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अमरीकी राष्ट्रपति और हेल्थ एक्सपर्ट एकमत नहीं, बढ़ रहा है संक्रमण

कोरोना संक्रमण को लेकर अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय और स्वास्थ्य अधिकारियों के बीच असहमति देखने को मिला है वहीं दूसरी ओर अमरीका में कोरोना संक्रमण का बढ़ना जारी है।

जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी डैशबोर्ड के मुताबिक अमरीका में कोरोना संक्रमितों की संख्या 33 लाख तक पहुंच गई है। अमरीकी राष्ट्रपति और स्वास्थ्य अधिकारियों के बीच तालमेल नहीं होने के साथ-साथ और भी कई अहम बातें हैं।

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट को रिट्वीट किया है, जिसमें कोविड-19 को लेकर अमरीकी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (सीडीसी) पर झूठ बोलने का आरोप है।

अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय के अधिकारियों ने संक्रामक रोग के सबसे बड़े एक्सपर्ट डॉ. एंथनी फ़ाउची को कई मामलों में ग़लत बताया है।

इन सबके बीच अमरीका में कोरोना वायरस संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। पश्चिमी और दक्षिणी प्रांतों में जहां लॉकडाउन पहले हटाया गया था वहां संक्रमण के मामले बढ़े हैं।

रविवार को फ़्लोरिडा में कोरोना संक्रमण के 15 हज़ार नए मामले सामने आए हैं। यह एक दिन में सबसे बड़ी संख्या है।

इन सबके बीच न्यूयार्क से एक अच्छी ख़बर है। अमरीका में हॉटस्पॉट रहे न्यूयार्क में बीते 24 घंटे में कोविड-19 से किसी की मौत नहीं हुई है। मार्च के बाद यह पहला मौका है जब 24 घंटे में न्यूयार्क में कोविड-19 से एक भी शख़्स की मौत नहीं हुई है।

हज के दौरान बिना परमिट के मक्का जाने पर सऊदी अरब भारी जुर्माना लगाएगा

सऊदी अरब के गृह मंत्रालय ने कहा है कि आने वाले दिनों में जब हज यात्रा का आयोजन किया जाएगा, तब बिना परमिट के पवित्र स्थलों पर जाने वालों पर दस हज़ार सऊदी रियाल यानी 2666 अमरीकी डॉलर का जुर्माना लगाया जाएगा।

सऊदी अरब ने इस साल कोरोना वायरस की वजह से हज यात्रा के लिए सऊदी अरब आने वाले लोगों की संख्या को कम किया है।

सऊदी गृह मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ये प्रतिबंध 19 जुलाई (धुल क़दाह) से 2 अगस्त (धुल हिज्जाह) तक चलेगा।

दूसरी बार इस प्रतिबंध का उल्लंघन करते हुए पकड़े जाने पर जुर्माने की राशि दुगनी यानी 2000 सऊदी रियाल और 5332 अमरीकी डॉलर हो जाएगी।

सऊदी प्रेस एजेंसी ने सऊदी अरब सरकार के गृह मंत्रालय का बयान छापा है।

गृह मंत्रालय का बयान कहता है - ''गृह मंत्रालय के एक आधिकारिक सूत्र ने सभी नागरिकों और बाशिंदों से आगामी धार्मिक यात्राओं के दौरान नियमों का पालन करने को कहा है। उन्होंने ज़ोर दिया है कि हज के दौरान सुरक्षाकर्मी नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए पवित्र स्थलों तक जाने वालीं सभी सड़कों और रास्तों पर तैनात रहेंगे।''

सऊदी अरब के प्रशासकों का कहना है कि कोरोना वायरस की वजह से उन्होंने हज करने वालों की संख्या लगभग दस हज़ार तक करने का फ़ैसला किया है।

सऊदी अरब से बाहर रहने वाले लोगों के लिए इस साल हज करने की डेडलाइन बीते शुक्रवार ख़त्म हो गई।

इस्लामिक धारणाओं के मुताबिक़, हज इस्लाम के पाँच स्तंभों में से एक है और प्रत्येक शारीरिक रूप से सक्षम मुस्लिम को अपने जीवन में एक बार हज करना चाहिए। बीते साल 25 लाख लोगों ने मक्का और मदीना की यात्रा की थी।

