भारत

गौहर रजा को देशद्रोही कहने पर Zee News पर जुर्माना, माफी चलाने का भी ऑर्डर

भारत में हिन्दी न्यूज चैनल जी न्यूज पर न्यूज ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी  (NBSA) ने एक लाख रुपये का जर्माना लगाया है और माफी मांगने को कहा है।

NBSA जी न्यूज पर ये आर्थिक दंड और माफीनामा मार्च 2016 में एक न्यूज रिपोर्ट को ऑन एयर करने के लिए लगाया गया है।

जी न्यूज ने एक न्यूज रिपोर्ट में वैज्ञानिक और शायर गौहर रजा को 'देशद्रोही' और संसद पर हमले के दोषी आतंकी अफजल गुरु का समर्थक बताया था।

NBSA न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन की स्व नियमन शिकायत समाधान ईकाई है। न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन निजी समाचार चैनलों का प्रतिनिधित्व करने वाली एक संस्था है।

'अफजल प्रेमी गैंग का मुशायरा' नाम से ऑन एयर किये गये इस प्रोग्राम में जी न्यूज ने गौहर रजा को संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु का समर्थक बताया था।

बता दें कि इस कार्यक्रम में गौहर रजा की शायरी को भी दिखाया गया था। इसके साथ साथ ही इस प्रोग्राम में जेएनयू में कथित रुप से नारा लगाये गये देश विरोधी नारों का फुटेज भी चलाया गया था।

NBSA ने जी न्यूज मैनेजमेंट को 8 सितंबर को इस बावत माफीनामा भी चलाने को कहा है। साथ ही इस प्रोग्राम से संबंधित वीडियो को भी जी न्यूज की वेबसाइट से हटाने को कहा गया है।

इस बारे में दो शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए जस्टिस आर वी रविन्द्रन, जो कि NBSA के चेयरमैन भी हैं, ने कहा कि जी न्यूज ने निष्पक्षता, तटस्थता, सच्चाई के संस्था के दिशा निर्देशों का पालन नहीं किया है।

इस बारे में एक शिकायत तो खुद गौहर रजा ने दाखिल की थी, जबकि दूसरी शिकायत अभिनेत्री शर्मिला टैगौर, गायिका शुभा मुद्गल, कवि अशोक वाजपेयी और लेखिका सईदा हमीद ने दायर की थी।

NBSA के आदेश में कहा गया है कि चैनल ने प्रोफेसर गौहर रजा को अपनी सफाई रखने का कोई मौका नहीं दिया, जबकि प्रोग्राम में उनकी शायरी दिखाई जा रही थी।

इधर जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी ने कहा है कि उनकी कंपनी ने NBSA के दिशा निर्देशों का कोई उल्लंघन नहीं किया है। सुधीर चौधरी ने कहा कि उनकी कंपनी इस आदेश पर कानूनी विकल्प तलाश रहे हैं और उनकी कंपनी इस आदेश को चुनौती भी दे सकती है।

बीजेपी नेता के बेटे पर लगा मंदिर के बाहर मीट के टुकड़े फेंकने का आरोप

केरल में एक शख्स को पकड़ा गया है। उसपर वहां के मंदिर के परिसर में मीट के टुकड़े डालकर सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगा है।

CPM पार्टी के मुखपत्र में छपी खबर के मुताबिक, वह शख्स बीजेपी नेता गिरीश का बेटा है।

खबर के मुताबिक, वह मौके से भागने वाला था, लेकिन उसी वक्त आसपास के लोगों ने उसे पकड़ लिया।

यह घटना केरल की नीमन नाम की जगह की बताई जा रही है। वहां से बीजेपी के ओ राजगोपाल जीते थे। वह केरल में पार्टी के इकलौते विधायक हैं।

खबर के मुताबिक, पिछले एक महीने से शिव मंदिर के पास मीट के टुकड़े मिल रहे थे। अफवाह फैलाया जा रहा था कि वहां के मुसलमान ऐसा कर रहे हैं। पुलिस में शिकायत की गई थी, लेकिन कुछ हुआ नहीं था।

जिस गाड़ी में मीट लेकर जाया जा रहा था, वह केरल कैटरिंग कंपनी की थी। वह कंपनी बीजेपी नेता गिरीश की बताई जा रही है। वेबसाइट पर कुछ फोटोज भी लगे हुए हैं। उस गाड़ी को दिखाया गया है जिसमें मीट लाया गया था। साथ ही एक शख्स को पुलिस थाने में बंद भी दिखाया गया है।

