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भारत में एससी/एसटी एक्ट में बदलाव को लेकर हिंसक विरोध प्रदर्शन, एक की मौत

भारत में सुप्रीम कोर्ट ने एस सी/एस टी एक्ट में बदलाव को लेकर फैसला सुनाया था। अब कई दलित संगठन इसका विरोध कर रहे हैं। साथ ही भारत बंद का आह्वान किया है। बंद को कई राजनीतिक पार्टियों और कई संगठनों ने समर्थन भी दिया है। हिंदी बेल्ट के राज्यों में बंद का व्यापक असर देखने को मिल सकता है। संगठनों की मांग है कि अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 में संशोधन को वापस लेकर एक्ट को पहले की तरह लागू किया जाए।

दरअसल, पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने एस सी/एस टी एक्ट का गलत इस्तेमाल होने पर चिंता जाहिर करते हुए इसमें कुछ बदलाव किए थे। कोर्ट के इस फैसले पर दलित संगठन कानून को कमजोर करने की दलील दे रहे हैं और लगातार विरोध में आवाज उठा रहे हैं। इस बंद को देखते हुए पंजाब में सभी शिक्षण संस्थान, ट्रांसपॉर्ट बंद रखने का फैसला किया गया है। पंजाब में आज होने वाली 10वीं और 12वीं के सी बी एस ई परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं।

जयपुर में प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है। जयपुर में एक शोरूम में प्रदर्शनकारियों ने तोड़ फोड़ की है। शोरूम का शीशा तोड़ दिया गया। इसके आलावा जयपुर में प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन रोककर उसके सामने खडे़ होकर और ट्रेन के इंजन पर चढ़कर प्रदर्शन किया। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने मध्यप्रदेश के मुरैना में भी रेलवे ट्रैक को ब्लॉक कर दिया है।

मध्य प्रदेश के ग्वालियर के चार थाना क्षेत्र में कर्फ्यू लग गया है। वहीं मेरठ में भी प्रदर्शनकारियों ने एक पुलिस चौकी फूंक दी है।

मेरठ में प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने पीटा। पहले पुलिसवाले एक प्रदर्शनकारी को लेकर आए। उसके बाद एक गली में से कई और प्रदर्शनकारियों को पकड़कर लाए और उनकी खूब पिटाई की।

रांची में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। इसमें कई लोग घायल हो गए हैं। कुछ प्रदर्शनकारी सड़क जाम कर रहे थे। पुलिस उन्हें ऐसा करने से रोक रही थी। इसी को लेकर दोनों के बीच भिडंत हो गई।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ अब राजस्थान में भी विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया है। गाड़ियों समेत दूसरी प्रॉपर्टी फूंक दी हैं। इसके अलावा राजस्थान के ही भरतपुर में महिलाएं लाठी डंडे लेकर सड़क पर उतर गई हैं।

उत्तर प्रदेश के मेरठ में भारत बंद को लेकर रोड पर तोड़फोड़ की गई। रोड पर जा रही होंडा सिटी और i20 कार के शीशे तोड़े गए। लोगों को चोट भी आई।

एस सी/एस टी एक्ट में बदलाव को लेकर दिल्ली के मंडी हाउस पर भी विरोध प्रदर्शन हो रहा है।

एस सी/एस टी एक्ट में बदलाव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ता जा रहा है। पंजाब के पटियाला में महिलाएं हाथों में झंडे लेकर रेलवे ट्रैक पर आ गई और ट्रेन रोक दी। इसके बाद लोगों ने ट्रेन के ऊपर चढ़कर और इंजन के आगे खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किया।

एस सी/एस टी एक्ट को लेकर उत्तर प्रदेश के आगरा में प्रदर्शनकारियों ने जाम लगाया। इसके अलावा राजस्थान के भरतपुर में महिलाएं लाठी डंडे लेकर सड़क पर उतर गई हैं। वह लाठी डंडों के साथ सड़क पर बैठी हैं।

एस सी/एस टी एक्ट के बदलाव के विरोध में पंजाब के अमृतसर में सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है और भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं। वहीं केंद्रीय मंत्री थावर चंद्र गहलोत ने कहा कि जब तक नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं, तब तक एस सी/एस टी और अन्य पिछड़ा वर्ग के हितों से कोई खिलवाड़ नहीं हो सकता।