12 जुलाई से 26 जुलाई के बीच यूएई की भारत के पाँच शहरों से विशेष उड़ानें

12 जुलाई से 26 जुलाई के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से भारत के पांच शहरों के लिए विशेष उड़ाने संचालित की जाएंगी। इन उड़ानों से अमीरात में फंसे भारतीय घर लौट सकेंगे और भारत में फंसे अमीरातवासी वापस लौट सकेंगे। ये उड़ानें दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोच्चि और तिरूवनंतपुरम से संचालित होंगी।

दिल्ली से रोज़ाना दो उड़ानें होंगी, बेंगलुरु से भी दो उड़ानें और कोच्चि से भी दो उड़ानें रहेंगी। मुंबई से तीन और तिरूवनंतपुरम से रोज़ाना एक उड़ान संचालित होगी। बेंगलुरु और मुंबई की उड़ानें राज्य सरकार की मंज़ूरी पर निर्भर करेंगी। इन उड़ानों के लिए टिकट अमीरात एयरलाइंस की वेबसाइट पर बुक किए जा सकेंगे।

ये टिकट ट्रैवल एजेंट, अमीरात के सेल्स अधिकारी या फिर कॉन्टैक्ट सेंटर से भी बुक किए जा सकेंगे। उड़ान पर सवार होने से पहले यात्रियों के लिए गंतव्य स्थान की सभी ज़रूरतें पूरी करना अनिवार्य होगा। दुबई से भारत के पांच शहरों के लिए चलने वाली इन उड़ानों पर सिर्फ़ भारतीय नागरिक ही सफ़र कर सकेंगे।

संयुक्त अरब अमीरात के जीडीएफ़आरए यानी नागरिकता और विदेश मामलों के महानिदेशालय से देश में दाख़िल होने की मंज़ूरी मिलने के बाद ये उड़ाने दुबई के नागरिकों और आईसीए की मंज़ूरी के बाद संयुक्त अरब अमीरात की दूसरी अमीरातों के निवासियों के लिए उपलब्ध होंगी।

भारत से अमीरात लौटने के लिए कोरोना निगेटिव टेस्ट होना अनिवार्य होगा। भारत सरकार द्वारा स्वीकृत लैब से आरटी-पीसीआर टेस्ट का नतीजा ही मान्य होगा। ये कोरोना निगेटिव प्रमाण पत्र उड़ान के समय से 96 घंटे से ज़्यादा पुराना ना हो।

ईरान में सभी तरह के समारोहों और प्रवेश परीक्षाओं पर रोक

ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने शनिवार को उन समारोहों पर पाबंदी लगा दी जिनमें भीड़ जुटती है। ईरान में एक बार फिर से कोरोना के नए मामले बढ़ रहे हैं। हालांकि राष्ट्रपति रूहानी ने कहा है कि अर्थव्यवस्था खुली रहेगी।

हसन रूहानी के टेलीविजन संबोधन के कुछ देर बाद ही तेहरान में पुलिस ने शादी स्थलों और शोक सभाओं को बंद करने की घोषणा की। पुलिस ने कहा है कि अगले नोटिस तक ये बंद रहेंगे।

ईरान ने अप्रैल महीने के मध्य से लॉकडाउन में ढील देने की शुरुआत कर दी थी लेकिन हाल के दिनों में कोरोना के नए मामले तेज़ी से बढ़े हैं।

शनिवार को कोरोना से ईरान में 188 लोगों की मौत हुई और इसके साथ ही मृतकों की कुल संख्या 12,635 पहुंच गई है।

पिछले 24 घंटों में ईरान में कोरोना के 2,397 मामले सामने आए हैं। ईरान में अब तक कुल 255,117 संक्रमित हो चुके हैं। रूहानी ने शनिवार को कहा, ''पूरे ईरान में समारोहों को सख़्ती से बंद करने की ज़रूरत है। वो चाहे उत्सव में हो या ग़म में। अभी किसी उत्सव और सेमीनार का वक़्त नहीं है।

यहां तक कि यूनिवर्सिटी की प्रवेश परीक्षाएं भी निलंबित कर दी गई हैं। ईरान की सरकार का मानना है कि कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी इन्हीं समारोहों के कारण है। ईरान में कोरोना वायरस टास्क फोर्स के एक सलाहकार ने चेतावनी दी है कि अगर नियमों का सख़्ती से पालन नहीं किया गया तो ईरान में 50 से 60 हज़ार लोगों की मौत हो सकती है।

