भारत

2जी घोटाले में ए राजा और कनीमोझी निर्दोष: बीजेपी ने डीएमके से डील कर ली

भारत में 2जी घोटाले में दिल्ली की एक स्थानीय अदालत ने आज (21 दिसंबर) को सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। विशेष न्यायाधीश ओ पी सैनी ने भारत के पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और डीएमके सांसद कनिमोझी सहित सभी आरोपियों को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर दोनों मामलों में बरी कर दिया।

कांग्रेस नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के दौरान 2008 में दूरसंचार विभाग द्वारा 2जी स्पेक्ट्रम के लाइसेंस आवंटन में कथित तौर पर अनिमितता हुई थी, जिसका 2010 में कैग की रिपोर्ट के बाद व्यापक स्तर पर खुलासा हुआ।

इस फैसले की सोशल मीडिया में लोग कड़ी आलोचना कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी के नेता आशोतुष ने केन्द्र की मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि बीजेपी ने डीएमके से डील कर ली है।

आशुतोष ने लिखा, ''पिछले साढ़े तीन सालों में एजेंसियाँ मोदी सरकार के अंडर में काम कर रही है। सीबीआई ने 2G की ठीक से जाँच क्यों नहीं की? सबूत क्यों नहीं जुटायें? बीजेपी ने विपक्ष में काफ़ी हंगामा मचाया था? फिर आरोपियों को सज़ा क्यों नहीं? सरकार बनने के बाद बीजेपी ने क्या डील की? आगे उन्होने लिखा, ''मोदी जी आप देश को बताये कि 2G पर क्या डील आपकी सरकार ने की? ''

आशुतोष ने आगे लिखा, ''अजीब इत्तेफ़ाक़ है। न बोफ़ोर्स में किसी को सज़ा, न 2G में। बीजेपी विपक्ष में रहती है तो आरोप लगाती है और सरकार में आकर बचाती है। मोदी जी जवाब दो।

वहीं आम लोग भी इस फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और कह रहे हैं कि भारत में अमीरों और गरीबों के लिए इंसाफ के मायने अलग-अलग हैं। एक यूजर ने लिखा, ''किसी ने घोटाला नहीं किया है। सचमुच में, सच में कानून 'अँधा' होता है।'' देवारती मजूमदार ने लिखा, ''लोग कहते हैं कानून अंधा होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। आपको कानून की आंखे खुली रखने के लिए सही कीमत चुकाने की जरूरत होती है।'' फातिमा आर्या नेंब लिखा, ''पीएम मोदी 6 नवंबर को करुणानिधि के घर गये, अब ज्यादा मत पूछो।'' नीरज भाटिया ने लिखा, ''ये उन लोगों के मुंह पर तमाचा है जो डॉ मनमोहन सिंह पर आरोप लगाते रहते थे।'' गिरीश आनंद ने लिखा, ''ये 2जी नहीं, इंवेस्टीगेशन घोटाला है।'' एक यूजर ने लिखा, ''2 जी घोटाला 2009 में फाइल किया गया, फैसला 2017 में आया, लगता है केस 1जी के स्पीड से आगे बढ़ रहा था।''

2जी स्पेक्ट्रम घोटाला फैसला: ए. राजा और कनिमोझी समेत सभी आरोपी बरी

भारत में 1.76 लाख करोड़ रुपये के 2जी घोटाले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया है। जज ओपी सैनी की सीबीआई की विशेष अदालत ने मनमोहन सिंह सरकार के समय स्‍पेक्‍ट्रम आवंटन में हुए घोटाले पर गुरुवार को अपना निर्णय दिया।

इसमें पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और द्रमुक सांसद कनिमोझी के अलावा अन्‍य को आरोपी बनाया गया था। राजा और कनीमोई सुबह कोर्ट पहुंच गए थे। आरोपियों के खिलाफ सीबीआई के साथ ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी मामला दर्ज किया था। सीबीआई की चार्जशीट पर विशेष अदालत ने वर्ष 2011 में मामले के 17 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे।

