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केरल लव जिहाद: सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाईकोर्ट का फैसला रद्द किया, हादिया की शादी को वैध बताया

भारत में केरल के बहुचर्चित कथित लव जिहाद केस में सुप्रीम कोर्ट ने हादिया के प्रेम विवाह पर मुहर लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हादिया को अपनी पसंद से जीवन जीने की आजादी है। वह जिंदगी से जुड़े कानून सम्मत फैसले ले सकती है।

इससे पहले केरल हाईकोर्ट ने हादिया और शफीन की शादी को रद्द कर दिया था। इस प्रकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दोनों पति-पत्नी की तरह रह सकेंगे। मई 2017 में केरल हाईकोर्ट ने हादिया की शफीन जहां के साथ शादी को रद्द करते हुए हादिया को मां-बाप के सुपुर्द कर दिया था। इस पर शफीन जहां ने हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

खास बात है कि केरल में बढ़ते लव जिहाद की शिकायतों पर इस केस की जांच एन आई ए भी कर रही थी। गुरुवार ( आठ मार्च) को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि केरल हाईकोर्ट को शादी को रद्द नहीं करना चाहिए। हादिया को अपने ढंग से जीवन जीने और सपने पूरे करने की आजादी है।

एन आई ए की जांच पर टिप्पणी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब दो वयस्क अपनी इच्छा से शादी करते हैं तो उसकी जांच कैसे हो सकती है? हां, अगर सरकार को लगता है कि शादी के बाद दंपती में से कोई गलत इरादे से विदेश भागने की कोशिश कर रहा है तो सरकार उसके खिलाफ एक्शन ले सकती है।

हादिया के पति शफीन की तरफ से कांग्रेस नेता और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने बहस की। सिब्बल ने कहा कि अपनी पसंद का जीवनसाथी चुनना हर किसी का मौलिक अधिकार है। हाईकोर्ट के पास यह अधिकार नहीं है कि वह किसी की याचिका पर ही किसी की शादी को रद्द कर दे। हर किसी को सम्मान और स्वतंत्रता के साथ जीने का भारतीय संविधान हक देता है। सिब्बल ने दलील दी कि जब तक दंपती में कोई किसी के खिलाफ शिकायत न दर्ज कराए, तब तक तीसरे को उनकी शादी पर सवाल उठाने का हक नही है।

तमिलनाडु में पेरियार की मूर्ति तोड़ने के बाद लोगों ने आठ ब्राह्मणों का जबरदस्ती जनेऊ काट दिया

त्रिपुरा में व्लादिमीर लेनिन की प्रतिमा गिराए जाने के बाद तमिलनाडु के वेल्लोर में समाज सुधारक ई वी आर रामास्वामी पेरियार की मूर्ति को भी क्षति पहुंचाई गई। इसके बाद से ही तमिलनाडु में तनाव का माहौल है। ताजा खबर यह आ रही है कि यहां कुछ लोगों ने आठ ब्राह्मणों का जबरदस्ती जनेऊ काट दिया।

एन बी टी के मुताबिक, चेन्नई के ट्रिप्लिकेन में कुछ आठ-दस बाइक सवारों ने मंगलवार को आठ ब्राह्मणों का जनेऊ काट दिया और वहां से फरार हो गए। वहीं कोयंबटूर से बीजेपी कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंकने की खबर सामने आई है। फिलहाल दोनों ही मामलों में हमलावरों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस इन सी सी टी वी फुटेज के आधार पर इन मामलों की जांच कर रही है।

आपको बता दें कि पेरियार ने नास्तिकता के प्रसार के लिए आंदोलन किया था। उन्होंने द्रविड़ कड़गम नाम से पार्टी भी बनाई थी। इस पार्टी की डी एम के जैसी शाखाओं ने नस्तिकता का खुलकर प्रसार किया था।

दरअसल, राज्य में बीजेपी नेता एच राजा के फेसबुक पोस्ट के बाद पेरियार की मूर्ति को क्षति पहुंचाई गई थी और उसके बाद से ही तमिलनाडु में हंगामे और तनाव की स्थिति बनी हुई है।