यूएई ने आवासीय वीज़ा और एंट्री पर्मिट के लिए अहम घोषणा की

संयुक्त अरब अमीरात 12 जुलाई से मियाद ख़त्म हो चुके आवासीय वीज़ा और आईडी कार्ड के नवीनीकरण के लिए आवेदन स्वीकार करेगा।

कैबिनेट ने मियाद ख़त्म हो चुके वीज़ा की वैधता बढ़ाने, अमीरात आईडी कार्ड और एंट्री पर्मिट को लेकर अहम फ़ैसला किया है। यूएई ने कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने लिए लगाई गई पाबंदियों में ढील देने के बाद यह अहम फ़ैसला लिया है। शुक्रवार को फेडरल अथॉरिटी फोर आइडेंटिटी एंड सिटिज़नशिप (आईसीए) ने कहा कि यह फ़ैसला बताता है कि हम सामान्य दिनों में वापसी कर रहे हैं।

आईसीए ने कहा, ''कई सेक्टर में कारोबार और काम को सामान्य दिनों की तरह पटरी पर लाने की कोशिश की जा रही है।''

कोरोना वायरस की महामारी के शुरुआती महीनों में लॉकडाउन और ट्रैवेल बैन के कारण यूएई ने आवासीय वीज़ा, एंट्री और रेजिडेंसी पर्मिट की वैधता की मियाद बढ़ा दी थी।

आईसीए ने शनिवार को कहा कि वीज़ा, एंट्री पर्मिट और आईडी कार्ड की सेवा फिर से शुरू होने जा रही है। 12 जुलाई से लोग इसका शुल्क जमा कर आवेदन करना शुरू सकते हैं।

आईसीए ने शनिवार को कहा, ''सभी प्रवासी निवासियों, यूएई नागरिकों और जीसीसी देशों के लोगों से आग्रह है कि वो अपने अमान्य हो चुके दस्तावेज़ों को वैध करवा लें।''

ख़ास बातें
- जिनका आवासीय वीज़ा और अमीरात आईडी कार्ड इस साल मार्च और अप्रैल महीने में अवैध हो गया था वो इसके नवीनीकरण के लिए 12 जुलाई से आवेदन कर सकते हैं।
- जिनका आवासीय वीज़ा और अमीरात आईडी कार्ड इस साल मई महीने में अवैध हो गया था, वे 11 अगस्त से नवीनीकरण के लिए आवेदन दे सकते हैं।
- जिनका आवासीय वीज़ा और अमीरात आईडी कार्ड एक जुलाई से 11 जुलाई के बीच एक्सपायर्ड हुआ है वो इसके नवीनीकरण के लिए 10 सितंबर से आवेदन कर सकते हैं।

कोरोना वायरस: अनजान निमोनिया महामारी से कज़ाकस्तान ने इनकार किया

कज़ाकस्तान ने चीनी अधिकारियों की उस रिपोर्ट को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि देश ''अनजान तरह के निमोनिया की महामारी'' से जूझ रहा है।

गुरुवार को कज़ाकस्तान में मौजूद चीनी दूतावास ने अपने नागरिकों को चेतावनी दी और कहा कि ''देश ऐसे निमोनिया से जूझ रहा है जो संभवत: कोविड-19 से भी घातक हो सकता है।''

चीनी दूतावास का कहना था कि निमोनिया की महामारी से साल 2020 के पहले छह महीनों में कज़ाकस्तान में 1,772 मौतें हुई हैं और इनमें से 628 मौतें अकेले जून के महीने में हुई हैं। कज़ाकस्तान के तीन प्रांतों में इस कारण जो मौतें हुई हैं उसमें चीनी नागरिक भी शामिल हैं।

इसके जवाब में शुक्रवार को कज़ाकस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को ''ग़लत'' करार दिया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार कज़ाकस्तान में हाल में ''निमोनिया पैदा करने वाला अनजान वायरस'' के मामले सामने आए हैं, लेकिन चीनी दूतावास ने जो चेतावनी जारी की है वो ''सच्चाई नहीं है।''