एस सी/एस टी एक्ट को लेकर दलितों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि एस सी/एस टी एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार सोमवार ( 2 अप्रैल) को पुनर्विचार याचिका दायर करेगी।

एस सी/एस टी एक्ट को लेकर बिहार के आरा में CPIML समेत कई संगठन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन रोक दी। इसके रेलवे फाटक पर टायर डालकर आगजनी भी की। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने बिहार के सोनापुर में रोड ब्लॉक कर दी।

एस सी/एस टी एक्ट में बदलाव के फैसले पर भारत बंद का भोजपुर में भी असर दिख रहा है। यहां सड़कों पर सन्नटा पसरा हुआ है। सभी दुकानें बंद हैं और परिचालन भी ठप हो गया है।

एस सी/एस टी एक्ट को लेकर कांग्रेस प्रवक्‍ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि एस सी/एस टी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर निश्चित तौर पर रिव्यू पिटिशन डाला जाना चाहिए। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने ठीक से पक्ष क्यों नहीं रखा, इसकी जांच होनी चाहिए।

पंजाब बोर्ड ने कहा कि केंद्र शासित चंडीगढ़ और भारत के अन्य हिस्सों में परीक्षाएं शेड्यूल के मुताबिक होंगी। पंजाब में परीक्षा की अगली तारीख जल्द घोषित की जाएगी। पंजाब सरकार ने राज्य में सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए हैं। बिहार के आरा, अररिया और जहानाबाद में प्रदर्शनकारियों ने ट्रेनें रोक दी हैं। ओडिशा के सम्बलपुर जिले में भी दलित संगठनों ने ट्रेनें रोक दीं।

एस सी/ एस टी एक्‍ट के तहत आरोपी की मुश्किलें बढ़ी: अब खुद को निर्दोष साबित करना होगा

अब जातिगत भेदभाव के केस में फंसने वालों की मुश्‍क‍िलें और बढ़ने वाली हैं। संशोधित एस सी/ एस टी एक्‍ट (amended Prevention of SC/ST Atrocities Act या POA) के तहत अब दलित और आद‍िवासियों के खिलाफ होने वाले अपराध के मामले में आरोपी को ही साबित करना होगा कि वो दोषी नहीं है।

संशोधित एस सी/ एस टी एक्‍ट के मुताबिक, कोर्ट यह मानकर चलेगा कि आरोपी अगर पीड़‍ित या उसके घरवालों का परिचि‍त है तो उसे पीड़‍ित की जाति के बारे में जानकारी थी, जब तक कि इसका उलट साबित न हो जाए। इससे पहले तक शिकायतकर्ता पर ही सबूत देने की जिम्‍मेदारी थी।

पिछले शीतकालीन सत्र में संसद ने नया कानून पास किया था, जो मंगलवार से प्रभाव में आ गया। ये कानून ऐसे वक्‍त में प्रभावी होने वाला है, जब हैदराबाद यूनिवर्सिटी के स्‍टूडेंट रोहित वेमुला की आत्‍महत्‍या का मामला पूरे भारत में छाया हुआ है।

कानून में क्‍या है:
संशोधित एक्‍ट में 17 नए अपराधों को शामिल किया गया है, जिसके आधार पर छह महीने से लेकर पांच साल तक की कैद हो सकती है। इनमें 'अनुसूच‍ित जाति के लोगों या आदिवासियों के बीच ऊंचा आदर हासिल करने वाले' किसी मृत शख्‍स का अनादर भी शामिल है। हालांकि, एक्‍ट में उन मृत आदरप्राप्‍त लोगों के नाम साफ नहीं किए गए हैं, जिनका 'लिख‍ित या मौख‍िक शब्‍दों से अनादर' नहीं किया जा सकता।

