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राजस्थान : 129 इंजीनियर, 23 वकील, एक सीए और 13 एमए डिग्री वालों ने चपरासी का इंटरव्यू दिया

राजस्थान सचिवालय के लिए जब चपरासी के पद पर नियुक्ति के लिए परीक्षार्थियों का इंटरव्यू लिया जा रहा था, तो उम्मीदवारों की शैक्षणिक डिग्री देखकर इंटरव्यू लेने वाले आश्चर्य में पड़ गये। चतुर्थ श्रेणी के 18 पदों के लिए इंटरव्यू देने वालों में 129 इंजीनियर्स, 23 वकील, एक चार्टर्ड अकाउंटेंट, 393 कला संकाय में पोस्टग्रेजुएट शामिल थे। राजस्थान सचिवालय में भर्ती के लिए कुल 12 हजार 453 लोगों ने इंटरव्यू दिया।

हालांकि आखिरी 18 लोगों में जिन्होंने जगह बनाई, उन्हें 30 साल का एक युवक रामकृष्ण मीणा है जो दसवीं क्लास तक पढ़ा है, और बीजेपी विधायक का बेटा है। इस पद के लिए रामकृष्ण मीणा के चयन से राजनीतिक हलकों में गहमागहमी है। विधानसभा की वेबसाइट में 15 दिसंबर को दी गई जानकारी में रामकृष्ण मीणा का स्थान 12वां है।

विपक्ष ने इन नियुक्तियों में गड़बड़ी की आशंका जताई है। राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष सचिन पायलट ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

सचिन पायलट ने कहा है कि बीजेपी नेता अपने रिश्तेदारों को सरकारी नौकरियों में जगह दे रहे हैं, जबकि राज्य के बेरोजगार युवक नौकरियों के लिए दर-दर भटक रहे हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य की नीतियों की वजह से राजस्थान में नौकरियों का टोटा हो गया है।

हालांकि जमवा रामगढ़ के विधायक जगदीश नारायण मीणा ने बेटे का चपरासी पद के चयन में किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है और कहा है कि भर्तियों में अनियमितताओं का सवाल ही नहीं है।

उन्होंने कहा, ''मेरे बेटे ने सामान्य प्रक्रिया के तहत इस नौकरी के लिए अप्लाई किया था और इंटरव्यू के बाद उसका चयन हुआ है।'' उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ''विपक्ष कहता है कि मैंने अपने बेटे को नौकरी दिलवाने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया, लेकिन अगर मेरी इतनी ही चलती तो मैं अपने बेटे को चपरासी की नौकरी क्यों दिलवाता? अगर ऐसी ही बात थी तो मैं उसे बड़ी नौकरी दिलवाता।''

राजस्थान सरकार के मुताबिक, इस नौकरी के लिए न्यूनतम योग्यता मात्र पांचवीं क्लास पास थी। लेकिन जिन लोगों का इंटरव्यू हुआ, उनमें 3600 लोग काफी पढ़े लिखे थे, इनमें से 1533 आर्ट्स ग्रेजुएट थे, 23 साइंस में पीजी की डिग्री लेकर रखे थे, तो 9 लोगों के पास एमबीए की डिग्री थी। इसके अलावा होटल मैनेजमेंट, नर्सिंग पास उम्मीदवारों ने भी इस नौकरी के लिए अप्लाई किया था।

महाराष्‍ट्र में हिंसा फैलाने के पीछे कथित तौर पर संभाजी भिड़े का हाथ, पीएम नरेंद्र मोदी भी मानते हैं आदेश

पुणे के पास स्थित भीमा-कोरेगांव में एक जनवरी के दिन हुई हिंसा अब पूरे महाराष्ट्र में फैल चुकी है। महाराष्ट्र में हिंसा फैलाने के आरोप में मंगलवार को दो हिंदुवादी नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। राज्य के शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्तान के जानेमाने नेता संभाजी भिड़े और समस्त हिंदू आघाडी के मिलिंद एकबोटे के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। 85 वर्षीय भिड़े पर भीमा-कोरेगांव की लड़ाई की 200वीं वर्षगांठ के दौरान हिंसा फैलाने का आरोप लगा है।