मंत्रालय के अनुसार जिन लोगों में कोरोना जैसे लक्षण थे उन लोगों के कोरोना वायरस टेस्ट विश्व स्वास्थ्य संगठन के नियमों के अनुसार किए गए हैं और उनका रिज़ल्ट नेगेटिव आया है जिसके बाद इस बीमारी को निमोनिया के रुप में दर्ज किया गया है।

हाल में कोरोना वायरस संक्रमण के नए मामले सामने आने के बाद कज़ाकस्तान ने देशव्यापी लॉकडाउन लगाया है।

कज़ाकस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 10 जुलाई तक देश के करीब 55,000 लोग कोरोना संक्रमित हैं जबकि 264 लोगों की इस कारण मौत हुई है।

कज़ाकस्तान समेत कई केंद्रीय एशियाई देशों पर आरोप हैं कि वो कोरोना महामारी की दूसरी लहर को निमोनिया करार देकर, संक्रमण की संख्या कम बता रहे हैं।

शुक्रवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को दिए एक बयान में कहा कि कज़ाकस्तान संगठन के दिशानिर्दशों के अनुसार ही निमोनिया के मामलों की पहचान कर रहा है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि कज़ाकस्तान से निमोनिया से जुड़ी जो खब़रें मिल रही है संगठन उन पर नज़रें बनाए हुए है, ये मामले कोरोना वायरस से जुड़े हो सकते हैं।

संगठन के इमर्जेन्सी प्रोग्राम के माइक रायन ने कहा कि ''किसी देश में कोरोना महामारी के फैलने का संकेत इसी से मिलता है कि इस वायरस के संक्रमण के मामलों की पहचान नहीं हो पा रही है।''

यूरोपीय संघ की कोरोना वैक्सीन मुहिम से अलग क्यों रहेगा ब्रिटेन?

यूरोपीय संघ के लिए ब्रिटेन के राजदूत सर टिम बैरो ने कहा है कि ब्रिटेन यूरोपीय संघ की कोरोना वैक्सीन मुहिम का हिस्सा नहीं बनेगा।

यूरोपीय कमिशन के महासचिव को लिखी एक चिट्ठी में उन्होंने कहा कि ब्रिटेन इस मुहिम का हिस्सा नहीं बनना चाहता क्योंकि ऐसा करने पर उसे ''कोरोना वैक्सीन बना रही उन कंपनियों के साथ जारी अपनी बातचीत बीच में ही रोकनी होगी जिनके साथ यूरोपीय संघ ने चर्चा शुरू की है।''

यूरोप के देशों के लिए कोरोना वैक्सीन सुनिश्चित करने की संघ की इस मुहिम के बारे में यूरोपीय कमीशन ने पहले कहा था कि ''वैक्सीन पाने की इस मुहिम में अहम फ़ैसलों में ब्रिटेन की निर्णायक स्थिति रहना संभव नहीं है। इन फ़ैसलों में उत्पादन करने वाली कंपनियों के साथ वैक्सीन की कीमत, संख्या और वैक्सीन की डिलीवरी को लेकर बातचीत शामिल है।''

सर टिम बैरो ने संघ से कहा है कि इसके बावजूद यूरोपीय संघ और ब्रिटेन ''संभावित वैक्सीन से जुड़े शोध के बारे में जानकारी साझा करने, वैक्सीन के ट्रायल और वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाने के लिए निवेश'' के मामले में हाथ मिला सकते हैं।

इस पूरे मुद्दे पर ब्रितानी स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक ने कहा है कि यूरोपीय संघ की वैक्सीन मुहिम में शामिल होने पर देश को वैक्सीन पाने की अपनी कोशिशों को रोकना पड़ेगा जिससे देश को नुक़सान होगा क्योंकि इस मामले में ब्रिटेन दूसरों से आगे है।

उनका कहना है कि यूरोपीय संघ की ''एक शर्त'' को मानना ब्रिटेन के लिए संभव नहीं है क्योंकि ''ऐसा करके उसे अपने स्तर पर जारी बातचीत बंद कर संघ के ज़रिए ही बातचीत करनी होगी, जिसके लिए ब्रिटेन तैयार नहीं है।''

उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि ''इस तरह ब्रिटेन दूसरों से आगे रह सकता है।''

