भारत

सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को बंद करने की अफवाहें खारिज की

भारत में सरकार ने अफवाहों को गलत बताते हुए कहा है कि किसी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक को बंद करने का प्रश्न ही नहीं है।

भारत के वित्त मंत्रालय में वित्तीय सेवाएं विभाग के सचिव राजीव कुमार ने एक ट्वीट में कहा कि सरकार, इन बैंकों में दो लाख ग्यारह हज़ार करोड़ रुपये के पुनर्पूंजीकरण से इन्हें मज़बूत बना रही है।

उन्होंने लोगों से अफवाह फैलाने वालों पर विश्वास न करने की अपील की और कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की सुधार योजना पटरी पर है।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंक ऑफ इंडिया समेत कुछ बैंकों के मामले में त्वरित सुधार कार्रवाई-पीसीए शुरू की है।

रिज़र्व बैंक ने अपनी ओर से यह स्पष्ट किया कि पीसीए व्यवस्था का उद्देश्य जनता के लिये बैंकों के सामान्य कामकाज में कठिनाई उत्पन्न करना नहीं है।

रिज़र्व बैंक ने कहा कि उसने सोशल मीडिया समेत मीडिया के कुछ वर्गों में दी जा रही गलत सूचना का संज्ञान लिया है। इसमें पीसीए के दायरे में आये कुछ बैंकों को बंद किये जाने की खबर दी जा रही है।

रिज़र्व बैंक के अनुसार, पीसीए व्यवस्था ऐसे निरीक्षण के तरीकों में से एक है, जिसमें प्रारम्भिक चेतावनी देने के लिये बैंकों के कुछ कामकाज के मानकों की निगरानी की जाती है। पूंजी, परिसम्पत्तियों की गुणवत्ता और अन्य मानकों में कमी पाये जाने पर कार्रवाई शुरु की जाती है।

बंबई उच्‍च न्‍यायालय ने आदर्श आवास समिति घोटाले मामले में राज्‍यपाल की स्‍वीकृति रद्द की

बंबई उच्‍च न्‍यायालय ने शुक्रवार को आदर्श आवास समिति घोटाले में महाराष्‍ट्र के पूर्व मुख्‍यमंत्री अशोक चव्‍हाण के खिलाफ अदालती कार्रवाई के लिए दी गयी राज्‍यपाल की स्‍वीकृति को रद्द कर दिया। न्‍यायालय ने कहा कि सीबीआई ने राज्‍यपाल से अनुमति प्राप्‍त करते समय चव्‍हाण के खिलाफ कई नये सबूत होने का दावा किया था, लेकिन वह इन्‍हें प्रस्‍तुत करने में असफल रही है।

उच्‍च न्‍यायालय की खण्‍डपीठ ने आदर्श आवास घोटाले में अदालती कार्रवाई की स्‍वीकृति दिये जाने के खिलाफ चव्‍हाण की याचिका पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को अपना आदेश सुनाया।

न्‍यायमूर्ति रंजीत मोरे और साधना जाधव की अध्‍यक्षता वाली खंडपीठ ने अशोक चव्‍हाण की याचिका पर सुनवाई के बाद राज्‍यपाल के फैसले को खारिज कर दिया। खंडपीठ ने कहा कि इस मामले में केन्‍द्रीय जांच ब्‍यूरो अभी तक कोई ठोस सबूत प्रस्‍तुत नहीं कर पाई है। याचिका अशोक चव्‍हाण द्वारा दायर की गई थी। फरवरी, 2016 में राज्‍यपाल ने केन्‍द्रीय जांच ब्‍यूरो को अनुमति दी थी कि वो चव्‍हाण पर भ्रष्‍टाचार निरोधक अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार मुकदमा चला सकती है।

सीबीआई ने चव्‍हाण पर आरोप लगाया था कि उन्‍होंने दक्षिणी मुंबई में आदर्श आवास समिति की बहुमंजिला इमारत में नियमों का उल्‍लंघन कर एक और मंजिल बनाने की इजाजत के लिए अपने रिश्‍तेदारों के लिए दो फ्लैट लिये थे।