सीबीआई और ईडी ने आरोपियों के खिलाफ कई आरोप लगाए हैं। विशेष अदालत ने राजा और कनिमोझी के अलावा अन्‍य आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्‍न धाराओं के साथ मनीलांड्रिंग रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत आरोप तय किए गए थे। इन पर आपराधिक षडयंत्र रचने, धोखाधड़ी, फर्जी दस्‍तावेज बनाने, पद का दुरुपयोग करने और घूस लेने जैसे आरोप लगाए गए थे।

सीबीआई ने 2जी घोटाला मामले में अप्रैल 2011 में आरोपपत्र दाखिल किया था। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि स्‍पेक्‍ट्रम के लिए 122 लाइसेंस जारी करने में गड़बड़ी के कारण 30,984 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। सुप्रीम कोर्ट ने 2 फरवरी 2012 को लाइसेंस को रद्द कर दिया था।

चेन्नई में आर के नगर सीट के लिए वोटिंग जारी

तमिलनाडु के राधाकृष्णन नगर (आर के नगर) उपचुनाव के लिए आज सुबह आठ बजे से मतदान शुरू हो गया। इस निर्वाचन क्षेत्र में दो लाख से अधिक मतदाता 59 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे।

तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता के निधन के बाद यह सीट खाली हो गई थी। मतगणना 24 दिसंबर को होगी।

इस सीट के लिए प्रमुख उम्मीदवार एआईएडीएमके के ई मधुसूदनन, डीएमके के एन मारुधु गणेश, एक निर्दलीय उम्मीदवार दिनाकरन और भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार के नागाराजन के बीच मुख्य मुकाबला है।

इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए है। अर्धसैनिकबलों की 15 कंपनियां और 2,500 से अधिक सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है। इसके साथ ही कई सीसीटीवी कैमरा, फ्लाइंग स्क्वैड और निगरानी टीम भी मुस्तैद की गई है। हालांकि, इस सीट पर उपचुनाव पहले अप्रैल में होने थे, लेकिन एक उम्मीदवार द्वारा बड़े स्तर पर मतदाताओं को रिश्वत देने की शिकायतों के बाद इसे रद्द कर दिया गया।

चेन्नई के सिटी पुलिस कमिश्नर ए के विश्वनाथन ने कहा है कि उन्होंने स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान के लिए पूरी व्यवस्था की है, संवेदनशील जगहों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

नो कन्फ़्यूज़न! राजद का बिहार बंद मज़बूती से जारी रहेगा: तेजस्वी यादव

बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू यादव के आह्वान पर गुरुवार (21 दिसंबर) को बुलाए गए बिहार बंद से पहले ही नीतीश सरकार ने बालू खनन नीति पर यू-टर्न ले लिया है।

बुधवार (20 दिसंबर) को शाम राज्य के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि सरकार ने अब पुराने नियम के तहत ही राज्य में बालू खनन कराने का फैसला किया है।

इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की मौजूदगी में एक अहम बैठक हुई जिसमें फैसला किया गया कि बालू खनन से जुड़े पुराने लाइसेंस फिर से बहाल कर दिए जाएं और पुराने नियम के अनुसार ही बालू खनन कराया जाय।

हालांकि ई चालान की व्यवस्था कायम रहेगी। साथ ही, अब ठेकेदारों को 100 हेक्टेयर की ही बंदोबस्ती की इजाजत होगी।

इस खबर के बाद विपक्ष के नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर ट्वीट किया, ''बिहार की न्यायप्रिय जनता की वाजिब माँगों और तानाशाही खनन नीति के विरोध के आगे नीतीश सरकार के घुटना टेकने पर जनता को असीम बधाई।''

दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा, ''मुख्यमंत्री को अपने अहंकार संतुष्टि के लिए बालू व गिट्टी बंदी और नीति पर लिए गए अपने तानाशाही फ़ैसले को पलटने के बाद अब बिहार के ग़रीब मज़दूरों से माफ़ी माँगनी चाहिए। ग़लत निर्णय था तभी तो पलटा। ग़लत निर्णय पर बिहार के दलितों और अतिपिछड़ों से माफ़ी माँगनी चाहिए।''

गुरुवार के राज्यव्यापी बंद पर भी तेजस्वी ने ट्वीट किया, ''जबतक सरकार मज़दूरों की पूर्ण माँगों और विगत महीनों में उनको हुए आर्थिक नुक़सान की भरपाई नहीं करती राजद का विरोध और संघर्ष चलता रहेगा। कल बिहार बंद जारी रहेगा।''

एक और ट्वीट कर राजद नेताओं-कार्यकर्ताओं के बीच उपजे कन्फ्यूजन को दूर करते हुए तेजस्वी ने लिखा, ''नो कन्फ़्यूज़न! कल राजद का बिहार बंद मज़बूती से जारी रहेगा। सत्ता नहीं, ग़रीबों के लिए संघर्ष ही हमारी राजनीति है।''

बता दें कि नीतीश सरकार ने राज्य में खनन नीति को पलट दिया था और सभी खनन ठेकों को रद्द करते हुए ऑनलाइन बालू बिक्री की व्यवस्था की थी। इस नीति का राज्यभर में विरोध हो रहा है।

हालांकि, पटना हाईकोर्ट ने इसे सही ठहराया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के फैसले को पलट दिया।

गंगा साफ करना है तो गंदे नालों को रोको, हड्डी तो हम डालेंगे: महंत राजकुमार दास

भारत में केंद्रीय राज्य मंत्री सत्यपाल सिंह के बयान पर कई हिन्दूवादी नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इसी क्रम में महंत राजकुमार दास ने दो टूक शब्दों में कहा है कि गंगा में न तो राख प्रवाहित करना छोड़ेंगे, न ही हड्डियों को डालना।

उन्होंने कहा कि मां गंगा का धरती पर अवतरण ही मानव कल्याण के लिए हुआ है। महंत दास ने कहा कि अगर सरकारों को गंगा साफ करना है तो वे सबसे पहले गंदे नालों का गंगा में गिरना रोकें। उन्होंने केंद्रीय मंत्री के तर्कों को मानने से इनकार कर दिया कि फूल-माला और पूजन सामग्री डालने से गंगा मैली होती है।

बता दें कि मंगलवार (19 दिसंबर) को केंद्रीय जल संसाधन एवं नदी विकास राज्य मंत्री सत्यपाल सिंह ने हरिद्वार में 'नमामि गंगे प्रोजेक्ट' के एक कार्यक्रम में लोगों से अपील की थी कि लोग अस्थियों को गंगा में प्रवाहित करने के बजाय उसे जमीन पर एक स्थान पर जमा कर दें और उसके ऊपर पौधे लगाएं। उन्होंने अंतिम संस्कार के बाद राख और पूजा के फूलों को भी गंगा में प्रवाहित न करने की अपील की थी।

मंत्री की इस अपील पर कई हिंदू संगठनों से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई है।

गौरतलब है कि हिंदू परंपरा में गंगा को बेहद पवित्र नदी माना गया है। यही कारण है कि लोगों के अंतिम संस्कार के बाद उनकी अस्थियों को (राख) गंगा में प्रवाहित किया जाता है।

हालांकि, कुछ धर्माचार्यों ने मंत्री की अपील का समर्थन भी किया है। महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने केंद्रीय मंत्री की इस अपील को सार्थक बताया है और कहा है कि बदलते दौर में लोगों को कुछ चीजें बदलने की आदत डालनी चाहिए। इस तरह साधु-संत भी इस मुद्दे पर बंटे हुए नजर आ रहे हैं।

बीएचयू में फिर बवाल: छात्र नेता की गिरफ्तारी पर पुलिस-स्टूडेन्ट में झड़प, बसों में आगजनी, तोड़फोड़