खबर के मुताबिक, बीजेपी के कई नेता मामले को निपटाने के लिए पुलिस थाने गए भी थे।

CPI-M पार्टी का आरोप है कि बीजेपी के लोग ऐसे कामों के जरिए दंगा फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। इस खबर की पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। यह खबर deshabhimani के हवाले से लगाई गई है।

बीजेपी और संघ को हिंदुओं का प्रतिनिधित्व करने का अधिकार नहीं है: कांग्रेस

कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पास यह स्वीकारने का चरित्र व साहस नहीं है कि वही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का मूल राजनीतिक दल है और जोर देते हुए कहा कि बीजेपी और संघ को हिंदुओं का प्रतिनिधित्व करने का अधिकार नहीं है।

कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा, ''सहयोगियों की बैठक में (वृंदावन) में शामिल होने के बावजूद आरएसएस के पास अभी भी चरित्र व साहस नहीं है कि कह सके कि वह बीजेपी की 'मूल राजनीतिक पार्टी' है।''

आरएसएस की ऑक्टोपस के साथ तुलना करते हुए शर्मा ने कहा, ''इसके कई सहयोगी संगठन हैं। वे भारतीय संस्कृति व हिंदू धर्म के प्रतिनिधित्व का दावा करते हैं। जबकि आरएसएस व हिंदुत्व राजनीतिक विचारधारा हैं, न तो यह संस्कृति हैं और न ही हिंदू धर्म का दर्शन हैं।''

उन्होंने कहा, ''देश के बहुसंख्यक समुदाय ने कभी आरएसएस या बीजेपी को हिंदुओं का प्रतिनिधित्व करने का अधिकार नहीं दिया है। यह दिखाता है कि उनकी सोच विकृत है। राजनीति में धर्म का घातक घालमेल ही वह चीज है जो बीजेपी और आरएसएस कर रहे हैं।''

शर्मा ने कहा, ''आरएसएस अभी भी एक सामाजिक व सांस्कृतिक संगठन होने का दावा करता है। हालांकि, आरएसएस की मोहर के बिना बीजेपी या बीजेपी सरकार कोई फैसला नहीं लेती। उन्हें सामने आकर यह स्वीकार करना चाहिए कि वही बीजेपी की राजनीतिक नीति निर्धारण को नियंत्रित करते हैं।''

आरएसएस व इसके सहयोगियों की एक समन्वय बैठक वृंदावन में शुक्रवार को शुरू हुई। इसमें बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी भाग ले रहे हैं।

उद्धव ने कहा, हम सत्ता के भूखे नहीं

लगभग एक महीने पहले ही लालू यादव की दोस्ती को तोड़कर बीजेपी के साथ बिहार में सरकार बनाने वाले जनता दल यूनाइटेड अध्यक्ष और बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा है कि उन्हें कैबिनेट में फेरबदल की जानकारी नहीं है और उन्हें मोदी कैबिनेट में विस्तार की जानकारी मीडिया से ही मिल रही है।

जब पटना में पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या आपकी पार्टी केन्द्र में सत्ता में शामिल हो रही है, तो नीतीश ने कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है।

नीतीश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने कैबिनेट का पुनर्गठन कर रहे हैं इस बात की जानकारी उन्हें मीडिया से ही मिली है।

इससे पहले कयास लगाये जा रहे थे नीतीश कुमार की पार्टी के दो नेता केन्द्र में मंत्री बन सकते हैं। इनमें राज्यसभा में जनता दल यूनाइटेड के नेता आर सी पी सिंह और संतोष कुमार का नाम शामिल था।

बता दें कि नीतीश कुमार 19 अगस्त को एनडीए में शामिल हुए थे।

इधर एनडीए की घटक शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने आज कहा कि केंद्रीय कैबिनेट में कल होने वाले फेरबदल में पार्टी के सदस्यों को शामिल किए जाने को लेकर बीजेपी से कोई बातचीत नहीं हुई है।