संशोधित एक्‍ट में जिन अपराधों को शामिल किया गया है, उनमें सिर के बाल छीलना या मूंछ काटना, चप्‍पलों की हार पहनाना, सिंचाई की सुविधा देने से इनकार करना, किसी दलित या आदिवासी को मानव या जानवर का शव ठिकाने लगाने के लिए बाध्‍य करना, जातिगत नामों से गालियां देना, मल ढुलवाना या इसके लिए बाध्‍य करना, सामाजिक या आर्थिक बह‍िष्‍कार, चुनाव लड़ने से एस सी या एस टी कैंडिडेट को रोकना, घर या गांव छोडने के लिए बाध्‍य करना, एस सी या एस टी महिला के कपड़े उतरवाकर उसके सम्‍मान को ठेस पहुंचाना, महिला को छूना या उसके खिलाफ अपशब्‍दों का इस्‍तेमाल करना आदि प्रमुख हैं।

अफसरों पर भी कार्रवाई होगी:
इस एक्‍ट में यह भी कहा गया है कि अगर कोई गैर दल‍ित या गैर आदिवासी पब्‍ल‍िक सर्वेंट दलितों के खिलाफ होने वाले अपराधों को लेकर अपनी जिम्‍मेदारियों का ठीक ढंग से पालन नहीं करता तो उसे छह महीने से लेकर एक साल तक की जेल हो सकती है। नए कानून के तहत एस सी और एस टी के खिलाफ मामलों के लिए अलग से कोर्ट बनाने का भी प्रावधान है। इन अदालतों को मामले पर खुद से संज्ञान लेने की आजादी होगी। चार्जशीट दाखिल करने के दो महीने के अंदर ये कोर्ट सुनवाई पूरी कर लेंगे।

सीबीएसई के बाद अब मध्य प्रदेश में लीक हुआ एफसीआई का पेपर, 50 गिरफ्तार

अभी सी बी एस ई पेपर लीक मामला ठंडा नहीं पड़ा था कि मध्य प्रदेश से फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफ सी आई) के पेपर लीक का मामला सामने आ गया। इस मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (एस टी एफ) ने रविवार को 48 अभ्यर्थियों समेत 50 लोगों को हिरासत में लिया है।

बता दें कि मध्य प्रदेश में एफ सी आई में 217 पदों के लिए रविवार को 132 केंद्रों पर परीक्षा होनी थी। लगभग 1 लाख परीक्षार्थियों ने आवेदन दिए थे। बताया जा रहा है कि परीक्षा से एक दिन पहले ही पेपर लीक हो गया।

इंटेलिजेंस इनपुट पर ग्वालियर से सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से दो की पहचान आशुतोष कुमार और हरीश कुमार के रूप में हुई है। एस टी एफ चीफ सुनील शिवहरे ने बताया कि सभी परीक्षार्थियों को एक होटल में ठहराया गया था। उन्होंने बताया कि लीक हुए पेपर्स की प्रतियां बरामद कर ली गई हैं। उन्हें कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में आरोपियों ने हर परीक्षार्थी से 5 लाख रुपये लिए थे। आरोपी अभ्यर्थियों से होटल पर मिले और उन्हें प्रश्नपत्र दिए। बाद में इन प्रश्नपत्र में आग लगा दी गई। उधर, एस टी एफ पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

पेट्रोल-डीजल के कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि

भारत में पेट्रोल-डीजल के दामों में रिकॉर्ड वृद्धि ने आम आदमी पर महंगाई की दोहरी मार डाल दी। पेट्रोल की कीमतें चार साल में अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई, जबकि डीजल ने जेब पर अब तक का सबसे बड़ा डाका डाल दिया।

पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में 18 पैसे प्रति लीटर का इजाफा हो गया। दिल्ली में अब एक लीटर पेट्रोल की कीमत 73 रुपए 73 पैसे है, जबकि एक लीटर डीजल 64 रुपए 58 पैसे प्रति लीटर।

नोएडा में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 75 रुपए 16 पैसे, जबकि डीजल की कीमत 64 रुपए 83 पैसे हो गई है। गाजियाबाद में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 75 रुपए 5 पैसे, जबकि एक लीटर डीजल अब 64 रुपए 72 पैसे में मिलेगा।

मुंबई में एक लीटर पेट्रोल के नए दाम 81 रुपए 59 पैसे होंगे, जबकि डीजल 68 रुपए 77 पैसे प्रति लीटर होगा। कोलकाता में एक लीटर पेट्रोल 76 रुपए 44 पैसे प्रति लीटर हो गया, जबकि डीजल के दाम 67 रुपए 27 पैसे प्रति लीटर तक जा पहुंचे।

