भारत

गांधी जी हर हिन्दुस्तानी के दिल में हैं, उन्हें कभी मिटाया नहीं जा सकता: राहुल गाँधी

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी सोमवार को महात्मा गांधी की हत्या के संबंध में आरएसएस पर की गई अपनी टिप्पणियों को लेकर मानहानि के एक मामले में महाराष्ट्र के भिवंडी की एक अदालत में पेश हुए। अदालत में पेश के बाद राहुल ने कहा कि मेरी लड़ाई विचारधारा के खिलाफ है, वो विचारधारा जिसने गांधी जी की हत्या की।

उन्होंने कहा कि गांधी जी हर हिन्दुस्तानी के दिल में हैं उन्हें कभी मिटाया नहीं जा सकता। इस मामले की सुनवाई 3 मार्च तक टाल गई है।

राहुल ने सोमवार सुबह एक ट्वीट कर कहा, ''गोवा रवाना होने से पहले आज सुबह भिवंडी जाऊंगा।''

आरएसएस के एक कार्यकर्ता राजेश कुंते ने भिवंडी में छह मार्च 2014 को दिए राहुल के भाषण को लेकर उनके खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था।

कांग्रेस की रैली के दौरान राहुल ने कथित तौर पर कहा था, ''गांधी की हत्या आरएसएस के लोगों ने की थी।''

अदालत ने पिछली सुनवाई में राहुल को जमानत पर रिहा कर दिया था।

''मेरी लड़ाई एक विचारधारा के खिलाफ है, वही विचारधारा जिसने गाँधी जी की हत्या की, वही विचारधारा जो गाँधी जी को खादी ग्राम उद्योग के पोस्टर्स से हटा रही है। गाँधी जी हिन्दुस्तान के लोगों के दिल मे हैं, उनको मिटाया नहीं जा सकता। उनकी हत्या ज़रूर कर दी, मगर उनको कभी मिटाया नहीं जा सकता, इसलिए मै यहाँ आया हूँ।''
- राहुल गाँधी, कांग्रेस उपाध्यक्ष, भिवंडी (जिला ठाणे), महाराष्ट्र, भारत

चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार बैंकों से लिमिट से अधिक पैसा नही निकाल पाएंगे

भारत में नोटबंदी के बाद नकदी निकालने की साप्ताहिक सीमा को पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में लड़ रहे उम्मीदवारों के लिए बढ़ाने के चुनाव आयोग के अनुरोध को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने खारिज कर दिया जिस पर आयोग की तीखी प्रतिक्रिया आई है।

चुनाव आयोग ने बुधवार को आरबीआई से उम्मीदवारों की नकदी निकासी की साप्ताहिक सीमा 24,000 रपये से बढ़ाकर दो लाख रपये करने का अनुरोध किया था।

चुनाव आयोग का कहना था कि नोटबंदी के बाद लागू सीमा से उम्मीदवारों को अपने प्रचार का खर्च निकालने में कठिनाई होगी।

लेकिन रिजर्व बैंक का कहना है कि इस स्तर पर सीमा बढ़ाना संभव नहीं है। नाराज दिख रहे चुनाव आयोग ने आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल को पत्र लिखकर इस मुददे से निपटने के तरीके पर गंभीर चिंता प्रकट की है।

चुनाव आयोग ने कहा, ऐसा लगता है कि आरबीआई को स्थिति की गंभीरता का आभास नहीं है।

यह बात दोहराई जाती है कि निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराना और सभी उम्मीदवारों को समान अवसर प्रदान करना चुनाव आयोग का संवैधानिक अधिकार है और उचित तरीके से चुनाव कराने के लिए जरूरी है कि चुनाव आयोग के दिशानिदेर्शों का पालन किया जाए।

चुनाव आयोग ने रिजर्व बैंक से प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है।

उद्धव ठाकरे ने बीजेपी को ताना मारा, मंदिर बनाएंगे, पर कब बनाएंगे

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा शिवसेना को वसूली करने वालों की पार्टी बताने से नाराज शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा कि वह इस पर प्रतिक्रिया नहीं देना चाहेंगे, लेकिन उद्धव ठाकरे ने बीजेपी की अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का वादा अभी तक पूरा नहीं करने को लेकर आलोचना की।