तीन महीने बाद बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) में बुधवार को फिर से बवाल उठ खड़ा हुआ। वहां हालात तनावपूर्ण हैं। छात्र नेता आशुतोष की गिरफ्तारी के विरोध में छात्रों ने न केवल विरोध-प्रदर्शन किया बल्कि उनकी पुलिस से भी झड़प हुई। देखते ही देखते प्रदर्शनकारी छात्र उग्र हो गए और यूनिवर्सिटी कैम्पस में लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए। फिर कैम्पस में खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाया।

इतना ही नहीं, प्रदर्शनकारियों ने स्कूल बस को भी आग के हवाले कर दिया। फिलहाल बीएचयू में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रदर्शनकारी छात्रों के मुताबिक, जब प्रॉक्टर ने प्रदर्शनकारी छात्रों को समझाने की कोशिश की तो उन्हें भी छात्रों ने दौड़ा दिया।

बता दें कि समाजवादी युवजन सभा के स्टूडेन्ट लीडर आशुतोष सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इससे छात्र नाराज थे। बीएचयू-आईआईटी के प्रोग्राम में बाध पहुंचाने के आरोप में आशुतोष सिंह के खिलाफ नॉन बेलेबल वारंट जारी किया गया था। इसकी तामील के लिए पुलिस आशुतोष सिंह को गिरफ्तार करने आई थी।

इधर, चीफ प्रोक्टर रोयाना सिंह के मुताबिक, उपद्रवी यूनिवर्सिटी के अलग-अलग गेट पर 30-35 की संख्या में पहले से ही जमा थे। ये सभी लोग अपने-अपने चेहरे पर रुमाल बांधे हुए थे ताकि उनकी पहचान न हो सके।

चीफ प्रोक्टर के मुताबिक, आशुतोष सिंह के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। वह एमए का छात्र है। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले बीएचयू के आईआईटी में आयोजित म्यूजिकल नाइट प्रोग्राम में आशुतोष ने मारपीट और तोड़फोड़ की थी। इसी मामले में उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था।

बता दें कि तीन महीने पहले बीएचयू में छात्राओं ने गैर सामाजिक तत्वों द्वारा छेड़छाड़ का आरोप लगाया था और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी और विरोध-प्रदर्शन किया था। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्राओं पर दमनकारी नीति के तहत लाठी चार्ज करवा दिया था इससे छात्र उग्र हो गए थे। उग्र छात्रों ने यूनिवर्सिटी में जमकर तोड़फोड़ की थी। इसके बाद यूनिवर्सिटी को खाली कराना पड़ा था। इस हंगामे के बाद वीसी गिरीश चंद्र त्रिपाठी को लंबी छुट्टी पर भेज दिया गया था।

निर्वाचन आयोग ने जयललिता के वीडियो के प्रसारण और प्रकाशन पर रोक लगाने को कहा

तमिलनाडु में आर के नगर विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी ने चेन्‍नई के एक अस्‍पताल में तमिलनाडु की पूर्व मुख्‍यमंत्री जे जयललिता के एक वीडियो के टेलीविजन चैनलों पर प्रसारण और समाचार पत्रों से प्रकाशित करने पर रोक लगाने को कहा है। इस निर्वाचन क्षेत्र में कल उप चुनाव कराए जाएंगे।

एक विज्ञप्ति में अधिकारी ने बताया कि यह वीडियो प्रत्‍यक्ष या अप्रत्‍यक्ष रूप से चुनाव पर असर डाल सकता है। उन्‍होंने बताया कि यह प्रसारण जन प्रतिनिधितत्‍व कानून 1951 के प्रावधानों का उल्‍लंघन है जिसमें मतदान से 48 घंटे पहले टेलीविजन पर किसी भी चुनाव संबंधी सामग्री के प्रसारण पर रोक है।

