग्रस्त हो गई जिससे तेल का रिसाव हो गया था।

जहाजरानी मंत्रालय महानिदेशालय ने दो मालवाहक जहाजों की टक्कर के बाद तेल रिसाव की घटना की जांच के आदेश दिए हैं।

महानिदेशालय से जारी एक बयान में कहा गया है कि मर्चेंट शिपिंग अधिनियम के तहत इस दुर्घटना के कारण और जिम्मेदारी तय करने के लिये जांच के आदेश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा, ''दोनों जहाजों को तट नहीं छोड़ने का आदेश दिया गया है। महानिदेशालय दोनों जहाजों के मालिकों के साथ संरक्षण और क्षतिपूर्ति (पी और आई) के प्रतिनिधियों से दावों के भुगतान के सिलसिले में विचार-विमर्श कर रहा है।

शशिकला तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनेगी !

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम की कुर्सी छिन सकती है। अब उनकी जगह एआईएडीएमके की महासचिव शशिकला को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।

शशिकला राज्य की दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता की काफी करीबी सहयोगी थीं और उनके समर्थक भी इसी तर्क का हवाला देकर उन्हें सीएम पद का असली हकदार बताते हैं।

मीडिया में सूत्रों के हवाले से चल रही खबरों के मुताबिक, पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के निधन के बाद एआईएडीएमके की महासचिव शशिकला ने पार्टी के ज्यादातर अधिकार अपने हाथ में ले लिये। इसके बाद ये तय हुआ है कि उन्हें ही राज्य का नया मुख्यमंत्री बनाया जाए।

शशिकला को मुख्यमंत्री बनाए जाने की खबरों की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बताया जा रहा है कि इस पर अंतिम फैसला कल रविवार को पार्टी विधायकों की बैठक में लिया जाएगा। इसकी अधिकारिक घोषणा 8 या 9 फरवरी को होगी।

सूत्रों के मुताबिक, राज्य के तीन वरिष्ठ ब्यूरोक्रेट्स से शुक्रवार को इस्तीफा देने के लिए कहा गया। बताया जाता है कि जिन लोगों से इस्तीफा मांगा गया है उनमें राज्य सरकार की मुख्य सलाहकार शीला बालाकृष्णन भी हैं। उन्हें जयललिता का सबसे भरोसेमंद बताया जाता है।

चुनाव आयोग ने एआईएडीएमके से शशिकला नटराजन को पार्टी महासचिव निर्वाचित करने के खिलाफ पार्टी की बर्खास्त नेता शशिकला पुष्पा की शिकायत पर जवाब मांगा।

शशिकला पहले ही शुक्रवार को पूर्व मंत्री केए सेंगोत्ताईयान और पूर्व मेयर सैदई एस दुरैसमै को पार्टी का सचिव नियुक्त कर चुकी हैं।

शशिकला का ये कदम विरोधियों को दबाने का कदम बताया जा रहा है। इसके अलावा एआईएडीएमके के यूथ विंग सचिव को भी हटाया जा चुका है। इस बारे में पार्टी के प्रवक्ता सीआर सरस्वती ने कहा, ये पार्टी का मामला है, वैसे कल विधायकों की बैठक बुलाई गई है। उसके बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जाएगा।

पंजाब में 70 फीसदी वोटिंग, गोवा में 83 फीसदी वोटिंग

पंजाब में शनिवार को विधानसभा चुनाव में करीब 70 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया जिस दौरान राज्य में तकनीकी गड़बड़ी एवं हिंसा की छिटपुट घटनाएं सामने आईं।

पंजाब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस, सत्ताधारी शिअद-भाजपा गठबंधन और आप के बीच मुकाबला है।

निर्वाचन कायार्लय के एक प्रवक्ता ने मतदान प्रतिशत का प्रारंभिक आंकड़ा देते हुए कहा कि करीब 70 प्रतिशत मतदान हुआ है।

गोवा विधानसभा चुनावों में शनिवार को 83 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। इस चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा का तगड़ा मुकाबला कांग्रेस, आप और एमजीपी, शिवसेना व जीएसएम के गठबंधन से है।