सरकारी बैंको में जमा लोगों का पैसा सुरक्षित है: वित्तमंत्री

भारत के वित्‍त मंत्री अरूण जेटली ने लोकसभा को आश्‍वासन दिया है कि सरकारी बैंको में जमा लोगों का पैसा सुरक्षित है और इस बारे में कोई आशंका नहीं होनी चाहिए।

लोकसभा में वर्ष 2017-18 के लिए अनुपूरक मांग पर बहस के जवाब में जेटली ने कहा कि प्रस्‍तावित वित्‍तीय संकल्‍प और जमा बीमा विधेयक पारित होने पर लोगों का पैसा पहले से ज्‍यादा सुरक्षित रहेगा।

वित्तमंत्री ने इन आरोपों का खंडन किया कि वस्‍तु और सेवाकर-जीएसटी लागू होने से राज्‍यों को राजस्‍व का नुकसान हो रहा है।

ईसाइयों की सर्वोच्च संस्था ने कहा, भारत को धर्म के आधार पर बांटा जा रहा है

भारत में मध्य प्रदेश के सतना में ईसाइयों पर हुए हमले पर चिंता जताते हुए देश के शीर्ष कैथलिक समुदाय ने कहा कि धार्मिक जुड़ाव के कारण भारत का ध्रुवीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ईसाई समुदाय सरकार में अपना विश्वास खो रहा है।

इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कैथलिक बिशप्स कॉन्फ्रेंस अॉफ इंडिया (CBCI) के अध्यक्ष कार्डिनल बासेलियस क्लेमीस ने कहा कि सतना में जिस तरह पादरियों पर हमला हुआ और राज्य सरकार ने अपराधियों को ढूंढने की जगह गरीब और बेकसूरों को गिरफ्तार किया, उससे समुदाय का सरकार में विश्वास घट रहा है।

उन्होंने कहा कि बड़े देशों में एेसे हादसे हो सकते हैं, लेकिन आप सरकार की ताकत और उसके स्टैंड का आकलन कैसे करेंगे? कानूनी कार्रवाई और सुरक्षा ही मायने रखती है।

कार्डिनल ने कहा, ''देश को धर्म के आधार पर बांटा जा रहा है, यह प्रजातांत्रिक देश के लिए सही नहीं है। मैं चाहता हूं कि देश धर्मनिरपेक्ष के धागे में एकजुट रहे। लेकिन अब धार्मिक जुड़ाव के कारण भारत का ध्रुवीकरण किया जा रहा है। हमें इसके खिलाफ लड़ाई लड़नी चाहिए।''

भारत में पिछले हफ्ते 30 पादरियों और सेमिनेरियन्स को मध्य प्रदेश के सतना के पास स्थित एक गांव में कैरोल गाने पर हिरासत में ले लिया था। बजरंग दल ने उन पर ग्रामीणों का जबरन धर्मांतरण कराने का आरोप लगाया था। मध्य प्रदेश के धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत एक पादरी को गिरफ्तार भी किया गया था।

बुधवार को कार्डिनल की अगुआई में सीबीसीआई के प्रतिनिधि मंडल ने भारत के गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर अपना दर्द बयां किया। साथ ही, न्याय दिलाने की गुहार भी लगाई। इस दौरान केंद्रीय मंत्री अल्फोन्स और राज्य सभा के उप सभापति पीजे कुरियन भी मौजूद थे।

कार्डिनल ने कहा कि गृह मंत्री का रुख सकारात्मक था और उन्होंने जल्द कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। मुझे उम्मीद है वह अपनी ओर से सर्वश्रेष्ठ करेंगे।