ठाकरे ने संवाददाताओं से कहा, ''मुझे मीडिया से ही कैबिनेट फेरबदल के बारे में जानकारी मिली। मैंने इस बारे में (केंद्रीय बीजेपी नेतृत्व से) कोई  पूछताछ नहीं की है। मुझे किसी से कोई समाचार नहीं मिला है और न ही हम सत्ता के लिए भूखे हैं।''

शिवसेना लंबे समय से बीजेपी की सहयोगी रही है, लेकिन अक्सर बीजेपी के साथ उसका रूख टकराव का रहा है। अभी कैबिनेट में शिव सेना की ओर से एकमात्र सदस्य अनंत गीते भारी उद्योग मंत्री हैं।

डॉ कफील खान को उत्तर प्रदेश एस टी एफ ने गिरफ्तार किया

उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज (बी आर डी) में हुए हादसे के आरोपी डॉ कफील खान को उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस कॉलेज के प्रिंसिपल राजीव मिश्रा और उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इस मामले में शुक्रवार को आरोपी डॉ. कफील सहित सातों अभियुक्तों के खिलाफ पुलिस ने अदालत से गैर जमानती वारंट लिया था।

इसके बाद से ही पुलिस ने कफिल को पकड़ने के लिए दबिश तेज कर दी थी। इससे पहले एसटीएफ ने छिपने के प्रयास में ही पूर्व प्राचार्य डॉ राजीव मिश्र और उनकी पत्नी डॉ पूर्णिमा शुक्ला को कानपुर से गिरफ्तार किया था।

बाद में उन्हें गोरखपुर ले आया गया और गुरुवार को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया। इसके साथ ही पुलिस उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट लेने के प्रयास में भी जुटी रही। शुक्रवार को पुलिस को इसमें कामयाबी मिली थी।

मामले के विवेचक अभिषेक सिंह ने फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के महेन्द्र प्रताप सिंह के अदालत में गैर जमानती वारंट के लिए आवेदन किया जिस पर अदालत ने फरार चल रहे सातों अभियुक्तों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया था।

गौरतलब है कि बीआरडी मेडिकल कालेज में 10 अगस्त को कुछ घंटों के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति ठप हो गई थी। इन दो दिनों में शिशु रोग विभाग में 33 मासूमों की मौत हो गई।

इसके अलावा मेडिसिन में भी 18 मरीजों की मौत हो गई। इस घटना के बाद शासन ने मुख्य सचिव की अगुआई में जांच टीम गठित की थी। टीम की रिपोर्ट के बाद एफआईआर दर्ज हुई।

महानिदेशक चिकित्सा-शिक्षा डॉ. के के गुप्ता की तहरीर पर पुलिस ने हजरतगंज थाने में 23 अगस्त को तत्कालीन प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्रा समेत नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें पूर्व प्राचार्य डॉ राजीव मिश्रा उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला के अलावा अन्य फरार हैं।

पीएम मोदी का काम सबसे ज्यादा खराब रहा है: कांग्रेस

भारत में नरेन्द्र मोदी मंत्रिमंडल में विस्तार से पहले कांग्रेस ने बीजेपी और पीएम मोदी की कड़ी आलोचना की है।

शनिवार (2 अगस्त) को कांग्रेस ने कहा कि अगर कैबिनेट में फेरबदल परफॉर्मेंस के आधार पर किया जा रहा है तो पीएम मोदी को सबसे पहले जाना चाहिए क्योंकि उनका काम सबसे खराब रहा है।

राज्य सभा में कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, ''यदि फेरबदल काम के आधार पर किया जा रहा है तो इसमें पीएम मोदी को भी शामिल किया जाना चाहिए क्योंकि पीएम का काम सबसे घटिया रहा है, चाहे वह रोजगार पर उनका किया गया वादा हो, किसान के मुद्दे हों, जम्मू-कश्मीर में कानून व्यवस्था की स्थिति हो या फिर नोटबंदी, मोदी हर जगह फेल साबित हुए हैं।

इस बीच इस फेरबदल में अन्नाद्रमुक और जनता दल के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। तमिलनाडू की अन्नाद्रमुक में चल रही आंतरिक कलह इसके सरकार में शामिल होने की राह में एक बड़ा रोड़ा साबित हो सकती है।

अन्नाद्रमुक के भीतर के संकट को दूर करने में जुटी अन्नाद्रमुक टी टी वी दिनाकरण की बगावत से जूझ रही है।