तमिलनाडु में सत्‍तारूढ़ ऑल इंडिया अन्‍ना डी एम के ने दिवंगत जे जयललिता के अस्‍पताल के एक कथित वीडियो के प्रसारण के लिए शशिकला परिवार की कड़ी आलोचना की है। पार्टी के वरिष्‍ठ नेता और मत्‍स्‍य मंत्री डी जयकुमार ने कहा कि यह षडयंत्र है और कल होने वाले उप चुनाव को देखते हुए यह एक निंदनीय कार्रवाई है।

सभी जवान लड़के-लड़कियां अपनी शादी, दावत की जगह, खाना तय करने से पहले भाजपा से जरूर पूछें: कांग्रेस

भाजपा के एक विधायक द्वारा विराट कोहली-अनुष्का शर्मा की शादी पर सवाल उठाए जाने के बाद कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने बुधवार को भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि नौजवानों को शादी से पहले शादी स्थल और भोजन मेनू के बारे में 'भाजपा से अनुमति' लेनी चाहिए।

कांग्रेस प्रवक्ता ने ट्वीट किया, ''भारत के सभी नौजवान पुरुष और महिलाएं, कृपया शादी किससे करें, शादी स्थल, समारोह आयोजन व भोजन मेनू के बारे में पहले भाजपा से अनुमति लें।''

मध्यप्रदेश के गुना से भारतीय जनता पार्टी के विधायक पन्नालाल शाक्य ने मंगलवार को विराट कोहली और बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा द्वारा इटली में शादी करने पर विराट कोहली की 'देशभक्ति' पर सवाल उठाया था। शाक्य ने कोहली का नाम लिए बिना कहा था, ''एक बड़े क्रिकेटर ने हाल ही में शादी की है। लेकिन इस बड़े देश में, क्या उन्हें शादी के लिए कोई जगह नहीं मिली। एक खिलाड़ी जिसके लिए भारत की जमीन कोई मायने नहीं रखती, वह देशभक्त नहीं हो सकता।''

शाक्य ने मंगलवार को प्रधानमंत्री कौशल विकास केंद्र के उद्घाटन के मौके पर यह बात कही थी। हालांकि अपने विधायक के इस बयान से भाजपा ने हालांकि दूरी बना ली। भाजपा प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने संवाददाताओं से कहा कि यह शाक्य का निजी बयान है। इससे भाजपा का कोई लेना-देना नहीं है।

वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने संवाददाताओं से कहा, ''भाजपा नेताओं को जब अपनी नाकामी छुपानी होती है तो वे ध्यान बंटाने के लिए ऐसे ही ऊलजलूल बयान देने लगते हैं। राज्य में इन दिनों यही हो रहा है।''

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने 10 दिसंबर को बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा से शादी रचाई। विराट ने शादी के लिए क्रिकेट से ब्रेक लिया है। वह श्रीलंका के साथ जारी वनडे और टी-20 सीरीज में नहीं खेल रहे हैं। उनके स्थान पर रोहित शर्मा टीम का कमान सम्भाल रहे हैं।

जीत के लिए मोदी के साथ-साथ ईवीएम को भी माला पहनानी चाहिए: शिवसेना

शिवसेना ने गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर बीजेपी के खिलाफ अपना हमला बुधवार को जारी रखा और मतदान में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) से छेड़छाड़ होने की ओर इशारा किया।

गौरतलब है कि गुजरात चुनाव में बीजेपी ने 99 सीटें हासिल कर सत्ता पर कब्जा बरकरार रखा है। पिछली बार इसने 116 सीटें हासिल की थी। वहीं, कांग्रेस की सीटों की संख्या 2012 की 61 सीटों से बढ़ कर इस बार 77 हो गई।

शिवसेना ने कहा, ''यदि हार्दिक पटेल ने जो कुछ कहा वह सही है तो भाजपा को गुजरात में मिली जीत के लिए मोदी के अलावा ईवीएम को भी माला पहनानी चाहिए।''