फडणवीस ने कल रात मुम्बई में बीजेपी की एक रैली को संबोधित करते हुए शिवसेना को वसूली करने वालों की पार्टी बताया था और पिछले दो दशकों से मुम्बई पर उसके प्रभुत्व को मुम्बई के लिए बड़ा नुकसान बताया था।

ठाकरे ने मुम्बई में अपनी मौजूदगी में बहन्मुम्बई महानगरपालिक (बीएमसी) में विपक्ष के पूर्व नेता एवं कांग्रेस पार्षद देवेंद्र अंबेरकर के शिवसेना में शामिल होने के बाद संवाददाताओं से कहा कि मैं उनकी (फडणवीस) कल रात की टिप्पणी पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं करना चाहता।

उन्होंने कहा कि उन्होंने (फडणवीस) पहले कहा था कि केवल लाल किले से भाषण देने से कोई भी प्रधानमंत्री नहीं बन जाता। इसी तरह से कोई भी केवल (स्वयं को) मानकर भगवान कृष्ण नहीं बन जाता।

ठाकरे ने बीजेपी मुम्बई प्रमुख आशीष शेलार का नाम नहीं लिया जिन्होंने कल की रैली के दौरान अपने संबोधन में शिवसेना-बीजेपी संबंधों के लिए महाभारत की उपमा दी थी। उन्होंने फडणवीस को भगवान कृष्ण बताया था और उम्मीद जतायी थी कि कृष्ण कौरवों (शिवसेना) के खिलाफ लड़ेंगे।

ठाकरे ने कहा कि मैं उस पर (जो फडणवीस ने कहा) अधिक नहीं बोलूंगा क्योंकि मेरा भी गला खराब हो जाएगा। उनका इशारा परोक्ष रूप से कल रात फडणवीस के अपने संबोधन के दौरान दो बार पानी पीने की ओर था क्योंकि उनका गला खराब था।

उन्होंने कहा कि जो उन्होंने (फडणवीस) कहा उस पर नहीं बोलूंगा। मुम्बई के लोग उसका जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि उनकी (फडणवीस की) पहले ही छवि खराब हो गई है। अब भय यह है कि छवि गुंडों के सीएम की न बन जाए।

ठाकरे ने बीजेपी पर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का अपना वादा पूरा नहीं करने के लिए ताना मारा और कहा, वे (भाजपा) वे ईंटें खोज रहे होंगे जो उन्होंने पहले एकत्रित की थीं। उन्होंने कहा कि यदि वे ईंट खोज लेंगे, तो हो सकता है कि वे मंदिर बना दें। मंदिर बनाएंगे, पर कब बनाएंगे।

'ये गठबंधन मौकापरस्त नहीं है, ये तो दिलों का गठबंधन है'

कांग्रेस-सपा गठबंधन के बाद आज पहली बार अखिलेश यादव और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की मुलाकात हुई। लखनऊ में दोनों नेताओं ने एक दूसरे को गले लगाया और एक साथ मंच साझा किया।

मंच पर दोनों पार्टियों के कई और दिग्गज भी मौजूद रहे। राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता को संबोधित किया।

पहले राहुल गांधी ने संबोधन करना शुरू किया और कहा, मैं और अखिलेश एक-दूसरे को पहले से जानते हैं, हम मिलकर काम करेंगे और यूपी का विकास करेंगे।

राहुल गांधी ने कहा, मैंने कहा था अखिलेश अच्छा लड़का है, पर उसे काम नहीं करने दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकास की राजनीति को विरोधी रोकना चाहते हैं इसलिए हमने हाथ मिलाया है ताकि हम मिलकर लड़ाई लड़ सकें। हम प्रगति की ओर कदम बढाएंगे।

हम नफरत की राजनीति को रोकना चाहते हैं इसलिए ये गठबंधन किया है। हम चुनाव प्रचार कैसे करेंगे, हमारी प्लानिंग क्या होगी, ये अभी नहीं बताएंगे। सोनिया गांधी और मुलायम सिंह यादव चुनाव प्रचार करेंगे या नहीं, इसका खुलासा भी अभी नहीं करेंगे।

राहुल ने दावा किया है कि दोनों पार्टी मिलकर 300 से ज्यादा सीटें हासिल करेंगी। प्रियंका गांधी के साथ पर राहुल ने कहा, उन्होंने हमेशा मेरा साथ दिया है, अब तक दिया है और आगे भी देंगी। वे चुनाव प्रचार करेंगी या नहीं, ये उनकी इच्छा है। उनपर कोई जोर नहीं दिया जाएगा।