इसके साथ ही चेन्नई में 76 रुपए 48 पैसे एक लीटर पेट्रोल की कीमत हुई, जबकि डीजल 68 रुपए 12 पैसे प्रति लीटर हो गया।

बता दें कि इस साल की शुरुआत में ही पेट्रोलियम मंत्रालय ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती की मांग की थी ताकि इंटरनेशनल मार्केट में तेल की बढ़ती कीमतों के असर से लोगों को राहत दी जा सके, लेकिन भारत के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 1 फरवरी को अपने बजट में इस डिमांड पर कोई ध्यान नहीं दिया, नतीजा ये हुआ कि दक्षिण एशियाई देशों में भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए।

जानकारों के मुताबिक, जून 2017 के बाद से कच्चे तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में 50 फीसदी से ज्यादा बढ़ चुकी हैं। इंडियन बास्केट में कच्चा तेल 10 महीनों के भीतर 58 फीसदी महंगा हो चुका है। महंगे कच्चे तेल का असर पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी दिख रहा है और पेट्रोल-डीजल बढ़ोत्तरी का रिकॉर्ड बना रहे हैं।

स्पाइसजेट एयर होस्टेसों का आरोप - कपड़े उतारकर तलाशी ली गई

स्‍पाइसजेट एयरलाइंस की एयरहोस्‍टेस ने शनिवार (31 मार्च) सुबह चेन्‍नई में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन एयरलाइन के ही सुरक्षाकर्मियों द्वारा कथित तौर पर उनके कपड़े उतरवा कर तलाशी लिए जाने के विरोध में था। महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों से फ्लाइट से डि-बोर्ड करने के बाद कपड़े उतरवा कर उनकी तलाशी ली जा रही है। सुरक्षा कर्मचारियों ने कथित तौर पर एयर होस्‍टेस के हैंडबैग्‍स से सैनिटरी पैड्स तक निकालने को कहा।

केबिन क्रू तब काम पर वापस लौटा, जब स्‍पाइसजेट मैनेजमेंट ने सोमवार को गुड़गांव ऑफ‍िस में उच्‍चस्‍तरीय बैठक कराने का आश्‍वासन दिया। एन डी टी वी की रिपोर्ट के अनुसार, केबिन क्रू के विरोध के चलते चेन्‍नई एयरपोर्ट की दो फ्लाइट्स में करीब एक घंटे की देरी हुई। कथित रूप से चेन्‍नई एयरपोर्ट पर लिया गया एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें यूनिफॉर्म पहने कुछ एयरहोस्‍टेस व सादी ड्रेस में कुछ महिलाएं कपड़े उतारकर तलाशी लिए जाने की शिकायत कर रही हैं।

वीडियो में एक महिला कहती सुनाई देती है, ''किसी ने मुझे गलत तरीके से छुआ, मैं बहुत असहज हो गई। मैं नग्‍न थी।'' विरोध कर रहे केबिन क्रू का आरोप था कि एयलाइंस को शक है कि वह खाने और अन्‍य सामानों की बिक्री से मिले कैश में हेरफेर करती हैं। उन्‍होंने आरोप लगाया कि फ्लाइट्स से डि-बोर्ड करने के बाद उन्‍हें वॉशरूम जाने की इजाजत नहीं दी जाती।

एन डी टी वी से बातचीत में एक अनुभवी एयर होस्‍टेस ने कहा, ''हम एयर होस्‍टेसेस की पिछले तीन दिनों से कपड़े उतरवा कर तलाशी ली जा रही है और महिला कर्मचारी हमें गलत ढंग से छूती हैं। माहवारी के दौरान एक साथी को उसकी सैनिटरी नैपकिन हटाने को कहा गया।''

इन-फ्लाइट सर्विसेज का कामकाज देखने वाले स्‍पाइसजेट के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट कमल हींगोरानी ने एक ईमेल में ऐसी तलाशी के लिए दर्जनों केबिन क्रू पर कैश ले जाने के शक को वजह बताया। कर्मचारियों को एक ईमेल में उन्‍होंने कहा, ''हम स्‍पॉट चेक्‍स के लिए मजबूर हुए हैं, जो कि कंपनी की एक नीति है। यह हम सबके हित में है कि हम में से बेईमानों को पहचाना जाए ताकि ईमानदारों पर आरोप न लगें।''