आपको बता दें कि लेनिन की मूर्ति ढहाए जाने की घटना सामने आने के बाद एच राजा ने इसका समर्थन करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। उन्होंने कहा था, ''लेनिन कौन है ? इसका भारत से क्या संबंध है ? कम्युनिस्टों और भारत का क्या संबंध है? त्रिपुरा में कल लेनिन की मूर्ति ढहाई गई और कल यहां ई वी रामासामी की मूर्ति हटाई जाएगी।'' एच राजा के इसी पोस्ट के कुछ समय बाद वेल्लोर में पेरियार की मूर्ति को क्षति पहुंचाई गई। हालांकि बीजेपी ने एच राजा के पोस्ट को उनका निजी विचार बताते हुए इससे किनारा कर लिया है। वहीं एच राजा ने भी कुछ समय बाद अपना पोस्ट डिलीट कर दिया था।

वहीं अब भारत के केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी मूर्ति ढहाए जाने की घटनाओं को संज्ञान में लेते हुए कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से ट्वीट कर जानकारी दी गई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन घटनाओं से नाखुश हैं। साथ ही, यह भी कहा गया है कि इन घटनाओं में जो भी लोग शामिल हैं, उनके खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे। वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी इन घटनाओं की निंदा की है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं में अगर बीजेपी का कोई व्यक्ति शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा।

उत्तर प्रदेश में असामाजिक तत्वों ने डॉ भीमराव अंबेडकर की मूर्ति तोड़ दी

त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति तोड़ी गई, फिर तमिलनाडु में पेरियार की मूर्ति तोड़ी गई और अब उत्तर प्रदेश में भीम राव आंबेडकर की मूर्ति तोड़ दी गई है। लेनिन की मूर्ति बीजेपी समर्थकों ने तोड़ी तो पेरियार की मूर्ति जिन लोगों ने तोड़ी, उनके सम्बन्ध बीजेपी से बताये जा रहे हैं।

भारत में महानायकों की मूर्तियां तोड़े जाने का सिलसिला रूक नहीं रहा है। मंगलवार देर रात उत्तर प्रदेश के मेरठ में असामाजिक तत्वों ने डॉ भीमराव अंबेडकर की मूर्ति तोड़ दी। इस मामले की जानकारी होने पर स्थानीय लोगों ने हंगामा किया। मवाना इलाके के लोगों ने इस बाबत मूर्ति को बदलने की मांग की। सूचना मिलने पर सी ओ मवाना भी घटनास्थल पहुंचे। पुलिस ने अंबेडकर की मूर्ति बदलने का आश्वासन देने के साथ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

वहीं, भारत के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने इस प्रकार से मूर्ति तोड़े जाने पर नाराजगी प्रकट की है। उन्होंने कहा है कि ऐसे लोग पागल और बेशर्म होते हैं।

आपको बता दें कि बीजेपी की त्रिपुरा में जीत के बाद भारत के कई हिस्सों में हिंसा, मारपीट, आगजनी और तोड़-फोड़ शुरू हो गई थी। माकपा इस हिंसा के पीछे बीजेपी का हाथ मान रही है, जबकि बीजेपी का कहना है कि उसकी परंपरा में हिंसा का सहारा नहीं लिया जाता। मूर्ति विध्वंस विवाद की शुरुआत दक्षिण त्रिपुरा जिले के बेलोनिया में लेनिन की प्रतिमा बुलडोज़र से ढहाए जाने के साथ शुरू हुई थी।

तमिलनाडु में इससे पहले समाज सुधारक पेरियार की मूर्ति गिराए जाने के बाद राजनीति शुरू हो गई है। ताज़ा  घटना कोयंबटूर से आ रही है। यहां बीजेपी कार्यालय पर पेट्रोल बम फेंका गया। हमलावरों की फिलहाल पहचान नहीं हो पाई है। पेट्रोम बम फेंकने की यह घटना चिथापुडुर में सुबह चार बजे की बताई जा रही है। पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच-पड़ताल कर रही है। जब अज्ञात हमलावरों ने पेट्रोल बम फेंका था, तब कार्यालय बंद था। बीजेपी कार्यालय पर इस हमले से पहले तमिलनाडु में पेरियार की प्रतिमा को हथौड़े से तोड़ दिया गया था। बीजेपी नेता एच.राजा के एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद पेरियार की मूर्ति तोड़ी गई थी। समाज सुधारक की मूर्ति गिराने के आरोप में मुथुकुमारन और फ्रांसिस को गिरफ्तार किया गया। सूत्रों की मानें तो मुथुकुमारन बीजेपी से जुड़े बताए जा रहे हैं।