दिल्ली में बाबा के आश्रम से छुड़ाईं गई 41 नाबालिग

भारत में दिल्ली के उत्तरी इलाके रोहिणी में स्थित आध्यात्मिक विश्वविद्यालय पर रेड के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के आश्रम से 41 नाबालिग लड़कियों को रिहा करवाया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी बाबा वीरेंद्र के आश्रम से पुलिस को ड्रग्स और कई सीरिंज बरामद हुई हैं। पुलिस ने आश्रम की इंचार्ज और एक गार्ड को हिरासत में लिया है, जबकि आरोपी बाबा फरार है।

इस आश्रम का संस्थापक आरोपी बाबा वीरेंद्र ने अपने इस तरह के आश्रम पूरे भारत में खोल रखे हैं, जहां पर प्रत्येक आयु की लड़कियां रहती हैं।

रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि आरोपी बाबा वीरेंद्र भगवान कृष्ण की तरह 16 हजार पत्नियां बनाना चाहता था।

रिपोर्ट में यह कहा गया है कि बाबा वीरेंद्र के आश्रम में रहने वाली लड़कियों के मुताबिक, आरोपी बाबा वीरेंद्र रोजाना 10 लड़कियों का रेप करता था। इतना ही नहीं, आरोपी लड़कियों के बारे में यह भी जानकारी रखता था कि उन्हें पहला मासिक धर्म कब आता है। जैसे ही किसी लड़की को मासिक धर्म होता तो आरोपी उसे अपने कमरे में ले जाता था, जहां पर वह उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता था।

बाबा वीरेंद्र के एक पुराने अनुयायी ने मेल टुडे को बताया कि बाबा नशे का आदी था। आरोपी बाबा वीरेंद्र लड़कियों के द्वारा दूषित नहीं होना चाहता था इसलिए वह हमेशा अपने साथ कंडोम रखता था। बाबा ने अपने लिए एक अनुयायी रखा था जो कि आरोपी के लिए केवल कंडोम लाने का काम किया करता था।

आरोपी बाबा वीरेंद्र ने करीब 30 साल पहले इस आश्रम को बनाया था। आरोपी बाबा वीरेंद्र पर पहले भी नाबालिग का यौन शोषण करने के आरोप लगे हैं, लेकिन 20 नवंबर 2017 को एक महिला ने आरोपी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल की मौजूदगी में पुलिस ने आश्रम में रेड की। जब स्वाति पुलिस के साथ रेड करने आश्रम पहुंची तो आश्रम के लोगों ने उनके साथ बदसलूकी की और साथ ही यह दावा भी किया कि आश्रम और बाबा पर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं। इस मामले के सामने आने के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने आश्रम के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश दे दिए हैं।

2 जी घोटाला फैसला: स्टालिन ने कहा, द्रमुक को खत्म करने की सोची-समझी योजना थी

द्रमुक के कार्यवाहक अध्यक्ष एम के स्टालिन ने 2जी स्पेक्ट्रम मामले में उनकी पार्टी के नेताओं ए राजा और कनिमोझी को बरी करने के अदालत के फैसले को ऐतिहासिक बताया। अपनी बहन कनिमोझी और पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा सहित सभी आरोपियों के बरी होने पर प्रसन्नता जताते हुए स्टालिन ने आरोप लगाया कि यह एक राजनीतिक दल (द्रमुक) का अपमान करने और उसे खत्म करने की सोची-समझी योजना थी।

इस मामले के सभी 19 आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले के बाद संवाददाताओं से बातचीत में स्टालिन ने कहा, ''ऐतिहासिक फैसला सुनाया गया है।''

वर्ष 2009 में दर्ज किए गए मुकदमे को याद करते हुए उन्होंने कहा कि यह एक पार्टी का अपमान करने और (देश के) राजनीतिक इतिहास से पार्टी (द्रमुक) का नामोनिशान मिटाने की योजना थी।''

उन्होंने कहा, ''यह खुशी की बात है कि सभी लोग बरी हो गए हैं।''