गुजरात में घुड़सवारी करने पर दलित की हत्या

गुजरात के भावनगर जिले में कुछ ऊंची जाति के लोगों ने घोड़ा रखने और घुड़सवारी करने पर एक दलित की हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। क्षेत्र के निवासियों ने दावा किया कि उमराला तहसील के टिंबी गांव में इस घटना के बाद तनाव व्याप्त है।

पुलिस ने कहा कि पास के गांव से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है और आगे की जांच के लिए भावनगर अपराध शाखा से मदद मांगी गई है। प्रदीप राठौर (21) ने दो माह पहले एक घोड़ा खरीदा था और तब से उसके गांववाले उसे धमका रहे थे। उसकी गुरुवार देर रात हत्या कर दी गई।

प्रदीप के पिता कालुभाई राठौर ने कहा कि प्रदीप धमकी मिलने के बाद घोड़े को बेचना चाहता था, लेकिन उन्होंने उसे ऐसा नहीं करने के लिए समझाया।

कालुभाई ने पुलिस को बताया, ''प्रदीप गुरुवार को खेत यह कहकर गया था कि वह वापस आकर साथ में खाना खाएगा। जब वह देर तक नहीं आया, हमें चिंता हुई और उसे खोजने लगे। हमने उसे खेत की ओर जाने वाली सड़क के पास मृत पाया। कुछ ही दूरी पर घोड़ा भी मरा हुआ पाया गया।''

प्रदीप 10वीं की परीक्षा पास करने के बाद खेती में अपने पिता की मदद करता था।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार ने स्थिति के संबंध में एफ आई आर दर्ज़ होने के बाद यहां वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को तैनात किया है। गांव की आबादी लगभग 3000 है और इसमें से दलितों की आबादी लगभग 10 प्रतिशत है। प्रदीप के शव को पोस्टमार्टम के लिए भावनगर सिविल अस्पताल ले जाया गया है, लेकिन उसके परिजनों ने कहा है कि वे लोग वास्तविक दोषियों की गिरफ्तारी तक शव स्वीकार नहीं करेंगे।

सीबीएसई पेपर लीक पर कमल नाथ का मोदी सरकार पर तंज, ना पढ़ा हूँ - ना पढ़ने दूंगा

भारत में सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सी बी एस ई) पेपर लीक मामले में केंद्र की बीजेपी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है। राजनीतिक दल और छात्रों के अभिभावक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की कड़ी आलोचना कर रहे हैं। मोदी सरकार पर ताजा निशाना कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमल नाथ ने साधा है। कमल नाथ ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि न पढ़ा हूँ और न पढ़ने दूंगा।

कमल नाथ ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, ''एस एस सी पेपर लीक, सी बी एस ई पेपर लीक। 'ना खाऊंगा - ना खाने दूंगा' की सफलता के बाद अब नया नारा, 'ना पढ़ा हूँ - ना पढ़ने दूंगा'।''

वहीं, कमल नाथ से पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर इस मामले को लेकर हमला बोल चुके हैं। राहुल गांधी ने पीएम पर निशाना साधते हुए उन्हें वीक चौकीदार कह डाला था।

राहुल ने पीएम के लिए चौकीदार शब्द का इस्तेमाल इसलिए किया, क्योंकि पीएम चुनाव प्रचारों के दौरान कई बार खुद को देश का चौकीदार बता चुके हैं। राहुल ने पीएम के इस शब्द को पकड़ते हुए अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा था, ''कितने लीक? डाटा लीक ! आधार लीक ! एस एस सी एग्जाम लीक ! चुनाव तारीख लीक ! सीबीएसई पेपर्स लीक! हर चीज में लीक है! चौकीदार वीक है।

फिलहाल, इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बच्चों के भविष्य के साथ छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। आपको बता दें कि 26 मार्च को 12वीं की इकोनॉमिक्स की परीक्षा हुई थी और 28 मार्च को 10वीं की गणित की परीक्षा हुई थी। वहीं, यह बात सामने आई है कि इकोनॉमिक्स की परीक्षा से एक दिन पहले प्रश्नपत्र वॉट्सऐप पर लीक हो गए थे और दसवीं की परीक्षा का प्रश्नपत्र भी इसी तरह से लीक किया गया था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों विषयों की दोबारा परीक्षा होने की बात कही गई है।