बीजेपी नेताओं ने पेरियार की मूर्ति गिराने की धमकी दी, कांग्रेस प्रवक्ता ने बीजेपी नेताओं को ललकारा

त्रिपुरा में सोमवार की शाम रुसी क्रांति के नायक लेनिन की मूर्ति गिराने के बाद अब बीजेपी नेताओं ने पेरियार की मूर्ति गिराने की धमकी दी है। यह धमकी तमिलनाडु के भाजपा नेताओं की ओर से जारी हुई है। जिसके बाद सियासी गलियारे में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। बीजेपी नेताओं की धमकी पर तमिलनाडु की दूसरी पार्टियों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए हिंसा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है।

फिल्मों से राजनीति में आई कांग्रेस की महिला प्रवक्ता खुशबू सुंदर ने पेरियार की मूर्ति तोड़ने की धमकी देने वाले बीजेपी नेताओं को आड़े हाथों लिया है। खुशबू ने कहा है कि अगर उनमें हिम्मत है तो मूर्ति तोड़ने की तारीख का ऐलान करें, मैं वहां मौजूद रहूंगी और देखती हूं कोई स्टेच्यू को हाथ भी कैसे लगाता है?

दरअसल त्रिपुरा के बेलोनिया शहर के सेंटर ऑफ कॉलेज स्कॉयर में खड़ी लेनिन की प्रतिमा को जेसीबी मशीन से गिरा दिया गया।

इस घटना के बाद भारतीय जनता युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष एस जी सूर्याह ने भी धमकी देते हुए एक विवादित ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, सफलतापूर्वक लेनिन की मूर्ति गिराने के बाद हम पेरियार की मूर्ति गिराने का और अधिक इंतजार नहीं कर सकते।

उसके पहले बीजेपी के नेशनल सेक्रेटरी एच राजा ने अपने वेरीफाइड फेसबुक अकाउंट पर लिखा, कौन है लेनिन? उनका भारत से क्या कनेक्शन है? त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति गिराई गई, आगे चलकर तमिलनाडु में ई वी आर रामास्वामी की मूर्ति गिरेगी।

इस तरह के बयानों के बाद कांग्रेस प्रवक्ता खुशबू ने भी ट्विटर के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी। खुशबू सुंदर ने लिखा, देखते हैं बीजेपी में एच राजा को बर्खास्त करने की हिम्मत है या नहीं। मैं इस बात पर चुनौती देती हूं कि ये लोग पेरियार की मूर्ति तोड़ने की एक तारीख बताएं। मैं वहां रहूंगी। मैं देखती हूं कि उनमें कितनी हिम्मत है कि मुझसे निपट सके। तुम लोगों की परछांई भी पेरियार की मूर्ति को नहीं छू पाएगी।

त्रिपुरा के कई इलाकों में तोड़फोड़ और हिंसा, लेनिन की एक और मूर्ति को तोड़ा

त्रिपुरा के बेलोनिया शहर में बुलडोजर की मदद से रूसी क्रांति के नायक व्लादिमिर लेनिन की मूर्ति को गिरा दिया गया। मूर्ति गिराने के दौरान बीजेपी समर्थक भारत माता की जय के नारे भी लगा रहे थे। त्रिपुरा के एसपी कमल चक्रवर्ती के मुताबिक, सोमवार को दोपहर 3.30 बजे के करीब बीजेपी समर्थकों ने व्लादिमिर लेनिन की मूर्ति को गिरा दिया। वहीं त्रिपुरा में बीजेपी की जीत के बाद से राज्य के कई इलाकों से तोड़फोड़ और हिंसा की खबरें भी आ रही हैं। अब बेलोनिया में लेनिन की विशाल मूर्ति पर बुलडोजर चलाने के बाद ऐसी ही एक और घटना सामने आई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार को दक्षिण त्रिपुरा के सबरूम मोटर स्टैंड इलाके में लेनिन की एक और मूर्ति तोड़े जाने की घटना सामने आई है। हालांकि, ये किसने किया, अभी इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन शनिवार को राज्य में बीजेपी की सरकार आने के बाद से ही वामपंथी नेताओं और उनके प्रतीकों पर हमले किए जा रहे हैं।