संभाजी भिड़े महाराष्ट्र के बहुत ही जानेमाने नेता हैं। राज्य के युवाओं का बड़ा हिस्सा भिड़े और एकबोटे को बहुत मानता है। भिड़े सांगली के रहने वाले हैं तो वहीं एकबोटे पुणे निवासी हैं।

मंगलवार को दलित नेता और भारतीय रिपब्लिकन पार्टी बहुजन महासंघ के अध्यक्ष प्रकाश अम्बेडकर ने इन दोनों हिंदू नेताओं पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया था। बहुजन रिपब्लिकन पार्टी की सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता अनीता रवींद्र साल्वे की शिकायत के आधार पर दोनों हिंदुवादी नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

आरएसएस के सदस्य रह चुके भिड़े के खिलाफ शिकायत दर्ज होने के बाद से ही सोशल मीडिया पर यह मुद्दा चर्चा में बना हुआ है। महाराष्ट्र में भिड़े के नाम को कौन नहीं जानता। ना केवल महाराष्ट्र में बल्कि दिल्ली तक भिड़े की पहुंच है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी संभाजी की तारीफ करते हैं। भिड़े का शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्तान में गरीब और जरूरतमंद लोगों के हित के लिए काम करता है और वह अपने समर्थकों के बीच गुरुजी के नाम से भी जाने जाते हैं।

पीएम मोदी 2014 लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान एक बार महाराष्ट्र गए थे और उन्होंने संभाजी से व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात भी की थी। इसके अलावा उनकी बहुत तारीफ भी की थी। पीएम मोदी ने कहा था कि उन्होंने गुरुजी से मुलाकात उनकी प्रार्थना पर नहीं बल्कि उनके आदेश पर की।

सांगली में एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा था कि भिड़े उनके लिए आदर्श हैं। उन्होंने कहा था, ''मैं भिड़े गुरुजी का बहुत आभारी हूं, क्योंकि उन्होंने मुझे निमंत्रण नहीं दिया था बल्कि उन्होंने मुझे हुकुम किया था।''

पीएम मोदी के अलावा शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे भी भिड़े से आशीर्वाद लेते देखे जा चुके हैं। भिड़े छत्रपति शिवाजी को बहुत मानते हैं। कुछ दिनों पहले खबर आई थी कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी भिड़े से मुलाकात की थी।

भीमा-कोरेगांव हिंसा: कांग्रेस ने कहा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने इस काम को अंजाम दिया

भारत में महाराष्ट्र के पुणे जिले में भीमा-कोरेगांव युद्ध की बरसी पर आयोजित कार्यक्रम के बाद राज्य में भड़की हिंसा को उकसावे का परिणाम बताते हुए कांग्रेस ने लोकसभा में आज इस घटना के लिए हिंदूवादी संगठनों और आरएसएस को जिम्मेदार ठहराया। वहीं सरकार ने इस मुद्दे पर विपक्षी दल पर हिंसा की आग को बुझाने के बजाय उसे भड़काने का आरोप लगाया।

लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस विषय पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया और कहा कि वह दलितों से जुड़ी इस तरह की घटनाओं पर हमेशा चुप रहते हैं और वह मौनी बाबा बने हुए हैं। कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री से इस मामले में सदन में बयान देने की मांग की। उन्होंने उच्चतम न्यायालय के किसी न्यायाधीश द्वारा घटना की जांच कराने की भी मांग की।

उधर संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी हिंसा की आग को बुझाने के बजाय उसे और भड़काने का काम कर रहे हैं। संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि खड़गे जी महाराष्ट्र की समस्या का निदान नहीं करना चाहते, बल्कि उसे भड़काना चाहते हैं। वह राजनीति करना चाहते हैं।

शून्यकाल में इस विषय को उठाते हुए खड़गे ने कहा कि देश में दलितों पर कुछ शक्तियां अत्याचार कर रही हैं और उन्हें हमेशा निचले पायदान पर रखना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि दलित जब स्वाभिमान के साथ जीना चाहते हैं और कोई कार्यक्रम करते हैं तो कुछ लोग उसमें दखल देकर और उकसाकर उसका फायदा उठाना चाहते हैं।

खड़गे ने कहा कि भीमा-कोरेगांव की घटना में भी यही हुआ, जहां पिछले कई दशकों से श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया जाता रहा है और कभी कोई अप्रिय घटना नहीं घटी, लेकिन एक जनवरी को वहां जो हुआ, उसके बारे में पता लगाया जाना चाहिए कि किसने लोगों को उकसाया?