सीबीएसई पेपर लीक पर राहुल का मोदी पर तंज - अब उन्हें एग्जाम वॉरियर्स 2 लिखनी चाहिए

सी बी एस ई पेपर लीक मामले में कांग्रेस ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर हमला तेज कर दिया है। शुक्रवार को राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी पर ट्वीट के जरिए निशाना साधा।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए लिखा, ''पीएम ने एग्जाम वॉरियर्स किताब लिखी, जो परीक्षा के दौरान छात्रों को तनाव दूर करना सिखाती है। अब उन्हें एग्जाम वॉरियर्स 2 लिखनी चाहिए, जिसे पेपर्स लीक होने के कारण तबाह हुई स्टूडेंट्स और पैरंट्स की जिंदगियों के बाद उनके तनाव को दूर करने के लिए पढ़ाया जाए।''

गौरतलब है कि सी बी एस ई के 10वीं की गणित और 12वीं की अर्थशास्त्र की बोर्ड परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक हो गए थे। इस मामले में पुलिस की जांच जारी है।

कांग्रेस ने नरेंद्र मोदी सरकार पर इस मुद्दे को लेकर लगातार हमला जारी रखा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे शिक्षा मंत्रालय की नाकामी बताया है। उन्होंने कहा, ''यह मंत्रालय की नाकामी को दिखाता है। 28 लाख स्टूडेंट्स का भविष्य दांव पर है। हम इस मामले को संसद में उठाएंगे।'' वहीं, कपिल सिब्बल ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि सी बी एस ई पेपर लीक केवल पेपर लीक नहीं है। एस एस सी स्कैम एक और बड़ा मुद्दा है। अगर सरकार इसकी जिम्मेदारी नहीं लेगी तो आखिर कौन लेगा?''

वहीं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। राज ठाकरे ने कहा, ''यह सरकार की नाकामी है और इस बात को कुबूल किए बिना वह स्टूडेंट्स को दोबारा एग्जाम में क्यों बिठाना चाहते हैं? मैं देशभर के पैरंट्स से अनुरोध करता हूं कि किसी भी हाल में अपने बच्चों को दोबारा परीक्षा में न बैठने दें।''

ताजा जानकारी के मुताबिक, पुलिस इस मामले में अब तक 30 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी है। गुरुवार को पुलिस ने इस मामले में एक शख्स को भी हिरासत में लिया था। शख्स का नाम विक्की है और वह दिल्ली के राजिंदर नगर, सेक्टर 8 में एक कोचिंग इंस्टिट्यूट चलाता है। वहीं गुरुवार को झारखंड में भी 6 छात्रों से पूछताछ की गई। गणित और इकनॉमिक की परीक्षा क्रमश: 28 मार्च और 26 मार्च को हुई थी।

लालू यादव के खराब तबीयत को देखते हुए विमान से भेजना चाहिए था : बीजेपी मंत्री

झारखंड की बीजेपी सरकार में मंत्री सरयू राय ने अपनी ही सरकार पर निशाना साधा है और बीमार राजद अध्यक्ष व बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को फ्लाइट से न भेजकर ट्रेन से नई दिल्ली भेजने के फैसले की निंदा की है।

सरयू राय चारा घोटाले में याचिकाकर्ता रहे हैं और लालू यादव के धुर विरोधी माने जाते हैं। इसके बावजूद उन्होंने इस मसले पर लालू यादव के प्रति संवेदना दिखाई है और अपनी सरकार के फैसले को अपरिपक्क करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक शिष्टाचार के खिलाफ है। लालू यादव को गुरुवार को एम्स में भर्ती कराया गया। उन्हें रिम्स के डॉक्टरों ने रेफर किया है।

खबर है कि झारखंड सरकार ने बीमार लालू यादव को विमान से दिल्ली भेजने का खर्च देने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्हें रांची-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस से भेजा गया था। उन्हें रांची से दिल्ली पहुंचने में 16 घंटे लग गए।