राहुल गांधी ने कहा, ये गठबंधन मौकापरस्त नहीं है, ये तो दिलों का गठबंधन है। हमने निजी रिश्तों को राजनीतिक रंग दिया है। हम संघ और बीजेपी को समझाना चाहते हैं कि हम यूपी को टूटने नहीं देंगे। बीजेपी तो बस एक हिन्दुस्तानी को दूसरे हिन्दुस्तानी से लड़ाती है। उनके विचारों से देश को खतरा है।

अखिलेश यादव ने कहा, हमारे निजी रिश्ते पहले से ही थे और अब राजनीति में भी हम जुड़ गए हैं। हम दो पहिएं हैं, हमारी उम्र में भी ज्यादा फर्क नहीं है।

गठबंधन पर अखिलेश ने कहा, इस गठबंधन के जरिए हम पिपल एलाइंस बनकर उभर आएंगे।

अखिलेश ने दोनों पार्टियों के मिलन को गंगा यमुना का मिलन कहा। ये एक ऐतिहासिक गठबंधन है, सपा और कांग्रेस मिलकर विरोधियों को करारा जवाब देंगे। हाथ के साथ साइकिल हो और साइकिल के साथ हाथ हो, तो सोचिए रफ्तार क्या होगी।

अमेठी और रायबरेली की सीट पर अखिलेश ने कहा, आने वाला वक्त बताएगा, सब अभी बता देंगे तो मसला खत्म ही हो जाएगा।

मायावती संग गठबंधन पर अखिलेश बोले कि उनके साथ गठबंधन कैसे होगा, वे तो बहुत जगह लेती हैं। उनका चुनाव चिन्ह भी हाथी है।

राहुल और अखिलेश ने कहा कि यह गठबंधन क्रोध, गुस्से, बांटने की राजनीति और कंपनियों को पैसा देने की राजनीति के जवाब देने के लिए किया गया है।

दोनों ने संयुक्त रूप से मोदी पर निशाना साधा और कहा कि मोदी जी की भाषा में यह गठबंधन थ्री पी के लिए किया गया है यानी प्रोग्रेस, प्रासपेरिटी और पीस ...। इसमें अखिलेश ने एक और पी जोड़ते हुए कहा कि यह पीपुल्स एलायंस है ...।

लखनऊ में एक ही रथ पर राहुल-अखिलेश का रोड शो

उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सीएम अखिलेश यादव और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने साझा रोड शो किया। दोनों एक ही रथ पर सवार हुए। रोड शो करीब 15 किमी का सफर तय किया। इस दौरान यह तीन विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया। पूरा रोड शो मुस्लिम बहुल क्षेत्रों से गुजरा। रोड शो शुरू होने से पहले राहुल और अखिलेश जीपीओ पर पहुंचे। वहां दोनों ने महात्मा गांधी व अंबेडकर की प्रतिमा पर फूल चढ़ाये।

इससे पहले गठबंधन के बाद आज पहली बार अखिलेश यादव और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की मुलाकात हुई। लखनऊ में दोनों नेताओं ने एक दूसरे को गले लगाया और एक साथ मंच साझा किया। मंच पर दोनों पार्टियों के कई और दिग्गज भी मौजूद रहे। राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता को संबोधित किया। राहुल ने दावा किया है कि दोनों पार्टी मिलकर 300 से ज्यादा सीटें हासिल करेंगी।

पहले राहुल गांधी ने संबोधन करना शुरू किया और कहा, मैं और अखिलेश एक-दूसरे को पहले से जानते हैं, हम मिलकर काम करेंगे और यूपी का विकास करेंगे।

राहुल गांधी ने कहा, मैंने कहा था अखिलेश अच्छा लड़का है, पर उसे काम नहीं करने दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकास की राजनीति को विरोधी रोकना चाहते हैं इसलिए हमने हाथ मिलाया है ताकि हम मिलकर लड़ाई लड़ सकें। हम प्रगति की ओर कदम बढाएंगे।

अखिलेश यादव ने कहा, हमारे निजी रिश्ते पहले से ही थे और अब राजनीति में भी हम जुड़ गए हैं। हम दो पहिये हैं, हमारी उम्र में भी ज्यादा फर्क नहीं है।