भारत-नेपाल तनाव के बीच पाकिस्तानी विदेश मंत्री का ट्वीट

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने भारत-नेपाल तनाव के बीच एक ट्वीट किया है। हालांकि उनके ट्वीट में भारत-नेपाल तनाव को लेकर कुछ नहीं है।

क़ुरैशी ने नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन को लेकर ट्वीट किया है।

क़ुरैशी ने अपने ट्वीट में कहा है, ''बाढ़ और भूस्खलन से उपजे संकट को लेकर हम नेपाल के लोगों के प्रति संवेदना जताते हैं। हम नेपाल की जनता के साथ खड़े हैं और जो परिवार प्रभावित हुए हैं उनके लिए हम दुआ मांगते हैं।''

क़ुरैशी के इस ट्वीट का कुछ नेपाली ट्विटर यूज़र ने स्वागत किया है। गोर्खाली ठिटो नाम के एक यूज़र ने लिखा है- शुक्रिया पाकिस्तान।

नेपाल में पिछले दो दिनों में ठीक-ठाक बारिश हुई है और भूस्खलन भी हुए हैं। नेपाली अख़बार काठमांडू पोस्ट के अनुसार इससे एक दर्जन लोगों की मौत हुई है।

भारत और नेपाल में सीमा विवाद के कारण तनाव चल रहा है। नेपाल ने 22 मई को नया नक्शा जारी किया था और लिपुलेख, लिम्पियाधुरा और कालापानी को अपना हिस्सा बताया था।

इससे पहले भारत ने भी अपना नक्शा जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद अपडेट किया था। पूरे मामले में पाकिस्तान ने नेपाल का समर्थन किया था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान भी भारत पर नेपाल को लेकर निशाना साध चुके हैं।

अमरीका में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों के लिए भारत ने अमेरिकी सरकार से अपील की

भारत ने अमरीका से वीज़ा संबंधी उस नियम को लेकर फिर से विचार करने का अनुरोध किया है जिसके चलते हज़ारों भारतीय छात्रों के सामने अमरीका छोड़ने का संकट उत्पन्न हो गया है।

अमरीकी इमिग्रेशन सेवा ने इस सप्ताह ऐलान किया है कि उन विदेशी छात्रों को देश में रहने की अनुमति नहीं होगी जिनकी यूनिवर्सिटीज अपने सभी क्लासेज को ऑनलाइन मोड में कराएगी। सिर्फ़ क्लासरूम टीचिंग और इन-पर्सन ट्यूशन लेने वाले छात्रों को अमरीका में रहने की अनुमति होगी।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, ''ट्रंप प्रशासन को इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि देशों के बीच संबंध बेहतर बनाने में एजुकेशनल एक्सचेंज और लोगों के आपसी संबंधों की भूमिका होती है।''

अमरीकी सरकार के इस फ़ैसले का अमरीकी अकादमिक जगत में भी विरोध हो रहा है। हार्वर्ड और मैसाच्यूट्स इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नॉलॉजी ने सरकार के फ़ैसले को अदालत में चुनौती दी है।

डोनाल्ड ट्रंप की नाकामियों की वजह से लाखों लोग का भविष्य अनिश्चित: जो बाइडन

अमरीकी राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडन ने कोरोना वायरस संक्रमण के तीस लाख के पार पहुंचने पर वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना की है।

उन्होंने कहा, ''जब दूसरे देश अपनी अर्थव्यवस्था को फिर से खोल रहे हैं, उनके नागरिक काम और कारोबार की दुनिया में लौट रहे हैं तब अमरीका में फिर से लॉकडाउन की स्थिति है। डोनाल्ड ट्रंप की नाकामियों के चलते लाखों लोगों के सामने अनिश्चित भविष्य खड़ा है।

मंगलवार को अमरीका में एक दिन में कोरोना संक्रमण के रिकॉर्ड 60,000 मामले सामने आए थे।

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमरीका में सबसे ज़्यादा मामले इसलिए सामने आ रहे हैं क्योंकि अमरीका सबसे ज़्यादा टेस्टिंग कर रहा है। इसके बाद उन्होंने यह भी कहा है कि कोरोना को लेकर अमरीका अच्छी स्थिति में है।

जो बाइडन कोविड-19 के असर से अमरीका को उबरने के लिए 700 अरब डॉलर की इकॉनमी योजना का खाका पेश करने वाले हैं।