वहीं पंजाब में 117 सीटों पर शाम 4 बजे तक करीब 66 फीसदी मतदान हुआ है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी, चुनाव) वीके भावरा ने कहा कि हिंसा की कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़कर एकल चरण वाला मतदान शांतिपूर्ण रहा।

पुलिस ने बताया कि संगरूर जिले में सुल्तापुर गांव में आप और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच हुए संघर्ष में दो व्यक्ति घायल हो गए।

पुलिस ने बताया कि तरण तारण जिले में लालू घुमान गांव में एक मतदान केंद्र के बाहर एक अकाली समर्थक द्वारा कथित तौर पर की गई गोलीबारी में जगजीत सिंह नाम का एक कांग्रेस कार्यकर्ता घायल हो गया।

पंजाब विधानसभा चुनाव में पहली बार मतदान की पर्ची देने वाली ईवीएम मशीन बड़ी संख्या में लगायी गई हैं। इन मशीनों में राज्य में मतदान प्रक्रिया के दौरान तकनीकी गड़बड़ी आई। निर्वाचन कायार्लय के एक प्रवक्ता ने बताया कि तकनीकी गड़बड़ी मजीठा और संगरूर में मतदान पर्ची देने वाली ईवीएम मशीनों में आने की जानकारी मिली। इसकी जानकारी चुनाव आयोग को दे दी गई है।

पंजाब के मुख्य निवार्चन अधिकारी वीके सिंह ने बताया कि मशीनों में गड़बड़ी के चलते कई बार मतदान रोकना पड़ा। उन्होंने बताया कि इन मशीनों को अन्य मशीनों से बदला गया।

निवार्चन विभाग के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने यहां बताया कि 2012 के विधानसभा चुनाव में 79 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने वोट डाला था। मतदान के अंतिम आंकड़े का अभी इंतजार है क्योंकि मतदान बूथों के भीतर पंक्तियों में खड़े सभी लोगों को मतदान की इजाजत दी जाएगी।

मतदान समाप्त होने से कुछ ही समय पहले पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने शांतिपूर्ण मतदान और शिअद भाजपा गठबंधन में फिर से विश्वास जताने के लिए पंजाबियों को धन्यवाद दिया। बादल के प्रवक्ता ने उनके हवाले से कहा कि नकारात्मक एजेंडे के बावजूद लोगों के प्यार से अभिभूत हूं।

इस बार मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, उनके पुत्र सुखबीर सिंह बादल, कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष एवं पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार कैप्टेन अमरिंदर सिंह सहित 1145 उम्मीदवारों का फैसला करने के लिए 1.98 करोड़ मतदाताओं में से करीब 70 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

राज्य में मतदाताओं की कुल संख्या 19879069 हैं जिसमें से 9375546 महिला मतदाता हैं। 425 किन्नर मतदाता हैं। चुनाव मैदान में 81 महिलाएं एवं एक किन्नर है। पुलिस ने बताया कि फतेहगढ़ चुरियां विधानसभा क्षेत्र के रोपोवाली गांव में कांग्रेस और शिअद समर्थकों के बीच हुई झड़प में छह व्यक्ति घायल हो गए।

मजीठा में अकाली उम्मीदवार बिक्रम सिंह मजीठिया और कांग्रेस उम्मीदवार सुखजिंदर राज सिंह लल्ली के बीच तब तीखी नोंक झोंक हो गई जब मजीठिया ने कथित तौर पर मतदान केंद्र के भीतर वाहन लाने पर आपत्ति जतायी।

मजीठा ने अपने प्रतिद्वंद्वी से कहा कि नियम नहीं तोड़िए। मजीठिया ने चालक से वाहनों को मतदान केंद्र से बाहर ले जाने के लिए कहा। मजीठिया तीसरी बार मजीठा से चुनाव लड़ रहे हैं।