गठबंधन पर अखिलेश ने कहा, इस गठबंधन के जरिए हम पिपल एलाइंस बनकर उभर आएंगे। सीएम ने कहा कि एक ऐतिहासिक गठबंधन है, सपा और कांग्रेस मिलकर विरोधियों को करारा जवाब देंगे। हाथ के साथ साइकिल हो और साइकिल के साथ हाथ हो, तो सोचिए रफ्तार क्या होगी।

अमेठी और रायबरेली की सीट पर अखिलेश ने कहा, आने वाला वक्त बताएगा, सब अभी बता देंगे तो मसला खत्म ही हो जाएगा।

निगम चुनाव में बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं करेगी शिवसेना

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी मुंबई तथा महाराष्ट्र के अन्य नगर निगमों के लिए फरवरी में होने वाले चुनावों में अपने दम पर उतरेगी।

ठाकरे की गुरुवार शाम की गई इस घोषणा से इस बारे में जारी रहस्य समाप्त हो गया है कि दोनों दल भारत के सबसे धनवान नगर निगम बहन्मुंबई महानगरपालिका (एमसीजीएम) के लिए मिलकर चुनाव लड़ेंगे या नहीं। महाराष्ट्र में दोनों सत्तारूढ़ सहयोगी दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत में गतिरोध आ गया था।

गोरेगांव में पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक को संबोधित करते हुए ठाकरे ने भाजपा का नाम लिए बगैर कहा कि मैं किसी के सामने नहीं झुकूंगा। अगर कोई सोचता है कि हम उन से कम हैं तो हम उन्हें हटाकर दिखा देंगे।

ठाकरे ने अपने तीखे भाषण में कहा कि शिवसेना बिना गठबंधन के चुनाव लड़ने को तैयार है और हमें ऐसे सिपाहियों की जरूरत है जिनमें पीछे से वार करने के बजाय सामने से हमला करने का साहस हो।

शिवसेना अध्यक्ष ने कहा कि एक बार मैंने फैसला कर लिया तो मैं नहीं चाहता कि इस पर कोई सवाल खड़ा करे। अगर आप मेरे साथ खड़े रहने का वादा करते हैं तो मैंने महाराष्ट्र में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया है। मैं किसी के दरवाजे पर गठबंधन के लिए भीख का कटोरा लेकर नहीं जाऊंगा। मैंने फैसला कर लिया है कि किसी नगर निगम या जिला परिषद के चुनाव में कोई गठबंधन नहीं होगा।

तमिलनाडु में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव जल्लीकट्टू से कम नहीं हैं जहां एक सांड़ को हमेशा के लिए काबू में करना जरूरी है। शिवसेना के नियंत्रण वाले एमसीजीएम के कामकाज में पारदर्शिता की बीजेपी की मांग के संदर्भ में ठाकरे ने कहा कि जब आप पारदर्शिता की बात करते हैं तो हम राज्य सरकार और केंद्र में भी उसी तरह की पारदर्शिता की अपेक्षा रखते हैं।

ठाकरे ने बीजेपी का नाम नहीं लिया, लेकिन चुटीले अंदाज में कहा कि मैंने किसी से कहा कि हम भी कुछ गुंडों की भर्ती कर लें। लेकिन फिर मुझे बताया गया कि कोई नहीं बचा। मेरे शिवसैनिक आपके सभी आरोपों का जवाब देने के लिए तैयार हैं, लेकिन आप सुनिश्चित कर लीजिए कि पुलिस इस मामले में शामिल नहीं हो।

बीजेपी नीत केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए शिवसेना प्रमुख ने आरोप लगाया कि देश में आज डर का माहौल है और सत्तारूढ़ पार्टी के खिलाफ जो भी बोलता है, उसे राष्ट्रविरोधी बताया जाता है।

उन्होंने कहा कि वो लोग आज सबकुछ भूल गए हैं जिनके साथ अगर शिवसेना सुप्रीमो (दिवंगत बाल ठाकरे) नहीं खड़े होते तो वे कचरे की पेटी में होते।

ठाकरे ने कहा कि जब आप प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री का पद अपने पास रखते हो तो हम एक शब्द नहीं बोलते, ना ही हम बेहतर मंत्रालयों की मांग करते हैं। लेकिन आप मेरे अपने घर में आकर मुझे बेदखल करने की कोशिश करेंगे तो मैं बर्दाश्त नहीं करूंगा।

बहन्मुंबई महानगरपालिका के साथ नासिक, पुणे, कोल्हापुर और नागपुर समेत राज्य के 10 नगर निगमों के लिए चुनाव 21 फरवरी को होना है। राज्य की 25 जिला परिषदों के लिए चुनाव दो चरणों में 16 और 21 फरवरी को होगा।