अदालत के फैसले के बाद स्टालिन ने मिठाइयां बांटीं। सीआईटी कालोनी स्थित कनिमोझी के आवास के बाहर द्रमुक कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया।

2 जी घोटाला फैसला: मनमोहन सिंह ने कहा, संप्रग के खिलाफ किया जा रहा व्यापक दुष्प्रचार बेबुनियाद था

भारत के पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने गुरुवार को कहा कि संप्रग के खिलाफ 2 जी स्पेक्ट्रम को लेकर किए गए व्यापक दुष्प्रचार का कोई आधार नहीं था।

एक विशेष अदालत ने 2 जी स्पेक्ट्रम घोटाला मामले में गुरुवार को सभी आरोपियों को बरी कर दिया।

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि इस फैसले से ही सब कुछ पता चल जाता है। उन्होंने कहा, ''मैं कुछ नहीं कहना चाहता। अदालत के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए। मैं खुश हूं कि अदालत ने स्पष्ट रूप से फैसला दे दिया। संप्रग के खिलाफ किया जा रहा व्यापक दुष्प्रचार बेबुनियाद था। फैसले से सब कुछ पता चल जाता है।''

विशेष अदालत ने 2 जी स्पेक्ट्रम मामले में भारत के पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और द्रमुक की राज्यसभा सदस्य कनिमोझी को गुरुवार को बरी कर दिया। इस मामले में 15 अन्य आरोपी और तीन कंपनियों को भी बरी किया गया है।

द्रमुक के कार्यवाहक अध्यक्ष एम. के. स्टालिन ने 2जी स्पेक्ट्रम मामले में उनकी पार्टी के नेताओं ए. राजा और कनिमोझी को बरी करने के अदालत के फैसले को ऐतिहासिक बताया। अपनी बहन कनिमोझी और पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा सहित सभी आरोपियों के बरी होने पर प्रसन्नता जताते हुए स्टालिन ने आरोप लगाया कि यह एक राजनीतिक दल (द्रमुक) का अपमान करने और उसे खत्म करने की सोची-समझी योजना थी।

2 जी घोटाला फैसला: कपिल सिब्बल ने कहा, पूर्व कैग विनोद राय और भाजपा को देश से माफी मांगनी चाहिए

भारत में 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन मामले में गुरुवार को एक अदालत द्वारा सभी आरोपियों को बरी किए जाने के बाद कांग्रेस ने पूर्व कैग विनोद राय और भाजपा पर निशाना साधा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और भारत के पूर्व दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने गुरुवार को कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन से हुए नुकसान के बारे में उनका रुख सही साबित हुआ।

सिब्बल ने कहा, ''मैं पहले दिन से कह रहा था कि कोई नुकसान नहीं हुआ है और आज यह बात साबित हुई। वास्तव में विनोद राय को देश से माफी मांगनी चाहिए। भाजपा (उस समय विपक्ष) को भी देश से क्षमा मांगनी चाहिए।''

सीबीआई की विशेष अदालत की ओर से स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले के सभी आरोपियों को बरी कर दिए जाने के बाद सिब्बल ने यह बात कही। भारत के पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और द्रमुक सांसद कनिमोई को गुरुवार को एक विशेष अदालत ने 2जी घोटाला मामले में बरी कर दिया और साथ ही, इस मामले में 15 अन्य आरोपियों और तीन कंपनियों को भी बरी कर दिया।

सिब्बल ने कहा कि शुरुआत से ही कोई मामला नहीं था। वास्तव में अगर घोटाला है तो झूठ का घोटाला है, हमारी तरफ से कोई घोटाला नहीं था। हमने नीतियों के अनुरूप काम किया था। मीडिया, भाजपा और विनोद राय ने ऐसा माहौल बनाया, जिसकी वजह से दूरसंचार क्षेत्र आज भी गंभीर स्थिति में है और यह सब विनोद राय और उस समय विपक्षी पार्टी रही भाजपा की वजह से हुआ है।