कांग्रेस नेता खड़गे ने कहा कि राज्य सरकार ने जो भी कार्रवाई की हो, लेकिन हम मांग करते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के नेतृत्व में मामले की जांच करानी चाहिए।

खड़गे ने कहा कि समाज में विभाजन की कोशिश की जा रही है और कट्टर हिंदूवादी लोगों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोगों ने इस काम को अंजाम दिया है। संघ पर उनके इस आरोप का भाजपा के सदस्यों ने विरोध किया। बीच में लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने खड़गे को अपनी बात समाप्त करने का आग्रह किया और तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय को बोलने की अनुमति दी।

बात पूरी नहीं होने और बीच में माइक बंद होने से खड़गे नाराज हो गये कि उन्होंने अपने हाथ में मौजूद कागजों को फाड़ दिया। कांग्रेस के अन्य सदस्य भी जोर-जोर से खड़गे को बात पूरी करने देने की मांग करने लगे।

बाद में खड़गे ने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा कि गुजरात के उना, राजस्थान और अब महाराष्ट्र में दलितों पर अत्याचार की घटना सामने आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया, ''जहां जहां भाजपा की सरकार हैं, वहां ज्यादा अत्याचार हो रहा है।'' तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार स्थिति को भांपने और हिंसा रोकने में विफल रही।

चारा घोटाला फैसला: लालू की सजा का ऐलान 4 जनवरी को

राष्‍ट्रीय जनता दल अध्‍यक्ष लालू प्रसाद को बहुचर्चित चारा घोटाले के एक मामले में सजा का ऐलान गुरुवार (4 जनवरी) को किया जाएगा। पहले 3 जनवरी को विशेष सीबीआई अदालत सजा सुनाने वाली थी, मगर एडवोकेट विंदेश्‍वरी प्रसाद की मृत्‍यु के चलते सजा की घोषणा एक दिन के लिए टाल दी गई।

अदालत ने इस मामले में 23 दिसंबर को सुनाए गए फैसले के खिलाफ बयानबाजी करने पर लालू के बेटे तेजस्‍वी यादव, रघुवंश प्रसाद सिंह और मनोज झा को अवमानना का दोषी पाया है। तीनों नेताओं को 23 जनवरी को अदालत के समक्ष पेश होने को कहा गया है।

इस मामले में 23 दिसंबर को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, आर के राणा, जगदीश शर्मा, तीन आइएएस अधिकारी तत्कालीन वित्त आयुक्त फूलचंद सिंह, पशुपालन विभाग के तत्कालीन सचिव बेक जूलियस एवं एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी महेश प्रसाद के अलावा पशुपालन विभाग के तत्कालीन अधिकारी कृष्ण कुमार प्रसाद, मोबाइल पशु चिकित्साधिकारी सुबीर भट्टाचार्य एवं आठ चारा आपूर्तिकर्ताओं सुशील कुमार झा, सुनील कुमार सिन्हा, राजाराम जोशी, गोपीनाथ दास, संजय कुमार अग्रवाल, ज्योति कुमार झा, सुनील गांधी तथा त्रिपुरारी मोहन प्रसाद को दोषी करार देकर जेल भेज दिया था। यह मामला देवघर जिले (अब झारखंड) के कोषागार से 84.5 लाख रुपये की निकासी में हुए घपले का है, जो लालू के बिहार का मुख्‍यमंत्री रहते हुआ था। मामले की सुनवाई 13 दिसंबर को समाप्‍त हुई थी।