गोवा विधानसभा चुनावों में शनिवार को 83 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। इस चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा का तगड़ा मुकाबला कांग्रेस, आप और एमजीपी, शिवसेना व जीएसएम के गठबंधन से है। चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, शाम पांच बजे के बाद भी राज्य में कई मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारों को देखते हुए मतदान का प्रतिशत बढ़ सकता है। खनन पटटी संखलिम, बिचोलिम और चचोर्रेम में भारी मतदान देखा गया।

उन्होंने कहा कि 40 विधानसभा सीटों के लिए यह चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से हुआ और इस तटीय राज्य में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की रिपोर्ट नहीं आई। हालांकि कुछ इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों में खराबी और एक मतदान केन्द्र में मतदान निरस्त किए जाने की रिपोर्ट है।

पणजी शहर में एक मतदान केन्द्र के बाहर 78 वर्षीय एक महिला की मत्यु हो गई। लेसिले सलदान्हा मतदान केन्द्र के बाहर अपनी बारी आने का इंतजार कर रही थीं और अचानक गिर पड़ीं और उनकी मत्यु हो गई।

विभिन्न मतदान केन्द्रों से चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, 11.10 लाख मतदाताओं में से 83 प्रतिशत से अधिक ने अपने मताधिकारों का प्रयोग किया। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनावों में 83 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर, केन्द्रीय मंत्री श्रीपद नाईक और मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत परसेकर ने शुरुआत में ही मतदान किया। इस चुनाव में कुल 250 उम्मीदवार खड़े हैं जिसमें कई निर्दलीय उम्मीदवार भी शामिल हैं। यह चुनाव गोवा के पांच पूर्व मुख्यमंत्रियों- चर्चिल एलेमाओ, प्रतापसिंह राणे, रवि नाईक, दिगंबर कामत और लुइजिन्हो फलेरियो एवं मौजूदा मुख्यमंत्री परसेकर के भाग्य का फैसला करेगा। भाजपा ने 36 उम्मीदवार खड़े किए हैं, जबकि कांग्रेस ने 37 और आप ने 39 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।

वर्ष 2012 में चुनाव पूर्व गठबंधन करने वाली भाजपा इस बार अकेले चुनाव लड़ रही है क्योंकि उसकी सहयोगी रही एमजीपी ने आरएसएस के बागी नेता सुभाष वेलिंगकर द्वारा स्थापित गोवा सुरक्षा मंच और शिवसेना के साथ एक मोर्चा बना लिया है। इन चुनावों में डाले गए मतों की गणना 11 मार्च को होगी।

राहुल ने कहा, बीजेपी हर जगह क्रोध फैलाती है; बीएसपी तो मैदान में ही नहीं है

उत्तर प्रदेश के आगरा में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने 12 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। इस दौरान दोनों विजय बस की छत पर सवार हुए। उनके साथ एसपीजी के जवान भी थे। रोड शो के दौरान राहुल गांधी ने लोगों को संबोधित करते हुए विरोधी पार्टियों पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि बीजेपी हर जगह क्रोध फैलाती है। वहीं, बीएसपी तो मैदान में ही नहीं है। ऐसे में उसके बारे में बात करने की जरूरत नहीं है।

नोटबंदी पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि जो लोग हिंदुस्तान में लाइन में लगे हुए थे, क्या वो सभी चोर थे? गरीब, ईमानदारों को लाइन में लगा दिया और फायदा 50 परिवारों को दिया।

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने आगे कहा कि क्या यहां किसी की जेब में 15 लाख रुपये आए हैं क्या? कोई कह सकता है कि नरेंद्र मोदी जी ने मुझे 15 लाख दिए? विकास की बात नहीं होती है, झूठ की राजनीति करते हैं।

वहीं अखिलेश यादव पर राहुल गांधी ने कहा कि अखिलेश जी ने पिछले सालों में अच्छा काम किया है। उन्होंने दिल से काम किया है। हम दोनों मिलकर अब यूपी को बदलेंगे। उन्होंने कहा, ''यूपी में सरकार गरीबों और मजदूरों की होगी, पांच साल बाद आप कहोगे कि प्रदेश को पहचान नहीं पा रहे।''