शिवसेना ने सोमवार को चुनाव नतीजे आने के बाद मुंबई भाजपा कार्यकर्ताओं के पटाखे जलाने का जिक्र करते हुए कहा, ''गुजरात में भाजपा के 100 का आंकड़ा पार करने में नाकाम रहने के बावजूद कुछ लोग मुंबई में जीत का जश्न मना रहे हैं। हम कह सकते हैं कि उन्होंने इस जीत का सही मतलब नहीं समझा।''

शिवसेना ने कहा कि गुजरात चुनाव से जाहिर होता है कि सत्तारूढ़ पार्टी चुनाव जीतने के लिए किसी भी स्तर तक जा सकती है। शिवसेना ने दावा किया, ''मोदी ने कहा था कि भाजपा 151 सीटें जीतेगी, जबकि भाजपा प्रमुख अमित शाह ने कहा था कि 150 से अधिक सीटें जीतना उनकी असली जीत होगी। हालांकि, गुजरात के लोगों ने उन्हें 100 सीटें भी नहीं दी।''

शिवसेना ने दावा किया कि शहरी वर्ग का रुझान भाजपा की ओर था, लेकिन असली हिन्दुस्तान गांवों में बसता है, जहां किसानों और श्रमिकों की समस्या अनसुलझी बनी हुई है।

गौरतलब है कि शिवसेना ने मंगलवार को भी भाजपा पर हमला बोलते हुए दावा किया था कि गुजरात मॉडल चरमरा गया है और राज्य में चुनाव नतीजे उन लोगों के लिए चेतावनी है जो तानाशाही शासन में यकीन रखते हैं।

शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' में लिखे गए एक संपादकीय में कहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पाटीदार नेता हार्दिक पटेल को 'बंदर' कहकर उनका मजाक उड़ाया गया, लेकिन इन बंदरों ने शेर को तमाचा जड़ दिया।

पत्नी की हत्या करने वाले सुहैब इलियासी को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई

दिल्ली की एक अदालत ने मशहूर एंकर सुहैब इलियासी को उम्रकैद की सजा सुना दी है। इलियासी को कोर्ट ने 16 दिसंबर के दिन उनकी पत्नी अंजू की हत्या का दोषी करार दिया था। टेलीविजन की दुनिया में कभी बेस्ट क्राइम शो रहे 'इंडियाज मोस्ट वांटेड' के होस्ट और प्रोड्यूसर सुहैब इलियासी पर साल 2000 में पत्नी की हत्या करने का आरोप लगा था।

11 जनवरी 2000 को सुहैब की पत्नी अंजू इलियासी को दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन वो बच नहीं सकी थी। उसके शरीर पर कई जगह चाकू घोंपे गए थे। तब पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला माना था। उस वक्त अंजू की उम्र तीस साल थी।

इसके कुछ महीने बाद अंजू की मां और बहन ने सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट से मामले की तहकीकात कराने की गुजारिश की थी। इन लोगों का आरोप था कि सुहैब ने अंजू को आत्महत्या के लिए उकसाया है। इसके बाद पत्नी को प्रताड़ित करने और दहेज मांगने के आरोप में सुहैब इलियासी को गिरफ्तार कर लिया गया। सुहैब पर पत्नी को हत्या के लिए उकसाने का भी आरोप लगे।

बाद में जब अंजू का ऑटोप्सी रिपोर्ट आया तो उसमें खुलासा हुआ कि कोई खुद इस तरह से चाकू गोदकर आत्महत्या नहीं कर सकता। यह हत्या का मामला हो सकता है।

इस केस में मोड़ कई साल बाद आया, जब अंजू की मां ने सुहैब को हत्या के आरोप में ट्रायल कराने की गुजारिश अदालत से की। तब ट्रायल कोर्ट ने अंजू की मां की मांग को खारिज कर दिया। बाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने साल 2014 में कड़कड़डूमा कोर्ट को आदेश दिया कि सुहैब का ट्रायल मर्डर केस में भी चलाया जाय।