इससे पहले चाईबासा कोषागार से 37 करोड़, सत्तर लाख रुपये अवैध ढंग से निकासी करने के चारा घोटाले के एक अन्य मामले में लालू यादव, जगदीश शर्मा, राणा, पूर्व मुख्यमंत्री डा .जगन्नाथ मिश्रा समेत इनमें से आज के मामले के अनेक आरोपियों को सजा हो चुकी है और वह उच्च न्यायालय से जमानत प्राप्त कर रिहा हुए हैं।

देवघर कोषागार से 89 लाख, 27 हजार रुपये के फर्जीवाड़े से जुड़े इस मुकदमे में 23 दिसंबर को सीबीआई के विशेष न्यायाधीष शिवपाल सिंह ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डा. जगन्नाथ मिश्रा, बिहार के पूर्व मंत्री विद्या सागर निषाद, पीएसी के तत्कालीन अध्यक्ष ध्रुव भगत, हार्दिक चंद्र चौधरी, सरस्वती चंद्र एवं साधना सिंह को निर्दोष करार देते हुए बरी कर दिया था।

ठाणे में 4 जनवरी तक धारा 144 लागू, बस सेवाओं पर भी असर

भारत के महाराष्ट्र में पुणे के पास स्थित भीमा-कोरेगांव में भड़की जातीय हिंसा अब पूरे महाराष्ट्र में फैल चुकी है। दलित समुदायों ने आज यानी बुधवार को राज्य में बंद का ऐलान किया है। ठाणे के कई स्‍कूल बंद हैं। प्रबंधन का कहना है कि वह छात्रों की सुरक्षा के लिए ऐसा कर रहे हैं। इसके अलावा जरूरी काम से यात्रा करने वालों को भी दिक्‍कतें आ रही हैं। पुणे के बारामती और सतारा की तरफ चलने वाली बसें अगले आदेश तक रोक दी गई हैं।

डिविजनल सिक्‍योरिटी कमिश्‍नर डी विकास ने कहा, ''पुणे डिविजन की सभी ट्रेन सेवाएं सामान्‍य रूप से चल रही हैं। हालात बनाए रखने के लिए सुरक्षा लगाई गई है।''

महाराष्ट्र में जगह-जगह पुलिस को तैनात किया गया है। ठाणे में प्रदर्शनकारियों ने रेलवे स्टेशन पर एक ट्रेन को रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद आरपीएफ और जीआरपी के अधिकारियों द्वारा उन्हें वहां से हटा दिया गया। फिलहाल ठाणे में 4 जनवरी तक के लिए धारा 144 लागू कर दी गई है।

मुंबई पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस ने लोगों से अनुरोध किया है कि वह किसी भी तरह की अफवाहों के बहकावे में ना आएं और बिना रुके अपना काम करें। इसके साथ ही स्कूल बसें भी आज नहीं चल रही हैं। स्कूल बस मालिक एसोसिएशन के अनिल गर्ग ने कहा है कि मुंबई में आज स्कूल बसें नहीं चलाई जाएंगी। बच्चों की जिंदगी को खतरे में डालने का रिस्क नहीं ले सकते। उन्होंने कहा कि 11 बजे एक बार फिर इस पर विचार किया जाएगा कि सेकेंड हाफ में उन्हें स्कूल बुलाया जाए या नहीं। यह सब स्थिति पर निर्भर है। आरएसएस ने भी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

मुंबई के वर्ली इलाके में भी प्रदर्शनकारियों ने दो बसें तोड़ी हैं। इसके साथ ही मुंबई में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डब्बावाला की सेवाएं आज के लिए बंद कर दी गई हैं। इससे हजारों लोगों तक आज खाना नहीं पहुंचेगा।

महाराष्ट्र पुलिस इस वक्त राज्य के कई इलाकों में तैनात है। इसके अलावा कई अतिरिक्त पुलिसबलों को स्टैंडबाय में रखा गया है। अगर हिंसा भड़कती है तो पुलिसबलों की संख्या बढ़ाई जाएगी। कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवाओं को भी बंद किया जा सकता है, ताकि हिंसक खबरें लोगों तक ना पहुंचे।

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए डीजीपी सतीश माथुर ने कहा, ''हमने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए सारी तैयारी कर ली है। अतिरिक्त बलों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवाओं को भी बंद किया जा सकता है, ताकि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की कोई अफवाह ना फैलाई जा सके।''