इसके बाद पांच फरवरी को कानपुर में संयुक्त रैली की तैयारी है। अखिलेश व राहुल गांधी कानपुर में दोनों दलों के कार्यक्रमों से तैयार न्यूनतम साझा कार्यक्रम भी जारी कर सकते हैं। गठबंधन की सरकार बनने पर इसी आधार पर योजनाएं लागू की जाएंगी।

आगरा में यह रोड शो दोपहर में दयालबाग इंजीनियरिंग कॉलेज से शुरू हुआ। भगवान टाकीज, दीवानी चौराहा, सुर सदन, सेंट पीटर्स कॉलेज, हरी पर्वत चौराहा, आगरा कॉलेज व छिपीटोला मोड़ होते हुए छिपीटोला चौराहे पर जाकर समाप्त होगा।

आगरा के बाद पांच फरवरी को कानपुर में रोड शो होगा। वैसे कानपुर में रोड शो पर सुरक्षा कारणों से एसपीजी की तरफ से आपत्ति किए जाने की बात सामने आ रही है। ऐसे में संभव है कि कानपुर में रोड शो की जगह सपा व कांग्रेस की साझा सभा हो जिसे अखिलेश यादव व राहुल गांधी संबोधित करेंगे। कानपुर में ही दोनों दलों का साझा न्यूनतम कार्यक्रम भी जारी किया जाएगा। इसमें दोनों दलों की घोषणाओं को शामिल किया जाएगा।

माना जा रहा है कि कांग्रेस अपने उपाध्यक्ष राहुल गांधी की किसान यात्रा के दौरान उठाए गए मुद्दों को इसमें शामिल करा सकती है। इसमें किसानों का कर्ज माफ करने और बिजली बिल का बकाया आधा माफ करने का वायदा शामिल हो सकता है।

मारन बंधुओं के बरी होने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

भारत के सुप्रीम कोर्ट एयरसेल-मैक्सिस डील में भ्रष्टाचार के आरोपों से मारन बंधुओं को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालन (ईडी) की याचिका पर आठ फरवरी को सुनवाई करेगा।

ईडी की ओर से अधिवक्ता आनंद ग्रोवर ने चीफ जस्टिस जगदीश सिंह केहर की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने दलील दी कि यह मनीलांड्रिंग से जुड़ा अलग मामला है इसलिए शीर्ष अदालत को ईडी की याचिका की सुनवाई करनी चाहिए।

हालांकि न्यायालय ने कहा कि यदि एजेंसी को अपील दायर करना ही था तो उसे उचित अदालत में करना चाहिए था। शीर्ष अदालत का इशारा हाईकोर्ट की ओर था। ग्रोवर के आग्रह पर न्यायालय ने इसकी सुनवाई के लिए आठ फरवरी की तारीख मुकर्रर की।

ईडी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश ओ पी सैनी द्वारा गुरुवार को मारन बंधुओं-पूर्व टेलिकॉम मिनिस्टर दयानिधि मारन एवं कलानिधि मारन सहित अन्य आरोपियों को आरोपमुक्त किये जाने को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है।

एजेंसी ने सुबह में न्यायालय से अनुरोध किया था कि वह इस मामले में मारन बंधुओं की कुर्क सम्पत्ति को रिलीज करने के आदेश न दे। न्यायालय ने मामले की सुनवाई भोजनावकाश के बाद अपराह्न दो बजे करने पर रजामंदी जतायी थी।

भोजनावकाश के बाद संक्षिप्त सुनवाई के बाद न्यायालय ने सुनवाई की अगली तारीख आठ फरवरी मुकर्रर की थी। एयरसेल-मैक्सिस करार में सभी आरोपियों पर भ्रष्टाचार एवं मनीलांड्रिंग के आरोप थे।