बता दें कि लेनिन की मूर्ति तोड़े जाने को लेकर मंगलवार को मीडिया से लेकर सोशल मीडिया में भी दिन भर हंगामा हुआ। जहां राजनीतिक दलों ने एक-दूसरे के ऊपर आरोप-प्रत्यारोप लगाए, वहीं सोशल मीडिया में भी इस मामले में लोगों की तमाम तरह की प्रतिक्रियाएं आईं।

त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति तोड़ने के बाद बीजेपी के कुछ नेताओं ने कहा कि अब लेनिन के बाद तमिलनाडु में पेरियार की मूर्तियां तोड़ी जाएंगी। बीजेपी नेताओं के इस बयान पर भी जमकर हंगामा हुआ। वहीं बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि लेनिन एक आतंकी था, उस विदेशी शख्स की मूर्ति भारत में क्यों लगेगी?

सोनिया गांधी के घर एनडीए नेता सहित दर्जनभर दिग्गज जुटेंगे, मोदी को हराने का प्लान बनाएंगे

भारत में पूर्वोत्तर के तीन राज्यों खासकर त्रिपुरा के चुनावी नतीजों ने सभी विपक्षी दलों को बेचैन कर दिया है। लिहाजा, तमाम विपक्षी पार्टियां नए सिरे से सियासी समीक्षाओं में जुट गई हैं। इस बीच, यू पी ए की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मिशन 2019 के तहत महागठबंधन की संभावनाओं पर चर्चा के लिए विरोधी दलों के नेताओं को रात्रि भोज पर आमंत्रित किया है। हालिया उप चुनावों के नतीजों के बाद यानी 13 मार्च को सोनिया गांधी की तरफ से रात्रि भोज पर ये नेता भविष्य की रणनीति और गठबंधन की संभावनाओं पर चर्चा कर सकते हैं। सबसे बड़ी बात यह कि एन डी ए में शामिल तेलगु देशम पार्टी (टी डी पी) के नेता भी इस भोज में शामिल हो सकते हैं।

सूत्रों ने बताया कि संसद में सरकार पर हमला बोलने के लिए विपक्षी दलों द्वारा हाथ मिलाये जाने की पृष्ठभूमि में यह पहल विपक्ष को मजबूत करने तथा 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए संयुक्त मोर्चे की नींव रखने की दिशा में एक कदम है। सोनिया गांधी ने यह पहल ऐसे समय में की है, जब गैर भाजपा, गैर कांग्रेस मोर्चा की संभावनाओं को लेकर चर्चा हो रही है। इससे पहले टी आर एस प्रमुख एवं तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चन्द्रशेखर राव ने इस मामले में राष्ट्रीय स्तर पर विचार विमर्श करने का प्रस्ताव दिया था।

कांग्रेस के नजदीकी सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि सोनिया गांधी का रात्रि भोज उन सभी विपक्षी दलों के साथ आने को रेखांकित करेगा जो संसद के भीतर और बाहर भाजपा का मुकाबला करेंगे। उन्होंने कहा, ''यह महज रात्रि भोज नहीं होगा बल्कि यह विपक्षी दलों का शक्ति प्रदर्शन भी होगा जो भाजपा के कुशासन के खिलाफ एकजुट होकर एक मोर्चा गठित करना पसंद कर सकते हैं।''

कांग्रेस के जानकार सूत्रों ने अधिक ब्यौरा देने से इंकार करते हुए कहा कि कई नेताओं ने इसमें शिरकत करने की पुष्टि की है। माना जा रहा है कि इस भोज में टी आर एस, टी डी पी के अलावा समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, लेफ्ट पार्टियां, डी एम के, राष्ट्रीय जनता दल समेत अन्य दल के नेता भी शामिल होंगे।