उधर, जनता दल सूत्रों ने कहा है कि उन्हें अब तक सरकार में शामिल होने की जानकारी नहीं दी गई है।

जनता दल के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ''हमारे सांसद दिल्ली में हैं। सरकार में शामिल होने को लेकर पार्टी में कोई विवाद नहीं है, लेकिन कल फेरबदल होने के बावजूद अब तक कोई संवाद नहीं किया गया है।''

बीजेपी के सूत्रों ने इन दोनों पार्टियों के सरकार में शामिल होने को लेकर चल रही उलझन को खारिज करते हुए कहा कि चीजें ठीक हो जाएंगी।

ऐसा माना जा रहा है कि मोदी की ओर से योग्यता और व्यवहारिक राजनीति पर दिए जाने वाले जोर के बीच संतुलन के तहत छह से ज्यादा मंत्रियों को नए चेहरों के लिए अपने पद छोड़ने पड़े हैं।

जिन केंद्रीय मंत्रियों ने फेरबदल से पहले कल इस्तीफा दिया था, उनके नाम हैं- कलराज मिश्र, बंडारू दत्तात्रेय, राजीव प्रताप रूडी, संजीव कुमार बाल्यान, फग्गन सिंह कुलस्ते और महेंद्र नाथ पांडे।

उमा भारती ने भी इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन भाग्य संभवत: उनके पक्ष में है।

हालांकि ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि कई अन्य लोगों का इस्तीफा हो सकता है। कैबिनेट में फेरबदल की खबरों के बीच पश्चिमी दिल्ली के सांसद परवेश वर्मा ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की है।

बीजेपी के बीच संभावित मंत्रियों के तौर पर बीजेपी के महासचिव भूपेंद्र यादव, बीजेपी के उपाध्यक्ष विनय सहस्रबुद्धे, प्रहलाद पटेल, सुरेश अंगदी, सत्यपाल सिंह, हिमंता बिस्वा सरमा, अनुराग ठाकुर, शोभा करंदलाजे, महेश गिरी और प्रहलाद जोशी का नाम चर्चा में है।

बीजेपी के एक नेता ने कहा कि बिजली मंत्री पीयूष गोयल, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा को सरकार में अच्छा प्रदर्शन करने वाले नेताओं के रूप में देखा जाता है। इनमें से कुछ लोगों को पदोन्नत भी किया जा सकता है।

सृजन घोटाला: सुशील मोदी की बहन रेखा मोदी को करोड़ों का भुगतान

बिहार के चर्चित सृजन घोटाले के तार बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की बहन रेखा मोदी से जुड़ गए हैं। उन पर करोड़ों रुपये का भुगतान सृजन के खाते से लेने के आरोप लगे हैं।

जांच एजेंसियों को पता लगा है कि सृजन के कर्ता-धर्ता अफसरों और राजनेताओं को खुश करने के लिए उनके परिजनों को बड़ी मात्रा में गिफ्ट दिया करते थे। इनमें से अधिकांश हीरे की ज्वेलरी होती थी।

इन ज्वेलरी की खरीद के लिए सृजन के खाते से रेखा मोदी को भुगतान होता था, फिर रेखा मोदी उन्हें अपनी कंपनी के जरिए या नकद हीरे व्यापारी को देती थीं।

पटना के जालान जेम्स के मालिक रवि जालान ने कबूल किया है कि रेखा मोदी ने उन्हें हीरों की खरीद के बदले कई बार भुगतान किया है।
फिलहाल रेखा मोदी पटना से फरार हैं। उसके घर पर कोई यह बताने में सक्षम नहीं है कि वो कहां हैं?

बता दें कि इस घोटाले में अब तक केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, बीजेपी के पूर्व सांसद शाहनवाज हुसैन, झारखंड से बीजेपी सांसद निशिकांत दूबे, बीजेपी से निलंबित किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष विपिन शर्मा के नाम जुड़ चुके हैं।

बीजेपी के इन नेताओं का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तरीके से सृजन की दिवंगत सचिव मनोरमा देवी या उसके बेटे अमित कुमार या बहू प्रिया से संबंध रहे हैं।

नए खुलासे में रेखा मोदी का नाम जुड़ा है। जानकार कहते हैं कि इस घोटाले में अभी और कई बड़ी मछलियों का नाम उजागर होना बाकी है।