भारत में फरवरी 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने 122 दूरसंचार लाइसेंसों को रद्द कर दिया था, इस पर सिब्बल ने कहा कि यह सही निर्णय नहीं था। सिब्बल ने कहा कि न्यायालय ने अपनी तरफ से देश हित में अच्छे से अच्छा फैसला देने की कोशिश की, हालांकि यह जरूरी नहीं कि वह सही ही रहा हो।

2 जी घोटाला फैसला: केरल कांग्रेस अध्यक्ष ने पूर्व कैग विनोद राय को भाजपा का एजेंट बताया

केरल कांग्रेस अध्यक्ष एम.एम. हसन ने भारत के पूर्व नियंत्रक एवं लेखा महापरीक्षक (कैग) विनोद राय को आड़े हाथ लेते हुए उन्हें भारतीय जनता पार्टी का एजेंट बताया और विनोद राय व बीजेपी को 2जी मामले में बरी किए गए सभी आरोपियों से माफी मांगने के लिए कहा।

हसन ने कहा, ''आरोपियों के बरी होने से यह स्पष्ट हो गया है कि यह और कुछ नहीं, बस राजनीति से प्रेरित मामला था और तब कैग रहे विनोद राय ने काल्पनिक रूप से 1.76 लाख करोड़ रुपए के घोटाले की बात कही थी।''

उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश से यह भी साबित हुआ कि विनोद राय भारतीय जनता पार्टी के एजेंट हैं।

हसन ने कहा, ''यह काल्पनिक मामला था, जिसका भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले जमकर प्रयोग किया और सत्ता पर आसीन हो गई। अब भाजपा और विनोद राय को माफी मांगनी चाहिए।''

कैग का पद संभालने से पहले विनोद राय केरल के वित्त सचिव रहे थे और राज्य में नौकरशाह के तौर पर उन्होंने कई वर्षों तक विभिन्न पदों को संभाला था।

उल्लेखनीय है कि विशेष न्यायाधीश ओ. पी. सैनी ने पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा और डीएमके सांसद कनिमोझी सहित सभी आरोपियों को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर 2जी मामलों में बरी कर दिया।

2 जी घोटाला फैसला: भाजपा झूठे प्रचार के दम पर सत्ता में आई

द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के नेताओं ने गुरुवार को 2जी घोटाले में सभी आरोपियों को बरी किए जाने के दिल्ली की अदालत के फैसले की सराहना की। 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में भारत के पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा, राज्यसभा सांसद कनिमोझी भी आरोपी थी।

अदालत के फैसले के बाद डीएमके के कार्यकर्ता पार्टी मुख्यालय के बाहर इकट्ठा हो गए और इस फैसले पर जश्न मनाया। विशेष न्यायाधीश ओ पी सैनी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर दोनों मामलों में सभी आरोपियों को बरी कर दिया।

कांग्रेस नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के दौरान 2008 में दूरसंचार विभाग द्वारा 2जी स्पेक्ट्रम के लाइसेंस आवंटन में कथित तौर पर अनिमितता हुई थी, जिसका 2010 में कैग की रिपोर्ट के बाद व्यापक स्तर पर खुलासा हुआ।

डीएमके नेता दुराई मुरुगन और राज्यसभा सांसद पी शिवा ने इस फैसले पर खुशी जताई। कांग्रेस नेताओं ने भी इस फैसले पर खुशी का इजहार किया।

इस फैसले का स्वागत करते हुए पुडुचेरी के मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता वी नारायणसामी ने संवाददाताओं को बताया कि भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और डीएमके के खिलाफ झूठा अभियान चलाकर राजनीतिक लाभ उठाया।

तमिलनाडु में कांग्रेस नेता एस तिरुनावुक्कारासर ने टीवी चैनल को बताया कि आखिरकार सच्चाई की जीत हुई। उन्होंने कहा कि भाजपा झूठे प्रचार के दम पर सत्ता में आई और यह फैसला डीएमके की भावी जीत की दिशा में पहला कदम है।