हालांकि, उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी इस बात को लेकर इच्छुक हैं कि सभी शीर्ष विपक्षी नेता इसमें आयें जिसमें तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी भी शामिल हों। ममता ने अभी इस बारे में पुष्टि नहीं की है कि वे इसमें शामिल होंगी अथवा नहीं। ममता ने चंद्रशेखर राव और द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष एम के स्टालिन से संसद के भीतर और बाहर तालमेल के लिए बातचीत की थी।

विपक्ष के एक बड़े नेता ने अपनी पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि एन डी ए का घटक दल टी डी पी भी कांग्रेस नेता के रात्रिभोज में शामिल हो सकता है।

बता दें कि टी डी पी एनडीए का सहयोगी दल है, लेकिन तीन तलाक के मामले में उसने केन्द्र के रूख के खिलाफ संसद में विपक्षी दलों के साथ विरोध जताया था। टी डी पी ने आंध्र प्रदेश को विशेष पैकेज देने के मुद्दे पर भी मोदी सरकार से असहमति जतायी है। इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि कांग्रेस की अगर केंद्र में सरकार बनती है तो आंध्र प्रदेश को विशेष पैकेज दिया जाएगा।

राम मंदिर नहीं बना तो भारत में सीरिया जैसी स्थिति पैदा हो जाएगी : रविशंकर

अयोध्या मामले पर रविशंकर द्वारा दिए गए बयान पर अब शिया सेन्ट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन सैयद वसीम रिजवी ने जवाब दिया है। उनका कहना है कि भारत में सीरिया जैसी स्थिति पैदा नहीं हो सकती, क्योंकि यहां के हिंदू और मुसलमान दोनों ही धर्मनिरपेक्ष हैं।

दरअसल, रविशंकर ने कहा था कि अगर अयोध्या में राम मंदिर से जुड़ा मामला जल्द नहीं सुलझाया जाएगा तो यहां सीरिया जैसी स्थिति पैदा हो जाएगी। इस पर रिजवी ने जवाब दिया, ''सीरिया जैसी स्थिति यहां पैदा नहीं हो सकती। यहां पर बहुत धर्मनिरपेक्ष मुसलमान और हिंदू रहते हैं। यहां हिंदू और मुसलमानों के बीच थोड़ी दरारें हैं, लेकिन अगर ये मामले जल्द नहीं सुधरे तो ये दरारें खाई भी बन सकती हैं।''

रविशंकर ने 'आज तक' को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि अयोध्या मामले पर कोर्ट से जो ऑर्डर आएगा, उस पर दोनों पक्षों का राजी होना असंभव सा लग रहा है। उन्होंने कहा, ''मुसलमानों को अयोध्या पर से अपना दावा छोड़ देना चाहिए, क्योंकि अयोध्या मुसलमानों के आस्था की जगह नहीं प्रतीत होती।''

रविशंकर ने कहा कि इस्लाम विवादित जगह पर उपासना करने की इजाजत नहीं देता है। उन्होंने कहा, ''भगवान राम किसी अन्य स्थान पर जन्म नहीं ले सकते।'' इसके अलावा रविशंकर ने जनता द्वारा विवादित जगह पर अस्पताल बनाने के सुझाव को भी खारिज किया है।

बता दें कि पिछले करीब एक साल से रविशंकर ने अयोध्या, चेन्नई, लखनऊ, दिल्ली और हैदराबाद के करीब 500 नेताओं से इस मामले पर व्यक्तिगत तौर पर या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की है। रविशंकर ने इस चर्चा पर बात करते हुए कहा, ''बहुत से लोग मेरे प्रयासों का विरोध कर रहे हैं, लेकिन मैं बता दूं कि कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, वह हर किसी को मंजूर नहीं होगा।''

गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव: बहुजन समाज पार्टी ने समाजवादी पार्टी को समर्थन देने का ऐलान किया

उत्तर प्रदेश में लगभग 25 साल बाद एक नया राजनीतिक समीकरण आकार ले रहा है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव के लिए अखिलेश और मायावती एक साथ हो गये हैं। रविवार (4 मार्च) को गोरखपुर में बहुजन समाज पार्टी ने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार को समर्थन देने का ऐलान किया।