गौरतलब है कि पुणे के नजदीक सोमवार (1 जनवरी) को भीमा-कोरेगांव की लड़ाई की 200वीं वर्षगांठ मनाने जुटे लाखों दलितों की कुछ मराठा संगठनों से हिंसक झड़प होने के बाद एक शख्स की मौत हो गई थी। जिसके बाद राज्य के कई इलाकों में मंगलवार यानी 2 जनवरी के दिन हिंसा हुई। पुलिस ने फिलहाल दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। भारत के संविधान निर्माता बाबा साहब भीम राव अंबेडकर के पोते और एक्टिविस्ट प्रकाश अंबेडकर ने बंद का आह्वान किया है।

किसानों की बदहाल स्थिति और युवाओं की बेरोजगारी की वजह से बीजेपी के खिलाफ वोट पड़े : गुजरात के चीफ सेक्रेट्री

गुजरात के चीफ सेक्रेट्री जे एन सिंह ने कहा है कि किसानों की बदहाल स्थिति और युवाओं का बेरोजगार होना ही वे दो कारण है, जिनके चलते लोगों ने राज्य में बीजेपी के खिलाफ विधानसभा चुनाव में वोट डाले। लोगों ने ऐसा करके सत्तारूढ़ दल के प्रति अपना गुस्सा और नाराजगी जाहिर की है। जे एन सिंह ने ये बातें गुरुवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहीं।

बता दें कि गुजरात में हाल ही में विधानसभा चुनाव हुए हैं, जिसमें सत्तारूढ़ दल को कुल 182 सीटों में से 99 सीटें हासिल हुई, जबकि साल 2012 में 115 सीटें मिली थी। विधान सभा चुनाव में इस बार बीजेपी को 99 सीटें हासिल होने और बीजेपी के खिलाफ वोट पड़ने को लेकर गुजरात के चीफ सेक्रेट्री की यह टिप्पणी ऐसे में बड़ा बयान मानी जा रही है। जे एन सिंह गुरुवार को एपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (एईपीसी) के 12वें रीजनल ऑफिस के उद्घाटन समारोह में पहुंचे थे।

उन्होंने इस दौरान कहा, ''चुनाव के दौरान जो दो चीजें स्पष्ट रूप से सामने आई हैं। पहला, किसानों की बदहाल स्थिति। गुजरात भर में किसान परेशान हैं। खासकर सौराष्ट्र में। उन्होंने बीजेपी के खिलाफ वोट देकर अपनी नाराजगी और गुस्सा जाहिर किया है। ऐसा क्यों हुआ? चूंकि लोगों में इस तरह की भावना थी कि चीजें उनके लिए लाभकारी साबित नहीं हुईं। जबकि दूसरा अहम कारण बेरोजगारी है। युवाओं को नौकरी न मिलना भी बीजेपी के खिलाफ वोट पड़ने की एक वजह है। हर जगह बेरोजगारी है।''

गुजरात विधानसभा चुनावों के नतीजों में बीजेपी को 99 सीटें मिली थीं, जबकि कांग्रेस को 77 सीटें मिली। खासकर सौराष्ट्र क्षेत्र में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा, जहां उसे 48 में से सिर्फ 19 सीटें ही मिलीं। जबकि कांग्रेस को 28 सीटें हासिल हुई।

'गुजरात की भाभियों समेत' पति द्वारा छोड़ी गईं लाखों महिलाओं के लिए कानून बनाये सरकार : असदुद्दीन ओवैसी

भारत में लोकसभा में काफी बहस के बाद फौरी तीन तलाक से जुड़े विधेयक को पारित कर दिया गया है। बहस के दौरान एआईएमआईएम के सांसद और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कार्यकारी सदस्‍य असदुद्दीन ओवैसी ने विधेयक पर कई सवाल उठाए।

उन्‍होंने कहा कि अगर कानून बनाना ही है तो उन मुस्लिम मर्दों के खिलाफ बनाया जाना चाहिए जो बीवियों को छोड़ते हैं।

ओवैसी ने 'गुजरात की भाभियों समेत' पति द्वारा छोड़ी गईं लाखों महिलाओं के लिए कानून बनाने की मांग की। हैदराबाद से लोकसभा सदस्‍य ने अपना पक्ष रखते हुए दलील दी कि मुस्लिम मैरिज एक सिविल कांट्रैक्‍ट हैं, ऐसे में उसे अपराध की श्रेणी में कैसे रखा जा सकता है?