जम्मू-कश्मीर के गुरेज में हिमस्खलन से 10 सैनिक शहीद

जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में हुए हिमस्खलन में लापता चार और सैनिकों के शव बरामद हुए हैं जिससे शहीद होने वाले सैनिकों की संख्या 6 से बढ़कर 10 हो गई।

बताया जा रहा है कि 25 जनवरी की देर शाम को छह सैनिक गुरेज सेक्टर पर अपने आर्मी कैम्प पर मौजूद थे तभी तेज बर्फबारी से हिमस्खलन हुआ। इसमें सैनिकों का कैंप बर्फ के ढेर में दब गया और उसमें मौजूद छह सैनिक शहीद हो गए।

गश्त में गए चार और सैनिक लापता हो गए थे जिनके शव बरामद कर लिए गए हैं। इस प्रकार से हिमस्खलन में शहीद होने वाले सैनिकों की संख्या 10 हो गई।

सुरक्षा बलों की टीमें राहत व बचाव कार्य में जुटी हैं।

इससे पहले बुधवार को ही सीमा से सटे इलाके सोनापार में हिमस्खलन से एक सैनिक की मौत हो गई थी और दो सैनिक लापता हो गए थे।

68वें गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत ने दिखाई ताकत

भारत के 68वें गणतंत्र दिवस के मौके पर आज देश की राजधानी दिल्ली में राजपथ पर देश की सैन्य ताकत, प्रौद्योगिकी और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली।

परेड में कुल 23 झाकियां, सैन्य बलों, अर्द्धसैनिक बलों, एनसीसी, एनएसएस तथा एनएसजी के 15 मार्चिंग दस्ते, संयुक्त अरब अमीरात का एक मार्चिंग दस्ता और उनके बैंडों ने हिस्सा लिया।

स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान तेजस और देश में ही बनी धनुष तोप, कोर ऑफ मिलिट्री पुलिस के 'श्वेत अश्व' द्वारा मोटरसाइकिल पर हैरतंगेज कर देने वाले करतब और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के कमांडो परेड का मुख्य आकर्षण रहे।

समारोह की शुरुआत इंडिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति पर भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई। रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने भी तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि दी। इसके बाद प्रधानमंत्री ने सलामी मंच पर आकर तीनों सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर और राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की अगवानी की।

उनके सम्मान में 21 तोपों की सलामी के साथ ही सुबह 10 बजे परेड शुरू हुई। राष्ट्रपति के साथ आबूधाबी के युवराज एवं संयुक्त अरब अमीरात की सशस्त्र सेनाओं के डिप्टी सुप्रीम कमांडर मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भी थे जो इस साल गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि थे।

दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल एम.एम. नरवाने परेड कमांडर तथा दिल्ली क्षेत्र के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल राजेश सहाय परेड के सेकेंड इन कमांड थे। विजय चौक और इंडिया गेट को जोड़ने वाले राजपथ पर लगभग डेढ़ घंटे तक तीनों सेनाओं की ताकत, राष्ट्र की सांस्कृतिक विविधता और ऐतिहासिक धरोहरों का झरोखा देखने को मिला। परेड का समापन आठ किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद लाल किले पर हुआ।

थल सेना के छह मार्चिंग दस्तों तथा छह बैंडों, नौसेना के एक-एक बैंड और मार्चिंग दस्ते तथा एक झाँकी और वायु सेना के मार्चिंग दस्ते, बैंड तथा वाहनों की एक टुकड़ी ने परेड में हिस्सा लिया। इसके अलावा बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ तथा दिल्ली पुलिस के एक-एक बैंड और मार्चिंग दस्ते, तटरक्षक बल का एक मार्चिंग दस्ता तथा एनसीसी के बालकों और बालिकाओं का एक-एक मार्चिंग दस्ता भी परेड में शामिल हुआ।

मार्चिंग दस्तों से पहले स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान तेजस और देश में ही बनी धनुष तोप ने राजपथ के दोनों ओर मौजूद दर्शकों और अतिथियों की तालियां बटोरी।

धनुष को पहली बार सार्वजनिक तौर पर प्रदर्शित किया गया है। इसे भारतीय सेना के लिए काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि बोफोर्स तोप के बाद सेना को मिलने वाली यह पहली बड़ी तोप है।