बी एस पी नेता घनश्याम खरवार ने गोरखपुर में कहा, ''बहन जी के निर्देश पर देश और प्रदेश को खत्म करने वाली ताकतों को खत्म करने के लिए गोरखपुर के उपचुनाव में पिछड़े के बेटे प्रवीण निषाद और समाजवादी पार्टी को समर्थन देने का ऐलान किया है।''

बी एस पी के इलाहाबाद के जोनल कॉर्डिनेटर अशोक गौतम ने कहा कि बी एस पी बीजेपी का सफाया करना चाहती है इसलिए उनकी पार्टी ने एस पी को समर्थन देने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा, ''हमारे कार्यकर्ता बीजेपी को खत्म करना चाहते हैं इसलिए बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने फूलपुर में समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार नगेन्द्र सिंह पटेल को वोट और सपोर्ट करने का फैसला किया है।

बता दें कि 11 मार्च को गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव के लिए वोटिंग है। इसके नतीजे 14 मार्च को आएंगे। योगी आदित्यनाथ के सीएम और केशव मोर्या के डिप्टी सीएम बनने से ये सीटें खाली हुईं थी। बीजेपी इस सीट को फिर से हर हाल में जीतना चाहती है, दरअसल इन सीटों के उपचुनाव योगी सरकार की लोकप्रियता का पैमाना भी साबित होंगे।

इससे पहले 1993 में उत्तर प्रदेश की सत्ता में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच ऐतिहासिक गठबंधन हुआ था और मुलायम सिंह ने सत्ता संभाली थी। हालांकि ये सरकार मात्र डेढ़ साल चली थी। मायावती ने 2 जून 1995 को इस सरकार से समर्थन वापस ले लिया और अल्पमत में आकर मुलायम सिंह की सरकार गिर गई।

उस समय उत्तर प्रदेश का बहुचर्चित गेस्ट हाउस कांड काफी सुर्खियों में रहा था। दरअसल मायावती द्वारा समर्थन वापसी के बाद मुलायम सरकार को बचाने के लिए जोड़-तोड़ किये जाने लगे। इसी कड़ी में एस पी के कुछ नेता और विधायक लखनऊ के मीराबाई मार्ग स्थित स्टेट गेस्ट हाउस पहुंच गए, यहां पर मायावती कमरा नंबर - 1  में ठहरी हुई थी। यहां पर बी एस पी सुप्रीमो के साथ कुछ नेताओं ने बदसलूकी की और उनके साथ मारपीट की।

गोरखपुर उपचुनाव के लिए समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच दोस्ती की खबरें काफी समय से आ रहीं थी, लेकिन तीन मार्च को त्रिपुरा में बीजेपी की प्रचंड जीत ने इस दोस्ती को पक्का कर दिया।

मेघालय में कांग्रेस और नेशनल पीपुल्स पार्टी ने सरकार बनाने का दावा ठोका

कांग्रेस ने राज्यपाल से मिलकर पूर्व सीएम मुकुल संगमा के नेतृत्व में सरकार बनाने का दावा ठोका है। मेघालय में पूर्व लोकसभा स्पीकर पी ए संगमा के बेटे कोनार्ड संगमा की पार्टी नेशनल पीपुल्स पार्टी (N P P) बीजेपी समेत दूसरे दलों के साथ मिलकर सरकार बना रही है। इस बावत कोनार्ड संगमा ने रविवार (4 मार्च) को राज्यपाल गंगा प्रसाद से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया।

21 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा हुआ है, वहीं एन पी पी ने 19 सीटें जीती है। अन्य के खाते में 17 सीटें और बीजेपी के खाते में केवल 2 सीटें ही आ सकी हैं। मेघालय में सरकार बनाने के लिए 31 सीटें चाहिए। एन पी पी बाकी सीटें सहयोगियों के समर्थन से हासिल करने का दावा कर रही है। कोनार्ड संगमा ने 34 विधायकों के समर्थन का दावा किया है।