वहीं सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मलेशिया के मेक्सिस समूह के टी आनंद कृष्णन और आर मार्शल को पेश होना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि यदि आरोपी सम्मन पर प्रतिक्रिया नहीं जताते हैं और यहां अदालत में पेश नहीं होते तो वे वित्तीय नुकसान के हालात में आपत्ति नहीं जता सकेंगे।

कांग्रेस की तमिलनाडु इकाई ने एयरसेल-मैक्सिस सौदे से जुड़े मामलों में मारन बंधुओं के बरी हो जाने का आज स्वागत किया और कहा कि वे निर्दोष साबित होकर सामने आए हैं।

तमिलनाडु कांग्रेस के अध्यक्ष एस तिरूवुक्कारसार ने एक बयान में कहा, "मैं दयानिधि मारन और कलानिधि मारन को बधाई देता हूं जो इस फैसले से निर्दोष होकर सामने आए हैं।''

इस मामले में सीबीआई ने मारन बंधुओं एवं मलेशियाई नागरिक व कंपनी मैसर्स सन डायरेक्ट टीवी (प्राइवेट लिमिटेड), मैसर्स एस्ट्रो ऑल एशिया नेटवर्क पीएलसी, यूके मैसर्स मैक्सिस कम्युनिकेशन बरहाद मलेशिया, मैसर्स साउथ एशिया इंटरटेनमेंट होल्डिंगस लिमिटेड, मलेशिया और तत्कालीन अतिरिक्त सचिव (दूरसंचार) जेएस शर्मा (जिनकी मामले की जांच के दौरान मौत हो चुकी है) के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।

इस संबंध में प्रवर्तन निदेशालय ने भी धनशोधन का मामला दर्ज कराया था।

गुजरात दंगे के 28 आरोपी सबूत के अभाव में बरी

भारत के गुजरात के गांधीनगर की एक अदालत ने 2002 में गोधरा कांड के बाद हुए दंगों से संबंधित एक मामले के सभी 28 आरोपियों को ठोस सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है जिन लोगों को अदालत ने बरी किया है उसमें कलोल नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष गोविंद पटेल भी शामिल हैं। सभी आरोपी पहले ही लंबे समय से जमानत पर हैं।

गोधरा रेलवे स्टेशन पर साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन में आग लगाए जाने की घटना के एक दिन बाद 28 फरवरी 2002 को गांधीनगर जिले के कलोल तालुका के पलियाड गांव में आगजनी, दंगा और अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय की संपत्ति को क्षति पहुंचाने का इन 28 लोगों पर आरोप था।

संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के अलावा उस गांव के तकरीबन 250 लोगों की उग्र भीड़ पर हमले के दौरान पलियाड में एक दरगाह के कुछ हिस्से को भी नुकसान पहुंचाने का आरोप था। उस उग्र भीड़ में पुलिस की प्राथमिकी में नामजद 28 आरोपी भी शामिल थे।

31 जनवरी को फैसला सुनाते हुए कलोल के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश बी डी पटेल ने गौर किया कि आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत उपलब्ध नहीं है क्योंकि सभी प्रत्यक्षदर्शी यह कहते हुए मुकर गए कि वे आरोपी की पहचान करने में सक्षम नहीं हैं।

इसके अलावा, इन प्रत्यक्षदर्शियों ने अदालत से कहा कि उन्हें किसी से भी फिलहाल कोई शिकायत नहीं है क्योंकि उनका आरोपियों से पहले ही समझौता हो चुका है। पहले दलील के दौरान बचाव पक्ष के वकील भावेश रावल ने अदालत को सूचित किया कि सौहार्द स्थापित करने के लिए समझौते के फार्मूला के तहत अल्पसंख्यक समुदाय को हुए नुकसान के लिए आरोपियों ने पहले ही भुगतान कर दिया है।

गोधरा रेलवे स्टेशन पर 27 फरवरी 2002 को साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन के एस-6 डिब्बे को जलाए जाने की घटना में 58 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद गुजरात में बड़े पैमाने पर दंगे हुए थे जिसमें तकरीबन 1000 लोगों की मौत हुई थी। मरने वालों में ज्यादातर अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के थे।