इतना ही नहीं, टी-90 टैंक, आकाश और ब्रह्मोस मिसाइल, सीबीआरएन यानी कैमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लिअर रेडिएशन डिटेक्शन मशीन भी राजपथ पर नज़र आये।

वायु सेना की स्वदेशी ताकत का प्रतीक लड़ाकू विमान तेजस भी पहली बार गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बना। लगभग दो दशक के अंतराल के बाद यह दूसरा मौका है जब कोई स्वदेशी लड़ाकू विमान राजपथ पर वायु सेना की स्वदेशी ताकत राजपथ पर दिखी। है। इससे पहले 1980 के दशक में स्वदेशी लड़ाकू विमान मारुत ने गणतंत्र दिवस परेड के मौके पर फ्लाई पास्ट में अपने जौहर दिखाये थे।

हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा बनाया गया तेजस ऑटो पायलट सुविधा के साथ घातक मिसाइलों, बमों और अन्य हथियारों से लैस अत्याधुनिक विमान है। फ्लाई पास्ट के लिए तीन तेजस विमानों ने बीकानेर के निकट नाल हवाई पट्टी से उड़ान भरी थी।

वायु सेना की मारक क्षमता की रीढ़ माने जाने वाले सुखोई, जगुआर और मिग लड़ाकू विमानों ने भी फ्लाई पास्ट में अपने जौहर दिखाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर लिया। लड़ाकू हेलिकॉप्टर रुद्र तथा उन्नत हल्के हेलिकॉप्टर ध्रुव के अलावा भारी-भरकम मालवाहक विमान हरक्यूलिस और ग्लोबमास्टर भी फ्लाई पास्ट का हिस्सा रहे। वायु सेना के दस्ते में इस बार चार अधिकारी और 144 आसमानी योद्धा शामिल थे। दस्ते का नेतृत्व स्क्वॉड्रन लीडर अटल सिंह शेखो ने किया। वायु सेना की झांकी का थीम इस बार महिला पायलटों को लड़ाकू भूमिका में शामिल करने और वायु सेना के प्रौद्योगिकी केंद्रित नेटवर्क पर आधारित था।

असम के तिनसुकिया में उग्रवादी हमला, दो शहीद

असम-अरुणाचल सीमा पर जयरामपुर के निकट रविवार को सुरक्षाकर्मियों के एक काफिले पर उग्रवादियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में असम राइफल्स के दो जवान शहीद हो गए और दो अन्य घायल हो गए।

पुलिस के अनुसार, हमलावर युनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) के वार्ता विरोधी गुट और खापलांग के नेतृत्व वाले नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (एनएससीएन-के) से संबद्ध थे।

असम के पुलिस महानिदेशक मुकेश सहाय ने कहा कि सुरक्षा बलों ने उग्रवादियों के खिलाफ अभियान शुरू किया है।

तिनसुकिया के पुलिस अधीक्षक मुग्धाज्योति महंता ने कहा कि 15-20  उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला किया।

गैर सरकारी सूत्रों ने कहा कि हमले के बाद उग्रवादी असम राइफल्स के कुछ हथियार और गोला बारूद लेकर भाग गए।

उल्फा और एनएससीएन-के ने गत साल नवम्बर में तिनसुकिया जिले में सेना के एक काफिले पर घात लगा कर हमला किया था जिसमें तीन जवान शहीद हो गए थे।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए सपा-कांग्रेस में गठबंधन

कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच रविवार को आने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए गठबंधन हो गया है। लखनऊ में दोनों पार्टियों की ओर से संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में गठबंधन का ऐलान किया गया।

समाजवादी पार्टी 298 तथा कांग्रेस 105 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। यूपी के समाजवादी पार्टी प्रमुख नरेश उत्तम ने यह जानकारी दी। गठबंधन का ऐलान करने के लिए राजबब्बर रविवार शाम लखनऊ आए।

पिछले कुछ दिनों से दोनों पार्टियों के बीच सीटों को लेकर गठबंधन की बात अटकी हुई थी। समाजवादी पार्टी के एक नेता ने बताया था कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कांग्रेस को 120 सीट देने के लिए तैयार थे, पर बाद में वे अपनी बात से पलट गए थे।

वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने रविवार को कहा कि सपा के साथ गठबंधन को लेकर प्रियंका गांधी ने कोशिशें की हैं।