एन डी टी वी से सरयू राय ने कहा कि उन्हें यह बाद में पता चला कि सरकार की तरफ से लालू यादव के विमान का किराया देने से इनकार कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि लालू यादव के खराब तबीयत को देखते हुए राज्य सरकार को उन्हें विमान से भेजना चाहिए था।

राजद नेताओं ने भाजपा सरकार की इस हरकत को सत्ता का अंहकार कहा है। राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने भी कहा कि उन्हें समझ में नहीं आता कि आज की बीजेपी को क्या हो गया है? बतौर तिवारी ये लोग सत्ता के अहंकार में चूर हैं।

शिवानंद ने राजनीतिक विरोधी रहे भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी के साथ लालू यादव द्वारा किए गए राजनीतिक शिष्टाचार की याद दिलाते हुए कहा कि जब आडवाणी को 1990 में समस्तीपुर में गिरफ्तार किया गया था, तब लालू यादव ने उन्हें हेलीकॉप्टर से दुमका भेजवाया था। यहां तक कि जब आडवाणी के परिवार के लोग उनसे मिलने पहुंचे थे, तब भी लालू यादव ने नियमों से आगे जाकर उन्हें हेलीकॉप्टर से दुमका भिजवाया था।

रिम्स के डॉक्टरों की टीम की सिफारिश पर लालू यादव को एम्स में भर्ती कराया गया है। इससे पहले मंगलवार को रांची की सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने लालू यादव को एम्स में इलाज के लिए भेजने की अनुमति दे दी थी। लालू चारा घोटाले से जुड़े तीन मामलों में रांची की जेल में सजा काट रहे हैं। वो पिछले साल 23 दिसंबर से जेल में बंद हैं। पिछले कुछ दिनों से वो रिम्स में भर्ती थे। लालू यादव को ट्रेन से आने की खबर सुनकर रांची से लेकर दिल्ली तक उनके समर्थकों, प्रशंसकों ने उनके समर्थन में नारेबाजी की। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भी कूलियों ने लालू यादव के समर्थन में नारेबाजी की।

बिहार, बंगाल, गुजरात के बाद राजस्थान में भी सांप्रदायिक तनाव, बूंदी में इंटरनेट बंद

रामनवमी के दिन (25 मार्च, 2018) बिहार, पश्चिम बंगाल और गुजरात में घटी सांप्रदायिक घटनाओं के बाद अब राजस्थान में तनाव का माहौल बना हुआ है। सरकार ने हनुमान जयंती से पहले तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए राज्य के बूंदी में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। एस एम एस, व्हाट्सएप के साथ सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफॉर्म पर भी रोक लगा दी गई है। हालांकि ब्रॉडबैंड और लीज लाइन पर नेट चालू रहने की बात कही गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार (29 मार्च, 2018) रात आठ बजे से अगले आदेश तक सभी सेवाओं बंद कर दी गई हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि 31 मार्च को हनुमान जयंती पर आपसी सद्‌भाव और कानून व्यवस्था बनी रहे।

शनिवार को शहर में शोभायात्रा और अखाड़े निकलेंगे। इस पर सरकार ने किसी भी अप्रिय स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया है। इससे पहले रामनवमी के दिन शोभायात्रा पर हुए पथराव के बाद शहर तीन दिन तक बंद रहा। आरोपियों की गिरफ्तार की मांग के चलते बीते सोमवार, मंगलवाल और बुधवार को बाजार बंद रहे। गुरुवार को बाजारों की कुछ दुकानें तो खुली, लेकिन हनुमान जयंती को देखते हुए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं।

रामनवमी के दिन भड़के दंगों की वजह से पश्चिम बंगाल में चार लोगों की मौत हो चुकी है। चौथे शख्स की मौत बुधवार को हुई, जिसकी पहचान गुरुवार सुबह की गई। बिहार में भी कई जिलों में भड़की हिंसा के बाद अब नया मामला नवादा में सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, यहां एक धार्मिक स्थल पर तोड़-फोड़ की गई है। इस दौरान कई दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया है, जबकि कई वाहनों को आग लगा दी गई। उधर गुजरात के सूरत में दो समुदाय के बीच हुई झड़प में छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस मामले में पुलिस ने 40 लोगों को हिरासत में लिया है।