असदुद्दीन ओवैसी ने जनगणना के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया था कि भारत में 80 प्रतिशत बाल विवाह गैर मुस्लिम समुदाय में होते हैं। इसके साथ ही पतियों द्वारा छोड़ी गई 23 लाख महिलाओं में 20 लाख हिंदू समुदाय से आती हैं।

उन्‍होंने कहा, ''आप (सरकार) उन पतियों को दंडित करने के लिए कानून नहीं लाना चाहते हैं, जिन्‍होंने शादी के बाद बीवियों को छोड़ दिया। ... इसमें आपका निहित स्‍वार्थ है। ऐसा कानून लाना चाहिए, जिसके तहत उन मर्दों को दंडित करने का प्रावधान हो जो शादी के बाद अपनी बीवियों को छोड़ देते हैं। सिर्फ मुस्लिम पुरुषों से निपटने वाले कानून से अन्‍याय बढ़ेगा, महिलाओं की सुरक्षा नहीं होगी।''

ओवैसी ने मुस्लिम प्रतिनिधियों से सलाह-मशवरा के बगैर कानून बनाने पर भी सवाल उठाया। उन्‍होंने कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद को असफल करार दिया था। केंद्रीय मंत्री ने इस पर नाखुशी जताई थी।

अन्‍नाद्रमुक सांसद अनवर रहजा ने फौरी तीन तलाक के खिलाफ लाए जा रहे कानून का समर्थन किया, लेकिन इसे अपराध की श्रेणी में रखने पर सवाल उठाया। उन्‍होंने इसे हटाने की मांग की है।

मोदी सरकार इस्लामी विद्वानों से सलाह लिए बगैर तीन तलाक के मुद्दे पर अपनी मर्जी थोप रही है : शरद यादव

जनता दल यूनाइटेड के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव ने गुरुवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह इस्लामी विद्वानों से विचार-विमर्श किए बगैर फौरी तीन तलाक पर विधेयक लाकर 'अपनी मर्जी थोपना चाह रही है।'

जदयू के एक अन्य बागी नेता अली अनवर के साथ बिहार के किशनगंज आए शरद यादव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि तीन तलाक पर कोई भी कानून इस्लामी विद्वानों से विचार-विमर्श पर आधारित होना चाहिए।

हाल ही में राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किए गए जदयू के बागी शरद यादव और अली अनवर ने गुरुवार को लोकसभा में पेश किए गए तीन तलाक विधेयक की आलोचना की।

शरद यादव ने किशनगंज में पत्रकारों से कहा, ''सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि तीन तलाक पर कोई भी कानून इस्लामी विद्वानों के साथ विचार-विमर्श पर आधारित होना चाहिए। लेकिन लोकसभा में विधेयक पेश करने से पहले ऐसा कुछ नहीं किया गया।''

शरद ने कहा, ''प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली सरकार सदन में विधेयक पेश कर अपनी मर्जी थोपना चाह रही है और अपने बचाव में इधर-उधर की बातें कर रही है।''

अली अनवर ने तीन तलाक पर कदम उठाने से पहले मोदी सरकार की ओर से आॅल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को विश्वास में नहीं लेने पर नाराजगी जाहिर की।

दोनों नेताओं ने बिहार के मुख्यमंत्री एवं जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार पर आरोप लगाया कि उन्होंने भाजपा के साथ गठबंधन सरकार बनाकर 2015 के विधानसभा चुनाव के जनादेश का अपमान किया है।

भारत ने सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल का सफल परीक्षण किया

भारत ने गुरुवार को सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल का सफल परीक्षण किया। ऐसा करने वाला वह दुनिया का चौथा देश बन गया है। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, भारत ने अंतरिक्ष युद्ध की परिकल्पना जैसी उप प्रणाली का सफल परीक्षण किया, जिसमें दुश्मन की मिसाइल को अपनी मिसाइल के जरिए हमला करने के पहले ही तबाह कर दिया जाता है।