गौरतलब है कि सृजन घोटाले की जांच सीबीआई ने अपने हाथ में ले ली है और इस सिलसिले में दर्ज एफआईआर और दूसरे जरूरी कागजातों का बारीकी से अध्ययन कर रही है।

साथ ही घोटाले से जुड़े सरकारी व बैंक अधिकारियों, कर्मचारियों, सृजन महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड के पद धारकों और फायदा लेने वाले लोगों की सूची बनाकर इनकी चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा जुटाने में लगी है।

मामले की जांच एएसपी सुरेंद्र मल्लिक की अगुआई में 15 सदस्यीय सीबीआई टीम कर रही है। पहले  इस मामले की जांच बिहार एसआईटी और आर्थिक अपराध की ईकाई कर रही थी।

शिमला गैंगरेप: आईजी और डिप्टी एसपी समेत आठ पुलिसकर्मी गिरफ्तार

शिमला गैंगरेप मामले में सीबीआई ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए आईजी और डिप्टी एसपी समेत 8 पुलिसवालों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस कस्टडी में आरोपी की मौत के बाद सीबीआई ने यह कदम उठाया है।

आरोपी की मौत में आईजी जहूर एच जैसी और अन्य अफसरों की भूमिका के मद्देनजर उनसे पूछताछ की गई। 22 जुलाई को सीबीआई ने इस मामले में दो एफआईआर दर्ज की थी।

सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, आईजी और डिप्टी एसपी मनोज जोशी व अन्य पुलिस अफसरों को शक के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।

जांच में यह भी पता किया जाएगा कि कस्टडी में मौत में यह शामिल थे या नहीं। 4 जुलाई को एक दसवीं क्लास की लड़की को शिमला से 56 किमी दूर कोटखाई में आरोपियों ने लिफ्ट दी थी। इसके बाद नजदीकी जंगल में ले जाकर उससे रेप किया और फिर हत्या कर दी।

शव को दो दिनों के बाद बरामद किया गया था। लड़की के शरीर पर चोट के कई निशान भी मिले थे। लड़की के पिता की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी।

इस रेप और मर्डर के बाद शिमला में पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध हुआ था और पुलिस पर इस कांड में शामिल बड़े घरों के लड़कों को बचाने का आरोप लगा था।

बाद में हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने सीबीआई से गैंगरेप और कस्टडी में हुई मौत की जांच करने को कहा था।

पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी राजिंदर सिंह समेत आशीष चौहान, सुभाष बिष्ठ, दीपक कुमार, सूरज सिंह और लोकजन को गिरफ्तार किया था।

राजिंदर ने 19 जुलाई को अपने एक सह आरोपी की ‍पुलिस कस्टडी में हत्या कर दी थी।

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कालेज में 48 घंटे में 36 बच्चों की मौत

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जिले गोरखपुर के बाबा राघव दास (बी आर डी) मेडिकल कॉलेज में एक और बड़ा लापरवाही का मामला सामने आया है।

सीएनएन न्यूज़ 18 के मुताबिक, पिछले 48 घंटों के दौरान 36 मासूम बच्चों की मौत हो गई है।

हालांकि, न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सिर्फ सात बच्चों की मौत हुई है। अभी बच्चों की मौत के कारणों के बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है।

गौरतलब है कि इस महीने की शुरूआत में गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कालेज में 48 घंटे में 63 से अधिक बच्चों की मौत हो गई थी।

उस मामले में आज (मंगलवार) ही बीआरडी कॉलेज के तत्कालीन प्रिंसिपल डॉक्टर राजीव मिश्रा और उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला को यूपी एस टी एफ ने गिरफ्तार किया है।

हालांकि, एस टी एफ के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि इन दोनों को पूछताछ के लिये हिरासत में लिया गया है।

गोरखपुर के उसी अस्पताल में एक बार फिर से बच्चों की मौत से लोगों का गुस्सा फूटने लगा है। सोशल मीडिया पर इस खबर पर लोग अपनी तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

जनता दल यूनाइटेड नेता और सांसद शरद यादव ने भी इस खबर पर ट्वीट किया है।

मुंबई का बारिश: 12 साल का रिकॉर्ड टूटा; अस्पताल में घुसा पानी; ट्रेन की पटरियां भी डूबीं