मेघालय में नयी सरकार का गठन 6 मार्च को सुबह 10.30 बजे होगा। मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार का चयन अभी तक नहीं किया गया है, लेकिन इस रेस में कोनार्ड संगमा सबसे आगे चल रहे हैं। राज्यपाल से मुलाकात के बाद कोनार्ड संगमा ने कहा कि मौजूदा सदन की अवधि 7  मार्च को खत्म हो रही है, लिहाजा उससे पहले सारी चीजें हो जानी जरूरी है, इस लिहाज से अगले दो-तीन दिन काफी अहम हैं। उन्होंने कहा कि 5 मार्च तक सारी चीजें स्पष्ट हो जाएंगी।

इधर बीजेपी के नेता हेमंत विस्व सरमा ने समाचार एजेंसी ए एन आई से कहा है कि कोनार्ड संगमा मेघालय के अगले मुख्यमंत्री होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में कोई उपमुख्यमंत्री नहीं होगा। इस बीच कोनार्ड संगमा ने कहा कि उन्हें पता है कि गठबंधन की सरकार को चलाना आसान काम नहीं है, लेकिन उन्हें विश्वास है कि जो भी विधायक उनके साथ हैं, वह राज्य और लोगों के प्रति समर्पित हैं। उन्होंने कहा कि सभी लोग मिलकर राज्य के विकास के लिए काम करेंगे। मेघालय में 6 सीटें जीतने वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (U D P) ने नेशनल पीपुल्स पार्टी को समर्थन देने की घोषणा की है। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी मुखिया डोनकपूर राय ने कहा कि वह राज्य में गैर कांग्रेसी सरकार बनाने के पक्ष में हैं। वहीं 2 सीटें जीतने वाली हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (H S P D P) भी नेशनल पीपुल्स पार्टी के साथ है।

मेघालय में पहले कांग्रेस का शासन था। इस चुनाव में कांग्रेस 21 सीटें पाकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी। हालांकि पार्टी सरकार बनाने के जरूरी आंकड़े से काफी पीछे रह गई। कांग्रेस ने इस राज्य में सरकार बनाने की संभावनाएं तलाशने के लिए अपने दो वरिष्ठ नेताओं को यहां भेजा था, हालांकि उन्हें कामयाबी हासिल नहीं हो सकी। कांग्रेस ने भी राज्यपाल से मिलकर पूर्व सीएम मुकुल संगमा के नेतृत्व में सरकार बनाने का दावा ठोका है।

मेघालय चुनाव: 21 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा, एनपीपी ने जीती 19 सीटें

मेघालय में मतगणना पूरी हो चुकी है। 21 सीटों पर कांग्रेस का कब्जा हुआ है, वहीं एन पी पी ने 19 सीटें जीती है। अन्य के खाते में 17 सीटें और बीजेपी के खाते में केवल 2 सीटें ही आ सकी हैं।

मेघालय में 60 सदस्यीय विधानसभा सीट के लिए गत 27 फरवरी को मतदान हुआ था। मेघालय के कुल 18.9 लाख मतदाताओं में से 75 फीसदी मतदाताओं ने अपने मत का प्रयोग किया था।

नई दिल्ली में उपचुनाव आयुक्त चंद्र भूषण कुमार ने बताया था कि मेघालय में मतदान शांतिपूर्ण रहा। वहीं, मुख्य चुनाव अधिकारी फ्रेडरिक रॉय खारखोनगोर ने कहा, ''करीब 180 मतदान केंद्रों पर 31 ई वी एम मशीनों और 41 वी वी पैट मशीनों में तकनीकी खराबी की खबरें आई थी।'' राज्य विधानसभा 2013 के चुनावों में मेघालय में 87.97 फीसदी मतदान हुआ था। मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने मतदान के दिन आत्मविश्वास के साथ कहा था कि कांग्रेस दोबारा से सत्ता में वापसी करेगी।

कांग्रेस राज्य पर एक दशक से राज कर रही है और पार्टी ने सभी 60 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं जिसमें से 59 सीटों पर मतदान हुआ था। विलियमनगर सीट पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार जोनाथन संगमा की 18 फरवरी को ईस्ट गारो हिल्स जिले में आई ई डी विस्फोट में मौत के बाद इस सीट पर मतदान रद्द कर दिया गया। इस विधानसभा चुनाव में कुल 18,09,818 मतदाताओं ने 361 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करने के लिए मतदान किया है।