भारत ने स्वदेशी रूप से विकसित 'एडवांस्ड एअर डिफेंस' सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल का ओडिशा के व्हीलर आइलैंड से गुरुवार को सफल परीक्षण किया। यह मिसाइल बेहद कम ऊंचाई से आने वाली किसी भी बैलिस्टिक मिसाइल को बीच में ही मार गिराने में सक्षम है। इस साल किया गया यह तीसरा सुपरसोनिक इंटरसेप्टर परीक्षण है, जिसमें सामने से आ रही बैलिस्टिक मिसाइल को धरती के वातावरण के 30 किलोमीटर की ऊंचाई के दायरे में सफलतापूर्वक निशाना बनाकर उसे नष्ट कर दिया गया।

ट्रैकिंग रडारों पर सिग्नल मिलने के बाद बंगाल की खाड़ी में अब्दुल कलाम द्वीप (व्हीलर द्वीप) पर तैनात इंटरसेप्टर मिसाइल हवा में दुश्मन मिसाइल को नष्ट करने के लिए आगे बढ़ी और सफलतापूर्वक निशाना लगाया। 7.5 मीटर लंबी एकल चरण ठोस रॉकेट प्रणोदन निर्देशित यह मिसाइल हाई-टेक कंप्यूटर और इलेक्ट्रो-मेकैनिकल एक्टीवेटर वाली दिशा निर्देशन प्रणाली से लैस है।

इस अत्याधुनिक मिसाइल का अपना खुद का मोबाइल लांचर है और यह दुश्मन मिसाइल को निशाना बनाने के लिए सुरक्षित डेटा लिंक, आधुनिक राडार और अन्य तकनीकी व प्रौद्योगिकी विशिष्टताओं से लैस है।

परीक्षण के बाद रक्षा मंत्रालय ने कहा, ''यह एक सीधा निशाना था और यह बड़ी सफलता है। इससे पहले 11 फरवरी और एक मार्च 2017 को दो परीक्षण किए जा चुके हैं। ये बहुस्तरीय बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली का हिस्सा हैं।''

सूत्रों ने कहा, गुरुवार का परीक्षण उड़ान के दौरान इंटरसेप्टर के विभिन्न मानकों के सत्यापन के लिए किया गया और सभी सफल रहे। चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र (आइटीआर) के प्रक्षेपण परिसर तीन से टारगेट मिसाइल (पृथ्वी मिसाइल) दागी गई।

मुंबई के लंदन टैक्सी बार में भीषण आग, 14 लोगों की मौत और 16 झुलसे

मुंबई के एक पब में गुरुवार देर भीषण आग लगी थी। हादसे में अब तक 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 लोग बुरी तरह से झुलस गए।

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, आग मुंबई के लोअर इलाके के कमला मिल्स कंपाउंड में स्थित लंदन टैक्सी बार के टॉप फ्लोर के पब में लगी थी। आग बेहद भीषण थी, जिसे बुझाने के लिए कम से कम 6 फायर ब्रिगेड, 3 जेटी और पांच टैंकर पहुंचे थे। फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है।

हालांकि, अब तक यह मालूम नहीं हो पाया कि आखिरकार किस वजह से पब में आग लगी। हादसे में झुलस गए लोगों को एम्बुलेंस से ब्रीच कैंडी और केईएम अस्पताल पहुंचाया गया और उनके परिजनों से संपर्क किया गया।

बताया जा रहा है कि हादसे में मोजो टेरेस रेस्टोरेंट के कुछ वर्कर भी शामिल थे। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पता लगा रही है कि आग लगने का क्या कारण है? आग लगने से पूरा बार जल गया और अगल-बगल की बिल्डिंग्स में रह रहे लोगों को भी धुएं से दिक्कत का सामना करना पड़ा।

बता दें कि मुंबई के लोअर परेल के लंदन टैक्सी बार में कई बड़े लोग आते हैं। मुंबई स्थित कमला मिल्स कंपाउंड में शहर की जानी-मानी हस्तियों का आना-जाना लगा रहता है।