मुंबई में लगातार हो रही बारिश के कारण आम जनता की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। शनिवार (26 अगस्त) से हो रही बारिश की वजह से शहर की कई सड़कों समेत अन्य जगहों पर पानी भर गया है।

परेल स्थित किंग एडवर्ड अस्पताल में पानी भर गया है, हालांकि सभी मरीज सुरक्षित हैं।

कुछ ट्रेन स्टेशनों पर पानी भर जाने के कारण लोकल ट्रेनों का आवागमन भी प्रभावित हुआ है।

मुंबई पुलिस ने ट्वीट करके लोगों से अपील की है कि अगर वो कहीं फंस जाएं तो 100 नंबर पर फोन करके या ट्विटर पर तुरंत मदद मांग सकते हैं।

वहीं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एन डी एम ए) ने नागरिकों को सलाह दी है कि अगर वो कहीं जलजमाव में फंस जाएं और उनकी गाड़ी बंद हो जाए तो वो उसे दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश न करें।

एन डी एम ए ने जनता से अपना मोबाइल हमेशा चार्ज रखने, फोन कॉल की जगह मैसेज (एसएमएस) का प्रयोग करने और ऊंची जगहों पर जाने की सलाह दी है।

अत्यधिक बरसात के कारण शहर में जगह-जगह पानी जमा हो गया है। बारिश की वजह से आम जनजीवन और यातायात बाधित है। मुंबई में बरसात ने एक दशक से भी पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

26 जुलाई 2005 के बाद इसे सबसे भारी और लंबी बारिश बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर #MumbaiRains हैशटैग के साथ आम नागरिक बारिश से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो शेयर कर रहे हैं।

कुछ लोग बारिश का मजा लेते दिख रहे हैं तो बहुत से लोग इसकी वजह से पेश आ रही दिक्कतों को सार्वजनिक कर रहे हैं।

चिंता की बात ये है कि मौसम विभाग के अनुसार शहर में कम से कम अगले 24 घंटे तक बारिश रुकने के आसार नहीं हैं।

मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार (29 अगस्त) को शाम 4.30 बजे के करीब ज्वार आ सकता है। बारिश के कारण समंदर में ऊंची लहरे उठ रही हैं। आम लोगों को ज्वार के दौरान समंदर के किनारे न जाने की सलाह दी जा रही है।

मुंबई यातायात पुलिस ने बारिश के कारण आ रहे दिक्कत को देखते हुए आम लोगों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

मंगलवार को उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने ट्वीट करके मुंबई की बारिश की तुलना चक्रवात से की। महिंद्रा ने ट्वीट में कहा कि वो भारत-ऑस्ट्रेलिया बैठक के लिए दिल्ली जा रहे थे, लेकिन बारिश के कारण उन्होंने विमान यात्रा की योजना रद्द कर दी है।

महिंद्रा ने लिखा, ''मैंने अपने ऑस्ट्रेलिया के दोस्तों से कहा कि मैं मुंबई में पानी के अंदर हूं।''

क्षेत्रीय मौसम विभाग द्वारा 27 अगस्त सुबह आठ बजे से 28 अगस्त सुबह आठ बजे तक 102 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गयी। इस दौरान मुंबई के वर्ली में 63.75 एमएम, बायकुला में 78.21 एमएम, भांडुप में 90.63 एमएम और विकरोली में 111.96 बारिश हुई थी।

सोमवार (28 अगस्त) को सुबह 8.30 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक कोलाबा में 35.8 एमएम और सांताक्रुज में 28.6 एमएम बरसात हुई थी। बारिश के कारण पूरे शहर में कई जगह जाम लग गया है। सोमवार को दक्षिणी मुंबई में ज्यादा बरसात हुई।

मुंबई में मॉनसून आने के साथ ही सड़कों पर गड्ढों का मुद्दा सुर्खियों में आ गया था। एक रेडियो जॉकी ने इन गड्ढों के खिलाफ मुहिम शुरू की तो बीएमसी पर काबिज शिव सेना ने उसका विरोध किया।

वहीं एक महिला बाइकर सड़क पर बने गड्ढे में बरसात के पानी के कारण हुए जल जमाव के कारण  दुर्घटना का शिकार हो गयी और उसकी मौके पर ही मौत हो गयी।